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NEET रसायन विज्ञान: अकार्बनिक रसायन · Chapter 4

उपसहसंयोजन यौगिक

याद रखने योग्य बातें

  • उपसहसंयोजन एंटिटी (coordination entity) एक केंद्रीय धातु परमाणु या आयन होती है जो निश्चित संख्या में लिगैंडों (ligands) से बंधी होती है। उपसहसंयोजन संख्या (coordination number) धातु से जुड़े लिगैंड दाता परमाणुओं की संख्या है। वर्नर की प्राथमिक संयोजकता आयननीय ऑक्सीकरण अवस्था है और द्वितीयक संयोजकता उपसहसंयोजन संख्या है।
  • नामकरण: पहले लिगैंड (वर्णानुक्रम में), फिर धातु और उसकी ऑक्सीकरण अवस्था रोमन अंकों में। ऋणायनिक संकुल में धातु के नाम के अंत में –ate लगता है। उदासीन और धनायनिक संकुल में धातु का नाम वही रहता है।
  • संयोजकता आबंध सिद्धांत (valence bond theory) ज्यामिति, संकरण और चुंबकत्व को जोड़ता है: d²sp³ (आंतरिक कक्षक) और sp³d² (बाह्य कक्षक) अष्टफलकीय, dsp² वर्ग समतलीय, sp³ चतुष्फलकीय।
  • क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत (crystal field theory): अष्टफलकीय विपाटन में t₂g (प्रत्येक –0.4 Δo) और eg (प्रत्येक +0.6 Δo) बनते हैं; Δt = 4/9 Δo। प्रबल क्षेत्र लिगैंड (CN⁻, CO) निम्न प्रचक्रण देते हैं; दुर्बल क्षेत्र लिगैंड (I⁻, Cl⁻, F⁻) उच्च प्रचक्रण देते हैं।

वर्नर का सिद्धांत

वर्नर ने प्रस्तावित किया कि धातु की दो प्रकार की संयोजकताएँ होती हैं।

  • प्राथमिक संयोजकता: आयननीय, ऋणायनों द्वारा संतुष्ट होती है और धातु की ऑक्सीकरण अवस्था के बराबर होती है। यह अदिशात्मक है।
  • द्वितीयक संयोजकता: अनायननीय, लिगैंडों (ऋणायन या उदासीन अणु) द्वारा संतुष्ट होती है और उपसहसंयोजन संख्या के बराबर होती है। यह दिशात्मक है, इसलिए ज्यामिति निर्धारित करती है (छह से अष्टफलकीय, चार से चतुष्फलकीय या वर्ग समतलीय)।

CoCl₃·xNH₃ यौगिकों से प्रमाण (आधिक्य AgNO₃ और चालकता):

सूत्ररंगप्रति मोल अवक्षेपित AgClप्रति सूत्र इकाई आयनआधुनिक सूत्र
CoCl₃·6NH₃पीला34[Co(NH₃)₆]Cl₃
CoCl₃·5NH₃बैंगनी23[Co(NH₃)₅Cl]Cl₂
CoCl₃·4NH₃हरा12[Co(NH₃)₄Cl₂]Cl
CoCl₃·3NH₃—00 (अचालक)[Co(NH₃)₃Cl₃]

उपसहसंयोजन गोले के भीतर का क्लोराइड Ag⁺ के साथ अवक्षेपित नहीं होता। प्रत्येक स्थिति में Co(III) की उपसहसंयोजन संख्या 6 है।

परिभाषाएँ

  • उपसहसंयोजन एंटिटी: केंद्रीय परमाणु या आयन और लिगैंड, जो वर्ग कोष्ठक में लिखे जाते हैं, उदाहरण [Fe(CN)₆]⁴⁻।
  • केंद्रीय परमाणु/आयन: इलेक्ट्रॉन युग्मों का ग्राही (लूइस अम्ल)।
  • लिगैंड: वह आयन या अणु जो केंद्रीय परमाणु को इलेक्ट्रॉन युग्म दान करता है।
  • उपसहसंयोजन गोला (coordination sphere): वर्ग कोष्ठक के भीतर केंद्रीय परमाणु और लिगैंड। प्रति-आयन (counter ions) बाहर होते हैं।
  • उपसहसंयोजन बहुफलक (coordination polyhedron): लिगैंडों की स्थानिक व्यवस्था (अष्टफलकीय, वर्ग समतलीय, चतुष्फलकीय)।
  • ऑक्सीकरण संख्या: सभी लिगैंडों को उनके इलेक्ट्रॉन युग्मों सहित हटा देने पर केंद्रीय परमाणु पर जो आवेश होता। [Co(NH₃)₅Cl]²⁺ में यह +3 है; [Fe(CN)₆]⁴⁻ में +2; [Ni(CO)₄] में 0।
  • समलिगैंडी (homoleptic): केवल एक प्रकार का लिगैंड, [Co(NH₃)₆]³⁺। विषमलिगैंडी (heteroleptic): एक से अधिक प्रकार के, [Co(NH₃)₄Cl₂]⁺।
लिगैंड का प्रकारदाता परमाणुउदाहरण
एकदंतुक (unidentate)1NH₃, H₂O, Cl⁻, CN⁻, CO
द्विदंतुक (didentate)2en (ethane-1,2-diamine), C₂O₄²⁻ (ऑक्सैलेट), ग्लाइसिनेट
बहुदंतुक (polydentate)2 से अधिकEDTA⁴⁻ (षट्दंतुक: 2 N और 4 O)
उभयदंतुक (ambidentate)1 (दो परमाणुओं में से कोई एक)NO₂⁻ (N या O), SCN⁻ (S या N)

जो द्विदंतुक या बहुदंतुक लिगैंड धातु के साथ वलय बनाता है वह कीलेट (chelate) लिगैंड कहलाता है। कीलेट, समान एकदंतुक लिगैंडों के संकुलों से अधिक स्थायी होते हैं (कीलेट प्रभाव)। उपसहसंयोजन संख्या दाता परमाणुओं की गिनती है: [Fe(C₂O₄)₃]³⁻ में 3 × 2 = 6, [Co(en)₃]³⁺ में 6, [PtCl₄]²⁻ में 4।

नामकरण और सूत्र लेखन

  • 1. पहले धनायन का नाम, फिर ऋणायन का।
  • 2. एंटिटी के भीतर पहले लिगैंडों के नाम वर्णानुक्रम में (di, tri उपसर्ग अनदेखे किए जाते हैं), फिर धातु।
  • 3. ऋणायनिक लिगैंडों के नाम –o पर समाप्त होते हैं: chlorido, cyanido, oxalato, hydroxido, sulphato, nitrito-N (N से जुड़ा NO₂⁻ "nitrito-N", O से जुड़ा "nitrito-O")। उदासीन लिगैंड अपने नाम रखते हैं, केवल aqua (H₂O), ammine (NH₃), carbonyl (CO) और nitrosyl (NO) को छोड़कर।
  • 4. सरल लिगैंडों के लिए di, tri, tetra; जटिल लिगैंडों (जैसे ethane-1,2-diamine) के लिए कोष्ठक सहित bis, tris, tetrakis का प्रयोग करें।
  • 5. इसके बाद धातु की ऑक्सीकरण अवस्था कोष्ठक में रोमन अंकों में, बिना रिक्त स्थान के।
  • 6. यदि संकुल आयन ऋणायन है तो धातु का नाम –ate पर समाप्त होता है (ferrate, cuprate, argentate, aurate); Fe, Cu, Ag, Au, Pb और Sn के लिए लैटिन मूल का प्रयोग होता है।
  • 7. सूत्र में पहले धातु का प्रतीक, फिर ऋणायनिक और उदासीन लिगैंड पहले प्रतीक के वर्णानुक्रम में।
सूत्रनाम
[Co(NH₃)₆]Cl₃Hexaamminecobalt(III) chloride
[Co(NH₃)₅Cl]Cl₂Pentaamminechloridocobalt(III) chloride
K₃[Fe(CN)₆]Potassium hexacyanidoferrate(III)
K₄[Fe(CN)₆]Potassium hexacyanidoferrate(II)
[Cr(en)₃]Cl₃Tris(ethane-1,2-diamine)chromium(III) chloride
[Ni(CO)₄]Tetracarbonylnickel(0)
[Pt(NH₃)₂Cl₂]Diamminedichloridoplatinum(II)
[Cu(NH₃)₄]SO₄Tetraamminecopper(II) sulphate

समावयवता (Isomerism)

समान सूत्र किंतु भिन्न व्यवस्था वाले यौगिक।

संरचनात्मक समावयवता

  • बंधनी (linkage): उभयदंतुक लिगैंड भिन्न परमाणुओं से जुड़ता है। [Co(NH₃)₅(NO₂)]Cl₂ (nitrito-N, पीला) और [Co(NH₃)₅(ONO)]Cl₂ (nitrito-O, लाल)।
  • उपसहसंयोजन (coordination): एक ही लवण के धनायन और ऋणायन के बीच लिगैंडों का विनिमय। [Co(NH₃)₆][Cr(CN)₆] और [Cr(NH₃)₆][Co(CN)₆]।
  • आयननीय (ionisation): गोले के भीतर और बाहर के आयन का विनिमय। [Co(NH₃)₅SO₄]Br और [Co(NH₃)₅Br]SO₄ जल में भिन्न आयन देते हैं (पहला BaCl₂ के साथ अवक्षेप देता है, दूसरा AgNO₃ के साथ)।
  • विलायकयोजन (solvate/hydrate): एक समावयवी में जल गोले के भीतर होता है और दूसरे में जालक अणु के रूप में। [Cr(H₂O)₆]Cl₃ (वायलेट), [Cr(H₂O)₅Cl]Cl₂·H₂O (धूसर-हरा), [Cr(H₂O)₄Cl₂]Cl·2H₂O (गहरा हरा)।

त्रिविम समावयवता (stereoisomerism)

  • ज्यामितीय (cis–trans): वर्ग समतलीय [MA₂B₂], जैसे [Pt(NH₃)₂Cl₂] में और अष्टफलकीय [MA₄B₂], जैसे [Co(NH₃)₄Cl₂]⁺ में पाई जाती है। चतुष्फलकीय संकुल इसे नहीं दर्शाते। अष्टफलकीय [MA₃B₃], जैसे [Co(NH₃)₃Cl₃] में फलकीय (facial, fac) समावयवी में तीन सर्वसम लिगैंड एक त्रिकोणीय फलक पर होते हैं और याम्योत्तर (meridional, mer) समावयवी में वे धातु से होकर जाने वाले एक तल में होते हैं। [MA₆] और [MA₅B] का केवल एक रूप होता है।
  • प्रकाशिक (optical): अध्यारोपित न होने वाले दर्पण प्रतिबिंब का युग्म (d और l, जो समतल ध्रुवित प्रकाश को विपरीत दिशाओं में घुमाते हैं)। [Co(en)₃]³⁺ दो प्रकाशिक समावयवियों के रूप में मिलता है। [CoCl₂(en)₂]⁺ में cis रूप प्रकाशिक सक्रिय है (दो प्रतिबिंब रूप) जबकि trans रूप नहीं, अतः कुल तीन त्रिविम समावयवी हैं।

हल किया गया उदाहरण 4 (वर्नर): 0.01 mol CoCl₃·5NH₃, [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂ है। केवल गोले के बाहर के दो क्लोराइड आयन आधिक्य AgNO₃ से अभिक्रिया करते हैं, इसलिए अवक्षेप 0.02 mol AgCl का है (लगभग 2.87 g, 143.5 g mol⁻¹ लेकर)। विलयन में प्रति सूत्र इकाई 3 आयन हैं, जो इसकी चालकता से मेल खाता है।

हल किया गया उदाहरण 5 (ऑक्सीकरण संख्या): K₃[Fe(CN)₆] में संकुल आयन का आवेश –3 है और प्रत्येक CN⁻ –1 है, अतः x + 6(–1) = –3 और x = +3। [Co(NH₃)₄Cl₂]⁺ में NH₃ उदासीन है और Cl⁻ –1 है, अतः x + 0 – 2 = +1 और x = +3।

आबंधन: संयोजकता आबंध सिद्धांत

धातु रिक्त कक्षक (संकरित) प्रदान करती है जो लिगैंडों से एकाकी युग्म ग्रहण करते हैं। ज्यामिति संकरण के अनुसार होती है। चुंबकीय व्यवहार d कक्षकों में बचे अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के अनुसार होता है।

संकुलधातु आयनसंकरणज्यामितिअयुग्मित इलेक्ट्रॉनचुंबकत्व
[Co(NH₃)₆]³⁺Co³⁺ d⁶d²sp³ (आंतरिक)अष्टफलकीय0प्रतिचुंबकीय
[CoF₆]³⁻Co³⁺ d⁶sp³d² (बाह्य)अष्टफलकीय4अनुचुंबकीय, 4.90 BM
[Ni(CN)₄]²⁻Ni²⁺ d⁸dsp²वर्ग समतलीय0प्रतिचुंबकीय
[NiCl₄]²⁻Ni²⁺ d⁸sp³चतुष्फलकीय2अनुचुंबकीय, 2.83 BM
[Fe(CN)₆]³⁻Fe³⁺ d⁵d²sp³अष्टफलकीय1अनुचुंबकीय, 1.73 BM
[Fe(CN)₆]⁴⁻Fe²⁺ d⁶d²sp³अष्टफलकीय0प्रतिचुंबकीय

आंतरिक कक्षक (inner orbital) संकुल (n–1)d कक्षकों (d²sp³) का उपयोग करते हैं, जब प्रबल क्षेत्र लिगैंड इलेक्ट्रॉनों को युग्मित होने के लिए बाध्य करते हैं। बाह्य कक्षक (outer orbital) संकुल nd कक्षकों (sp³d²) का उपयोग करते हैं और इलेक्ट्रॉनों को अयुग्मित रखते हैं। [Ni(CO)₄] sp³, चतुष्फलकीय और प्रतिचुंबकीय है (शून्य अवस्था में Ni 3d¹⁰ है)।

VBT की सीमाएँ: यह चुंबकीय आँकड़ों की मात्रात्मक व्याख्या नहीं करता, संकुलों के रंग की व्याख्या नहीं करता, लिगैंडों की सापेक्ष सामर्थ्य नहीं देता (कोई स्पेक्ट्रोरासायनिक श्रेणी नहीं), और ऊष्मागतिक या गतिक स्थायित्व की मात्रात्मक व्याख्या नहीं करता।

क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत

लिगैंडों को बिंदु ऋणावेश माना जाता है। पाँच समान ऊर्जा वाले d कक्षक ऊर्जा में विपाटित हो जाते हैं।

अष्टफलकीय क्षेत्र। कक्षक dxy, dyz और dzx (t₂g) प्रत्येक 0.4 Δo नीचे होते हैं। कक्षक dz² और dx²–y² (eg) प्रत्येक 0.6 Δo ऊपर होते हैं। Δo क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जा है।

चतुष्फलकीय क्षेत्र। विपाटन उलटा होता है: e (दो कक्षक) नीचे और t₂ (तीन कक्षक) ऊपर होते हैं। Δt = 4/9 Δo, जो सदैव युग्मन ऊर्जा P से कम होता है, इसलिए चतुष्फलकीय संकुल उच्च प्रचक्रण वाले होते हैं।

उच्च और निम्न प्रचक्रण (d⁴ से d⁷, अष्टफलकीय)। यदि Δo < P (दुर्बल क्षेत्र) तो इलेक्ट्रॉन युग्मित होने से पहले eg में जाते हैं: उच्च प्रचक्रण। यदि Δo > P (प्रबल क्षेत्र) तो इलेक्ट्रॉन पहले t₂g में युग्मित होते हैं: निम्न प्रचक्रण।

स्पेक्ट्रोरासायनिक श्रेणी (क्षेत्र सामर्थ्य बढ़ते क्रम में): I⁻ < Br⁻ < SCN⁻ < Cl⁻ < S²⁻ < F⁻ < OH⁻ < C₂O₄²⁻ < H₂O < NCS⁻ < edta⁴⁻ < NH₃ < en < CN⁻ < CO।

CFSE (अष्टफलकीय) = (–0.4 × t₂g में संख्या + 0.6 × eg में संख्या) Δo, युग्मन ऊर्जा की उपेक्षा करते हुए।

विन्यासCFSE (Δo की इकाई में)
d¹–0.4
d³–1.2
d⁶ निम्न प्रचक्रण (t₂g⁶)–2.4
d⁶ उच्च प्रचक्रण (t₂g⁴ eg²)–0.4
d⁸ (t₂g⁶ eg²)–1.2
d⁹ (t₂g⁶ eg³)–0.6

हल किया गया उदाहरण 1: [Fe(CN)₆]⁴⁻ में Fe²⁺ (d⁶) निम्न प्रचक्रण, t₂g⁶ eg⁰ है, अतः CFSE = 6 × (–0.4) = –2.4 Δo, और अयुग्मित इलेक्ट्रॉन 0। उदाहरण 2: दुर्बल क्षेत्र में Co²⁺ (d⁷) t₂g⁵ eg² है: CFSE = 5(–0.4) + 2(0.6) = –0.8 Δo, अयुग्मित इलेक्ट्रॉन 3 और μ = √15 = 3.87 BM। उदाहरण 3: यदि Δo = 18000 cm⁻¹ है, तो Δt = 4/9 × 18000 = 8000 cm⁻¹।

रंग। संकुल d–d संक्रमण के लिए एक रंग का प्रकाश अवशोषित करता है और पूरक रंग का दिखाई देता है। बड़ा Δo कम तरंगदैर्ध्य पर अवशोषण दर्शाता है। लिगैंड बदलने से Δo बदलता है और इसलिए रंग भी: [Cu(H₂O)₄]²⁺ हल्का नीला है और [Cu(NH₃)₄]²⁺ गहरा नीला। d⁰ या d¹⁰ आयनों के संकुल (जैसे Zn²⁺ के संकुल) रंगहीन होते हैं।

संरचना से चुंबकीय आघूर्ण। d विन्यास और क्षेत्र सामर्थ्य से अयुग्मित इलेक्ट्रॉन गिनें, फिर μ = √(n(n+2)) BM का प्रयोग करें। [Fe(CN)₆]³⁻ (Fe³⁺ d⁵, प्रबल क्षेत्र, t₂g⁵) के लिए n = 1 और μ = √3 = 1.73 BM। [FeF₆]³⁻ (दुर्बल क्षेत्र, t₂g³ eg²) के लिए n = 5 और μ = √35 = 5.92 BM। [CoF₆]³⁻ (Co³⁺ d⁶, दुर्बल क्षेत्र, t₂g⁴ eg²) के लिए n = 4 और μ = √24 = 4.90 BM। एक ही आयन केवल लिगैंड के अनुसार उच्च प्रचक्रण या निम्न प्रचक्रण हो सकता है।

लिगैंड के साथ रंग क्यों बदलता है। जल, अमोनिया से दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए [Cu(NH₃)₄]²⁺ का Δo, [Cu(H₂O)₄]²⁺ के Δo से बड़ा होता है। अतः संकुल कम तरंगदैर्ध्य का प्रकाश अवशोषित करता है और भिन्न, गहरे नीले रंग का दिखता है। d⁰ आयन के संकुल में उत्तेजित करने के लिए कोई d इलेक्ट्रॉन नहीं होता, इसलिए वह रंगहीन होता है।

स्थायित्व। लिगैंड जितना प्रबल बंधित होता है, संकुल का स्थायित्व स्थिरांक उतना अधिक होता है। en और EDTA जैसे कीलेटन लिगैंड वलय बनाते हैं और एकदंतुक लिगैंडों से अधिक स्थायी संकुल देते हैं।

महत्त्व और अनुप्रयोग

  • गुणात्मक विश्लेषण: आधिक्य NH₃ के साथ Cu²⁺ गहरा नीला [Cu(NH₃)₄]²⁺ देता है; SCN⁻ के साथ Fe³⁺ रक्त-लाल [Fe(SCN)]²⁺ देता है; डाइमेथिलग्लाइऑक्सिम के साथ Ni²⁺ लाल अवक्षेप देता है।
  • धातुओं का निष्कर्षण: चाँदी और सोना साइनाइडो संकुलों [Ag(CN)₂]⁻ और [Au(CN)₂]⁻ के रूप में घुलते हैं और जिंक द्वारा पुनः प्राप्त किए जाते हैं। शुद्ध निकैल मॉन्ड प्रक्रम द्वारा वाष्पशील [Ni(CO)₄] से बनता है।
  • जैविक तंत्र: क्लोरोफिल Mg का संकुल है; हीमोग्लोबिन Fe का संकुल है; विटामिन B₁₂ (साइनोकोबालामिन) Co का संकुल है।
  • EDTA: जल की कठोरता के आकलन में (Ca²⁺ और Mg²⁺ EDTA संकुल बनाते हैं) और सीसा विषाक्तता के उपचार में प्रयुक्त होता है।
  • चिकित्सा: सिसप्लैटिन (cis-platin), cis-[Pt(NH₃)₂Cl₂], कैंसर-रोधी औषधि है।
  • फोटोग्राफी: AgBr को सोडियम थायोसल्फेट ("हाइपो") में [Ag(S₂O₃)₂]³⁻ के रूप में घोला जाता है।

NEET में सावधानियाँ

  • 1. उपसहसंयोजन गोले के भीतर का Cl⁻ AgCl अवक्षेपित नहीं करता; केवल प्रति-आयन करता है।
  • 2. प्राथमिक संयोजकता ऑक्सीकरण अवस्था है, द्वितीयक संयोजकता उपसहसंयोजन संख्या है।
  • 3. लिगैंड वर्णानुक्रम में लिखे जाते हैं (ammine, chlorido से पहले), आवेश के क्रम में नहीं; उपसर्ग di और tri अनदेखे किए जाते हैं।
  • 4. ऋणायनिक संकुलों में धातु के अंत में –ate आता है और Fe, Cu, Ag, Au के लिए लैटिन मूल प्रयुक्त होता है (ferrate, cuprate)।
  • 5. [Co(en)₃]³⁺ की उपसहसंयोजन संख्या 6 है, 3 नहीं।
  • 6. चतुष्फलकीय संकुल ज्यामितीय समावयवता नहीं दर्शाते, और Δt = 4/9 Δo।
  • 7. दुर्बल क्षेत्र लिगैंड का अर्थ दुर्बल आबंधन नहीं है: इसका अर्थ है छोटा Δo और उच्च प्रचक्रण। क्रम है I⁻ < Cl⁻ < H₂O < NH₃ < en < CN⁻ < CO।
  • 8. d²sp³ आंतरिक कक्षक है (निम्न प्रचक्रण, (n–1)d प्रयुक्त); sp³d² बाह्य कक्षक है (nd प्रयुक्त)।
  • 9. [Ni(CN)₄]²⁻ वर्ग समतलीय और प्रतिचुंबकीय है, परंतु [NiCl₄]²⁻ चतुष्फलकीय और अनुचुंबकीय है।
  • 10. trans-[CoCl₂(en)₂]⁺ प्रकाशिक निष्क्रिय है; cis सक्रिय है।

एक पंक्ति के तथ्य

  • 1. वर्नर ने CoCl₃·xNH₃ श्रेणी का अध्ययन किया, जिसमें x = 6, 5, 4 और 3 हैं।
  • 2. आधिक्य AgNO₃ के साथ [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂ प्रति मोल 2 mol AgCl देता है।
  • 3. EDTA षट्दंतुक लिगैंड है।
  • 4. NO₂⁻ और SCN⁻ उभयदंतुक लिगैंड हैं।
  • 5. बंधनी समावयवता के लिए उभयदंतुक लिगैंड आवश्यक है।
  • 6. [Co(NH₃)₆]³⁺ d²sp³, अष्टफलकीय और प्रतिचुंबकीय है।
  • 7. [CoF₆]³⁻ sp³d², अष्टफलकीय है और इसमें चार अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं।
  • 8. CN⁻ के साथ Ni²⁺ वर्ग समतलीय dsp² देता है; Cl⁻ के साथ चतुष्फलकीय sp³ देता है।
  • 9. t₂g औसत ऊर्जा से 0.4 Δo नीचे होता है; eg उससे 0.6 Δo ऊपर होता है।
  • 10. Δt = 4/9 Δo।
  • 11. CO और CN⁻ सबसे प्रबल क्षेत्र लिगैंडों में हैं; I⁻ सबसे दुर्बल में है।
  • 12. उच्च Δo का अर्थ है कम तरंगदैर्ध्य का अवशोषण।
  • 13. क्लोरोफिल में Mg, हीमोग्लोबिन में Fe और विटामिन B₁₂ में Co है।
  • 14. सिसप्लैटिन कैंसर के विरुद्ध प्रयुक्त होता है।
  • 15. EDTA अनुमापन Ca²⁺ और Mg²⁺ के कारण कठोरता मापता है।

अभ्यास प्रश्न

  1. अभिकथन (A): [Cu(H₂O)₄]²⁺ और [Cu(NH₃)₄]²⁺ के रंग भिन्न हैं। कारण (R): भिन्न लिगैंड भिन्न क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जाएँ उत्पन्न करते हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    लिगैंड के साथ Δo बदलता है, इसलिए अवशोषित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य बदल जाती है।

    Assertion (A): The colours of [Cu(H₂O)₄]²⁺ and [Cu(NH₃)₄]²⁺ are different. Reason (R): Different ligands cause different crystal field splitting energies.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  2. कठोर जल के 20 mL के Ca²⁺ से पूर्ण अभिक्रिया के लिए 0.01 M EDTA का 10 mL चाहिए (1:1 संकुल)। जल में Ca²⁺ की मोलरता क्या है?

    1. 0.01 M
    2. 0.05 M
    3. 0.0025 M
    4. 0.005 M
    उत्तर

    D. 0.005 M

    EDTA = 10 × 0.01 = 0.1 mmol = 20 mL में Ca²⁺; 0.1 mmol/20 mL = 0.005 M।

    20 mL of hard water needs 10 mL of 0.01 M EDTA to react completely with its Ca²⁺ (1:1 complex). What is the molarity of Ca²⁺ in the water?

    1. 0.01 M
    2. 0.05 M
    3. 0.0025 M
    4. 0.005 M
  3. अभिकथन (A): आधिक्य AgNO₃ के साथ [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂ प्रति मोल संकुल 2 mol AgCl देता है। कारण (R): उपसहसंयोजन गोले के बाहर केवल दो क्लोराइड आयन आयननीय हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    Co से बंधा Cl⁻ उपसहसंयोजन गोले का भाग है और अवक्षेपित नहीं होता।

    Assertion (A): [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂ gives 2 mol of AgCl with excess AgNO₃ per mole of complex. Reason (R): Only the two chloride ions outside the coordination sphere are ionisable.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  4. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: [Pt(NH₃)₂Cl₂] का trans समावयवी कैंसर-रोधी औषधि सिसप्लैटिन (cis-platin) है। कथन II: सिसप्लैटिन का उपयोग कैंसर के उपचार में होता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    कैंसर-रोधी औषधि cis समावयवी है।

    Given below are two statements: Statement I: The trans isomer of [Pt(NH₃)₂Cl₂] is the anticancer drug cis-platin. Statement II: cis-Platin is used in the treatment of cancer. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  5. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: Δo < P होने पर दुर्बल क्षेत्र लिगैंड उच्च प्रचक्रण अष्टफलकीय संकुल देते हैं। कथन II: स्पेक्ट्रोरासायनिक श्रेणी में I⁻, Cl⁻ से दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    छोटा Δo इलेक्ट्रॉनों को युग्मित होने से पहले eg में जाने देता है; श्रेणी का क्रम I⁻ < Br⁻ < Cl⁻ है।

    Given below are two statements: Statement I: Weak field ligands give high-spin octahedral complexes when Δo < P. Statement II: In the spectrochemical series I⁻ is a weaker field ligand than Cl⁻. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  6. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम क्षेत्र लिगैंड है?

    1. Cl⁻
    2. F⁻
    3. CN⁻
    4. H₂O
    उत्तर

    C. CN⁻

    स्पेक्ट्रोरासायनिक श्रेणी में CN⁻, H₂O, F⁻ और Cl⁻ से बहुत ऊपर है।

    Which of the following is the strongest field ligand?

    1. Cl⁻
    2. F⁻
    3. CN⁻
    4. H₂O
  7. अभिकथन (A): [Co(NH₃)₅(NO₂)]Cl₂ बंधनी समावयवता (linkage isomerism) दर्शाता है। कारण (R): NO₂⁻ उभयदंतुक लिगैंड है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    NO₂⁻ N या O से जुड़ सकता है, जिससे nitrito-N और nitrito-O समावयवी बनते हैं।

    Assertion (A): [Co(NH₃)₅(NO₂)]Cl₂ shows linkage isomerism. Reason (R): NO₂⁻ is an ambidentate ligand.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  8. K₂[PtCl₄] में प्लैटिनम की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?

    1. +3
    2. +2
    3. 0
    4. +4
    उत्तर

    B. +2

    2(+1) + x + 4(–1) = 0, अतः x = +2।

    What is the oxidation number of platinum in K₂[PtCl₄]?

    1. +3
    2. +2
    3. 0
    4. +4
  9. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: चतुष्फलकीय क्रिस्टल क्षेत्र में Δt = 4/9 Δo होता है। कथन II: चतुष्फलकीय संकुल सामान्यतः निम्न प्रचक्रण वाले होते हैं। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    Δt युग्मन ऊर्जा से छोटा होता है, इसलिए चतुष्फलकीय संकुल उच्च प्रचक्रण वाले होते हैं।

    Given below are two statements: Statement I: In a tetrahedral crystal field Δt = 4/9 Δo. Statement II: Tetrahedral complexes are generally low spin. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  10. 0.5 mol CoCl₃·5NH₃ (सूत्र [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂) को आधिक्य AgNO₃ विलयन से अभिकृत करने पर कितने मोल AgCl अवक्षेपित होते हैं?

    1. 1.5 mol
    2. 1.0 mol
    3. 3.0 mol
    4. 0.5 mol
    उत्तर

    B. 1.0 mol

    केवल गोले के बाहर के 2 Cl⁻ अवक्षेपित होते हैं: 0.5 × 2 = 1.0 mol।

    When 0.5 mol of CoCl₃·5NH₃ (formula [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂) is treated with excess AgNO₃ solution, how many moles of AgCl are precipitated?

    1. 1.5 mol
    2. 1.0 mol
    3. 3.0 mol
    4. 0.5 mol
  11. सूची I के संकुल का मिलान सूची II में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या से कीजिए। सूची I: a. [Fe(CN)₆]⁴⁻ b. [Fe(CN)₆]³⁻ c. [FeF₆]³⁻ d. [NiCl₄]²⁻। सूची II: i. 0 ii. 1 iii. 5 iv. 2।

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    उत्तर

    B. a-i, b-ii, c-iii, d-iv

    Fe²⁺ निम्न प्रचक्रण t₂g⁶ में 0; Fe³⁺ निम्न प्रचक्रण t₂g⁵ में 1; Fe³⁺ उच्च प्रचक्रण में 5; चतुष्फलकीय Ni²⁺ में 2।

    Match the complex in List I with the number of unpaired electrons in List II. List I: a. [Fe(CN)₆]⁴⁻ b. [Fe(CN)₆]³⁻ c. [FeF₆]³⁻ d. [NiCl₄]²⁻. List II: i. 0 ii. 1 iii. 5 iv. 2.

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
  12. K₃[Fe(CN)₆] का IUPAC नाम क्या है?

    1. Potassium hexacyanidoferrate(II)
    2. Potassium hexacyanoiron(III)
    3. Potassium hexacyanidoferrate(III)
    4. Tripotassium hexacyanidoferrate(III)
    उत्तर

    C. Potassium hexacyanidoferrate(III)

    संकुल आयन ऋणायन है, इसलिए आयरन ferrate बन जाता है; लवण के लिए 3 + x – 6 = 0 से Fe +3 आता है।

    What is the IUPAC name of K₃[Fe(CN)₆]?

    1. Potassium hexacyanidoferrate(II)
    2. Potassium hexacyanoiron(III)
    3. Potassium hexacyanidoferrate(III)
    4. Tripotassium hexacyanidoferrate(III)
  13. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: EDTA षट्दंतुक लिगैंड है। कथन II: कीलेट संकुल, तुलनीय एकदंतुक लिगैंडों के संकुलों से अधिक स्थायी होते हैं। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    EDTA 2 N और 4 O परमाणुओं से जुड़ता है; वलय बनने (कीलेट प्रभाव) से स्थायित्व बढ़ता है।

    Given below are two statements: Statement I: EDTA is a hexadentate ligand. Statement II: Chelate complexes are more stable than complexes of comparable unidentate ligands. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  14. निम्नलिखित में से कौन-सा संकुल ज्यामितीय समावयवता दर्शाता है?

    1. [Fe(CN)₆]⁴⁻
    2. [Co(NH₃)₅Cl]²⁺
    3. [Ni(CO)₄]
    4. [Pt(NH₃)₂Cl₂] (वर्ग समतलीय)
    उत्तर

    D. [Pt(NH₃)₂Cl₂] (वर्ग समतलीय)

    वर्ग समतलीय MA₂B₂ के cis और trans रूप होते हैं; अन्य में लिगैंडों की केवल एक व्यवस्था होती है।

    Which of the following complexes shows geometrical isomerism?

    1. [Fe(CN)₆]⁴⁻
    2. [Co(NH₃)₅Cl]²⁺
    3. [Ni(CO)₄]
    4. [Pt(NH₃)₂Cl₂] (square planar)
  15. प्रतिचुंबकीय संकुल [Ni(CN)₄]²⁻ में निकैल का संकरण क्या है?

    1. d²sp³
    2. sp³
    3. sp³d²
    4. dsp²
    उत्तर

    D. dsp²

    Ni²⁺ 3d⁸ है; प्रबल क्षेत्र CN⁻ इलेक्ट्रॉनों को युग्मित कर देता है, जिससे एक 3d कक्षक dsp² (वर्ग समतलीय) के लिए रिक्त रहता है।

    What is the hybridisation of nickel in the diamagnetic complex [Ni(CN)₄]²⁻?

    1. d²sp³
    2. sp³
    3. sp³d²
    4. dsp²
  16. [Zn(NH₃)₄]²⁺ रंगहीन है परंतु [Cu(NH₃)₄]²⁺ गहरा नीला है। इसका कारण क्या है?

    1. Zn²⁺ आयन, Cu²⁺ से बड़ा है
    2. Zn²⁺ d¹⁰ है और इसमें d–d संक्रमण नहीं होता, परंतु Cu²⁺ d⁹ है
    3. NH₃ केवल Zn²⁺ के लिए दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है
    4. Zn²⁺ में पाँच अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं
    उत्तर

    B. Zn²⁺ d¹⁰ है और इसमें d–d संक्रमण नहीं होता, परंतु Cu²⁺ d⁹ है

    d–d संक्रमण के लिए रिक्त d स्तर चाहिए; Zn²⁺ के पूर्ण d¹⁰ उपकोश में कोई रिक्त स्तर नहीं है।

    [Zn(NH₃)₄]²⁺ is colourless but [Cu(NH₃)₄]²⁺ is deep blue. What is the reason?

    1. Zn²⁺ is a larger ion than Cu²⁺
    2. Zn²⁺ is d¹⁰ and has no d–d transition, but Cu²⁺ is d⁹
    3. NH₃ is a weak field ligand for Zn²⁺ only
    4. Zn²⁺ has five unpaired electrons
  17. अभिकथन (A): [Ni(CN)₄]²⁻ प्रतिचुंबकीय है। कारण (R): CN⁻ आयन ऋणावेशित होता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

    यह प्रतिचुंबकीय है क्योंकि प्रबल क्षेत्र CN⁻, Ni²⁺ के d इलेक्ट्रॉनों को युग्मित कर देता है (dsp²); ऋणावेश इसका कारण नहीं है।

    Assertion (A): [Ni(CN)₄]²⁻ is diamagnetic. Reason (R): The CN⁻ ion carries a negative charge.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  18. अभिकथन (A): चतुष्फलकीय संकुल उच्च प्रचक्रण वाले होते हैं। कारण (R): चतुष्फलकीय संकुलों में Δt युग्मन ऊर्जा से बड़ा होता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    C. A सत्य है लेकिन R असत्य है

    Δt = 4/9 Δo युग्मन ऊर्जा से छोटा है, इसी कारण ये उच्च प्रचक्रण वाले हैं।

    Assertion (A): Tetrahedral complexes are high spin. Reason (R): Δt is larger than the pairing energy in tetrahedral complexes.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  19. चतुष्फलकीय संकुल [NiCl₄]²⁻ का प्रचक्रण-मात्र चुंबकीय आघूर्ण क्या है?

    1. 1.73 BM
    2. 3.87 BM
    3. 0 BM
    4. 2.83 BM
    उत्तर

    D. 2.83 BM

    Cl⁻ के साथ Ni²⁺ (3d⁸) sp³ है जिसमें 2 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं: √(2×4) = 2.83 BM।

    What is the spin-only magnetic moment of the tetrahedral complex [NiCl₄]²⁻?

    1. 1.73 BM
    2. 3.87 BM
    3. 0 BM
    4. 2.83 BM
  20. क्रोमियम क्लोराइड हाइड्रेट CrCl₃·6H₂O का 0.01 mol आधिक्य AgNO₃ के साथ 0.02 mol AgCl देता है। इसका सूत्र क्या है?

    1. [Cr(H₂O)₃Cl₃]·3H₂O
    2. [Cr(H₂O)₄Cl₂]Cl·2H₂O
    3. [Cr(H₂O)₅Cl]Cl₂·H₂O
    4. [Cr(H₂O)₆]Cl₃
    उत्तर

    C. [Cr(H₂O)₅Cl]Cl₂·H₂O

    प्रति सूत्र इकाई दो Cl⁻ आयननीय हैं (0.02/0.01), अतः एक Cl गोले के भीतर पाँच H₂O के साथ है (CN = 6) और एक H₂O बाहर है।

    0.01 mol of a chromium chloride hydrate, CrCl₃·6H₂O, gives 0.02 mol AgCl with excess AgNO₃. What is its formula?

    1. [Cr(H₂O)₃Cl₃]·3H₂O
    2. [Cr(H₂O)₄Cl₂]Cl·2H₂O
    3. [Cr(H₂O)₅Cl]Cl₂·H₂O
    4. [Cr(H₂O)₆]Cl₃
  21. विटामिन B₁₂ (साइनोकोबालामिन) में कौन-सी धातु उपस्थित है?

    1. कोबाल्ट
    2. जिंक
    3. आयरन
    4. मैग्नीशियम
    उत्तर

    A. कोबाल्ट

    विटामिन B₁₂ कोबाल्ट का संकुल है; क्लोरोफिल में Mg और हीमोग्लोबिन में Fe होता है।

    Which metal is present in vitamin B₁₂ (cyanocobalamin)?

    1. Cobalt
    2. Zinc
    3. Iron
    4. Magnesium
  22. [Pt(en)Cl₂] में प्लैटिनम की उपसहसंयोजन संख्या क्या है? (en = ethane-1,2-diamine)

    1. 2
    2. 3
    3. 6
    4. 4
    उत्तर

    D. 4

    en द्विदंतुक है (2 दाता परमाणु) और प्रत्येक Cl⁻ एकदंतुक है: 2 + 2 = 4।

    What is the coordination number of platinum in [Pt(en)Cl₂]? (en = ethane-1,2-diamine)

    1. 2
    2. 3
    3. 6
    4. 4
  23. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: [Ni(CN)₄]²⁻ चतुष्फलकीय है। कथन II: [Ni(CN)₄]²⁻ अनुचुंबकीय है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं

    यह वर्ग समतलीय (dsp²) और प्रतिचुंबकीय है, जबकि [NiCl₄]²⁻ चतुष्फलकीय और अनुचुंबकीय है।

    Given below are two statements: Statement I: [Ni(CN)₄]²⁻ is tetrahedral. Statement II: [Ni(CN)₄]²⁻ is paramagnetic. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  24. [CoF₆]³⁻ में कितने अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं?

    1. 4
    2. 0
    3. 2
    4. 5
    उत्तर

    A. 4

    F⁻ दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए Co³⁺ (3d⁶) उच्च प्रचक्रण रहता है: t₂g⁴ eg² से 4 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन (बाह्य कक्षक, sp³d²)।

    How many unpaired electrons are there in [CoF₆]³⁻?

    1. 4
    2. 0
    3. 2
    4. 5
  25. निम्नलिखित अष्टफलकीय संकुलों में से किसमें त्रिविम समावयवियों की संख्या सर्वाधिक है?

    1. [Co(en)₃]³⁺
    2. [Co(NH₃)₅Cl]²⁺
    3. [Co(en)₂Cl₂]⁺
    4. [Co(NH₃)₃Cl₃]
    उत्तर

    C. [Co(en)₂Cl₂]⁺

    [Co(en)₂Cl₂]⁺ में trans तथा cis के प्रतिबिंब रूप युग्म = 3; [Co(en)₃]³⁺ में 2, [Co(NH₃)₃Cl₃] में 2 (fac, mer), [Co(NH₃)₅Cl]²⁺ में 1।

    Which of the following octahedral complexes has the greatest number of stereoisomers?

    1. [Co(en)₃]³⁺
    2. [Co(NH₃)₅Cl]²⁺
    3. [Co(en)₂Cl₂]⁺
    4. [Co(NH₃)₃Cl₃]
  26. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: चतुष्फलकीय संकुल cis–trans समावयवता दर्शाते हैं। कथन II: [CoF₆]³⁻ निम्न प्रचक्रण संकुल है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं

    चतुष्फलकीय संकुलों में ज्यामितीय समावयवी नहीं होते; F⁻ दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए [CoF₆]³⁻ उच्च प्रचक्रण है।

    Given below are two statements: Statement I: Tetrahedral complexes show cis–trans isomerism. Statement II: [CoF₆]³⁻ is a low-spin complex. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  27. सूची I के समावयवी युग्म का मिलान सूची II की समावयवता के प्रकार से कीजिए। सूची I: a. [Co(NH₃)₅(NO₂)]Cl₂ और [Co(NH₃)₅(ONO)]Cl₂ b. [Co(NH₃)₆][Cr(CN)₆] और [Cr(NH₃)₆][Co(CN)₆] c. [Co(NH₃)₅Br]SO₄ और [Co(NH₃)₅SO₄]Br d. [Cr(H₂O)₆]Cl₃ और [Cr(H₂O)₅Cl]Cl₂·H₂O। सूची II: i. उपसहसंयोजन ii. बंधनी iii. विलायकयोजन (हाइड्रेट) iv. आयननीय।

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-iv, b-i, c-ii, d-iii
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
    उत्तर

    D. a-ii, b-i, c-iv, d-iii

    NO₂ बनाम ONO बंधनी है; धातु-लिगैंड समुच्चयों का विनिमय उपसहसंयोजन है; SO₄ और Br की अदला-बदली आयननीय है; H₂O बनाम Cl की अदला-बदली विलायकयोजन है।

    Match the pair of isomers in List I with the type of isomerism in List II. List I: a. [Co(NH₃)₅(NO₂)]Cl₂ and [Co(NH₃)₅(ONO)]Cl₂ b. [Co(NH₃)₆][Cr(CN)₆] and [Cr(NH₃)₆][Co(CN)₆] c. [Co(NH₃)₅Br]SO₄ and [Co(NH₃)₅SO₄]Br d. [Cr(H₂O)₆]Cl₃ and [Cr(H₂O)₅Cl]Cl₂·H₂O. List II: i. Coordination ii. Linkage iii. Solvate (hydrate) iv. Ionisation.

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-iv, b-i, c-ii, d-iii
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
  28. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: [Co(NH₃)₆]³⁺ प्रतिचुंबकीय है। कथन II: [Co(NH₃)₆]³⁺ d²sp³ संकरण वाला आंतरिक कक्षक संकुल है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    प्रबल क्षेत्र NH₃ के साथ Co³⁺ (3d⁶) सभी इलेक्ट्रॉनों को युग्मित कर देता है और दो 3d कक्षकों का उपयोग करता है।

    Given below are two statements: Statement I: [Co(NH₃)₆]³⁺ is diamagnetic. Statement II: [Co(NH₃)₆]³⁺ is an inner orbital complex with d²sp³ hybridisation. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  29. सूची I का मिलान सूची II से कीजिए। सूची I: a. [Co(NH₃)₆]³⁺ b. [CoF₆]³⁻ c. [Ni(CN)₄]²⁻ d. [NiCl₄]²⁻। सूची II: i. sp³ ii. dsp² iii. d²sp³ iv. sp³d²।

    1. a-iv, b-iii, c-ii, d-i
    2. a-ii, b-iv, c-iii, d-i
    3. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    4. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    उत्तर

    C. a-iii, b-iv, c-ii, d-i

    निम्न प्रचक्रण Co³⁺ d²sp³; उच्च प्रचक्रण Co³⁺ sp³d²; CN⁻ के साथ Ni²⁺ dsp²; Cl⁻ के साथ Ni²⁺ sp³।

    Match List I with List II. List I: a. [Co(NH₃)₆]³⁺ b. [CoF₆]³⁻ c. [Ni(CN)₄]²⁻ d. [NiCl₄]²⁻. List II: i. sp³ ii. dsp² iii. d²sp³ iv. sp³d².

    1. a-iv, b-iii, c-ii, d-i
    2. a-ii, b-iv, c-iii, d-i
    3. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    4. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
  30. वर्नर के सिद्धांत में केंद्रीय धातु की प्राथमिक संयोजकता किसके बराबर होती है?

    1. गोले के बाहर प्रति-आयनों की संख्या
    2. लिगैंड दाता परमाणुओं की संख्या
    3. उपसहसंयोजन संख्या
    4. ऑक्सीकरण अवस्था
    उत्तर

    D. ऑक्सीकरण अवस्था

    प्राथमिक संयोजकता आयननीय होती है और ऑक्सीकरण अवस्था के बराबर होती है; द्वितीयक संयोजकता उपसहसंयोजन संख्या के बराबर होती है।

    In Werner's theory, the primary valence of the central metal is equal to its

    1. number of counter ions outside the sphere
    2. number of ligand donor atoms
    3. coordination number
    4. oxidation state
  31. Co²⁺ (d⁷) के उच्च प्रचक्रण अष्टफलकीय संकुल की CFSE (युग्मन ऊर्जा की उपेक्षा करते हुए) क्या है?

    1. –1.2 Δo
    2. –0.8 Δo
    3. –0.4 Δo
    4. –1.8 Δo
    उत्तर

    B. –0.8 Δo

    t₂g⁵ eg²: 5(–0.4) + 2(0.6) = –2.0 + 1.2 = –0.8 Δo।

    A high-spin octahedral complex of Co²⁺ (d⁷) has what CFSE (pairing energy ignored)?

    1. –1.2 Δo
    2. –0.8 Δo
    3. –0.4 Δo
    4. –1.8 Δo
  32. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: उपसहसंयोजन यौगिकों के नामों में लिगैंड वर्णानुक्रम में लिखे जाते हैं। कथन II: ऋणायनिक संकुल का नाम –ide पर समाप्त होता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    ऋणायनिक संकुलों के नाम –ate पर समाप्त होते हैं (जैसे ferrate); लिगैंड वर्णानुक्रम में होते हैं।

    Given below are two statements: Statement I: In names of coordination compounds the ligands are cited in alphabetical order. Statement II: The name of an anionic complex ends with –ide. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  33. अष्टफलकीय संकुल में किसी धातु आयन के लिए Δo = 22500 cm⁻¹ है। उसी लिगैंड के साथ चतुष्फलकीय संकुल में Δt क्या होगा?

    1. 12500 cm⁻¹
    2. 33750 cm⁻¹
    3. 5000 cm⁻¹
    4. 10000 cm⁻¹
    उत्तर

    D. 10000 cm⁻¹

    Δt = 4/9 Δo = 4/9 × 22500 = 10000 cm⁻¹।

    For a metal ion with Δo = 22500 cm⁻¹ in an octahedral complex, what is Δt for the same ligand in a tetrahedral complex?

    1. 12500 cm⁻¹
    2. 33750 cm⁻¹
    3. 5000 cm⁻¹
    4. 10000 cm⁻¹
  34. सूची I के सूत्र का मिलान सूची II में उसके IUPAC नाम से कीजिए। सूची I: a. [Co(NH₃)₆]Cl₃ b. K₄[Fe(CN)₆] c. [Ni(CO)₄] d. [Pt(NH₃)₂Cl₂]। सूची II: i. Tetracarbonylnickel(0) ii. Diamminedichloridoplatinum(II) iii. Potassium hexacyanidoferrate(II) iv. Hexaamminecobalt(III) chloride।

    1. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    2. a-iv, b-iii, c-ii, d-i
    3. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    4. a-i, b-iii, c-iv, d-ii
    उत्तर

    C. a-iv, b-iii, c-i, d-ii

    प्रत्येक सूत्र का मिलान उसकी ऑक्सीकरण अवस्था और लिगैंड नामों से कीजिए: Co(III), Fe(II) (4 + x – 6 = 0 से 2), Ni(0), Pt(II)।

    Match the formula in List I with its IUPAC name in List II. List I: a. [Co(NH₃)₆]Cl₃ b. K₄[Fe(CN)₆] c. [Ni(CO)₄] d. [Pt(NH₃)₂Cl₂]. List II: i. Tetracarbonylnickel(0) ii. Diamminedichloridoplatinum(II) iii. Potassium hexacyanidoferrate(II) iv. Hexaamminecobalt(III) chloride.

    1. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    2. a-iv, b-iii, c-ii, d-i
    3. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    4. a-i, b-iii, c-iv, d-ii
  35. लिगैंड क्षेत्र सामर्थ्य का सही बढ़ता क्रम कौन-सा है?

    1. I⁻ < H₂O < Cl⁻ < NH₃ < CN⁻
    2. I⁻ < Cl⁻ < H₂O < NH₃ < CN⁻
    3. Cl⁻ < I⁻ < H₂O < NH₃ < CN⁻
    4. I⁻ < Cl⁻ < NH₃ < H₂O < CN⁻
    उत्तर

    B. I⁻ < Cl⁻ < H₂O < NH₃ < CN⁻

    स्पेक्ट्रोरासायनिक श्रेणी: I⁻ < Br⁻ < Cl⁻ < F⁻ < H₂O < NH₃ < en < CN⁻ < CO।

    Which is the correct order of increasing ligand field strength?

    1. I⁻ < H₂O < Cl⁻ < NH₃ < CN⁻
    2. I⁻ < Cl⁻ < H₂O < NH₃ < CN⁻
    3. Cl⁻ < I⁻ < H₂O < NH₃ < CN⁻
    4. I⁻ < Cl⁻ < NH₃ < H₂O < CN⁻
  36. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: [Co(NH₃)₅Br]SO₄ और [Co(NH₃)₅SO₄]Br उपसहसंयोजन समावयवी हैं। कथन II: दोनों समावयवी भिन्न अवक्षेप देते हैं: BaCl₂ एक का सल्फेट अवक्षेपित करता है और AgNO₃ दूसरे का ब्रोमाइड अवक्षेपित करता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    ये आयननीय समावयवी हैं क्योंकि SO₄²⁻ और Br⁻ गोले के भीतर और बाहर स्थान बदलते हैं; कथन II सत्य है।

    Given below are two statements: Statement I: [Co(NH₃)₅Br]SO₄ and [Co(NH₃)₅SO₄]Br are coordination isomers. Statement II: The two isomers give different precipitates: BaCl₂ precipitates the sulphate of one and AgNO₃ precipitates the bromide of the other. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  37. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. [Co(en)₃]³⁺ प्रकाशिक समावयवता दर्शाता है। 2. cis-[CoCl₂(en)₂]⁺ प्रकाशिक सक्रिय है। 3. trans-[CoCl₂(en)₂]⁺ प्रकाशिक सक्रिय है।

    1. 1, 2 और 3
    2. 1 और 2 केवल
    3. 2 और 3 केवल
    4. 1 और 3 केवल
    उत्तर

    B. 1 और 2 केवल

    [Co(en)₃]³⁺ और cis रूप में दर्पण तल नहीं होता (इनके प्रतिबिंब रूप होते हैं); trans रूप में दर्पण तल होता है और वह प्रकाशिक निष्क्रिय है।

    Which of the following statements are correct? 1. [Co(en)₃]³⁺ shows optical isomerism. 2. cis-[CoCl₂(en)₂]⁺ is optically active. 3. trans-[CoCl₂(en)₂]⁺ is optically active.

    1. 1, 2 and 3
    2. 1 and 2 only
    3. 2 and 3 only
    4. 1 and 3 only
  38. एक अष्टफलकीय Fe²⁺ संकुल का चुंबकीय आघूर्ण 4.90 BM है। इसकी CFSE (युग्मन ऊर्जा की उपेक्षा करते हुए) क्या है?

    1. –0.4 Δo
    2. –2.4 Δo
    3. –1.2 Δo
    4. –0.8 Δo
    उत्तर

    A. –0.4 Δo

    4.90 BM का अर्थ 4 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन है, अतः d⁶ उच्च प्रचक्रण: t₂g⁴ eg² से –1.6 + 1.2 = –0.4 Δo।

    An octahedral Fe²⁺ complex has a magnetic moment of 4.90 BM. What is its CFSE (pairing energy ignored)?

    1. –0.4 Δo
    2. –2.4 Δo
    3. –1.2 Δo
    4. –0.8 Δo
  39. सूची I के यौगिक का मिलान सूची II में उसमें उपस्थित धातु से कीजिए। सूची I: a. क्लोरोफिल b. हीमोग्लोबिन c. विटामिन B₁₂ d. सिसप्लैटिन (cis-platin)। सूची II: i. Co ii. Pt iii. Mg iv. Fe।

    1. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    2. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    3. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    4. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    उत्तर

    A. a-iii, b-iv, c-i, d-ii

    क्लोरोफिल में Mg, हीमोग्लोबिन में Fe, विटामिन B₁₂ में Co, सिसप्लैटिन में Pt।

    Match the compound in List I with the metal it contains in List II. List I: a. Chlorophyll b. Haemoglobin c. Vitamin B₁₂ d. cis-Platin. List II: i. Co ii. Pt iii. Mg iv. Fe.

    1. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    2. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    3. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    4. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
  40. सूची I की अष्टफलकीय विन्यास का मिलान सूची II में उसकी CFSE से कीजिए। सूची I: a. d³ b. d⁶ (निम्न प्रचक्रण) c. d⁶ (उच्च प्रचक्रण) d. d⁹। सूची II: i. –0.4 Δo ii. –0.6 Δo iii. –1.2 Δo iv. –2.4 Δo।

    1. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    2. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    3. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    4. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    उत्तर

    C. a-iii, b-iv, c-i, d-ii

    d³ t₂g³ = –1.2; d⁶ निम्न t₂g⁶ = –2.4; d⁶ उच्च t₂g⁴eg² = –1.6 + 1.2 = –0.4; d⁹ t₂g⁶eg³ = –2.4 + 1.8 = –0.6 Δo।

    Match the octahedral configuration in List I with its CFSE in List II. List I: a. d³ b. d⁶ (low spin) c. d⁶ (high spin) d. d⁹. List II: i. –0.4 Δo ii. –0.6 Δo iii. –1.2 Δo iv. –2.4 Δo.

    1. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    2. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    3. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    4. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
  41. कोबाल्ट(III) संकुल CoCl₃·4NH₃ प्रति मोल 1 mol AgCl देता है और 1:1 विद्युत-अपघट्य की भाँति चालन करता है। इसका सूत्र क्या है और यह विलयन में कितने आयन देता है?

    1. [Co(NH₃)₄Cl₂]Cl, 3 आयन
    2. [Co(NH₃)₄Cl]Cl₂, 3 आयन
    3. [Co(NH₃)₃Cl₃], 0 आयन
    4. [Co(NH₃)₄Cl₂]Cl, 2 आयन
    उत्तर

    D. [Co(NH₃)₄Cl₂]Cl, 2 आयन

    एक आयननीय Cl⁻ और उपसहसंयोजन संख्या 6 (4 NH₃ + 2 Cl⁻) से [Co(NH₃)₄Cl₂]⁺ और Cl⁻ बनते हैं: 2 आयन।

    A cobalt(III) complex CoCl₃·4NH₃ gives 1 mol AgCl per mole and conducts as a 1:1 electrolyte. What is its formula and the number of ions it gives in solution?

    1. [Co(NH₃)₄Cl₂]Cl, 3 ions
    2. [Co(NH₃)₄Cl]Cl₂, 3 ions
    3. [Co(NH₃)₃Cl₃], 0 ions
    4. [Co(NH₃)₄Cl₂]Cl, 2 ions
  42. निम्नलिखित में से कौन-सा उभयदंतुक लिगैंड है?

    1. C₂O₄²⁻
    2. en
    3. NO₂⁻
    4. NH₃
    उत्तर

    C. NO₂⁻

    NO₂⁻ N (nitrito-N) या O (nitrito-O) से जुड़ सकता है; en और ऑक्सैलेट द्विदंतुक हैं, NH₃ एकदंतुक है।

    Which of the following is an ambidentate ligand?

    1. C₂O₄²⁻
    2. en
    3. NO₂⁻
    4. NH₃
  43. अभिकथन (A): [Fe(CN)₆]³⁻ उच्च प्रचक्रण संकुल है। कारण (R): CN⁻ प्रबल क्षेत्र लिगैंड है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    D. A असत्य है लेकिन R सत्य है

    प्रबल क्षेत्र CN⁻ युग्मन के लिए बाध्य करता है, इसलिए [Fe(CN)₆]³⁻ निम्न प्रचक्रण है जिसमें एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन है।

    Assertion (A): [Fe(CN)₆]³⁻ is a high-spin complex. Reason (R): CN⁻ is a strong field ligand.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  44. निम्न प्रचक्रण d⁶ अष्टफलकीय संकुल की क्रिस्टल क्षेत्र स्थायीकरण ऊर्जा (युग्मन ऊर्जा की उपेक्षा करते हुए) क्या है?

    1. –0.4 Δo
    2. –2.4 Δo
    3. –1.2 Δo
    4. –1.6 Δo
    उत्तर

    B. –2.4 Δo

    t₂g⁶ eg⁰: 6 × (–0.4) = –2.4 Δo।

    What is the crystal field stabilisation energy of a low-spin d⁶ octahedral complex (pairing energy ignored)?

    1. –0.4 Δo
    2. –2.4 Δo
    3. –1.2 Δo
    4. –1.6 Δo
  45. लिगैंड EDTA⁴⁻ में कितने दाता परमाणु होते हैं?

    1. 6
    2. 2
    3. 4
    4. 8
    उत्तर

    A. 6

    EDTA षट्दंतुक है: दो नाइट्रोजन परमाणु और कार्बोक्सिलेट समूहों के चार ऑक्सीजन परमाणु।

    How many donor atoms does the ligand EDTA⁴⁻ have?

    1. 6
    2. 2
    3. 4
    4. 8
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