जैविक वर्गीकरण
याद रखने योग्य बातें
- व्हिटेकर (Whittaker, 1969) ने कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण की विधि, जनन और जातिवृत्तीय (phylogenetic) संबंधों के आधार पर पाँच जगत प्रस्तावित किए: मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, प्लांटी और एनिमेलिया।
- मोनेरा प्रोकैरियोट (असीमकेंद्रकी) हैं; प्रोटिस्टा, कवक, प्लांटी और एनिमेलिया यूकैरियोट (सीमकेंद्रकी) हैं; कवक की कोशिका भित्ति में काइटिन (chitin) होता है, पादप की कोशिका भित्ति में सेलुलोज होता है, और जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती।
- कवकों को फाइकोमाइसीटीज, एस्कोमाइसीटीज, बेसिडियोमाइसीटीज और ड्यूटेरोमाइसीटीज में वर्गीकृत किया जाता है; इनके बीजाणु क्रमशः युग्मकबीजाणु (zygospore), आसंधबीजाणु (ascospore), बेसिडियोबीजाणु (basidiospore) और कोनिडिया (conidia) हैं, और ड्यूटेरोमाइसीटीज में कोई ज्ञात लैंगिक अवस्था नहीं होती।
- विषाणुओं (viruses) में प्रोटीन आवरण के भीतर DNA या RNA होता है और वे पोषी कोशिका के बाहर निष्क्रिय रहते हैं; विरॉइड (viroid) प्रोटीन आवरण रहित मुक्त RNA होते हैं; प्रायन (prion) असामान्य रूप से मुड़े हुए संक्रामक प्रोटीन हैं; लाइकेन शैवाल और कवक का सहजीवी संगठन हैं।
वर्गीकरण का इतिहास
अरस्तू वर्गीकरण को वैज्ञानिक आधार देने का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल आकारिकीय लक्षणों का उपयोग किया। उन्होंने पादपों को वृक्ष, झाड़ी और शाक में बाँटा। उन्होंने जंतुओं को दो समूहों में बाँटा: लाल रक्त वाले और बिना लाल रक्त वाले।
बाद में लिनियस ने द्विजगत पद्धति दी, जिसमें प्लांटी और एनिमेलिया दो जगत थे। इस पद्धति में यूकैरियोट और प्रोकैरियोट, एककोशिकीय और बहुकोशिकीय, तथा प्रकाश-संश्लेषी (हरे शैवाल) और अप्रकाश-संश्लेषी (कवक) जीवों में कोई भेद नहीं किया गया। जीवाणु, कवक और शैवाल सभी को पादपों में रखा गया, यद्यपि वे पादपों से बहुत भिन्न हैं। इसी कारण अन्य पद्धतियाँ प्रस्तावित की गईं जिनमें कोशिका संरचना, कोशिका भित्ति की प्रकृति, पोषण की विधि, आवास, जनन की विधियों और विकासीय संबंधों को ध्यान में रखा गया।
पाँच जगत वर्गीकरण
आर.एच. व्हिटेकर (1969) ने पाँच जगत वर्गीकरण प्रस्तावित किया। ये जगत हैं मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, प्लांटी और एनिमेलिया। मुख्य मानदंड थे कोशिका संरचना, थैलस संगठन, पोषण की विधि, जनन और जातिवृत्तीय संबंध।
| लक्षण | मोनेरा | प्रोटिस्टा | कवक | प्लांटी | एनिमेलिया |
|---|---|---|---|---|---|
| कोशिका का प्रकार | प्रोकैरियोटिक | यूकैरियोटिक | यूकैरियोटिक | यूकैरियोटिक | यूकैरियोटिक |
| कोशिका भित्ति | गैर-सेलुलोजी (पॉलीसैकेराइड और अमीनो अम्ल) | कुछ में उपस्थित | उपस्थित, काइटिन और पॉलीसैकेराइड सहित | उपस्थित, सेलुलोज | अनुपस्थित |
| केंद्रक झिल्ली | अनुपस्थित | उपस्थित | उपस्थित | उपस्थित | उपस्थित |
| शारीरिक संगठन | कोशिकीय | कोशिकीय | बहुकोशिकीय या शिथिल ऊतक | ऊतक और अंग | ऊतक, अंग और अंग तंत्र |
| पोषण की विधि | स्वपोषी (रसायन-संश्लेषी और प्रकाश-संश्लेषी) और परपोषी (मृतोपजीवी और परजीवी) | स्वपोषी (प्रकाश-संश्लेषी) और परपोषी | परपोषी (मृतोपजीवी और परजीवी) | स्वपोषी (प्रकाश-संश्लेषी) | परपोषी (प्राणिसम और अन्य) |
पाँच जगत पद्धति विकासीय संबंधों को दर्शाती है। विषाणु, विरॉइड और लाइकेन को पाँच जगतों में से किसी में नहीं रखा गया।
जीवन के तीन डोमेन
कोशिकाओं के आणविक लक्षणों पर बाद के कार्य से तीन डोमेन (domain) की पद्धति बनी: आर्किया (Archaea), बैक्टीरिया (Bacteria) और यूकैरिया (Eukarya)। आर्किबैक्टीरिया को डोमेन आर्किया में और वास्तविक जीवाणुओं (यूबैक्टीरिया) को डोमेन बैक्टीरिया में रखा गया है। सभी यूकैरियोट डोमेन यूकैरिया में रखे गए हैं।
जगत मोनेरा
मोनेरा में सभी जीवाणु सम्मिलित हैं। जीवाणु इस जगत के एकमात्र सदस्य हैं। वे सबसे अधिक पाए जाने वाले सूक्ष्मजीव हैं और लगभग हर जगह, गर्म झरनों से लेकर गहरे महासागरों तक, पाए जाते हैं। वे एककोशिकीय और प्रोकैरियोटिक हैं। उनमें सबसे व्यापक उपापचयी विविधता होती है। कुछ स्वपोषी (प्रकाश-संश्लेषी या रसायन-संश्लेषी) होते हैं, और अधिकांश परपोषी होते हैं।
आर्किबैक्टीरिया (Archaebacteria)। ये जीवाणु कठोर परिस्थितियों में रहते हैं। इनकी कोशिका भित्ति की संरचना भिन्न होती है, जो इन्हें चरम परिस्थितियों में जीवित रहने में सहायता करती है। इनके तीन प्रकार हैं:
- हैलोफिल (Halophiles): अत्यधिक नमकीन क्षेत्रों में रहते हैं।
- थर्मोएसिडोफिल (Thermoacidophiles): गर्म झरनों में रहते हैं, जो गर्म और अम्लीय होते हैं।
- मेथैनोजेन (Methanogens): दलदली क्षेत्रों में और गाय तथा भैंस जैसे कई जुगाली करने वाले जंतुओं की आँत में रहते हैं, और गोबर से मीथेन (बायोगैस) बनाते हैं।
यूबैक्टीरिया (वास्तविक जीवाणु)। इनमें दृढ़ कोशिका भित्ति होती है और गतिशील होने पर कशाभिका (flagellum) होती है। इनके आकार इस प्रकार हैं:
| आकार | नाम | आकार का उदाहरण |
|---|---|---|
| गोलाकार | कोकस (Coccus) | गोल कोशिकाएँ |
| छड़ाकार | बैसिलस (Bacillus) | छड़ जैसी कोशिकाएँ |
| अल्पविराम आकार | विब्रियो (Vibrio) | मुड़ी हुई अल्पविराम जैसी कोशिकाएँ |
| सर्पिल | स्पिरिलम (Spirillum) | कुंडलित कोशिकाएँ |
सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल)। इनमें हरे पादपों के समान क्लोरोफिल a होता है और ये प्रकाश-संश्लेषी स्वपोषी हैं। ये एककोशिकीय, कॉलोनीय या तंतुमय होते हैं, मीठे जल, समुद्री जल या स्थल पर पाए जाते हैं, और प्रदूषित जल निकायों में प्रायः जल-प्रस्फुटन (blooms) बनाते हैं। कुछ कॉलोनियाँ जिलेटिनी आवरण से घिरी होती हैं। कुछ, जैसे Nostoc और Anabaena, विशिष्ट कोशिकाओं में, जिन्हें हेटेरोसिस्ट (heterocysts) कहते हैं, वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर सकते हैं।
रसायन-संश्लेषी स्वपोषी जीवाणु। ये नाइट्रेट, नाइट्राइट और अमोनिया जैसे विभिन्न अकार्बनिक पदार्थों का ऑक्सीकरण करते हैं और मुक्त ऊर्जा का उपयोग अपने ATP उत्पादन के लिए करते हैं। नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, लोहा और सल्फर जैसे पोषकों के चक्रण में इनकी बड़ी भूमिका है।
परपोषी जीवाणु। ये प्रकृति में सबसे अधिक संख्या में पाए जाते हैं। अधिकांश महत्वपूर्ण अपघटक हैं। ये दूध से दही जमाने, प्रतिजैविक (antibiotics) बनाने, फलीदार पादपों की जड़ों में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने आदि में सहायक हैं। कुछ रोगजनक हैं जो मनुष्यों, फसलों, पालतू पशुओं और पालतू जंतुओं को हानि पहुँचाते हैं। रोगों के उदाहरण हैं हैजा, टाइफाइड, टेटनस और नींबू का कैंकर।
जीवाणुओं में जनन। जीवाणु मुख्यतः द्विविखंडन (binary fission) द्वारा जनन करते हैं। कभी-कभी प्रतिकूल परिस्थितियों में वे बीजाणु बनाते हैं। वे एक जीवाणु से दूसरे में DNA के आदिम प्रकार के स्थानांतरण द्वारा भी जनन करते हैं।
माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma)। इन जीवों में कोशिका भित्ति पूरी तरह अनुपस्थित होती है। ये ज्ञात सबसे छोटी जीवित कोशिकाएँ हैं और ऑक्सीजन के बिना जीवित रह सकती हैं। अनेक माइकोप्लाज्मा जंतुओं और पादपों में रोगजनक हैं।
जगत प्रोटिस्टा
सभी एककोशिकीय यूकैरियोट प्रोटिस्टा के अंतर्गत रखे गए हैं। इस जगत की सीमाएँ भलीभाँति परिभाषित नहीं हैं। प्रोटिस्ट मुख्यतः जलीय होते हैं। वे अलैंगिक रूप से तथा कोशिका संलयन और युग्मनज (zygote) बनने वाली प्रक्रिया द्वारा लैंगिक रूप से जनन करते हैं।
क्राइसोफाइट (Chrysophytes)। इस समूह में डायटम (diatoms) और सुनहरे शैवाल (डेस्मिड, desmids) आते हैं। ये मीठे जल के साथ-साथ समुद्री वातावरण में भी पाए जाते हैं। ये सूक्ष्मदर्शीय होते हैं और जल धाराओं में निष्क्रिय रूप से तैरते हैं (प्लवक, plankton)। अधिकांश प्रकाश-संश्लेषी होते हैं। डायटमों में कोशिका भित्तियाँ दो पतले अतिव्यापी कवच बनाती हैं, जो साबुन-दानी की तरह आपस में फिट होते हैं। भित्तियों में सिलिका जमी होती है और इसलिए भित्तियाँ अविनाशी होती हैं। इस प्रकार डायटमों ने अपने आवास में कोशिका भित्ति के जमावों की बड़ी मात्रा छोड़ी है; अरबों वर्षों में इस संचयन को "डायटमी मृदा" (diatomaceous earth) कहते हैं। किरकिरी होने के कारण यह मृदा पॉलिश करने तथा तेलों और शर्बतों के निस्पंदन (छानने) में प्रयुक्त होती है। डायटम महासागरों के प्रमुख उत्पादक हैं।
डाइनोफ्लैजेलेट (Dinoflagellates)। ये अधिकांशतः समुद्री और प्रकाश-संश्लेषी होते हैं। अपनी कोशिकाओं में उपस्थित मुख्य वर्णकों के आधार पर ये पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल दिखाई देते हैं। कोशिका भित्ति की बाहरी सतह पर सेलुलोज की कठोर पट्टिकाएँ होती हैं। अधिकांश में दो कशाभिकाएँ होती हैं; एक लंबाई में और दूसरी भित्ति पट्टिकाओं के बीच की खाँच में आड़ी स्थित होती है। प्रायः लाल डाइनोफ्लैजेलेट (उदाहरण के लिए Gonyaulax) इतनी तेजी से गुणन करते हैं कि समुद्र लाल रंग का दिखाई देने लगता है (लाल ज्वार, red tides)। मुक्त विषैले पदार्थ मछलियों जैसे अन्य समुद्री जंतुओं को मार भी सकते हैं।
यूग्लीनॉइड (Euglenoids)। इनमें से अधिकांश मीठे जल के जीव हैं जो ठहरे हुए जल में पाए जाते हैं। कोशिका भित्ति के स्थान पर इनमें प्रोटीन-समृद्ध परत होती है जिसे पेलिकल (pellicle) कहते हैं, जो इनके शरीर को लचीला बनाती है। इनमें दो कशाभिकाएँ होती हैं, एक छोटी और एक लंबी। यद्यपि सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ये प्रकाश-संश्लेषी होते हैं, सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर ये अन्य छोटे जीवों का शिकार करके परपोषी की तरह व्यवहार करते हैं। रोचक बात यह है कि यूग्लीनॉइड के वर्णक उच्च पादपों में पाए जाने वाले वर्णकों के समान होते हैं। उदाहरण: Euglena।
अवपंक कवक (Slime moulds)। अवपंक कवक मृतोपजीवी प्रोटिस्ट हैं। इनका शरीर सड़ती हुई टहनियों और पत्तियों पर कार्बनिक पदार्थ को निगलते हुए चलता है। उपयुक्त परिस्थितियों में ये एक समुच्चय बनाते हैं जिसे प्लास्मोडियम (plasmodium) कहते हैं, जो कई फुट तक बढ़ और फैल सकता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में प्लास्मोडियम विभेदित होकर फलनकाय बनाता है जिनके सिरों पर बीजाणु होते हैं। बीजाणुओं में वास्तविक भित्तियाँ होती हैं। ये अत्यंत प्रतिरोधी होते हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी कई वर्षों तक जीवित रहते हैं। बीजाणु वायु धाराओं द्वारा फैलते हैं।
प्रोटोज़ोआ (Protozoans)। सभी प्रोटोज़ोआ परपोषी हैं और परभक्षी या परजीवी के रूप में रहते हैं। इन्हें जंतुओं के आदिम संबंधी माना जाता है। इनके चार प्रमुख समूह हैं।
| समूह | गमन | आवास या लक्षण | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| अमीबीय प्रोटोज़ोआ | पादाभ (कूटपाद, pseudopodia) | मीठा जल, समुद्री जल, नम मृदा; समुद्री रूपों में सिलिका के कवच होते हैं | Amoeba, Entamoeba (परजीवी) |
| कशाभिकीय प्रोटोज़ोआ | कशाभिकाएँ | मुक्तजीवी या परजीवी | Trypanosoma (निद्रा रोग) |
| पक्ष्माभी प्रोटोज़ोआ | हजारों पक्ष्माभ (cilia) | जलीय, एक गुहा (ग्रसिका, gullet) सहित जो बाहर की ओर खुलती है | Paramecium |
| स्पोरोज़ोआ | गमन अंग नहीं | जीवन चक्र में एक संक्रामक बीजाणु-सदृश अवस्था | Plasmodium (मलेरिया) |
पक्ष्माभी प्रोटोज़ोआ में पक्ष्माभों की पंक्तियों की समन्वित गति से भोजन से भरा जल ग्रसिका की ओर निर्देशित होता है।
जगत कवक (Fungi)
कवक परपोषी जीवों का एक अनोखा जगत है। इनमें आकारिकी और आवास में बड़ी विविधता होती है। कुछ कवक पादपों और जंतुओं पर परजीवी हैं। यीस्ट को छोड़कर, जो एककोशिकीय है, कवक तंतुमय होते हैं। इनका शरीर लंबी, पतली धागे जैसी संरचनाओं से बना होता है जिन्हें कवक तंतु (hyphae) कहते हैं। कवक तंतुओं का जाल कवकजाल (mycelium) कहलाता है। कुछ कवक तंतु बहुकेंद्रकी कोशिकाद्रव्य से भरी सतत नलिकाएँ होते हैं; इन्हें सिनोसाइटिक कवक तंतु (coenocytic hyphae) कहते हैं। अन्य में कवक तंतुओं में पट (septae) या अनुप्रस्थ भित्तियाँ होती हैं (पटयुक्त कवक तंतु)। कवकों की कोशिका भित्ति काइटिन और पॉलीसैकेराइड की बनी होती है।
पोषण। अधिकांश कवक परपोषी होते हैं और मृत आधारों से विलेय कार्बनिक पदार्थ अवशोषित करते हैं, इसलिए इन्हें मृतोपजीवी (saprophytes) कहते हैं। जो जीवित पादपों और जंतुओं पर निर्भर रहते हैं उन्हें परजीवी कहते हैं। वे सहजीवी के रूप में भी रह सकते हैं, शैवाल के साथ लाइकेन के रूप में और उच्च पादपों की जड़ों के साथ कवकमूल (mycorrhiza) के रूप में।
जनन। कवक कायिक विधियों (खंडन, विखंडन और मुकुलन) द्वारा, अलैंगिक विधियों (कोनिडिया, चलबीजाणु या स्पोरैंजियोबीजाणु नामक बीजाणुओं) द्वारा और लैंगिक विधियों (अंडबीजाणु, आसंधबीजाणु और बेसिडियोबीजाणु) द्वारा जनन कर सकते हैं। लैंगिक चक्र के तीन चरण हैं:
- 1. प्लाज्मोगैमी (Plasmogamy): दो चल या अचल युग्मकों के जीवद्रव्यों का संलयन।
- 2. कैरियोगैमी (Karyogamy): दो केंद्रकों का संलयन।
- 3. युग्मनज में अर्धसूत्री विभाजन (meiosis), जिससे अगुणित बीजाणु बनते हैं।
कुछ कवकों में दो अगुणित कोशिकाओं के संलयन से तुरंत केंद्रकों का संलयन नहीं होता। एक ही कोशिका में दो केंद्रक होते हैं, जिसे द्विकेंद्रकी (dikaryon) अवस्था (n + n) कहते हैं। बाद में केंद्रक संलयित होते हैं (कैरियोगैमी) और अर्धसूत्री विभाजन होता है। यह द्विकेंद्रकी अवस्था एस्कोमाइसीटीज और बेसिडियोमाइसीटीज में देखी जाती है। फाइकोमाइसीटीज में कैरियोगैमी प्लाज्मोगैमी के तुरंत बाद होती है।
| वर्ग | सामान्य नाम | कवकजाल | अलैंगिक बीजाणु | लैंगिक बीजाणु | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|---|
| फाइकोमाइसीटीज (Phycomycetes) | शैवालीय कवक | अपटीय, सिनोसाइटिक | चलबीजाणु (चल) या अचलबीजाणु (अचल) | युग्मकबीजाणु | Rhizopus, Mucor, Albugo |
| एस्कोमाइसीटीज (Ascomycetes) | कोश कवक | शाखित, पटयुक्त | कोनिडिया | आसंधबीजाणु, आसंधों (asci) में, आसंधफलकाय (ascocarps) के भीतर | Penicillium, Aspergillus, Claviceps, Neurospora, यीस्ट |
| बेसिडियोमाइसीटीज (Basidiomycetes) | क्लब कवक | शाखित, पटयुक्त | सामान्यतः अनुपस्थित | बेसिडियोबीजाणु (4), बेसिडियम पर, बेसिडियोफलकाय (basidiocarps) के भीतर | Agaricus, Ustilago, Puccinia |
| ड्यूटेरोमाइसीटीज (Deuteromycetes) | अपूर्ण कवक | पटयुक्त, शाखित | कोनिडिया | ज्ञात नहीं | Alternaria, Colletotrichum, Trichoderma |
फाइकोमाइसीटीज जलीय आवासों में, नम स्थानों पर सड़ती लकड़ी पर, या पादपों पर अविकल्पी परजीवी के रूप में पाए जाते हैं। चलबीजाणु या अचलबीजाणु बीजाणुधानी (sporangium) में अंतर्जात रूप से बनते हैं। युग्मकबीजाणु दो युग्मकों के संलयन से बनता है, जो समयुग्मकी, असमयुग्मकी या अंडयुग्मकी हो सकते हैं। Rhizopus ब्रेड फफूँद है, और Albugo सरसों पर परजीवी है।
एस्कोमाइसीटीज को सामान्यतः कोश कवक कहते हैं। ये एककोशिकीय (यीस्ट) या बहुकोशिकीय (Penicillium) होते हैं। ये मृतोपजीवी, अपघटक, परजीवी या गोबरवासी (coprophilous, गोबर पर उगने वाले) हो सकते हैं। कोनिडिया कोनिडियोधरों पर बहिर्जात रूप से बनते हैं। आसंधबीजाणु कोश-सदृश आसंधों में अंतर्जात रूप से बनते हैं, जो आसंधफलकाय नामक फलनकायों में व्यवस्थित होते हैं। Neurospora का उपयोग जैव रासायनिक और आनुवंशिक कार्यों में बड़े पैमाने पर होता है।
बेसिडियोमाइसीटीज में मशरूम, छत्रक कवक (bracket fungi) और पफबॉल सम्मिलित हैं। ये मृदा में, लट्ठों और वृक्ष-ठूँठों पर, और जीवित पादप शरीरों में परजीवी के रूप में उगते हैं, जैसे रस्ट (किट्ट) और स्मट (कंड) में। लैंगिक अंग अनुपस्थित होते हैं, परंतु प्लाज्मोगैमी भिन्न प्रभेदों की दो कायिक कोशिकाओं के संलयन से होती है। परिणामी संरचना द्विकेंद्रकी होती है और बेसिडियम को जन्म देती है। कैरियोगैमी और अर्धसूत्री विभाजन बेसिडियम में होते हैं, जिनसे चार बेसिडियोबीजाणु बनते हैं। बेसिडिया बेसिडियोफलकायों में व्यवस्थित होते हैं।
ड्यूटेरोमाइसीटीज को सामान्यतः अपूर्ण कवक कहते हैं क्योंकि केवल अलैंगिक या कायिक अवस्थाएँ ही ज्ञात हैं। जब इन कवकों के लैंगिक रूप खोजे गए तो उन्हें एस्कोमाइसीटीज या बेसिडियोमाइसीटीज में स्थानांतरित कर दिया गया। इनमें से अनेक कर्कट (litter) के अपघटक हैं और खनिज चक्रण में सहायता करते हैं।
जगत प्लांटी और जगत एनिमेलिया
प्लांटी में सभी यूकैरियोटिक क्लोरोफिल-युक्त जीव आते हैं, जिन्हें सामान्यतः पादप कहते हैं। पादप कोशिका में सेलुलोज की बनी कोशिका भित्ति होती है। प्लांटी में शैवाल, ब्रायोफाइट, टेरिडोफाइट, अनावृतबीजी और आवृतबीजी सम्मिलित हैं। जीवन चक्र में दो भिन्न अवस्थाएँ होती हैं, द्विगुणित बीजाणुउद्भिद (sporophyte) और अगुणित युग्मकोद्भिद (gametophyte), जो एक-दूसरे के बाद आती हैं। इसे पीढ़ी एकांतरण (alternation of generations) कहते हैं।
एनिमेलिया में सभी बहुकोशिकीय यूकैरियोटिक जीव आते हैं जो परपोषी हैं और जिनमें कोशिका भित्ति नहीं होती। वे भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पादपों पर निर्भर हैं। वे अपना भोजन एक आंतरिक गुहा में पचाते हैं और खाद्य भंडार को ग्लाइकोजन या वसा के रूप में संचित करते हैं। उनके पोषण की विधि प्राणिसम (holozoic) है, अर्थात भोजन के अंतर्ग्रहण द्वारा। उच्च रूपों में नर और मादा के मैथुन के बाद भ्रूणीय विकास के साथ लैंगिक जनन होता है।
विषाणु, विरॉइड, प्रायन और लाइकेन
वायरस (virus) नाम का अर्थ है विष या विषैला द्रव। डी.जे. इवानोव्स्की (D.J. Ivanowsky, 1892) ने पहचाना कि तंबाकू के मोज़ेक रोग का कारक जीव जीवाणु-रोधी छन्नों से गुजर सकता है। एम.डब्ल्यू. बेजरिंक (M.W. Beijerinck, 1898) ने दिखाया कि संक्रमित तंबाकू पादपों का निष्कर्ष स्वस्थ पादपों में संक्रमण कर सकता है और उस द्रव का नाम Contagium vivum fluidum (संक्रामक जीवित द्रव) रखा। डब्ल्यू.एम. स्टैनले (W.M. Stanley, 1935) ने दिखाया कि विषाणुओं को क्रिस्टलित किया जा सकता है, और क्रिस्टल मुख्यतः प्रोटीन के होते हैं। विषाणु अपनी विशिष्ट पोषी कोशिका के बाहर निष्क्रिय होते हैं।
विषाणु अविकल्पी परजीवी हैं। इनमें कैप्सिड (capsid) नामक प्रोटीन आवरण होता है, जो छोटी उप-इकाइयों कैप्सोमियर (capsomeres) से बना होता है और न्यूक्लीक अम्ल की रक्षा करता है। आनुवंशिक पदार्थ या तो RNA होता है या DNA, दोनों कभी नहीं। पादप विषाणुओं में आनुवंशिक पदार्थ अधिकांशतः एकलसूत्री RNA होता है। जंतु विषाणुओं में यह एकलसूत्री या द्विसूत्री RNA अथवा द्विसूत्री DNA होता है। जीवाणुभोजी (bacteriophage), जो जीवाणुओं को संक्रमित करते हैं, में अधिकांशतः द्विसूत्री DNA होता है और वे सिर और पूँछ सहित टैडपोल जैसे दिखते हैं।
| विषाणु | पोषी | आनुवंशिक पदार्थ | रोग या प्रभाव |
|---|---|---|---|
| तंबाकू मोज़ेक विषाणु (TMV) | पादप | एकलसूत्री RNA | मोज़ेक बनना, पत्तियों का मुड़ना, पीला पड़ना, शिरा-विरंजन, बौनापन |
| जीवाणुभोजी (Bacteriophage) | जीवाणु | द्विसूत्री DNA | जीवाणुओं को संक्रमित करता है |
| मानव विषाणु | मनुष्य | DNA या RNA | कण्ठमाला, चेचक, हर्पीज़, इन्फ्लुएंज़ा, AIDS |
विरॉइड (Viroids)। टी.ओ. डीनर (T.O. Diener, 1971) ने विषाणुओं से भी छोटा एक संक्रामक कारक खोजा जो आलू के तर्कुरूपी कंद रोग (potato spindle tuber disease) का कारण था। यह निम्न अणुभार का मुक्त RNA पाया गया, जिसमें प्रोटीन आवरण नहीं था, और इसे विरॉइड कहा गया।
प्रायन (Prions)। प्रायन असामान्य रूप से मुड़े हुए संक्रामक प्रोटीन हैं। ये तंत्रिका-अपविकासी (neurodegenerative) रोग उत्पन्न करते हैं, जैसे पशुओं में बोवाइन स्पॉन्जिफॉर्म एन्सेफैलोपैथी (BSE, पागल गाय रोग) और मनुष्यों में क्रुत्ज़फेल्ट-जैकब रोग (CJD)।
लाइकेन (Lichens)। लाइकेन शैवाल और कवक के बीच सहजीवी संगठन हैं। शैवाल घटक फाइकोबायंट (phycobiont) है और स्वपोषी है। कवक घटक माइकोबायंट (mycobiont) है और परपोषी है। शैवाल कवक के लिए भोजन बनाते हैं, और कवक शैवाल को आश्रय देते हैं तथा उनके लिए पोषक और जल अवशोषित करते हैं। लाइकेन अच्छे प्रदूषण सूचक हैं क्योंकि वे प्रदूषित क्षेत्रों में नहीं उगते।
NEET में होने वाली भूलें
- 1. आर्किबैक्टीरिया बनाम यूबैक्टीरिया: हैलोफिल, थर्मोएसिडोफिल और मेथैनोजेन आर्किबैक्टीरिया हैं; कोकाई, बैसिलाई, विब्रियो और स्पिरिला यूबैक्टीरिया हैं।
- 2. माइकोप्लाज्मा: ये बिना कोशिका भित्ति वाले जीवाणु हैं; यह न कहें कि इनमें पेप्टिडोग्लाइकन भित्ति होती है।
- 3. हेटेरोसिस्ट: ये सायनोबैक्टीरिया (Nostoc, Anabaena) की विशिष्ट कोशिकाएँ हैं जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण के लिए हैं, जनन के लिए नहीं।
- 4. डायटम बनाम डाइनोफ्लैजेलेट: डायटमों की भित्तियाँ सिलिका की होती हैं और वे डायटमी मृदा बनाते हैं; डाइनोफ्लैजेलेटों में सेलुलोज की पट्टिकाएँ और दो कशाभिकाएँ होती हैं और वे लाल ज्वार उत्पन्न करते हैं।
- 5. यूग्लीनॉइड की भित्ति: Euglena में कोशिका भित्ति नहीं, पेलिकल होता है, और यह प्रकाश-संश्लेषी या परपोषी हो सकता है।
- 6. अवपंक कवक का शरीर: प्लास्मोडियम जीवद्रव्य का एक पिंड है; बीजाणु फलनकायों पर बनते हैं और उनकी भित्तियाँ वास्तविक होती हैं।
- 7. कवकों के बीजाणु: युग्मकबीजाणु फाइकोमाइसीटीज का, आसंधबीजाणु एस्कोमाइसीटीज का, बेसिडियोबीजाणु बेसिडियोमाइसीटीज का है। कोनिडिया एस्कोमाइसीटीज और ड्यूटेरोमाइसीटीज में होते हैं।
- 8. ड्यूटेरोमाइसीटीज: इन्हें अपूर्ण कवक कहते हैं क्योंकि लैंगिक अवस्था ज्ञात नहीं है; Penicillium एक एस्कोमाइसीट है, जबकि Alternaria एक ड्यूटेरोमाइसीट है।
- 9. प्लाज्मोगैमी बनाम कैरियोगैमी: प्लाज्मोगैमी कोशिकाद्रव्य का संलयन है और कैरियोगैमी केंद्रकों का संलयन; एस्कोमाइसीटीज और बेसिडियोमाइसीटीज में इन दोनों के बीच द्विकेंद्रकी अवस्था होती है।
- 10. विषाणु बनाम विरॉइड बनाम प्रायन: विषाणुओं में प्रोटीन आवरण के साथ DNA या RNA होता है; विरॉइड केवल RNA होते हैं; प्रायन केवल प्रोटीन होते हैं।
एक पंक्ति के तथ्य
- 1. अरस्तू ने जंतुओं को लाल रक्त वाले और बिना लाल रक्त वाले में बाँटा।
- 2. लिनियस ने द्विजगत पद्धति दी, प्लांटी और एनिमेलिया।
- 3. व्हिटेकर ने 1969 में पाँच जगत पद्धति दी।
- 4. मोनेरा की कोशिकाएँ प्रोकैरियोटिक होती हैं और उनकी कोशिका भित्ति गैर-सेलुलोजी होती है।
- 5. मेथैनोजेन जुगाली करने वाले पशुओं के गोबर से मीथेन बनाते हैं।
- 6. सायनोबैक्टीरिया हेटेरोसिस्ट में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं।
- 7. माइकोप्लाज्मा सबसे छोटी जीवित कोशिकाएँ हैं और इनमें कोशिका भित्ति नहीं होती।
- 8. जीवाणु मुख्यतः द्विविखंडन द्वारा जनन करते हैं।
- 9. डायटमों की भित्तियाँ सिलिका की होती हैं, जिनसे डायटमी मृदा बनती है।
- 10. Gonyaulax तेजी से गुणन करके लाल ज्वार उत्पन्न करता है।
- 11. अवपंक कवक प्लास्मोडियम और बीजाणुधारी फलनकाय बनाते हैं।
- 12. Plasmodium एक स्पोरोज़ोआ है जो मलेरिया उत्पन्न करता है।
- 13. कवक की कोशिका भित्ति में काइटिन और पॉलीसैकेराइड होते हैं।
- 14. Neurospora का उपयोग जैव रासायनिक और आनुवंशिक कार्यों में होता है।
- 15. लाइकेन शैवाल (फाइकोबायंट) और कवक (माइकोबायंट) हैं और कम प्रदूषण के सूचक हैं।
अभ्यास प्रश्न
जंतुओं को लाल रक्त वाले और बिना लाल रक्त वाले में किसने बाँटा?
- लिनियस
- डब्ल्यू.एम. स्टैनले
- अरस्तू
- आर.एच. व्हिटेकर
उत्तर
C. अरस्तू
अरस्तू ने सरल आकारिकीय लक्षणों का उपयोग किया और जंतुओं को लाल रक्त वाले और बिना लाल रक्त वाले में बाँटा।
Who classified animals into those with red blood and those without red blood?
- Linnaeus
- W.M. Stanley
- Aristotle
- R.H. Whittaker
पाँच जगत वर्गीकरण किसने प्रस्तावित किया?
- आर.एच. व्हिटेकर
- टी.ओ. डीनर
- डी.जे. इवानोव्स्की
- लिनियस
उत्तर
A. आर.एच. व्हिटेकर
आर.एच. व्हिटेकर ने 1969 में पाँच जगत प्रस्तावित किए: मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, प्लांटी और एनिमेलिया।
The five-kingdom classification was proposed by
- R.H. Whittaker
- T.O. Diener
- D.J. Ivanowsky
- Linnaeus
कौन-से आर्किबैक्टीरिया दलदली क्षेत्रों में और जुगाली करने वाले पशुओं की आँत में रहते हैं और मीथेन बनाते हैं?
- थर्मोएसिडोफिल
- मेथैनोजेन
- माइकोप्लाज्मा
- हैलोफिल
उत्तर
B. मेथैनोजेन
मेथैनोजेन गोबर से मीथेन (बायोगैस) बनाते हैं और दलदली क्षेत्रों तथा जुगाली करने वाले पशुओं की आँत में रहते हैं।
Which archaebacteria live in marshy areas and in the guts of ruminants and produce methane?
- Thermoacidophiles
- Methanogens
- Mycoplasma
- Halophiles
वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने वाली विशिष्ट कोशिकाएँ, जिन्हें हेटेरोसिस्ट (heterocysts) कहते हैं, किसमें पाई जाती हैं?
- Euglena
- डायटम
- माइकोप्लाज्मा
- Nostoc
उत्तर
D. Nostoc
हेटेरोसिस्ट Nostoc और Anabaena जैसे सायनोबैक्टीरिया में पाए जाते हैं।
Specialised cells called heterocysts, which fix atmospheric nitrogen, are found in
- Euglena
- diatoms
- Mycoplasma
- Nostoc
निम्नलिखित में से कौन-सा जीव कोशिका भित्ति से पूर्णतः रहित है और ज्ञात सबसे छोटी जीवित कोशिका है?
- स्पिरिलम
- माइकोप्लाज्मा
- विब्रियो
- सायनोबैक्टीरियम
उत्तर
B. माइकोप्लाज्मा
माइकोप्लाज्मा में कोशिका भित्ति नहीं होती, ये ज्ञात सबसे छोटी जीवित कोशिकाएँ हैं और ऑक्सीजन के बिना जीवित रह सकती हैं।
Which of the following organisms completely lacks a cell wall and is the smallest living cell known?
- Spirillum
- Mycoplasma
- Vibrio
- Cyanobacterium
डायटमी मृदा (diatomaceous earth) किसकी कोशिका भित्ति के जमावों से बनती है?
- डायटम
- यूग्लीनॉइड
- अवपंक कवक
- डाइनोफ्लैजेलेट
उत्तर
A. डायटम
डायटमों की भित्तियों में सिलिका जमी होती है और वे अविनाशी होती हैं, जिससे लंबे समय में डायटमी मृदा बनती है।
Diatomaceous earth is formed from the cell wall deposits of
- diatoms
- euglenoids
- slime moulds
- dinoflagellates
समुद्र में लाल ज्वार (red tides) किसके तेजी से गुणन के कारण होता है?
- Euglena
- Paramecium
- Plasmodium
- Gonyaulax
उत्तर
D. Gonyaulax
Gonyaulax, एक लाल डाइनोफ्लैजेलेट, तेजी से गुणन करता है और समुद्र को लाल दिखाता है।
Red tides in the sea are caused by rapid multiplication of
- Euglena
- Paramecium
- Plasmodium
- Gonyaulax
कोशिका भित्ति के स्थान पर प्रोटीन-समृद्ध परत, जिसे पेलिकल (pellicle) कहते हैं, किसमें पाई जाती है?
- डाइनोफ्लैजेलेट
- अवपंक कवक
- यूग्लीनॉइड
- डायटम
उत्तर
C. यूग्लीनॉइड
यूग्लीनॉइड में पेलिकल होता है, जो शरीर को लचीला बनाता है।
A protein-rich layer called the pellicle, in place of a cell wall, is found in
- dinoflagellates
- slime moulds
- euglenoids
- diatoms
मलेरिया परजीवी Plasmodium किसके अंतर्गत रखा गया है?
- स्पोरोज़ोआ
- अमीबीय प्रोटोज़ोआ
- कशाभिकीय प्रोटोज़ोआ
- पक्ष्माभी प्रोटोज़ोआ
उत्तर
A. स्पोरोज़ोआ
स्पोरोज़ोआ के जीवन चक्र में एक संक्रामक बीजाणु-सदृश अवस्था होती है। Plasmodium एक स्पोरोज़ोआ है।
The malarial parasite Plasmodium is placed under
- sporozoans
- amoeboid protozoans
- flagellated protozoans
- ciliated protozoans
एस्कोमाइसीटीज के लैंगिक बीजाणु कहलाते हैं
- चलबीजाणु
- आसंधबीजाणु
- बेसिडियोबीजाणु
- युग्मकबीजाणु
उत्तर
B. आसंधबीजाणु
एस्कोमाइसीटीज आसंधों (asci) में आसंधबीजाणु अंतर्जात रूप से बनाते हैं।
Sexual spores of Ascomycetes are called
- zoospores
- ascospores
- basidiospores
- zygospores
ब्रेड फफूँद Rhizopus किससे संबंधित है?
- एस्कोमाइसीटीज
- बेसिडियोमाइसीटीज
- फाइकोमाइसीटीज
- ड्यूटेरोमाइसीटीज
उत्तर
C. फाइकोमाइसीटीज
Rhizopus, Mucor और Albugo फाइकोमाइसीटीज हैं जिनमें अपटीय सिनोसाइटिक कवकजाल होता है।
Rhizopus, the bread mould, belongs to
- Ascomycetes
- Basidiomycetes
- Phycomycetes
- Deuteromycetes
किस समूह के कवकों को अपूर्ण कवक कहते हैं क्योंकि केवल अलैंगिक अवस्था ज्ञात है?
- एस्कोमाइसीटीज
- फाइकोमाइसीटीज
- बेसिडियोमाइसीटीज
- ड्यूटेरोमाइसीटीज
उत्तर
D. ड्यूटेरोमाइसीटीज
ड्यूटेरोमाइसीटीज को अपूर्ण कवक कहते हैं क्योंकि इनकी लैंगिक अवस्था ज्ञात नहीं है।
Fungi of which group are called imperfect fungi because only the asexual phase is known?
- Ascomycetes
- Phycomycetes
- Basidiomycetes
- Deuteromycetes
निम्नलिखित में से कौन बेसिडियोमाइसीटीज का सदस्य है?
- Alternaria
- Neurospora
- Mucor
- Puccinia
उत्तर
D. Puccinia
Puccinia बेसिडियोमाइसीटीज का एक किट्ट (रस्ट) कवक है। Neurospora एक एस्कोमाइसीट है, Mucor एक फाइकोमाइसीट और Alternaria एक ड्यूटेरोमाइसीट है।
Which of the following is a member of Basidiomycetes?
- Alternaria
- Neurospora
- Mucor
- Puccinia
कौन-सा कवक जैव रासायनिक और आनुवंशिक कार्यों में बड़े पैमाने पर प्रयुक्त होता है?
- Ustilago
- Agaricus
- Neurospora
- Albugo
उत्तर
C. Neurospora
Neurospora एक एस्कोमाइसीट है जिसका उपयोग जैव रासायनिक और आनुवंशिक अध्ययनों में बड़े पैमाने पर होता है।
Which fungus is used extensively in biochemical and genetic work?
- Ustilago
- Agaricus
- Neurospora
- Albugo
तंबाकू मोज़ेक विषाणु (TMV) का आनुवंशिक पदार्थ है
- एकलसूत्री RNA
- द्विसूत्री DNA
- एकलसूत्री DNA
- द्विसूत्री RNA
उत्तर
A. एकलसूत्री RNA
पादप विषाणुओं में आनुवंशिक पदार्थ अधिकांशतः एकलसूत्री RNA होता है।
The genetic material of tobacco mosaic virus (TMV) is
- single-stranded RNA
- double-stranded DNA
- single-stranded DNA
- double-stranded RNA
आलू के तर्कुरूपी कंद रोग का संक्रामक कारक, जो प्रोटीन आवरण रहित मुक्त RNA है, कहलाता है
- जीवाणु
- विरॉइड (viroid)
- विषाणु
- प्रायन (prion)
उत्तर
B. विरॉइड (viroid)
टी.ओ. डीनर ने विरॉइड की खोज की, जो निम्न अणुभार का मुक्त RNA है।
The infectious agent of potato spindle tuber disease, a free RNA without a protein coat, is a
- bacterium
- viroid
- virus
- prion
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: व्हिटेकर द्वारा प्रयुक्त मानदंडों में कोशिका संरचना और पोषण की विधि सम्मिलित थे। कथन II: विषाणु, विरॉइड और लाइकेन को पाँच जगतों में से किसी में नहीं रखा गया।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
दोनों सही हैं।
Given below are two statements: Statement I: Cell structure and mode of nutrition were among the criteria used by Whittaker. Statement II: Viruses, viroids and lichens were not placed in any of the five kingdoms.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: कवकों की कोशिका भित्ति सेलुलोज की बनी होती है। कथन II: माइकोप्लाज्मा में दृढ़ कोशिका भित्ति होती है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
कवकों की भित्तियों में काइटिन और पॉलीसैकेराइड होते हैं, और माइकोप्लाज्मा में कोशिका भित्ति पूरी तरह अनुपस्थित होती है।
Given below are two statements: Statement I: The cell wall of fungi is made of cellulose. Statement II: Mycoplasma have a rigid cell wall.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: मेथैनोजेन आर्किबैक्टीरिया हैं जो जुगाली करने वाले पशुओं की आँत में पाए जाते हैं। कथन II: हैलोफिल गर्म और अम्लीय झरनों में रहते हैं।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
हैलोफिल अत्यधिक नमकीन क्षेत्रों में रहते हैं। गर्म झरने थर्मोएसिडोफिल के आवास हैं।
Given below are two statements: Statement I: Methanogens are archaebacteria found in the guts of ruminants. Statement II: Halophiles live in hot and acidic springs.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: डायटमों की भित्तियाँ सेलुलोज की होती हैं जो आसानी से नष्ट हो जाती हैं। कथन II: डायटम महासागरों के प्रमुख उत्पादक हैं।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
डायटमों की भित्तियों में सिलिका होती है और वे अविनाशी होती हैं, इसलिए कथन I गलत है।
Given below are two statements: Statement I: Diatoms have cellulose walls that are easily destroyed. Statement II: Diatoms are the chief producers in the oceans.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: अवपंक कवक एक समुच्चय बनाते हैं जिसे प्लास्मोडियम कहते हैं। कथन II: उनके बीजाणुओं में वास्तविक भित्तियाँ होती हैं और वे वायु धाराओं द्वारा फैलते हैं।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
दोनों सही हैं।
Given below are two statements: Statement I: Slime moulds form an aggregation called a plasmodium. Statement II: Their spores have true walls and are dispersed by air currents.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: फाइकोमाइसीटीज में कैरियोगैमी प्लाज्मोगैमी के तुरंत बाद होती है। कथन II: बेसिडियोमाइसीटीज में द्विकेंद्रकी अवस्था अनुपस्थित होती है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
द्विकेंद्रकी अवस्था एस्कोमाइसीटीज और बेसिडियोमाइसीटीज में देखी जाती है, इसलिए कथन II गलत है।
Given below are two statements: Statement I: In Phycomycetes, karyogamy follows plasmogamy quickly. Statement II: The dikaryon stage is absent in Basidiomycetes.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: विषाणु में DNA और RNA दोनों होते हैं। कथन II: विषाणु अपनी विशिष्ट पोषी कोशिका के बाहर निष्क्रिय होते हैं।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
विषाणु में या तो DNA होता है या RNA, दोनों कभी नहीं। कथन II सही है।
Given below are two statements: Statement I: A virus contains both DNA and RNA. Statement II: Viruses are inert outside their specific host cell.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. लाइकेन शैवाल और कवक के सहजीवी संगठन हैं। 2. लाइकेन के कवक भागीदार को फाइकोबायंट कहते हैं। 3. लाइकेन प्रदूषण के अच्छे सूचक हैं।
- 1 और 2 केवल
- 1 और 3 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
B. 1 और 3 केवल
कवक भागीदार माइकोबायंट है, और शैवाल भागीदार फाइकोबायंट है।
Which of the following statements are correct? 1. Lichens are symbiotic associations of algae and fungi. 2. The fungal partner of a lichen is called the phycobiont. 3. Lichens are good indicators of pollution.
- 1 and 2 only
- 1 and 3 only
- 2 and 3 only
- 1, 2 and 3
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. प्रायन असामान्य रूप से मुड़े हुए संक्रामक प्रोटीन हैं। 2. बोवाइन स्पॉन्जिफॉर्म एन्सेफैलोपैथी एक प्रायन रोग है। 3. विरॉइड में प्रोटीन आवरण नहीं होता।
- 1 और 2 केवल
- 1 और 3 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं।
Which of the following statements are correct? 1. Prions are abnormally folded infectious proteins. 2. Bovine spongiform encephalopathy is a prion disease. 3. Viroids lack a protein coat.
- 1 and 2 only
- 1 and 3 only
- 2 and 3 only
- 1, 2 and 3
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: यूग्लीनॉइड में दो कशाभिकाएँ होती हैं, एक छोटी और एक लंबी। कथन II: सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर यूग्लीनॉइड परपोषी की तरह व्यवहार करते हैं।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
दोनों सही हैं।
Given below are two statements: Statement I: Euglenoids have two flagella, one short and one long. Statement II: Euglenoids behave like heterotrophs when deprived of sunlight.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
अभिकथन (A): Nostoc जैसे सायनोबैक्टीरिया वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर सकते हैं। कारण (R): उनमें हेटेरोसिस्ट नामक विशिष्ट कोशिकाएँ होती हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
नाइट्रोजन स्थिरीकरण हेटेरोसिस्ट में होता है, इसलिए R, A की व्याख्या करता है।
Assertion (A): Cyanobacteria such as Nostoc can fix atmospheric nitrogen. Reason (R): They have specialised cells called heterocysts.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): डायटम महासागरों के प्रमुख उत्पादक हैं। कारण (R): डायटमों की भित्तियों में सिलिका जमी होती है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं, परंतु सिलिका की भित्तियाँ यह नहीं बतातीं कि डायटम प्रमुख उत्पादक क्यों हैं; इसका कारण है कि वे प्रकाश-संश्लेषी हैं।
Assertion (A): Diatoms are the chief producers in the oceans. Reason (R): The walls of diatoms are embedded with silica.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): लाइकेन अच्छे प्रदूषण सूचक हैं। कारण (R): लाइकेन प्रदूषित क्षेत्रों में अच्छी तरह उगते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
लाइकेन प्रदूषित क्षेत्रों में नहीं उगते, इसलिए R असत्य है।
Assertion (A): Lichens are good pollution indicators. Reason (R): Lichens grow well in polluted areas.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): माइकोप्लाज्मा ऑक्सीजन के बिना जीवित रह सकते हैं। कारण (R): माइकोप्लाज्मा में कोशिका भित्ति पूरी तरह अनुपस्थित होती है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं, परंतु कोशिका भित्ति का अभाव ऑक्सीजन के बिना जीवित रहने की व्याख्या नहीं करता।
Assertion (A): Mycoplasma can survive without oxygen. Reason (R): Mycoplasma completely lack a cell wall.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): ड्यूटेरोमाइसीटीज को अपूर्ण कवक कहते हैं। कारण (R): उनकी लैंगिक अवस्था भलीभाँति ज्ञात है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
ड्यूटेरोमाइसीटीज की लैंगिक अवस्था ज्ञात नहीं है, इसलिए R असत्य है।
Assertion (A): Deuteromycetes are called imperfect fungi. Reason (R): Their sexual stage is well known.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): लिनियस की द्विजगत पद्धति ने प्रोकैरियोट को यूकैरियोट से अलग किया। कारण (R): उस पद्धति में जीवाणु, कवक और शैवाल सभी को पादप जगत में रखा गया था।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
D. A असत्य है लेकिन R सत्य है
द्विजगत पद्धति ने प्रोकैरियोट को यूकैरियोट से अलग नहीं किया। R सत्य है।
Assertion (A): The two-kingdom system of Linnaeus separated prokaryotes from eukaryotes. Reason (R): Bacteria, fungi and algae were all placed in the plant kingdom in that system.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. हैलोफिल b. थर्मोएसिडोफिल c. मेथैनोजेन d. सायनोबैक्टीरिया सूची II: i. दलदली क्षेत्र और जुगाली करने वाले पशुओं की आँत ii. अत्यधिक नमकीन क्षेत्र iii. हेटेरोसिस्ट iv. गर्म झरने
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
उत्तर
C. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
हैलोफिल: नमकीन क्षेत्र; थर्मोएसिडोफिल: गर्म झरने; मेथैनोजेन: दलदली क्षेत्र और जुगाली करने वाले पशुओं की आँत; सायनोबैक्टीरिया: हेटेरोसिस्ट।
Match List I with List II. List I: a. Halophiles b. Thermoacidophiles c. Methanogens d. Cyanobacteria List II: i. Marshy areas and guts of ruminants ii. Extremely salty areas iii. Heterocysts iv. Hot springs
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. डायटम b. डाइनोफ्लैजेलेट c. यूग्लीनॉइड d. अवपंक कवक सूची II: i. पेलिकल ii. प्लास्मोडियम iii. सिलिका की भित्ति iv. लाल ज्वार
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
उत्तर
B. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
डायटम: सिलिका की भित्ति; डाइनोफ्लैजेलेट: लाल ज्वार; यूग्लीनॉइड: पेलिकल; अवपंक कवक: प्लास्मोडियम।
Match List I with List II. List I: a. Diatoms b. Dinoflagellates c. Euglenoids d. Slime moulds List II: i. Pellicle ii. Plasmodium iii. Silica wall iv. Red tide
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. Amoeba b. Trypanosoma c. Paramecium d. Plasmodium सूची II: i. पक्ष्माभ ii. स्पोरोज़ोआ iii. पादाभ (कूटपाद) iv. कशाभिकीय प्रोटोज़ोआ
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
उत्तर
A. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
Amoeba: पादाभ; Trypanosoma: कशाभिकीय; Paramecium: पक्ष्माभ; Plasmodium: स्पोरोज़ोआ।
Match List I with List II. List I: a. Amoeba b. Trypanosoma c. Paramecium d. Plasmodium List II: i. Cilia ii. Sporozoans iii. Pseudopodia iv. Flagellated protozoan
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. Rhizopus b. Penicillium c. Puccinia d. Alternaria सूची II: i. बेसिडियोमाइसीटीज ii. ड्यूटेरोमाइसीटीज iii. एस्कोमाइसीटीज iv. फाइकोमाइसीटीज
- a-i, b-iii, c-iv, d-ii
- a-iv, b-i, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
उत्तर
D. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
Rhizopus: फाइकोमाइसीटीज; Penicillium: एस्कोमाइसीटीज; Puccinia: बेसिडियोमाइसीटीज; Alternaria: ड्यूटेरोमाइसीटीज।
Match List I with List II. List I: a. Rhizopus b. Penicillium c. Puccinia d. Alternaria List II: i. Basidiomycetes ii. Deuteromycetes iii. Ascomycetes iv. Phycomycetes
- a-i, b-iii, c-iv, d-ii
- a-iv, b-i, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. तंबाकू मोज़ेक विषाणु b. जीवाणुभोजी (Bacteriophage) c. विरॉइड d. प्रायन सूची II: i. द्विसूत्री DNA वाला टैडपोल जैसा विषाणु ii. केवल प्रोटीन iii. मुक्त RNA, आलू का तर्कुरूपी कंद रोग iv. एकलसूत्री RNA वाला पादप विषाणु
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-iv, b-i, c-iii, d-ii
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
उत्तर
B. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
TMV: एकलसूत्री RNA वाला पादप विषाणु; जीवाणुभोजी: द्विसूत्री DNA वाला टैडपोल जैसा; विरॉइड: मुक्त RNA; प्रायन: केवल प्रोटीन।
Match List I with List II. List I: a. Tobacco mosaic virus b. Bacteriophage c. Viroid d. Prion List II: i. Tadpole-like virus with double-stranded DNA ii. Protein only iii. Free RNA, potato spindle tuber disease iv. Plant virus with single-stranded RNA
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-iv, b-i, c-iii, d-ii
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. अरस्तू b. डी.जे. इवानोव्स्की c. एम.डब्ल्यू. बेजरिंक d. डब्ल्यू.एम. स्टैनले सूची II: i. विषाणुओं का क्रिस्टलीकरण ii. Contagium vivum fluidum iii. जीवाणु-रोधी छन्नों से गुजरना iv. लाल रक्त वाले और बिना लाल रक्त वाले जंतु
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-i, c-ii, d-iii
उत्तर
A. a-iv, b-iii, c-ii, d-i
अरस्तू: लाल रक्त वाले या नहीं; इवानोव्स्की: जीवाणु-रोधी छन्ने; बेजरिंक: Contagium vivum fluidum; स्टैनले: क्रिस्टलित विषाणु।
Match List I with List II. List I: a. Aristotle b. D.J. Ivanowsky c. M.W. Beijerinck d. W.M. Stanley List II: i. Crystallised viruses ii. Contagium vivum fluidum iii. Passage through bacteria-proof filters iv. Animals with and without red blood
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-i, c-ii, d-iii
एक प्रदूषित तालाब में हरी परत दिखाई देती है। सूक्ष्मदर्शी में हेटेरोसिस्ट नामक विशिष्ट नाइट्रोजन-स्थिरीकारी कोशिकाओं वाले तंतु दिखते हैं। यह जीव संभवतः है
- Paramecium
- Euglena
- Gonyaulax
- Anabaena
उत्तर
D. Anabaena
हेटेरोसिस्ट Anabaena और Nostoc जैसे तंतुमय सायनोबैक्टीरिया में होते हैं।
A green scum appears in a polluted pond. Under the microscope, filaments with specialised nitrogen-fixing cells called heterocysts are seen. The organism is most likely
- Paramecium
- Euglena
- Gonyaulax
- Anabaena
तट के पास का समुद्र लाल हो जाता है और अनेक मछलियाँ मर जाती हैं। इसका सबसे संभावित कारण है
- अवपंक कवकों की वृद्धि
- डायटमों का जल-प्रस्फुटन (bloom)
- Gonyaulax जैसे डाइनोफ्लैजेलेटों का तेजी से गुणन
- माइकोप्लाज्मा की वृद्धि
उत्तर
C. Gonyaulax जैसे डाइनोफ्लैजेलेटों का तेजी से गुणन
लाल डाइनोफ्लैजेलेट लाल ज्वार उत्पन्न करते हैं, और उनके विषैले पदार्थ समुद्री जंतुओं को मार सकते हैं।
The sea near a coast turns red and many fish die. The most likely cause is
- growth of slime moulds
- a bloom of diatoms
- rapid multiplication of dinoflagellates such as Gonyaulax
- growth of Mycoplasma
एक गर्म और अम्लीय झरने से एक जीवाणु पृथक किया गया। यह संभवतः है
- थर्मोएसिडोफिल
- हैलोफिल
- मेथैनोजेन
- कोकस आकार का यूबैक्टीरियम
उत्तर
A. थर्मोएसिडोफिल
थर्मोएसिडोफिल आर्किबैक्टीरिया हैं जो गर्म और अम्लीय झरनों में रहते हैं।
A bacterium is isolated from a hot and acidic spring. It is most likely a
- thermoacidophile
- halophile
- methanogen
- coccus-shaped eubacterium
एक कवक में अपटीय, सिनोसाइटिक कवकजाल है और वह युग्मकबीजाणु बनाता है। यह किससे संबंधित है?
- ड्यूटेरोमाइसीटीज
- एस्कोमाइसीटीज
- फाइकोमाइसीटीज
- बेसिडियोमाइसीटीज
उत्तर
C. फाइकोमाइसीटीज
अपटीय सिनोसाइटिक कवकजाल और युग्मकबीजाणु फाइकोमाइसीटीज के लक्षण हैं।
A fungus shows aseptate, coenocytic mycelium and forms zygospores. It belongs to
- Deuteromycetes
- Ascomycetes
- Phycomycetes
- Basidiomycetes
एक कवक केवल अपने कोनिडिया से जाना जाता था। बाद में उसमें आसंधफलकायों के भीतर कोश-सदृश आसंधों में बने लैंगिक बीजाणु मिले। अब उसे किस समूह में रखा जाना चाहिए?
- फाइकोमाइसीटीज
- बेसिडियोमाइसीटीज
- प्रोटिस्टा
- एस्कोमाइसीटीज
उत्तर
D. एस्कोमाइसीटीज
आसंधों में लैंगिक बीजाणु होने का अर्थ है कि यह एक एस्कोमाइसीट है, इसलिए यह ड्यूटेरोमाइसीटीज से बाहर हो जाता है।
A fungus was known only by its conidia. Later, sexual spores formed in sac-like asci inside ascocarps were found in it. To which group should it now be moved?
- Phycomycetes
- Basidiomycetes
- Protista
- Ascomycetes
पशुओं और मनुष्यों में BSE या क्रुत्ज़फेल्ट-जैकब रोग जैसा घातक तंत्रिका-अपविकासी रोग हो सकता है। संक्रामक कारक है
- माइकोप्लाज्मा
- प्रायन
- कैप्सिड वाला विषाणु
- विरॉइड
उत्तर
B. प्रायन
प्रायन असामान्य रूप से मुड़े हुए संक्रामक प्रोटीन हैं जो ये रोग उत्पन्न करते हैं।
Cattle and humans can develop a fatal neurodegenerative disease, such as BSE or Creutzfeldt-Jakob disease. The infectious agent is a
- Mycoplasma
- prion
- virus with a capsid
- viroid
एक स्वच्छ पहाड़ी ढलान पर लाइकेन प्रचुर मात्रा में हैं परंतु एक औद्योगिक क्षेत्र में अनुपस्थित हैं। सबसे उचित निष्कर्ष क्या है?
- लाइकेन केवल परपोषी होते हैं
- कवक भागीदार प्रकाश-संश्लेषी होता है
- लाइकेन को उगने के लिए प्रदूषण चाहिए
- लाइकेन प्रदूषण के प्रति संवेदनशील होते हैं और सूचक का कार्य करते हैं
उत्तर
D. लाइकेन प्रदूषण के प्रति संवेदनशील होते हैं और सूचक का कार्य करते हैं
लाइकेन प्रदूषित क्षेत्रों में नहीं उगते, इसलिए वे प्रदूषण सूचक हैं।
Lichens are abundant on a clean hillside but are absent in an industrial area. What is the best inference?
- Lichens are only heterotrophic
- The fungal partner is photosynthetic
- Lichens need pollution to grow
- Lichens are sensitive to pollution and act as indicators