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NEET जीव विज्ञान: जैव प्रौद्योगिकी · Chapter 2

जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके अनुप्रयोग

याद रखने योग्य बातें

  • Bt कपास में Bacillus thuringiensis के cry जीन होते हैं। Cry प्रोटीन एक निष्क्रिय प्रोटॉक्सिन (protoxin) है जो कीट की क्षारीय आँत में सक्रिय होता है, मध्यांत्र की कोशिकाओं में छिद्र बनाता है और नाशीजीव को मार देता है।
  • RNA व्यतिकरण (RNAi) पूरक द्विरज्जुकी RNA की सहायता से किसी विशिष्ट mRNA को मौन कर देता है। इसका उपयोग तंबाकू के पौधों को सूत्रकृमि Meloidogyne incognita से बचाने के लिए किया गया।
  • मानव इंसुलिन पहली बार 1983 में एली लिली (Eli Lilly) द्वारा पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी से बनाया गया। A और B शृंखलाएँ E. coli में अलग-अलग बनाई गईं और डाइसल्फ़ाइड आबंधों से जोड़ी गईं। मनुष्यों में इंसुलिन प्रोइंसुलिन के रूप में बनता है और C पेप्टाइड हटा दिया जाता है।
  • PCR, ELISA और DNA प्रोब रोग के प्रारंभिक निदान में सहायक हैं। जीन चिकित्सा का पहली बार 1990 में ADA की कमी के लिए उपयोग हुआ। रोज़ी (Rosie) गाय जैसे ट्रांसजीनी जंतु उपयोगी उत्पाद देते हैं। GEAC, पेटेंट और जैव-चोरी मुख्य नैतिक एवं विधिक मुद्दे हैं।

कृषि में अनुप्रयोग

खाद्य उत्पादन बढ़ाने के तीन विकल्प हैं: कृषि-रसायन आधारित कृषि, जैविक कृषि और आनुवंशिक रूप से अभियांत्रित फ़सल आधारित कृषि। विकासशील देशों के किसानों के लिए रासायनिक निवेश महँगे होते हैं। आनुवंशिक रूपांतरित (GM) जीव वे हैं जिनके जीनों को जोड़-तोड़ द्वारा बदला गया हो। जब कोई बाहरी जीन जोड़ा जाता है तो GM फ़सलों को ट्रांसजीनी (transgenic) फ़सलें भी कहते हैं।

GM पादपों के लाभ:

लाभअर्थ
अजैविक प्रतिबलों के प्रति सहनशीलताफ़सलों को ठंड, सूखा, लवण और ऊष्मा के प्रति अधिक सहनशील बनाया जाता है
रासायनिक पीड़कनाशियों पर कम निर्भरतापीड़क-प्रतिरोधी फ़सलें बनाई जाती हैं
कटाई-पश्चात् हानि में कमीफ़सलें अधिक समय तक अच्छी रहती हैं
खनिजों का बेहतर उपयोगपादपों द्वारा खनिजों के उपयोग की दक्षता बढ़ती है, जिससे मृदा की उर्वरता जल्दी समाप्त नहीं होती
पोषण मान में वृद्धिउदाहरण: विटामिन A से समृद्ध चावल (गोल्डन राइस, golden rice)
अनुकूलित पादप (tailor-made plants)पादप उद्योगों को मंड, ईंधन और औषधियों जैसे वैकल्पिक संसाधन देते हैं

Bt कपास। Bacillus thuringiensis एक जीवाणु है। अपनी वृद्धि की एक विशेष अवस्था में यह प्रोटीन क्रिस्टल बनाता है। इन क्रिस्टलों में एक विषैला कीटनाशी प्रोटीन, Cry प्रोटीन (Bt विष, Bt toxin) होता है। यह विष जीवाणु को नहीं मारता, क्योंकि जीवाणु के भीतर वह निष्क्रिय प्रोटॉक्सिन के रूप में रहता है।

विष कैसे कार्य करता है:

  • 1. कीट पादप के साथ क्रिस्टलों को खा लेता है।
  • 2. कीट की आँत का क्षारीय pH क्रिस्टलों को घोल देता है। प्रोटॉक्सिन सक्रिय विष में बदल जाता है।
  • 3. सक्रिय विष मध्यांत्र की उपकला कोशिकाओं की सतह से जुड़कर छिद्र बना देता है।
  • 4. कोशिकाएँ फूलकर फट जाती हैं (कोशिका अपघटन, lysis) और कीट मर जाता है।

विष प्रोटीन cry नामक जीनों द्वारा कूटबद्ध होता है। विशिष्ट Bt विष कीटों के विशिष्ट समूहों को मारते हैं।

जीनप्रोटीनलक्ष्य नाशीजीव
cryIAcCry प्रोटीनकपास के बॉलवर्म (कपास की सूँडी)
cryIIAbCry प्रोटीनकपास के बॉलवर्म
cryIAbCry प्रोटीनमक्का छेदक (corn borer)

विभिन्न Bt विष कीटों के विशिष्ट समूहों के विरुद्ध सक्रिय होते हैं: लेपिडॉप्टेरा (तंबाकू बडवर्म, आर्मीवर्म), कोलियॉप्टेरा (भृंग) और डिप्टेरा (मक्खियाँ और मच्छर)। cry जीन को Bacillus thuringiensis से अलग करके फ़सली पादप में समाविष्ट किया जाता है। तब पादप अपना विष स्वयं बनाता है और नाशीजीव से सुरक्षित रहता है। ऐसे जीन वाला कपास का पादप Bt कपास है।

RNA व्यतिकरण द्वारा पीड़क-प्रतिरोधी पादप। Meloidogyne incognita एक सूत्रकृमि है जो तंबाकू के पौधों की जड़ों को संक्रमित करता है और उपज को बहुत घटा देता है। RNA व्यतिकरण (RNA interference, RNAi) सभी यूकैरियोटों में पाई जाने वाली कोशिकीय सुरक्षा की एक विधि है। RNAi में किसी विशिष्ट mRNA को पूरक द्विरज्जुकी RNA (dsRNA) अणु द्वारा मौन कर दिया जाता है, जो mRNA से जुड़कर उसके अनुवादन को रोक देता है। इसे मौनीकरण (silencing) कहते हैं। पूरक RNA का स्रोत किसी RNA वायरस का संक्रमण या ऐसे गतिशील आनुवंशिक तत्व (ट्रांसपोज़ॉन) हो सकते हैं जो RNA मध्यवर्ती के माध्यम से प्रतिकृति बनाते हैं।

Agrobacterium वाहकों की सहायता से सूत्रकृमि-विशिष्ट जीनों को पोषक पादप में प्रवेश कराया गया। प्रवेश कराए गए DNA ने पोषक कोशिकाओं में संवेदी (sense) और प्रतिसंवेदी (anti-sense) दोनों RNA बनाए। ये दोनों RNA एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने द्विरज्जुकी RNA बनाया जिसने RNAi आरंभ किया और सूत्रकृमि के एक विशिष्ट mRNA को मौन कर दिया। विशिष्ट व्यतिकारी RNA को अभिव्यक्त करने वाले ट्रांसजीनी पोषक में परजीवी जीवित नहीं रह सका। इस प्रकार ट्रांसजीनी पादप परजीवी से सुरक्षित हो गया।

चिकित्सा में अनुप्रयोग

पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी बड़े पैमाने पर सुरक्षित और प्रभावी चिकित्सीय औषधियाँ बनाती है। पुनर्योगज औषधियाँ मानव प्रोटीनों के समरूप होती हैं और अवांछित प्रतिरक्षा अनुक्रियाएँ उत्पन्न नहीं करतीं। विश्व में 30 से अधिक पुनर्योगज चिकित्सीय औषधियाँ मानव उपयोग के लिए अनुमोदित की जा चुकी हैं।

आनुवंशिक रूप से अभियांत्रित इंसुलिन। प्रौढ़ावस्था में होने वाली मधुमेह (adult-onset diabetes) को नियमित अंतराल पर इंसुलिन लेकर नियंत्रित किया जाता है। पहले इंसुलिन को वधित पशुओं (मवेशियों और सूअरों) के अग्न्याशय से निकाला जाता था। इससे कुछ रोगियों में ऐलर्जी या अन्य प्रतिक्रियाएँ हो सकती थीं।

इंसुलिन में दो छोटी पॉलिपेप्टाइड शृंखलाएँ होती हैं: शृंखला A और शृंखला B। वे डाइसल्फ़ाइड सेतुओं द्वारा आपस में जुड़ी होती हैं। मनुष्य सहित स्तनधारियों में इंसुलिन पहले प्रोहॉर्मोन (prohormone) प्रोइंसुलिन (proinsulin) के रूप में संश्लेषित होता है। प्रोइंसुलिन में C पेप्टाइड (C peptide) नामक एक अतिरिक्त खंड होता है। इंसुलिन में परिपक्व होते समय C पेप्टाइड हटा दिया जाता है।

1983 में कंपनी एली लिली ने मानव इंसुलिन की A और B शृंखलाओं के संगत दो DNA अनुक्रम तैयार किए। उसने शृंखलाएँ बनाने के लिए उन्हें E. coli के प्लाज़्मिडों में प्रवेश कराया। शृंखला A और B अलग-अलग बनाई गईं, निष्कर्षित की गईं और डाइसल्फ़ाइड आबंध बनाकर जोड़ी गईं, जिससे मानव इंसुलिन बना।

विशेषतापुराना स्रोतपुनर्योगज स्रोत
स्रोतमवेशियों और सूअरों का अग्न्याशयमानव A और B शृंखला अनुक्रम वाला E. coli
रोगी में प्रतिक्रियासंभावित ऐलर्जीमानव इंसुलिन के समरूप
शृंखलाएँपूरा हॉर्मोन एक साथ लिया जाता थाA और B शृंखलाएँ अलग-अलग बनाकर डाइसल्फ़ाइड आबंधों से जोड़ी जाती हैं

जीन चिकित्सा (gene therapy)। जीन चिकित्सा उन विधियों का समूह है जिनसे किसी बच्चे या भ्रूण में निदान किए गए जीन-दोष का सुधार किया जा सकता है। किसी वंशागत रोग के उपचार के लिए व्यक्ति की कोशिकाओं और ऊतकों में जीन प्रवेश कराए जाते हैं। सामान्य जीन उपलब्ध कराकर दोषपूर्ण जीन की क्षतिपूर्ति की जाती है।

पहली नैदानिक जीन चिकित्सा 1990 में एडिनोसिन डिऐमिनेज़ (ADA) की कमी वाली चार वर्ष की एक बालिका को दी गई। यह एंज़ाइम प्रतिरक्षा तंत्र के कार्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह विकार एडिनोसिन डिऐमिनेज़ के जीन के विलोपन से होता है। उपचार के तरीके हैं:

  • कुछ रोगियों में अस्थि मज्जा प्रतिरोपण।
  • एंज़ाइम प्रतिस्थापन चिकित्सा, जिसमें रोगी को क्रियाशील ADA अंतःक्षेपित किया जाता है।
  • जीन चिकित्सा, जैसा नीचे बताया गया है।

जीन चिकित्सा की विधि में रोगी के रक्त से लसीकाणुओं (lymphocytes) को शरीर के बाहर संवर्धन में उगाया जाता है। फिर रेट्रोवायरस वाहक की सहायता से क्रियाशील ADA cDNA को इन लसीकाणुओं में प्रवेश कराया जाता है। इसके बाद लसीकाणुओं को रोगी में वापस लौटा दिया जाता है। ये कोशिकाएँ अमर नहीं होतीं, इसलिए रोगी को ऐसे आनुवंशिक रूप से अभियांत्रित लसीकाणुओं के आवधिक आधान की आवश्यकता होती है। यदि ADA बनाने वाली मज्जा कोशिकाओं से अलग किए गए जीन को प्रारंभिक भ्रूणीय अवस्था की कोशिकाओं में प्रवेश करा दिया जाए, तो यह स्थायी उपचार हो सकता है।

आण्विक निदान। सीरम और मूत्र विश्लेषण जैसी परंपरागत विधियों से प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान संभव नहीं है। रोग का शीघ्र निदान प्रभावी उपचार में सहायक होता है। इसके उपकरण हैं:

उपकरणसिद्धांतउपयोग
PCRन्यूक्लिक अम्ल का प्रवर्धन करता है, इसलिए रोगजनक के DNA या RNA की बहुत कम मात्रा का भी पता लगाया जा सकता हैसंदिग्ध AIDS रोगियों में HIV का संसूचन; संदिग्ध कैंसर रोगियों में जीनों के उत्परिवर्तनों का संसूचन; संक्रमण की प्रारंभिक अवस्था में जीवाणुओं या वायरसों का संसूचन
पुनर्योगज DNA प्रोब (probe)रेडियोधर्मी अणु से चिह्नित एकल-रज्जुकी DNA या RNA कोशिकाओं के क्लोन में अपने पूरक DNA से संकरित हो जाता है। संसूचन स्वविकिरणचित्रण (autoradiography) द्वारा होता हैउत्परिवर्तित जीन का संसूचन। उत्परिवर्तित जीन वाला क्लोन फ़ोटोग्राफ़ी फ़िल्म पर नहीं दिखेगा, क्योंकि प्रोब उत्परिवर्तित जीन के पूरक नहीं होता
ELISA (एंज़ाइम-संबद्ध इम्यूनोसॉर्बेंट आमापन, enzyme-linked immunosorbent assay)प्रतिजन-प्रतिरक्षी अन्योन्यक्रियासंक्रमण का संसूचन प्रतिजनों (प्रोटीन, ग्लाइकोप्रोटीन आदि) की उपस्थिति से या रोगजनक के विरुद्ध बने प्रतिरक्षियों का पता लगाकर किया जाता है

ट्रांसजीनी जंतु

वे जंतु जिनके DNA में इस प्रकार जोड़-तोड़ की गई हो कि उनमें एक अतिरिक्त (बाहरी) जीन उपस्थित हो और अभिव्यक्त हो, ट्रांसजीनी जंतु (transgenic animals) कहलाते हैं। ट्रांसजीनी चूहे, खरगोश, सूअर, भेड़, गाय और मछलियाँ बनाई जा चुकी हैं। सभी ट्रांसजीनी जंतुओं में 95 प्रतिशत से अधिक चूहे हैं।

उपयोगस्पष्टीकरण और उदाहरण
सामान्य कार्यिकी और परिवर्धनट्रांसजीनी जंतु यह अध्ययन करने में सहायक हैं कि जीन कैसे नियंत्रित होते हैं और वे शरीर के सामान्य कार्यों तथा उसके परिवर्धन को कैसे प्रभावित करते हैं। उदाहरण: इंसुलिन-सम वृद्धि कारक जैसे जटिल कारकों का अध्ययन
रोग का अध्ययनकैंसर, सिस्टिक फ़ाइब्रोसिस, रूमेटी संधिशोथ और अल्ज़ाइमर रोग जैसे मानव रोगों के मॉडल यह समझने में सहायक हैं कि जीन रोग में कैसे योगदान देते हैं और उपचार विकसित करने में भी
जैविक उत्पादट्रांसजीनी जंतुओं से औषधियाँ बनाई जाती हैं। उदाहरण: α-1-एंटीट्रिप्सिन का उपयोग इम्फ़ाइसीमा (emphysema) के उपचार में होता है। फ़ीनाइलकीटोन्यूरिया (PKU) और सिस्टिक फ़ाइब्रोसिस के लिए भी उत्पाद बनाए गए हैं
टीके की सुरक्षापोलियो टीके की सुरक्षा परखने के लिए ट्रांसजीनी चूहे विकसित किए गए हैं। यदि वे सफल और विश्वसनीय सिद्ध हों, तो वे बंदरों के उपयोग का स्थान ले सकते हैं
रासायनिक सुरक्षा परीक्षण (विषाक्तता परीक्षण)ट्रांसजीनी जंतुओं को अट्रांसजीनी जंतुओं की तुलना में विषैले पदार्थों के प्रति अधिक संवेदी बनाया जाता है। उन्हें विषैले पदार्थों के संपर्क में लाकर प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। इससे परिणाम कम समय में मिल जाते हैं

रोज़ी (Rosie) गाय। 1997 में रोज़ी पहली ट्रांसजीनी गाय बनी। उसने मानव प्रोटीन-समृद्ध दूध उत्पन्न किया, जो लगभग 2.4 ग्राम प्रति लीटर था। दूध में मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन (alpha-lactalbumin) था। यह मानव शिशुओं के लिए प्राकृतिक गाय के दूध की तुलना में पोषण की दृष्टि से अधिक संतुलित उत्पाद था।

नैतिक मुद्दे

आनुवंशिक रूपांतरण द्वारा जीवों में जोड़-तोड़ करने पर जब ऐसे जीवों को पारितंत्र में छोड़ा जाता है तो अप्रत्याशित परिणाम हो सकते हैं। इसलिए ऐसी गतिविधि के अच्छे और बुरे पक्षों को परखने के लिए समाज को नैतिक मानकों की आवश्यकता है।

भारत सरकार ने आनुवंशिक अभियांत्रिकी अनुमोदन समिति (Genetic Engineering Approval Committee, GEAC) गठित की है। यह GM अनुसंधान की वैधता और जन-सेवाओं के लिए GM जीवों को प्रस्तुत करने की सुरक्षा के संबंध में निर्णय लेती है।

शब्दअर्थ
जैव-चोरी (biopiracy)बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अन्य संगठनों द्वारा संबंधित देशों और लोगों से उचित प्राधिकार लिए बिना और उन्हें क्षतिपूर्ति दिए बिना जैव-संसाधनों का उपयोग
पेटेंट (patent)किसी सरकार द्वारा आविष्कारक को दिया गया वह अधिकार जिससे अन्य लोग आविष्कारक के प्राधिकार के बिना आविष्कार का व्यावसायिक उपयोग नहीं कर सकते

अनेक कंपनियाँ ऐसे उत्पादों और प्रौद्योगिकियों के पेटेंट प्राप्त करने का प्रयास कर रही हैं जो किसी क्षेत्र या देश के किसानों और स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से पहचाने, विकसित किए और उपयोग किए गए आनुवंशिक पदार्थों, पादपों और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग करते हैं। भारत की चिंता के उदाहरण:

  • बासमती चावल। भारत में बासमती की अनेक किस्में उगाई जाती हैं, जिनमें विशिष्ट सुगंध और स्वाद होता है। 1997 में एक अमेरिकी कंपनी ने US पेटेंट एवं ट्रेडमार्क कार्यालय के माध्यम से बासमती चावल पर पेटेंट अधिकार प्राप्त कर लिए। इससे कंपनी को बासमती की एक नई किस्म को "आविष्कार" के रूप में बेचने की अनुमति मिल गई। यह बासमती भारतीय किसानों की किस्मों से व्युत्पन्न थी।
  • हल्दी और नीम। हल्दी और नीम जैसे पारंपरिक भारतीय संसाधनों के उपयोगों पर पेटेंट ने भी जैव-चोरी की चिंता बढ़ाई है।

भारतीय संसद ने भारतीय पेटेंट विधेयक के दूसरे संशोधन को पारित कर दिया है। इसमें पेटेंट अवधि विस्तार, आपातकालीन प्रावधान और अनुसंधान एवं विकास पहल के प्रावधान हैं।

NEET के जाल

  • 1. Cry प्रोटीन जीवाणु में निष्क्रिय प्रोटॉक्सिन होते हैं। वे केवल कीट की क्षारीय आँत में सक्रिय होते हैं।
  • 2. cryIAc और cryIIAb कपास के बॉलवर्म को नियंत्रित करते हैं; cryIAb मक्का छेदक को नियंत्रित करता है। इन्हें आपस में न मिलाएँ।
  • 3. Bt विष कीट को मध्यांत्र की उपकला कोशिकाओं में छिद्र बनाकर मारता है, पादप पर क्रिया करके नहीं।
  • 4. RNAi में mRNA का मौनीकरण होता है (अनुवादन रुक जाता है); सूत्रकृमि का DNA नहीं कटता।
  • 5. तंबाकू की जड़ों पर आक्रमण करने वाला सूत्रकृमि Meloidogyne incognita है। RNAi इसलिए कार्य करता है क्योंकि संवेदी और प्रतिसंवेदी RNA मिलकर dsRNA बनाते हैं।
  • 6. प्रोइंसुलिन में C पेप्टाइड होता है, जिसे हटा दिया जाता है। परिपक्व इंसुलिन में केवल A और B शृंखलाएँ होती हैं।
  • 7. पुनर्योगज इंसुलिन उत्पादन में A और B शृंखलाएँ अलग-अलग चरणों में बनाई गईं और फिर डाइसल्फ़ाइड आबंधों से जोड़ी गईं।
  • 8. पहली जीन चिकित्सा (1990) ADA की कमी के लिए थी और उसमें लसीकाणुओं का उपयोग हुआ। जब तक प्रारंभिक भ्रूणीय कोशिकाओं का सुधार न किया जाए, यह स्थायी उपचार नहीं है।
  • 9. PCR न्यूक्लिक अम्ल का प्रवर्धन करता है; ELISA प्रतिजनों या प्रतिरक्षियों का संसूचन करता है। इन्हें आपस में न बदलें।
  • 10. रोज़ी गाय ने दूध में मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन उत्पन्न किया। 95 प्रतिशत से अधिक ट्रांसजीनी जंतु चूहे हैं।

एक-पंक्ति तथ्य

  • 1. GM फ़सलें अजैविक प्रतिबल के प्रति अधिक सहनशील हो सकती हैं और उन्हें कम रासायनिक पीड़कनाशियों की आवश्यकता होती है।
  • 2. गोल्डन राइस विटामिन A से समृद्ध है।
  • 3. Bacillus thuringiensis Cry प्रोटीन के क्रिस्टल बनाता है।
  • 4. Cry प्रोटीन कीट की आँत के क्षारीय pH द्वारा अपने सक्रिय रूप में बदलता है।
  • 5. cryIAc और cryIIAb कपास के बॉलवर्म के विरुद्ध कार्य करते हैं; cryIAb मक्का छेदक के विरुद्ध कार्य करता है।
  • 6. Meloidogyne incognita तंबाकू की जड़ों पर आक्रमण करने वाला सूत्रकृमि है।
  • 7. RNAi पूरक dsRNA द्वारा किसी विशिष्ट mRNA को मौन करता है।
  • 8. एली लिली ने 1983 में पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी से मानव इंसुलिन बनाया।
  • 9. इंसुलिन में A शृंखला और B शृंखला होती हैं जो डाइसल्फ़ाइड सेतुओं से जुड़ी होती हैं।
  • 10. प्रोइंसुलिन में एक अतिरिक्त C पेप्टाइड होता है जो परिपक्वन पर हटा दिया जाता है।
  • 11. 1990 में दी गई पहली नैदानिक जीन चिकित्सा ADA की कमी के लिए थी।
  • 12. PCR, HIV के न्यूक्लिक अम्ल का प्रवर्धन करके संक्रमण की प्रारंभिक अवस्था में ही उसका संसूचन कर सकता है।
  • 13. उत्परिवर्तित जीन प्रोब से संकरित नहीं होता, इसलिए स्वविकिरणचित्रण में वह फ़िल्म पर नहीं दिखता।
  • 14. ELISA प्रतिजन-प्रतिरक्षी अन्योन्यक्रिया पर कार्य करता है।
  • 15. पहली ट्रांसजीनी गाय रोज़ी (1997) ने मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन वाला दूध दिया।

अभ्यास प्रश्न

  1. Bt फ़सलों में प्रयुक्त Cry प्रोटीन किसके द्वारा बनाया जाता है?

    1. Thermus aquaticus
    2. Bacillus thuringiensis
    3. Agrobacterium tumefaciens
    4. Bacillus subtilis
    उत्तर

    B. Bacillus thuringiensis

    Bacillus thuringiensis Cry प्रोटीन (Bt विष) के क्रिस्टल बनाता है।

    The Cry protein used in Bt crops is produced by

    1. Thermus aquaticus
    2. Bacillus thuringiensis
    3. Agrobacterium tumefaciens
    4. Bacillus subtilis
  2. मक्का छेदक (corn borer) से सुरक्षा देने वाला जीन है

    1. cryIAb
    2. सूत्रकृमियों के लिए cry जीन
    3. cryIAc
    4. cryIIAb
    उत्तर

    A. cryIAb

    cryIAb मक्का छेदक को नियंत्रित करता है; cryIAc और cryIIAb कपास के बॉलवर्म को नियंत्रित करते हैं।

    The gene that gives protection against the corn borer is

    1. cryIAb
    2. cry gene for nematodes
    3. cryIAc
    4. cryIIAb
  3. निष्क्रिय Cry प्रोटॉक्सिन सक्रिय विष में किसके द्वारा बदलता है?

    1. पादप के एंज़ाइमों द्वारा
    2. पत्ती पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश द्वारा
    3. कीट की आँत के अम्लीय pH द्वारा
    4. कीट की आँत के क्षारीय pH द्वारा
    उत्तर

    D. कीट की आँत के क्षारीय pH द्वारा

    क्षारीय आँत क्रिस्टलों को घोल देती है और विष को सक्रिय कर देती है।

    The inactive Cry protoxin is changed into the active toxin by

    1. the enzymes of the plant
    2. sunlight on the leaf
    3. the acidic pH of the insect gut
    4. the alkaline pH of the insect gut
  4. तंबाकू के पौधों की जड़ों को संक्रमित करने वाला सूत्रकृमि है

    1. Ascaris lumbricoides
    2. Bacillus thuringiensis
    3. Meloidogyne incognita
    4. Wuchereria bancrofti
    उत्तर

    C. Meloidogyne incognita

    Meloidogyne incognita तंबाकू की जड़ों पर आक्रमण करता है और उपज घटा देता है।

    The nematode that infects the roots of tobacco plants is

    1. Ascaris lumbricoides
    2. Bacillus thuringiensis
    3. Meloidogyne incognita
    4. Wuchereria bancrofti
  5. इंसुलिन की A और B शृंखलाएँ आपस में किससे जुड़ी होती हैं?

    1. डाइसल्फ़ाइड सेतुओं से
    2. केवल हाइड्रोजन आबंधों से
    3. ग्लाइकोसिडी आबंधों से
    4. केवल आयनिक आबंधों से
    उत्तर

    A. डाइसल्फ़ाइड सेतुओं से

    दोनों पॉलिपेप्टाइड शृंखलाएँ डाइसल्फ़ाइड सेतुओं द्वारा जुड़ी होती हैं।

    The A and B chains of insulin are linked together by

    1. disulphide bridges
    2. hydrogen bonds only
    3. glycosidic bonds
    4. ionic bonds only
  6. C पेप्टाइड (C peptide) क्या है?

    1. परिपक्व इंसुलिन में उपस्थित तीसरी शृंखला
    2. वह संकेत जो इंसुलिन को उसके ग्राही से जोड़ता है
    3. प्रोइंसुलिन में उपस्थित एक अतिरिक्त खंड जो परिपक्वन के समय हटा दिया जाता है
    4. A शृंखला का एक भाग
    उत्तर

    C. प्रोइंसुलिन में उपस्थित एक अतिरिक्त खंड जो परिपक्वन के समय हटा दिया जाता है

    प्रोइंसुलिन में C पेप्टाइड होता है, जिसे हटाने पर A और B शृंखलाओं वाला परिपक्व इंसुलिन बनता है।

    The C peptide is

    1. a third chain present in mature insulin
    2. the signal that binds insulin to its receptor
    3. an extra stretch present in proinsulin that is removed during maturation
    4. a part of the A chain
  7. पहली नैदानिक जीन चिकित्सा किस वर्ष दी गई थी?

    1. 1972
    2. 1997
    3. 1983
    4. 1990
    उत्तर

    D. 1990

    पहली जीन चिकित्सा 1990 में ADA की कमी वाली चार वर्ष की बालिका को दी गई थी।

    The first clinical gene therapy was given in

    1. 1972
    2. 1997
    3. 1983
    4. 1990
  8. पहली नैदानिक जीन चिकित्सा किसके उपचार के लिए प्रयुक्त हुई?

    1. सिस्टिक फ़ाइब्रोसिस
    2. एडिनोसिन डिऐमिनेज़ की कमी
    3. प्रौढ़ावस्था में होने वाली मधुमेह
    4. फ़ीनाइलकीटोन्यूरिया
    उत्तर

    B. एडिनोसिन डिऐमिनेज़ की कमी

    ADA जीन के विलोपन से होने वाली ADA की कमी वह पहला विकार था जिसका उपचार किया गया।

    The first clinical gene therapy was used to treat

    1. cystic fibrosis
    2. adenosine deaminase deficiency
    3. adult-onset diabetes
    4. phenylketonuria
  9. रोज़ी (Rosie), पहली ट्रांसजीनी गाय, ने किस से समृद्ध दूध उत्पन्न किया?

    1. मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन
    2. एडिनोसिन डिऐमिनेज़
    3. मानव इंसुलिन
    4. α-1-एंटीट्रिप्सिन
    उत्तर

    A. मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन

    रोज़ी के दूध में मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन था और वह मानव शिशुओं के लिए अधिक संतुलित था।

    Rosie, the first transgenic cow, produced milk rich in

    1. human alpha-lactalbumin
    2. adenosine deaminase
    3. human insulin
    4. α-1-antitrypsin
  10. सभी ट्रांसजीनी जंतुओं में चूहों का प्रतिशत है

    1. लगभग 50 प्रतिशत
    2. 95 प्रतिशत से अधिक
    3. लगभग 75 प्रतिशत
    4. लगभग 25 प्रतिशत
    उत्तर

    B. 95 प्रतिशत से अधिक

    ट्रांसजीनी जंतुओं में 95 प्रतिशत से अधिक चूहे हैं।

    Among all transgenic animals, the percentage that are mice is

    1. about 50 per cent
    2. more than 95 per cent
    3. about 75 per cent
    4. about 25 per cent
  11. ELISA किस सिद्धांत पर आधारित है?

    1. Taq पॉलिमरेज़ द्वारा DNA का प्रवर्धन
    2. रेडियोधर्मी प्रोब का संकरण
    3. प्रतिजन-प्रतिरक्षी अन्योन्यक्रिया
    4. dsRNA द्वारा mRNA का मौनीकरण
    उत्तर

    C. प्रतिजन-प्रतिरक्षी अन्योन्यक्रिया

    ELISA रोगजनक के प्रतिजनों या उसके विरुद्ध बने प्रतिरक्षियों का संसूचन करता है।

    ELISA is based on the principle of

    1. amplification of DNA by Taq polymerase
    2. hybridisation of a radioactive probe
    3. antigen-antibody interaction
    4. silencing of mRNA by dsRNA
  12. ट्रांसजीनी जंतुओं में बनाया गया α-1-एंटीट्रिप्सिन किसके उपचार में प्रयुक्त होता है?

    1. ADA की कमी
    2. रूमेटी संधिशोथ
    3. प्रौढ़ावस्था में होने वाली मधुमेह
    4. इम्फ़ाइसीमा (emphysema)
    उत्तर

    D. इम्फ़ाइसीमा (emphysema)

    α-1-एंटीट्रिप्सिन का उपयोग इम्फ़ाइसीमा के उपचार में होता है।

    α-1-antitrypsin made in transgenic animals is used to treat

    1. ADA deficiency
    2. rheumatoid arthritis
    3. adult-onset diabetes
    4. emphysema
  13. जैव-चोरी (biopiracy) है

    1. देश की सरकार द्वारा पेटेंट दिए जाने के साथ जैव-संसाधनों का उपयोग
    2. किसी सरकारी समिति द्वारा GM फ़सलों का परीक्षण
    3. संबंधित देशों और लोगों से उचित प्राधिकार लिए बिना और उन्हें क्षतिपूर्ति दिए बिना जैव-संसाधनों का उपयोग
    4. रोग-मॉडल के रूप में ट्रांसजीनी जंतुओं का अध्ययन
    उत्तर

    C. संबंधित देशों और लोगों से उचित प्राधिकार लिए बिना और उन्हें क्षतिपूर्ति दिए बिना जैव-संसाधनों का उपयोग

    जैव-चोरी का अर्थ है उचित प्राधिकार या क्षतिपूर्ति भुगतान के बिना जैव-संसाधनों को ले लेना।

    Biopiracy is

    1. the use of bio-resources with a patent granted by the government of the country
    2. the testing of GM crops by a government committee
    3. the use of bio-resources without proper authorisation and without compensation to the countries and people concerned
    4. the study of transgenic animals as disease models
  14. रेडियोधर्मी प्रोब द्वारा उत्परिवर्तित जीन का संसूचन करने में, उत्परिवर्तित जीन वाला क्लोन फ़ोटोग्राफ़ी फ़िल्म पर इसलिए नहीं दिखता क्योंकि

    1. प्रोब को रेडियोधर्मिता से चिह्नित नहीं किया जा सकता
    2. प्रोब उत्परिवर्तित जीन के पूरक नहीं है
    3. उत्परिवर्तित जीन फ़िल्म को नष्ट कर देता है
    4. स्वविकिरणचित्रण केवल RNA का संसूचन करता है
    उत्तर

    B. प्रोब उत्परिवर्तित जीन के पूरक नहीं है

    एकल-रज्जुकी प्रोब केवल अपने पूरक अनुक्रम से ही संकरित होता है।

    In detecting a mutated gene using a radioactive probe, the clone with the mutated gene does not appear on the photographic film because

    1. the probe cannot be tagged with radioactivity
    2. the probe is not complementary to the mutated gene
    3. the mutated gene destroys the film
    4. autoradiography detects only RNA
  15. एली लिली ने इंसुलिन शृंखलाओं के दो DNA अनुक्रमों को किसके प्लाज़्मिडों में प्रवेश कराया?

    1. Salmonella typhimurium
    2. Bacillus thuringiensis
    3. Agrobacterium tumefaciens
    4. Escherichia coli
    उत्तर

    D. Escherichia coli

    एली लिली ने 1983 में A और B शृंखलाएँ E. coli में बनाईं।

    The two DNA sequences for the insulin chains were introduced by Eli Lilly into plasmids of

    1. Salmonella typhimurium
    2. Bacillus thuringiensis
    3. Agrobacterium tumefaciens
    4. Escherichia coli
  16. भारत में GM अनुसंधान की वैधता और जन-सेवाओं के लिए GM जीवों को प्रस्तुत करने की सुरक्षा का निर्णय कौन करता है?

    1. आनुवंशिक अभियांत्रिकी अनुमोदन समिति
    2. क्षेत्र के किसान
    3. एक बहुराष्ट्रीय कंपनी
    4. भारतीय पेटेंट विधेयक
    उत्तर

    A. आनुवंशिक अभियांत्रिकी अनुमोदन समिति

    GEAC ये निर्णय लेती है।

    In India, the validity of GM research and the safety of introducing GM organisms for public services is decided by

    1. the Genetic Engineering Approval Committee
    2. the farmers of the region
    3. a multinational company
    4. the Indian Patents Bill
  17. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: Cry प्रोटीन Bacillus thuringiensis में निष्क्रिय प्रोटॉक्सिन के रूप में उपस्थित रहते हैं। कथन II: कीट की आँत का क्षारीय pH क्रिस्टलों को घोल देता है और विष को सक्रिय कर देता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    दोनों कथन सही हैं।

    Given below are two statements: Statement I: Cry proteins exist as inactive protoxins in Bacillus thuringiensis. Statement II: The alkaline pH of the insect gut solubilises the crystals and activates the toxin. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  18. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: RNA व्यतिकरण पूरक द्विरज्जुकी RNA द्वारा किसी विशिष्ट mRNA को मौन कर देता है। कथन II: RNAi में dsRNA सूत्रकृमि के DNA को काट देता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    RNAi mRNA को मौन करता है और उसके अनुवादन को रोकता है। वह DNA को नहीं काटता।

    Given below are two statements: Statement I: RNA interference silences a specific mRNA with a complementary double-stranded RNA. Statement II: In RNAi, the DNA of the nematode is cut by the dsRNA. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  19. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: परिपक्व मानव इंसुलिन में तीन शृंखलाएँ होती हैं: A, B और C। कथन II: प्रोइंसुलिन में C पेप्टाइड होता है, जिसे परिपक्वन के समय हटा दिया जाता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    परिपक्व इंसुलिन में केवल A और B शृंखलाएँ होती हैं। कथन II सही है।

    Given below are two statements: Statement I: Mature human insulin consists of three chains: A, B and C. Statement II: Proinsulin contains the C peptide, which is removed during maturation. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  20. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ELISA न्यूक्लिक अम्लों के संकरण पर आधारित है। कथन II: नमूने में प्रतिजनों का संसूचन करने के लिए PCR का उपयोग होता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं

    ELISA प्रतिजन-प्रतिरक्षी अन्योन्यक्रिया पर आधारित है और PCR न्यूक्लिक अम्लों का प्रवर्धन करता है, इसलिए दोनों कथन गलत हैं।

    Given below are two statements: Statement I: ELISA is based on the hybridisation of nucleic acids. Statement II: PCR is used to detect antigens in a sample. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  21. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. 1990 में दी गई पहली नैदानिक जीन चिकित्सा ADA की कमी के लिए थी। 2. लसीकाणुओं को शरीर के बाहर उगाया गया और उनमें क्रियाशील ADA cDNA प्रवेश कराया गया। 3. लसीकाणुओं द्वारा जीन चिकित्सा सदैव स्थायी उपचार होती है।

    1. 1 और 3 केवल
    2. 2 और 3 केवल
    3. 1 और 2 केवल
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर

    C. 1 और 2 केवल

    लसीकाणु अमर नहीं होते, इसलिए आवधिक आधान की आवश्यकता होती है और कथन 3 गलत है।

    Which of the following statements are correct? 1. The first clinical gene therapy in 1990 was for ADA deficiency. 2. Lymphocytes were grown outside the body and given functional ADA cDNA. 3. Gene therapy using lymphocytes is always a permanent cure.

    1. 1 and 3 only
    2. 2 and 3 only
    3. 1 and 2 only
    4. 1, 2 and 3
  22. निम्नलिखित में से कौन-से ट्रांसजीनी जंतुओं के उपयोग हैं? 1. टीकों की सुरक्षा का परीक्षण 2. रासायनिक सुरक्षा (विषाक्तता) परीक्षण 3. सामान्य कार्यिकी और परिवर्धन का अध्ययन

    1. 1, 2 और 3
    2. 1 और 2 केवल
    3. 2 और 3 केवल
    4. 1 और 3 केवल
    उत्तर

    A. 1, 2 और 3

    तीनों ट्रांसजीनी जंतुओं के उपयोग हैं।

    Which of the following are uses of transgenic animals? 1. Testing the safety of vaccines 2. Chemical safety (toxicity) testing 3. Studying normal physiology and development

    1. 1, 2 and 3
    2. 1 and 2 only
    3. 2 and 3 only
    4. 1 and 3 only
  23. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: अधिकांश ट्रांसजीनी जंतु खरगोश हैं। कथन II: पोलियो टीके की सुरक्षा परखने के लिए ट्रांसजीनी चूहे विकसित किए गए हैं। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    95 प्रतिशत से अधिक चूहे हैं, इसलिए कथन I गलत है। कथन II सही है।

    Given below are two statements: Statement I: Most transgenic animals are rabbits. Statement II: Transgenic mice are developed to test the safety of the polio vaccine. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  24. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: आनुवंशिक अभियांत्रिकी अनुमोदन समिति जैव-संसाधनों पर पेटेंट प्रदान करती है। कथन II: जैव-चोरी उचित प्राधिकार के साथ जैव-संसाधनों का उपयोग है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं

    GEAC GM अनुसंधान की वैधता और सुरक्षा पर निर्णय लेती है। जैव-चोरी प्राधिकार के बिना उपयोग है। दोनों कथन गलत हैं।

    Given below are two statements: Statement I: The Genetic Engineering Approval Committee grants patents on bio-resources. Statement II: Biopiracy is the use of bio-resources with proper authorisation. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  25. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: गोल्डन राइस विटामिन A से समृद्ध है। कथन II: कपास को बॉलवर्म से बचाने के लिए cryIAb जीन का उपयोग होता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    cryIAb का उपयोग मक्का छेदक के विरुद्ध होता है। कपास के बॉलवर्म को cryIAc और cryIIAb नियंत्रित करते हैं।

    Given below are two statements: Statement I: Golden rice is enriched with vitamin A. Statement II: The gene cryIAb is used to protect cotton from bollworms. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  26. अभिकथन (A): Bt विष स्वयं Bacillus thuringiensis को नहीं मारता। कारण (R): विष जीवाणु में निष्क्रिय प्रोटॉक्सिन के रूप में रहता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    प्रोटॉक्सिन केवल कीट की क्षारीय आँत में ही सक्रिय होता है।

    Assertion (A): The Bt toxin does not kill Bacillus thuringiensis itself. Reason (R): The toxin exists in the bacterium as an inactive protoxin.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  27. अभिकथन (A): पुनर्योगज इंसुलिन रोगियों में ऐलर्जी उत्पन्न नहीं करता। कारण (R): इंसुलिन की शृंखलाएँ डाइसल्फ़ाइड सेतुओं से जुड़ी होती हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

    पहला सत्य है क्योंकि यह इंसुलिन मानव इंसुलिन के समरूप है। दूसरा भी सत्य है लेकिन वह पहले की व्याख्या नहीं करता।

    Assertion (A): Recombinant insulin does not cause allergy to patients. Reason (R): The chains of insulin are linked by disulphide bridges.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  28. अभिकथन (A): ADA की कमी के लिए लसीकाणुओं द्वारा जीन चिकित्सा स्थायी उपचार नहीं है। कारण (R): रोगी को दिए गए लसीकाणु अमर होते हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    C. A सत्य है लेकिन R असत्य है

    कोशिकाएँ अमर नहीं होतीं, इसलिए आवधिक आधान आवश्यक होते हैं।

    Assertion (A): Gene therapy using lymphocytes for ADA deficiency is not a permanent cure. Reason (R): The lymphocytes given to the patient are immortal.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  29. अभिकथन (A): प्रोइंसुलिन में केवल A और B शृंखलाएँ होती हैं। कारण (R): प्रोइंसुलिन के परिपक्वन के समय C पेप्टाइड हटा दिया जाता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    D. A असत्य है लेकिन R सत्य है

    प्रोइंसुलिन में अतिरिक्त C पेप्टाइड होता है, इसलिए अभिकथन असत्य है। कारण सत्य है।

    Assertion (A): Proinsulin consists only of the A and B chains. Reason (R): The C peptide is removed during maturation of proinsulin.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  30. अभिकथन (A): PCR संक्रमण की प्रारंभिक अवस्था में HIV का संसूचन कर सकता है। कारण (R): PCR वायरस के न्यूक्लिक अम्ल की मात्रा बहुत कम होने पर भी उसका प्रवर्धन कर देता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    प्रवर्धन से न्यूक्लिक अम्ल की बहुत थोड़ी मात्रा भी संसूचित हो जाती है।

    Assertion (A): PCR can detect HIV in the early stage of infection. Reason (R): PCR amplifies the nucleic acid of the virus even when the amount is very low.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  31. अभिकथन (A): पोलियो टीके की सुरक्षा परखने के लिए ट्रांसजीनी चूहे प्रयुक्त होते हैं। कारण (R): 95 प्रतिशत से अधिक ट्रांसजीनी जंतु चूहे हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

    दोनों सत्य हैं, लेकिन दूसरा पहले की व्याख्या नहीं करता।

    Assertion (A): Transgenic mice are used to test the safety of the polio vaccine. Reason (R): More than 95 per cent of transgenic animals are mice.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  32. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. cryIAc b. cryIAb c. Meloidogyne incognita d. रोज़ी (Rosie) सूची II: i. मक्का छेदक ii. कपास का बॉलवर्म iii. मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन iv. तंबाकू की जड़ों का सूत्रकृमि

    1. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    3. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
    4. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
    उत्तर

    D. a-ii, b-i, c-iv, d-iii

    cryIAc - कपास का बॉलवर्म; cryIAb - मक्का छेदक; M. incognita - तंबाकू की जड़ों का सूत्रकृमि; रोज़ी - मानव ऐल्फ़ा-लैक्टएल्ब्यूमिन।

    Match List I with List II. List I: a. cryIAc b. cryIAb c. Meloidogyne incognita d. Rosie List II: i. Corn borer ii. Cotton bollworm iii. Human alpha-lactalbumin iv. Nematode of tobacco roots

    1. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    3. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
    4. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
  33. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. ELISA b. PCR c. प्रोब द्वारा स्वविकिरणचित्रण d. जीन चिकित्सा सूची II: i. न्यूक्लिक अम्ल का प्रवर्धन ii. प्रतिजन-प्रतिरक्षी अन्योन्यक्रिया iii. रेडियोधर्मी एकल-रज्जुकी DNA का अपने पूरक से संकरण iv. रेट्रोवायरस वाहक द्वारा लसीकाणुओं को दिया गया क्रियाशील जीन

    1. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    उत्तर

    D. a-ii, b-i, c-iii, d-iv

    ELISA - प्रतिजन-प्रतिरक्षी (ii); PCR - प्रवर्धन (i); प्रोब - संकरण (iii); जीन चिकित्सा - लसीकाणुओं को जीन (iv)।

    Match List I with List II. List I: a. ELISA b. PCR c. Autoradiography with a probe d. Gene therapy List II: i. Amplification of nucleic acid ii. Antigen-antibody interaction iii. Radioactive single-stranded DNA hybridising to its complement iv. Functional gene given to lymphocytes through a retroviral vector

    1. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
  34. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. इंसुलिन b. प्रोइंसुलिन c. ADA की कमी d. एली लिली सूची II: i. एंज़ाइम जीन का विलोपन ii. 1983 में मानव इंसुलिन बनाया iii. C पेप्टाइड युक्त iv. A और B शृंखलाएँ डाइसल्फ़ाइड सेतुओं से जुड़ी हुई

    1. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    2. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    3. a-i, b-iii, c-iv, d-ii
    4. a-iv, b-iii, c-ii, d-i
    उत्तर

    B. a-iv, b-iii, c-i, d-ii

    इंसुलिन - A और B शृंखलाएँ (iv); प्रोइंसुलिन - C पेप्टाइड (iii); ADA की कमी - जीन विलोपन (i); एली लिली - 1983 (ii)।

    Match List I with List II. List I: a. Insulin b. Proinsulin c. ADA deficiency d. Eli Lilly List II: i. Deletion of the enzyme gene ii. Made human insulin in 1983 iii. Contains the C peptide iv. A and B chains joined by disulphide bridges

    1. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    2. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    3. a-i, b-iii, c-iv, d-ii
    4. a-iv, b-iii, c-ii, d-i
  35. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. सामान्य कार्यिकी b. रोग का अध्ययन c. जैविक उत्पाद d. टीके की सुरक्षा सूची II: i. α-1-एंटीट्रिप्सिन ii. चूहों में परखा गया पोलियो टीका iii. इंसुलिन-सम वृद्धि कारक का प्रभाव iv. अल्ज़ाइमर रोग का मॉडल

    1. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    2. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    3. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    4. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    उत्तर

    C. a-iii, b-iv, c-i, d-ii

    कार्यिकी - वृद्धि कारक (iii); रोग - अल्ज़ाइमर मॉडल (iv); उत्पाद - α-1-एंटीट्रिप्सिन (i); टीके की सुरक्षा - पोलियो टीका (ii)।

    Match List I with List II. List I: a. Normal physiology b. Disease study c. Biological products d. Vaccine safety List II: i. α-1-antitrypsin ii. Polio vaccine tested in mice iii. Effect of insulin-like growth factor iv. Model for Alzheimer's disease

    1. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    2. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    3. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    4. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
  36. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. GEAC b. जैव-चोरी c. पेटेंट d. बासमती चावल सूची II: i. दूसरों को व्यावसायिक उपयोग से रोकने का अधिकार ii. प्राधिकार के बिना जैव-संसाधनों का उपयोग iii. 1997 में US पेटेंट iv. GM जीवों की सुरक्षा का निर्णय करती है

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    3. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
    4. a-iv, b-ii, c-i, d-iii
    उत्तर

    D. a-iv, b-ii, c-i, d-iii

    GEAC - GM जीवों की सुरक्षा (iv); जैव-चोरी - प्राधिकार के बिना उपयोग (ii); पेटेंट - अधिकार (i); बासमती - 1997 का US पेटेंट (iii)।

    Match List I with List II. List I: a. GEAC b. Biopiracy c. Patent d. Basmati rice List II: i. Right to prevent others from commercial use ii. Use of bio-resources without authorisation iii. US patent in 1997 iv. Decides the safety of GM organisms

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    3. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
    4. a-iv, b-ii, c-i, d-iii
  37. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. गोल्डन राइस b. RNAi c. Bt कपास d. अजैविक प्रतिबल सहनशीलता सूची II: i. Cry प्रोटीन ii. विटामिन A से समृद्ध iii. mRNA का मौनीकरण iv. ठंड, सूखे, लवण और ऊष्मा के प्रति सहनशीलता

    1. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    2. a-i, b-iii, c-ii, d-iv
    3. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    उत्तर

    C. a-ii, b-iii, c-i, d-iv

    गोल्डन राइस - विटामिन A (ii); RNAi - मौनीकरण (iii); Bt कपास - Cry प्रोटीन (i); अजैविक प्रतिबल - ठंड, सूखा, लवण, ऊष्मा (iv)।

    Match List I with List II. List I: a. Golden rice b. RNAi c. Bt cotton d. Abiotic stress tolerance List II: i. Cry protein ii. Vitamin A enriched iii. Silencing of mRNA iv. Tolerance to cold, drought, salt and heat

    1. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    2. a-i, b-iii, c-ii, d-iv
    3. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
  38. Bt कपास के पौधे को खाने वाली बॉलवर्म की इल्लियाँ मर जाती हैं, जबकि पौधा स्वस्थ रहता है। इसका कारण है कि

    1. विष इल्ली की आँत में नष्ट हो जाता है
    2. प्रोटॉक्सिन इल्ली की क्षारीय आँत में सक्रिय होता है और मध्यांत्र की कोशिकाओं में छिद्र बनाता है
    3. पादप सक्रिय विष बनाता है जो पादप की कोशिकाओं को मार देता है
    4. इल्ली की अम्लीय आँत विष को सक्रिय करती है
    उत्तर

    B. प्रोटॉक्सिन इल्ली की क्षारीय आँत में सक्रिय होता है और मध्यांत्र की कोशिकाओं में छिद्र बनाता है

    आँत का क्षारीय pH Cry प्रोटॉक्सिन को सक्रिय करता है, जो मध्यांत्र की कोशिकाओं में छिद्र बना देता है।

    Bollworm larvae feeding on a Bt cotton plant die, while the plant remains healthy. This is because

    1. the toxin is destroyed in the insect gut
    2. the protoxin is activated in the alkaline gut of the larva and makes pores in the midgut cells
    3. the plant makes an active toxin that kills the cells of the plant
    4. the acidic gut of the larva activates the toxin
  39. एक तंबाकू का पौधा सूत्रकृमि जीन के संवेदी और प्रतिसंवेदी दोनों RNA अभिव्यक्त करता है। सूत्रकृमि Meloidogyne incognita उस पर जीवित नहीं रह पाता, क्योंकि

    1. दोनों RNA मिलकर dsRNA बनाते हैं जो सूत्रकृमि के एक विशिष्ट mRNA को मौन कर देता है
    2. प्रतिसंवेदी RNA सूत्रकृमि में अनुवादन को बढ़ा देता है
    3. dsRNA पादप के DNA को काट देता है
    4. दोनों RNA मिलकर एक विष प्रोटीन बनाते हैं
    उत्तर

    A. दोनों RNA मिलकर dsRNA बनाते हैं जो सूत्रकृमि के एक विशिष्ट mRNA को मौन कर देता है

    दोनों RNA जोड़ा बनाकर dsRNA बनाते हैं, जो RNAi द्वारा सूत्रकृमि के विशिष्ट mRNA को मौन कर देता है।

    A tobacco plant expresses both sense and anti-sense RNA of a nematode gene. The nematode Meloidogyne incognita cannot survive on it because

    1. the two RNAs form dsRNA that silences a specific mRNA of the nematode
    2. the anti-sense RNA increases translation in the nematode
    3. the dsRNA cuts the DNA of the plant
    4. the two RNAs make a toxin protein
  40. ADA की कमी वाले एक बच्चे को आनुवंशिक रूप से अभियांत्रित लसीकाणु दिए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उसे आधान फिर से चाहिए। इसका कारण है कि

    1. दाता में ADA जीन विलुप्त है
    2. रेट्रोवायरस वाहक जीन को नष्ट कर देता है
    3. लसीकाणु अमर नहीं होते
    4. एंज़ाइम प्रतिस्थापन की आवश्यकता केवल एक बार होती है
    उत्तर

    C. लसीकाणु अमर नहीं होते

    कोशिकाओं का जीवनकाल सीमित होता है, इसलिए जब तक प्रारंभिक भ्रूणीय कोशिकाओं का सुधार न किया जाए, आवधिक आधान आवश्यक होते हैं।

    A child with ADA deficiency receives genetically engineered lymphocytes but needs the infusion again after some time. This is because

    1. the ADA gene is deleted in the donor
    2. the retroviral vector destroys the gene
    3. the lymphocytes are not immortal
    4. enzyme replacement is needed once only
  41. एक क्लिनिक को प्रारंभिक अवस्था में रोगी के नमूने में HIV के न्यूक्लिक अम्ल की बहुत थोड़ी मात्रा का संसूचन करना है। सबसे उपयुक्त तकनीक है

    1. रक्त वर्ग निर्धारण
    2. PCR
    3. केवल सीरम विश्लेषण
    4. मूत्र विश्लेषण
    उत्तर

    B. PCR

    PCR न्यूक्लिक अम्ल का प्रवर्धन करता है, इसलिए कम मात्रा का भी संसूचन हो जाता है।

    A clinic needs to detect a very small amount of HIV nucleic acid in a patient's sample at an early stage. The most suitable technique is

    1. blood grouping
    2. PCR
    3. serum analysis alone
    4. urine analysis
  42. एक कंपनी किसी रसायन की विषाक्तता का शीघ्र परीक्षण करना चाहती है। वह ऐसे जंतुओं का उपयोग करती है जो सामान्य जंतुओं की तुलना में विषैले पदार्थों के प्रति अधिक संवेदी हैं। ये हैं

    1. ट्रांसजीनी जंतु, जो कम समय में परिणाम देते हैं
    2. अट्रांसजीनी जंतु, जो कम समय में परिणाम देते हैं
    3. ट्रांसजीनी पादप, जो कम समय में परिणाम देते हैं
    4. अट्रांसजीनी जंतु, जो अधिक संवेदी होते हैं
    उत्तर

    A. ट्रांसजीनी जंतु, जो कम समय में परिणाम देते हैं

    ट्रांसजीनी जंतुओं को विषैले पदार्थों के प्रति अधिक संवेदी बनाया जाता है, इसलिए परिणाम जल्दी मिलते हैं।

    A company wants to test the toxicity of a chemical quickly. It uses animals that are more sensitive to toxic substances than normal animals. These are

    1. transgenic animals, which give results in less time
    2. non-transgenic animals, which give results in less time
    3. transgenic plants, which give results in less time
    4. non-transgenic animals, which are more sensitive
  43. इंसुलिन की A और B शृंखलाओं को अलग-अलग E. coli संवर्धनों में बनाने और निष्कर्षित करने के बाद उन्हें अवश्य

    1. आँत के क्षारीय रस से उपचारित करना चाहिए
    2. C पेप्टाइड से जोड़ना चाहिए
    3. प्रतिबंधन एंज़ाइमों से काटना चाहिए
    4. डाइसल्फ़ाइड आबंध बनाकर जोड़ना चाहिए
    उत्तर

    D. डाइसल्फ़ाइड आबंध बनाकर जोड़ना चाहिए

    शृंखलाओं को डाइसल्फ़ाइड आबंधों द्वारा संयोजित करने पर मानव इंसुलिन बनता है।

    After the A and B chains of insulin are made in separate E. coli cultures and extracted, they must be

    1. treated with the alkaline gut juice
    2. joined with the C peptide
    3. cut by restriction enzymes
    4. joined by creating disulphide bonds
  44. क्लोन की गई कोशिकाओं में एक रेडियोधर्मी एकल-रज्जुकी प्रोब को संकरित किया जाता है और स्वविकिरणचित्रण द्वारा उसका संसूचन किया जाता है। एक क्लोन कोई संकेत नहीं देता। इसका संभावित कारण है कि इस क्लोन में

    1. कोई DNA ही नहीं है
    2. प्रोब के पूरक सामान्य जीन है
    3. प्रतिजनों का उच्च स्तर है
    4. प्रोब के पूरक न होने वाला उत्परिवर्तित जीन है
    उत्तर

    D. प्रोब के पूरक न होने वाला उत्परिवर्तित जीन है

    उत्परिवर्तित अनुक्रम प्रोब के पूरक नहीं होता, इसलिए वह संकरित नहीं होता और कोई संकेत नहीं देता।

    A radioactive single-stranded probe is hybridised to cloned cells and detected by autoradiography. One clone gives no signal. The likely reason is that this clone

    1. has no DNA at all
    2. carries the normal gene complementary to the probe
    3. has high levels of antigens
    4. carries a mutated gene not complementary to the probe
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