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NEET जीव विज्ञान: जनन · Chapter 1

पुष्पीय पादपों में लैंगिक जनन

याद रखने योग्य बातें

  • पुष्प लैंगिक जनन का स्थल है। पुंकेसर (नर) लघुबीजाणुजनन (microsporogenesis) द्वारा परागकण बनाता है और स्त्रीकेसर (मादा) गुरुबीजाणुजनन (megasporogenesis) द्वारा भ्रूणकोष (embryo sac) बनाता है। परिपक्व भ्रूणकोष 7-कोशिकीय और 8-केंद्रकीय होता है (पॉलीगोनम प्रकार, एकबीजाणुज)।
  • द्विनिषेचन (double fertilisation) केवल आवृतबीजी पादपों में होता है। एक नर युग्मक अंड से संलयित होता है (संयुग्मन, जिससे 2n युग्मनज बनता है)। दूसरा नर युग्मक दो ध्रुवीय केंद्रकों से संलयित होता है (त्रिसंलयन, जिससे 3n प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक बनता है)।
  • निषेचन के बाद: युग्मनज → भ्रूण, प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक → भ्रूणपोष, बीजांड → बीज, अंडाशय → फल, अध्यावरण → बीजचोल।
  • परागण के प्रकार: स्वयुग्मन (autogamy) (उसी पुष्प में), सजातपुष्पी परागण (geitonogamy) (उसी पादप के दूसरे पुष्प में), परनिषेचन (xenogamy) (उसी जाति के दूसरे पादप के पुष्प में)। केवल परनिषेचन में आनुवंशिक रूप से भिन्न परागकण आते हैं।

पुष्प और नर पक्ष: पुंकेसर, परागकोश और परागकण

पुष्प में चार चक्र होते हैं: बाह्यदलपुंज (calyx), दलपुंज (corolla), पुमंग (androecium) और जायांग (gynoecium)। पुमंग पुंकेसरों से बना होता है। जायांग एक या अधिक स्त्रीकेसरों (अंडपों) से बना होता है।

एक प्रारूपिक पुंकेसर में एक लंबा, पतला पुंतंतु (filament) और अंतिम सिरे पर परागकोश (anther) होता है। पुंतंतु का समीपस्थ सिरा पुष्पासन या पंखुड़ी से जुड़ा होता है। प्रारूपिक परागकोश द्विपालिक होता है। प्रत्येक पालि में दो थीका (theca) होते हैं, इसलिए परागकोश द्विथीकी (dithecous) होता है। परागकोश की अनुप्रस्थ काट चतुष्कोणीय (tetragonal) होती है और उसमें चार लघुबीजाणुधानियाँ (microsporangia) दिखती हैं, प्रत्येक कोने पर एक। प्रत्येक लघुबीजाणुधानी परागकोष्ठ (pollen sac) में विकसित होती है और परागकण इन कोष्ठों को भर देते हैं।

लघुबीजाणुधानी की भित्ति की परतें। भित्ति में चार परतें होती हैं, बाहर से भीतर की ओर:

परतस्थितिकार्य
बाह्यत्वचा (Epidermis)सबसे बाहरीसुरक्षा
अंतस्थीसियम (Endothecium)बाह्यत्वचा के नीचेआर्द्रताग्राही; परागकोश के स्फुटन और परागकणों के मुक्त होने में सहायक
मध्य परतें (Middle layers)अंतस्थीसियम और टेपीटम के बीचसुरक्षा; परिपक्व परागकोश में ये नष्ट हो जाती हैं
टेपीटम (Tapetum)सबसे भीतरीविकासशील परागकणों को पोषण देता है; इसकी कोशिकाओं में सघन कोशिकाद्रव्य और एक से अधिक केंद्रक होते हैं

तरुण लघुबीजाणुधानी के केंद्र में समरूप कोशिकाओं का एक संहत समूह होता है, जिसे बीजाणुजन ऊतक (sporogenous tissue) कहते हैं।

लघुबीजाणुजनन। यह परागमातृ कोशिका (लघुबीजाणु मातृ कोशिका, PMC) से लघुबीजाणुओं (microspores) का निर्माण है। परागकोश के परिपक्व होने पर बीजाणुजन कोशिकाओं में अर्धसूत्री विभाजन होता है और लघुबीजाणु चतुष्क बनते हैं। बीजाणुजन ऊतक की प्रत्येक कोशिका एक चतुष्क बना सकती है, इसलिए प्रत्येक PMC (2n) से चार अगुणित लघुबीजाणु (n) बनते हैं। परागकोश के परिपक्व और निर्जलित होने पर लघुबीजाणु एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं और परागकणों में विकसित हो जाते हैं। इसके बाद परागकोश स्फुटित होकर परागकणों को मुक्त कर देता है।

परागकण। परागकण नर युग्मकोद्भिद (male gametophyte) होते हैं। ये प्रायः गोलाकार होते हैं और इनका व्यास लगभग 25–50 माइक्रोमीटर होता है।

भागप्रकृतिविशेषताएँ
बाह्यचोल (Exine)कठोर बाहरी परतस्पोरोपोलेनिन (sporopollenin) से बनी, जो ज्ञात सबसे प्रतिरोधी कार्बनिक पदार्थों में से एक है। यह उच्च ताप, प्रबल अम्लों और क्षार को सहन कर लेती है। कोई एंज़ाइम इसे अपघटित नहीं कर सकता।
जनन छिद्र (Germ pores)बाह्यचोल में खाली स्थानयहाँ स्पोरोपोलेनिन अनुपस्थित होता है। परागनलिका जनन छिद्र से बाहर निकलती है।
अंतःचोल (Intine)पतली भीतरी परतसेलुलोज़ और पेक्टिन से बनी
कायिक कोशिका (Vegetative cell)बड़ी कोशिकाइसमें प्रचुर खाद्य संचय और एक बड़ा, अनियमित आकार का केंद्रक होता है
जनन कोशिका (Generative cell)छोटी कोशिकाकायिक कोशिका के कोशिकाद्रव्य में तैरती रहती है। यह तर्कुरूपी होती है, इसमें सघन कोशिकाद्रव्य और एक केंद्रक होता है।

बाह्यचोल प्रायः सुंदर अलंकरण वाला होता है, इसलिए किसी जाति के परागकणों को जीवाश्म के रूप में पहचाना जा सकता है। लगभग 60 प्रतिशत आवृतबीजी पादपों में परागकण 2-कोशिकीय अवस्था (कायिक कोशिका और जनन कोशिका) में गिरता है। शेष जातियों (लगभग 40 प्रतिशत) में जनन कोशिका गिरने से पहले विभाजित हो जाती है और परागकण 3-कोशिकीय अवस्था (एक कायिक कोशिका और दो नर युग्मक) में गिरता है।

परागकणों की जीवनक्षमता। परागकण कितने समय तक अंकुरित होने में सक्षम रहते हैं, यह जातियों के अनुसार भिन्न होता है। चावल और गेहूँ में परागकण मुक्त होने के लगभग 30 मिनट के भीतर जीवनक्षमता खो देते हैं। रोज़ेसी (Rosaceae), लेग्यूमिनोसी (Leguminosae) और सोलेनेसी (Solanaceae) के कई सदस्यों में ये महीनों तक जीवित रहते हैं। परागकणों को द्रव नाइट्रोजन में –196 °C पर वर्षों तक संग्रहित किया जा सकता है। इसे क्रायोसंरक्षण (cryopreservation) कहते हैं और संग्रहित परागकणों का उपयोग परागकण बैंकों के रूप में होता है।

परागकण उत्पाद। परागकण पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। परागकण की गोलियाँ और सिरप आहार पूरक के रूप में उपयोग किए जाते हैं। परागकण का उपयोग कुछ खेलों में और रेसिंग के घोड़ों के लिए भी होता है। कुछ पादपों (जैसे पार्थेनियम, अर्थात गाजर घास) के परागकण एलर्जी और श्वसन संबंधी समस्याएँ उत्पन्न करते हैं।

मादा पक्ष: स्त्रीकेसर, बीजांड और भ्रूणकोष

स्त्रीकेसर के तीन भाग होते हैं: वर्तिकाग्र (stigma) (परागकणों के उतरने का मंच), वर्तिका (style) (वर्तिकाग्र के नीचे का लंबा पतला भाग) और अंडाशय (ovary) (फूला हुआ आधारी भाग)। अंडाशय के भीतर अंडाशयी गुहा (प्रकोष्ठ, locule) होती है। अपरा (placenta) प्रकोष्ठ के भीतर स्थित होती है और बीजांड उसी से उत्पन्न होते हैं।

बीजांड (गुरुबीजाणुधानी) की संरचना।

भागविवरण
बीजांडवृंत (Funicle)बीजांड का वृंत
नाभिका (Hilum)बीजांड और बीजांडवृंत का संधि स्थल
अध्यावरण (Integuments)बीजांड को घेरने वाले एक या दो सुरक्षात्मक आवरण
बीजांडद्वार (Micropyle)सिरे पर छोटा छिद्र, जहाँ अध्यावरण नहीं पहुँचते
बीजांडकाय (Nucellus)अध्यावरण के भीतर कोशिकाओं का समूह, जिसमें संचित भोजन होता है
निभाग (Chalaza)बीजांड का आधारी भाग, बीजांडद्वार के विपरीत
भ्रूणकोष (Embryo sac)मादा युग्मकोद्भिद, बीजांडकाय में स्थित

गुरुबीजाणुजनन। यह गुरुबीजाणु मातृ कोशिका (megaspore mother cell, MMC) से गुरुबीजाणुओं (megaspores) का निर्माण है। MMC सघन कोशिकाद्रव्य और प्रमुख केंद्रक वाली बड़ी कोशिका होती है। यह बीजांडकाय के बीजांडद्वारी क्षेत्र में पाई जाती है। MMC (2n) में अर्धसूत्री विभाजन होता है और चार अगुणित गुरुबीजाणु बनते हैं। अधिकांश पुष्पीय पादपों में केवल एक गुरुबीजाणु क्रियाशील होता है और अन्य तीन नष्ट हो जाते हैं। क्रियाशील गुरुबीजाणु मादा युग्मकोद्भिद (भ्रूणकोष) में विकसित होता है। चूँकि भ्रूणकोष केवल एक गुरुबीजाणु से बनता है, इसलिए इसे एकबीजाणुज (monosporic) विकास कहते हैं।

भ्रूणकोष (पॉलीगोनम प्रकार)। क्रियाशील गुरुबीजाणु का केंद्रक समसूत्री विभाजन द्वारा दो केंद्रक बनाता है, जो विपरीत ध्रुवों की ओर चले जाते हैं। दो और समसूत्री विभाजनों से प्रत्येक ध्रुव पर चार केंद्रक बनते हैं, इस प्रकार कुल 8 केंद्रक होते हैं। फिर कोशिका भित्तियाँ बनती हैं, किंतु सभी केंद्रकों के चारों ओर नहीं।

स्थानकोशिकाएँकेंद्रक
बीजांडद्वारी सिराअंड उपकरण (Egg apparatus): एक अंड कोशिका और दो सहायक कोशिकाएँ (synergids)3
निभागी सिरातीन प्रतिपादी कोशिकाएँ (antipodal cells)3
केंद्रदो ध्रुवीय केंद्रकों वाली एक बड़ी केंद्रीय कोशिका2

सहायक कोशिकाओं के बीजांडद्वारी सिरे पर विशेष कोशिकीय स्थूलन होते हैं, जिन्हें तंतुरूपी समूह (filiform apparatus) कहते हैं। यह परागनलिका के प्रवेश का मार्गदर्शन करता है। इस प्रकार एक प्रारूपिक आवृतबीजी भ्रूणकोष 7-कोशिकीय किंतु 8-केंद्रकीय होता है।

परागण

परागण (pollination) परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण है।

प्रकारअर्थआनुवंशिक परिणाम
स्वयुग्मन (Autogamy)परागकोश से परागकण उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैंआनुवंशिक रूप से समान
सजातपुष्पी परागण (Geitonogamy)परागकण उसी पादप के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैंक्रियात्मक रूप से पर-परागण (इसमें कारक की आवश्यकता होती है) किंतु आनुवंशिक रूप से स्वयुग्मन के समान
परनिषेचन (Xenogamy)परागकण दूसरे पादप के पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैंआनुवंशिक रूप से भिन्न परागकण लाता है

स्वयुग्मन के लिए पुष्प में परागकोश और वर्तिकाग्र का एक ही अवस्था में और पास-पास होना आवश्यक है। उन्मीलिक पुष्प (Chasmogamous flowers) खुलते हैं और परागकोश तथा वर्तिकाग्र को अनावृत कर देते हैं। अनुन्मीलिक पुष्प (Cleistogamous flowers) कभी नहीं खुलते। इनमें परागकोश और वर्तिकाग्र पास-पास होते हैं और परागकोश बंद पुष्प के भीतर ही स्फुटित होते हैं, इसलिए परागण सदैव स्वयुग्मक होता है। अनुन्मीलिक पुष्प परागकारकों के बिना भी बीज बनना सुनिश्चित करते हैं। इनके उदाहरण वायोला (सामान्य पैंज़ी), ऑक्सैलिस और कॉमेलाइना हैं। कुछ जातियाँ उन्मीलिक और अनुन्मीलिक दोनों प्रकार के पुष्प उत्पन्न करती हैं।

परागण के कारक। पादप वायु, जल या जंतुओं (प्रायः कीटों) का उपयोग करते हैं।

कारकपादप या परागकण की विशेषताएँउदाहरण
वायुपरागकण हल्के और अचिपचिपे होते हैं। पुंकेसर भली-भाँति खुले होते हैं। वर्तिकाग्र बड़ा और प्रायः पिच्छिल होता है। पुष्प पुष्पक्रमों में सघन रूप से लगे होते हैं। अंडाशय में प्रायः एक ही बीजांड होता है।मक्का (भुट्टा; इसके सूत्र वर्तिकाग्र और वर्तिकाएँ हैं), घासें
जलदुर्लभ, लगभग 30 वंशों में पाया जाता है, अधिकतर एकबीजपत्री। परागकण प्रायः श्लेष्मी आवरण से सुरक्षित होते हैं।वैलिस्नेरिया, हाइड्रिला, ज़ोस्टेरा
कीटपुष्प बड़े, रंगीन, सुगंधित और मकरंद से भरपूर होते हैं। परागकण चिपचिपे होते हैं। छोटे पुष्प गुच्छों में लगते हैं।एमॉर्फोफैलस, यूका (पतंगा अंडाशय के प्रकोष्ठ में अंडे देता है)

वैलिस्नेरिया में मादा पुष्प अपने लंबे वृंत द्वारा जल की सतह तक पहुँच जाता है। नर पुष्प या परागकण सतह पर मुक्त होते हैं और जल की धाराओं द्वारा निष्क्रिय रूप से मादा पुष्प तक पहुँचते हैं। सभी जलीय पादप परागण के लिए जल का उपयोग नहीं करते। अधिकांश जलीय पादप, जैसे जलकुंभी और कमल (water lily), कीटों या वायु द्वारा परागित होते हैं।

बहिःप्रजनन युक्तियाँ। अधिकांश पुष्पीय पादप उभयलिंगी पुष्प उत्पन्न करते हैं, इसलिए स्व-परागण की संभावना रहती है। अतः पादप पर-परागण को बढ़ावा देने के लिए कुछ युक्तियाँ अपनाते हैं।

  • परागकणों का मुक्त होना और वर्तिकाग्र की ग्राह्यता समकालिक नहीं होते।
  • परागकोश और वर्तिकाग्र भिन्न स्थानों पर स्थित होते हैं, इसलिए परागकण उसी पुष्प के वर्तिकाग्र तक नहीं पहुँचते।
  • स्व-असंगतता (self-incompatibility): एक आनुवंशिक क्रियाविधि जो स्व-परागकणों को उसी पुष्प के बीजांडों को निषेचित करने से रोकती है।
  • एकलिंगी पुष्प: उभयलिंगाश्रयी (monoecious) पादपों (अरंड, मक्का) में दोनों लिंग एक ही पादप पर होते हैं, इसलिए सजातपुष्पी परागण हो सकता है किंतु स्वयुग्मन नहीं। एकलिंगाश्रयी (dioecious) पादपों (पपीता) में नर और मादा पुष्प अलग-अलग पादपों पर होते हैं, इसलिए स्वयुग्मन और सजातपुष्पी परागण दोनों रुक जाते हैं।

परागकण-स्त्रीकेसर पारस्परिक क्रिया। स्त्रीकेसर परागकण को पहचानता है। यदि परागकण सही प्रकार का (संगत) है, तो स्त्रीकेसर उसे स्वीकार करता है और परागण-पश्चात की घटनाओं को बढ़ावा देता है। यदि वह गलत प्रकार का (असंगत) है, तो स्त्रीकेसर परागकण के अंकुरण या परागनलिका की वृद्धि को रोककर उसे अस्वीकार कर देता है। परागकण वर्तिकाग्र पर अंकुरित होता है और परागनलिका वर्तिका में से होकर बढ़ती है। नलिका बीजांडद्वार से होकर बीजांड में प्रवेश करती है और फिर तंतुरूपी समूह के द्वारा एक सहायक कोशिका में प्रवेश करती है। दोनों नर युग्मक सहायक कोशिका में मुक्त कर दिए जाते हैं।

कृत्रिम संकरण। इसका उपयोग फसल सुधार में वांछित गुण प्राप्त करने के लिए होता है। इसमें दो चरण आवश्यक हैं:

  • 1. विपुंसन (Emasculation): मादा जनक के द्विलिंगी पुष्प से परागकोशों को स्फुटित होने से पहले चिमटी की सहायता से हटा दिया जाता है।
  • 2. बोरी चढ़ाना (Bagging): विपुंसित पुष्प को उपयुक्त आकार की थैली (प्रायः बटर पेपर) से ढक दिया जाता है ताकि अवांछित परागकणों से संदूषण न हो। वर्तिकाग्र के ग्राह्य होने पर चुने हुए नर जनक के परागकण उस पर छिड़के जाते हैं और पुष्प को फिर से थैली से ढक दिया जाता है। यदि मादा जनक एकलिंगी पुष्प उत्पन्न करता है, तो विपुंसन की आवश्यकता नहीं होती और पुष्पों के खुलने से पहले केवल बोरी चढ़ाई जाती है।

द्विनिषेचन

सहायक कोशिका में प्रवेश के बाद एक नर युग्मक अंड की ओर बढ़ता है और उसके केंद्रक से संलयित होकर (संयुग्मन, syngamy) द्विगुणित युग्मनज (zygote) बनाता है। दूसरा नर युग्मक दो ध्रुवीय केंद्रकों की ओर बढ़ता है और उनसे संलयित होकर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (primary endosperm nucleus, PEN) बनाता है। यह त्रिसंलयन (triple fusion) है, क्योंकि इसमें तीन अगुणित केंद्रक सम्मिलित होते हैं। केंद्रीय कोशिका प्राथमिक भ्रूणपोष कोशिका (PEC) बन जाती है। दोनों संलयन घटनाओं को मिलाकर द्विनिषेचन कहते हैं। निषेचन के बाद सहायक कोशिकाएँ और प्रतिपादी कोशिकाएँ नष्ट हो जाती हैं।

निषेचन के बाद: भ्रूणपोष और भ्रूण

भ्रूणपोष (Endosperm)। भ्रूणपोष भ्रूण से पहले विकसित होता है, ताकि बढ़ते भ्रूण के लिए पोषण तैयार रहे। PEN बार-बार विभाजित होकर मुक्त-केंद्रकीय भ्रूणपोष बनाता है: अनेक केंद्रक बिना भित्ति के कोशिकाद्रव्य में स्थित होते हैं। यह सामान्य प्रकार है। बाद में कोशिका भित्तियाँ बनती हैं और भ्रूणपोष कोशिकीय हो जाता है। कच्चे नारियल का पानी मुक्त-केंद्रकीय भ्रूणपोष है और उसके चारों ओर की सफ़ेद गिरी कोशिकीय भ्रूणपोष है। भ्रूणपोष की कोशिकाएँ संचित भोजन जमा करती हैं। कुछ का उपयोग विकासशील भ्रूण द्वारा हो जाता है और कुछ बीजों में भ्रूणपोष बना रहता है।

भ्रूण (Embryo)। भ्रूण भ्रूणकोष के बीजांडद्वारी सिरे पर विकसित होता है, जहाँ युग्मनज स्थित होता है। युग्मनज कुछ भ्रूणपोष बन जाने के बाद ही विभाजित होता है। द्विबीजपत्री में अवस्थाएँ हैं: प्राग्भ्रूण (proembryo) → गोलाकार → हृदयाकार → परिपक्व भ्रूण।

लक्षणद्विबीजपत्री भ्रूणएकबीजपत्री भ्रूण
बीजपत्रदोएक (स्कुटेलम, जो भ्रूणीय अक्ष के एक ओर स्थित होता है)
भ्रूणीय अक्षबीजपत्राधार (epicotyl) (प्रांकुर में समाप्त) और बीजपत्रोपरिक (hypocotyl) (मूलांकुर में समाप्त, मूलगोप सहित)मूलांकुर और प्रांकुर सहित छोटा अक्ष
आवरणकोई नहींमूलांकुर और मूलगोप मूलांकुर चोल (coleorhiza) में बंद; प्रांकुर प्रांकुर चोल (coleoptile) में बंद
उदाहरणमटर, सेममक्का, गेहूँ, चावल

बीज और फल

बीज। बीज में बीजचोल (अध्यावरणों से बना), बीजपत्र और भ्रूणीय अक्ष होते हैं। बीजचोल में बाहरी बीजचोल (testa) और भीतरी अंतःबीजचोल (tegmen) होता है। बीजांडद्वार एक छोटे रंध्र के रूप में बना रहता है। यह अंकुरण के समय ऑक्सीजन और जल के प्रवेश में सहायक होता है।

  • भ्रूणपोषी (albuminous) बीजों में कुछ भ्रूणपोष बचा रहता है, क्योंकि भ्रूण द्वारा वह पूरी तरह उपयोग नहीं होता। उदाहरण गेहूँ, मक्का, जौ, अरंड हैं।
  • अभ्रूणपोषी (ex-albuminous) बीजों में कोई अवशिष्ट भ्रूणपोष नहीं होता, क्योंकि वह पूरी तरह उपयोग हो चुका होता है। उदाहरण मटर और मूँगफली हैं।
  • परिभ्रूणपोष (Perisperm) अवशिष्ट, स्थायी बीजांडकाय है। उदाहरण काली मिर्च और चुकंदर हैं।

बीज के परिपक्व होने पर उसका जल घट जाता है और वह शुष्क हो जाता है (लगभग 10–15 प्रतिशत नमी)। भ्रूण प्रसुप्त हो जाता है, जो चयापचय के घटे हुए स्तर की अवस्था है। जल, ऑक्सीजन और उपयुक्त ताप जैसी परिस्थितियाँ मिलने पर प्रसुप्ति समाप्त हो जाती है।

फल। अंडाशय फल में विकसित होता है और अंडाशय भित्ति फलभित्ति (pericarp) (फल की भित्ति) बन जाती है। अधिकांश पादपों में फल केवल अंडाशय से बनता है। कुछ में, जैसे सेब, स्ट्रॉबेरी और काजू में, पुष्प के अन्य भाग (जैसे पुष्पासन) भी फल का भाग बनाते हैं। ऐसे फल कूट फल (false fruits) कहलाते हैं। केवल अंडाशय से बने फल सत्य फल (true fruits) कहलाते हैं।

अनिषेकफलन (Parthenocarpy)। निषेचन के बिना फल का विकास अनिषेकफलन कहलाता है। ऐसे फल बीजरहित होते हैं। केला एक सामान्य उदाहरण है। अनिषेकफलन को वृद्धि नियामकों द्वारा प्रेरित किया जा सकता है।

असंगजनन और बहुभ्रूणता

असंगजनन (apomixis) निषेचन के बिना बीजों का निर्माण है। यह अलैंगिक जनन का एक रूप है जो लैंगिक जनन की नकल करता है। यह एस्टेरेसी (Asteraceae) की कुछ जातियों और घासों में होता है। इसके तरीके हैं:

  • न्यूनीकरण विभाजन (अर्धसूत्री विभाजन) के बिना एक द्विगुणित अंड कोशिका बनती है और निषेचन के बिना भ्रूण में विकसित हो जाती है।
  • अनेक जातियों (जैसे नींबू वंश और आम) में बीजांडकाय की कुछ कोशिकाएँ भ्रूणकोष में उभर आती हैं और भ्रूणों में विकसित हो जाती हैं।

बहुभ्रूणता (polyembryony) एक बीज में एक से अधिक भ्रूणों का होना है। यह नींबू वंश और आम में सामान्य है, जहाँ बीजांडकायी भ्रूण बनते हैं। असंगजनन मूल्यवान है, क्योंकि संकर बीज अपने गुणों को पीढ़ियों तक बनाए रख सकते हैं, इसलिए किसानों को हर वर्ष नए संकर बीज खरीदने की आवश्यकता नहीं होती।

NEET में फँसाने वाले बिंदु

  • 1. सजातपुष्पी परागण बनाम परनिषेचन: सजातपुष्पी परागण एक ही पादप के पुष्पों के बीच होता है, इसलिए यह कारक की आवश्यकता होने पर भी आनुवंशिक रूप से स्वयुग्मन है। परनिषेचन में भिन्न पादप आवश्यक हैं।
  • 2. अंतस्थीसियम बनाम टेपीटम: अंतस्थीसियम आर्द्रताग्राही है और स्फुटन में सहायक है। टेपीटम सबसे भीतरी परत है और परागकणों को पोषण देता है।
  • 3. बाह्यचोल बनाम अंतःचोल: बाह्यचोल स्पोरोपोलेनिन का बना (बाहरी, प्रतिरोधी) है। अंतःचोल सेलुलोज़ और पेक्टिन का बना (भीतरी) है।
  • 4. अंड उपकरण बनाम भ्रूणकोष: अंड उपकरण केवल अंड और दो सहायक कोशिकाएँ (3 कोशिकाएँ) है। भ्रूणकोष में 7 कोशिकाएँ और 8 केंद्रक होते हैं।
  • 5. निभागी बनाम बीजांडद्वारी सिरा: प्रतिपादी कोशिकाएँ निभागी सिरे पर होती हैं। अंड उपकरण बीजांडद्वारी सिरे पर होता है।
  • 6. संयुग्मन बनाम त्रिसंलयन: संयुग्मन से 2n युग्मनज बनता है। त्रिसंलयन से 3n PEN बनता है।
  • 7. अनुन्मीलिक बनाम उन्मीलिक: अनुन्मीलिक पुष्प कभी नहीं खुलते और सदैव स्वयुग्मक होते हैं। उन्मीलिक पुष्प खुलते हैं।
  • 8. उभयलिंगाश्रयी बनाम एकलिंगाश्रयी: उभयलिंगाश्रयी (अरंड, मक्का) में फिर भी सजातपुष्पी परागण संभव है। एकलिंगाश्रयी (पपीता) में स्वयुग्मन और सजातपुष्पी परागण दोनों रुक जाते हैं।
  • 9. भ्रूणपोषी बनाम अभ्रूणपोषी: अरंड और गेहूँ भ्रूणपोषी हैं। मटर और मूँगफली अभ्रूणपोषी हैं।
  • 10. परिभ्रूणपोष बनाम भ्रूणपोष: परिभ्रूणपोष बचा हुआ बीजांडकाय (2n) है। भ्रूणपोष त्रिसंलयन (3n) से बनता है।

एक-पंक्ति तथ्य

  • 1. परागकोश द्विपालिक, द्विथीकी और काट में चतुष्कोणीय होता है, जिसमें चार लघुबीजाणुधानियाँ होती हैं।
  • 2. लघुबीजाणुधानी की भित्ति की परतें बाहर से बाह्यत्वचा, अंतस्थीसियम, मध्य परतें और टेपीटम हैं।
  • 3. लघुबीजाणु चतुष्क परागमातृ कोशिका के अर्धसूत्री विभाजन से बनते हैं।
  • 4. परागकण का बाह्यचोल स्पोरोपोलेनिन का बना होता है, जिसे कोई ज्ञात एंज़ाइम अपघटित नहीं करता।
  • 5. परागकण का व्यास लगभग 25–50 माइक्रोमीटर होता है।
  • 6. चावल और गेहूँ के परागकण केवल लगभग 30 मिनट तक जीवनक्षम रहते हैं।
  • 7. परागकणों को द्रव नाइट्रोजन में –196 °C पर संग्रहित किया जाता है।
  • 8. बीजांड, नाभिका पर बीजांडवृंत द्वारा अपरा से जुड़ा होता है।
  • 9. एकबीजाणुज विकास में चार गुरुबीजाणुओं में से केवल एक क्रियाशील होता है।
  • 10. परिपक्व भ्रूणकोष में 3 + 3 + 2 केंद्रक होते हैं, जो अंड उपकरण, प्रतिपादी कोशिकाओं और केंद्रीय कोशिका में स्थित होते हैं।
  • 11. अनुन्मीलिक पुष्प (वायोला, ऑक्सैलिस, कॉमेलाइना) बीज बनना सुनिश्चित करते हैं।
  • 12. विपुंसन में परागकोश हटाए जाते हैं और बोरी चढ़ाने में बटर पेपर का उपयोग होता है।
  • 13. अंड से संलयित होने वाला नर युग्मक और ध्रुवीय केंद्रकों से संलयित होने वाला नर युग्मक एक ही परागनलिका से आते हैं।
  • 14. नारियल का पानी मुक्त-केंद्रकीय भ्रूणपोष है।
  • 15. असंगजनन और बहुभ्रूणता नींबू वंश और आम में दिखती हैं तथा केला अनिषेकफलन दर्शाता है।

अभ्यास प्रश्न

  1. लघुबीजाणुधानी (microsporangium) की भित्ति की सबसे भीतरी परत कौन-सी है?

    1. अंतस्थीसियम (Endothecium)
    2. बाह्यत्वचा (Epidermis)
    3. टेपीटम (Tapetum)
    4. मध्य परत
    उत्तर

    C. टेपीटम (Tapetum)

    टेपीटम सबसे भीतरी परत है और विकासशील परागकणों को पोषण देता है।

    Which is the innermost wall layer of a microsporangium?

    1. Endothecium
    2. Epidermis
    3. Tapetum
    4. Middle layer
  2. परागकण का बाह्यचोल (exine) किससे बना होता है?

    1. पेक्टिन
    2. स्पोरोपोलेनिन
    3. सेलुलोज़
    4. काइटिन
    उत्तर

    B. स्पोरोपोलेनिन

    बाह्यचोल स्पोरोपोलेनिन का बना होता है, जो एक अत्यंत प्रतिरोधी कार्बनिक पदार्थ है; सेलुलोज़ और पेक्टिन अंतःचोल बनाते हैं।

    The exine of a pollen grain is made of

    1. pectin
    2. sporopollenin
    3. cellulose
    4. chitin
  3. एक परिपक्व पॉलीगोनम प्रकार के भ्रूणकोष में कितनी कोशिकाएँ होती हैं?

    1. 7
    2. 8
    3. 6
    4. 4
    उत्तर

    A. 7

    तीन प्रतिपादी कोशिकाएँ, एक अंड, दो सहायक कोशिकाएँ और एक केंद्रीय कोशिका मिलकर 7 कोशिकाएँ बनाती हैं (8 केंद्रक)।

    How many cells are present in a mature Polygonum-type embryo sac?

    1. 7
    2. 8
    3. 6
    4. 4
  4. चावल और गेहूँ के परागकण केवल लगभग कितने समय तक जीवनक्षम रहते हैं?

    1. 3 घंटे
    2. 30 दिन
    3. 3 दिन
    4. 30 मिनट
    उत्तर

    D. 30 मिनट

    चावल और गेहूँ में परागकण मुक्त होने के लगभग 30 मिनट के भीतर जीवनक्षमता खो देते हैं।

    Pollen grains of rice and wheat remain viable for only about

    1. 3 hours
    2. 30 days
    3. 3 days
    4. 30 minutes
  5. तंतुरूपी समूह (filiform apparatus) एक कोशिकीय स्थूलन है, जो किसमें पाया जाता है?

    1. सहायक कोशिकाएँ
    2. प्रतिपादी कोशिकाएँ
    3. केंद्रीय कोशिका
    4. अंड कोशिका
    उत्तर

    A. सहायक कोशिकाएँ

    सहायक कोशिकाओं के बीजांडद्वारी सिरे पर तंतुरूपी समूह होता है, जो परागनलिका का मार्गदर्शन करता है।

    The filiform apparatus is a cellular thickening present in the

    1. synergids
    2. antipodal cells
    3. central cell
    4. egg cell
  6. निम्नलिखित में से किसमें अनुन्मीलिक पुष्प (cleistogamous flowers) होते हैं?

    1. ज़ोस्टेरा
    2. पपीता
    3. वैलिस्नेरिया
    4. वायोला
    उत्तर

    D. वायोला

    वायोला, ऑक्सैलिस और कॉमेलाइना में अनुन्मीलिक पुष्प होते हैं, जो कभी नहीं खुलते।

    Which of the following bears cleistogamous flowers?

    1. Zostera
    2. Papaya
    3. Vallisneria
    4. Viola
  7. कच्चे नारियल का पानी किसका उदाहरण है?

    1. बीजांडकायी ऊतक
    2. कोशिकीय भ्रूणपोष
    3. मुक्त-केंद्रकीय भ्रूणपोष
    4. परिभ्रूणपोष
    उत्तर

    C. मुक्त-केंद्रकीय भ्रूणपोष

    नारियल का पानी मुक्त-केंद्रकीय भ्रूणपोष है; सफ़ेद गिरी कोशिकीय भ्रूणपोष है।

    Tender coconut water is an example of

    1. nucellar tissue
    2. cellular endosperm
    3. free-nuclear endosperm
    4. perisperm
  8. एकबीजपत्री भ्रूण का स्कुटेलम (scutellum) किसे निरूपित करता है?

    1. मूलांकुर चोल (coleorhiza)
    2. एकमात्र बीजपत्र
    3. प्रांकुर चोल (coleoptile)
    4. बीजपत्राधार (epicotyl)
    उत्तर

    B. एकमात्र बीजपत्र

    स्कुटेलम घास के भ्रूण का एकमात्र बीजपत्र है, जो अक्ष के एक ओर स्थित होता है।

    The scutellum of a monocot embryo represents the

    1. coleorhiza
    2. single cotyledon
    3. coleoptile
    4. epicotyl
  9. बीज में बीजांडकाय का स्थायी अवशेष, परिभ्रूणपोष (perisperm), किसमें पाया जाता है?

    1. गेहूँ
    2. काली मिर्च
    3. मटर
    4. अरंड
    उत्तर

    B. काली मिर्च

    काली मिर्च और चुकंदर में परिभ्रूणपोष बना रहता है; गेहूँ और अरंड में भ्रूणपोष होता है; मटर में नहीं होता।

    Perisperm, the persistent remnant of nucellus in a seed, is seen in

    1. wheat
    2. black pepper
    3. pea
    4. castor
  10. त्रिसंलयन (triple fusion) के फलस्वरूप क्या बनता है?

    1. द्विगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक
    2. द्विगुणित युग्मनज
    3. त्रिगुणित युग्मनज
    4. त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक
    उत्तर

    D. त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक

    एक नर युग्मक दो ध्रुवीय केंद्रकों से संलयित होता है, जिससे 3n प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक बनता है।

    Triple fusion results in the formation of

    1. diploid primary endosperm nucleus
    2. diploid zygote
    3. triploid zygote
    4. triploid primary endosperm nucleus
  11. परागकोश की भित्ति का अंतस्थीसियम मुख्यतः क्या करता है?

    1. परागकणों को पोषण देता है
    2. स्पोरोपोलेनिन बनाता है
    3. परागकोश के स्फुटन में सहायता करता है
    4. लघुबीजाणु चतुष्क बनाता है
    उत्तर

    C. परागकोश के स्फुटन में सहायता करता है

    अंतस्थीसियम आर्द्रताग्राही होता है और स्फुटन द्वारा परागकणों के मुक्त होने में सहायता करता है।

    The endothecium of an anther wall mainly

    1. nourishes the pollen grains
    2. produces sporopollenin
    3. helps in dehiscence of the anther
    4. forms the microspore tetrads
  12. निषेचन के बिना फल का विकास किसमें देखा जाता है?

    1. केला
    2. सेब
    3. स्ट्रॉबेरी
    4. काजू
    उत्तर

    A. केला

    केला अनिषेकफली है; सेब, स्ट्रॉबेरी और काजू कूट फल हैं।

    Development of fruit without fertilisation is seen in

    1. banana
    2. apple
    3. strawberry
    4. cashew
  13. बहुभ्रूणता (polyembryony) सामान्यतः किसमें देखी जाती है?

    1. नींबू वंश (citrus)
    2. गेहूँ
    3. मक्का
    4. मटर
    उत्तर

    A. नींबू वंश (citrus)

    नींबू वंश और आम में बीजांडकाय की कोशिकाएँ अतिरिक्त भ्रूण बनाती हैं।

    Polyembryony is commonly seen in

    1. citrus
    2. wheat
    3. maize
    4. pea
  14. सजातपुष्पी परागण (geitonogamy) आनुवंशिक रूप से किसके समतुल्य है?

    1. अनिषेकफलन
    2. स्वयुग्मन
    3. असंगजनन
    4. परनिषेचन
    उत्तर

    B. स्वयुग्मन

    परागकण उसी पादप से आते हैं, इसलिए यह कारक की आवश्यकता होने पर भी आनुवंशिक रूप से स्वयुग्मन के समान है।

    Geitonogamy is genetically equivalent to

    1. parthenocarpy
    2. autogamy
    3. apomixis
    4. xenogamy
  15. परागनलिका भ्रूणकोष में किसके द्वारा प्रवेश करती है?

    1. निभागी सिरा
    2. नाभिका
    3. सहायक कोशिका का तंतुरूपी समूह
    4. प्रतिपादी कोशिकाएँ
    उत्तर

    C. सहायक कोशिका का तंतुरूपी समूह

    नलिका बीजांडद्वार से और फिर तंतुरूपी समूह द्वारा एक सहायक कोशिका में प्रवेश करती है।

    The pollen tube enters the embryo sac through the

    1. chalazal end
    2. hilum
    3. filiform apparatus of a synergid
    4. antipodal cells
  16. एकबीजपत्री भ्रूण में प्रांकुर (plumule) किसमें बंद होता है?

    1. स्कुटेलम
    2. बीजचोल (testa)
    3. मूलांकुर चोल
    4. प्रांकुर चोल
    उत्तर

    D. प्रांकुर चोल

    प्रांकुर चोल प्रांकुर को ढकता है; मूलांकुर चोल मूलांकुर और मूलगोप को ढकता है।

    In a monocot embryo the plumule is enclosed in the

    1. scutellum
    2. testa
    3. coleorhiza
    4. coleoptile
  17. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: टेपीटम विकासशील परागकणों को पोषण देता है। कथन II: अंतस्थीसियम परागकोश की भित्ति की सबसे भीतरी परत है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    टेपीटम सबसे भीतरी परत है; अंतस्थीसियम बाह्यत्वचा के नीचे स्थित होता है।

    Given below are two statements: Statement I: The tapetum nourishes the developing pollen grains. Statement II: The endothecium is the innermost layer of the anther wall. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  18. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: परागकण की जनन कोशिका बड़ी होती है और उसका केंद्रक अनियमित आकार का होता है। कथन II: कायिक कोशिका में प्रचुर खाद्य संचय होता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    कायिक कोशिका बड़ी होती है और उसका केंद्रक अनियमित होता है; जनन कोशिका छोटी और तर्कुरूपी होती है।

    Given below are two statements: Statement I: The generative cell of a pollen grain is large and has an irregularly shaped nucleus. Statement II: The vegetative cell has abundant food reserve. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  19. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: सजातपुष्पी परागण में परागण कारक की आवश्यकता होती है। कथन II: सजातपुष्पी परागण आनुवंशिक रूप से स्वयुग्मन का एक प्रकार है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    परागकण एक ही पादप के पुष्पों के बीच जाते हैं, इसलिए कारक की आवश्यकता होती है, किंतु आनुवंशिक परिणाम स्वयुग्मन जैसा होता है।

    Given below are two statements: Statement I: Geitonogamy requires a pollinating agent. Statement II: Geitonogamy is genetically a type of autogamy. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  20. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: अनुन्मीलिक पुष्प परागकारकों के बिना भी बीज बनाते हैं। कथन II: अनुन्मीलिक पुष्पों में परागकोश और वर्तिकाग्र बाहर की ओर अनावृत होते हैं। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    अनुन्मीलिक पुष्प कभी नहीं खुलते, इसलिए परागण बंद पुष्प के भीतर ही होता है।

    Given below are two statements: Statement I: Cleistogamous flowers set seeds even without pollinators. Statement II: In cleistogamous flowers the anthers and stigma are exposed to the outside. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  21. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: उभयलिंगाश्रयी (dioecious) होने के कारण पपीता स्वयुग्मन और सजातपुष्पी परागण दोनों को रोकता है। कथन II: उभयलिंगाश्रयी (monoecious) होने के कारण अरंड सजातपुष्पी परागण को रोकता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    अरंड जैसे उभयलिंगाश्रयी पादप केवल स्वयुग्मन को रोकते हैं, फिर भी सजातपुष्पी परागण संभव रहता है।

    Given below are two statements: Statement I: Papaya, being dioecious, prevents both autogamy and geitonogamy. Statement II: Castor, being monoecious, prevents geitonogamy. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  22. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. विपुंसन परागकोशों के स्फुटित होने से पहले उन्हें हटाना है। 2. बोरी चढ़ाने से अवांछित परागकणों द्वारा संदूषण रुकता है। 3. जब मादा जनक एकलिंगी पुष्प उत्पन्न करता है, तब विपुंसन आवश्यक होता है।

    1. 1 और 2 केवल
    2. 2 और 3 केवल
    3. 1 और 3 केवल
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर

    A. 1 और 2 केवल

    एकलिंगी मादा पुष्पों में परागकोश नहीं होते, इसलिए केवल बोरी चढ़ाना पर्याप्त है; कथन 3 गलत है।

    Which of the following statements are correct? 1. Emasculation is the removal of anthers before they dehisce. 2. Bagging prevents contamination by unwanted pollen. 3. Emasculation is essential when the female parent bears unisexual flowers.

    1. 1 and 2 only
    2. 2 and 3 only
    3. 1 and 3 only
    4. 1, 2 and 3
  23. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: परागकण के जनन छिद्र वे क्षेत्र हैं जहाँ स्पोरोपोलेनिन उपस्थित होता है। कथन II: अंतःचोल स्पोरोपोलेनिन का बना होता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं

    जनन छिद्रों में स्पोरोपोलेनिन नहीं होता; अंतःचोल सेलुलोज़ और पेक्टिन का बना होता है।

    Given below are two statements: Statement I: The germ pores of the pollen grain are regions where sporopollenin is present. Statement II: The intine is made of sporopollenin. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  24. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. अरंड के बीज भ्रूणपोषी होते हैं। 2. मटर के बीज अभ्रूणपोषी होते हैं। 3. चुकंदर के बीजों में परिभ्रूणपोष होता है।

    1. 1 और 2 केवल
    2. 2 और 3 केवल
    3. 1 और 3 केवल
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर

    D. 1, 2 और 3

    अरंड में भ्रूणपोष बना रहता है, मटर में वह उपयोग हो जाता है, और चुकंदर में परिभ्रूणपोष रहता है।

    Which of the following statements are correct? 1. Castor seeds are albuminous. 2. Pea seeds are ex-albuminous. 3. Beet seeds show perisperm.

    1. 1 and 2 only
    2. 2 and 3 only
    3. 1 and 3 only
    4. 1, 2 and 3
  25. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: एकबीजपत्री भ्रूण में मूलांकुर चोल प्रांकुर को घेरता है। कथन II: एकबीजपत्री भ्रूण में प्रांकुर चोल प्रांकुर को घेरता है। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    मूलांकुर चोल मूलांकुर और मूलगोप को ढकता है; प्रांकुर चोल प्रांकुर को ढकता है।

    Given below are two statements: Statement I: In a monocot embryo the coleorhiza encloses the plumule. Statement II: In a monocot embryo the coleoptile encloses the plumule. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  26. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: सभी जलीय पादप जल द्वारा परागित होते हैं। कथन II: वैलिस्नेरिया में परागकण जल की सतह पर निष्क्रिय रूप से बहकर मादा पुष्प तक पहुँचते हैं। सही उत्तर चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    कमल और जलकुंभी कीटों या वायु द्वारा परागित होते हैं; वैलिस्नेरिया सतह की जल धाराओं का उपयोग करता है।

    Given below are two statements: Statement I: All aquatic plants are pollinated by water. Statement II: In Vallisneria, pollen is carried passively on the water surface to the female flower. Choose the correct answer.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  27. अभिकथन (A): परागकण जीवाश्म के रूप में भली-भाँति संरक्षित रहते हैं। कारण (R): परागकण का बाह्यचोल स्पोरोपोलेनिन का बना होता है, जो अपघटन का प्रतिरोध करता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    स्पोरोपोलेनिन ताप, अम्लों, क्षार और एंज़ाइमों को सहन कर लेता है, इसलिए परागकण जीवाश्म के रूप में बने रहते हैं।

    Assertion (A): Pollen grains are well preserved as fossils. Reason (R): The exine of pollen is made of sporopollenin, which resists degradation.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  28. अभिकथन (A): टेपीटम परागकणों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कारण (R): टेपीटम परागकोश की भित्ति की सबसे बाहरी परत है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    C. A सत्य है लेकिन R असत्य है

    टेपीटम परागकणों को पोषण देता है, किंतु वह सबसे भीतरी परत है, इसलिए R असत्य है।

    Assertion (A): The tapetum is important for pollen development. Reason (R): The tapetum is the outermost layer of the anther wall.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  29. अभिकथन (A): असंगजनन लैंगिक जनन का एक रूप है। कारण (R): असंगजनन में बीज निषेचन के बिना बनते हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    D. A असत्य है लेकिन R सत्य है

    असंगजनन अलैंगिक जनन है जो लैंगिक जनन की नकल करता है, इसलिए A असत्य है; R सत्य है।

    Assertion (A): Apomixis is a form of sexual reproduction. Reason (R): In apomixis seeds are formed without fertilisation.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  30. अभिकथन (A): विपुंसन परागकोशों के स्फुटित होने से पहले किया जाता है। कारण (R): विपुंसन के बाद पुष्प को बटर पेपर की थैली से ढक दिया जाता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

    दोनों सत्य हैं, किंतु बोरी चढ़ाना बाहरी परागकणों को रोकता है; यह नहीं समझाता कि विपुंसन जल्दी क्यों किया जाता है।

    Assertion (A): Emasculation is done before the anthers dehisce. Reason (R): After emasculation the flower is covered with a bag of butter paper.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  31. अभिकथन (A): उभयलिंगाश्रयी पादप सजातपुष्पी परागण को रोकते हैं। कारण (R): उभयलिंगाश्रयी पादपों में नर और मादा पुष्प एक ही पादप पर होते हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    D. A असत्य है लेकिन R सत्य है

    उभयलिंगाश्रयी पादप केवल स्वयुग्मन को रोकते हैं; सजातपुष्पी परागण संभव रहता है, इसलिए A असत्य है।

    Assertion (A): Monoecious plants prevent geitonogamy. Reason (R): Male and female flowers occur on the same plant in monoecious plants.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  32. अभिकथन (A): अनिषेकफलित फल बीजरहित होते हैं। कारण (R): फल निषेचन के बिना विकसित होता है, इसलिए बीजांड बीज नहीं बनाते।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    निषेचन के बिना बीजांड बीजों में विकसित नहीं होते।

    Assertion (A): Parthenocarpic fruits are seedless. Reason (R): The fruit develops without fertilisation, so the ovules do not form seeds.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  33. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. बीजांडवृंत b. बीजांडद्वार c. निभाग d. बीजांडकाय सूची II: i. बीजांड का आधारी भाग, बीजांडद्वार के विपरीत ii. बीजांड का वृंत iii. बीजांड के सिरे पर छोटा छिद्र iv. संचित भोजन वाला ऊतक

    1. a-i, b-iv, c-ii, d-iii
    2. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    3. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    4. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
    उत्तर

    B. a-ii, b-iii, c-i, d-iv

    बीजांडवृंत-वृंत (ii), बीजांडद्वार-छिद्र (iii), निभाग-आधारी भाग (i), बीजांडकाय-संचित भोजन (iv)।

    Match List I with List II. List I: a. Funicle b. Micropyle c. Chalaza d. Nucellus List II: i. Basal part of the ovule, opposite the micropyle ii. Stalk of the ovule iii. Small opening at the ovule tip iv. Tissue with reserve food

    1. a-i, b-iv, c-ii, d-iii
    2. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    3. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    4. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
  34. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. बाह्यत्वचा b. अंतस्थीसियम c. मध्य परतें d. टेपीटम सूची II: i. परागकणों को पोषण देता है ii. आर्द्रताग्राही, स्फुटन में सहायक iii. सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत iv. परिपक्व परागकोश में नष्ट हो जाती हैं

    1. a-iv, b-ii, c-iii, d-i
    2. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    3. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    4. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    उत्तर

    B. a-iii, b-ii, c-iv, d-i

    बाह्यत्वचा-iii, अंतस्थीसियम-ii, मध्य परतें-iv, टेपीटम-i।

    Match List I with List II. List I: a. Epidermis b. Endothecium c. Middle layers d. Tapetum List II: i. Nourishes pollen grains ii. Hygroscopic, helps dehiscence iii. Outermost protective layer iv. Degenerate in the mature anther

    1. a-iv, b-ii, c-iii, d-i
    2. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    3. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    4. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
  35. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. वायोला b. वैलिस्नेरिया c. मक्का d. पपीता सूची II: i. वायु परागण ii. एकलिंगाश्रयी iii. अनुन्मीलिक पुष्प iv. जल परागण

    1. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    2. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    3. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
    4. a-iii, b-i, c-iv, d-ii
    उत्तर

    B. a-iii, b-iv, c-i, d-ii

    वायोला-iii, वैलिस्नेरिया-iv, मक्का-i, पपीता-ii।

    Match List I with List II. List I: a. Viola b. Vallisneria c. Maize d. Papaya List II: i. Wind pollination ii. Dioecious iii. Cleistogamous flowers iv. Water pollination

    1. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    2. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
    3. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
    4. a-iii, b-i, c-iv, d-ii
  36. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. अरंड b. मटर c. काली मिर्च d. केला सूची II: i. अभ्रूणपोषी बीज ii. भ्रूणपोषी बीज iii. अनिषेकफलन iv. परिभ्रूणपोष

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
    4. a-iv, b-i, c-ii, d-iii
    उत्तर

    C. a-ii, b-i, c-iv, d-iii

    अरंड-ii, मटर-i, काली मिर्च-iv, केला-iii।

    Match List I with List II. List I: a. Castor b. Pea c. Black pepper d. Banana List II: i. Ex-albuminous seed ii. Albuminous seed iii. Parthenocarpy iv. Perisperm

    1. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    2. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
    4. a-iv, b-i, c-ii, d-iii
  37. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. स्कुटेलम b. प्रांकुर चोल c. मूलांकुर चोल d. बीजपत्राधार सूची II: i. मूलांकुर पर आवरण ii. प्रांकुर पर आवरण iii. एकबीजपत्री का बीजपत्र iv. बीजपत्र(ओं) के ऊपर अक्ष का भाग

    1. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    2. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    3. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    4. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    उत्तर

    A. a-iii, b-ii, c-i, d-iv

    स्कुटेलम-iii, प्रांकुर चोल-ii, मूलांकुर चोल-i, बीजपत्राधार-iv।

    Match List I with List II. List I: a. Scutellum b. Coleoptile c. Coleorhiza d. Epicotyl List II: i. Sheath over the radicle ii. Sheath over the plumule iii. Cotyledon of a monocot iv. Part of the axis above the cotyledon(s)

    1. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    2. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    3. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    4. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
  38. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. अंड उपकरण b. प्रतिपादी कोशिकाएँ c. केंद्रीय कोशिका d. तंतुरूपी समूह सूची II: i. निभागी सिरे पर तीन कोशिकाएँ ii. दो सहायक कोशिकाओं सहित अंड कोशिका iii. दो ध्रुवीय केंद्रकों वाली कोशिका iv. सहायक कोशिका के सिरे पर स्थूलन

    1. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
    2. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    उत्तर

    C. a-ii, b-i, c-iii, d-iv

    अंड उपकरण-ii, प्रतिपादी कोशिकाएँ-i, केंद्रीय कोशिका-iii, तंतुरूपी समूह-iv।

    Match List I with List II. List I: a. Egg apparatus b. Antipodals c. Central cell d. Filiform apparatus List II: i. Three cells at the chalazal end ii. Egg cell with two synergids iii. Cell holding two polar nuclei iv. Thickening at the synergid tip

    1. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
    2. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
  39. एक वन्य पादप में परागकोश उसी पुष्प के वर्तिकाग्र के ग्राह्य होने से कई दिन पहले परागकण मुक्त कर देते हैं। यह किसका उदाहरण है?

    1. अनिषेकफलन
    2. एक बहिःप्रजनन युक्ति (परागकणों के मुक्त होने और वर्तिकाग्र की ग्राह्यता का असमकालिक होना)
    3. असंगजनन
    4. अनुन्मीलिता (cleistogamy)
    उत्तर

    B. एक बहिःप्रजनन युक्ति (परागकणों के मुक्त होने और वर्तिकाग्र की ग्राह्यता का असमकालिक होना)

    परागकणों के मुक्त होने और वर्तिकाग्र की ग्राह्यता का असमकालिक होना पर-परागण को बढ़ावा देता है।

    In a wild plant the anthers release pollen several days before the stigma of the same flower becomes receptive. This is an example of

    1. parthenocarpy
    2. an outbreeding device (non-synchronised pollen release and stigma receptivity)
    3. apomixis
    4. cleistogamy
  40. एक प्रजनक दो पादपों के बीच संकरण कराना चाहता है। मादा जनक में द्विलिंगी पुष्प हैं। पुष्प के खुलने से पहले सबसे पहले क्या करना चाहिए?

    1. चिमटी से परागकोश हटाकर पुष्प पर थैली चढ़ाना
    2. वर्तिकाग्र काटकर पुष्प पर थैली चढ़ाना
    3. अंडाशय हटाकर उसे फिर से थैली से ढकना
    4. वर्तिकाग्र पर परागकण छिड़ककर पुष्प को खुला छोड़ना
    उत्तर

    A. चिमटी से परागकोश हटाकर पुष्प पर थैली चढ़ाना

    विपुंसन बोरी चढ़ाने से पहले होता है; परागकण बाद में तब छिड़के जाते हैं जब वर्तिकाग्र ग्राह्य हो।

    A breeder wants to cross two plants. The female parent has bisexual flowers. What should be done first, before the flower opens?

    1. Remove the anthers with forceps, then bag the flower
    2. Cut the stigma and bag the flower
    3. Remove the ovary and rebag it
    4. Dust pollen on the stigma and leave it open
  41. एक शोधकर्ता परागकणों को कई वर्षों तक जीवित रखना चाहता है। परागकणों को किस स्थिति में संग्रहित करना चाहिए?

    1. शुष्क वायु में लगभग 25 °C पर
    2. जल में लगभग 37 °C पर
    3. रेफ्रिजरेटर में लगभग 4 °C पर
    4. द्रव नाइट्रोजन में लगभग –196 °C पर
    उत्तर

    D. द्रव नाइट्रोजन में लगभग –196 °C पर

    द्रव नाइट्रोजन में –196 °C पर क्रायोसंरक्षण से जीवनक्षमता बनी रहती है।

    A researcher wants to keep pollen alive for several years. The pollen should be stored at

    1. about 25 °C in dry air
    2. about 37 °C in water
    3. about 4 °C in a refrigerator
    4. about –196 °C in liquid nitrogen
  42. एक परागकोश में 100 परागमातृ कोशिकाएँ हैं, जिनमें सभी में अर्धसूत्री विभाजन सामान्य रूप से होता है। कितने परागकण बन सकते हैं?

    1. 200
    2. 400
    3. 100
    4. 800
    उत्तर

    B. 400

    प्रत्येक PMC चार लघुबीजाणुओं का चतुष्क बनाती है और प्रत्येक लघुबीजाणु एक परागकण बनता है।

    An anther has 100 pollen mother cells that all undergo meiosis normally. How many pollen grains can form?

    1. 200
    2. 400
    3. 100
    4. 800
  43. एक पादप की द्विगुणित संख्या 24 है। उसके भ्रूणपोष की एक कोशिका में कितने गुणसूत्र होते हैं?

    1. 36
    2. 48
    3. 24
    4. 12
    उत्तर

    A. 36

    प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक 3n होता है (n = 12 के तीन सेट)।

    A plant has a diploid number of 24. How many chromosomes are present in a cell of its endosperm?

    1. 36
    2. 48
    3. 24
    4. 12
  44. एक नींबू वंश के बीज से कई पौधे निकलते हैं और अधिकांश मातृ पादप के समान होते हैं। इसकी सर्वोत्तम व्याख्या क्या है?

    1. अनेक ध्रुवीय केंद्रकों का संलयन
    2. अर्धसूत्री विभाजन द्वारा अनेक अंड कोशिकाओं का विकास
    3. निषेचन के बिना बने बीजांडकायी भ्रूण
    4. अनेक युग्मक ले जाने वाली परागनलिकाएँ
    उत्तर

    C. निषेचन के बिना बने बीजांडकायी भ्रूण

    बीजांडकाय की कोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन या निषेचन के बिना भ्रूण बनाती हैं (असंगजनन सहित बहुभ्रूणता)।

    A citrus seed gives rise to several seedlings, and most are identical to the mother plant. This is best explained by

    1. fusion of many polar nuclei
    2. development of several egg cells by meiosis
    3. nucellar embryos formed without fertilisation
    4. pollen tubes carrying many gametes
  45. एक जाति का परागकण दूसरी जाति के वर्तिकाग्र पर पड़ता है, किंतु अंकुरित नहीं होता। इसका सबसे संभावित कारण क्या है?

    1. बाह्यचोल में स्पोरोपोलेनिन नहीं है
    2. स्त्रीकेसर उसे असंगत मानकर अस्वीकार कर देता है
    3. परागकण सदैव 3-कोशिकीय होता है
    4. वर्तिकाग्र में वर्तिका नहीं है
    उत्तर

    B. स्त्रीकेसर उसे असंगत मानकर अस्वीकार कर देता है

    परागकण-स्त्रीकेसर पारस्परिक क्रिया केवल संगत परागकण को स्वीकार करती है।

    Pollen from one species lands on the stigma of another species but fails to germinate. The most likely reason is

    1. the exine has no sporopollenin
    2. the pistil recognises it as incompatible and rejects it
    3. the pollen is always 3-celled
    4. the stigma lacks a style
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