पुष्पीय पादपों का शरीर (Anatomy of Flowering Plants)
याद रखने योग्य बातें
- विभज्योतक (meristem) नई कोशिकाएँ जोड़ते हैं: शीर्षस्थ विभज्योतक लंबाई में प्राथमिक वृद्धि करते हैं, अंतर्वेशी विभज्योतक घासों में पर्वसंधियों या पर्वों के आधार पर लंबाई बढ़ाते हैं, तथा पार्श्व विभज्योतक (संवहन एधा और कॉर्क एधा) मोटाई में द्वितीयक वृद्धि करते हैं।
- दारु (xylem) जल और खनिज का संवहन करता है; फ्लोएम (phloem) भोजन का। दारु में वाहिनिकाएँ, वाहिकाएँ, रेशे और मृदूतक होते हैं; फ्लोएम में चालनी नलिका अवयव, सहचर कोशिकाएँ, फ्लोएम मृदूतक और फ्लोएम रेशे होते हैं।
- द्विबीजपत्री तनों में खुले, संयुक्त, सहपाश्विक संवहन बंडल वलय में होते हैं; एकबीजपत्री तनों में बंद, बिखरे हुए बंडल होते हैं। जड़ों में अरीय बंडल और बहिरारंभी दारु होता है।
- द्वितीयक वृद्धि में संवहन एधा से द्वितीयक दारु और फ्लोएम बनते हैं तथा कॉर्क एधा से परित्वक् (periderm) बनता है। अंतःकाष्ठ मृत और गहरे रंग का होता है; रसकाष्ठ संवहन करता है।
ऊतक: विभज्योतकी और स्थायी
ऊतक समान कोशिकाओं का समूह है जो एक सामान्य कार्य करता है। पौधों में वृद्धि विभाजनशील कोशिकाओं के क्षेत्रों तक सीमित होती है, जिन्हें विभज्योतक कहते हैं।
| विभज्योतक | स्थिति | परिणाम |
|---|---|---|
| शीर्षस्थ (Apical) | जड़ों और प्ररोहों के शीर्ष | प्राथमिक वृद्धि; लंबाई में वृद्धि |
| अंतर्वेशी (Intercalary) | परिपक्व ऊतकों के बीच; घासों में पत्तियों या पर्वों के आधार पर | चरे जाने से हटाए गए भागों का पुनर्जनन; लंबाई बढ़ाते हैं |
| पार्श्व (Lateral) | तनों और जड़ों की पार्श्व सतहों पर | द्वितीयक वृद्धि; मोटाई में वृद्धि। इनमें संवहन एधा और कॉर्क एधा सम्मिलित हैं |
विभज्योतकों द्वारा बनी कोशिकाएँ विभेदित हो जाती हैं और विभाजन की क्षमता खो देती हैं। वे स्थायी ऊतक बनाती हैं। स्थायी ऊतक सरल (एक प्रकार की कोशिका) या जटिल (एक से अधिक प्रकार की कोशिकाएँ जो एक इकाई के रूप में कार्य करती हैं) होते हैं।
सरल ऊतक
| ऊतक | कोशिका के लक्षण | स्थान | कार्य |
|---|---|---|---|
| मृदूतक (Parenchyma) | समव्यासी, पतली सेलुलोस भित्ति, जीवित, प्रायः अंतरकोशिकीय स्थानों सहित | वल्कुट, मज्जा, पर्णमध्योतक | प्रकाशसंश्लेषण, संचय, स्रावण |
| स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma) | जीवित; कोनों पर सेलुलोस, हेमीसेलुलोस और पेक्टिन से मोटी भित्ति; अंतरकोशिकीय स्थान नहीं; हरित लवक हो सकते हैं | द्विबीजपत्री तनों की बाह्य त्वचा के नीचे (अधस्त्वचा) और पर्णवृंतों में | बढ़ते भागों को यांत्रिक सहारा |
| दृढ़ोतक (Sclerenchyma) | मृत; मोटी काष्ठीभूत (lignified) भित्ति; संकरी गुहा | रेशे विभिन्न भागों में समूहों में; स्क्लेरीड (sclereids) गिरी के कवचों, अमरूद के गूदे, नाशपाती, चीकू, फली के बीजचोलों, चाय की पत्तियों में | यांत्रिक मजबूती |
रेशे लंबे, मोटी भित्ति वाले और दोनों सिरों पर नुकीले होते हैं। स्क्लेरीड गोलाकार, अंडाकार या बेलनाकार होते हैं और उनकी गुहाएँ बहुत संकरी होती हैं।
जटिल ऊतक
दारु (Xylem) जल और खनिजों को जड़ों से तने और पत्तियों तक पहुँचाता है और यांत्रिक मजबूती देता है। इसके चार अवयव होते हैं।
- वाहिनिकाएँ (Tracheids): नुकीले सिरों वाली लंबी कोशिकाएँ; मृत और काष्ठीभूत। ये अनावृतबीजियों में जल संवहन के मुख्य अवयव हैं।
- वाहिकाएँ (Vessels): अनेक कोशिकाओं से बनी लंबी, नलिका जैसी संरचनाएँ जिनमें बड़ी केंद्रीय गुहाएँ और काष्ठीभूत भित्तियाँ होती हैं। ये मृत होती हैं और छिद्रों के द्वारा सिरे से सिरा जुड़ी होती हैं। वाहिकाएँ आवृतबीजियों का एक विशिष्ट लक्षण हैं।
- दारु रेशे: अत्यंत मोटी भित्ति और बहुत संकरी गुहा वाले।
- दारु मृदूतक: जीवित, पतली भित्ति वाली कोशिकाएँ जो भोजन संचित करती हैं। किरण मृदूतक जल के अरीय संवहन में सहायता करता है।
सबसे पहले बना प्राथमिक दारु आदिदारु (protoxylem) है और बाद में बना उत्तर दारु (metaxylem) है। तनों में आदिदारु केंद्र (मज्जा) की ओर और उत्तर दारु परिधि की ओर होता है। यह स्थिति अंतरारंभी (endarch) कहलाती है। जड़ों में आदिदारु परिधि की ओर और उत्तर दारु केंद्र की ओर होता है। यह स्थिति बहिरारंभी (exarch) कहलाती है।
फ्लोएम पत्तियों से अन्य भागों तक भोजन (शर्करा) का परिवहन करता है। इसके चार अवयव होते हैं।
- चालनी नलिका अवयव (Sieve tube elements): सिरे से सिरा जुड़ी लंबी नलिकाकार कोशिकाएँ, जिनकी छिद्रित अंत भित्तियाँ चालनी पट्टिकाएँ (sieve plates) कहलाती हैं। परिपक्व चालनी नलिका अवयव में केंद्रक नहीं होता, परंतु परिधीय कोशिकाद्रव्य और बड़ी रिक्तिका होती है।
- सहचर कोशिकाएँ (Companion cells): विशिष्ट मृदूतक कोशिकाएँ जो चालनी नलिका अवयवों से घनिष्ठ रूप से जुड़ी होती हैं। वे उनसे गर्त क्षेत्रों (pit fields) द्वारा जुड़ी होती हैं। इनका केंद्रक चालनी नलिका के कार्य को नियंत्रित करता है।
- फ्लोएम मृदूतक: जीवित, लंबी और नुकीली कोशिकाएँ जिनमें सघन कोशिकाद्रव्य और केंद्रक होता है। यह अधिकांश एकबीजपत्रियों में अनुपस्थित होता है।
- फ्लोएम रेशे (बास्ट रेशे): दृढ़ोतकी, सामान्यतः प्राथमिक फ्लोएम में अनुपस्थित परंतु द्वितीयक फ्लोएम में उपस्थित।
अनावृतबीजियों में चालनी नलिकाओं और सहचर कोशिकाओं के स्थान पर चालनी कोशिकाएँ (sieve cells) और एल्ब्यूमिनी कोशिकाएँ (albuminous cells) होती हैं।
ऊतक तंत्र
ऊतकों को तीन तंत्रों में वर्गीकृत किया जाता है।
| तंत्र | घटक |
|---|---|
| बाह्यत्वचीय (Epidermal) | बाह्य त्वचा, उपचर्म (cuticle), रंध्र, मूल रोम, रोम (trichomes) |
| भरण (Ground) | बाह्य त्वचा और संवहन बंडलों को छोड़कर सभी ऊतक: वल्कुट, परिरंभ, मज्जा, मज्जा किरणें; पत्तियों में पर्णमध्योतक |
| संवहन (Vascular) | दारु और फ्लोएम |
बाह्यत्वचीय तंत्र: बाह्य त्वचा सबसे बाहरी परत है, जो सामान्यतः मृदूतक कोशिकाओं की एक परत की होती है। वायवीय भागों में क्यूटिन की मोमी उपचर्म होती है जो जल की हानि कम करती है। जड़ों में उपचर्म अनुपस्थित होती है।
- रंध्र (Stomata) वाष्पोत्सर्जन और गैस विनिमय का नियमन करते हैं। प्रत्येक रंध्र में दो द्वार कोशिकाएँ (guard cells) होती हैं, जो द्विबीजपत्रियों में सेम के बीज के आकार की और घासों में डमरू के आकार की होती हैं। द्वार कोशिकाओं की बाहरी भित्तियाँ पतली और भीतरी भित्तियाँ मोटी होती हैं। विशिष्ट हो गई आस-पास की बाह्य त्वचा कोशिकाएँ सहायक कोशिकाएँ (subsidiary cells) हैं। रंध्रीय छिद्र, द्वार कोशिकाएँ और सहायक कोशिकाएँ मिलकर रंध्रीय उपकरण बनाती हैं।
- मूल रोम जड़ की बाह्य त्वचा कोशिकाओं के एककोशिकीय दीर्घीकरण हैं और जल तथा खनिज अवशोषित करते हैं।
- रोम (Trichomes) प्रायः प्ररोह की बाह्य त्वचा पर बहुकोशिकीय बाल होते हैं। ये शाखित या अशाखित, मुलायम या कठोर हो सकते हैं और स्रावी भी हो सकते हैं। ये वाष्पोत्सर्जन द्वारा जल की हानि कम करने में सहायता करते हैं।
संवहन बंडल तीन प्रकार के होते हैं।
| प्रकार | व्यवस्था |
|---|---|
| अरीय (Radial) | दारु और फ्लोएम अलग-अलग त्रिज्याओं पर, एक-दूसरे के एकांतर क्रम में; जड़ों में |
| संयुक्त (Conjoint) | दारु और फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर; तनों और पत्तियों में। प्रायः फ्लोएम दारु के बाहर की ओर होता है (सहपाश्विक) |
| खुला (Open) | दारु और फ्लोएम के बीच एधा उपस्थित; द्विबीजपत्री तने; द्वितीयक वृद्धि दर्शा सकते हैं |
| बंद (Closed) | एधा अनुपस्थित; एकबीजपत्री तने; द्वितीयक वृद्धि नहीं |
द्विबीजपत्री और एकबीजपत्री जड़ तथा तने की आंतरिक संरचना
द्विबीजपत्री जड़ (तरुण): मूल रोम सहित बाह्य त्वचा; पतली भित्ति वाले मृदूतक की अनेक परतों का वल्कुट; बैरल के आकार की कोशिकाओं की एकपरतीय अंतःत्वचा जिनमें सुबेरिन की कैस्पेरी पट्टिकाएँ होती हैं; मोटी भित्ति वाले मृदूतक का परिरंभ जिससे पार्श्व जड़ें और संवहन एधा निकलती हैं; दो से चार दारु बंडल (द्विआदिदारुक से चतुष्आदिदारुक) जिनके बीच फ्लोएम बंडल होते हैं; दारु और फ्लोएम के बीच मृदूतकी संयोजी ऊतक; और छोटी मज्जा।
एकबीजपत्री जड़: समान, परंतु छह से अधिक दारु बंडल (बहुआदिदारुक) और बड़ी, सुविकसित मज्जा के साथ। इसमें द्वितीयक वृद्धि नहीं होती।
द्विबीजपत्री तना: बाह्य त्वचा उपचर्म से ढकी होती है, जिसमें कुछ रंध्र और रोम होते हैं। वल्कुट के तीन क्षेत्र होते हैं: स्थूलकोण ऊतक की अधस्त्वचा, मृदूतक की मध्य वल्कुट परतें, और सबसे भीतरी अंतःत्वचा, जो स्टार्च कणों से भरपूर होती है और इसलिए स्टार्च आच्छद कहलाती है। परिरंभ बंडलों के ऊपर दृढ़ोतक के चकत्तों के रूप में स्थित होता है। बंडलों के बीच मज्जा किरणें होती हैं। संवहन बंडल वलय में, संयुक्त, खुले और अंतरारंभी होते हैं। मज्जा बड़ी होती है।
एकबीजपत्री तना: अधस्त्वचा दृढ़ोतकी होती है। संवहन बंडल अनेक होते हैं और भरण ऊतक में बिखरे होते हैं। प्रत्येक बंडल दृढ़ोतकी बंडल आच्छद से घिरा होता है। वल्कुट, मज्जा किरण और मज्जा का विभेदन नहीं होता। बंडल संयुक्त और बंद होते हैं। परिधि के बंडल केंद्र के बंडलों से छोटे होते हैं। फ्लोएम मृदूतक अनुपस्थित होता है, और बंडलों के भीतर जलयुक्त गुहाएँ होती हैं।
| लक्षण | द्विबीजपत्री जड़ | एकबीजपत्री जड़ | द्विबीजपत्री तना | एकबीजपत्री तना |
|---|---|---|---|---|
| दारु बंडल | 2 से 4 (द्वि- से चतुष्आदिदारुक) | 6 से अधिक (बहुआदिदारुक) | बंडलों का वलय | बिखरे बंडल |
| मज्जा | छोटी | बड़ी | बड़ी | विभेदित नहीं |
| एधा | बाद में बनती है | अनुपस्थित | उपस्थित (खुला) | अनुपस्थित (बंद) |
| अधस्त्वचा | अनुपस्थित | अनुपस्थित | स्थूलकोण ऊतक | दृढ़ोतक |
| द्वितीयक वृद्धि | होती है | नहीं होती | होती है | नहीं होती |
पत्ती की आंतरिक संरचना
पत्ती में बाह्य त्वचा, पर्णमध्योतक और संवहन तंत्र होते हैं।
| लक्षण | पृष्ठाधर (द्विबीजपत्री) पत्ती (Dorsiventral) | समद्विपार्श्विक (एकबीजपत्री) पत्ती (Isobilateral) |
|---|---|---|
| रंध्र | निचली (अधर) सतह पर अधिक | दोनों सतहों पर लगभग बराबर |
| पर्णमध्योतक | खंभ मृदूतक और स्पंजी मृदूतक में विभेदित | विभेदित नहीं |
| खंभ ऊतक | ऊपरी बाह्य त्वचा के नीचे ऊर्ध्वाधर व्यवस्थित लंबी कोशिकाएँ | अनुपस्थित |
| स्पंजी | निचली बाह्य त्वचा की ओर वायु स्थानों सहित ढीली व्यवस्थित गोल कोशिकाएँ | अनुपस्थित |
| शिराविन्यास | जालिकारूपी; बंडल आकार में भिन्न | समानांतर; बंडल समान आकार के |
| आवर्ध त्वक् कोशिकाएँ (Bulliform cells) | अनुपस्थित | घासों में ऊपरी बाह्य त्वचा पर उपस्थित |
आवर्ध त्वक् कोशिकाएँ बड़ी, रिक्त, रंगहीन कोशिकाएँ होती हैं। जब ये स्फीत होती हैं तो पत्ती की सतह खुली रहती है। जब जल की कमी में ये शिथिल होती हैं तो जल की हानि कम करने के लिए पत्तियाँ भीतर की ओर मुड़ जाती हैं। पत्तियों में संवहन बंडल मोटी भित्ति वाली बंडल आच्छद कोशिकाओं से घिरे होते हैं।
द्वितीयक वृद्धि
द्वितीयक वृद्धि पार्श्व विभज्योतकों की सक्रियता से मोटाई में वृद्धि है। यह द्विबीजपत्री तनों और जड़ों में तथा अनावृतबीजियों में होती है, एकबीजपत्रियों में नहीं।
संवहन एधा (Vascular cambium)। द्विबीजपत्री तने में, बंडल के भीतर दारु और फ्लोएम के बीच की एधा पूलीय एधा (intrafascicular cambium) है। उसके पास की मज्जा किरणों की कोशिकाएँ विभज्योतकी बन जाती हैं और अंतरापूलीय एधा (interfascicular cambium) बनाती हैं। दोनों जुड़कर एक सतत एधा वलय बनाती हैं। यह वलय भीतर की ओर कोशिकाएँ काटती है जो द्वितीयक दारु बनती हैं और बाहर की ओर जो द्वितीयक फ्लोएम बनती हैं। एधा भीतर की ओर अधिक सक्रिय होती है, इसलिए अधिक द्वितीयक दारु बनता है। प्राथमिक दारु केंद्र के पास रहता है। प्राथमिक और पुराना द्वितीयक फ्लोएम बढ़ते दारु के दबाव से कुचल जाते हैं। मृदूतक की संकरी पट्टियाँ, द्वितीयक मज्जा किरणें, द्वितीयक दारु और फ्लोएम से होकर गुजरती हैं।
वार्षिक वलय (Annual rings)। बसंत काष्ठ (शुरुआती काष्ठ) तब बनता है जब एधा बहुत सक्रिय होती है। इसमें चौड़ी वाहिकाएँ होती हैं और यह हल्के रंग का तथा कम घनत्व का होता है। शरद काष्ठ (बाद का काष्ठ) तब बनता है जब एधा कम सक्रिय होती है। इसमें संकरी वाहिकाएँ होती हैं और यह गहरे रंग का तथा अधिक घनत्व का होता है। दोनों मिलकर एक वार्षिक वलय बनाते हैं। वार्षिक वलयों की गणना से वृक्ष की आयु ज्ञात होती है।
अंतःकाष्ठ और रसकाष्ठ। अंतःकाष्ठ (Heartwood) द्वितीयक दारु का गहरे रंग का केंद्रीय भाग है। इसकी कोशिकाएँ मृत होती हैं और टैनिन, रेजिन, तेल, गोंद तथा सुगंधित पदार्थों से भरी होती हैं। यह जल का संवहन नहीं करता परंतु यांत्रिक सहारा देता है। रसकाष्ठ (Sapwood) द्वितीयक दारु का हल्के रंग का परिधीय भाग है जो जल और खनिजों का संवहन करता है।
कॉर्क एधा (Cork cambium)। जैसे-जैसे तना मोटाई में बढ़ता है, बाहरी वल्कुट और बाह्य त्वचा की परतें टूट जाती हैं। वल्कुट में कॉर्क एधा (काग एधा, phellogen) बनती है। यह पतली भित्ति वाली संकरी कोशिकाओं का विभज्योतक है। यह बाहर की ओर कॉर्क (phellem) काटती है, जिसकी कोशिकाओं में सुबेरिन जमा होता है और जो जल के लिए अपारगम्य होती हैं, तथा भीतर की ओर द्वितीयक वल्कुट (phelloderm) काटती है, जो मृदूतकी होता है। कॉर्क एधा, कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट मिलकर परित्वक् (periderm) बनाते हैं।
छाल (Bark) एक अतकनीकी शब्द है जो संवहन एधा के बाहर के सभी ऊतकों के लिए प्रयुक्त होता है, अर्थात परित्वक् और द्वितीयक फ्लोएम। शुरुआती (मुलायम) छाल मौसम के आरंभ में और बाद की (कठोर) छाल उसके अंत में बनती है।
वातरंध्र (Lenticels) छाल में लेंस के आकार के छिद्र हैं। ये वहाँ बनते हैं जहाँ कॉर्क एधा कॉर्क के स्थान पर ढीली व्यवस्थित मृदूतक कोशिकाएँ (पूरक कोशिकाएँ - complementary cells) काटती है। ये बाहरी वायु और भीतरी ऊतकों के बीच गैसों के विनिमय की अनुमति देते हैं।
जड़ों में द्वितीयक वृद्धि। द्विबीजपत्री जड़ों में संवहन एधा फ्लोएम बंडलों के नीचे के संयोजी ऊतक से और आदिदारु के सामने के परिरंभ से बनती है। यह पहले लहरदार वलय बनाती है जो बाद में गोलाकार हो जाता है। आगे की घटनाएँ द्विबीजपत्री तने के समान होती हैं।
| संरचना | उत्पत्ति | कार्य |
|---|---|---|
| द्वितीयक दारु | एधा की भीतरी ओर | संवहन, सहारा |
| द्वितीयक फ्लोएम | एधा की बाहरी ओर | भोजन संवहन |
| कॉर्क (Phellem) | कॉर्क एधा की बाहरी ओर | सुरक्षा; अपारगम्य |
| द्वितीयक वल्कुट (Phelloderm) | कॉर्क एधा की भीतरी ओर | द्वितीयक वल्कुट |
| वातरंध्र | कॉर्क एधा | गैस विनिमय |
NEET की सामान्य भूलें
- स्थूलकोण ऊतक जीवित होता है और उसके कोनों पर पेक्टिन-समृद्ध मोटाई होती है। दृढ़ोतक मृत होता है और उसकी भित्ति काष्ठीभूत होती है।
- आदिदारु तनों में मज्जा की ओर (अंतरारंभी) परंतु जड़ों में परिधि की ओर (बहिरारंभी) होता है।
- वाहिकाएँ आवृतबीजियों की विशेषता हैं। अनावृतबीजियों में वाहिनिकाएँ मुख्य संवहनी कोशिकाएँ हैं।
- परिपक्व चालनी नलिका अवयवों में केंद्रक नहीं होता। सहचर कोशिकाओं में होता है और वे उन्हें नियंत्रित करती हैं।
- द्वार कोशिकाएँ द्विबीजपत्रियों में सेम के बीज के आकार की और घासों में डमरू के आकार की होती हैं।
- द्विबीजपत्री जड़ें द्वि- से चतुष्आदिदारुक होती हैं। एकबीजपत्री जड़ें बहुआदिदारुक होती हैं और उनमें बड़ी मज्जा होती है।
- द्विबीजपत्री तने के बंडल खुले और वलय में होते हैं। एकबीजपत्री तने के बंडल बंद और बिखरे होते हैं।
- द्विबीजपत्री तने की अधस्त्वचा स्थूलकोणीय होती है। एकबीजपत्री तने की अधस्त्वचा दृढ़ोतकी होती है।
- बसंत काष्ठ में चौड़ी वाहिकाएँ होती हैं और वह हल्के रंग का होता है। शरद काष्ठ में संकरी वाहिकाएँ होती हैं और वह गहरे रंग का होता है।
- अंतःकाष्ठ जल का संवहन नहीं करता। रसकाष्ठ करता है। छाल में केवल कॉर्क ही नहीं, द्वितीयक फ्लोएम भी सम्मिलित है।
एक पंक्ति के तथ्य
- अंतर्वेशी विभज्योतक घासों में उपस्थित होता है।
- स्क्लेरीड अमरूद के गूदे और चाय की पत्तियों में पाए जाते हैं।
- स्थूलकोण ऊतक बढ़ते भागों को सहारा देता है।
- चालनी पट्टिकाएँ चालनी नलिका अवयवों की छिद्रित अंत भित्तियाँ हैं।
- फ्लोएम मृदूतक अधिकांश एकबीजपत्रियों में अनुपस्थित होता है।
- कैस्पेरी पट्टिकाएँ अंतःत्वचा में होती हैं और उनमें सुबेरिन होता है।
- परिरंभ से पार्श्व जड़ें निकलती हैं।
- द्विबीजपत्री तने की अंतःत्वचा स्टार्च आच्छद है।
- आवर्ध त्वक् कोशिकाएँ घास की पत्तियों की ऊपरी बाह्य त्वचा में उपस्थित होती हैं।
- पृष्ठाधर पत्तियों में निचली सतह पर रंध्र अधिक होते हैं।
- अंतरापूलीय एधा मज्जा किरण की कोशिकाओं से बनती है।
- वार्षिक वलय वृक्ष की आयु ज्ञात करने में सहायता करते हैं।
- कॉर्क एधा को फेलोजन (phellogen) भी कहते हैं।
- परित्वक् कॉर्क एधा, कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट से बनता है।
- वातरंध्र काष्ठीय तनों में गैस विनिमय की अनुमति देते हैं।
अभ्यास प्रश्न
तने की मोटाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी विभज्योतक है
- प्ररोह शीर्षस्थ विभज्योतक
- पार्श्व विभज्योतक
- अंतर्वेशी विभज्योतक
- मूल शीर्षस्थ विभज्योतक
उत्तर
B. पार्श्व विभज्योतक
पार्श्व विभज्योतक (संवहन एधा और कॉर्क एधा) मोटाई में द्वितीयक वृद्धि करते हैं।
The meristem responsible for the increase in girth of a stem is the
- shoot apical meristem
- lateral meristem
- intercalary meristem
- root apical meristem
स्थूलकोण ऊतक की कोशिकाओं के कोनों की मोटाई किससे बनी होती है?
- केवल लिग्निन
- सेलुलोस, हेमीसेलुलोस और पेक्टिन
- सुबेरिन और क्यूटिन
- काइटिन और मोम
उत्तर
B. सेलुलोस, हेमीसेलुलोस और पेक्टिन
स्थूलकोण ऊतक की भित्तियाँ सेलुलोस, हेमीसेलुलोस और पेक्टिन से मोटी होती हैं; उनमें लिग्निन नहीं होता।
The thickening at the corners of collenchyma cells is made of
- lignin only
- cellulose, hemicellulose and pectin
- suberin and cutin
- chitin and wax
स्क्लेरीड (sclereids) पाए जाते हैं
- पत्तियों की बाह्य त्वचा में
- सूरजमुखी के तने की अधस्त्वचा में
- फ्लोएम की चालनी नलिकाओं में
- अमरूद के गूदे में
उत्तर
D. अमरूद के गूदे में
स्क्लेरीड अमरूद के गूदे, नाशपाती, गिरी के कवचों, चाय की पत्तियों और फली के बीजचोलों में पाए जाते हैं।
Sclereids are found in
- the epidermis of leaves
- the hypodermis of a sunflower stem
- sieve tubes of phloem
- the pulp of guava
वाहिकाएँ (vessels) किसका विशिष्ट लक्षण हैं?
- शैवाल
- सभी अपुष्पीय पौधे
- आवृतबीजी
- अनावृतबीजी
उत्तर
C. आवृतबीजी
वाहिकाएँ आवृतबीजियों की विशेषता हैं; अनावृतबीजियों के दारु में वाहिनिकाएँ होती हैं।
Vessels are a characteristic feature of
- algae
- all non-flowering plants
- angiosperms
- gymnosperms
कौन-सा फ्लोएम अवयव परिपक्वता पर केंद्रकविहीन होता है?
- चालनी नलिका अवयव
- फ्लोएम मृदूतक
- सहचर कोशिका
- एल्ब्यूमिनी कोशिका
उत्तर
A. चालनी नलिका अवयव
परिपक्व चालनी नलिका अवयवों में केंद्रक नहीं होता; उनके कार्य का नियंत्रण सहचर कोशिकाएँ करती हैं।
Which phloem element lacks a nucleus at maturity?
- Sieve tube element
- Phloem parenchyma
- Companion cell
- Albuminous cell
जड़ में आदिदारु किस ओर स्थित होता है?
- परिधि की ओर, यह स्थिति अंतरारंभी कहलाती है
- केंद्र की ओर, यह स्थिति बहिरारंभी कहलाती है
- परिधि की ओर, यह स्थिति बहिरारंभी कहलाती है
- केंद्र की ओर, यह स्थिति अंतरारंभी कहलाती है
उत्तर
C. परिधि की ओर, यह स्थिति बहिरारंभी कहलाती है
जड़ें बहिरारंभी होती हैं: आदिदारु परिधि की ओर होता है। तने अंतरारंभी होते हैं।
In a root, the protoxylem lies towards the
- periphery, a condition called endarch
- centre, a condition called exarch
- periphery, a condition called exarch
- centre, a condition called endarch
डमरू के आकार की द्वार कोशिकाएँ किसमें पाई जाती हैं?
- सूरजमुखी की पत्तियाँ
- द्विबीजपत्री तने
- सेम की पत्तियाँ
- घासें
उत्तर
D. घासें
द्वार कोशिकाएँ द्विबीजपत्रियों में सेम के बीज के आकार की और घासों में डमरू के आकार की होती हैं।
Dumb-bell shaped guard cells are present in
- sunflower leaves
- dicot stems
- bean leaves
- grasses
कैस्पेरी पट्टिकाएँ (Casparian strips) पाई जाती हैं
- अंतःत्वचा में
- बाह्य त्वचा में
- अधस्त्वचा में
- परिरंभ में
उत्तर
A. अंतःत्वचा में
अंतःत्वचा की कोशिकाओं की अरीय और स्पर्शरेखीय भित्तियों पर सुबेरिनयुक्त कैस्पेरी पट्टिकाएँ होती हैं।
Casparian strips are found in the
- endodermis
- epidermis
- hypodermis
- pericycle
द्विबीजपत्री तने का स्टार्च आच्छद उसका दूसरा नाम है
- बंडल आच्छद का
- अंतःत्वचा का
- अधस्त्वचा का
- परिरंभ का
उत्तर
B. अंतःत्वचा का
द्विबीजपत्री तने की अंतःत्वचा स्टार्च कणों से भरपूर होती है।
The starch sheath of a dicot stem is another name for its
- bundle sheath
- endodermis
- hypodermis
- pericycle
संवहन बंडल भरण ऊतक में बिखरे होते हैं
- एकबीजपत्री तने में
- द्विबीजपत्री तने में
- द्वितीयक वृद्धि के बाद तरुण द्विबीजपत्री तने में
- द्विबीजपत्री जड़ में
उत्तर
A. एकबीजपत्री तने में
एकबीजपत्री तने में अनेक बिखरे हुए, बंद, संयुक्त बंडल होते हैं; द्विबीजपत्री तने में बंडल वलय में होते हैं।
Vascular bundles are scattered in the ground tissue of a
- monocot stem
- dicot stem
- young dicot stem after secondary growth
- dicot root
आवर्ध त्वक् कोशिकाएँ (bulliform cells) किसमें सहायता करती हैं?
- प्रकाशसंश्लेषण
- स्टार्च के संचय
- जल की कमी में पत्ती के मुड़ने
- गैस विनिमय
उत्तर
C. जल की कमी में पत्ती के मुड़ने
शिथिल आवर्ध त्वक् कोशिकाएँ घास की पत्ती को भीतर की ओर मोड़ देती हैं जिससे जल की हानि कम होती है।
Bulliform cells help in
- photosynthesis
- storage of starch
- curling of the leaf during water stress
- gas exchange
बसंत काष्ठ (spring wood) की विशेषता है
- संकरी वाहिकाएँ और गहरा रंग
- चौड़ी वाहिकाएँ और गहरा रंग
- संकरी वाहिकाएँ और हल्का रंग
- चौड़ी वाहिकाएँ और हल्का रंग
उत्तर
D. चौड़ी वाहिकाएँ और हल्का रंग
बसंत काष्ठ तब बनता है जब एधा बहुत सक्रिय होती है; इसमें चौड़ी वाहिकाएँ होती हैं और घनत्व कम होता है।
Spring wood is characterised by
- narrow vessels and a darker colour
- wide vessels and a darker colour
- narrow vessels and a lighter colour
- wide vessels and a lighter colour
अंतःकाष्ठ का गहरा रंग किसके जमाव के कारण होता है?
- टैनिन, रेजिन, गोंद और तेल
- क्लोरोफिल और कैरोटीन
- केवल सुबेरिन
- केवल सेलुलोस
उत्तर
A. टैनिन, रेजिन, गोंद और तेल
टैनिन, रेजिन और गोंद जैसे कार्बनिक यौगिक अंतःकाष्ठ की मृत कोशिकाओं को भर देते हैं।
The dark colour of heartwood is due to deposition of
- tannins, resins, gums and oils
- chlorophyll and carotene
- suberin only
- cellulose only
वह पदार्थ जो कॉर्क कोशिकाओं को जल के लिए अपारगम्य बनाता है, है
- लिग्निन
- सेलुलोस
- सुबेरिन
- पेक्टिन
उत्तर
C. सुबेरिन
कॉर्क (phellem) कोशिकाओं की भित्तियों में सुबेरिन जमा होता है।
The substance that makes cork cells impervious to water is
- lignin
- cellulose
- suberin
- pectin
वातरंध्र (lenticels) का कार्य है
- भोजन का संचय
- काष्ठीय तनों में गैस विनिमय
- रेजिन का स्रावण
- जल का अवशोषण
उत्तर
B. काष्ठीय तनों में गैस विनिमय
वातरंध्र छाल में लेंस के आकार के छिद्र हैं जो गैस विनिमय की अनुमति देते हैं।
Lenticels function in
- storage of food
- gaseous exchange in woody stems
- secretion of resin
- absorption of water
परित्वक् (periderm) में सम्मिलित हैं
- कॉर्क एधा, कॉर्क और द्वितीयक फ्लोएम
- संवहन एधा, कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट
- कॉर्क, द्वितीयक वल्कुट और द्वितीयक दारु
- कॉर्क एधा, कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट
उत्तर
D. कॉर्क एधा, कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट
परित्वक् कॉर्क एधा और उसके द्वारा काटे गए ऊतक हैं: बाहर कॉर्क, भीतर द्वितीयक वल्कुट।
The periderm consists of
- phellogen, phellem and secondary phloem
- vascular cambium, phellem and phelloderm
- phellem, phelloderm and secondary xylem
- phellogen, phellem and phelloderm
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: स्थूलकोण ऊतक की भित्तियाँ लिग्निन से मोटी होती हैं। कथन II: दृढ़ोतक कोशिकाओं की भित्ति पतली और गुहा बड़ी होती है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
स्थूलकोण ऊतक पेक्टिन और सेलुलोस से मोटा होता है; दृढ़ोतक की भित्ति मोटी, काष्ठीभूत और गुहा संकरी होती है।
Given below are two statements: Statement I: Collenchyma has walls thickened with lignin. Statement II: Sclerenchyma cells have thin walls and a large lumen. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: फ्लोएम मृदूतक अधिकांश एकबीजपत्रियों में अनुपस्थित होता है। कथन II: फ्लोएम रेशे सामान्यतः प्राथमिक फ्लोएम में अनुपस्थित होते हैं। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
दोनों सही हैं।
Given below are two statements: Statement I: Phloem parenchyma is absent in most monocots. Statement II: Phloem fibres are generally absent in primary phloem. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: जड़ों में आदिदारु मज्जा की ओर स्थित होता है। कथन II: उत्तर दारु (metaxylem) बाद में बना प्राथमिक दारु है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
जड़ों में आदिदारु परिधि की ओर होता है, इसलिए I गलत है; उत्तर दारु बाद में बनता है, इसलिए II सही है।
Given below are two statements: Statement I: Protoxylem lies towards the pith in roots. Statement II: Metaxylem is the later-formed primary xylem. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: वाहिनिकाएँ और वाहिकाएँ परिपक्वता पर मृत होती हैं। कथन II: दारु मृदूतक की कोशिकाएँ मृत होती हैं। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
वाहिनिकाएँ और वाहिकाएँ मृत होती हैं; दारु मृदूतक जीवित होता है।
Given below are two statements: Statement I: Tracheids and vessels are dead at maturity. Statement II: Xylem parenchyma cells are dead. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. अरीय बंडलों में दारु और फ्लोएम अलग-अलग त्रिज्याओं पर होते हैं। 2. संयुक्त बंडलों में दारु और फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर होते हैं। 3. द्विबीजपत्री तने के संवहन बंडल बंद होते हैं।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 2 केवल
द्विबीजपत्री तने के बंडल खुले होते हैं, इसलिए कथन 3 गलत है।
Which of the following statements are correct? 1. In radial bundles xylem and phloem lie on different radii. 2. In conjoint bundles xylem and phloem lie on the same radius. 3. The vascular bundles of a dicot stem are closed.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: द्विबीजपत्री तने के संवहन बंडल वलय में व्यवस्थित होते हैं। कथन II: एकबीजपत्री तने की अधस्त्वचा मृदूतकी होती है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
एकबीजपत्री तने की अधस्त्वचा दृढ़ोतकी होती है।
Given below are two statements: Statement I: The vascular bundles of a dicot stem are arranged in a ring. Statement II: The hypodermis of a monocot stem is parenchymatous. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: द्विबीजपत्री जड़ों में छह से अधिक दारु बंडल होते हैं। कथन II: एकबीजपत्री जड़ों में मज्जा छोटी होती है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
द्विबीजपत्री जड़ें द्वि- से चतुष्आदिदारुक होती हैं और एकबीजपत्री जड़ें बहुआदिदारुक होती हैं जिनमें बड़ी मज्जा होती है।
Given below are two statements: Statement I: Dicot roots have more than six xylem bundles. Statement II: Monocot roots have a small pith. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: पूलीय एधा (intrafascicular cambium) द्विबीजपत्री तने के संवहन बंडलों के भीतर स्थित होती है। कथन II: अंतरापूलीय एधा (interfascicular cambium) मज्जा किरणों की कोशिकाओं से बनती है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
दोनों सही हैं और मिलकर एधा वलय बनाती हैं।
Given below are two statements: Statement I: Intrafascicular cambium lies within the vascular bundles of a dicot stem. Statement II: Interfascicular cambium arises from the cells of medullary rays. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. वार्षिक वलय इसलिए बनते हैं क्योंकि एधा मौसम के अनुसार सक्रिय होती है। 2. रसकाष्ठ जल और खनिजों का संवहन करता है। 3. अंतःकाष्ठ जल और खनिजों का संवहन करता है।
- 1 और 2 केवल
- 1 और 3 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 2 केवल
अंतःकाष्ठ मृत होता है और केवल सहारा देता है।
Which of the following statements are correct? 1. Annual rings form because the cambium is active seasonally. 2. Sapwood conducts water and minerals. 3. Heartwood conducts water and minerals.
- 1 and 2 only
- 1 and 3 only
- 2 and 3 only
- 1, 2 and 3
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: कॉर्क एधा (phellogen) बाहर की ओर कॉर्क (phellem) और भीतर की ओर द्वितीयक वल्कुट (phelloderm) काटती है। कथन II: छाल केवल कॉर्क से बनी होती है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
छाल में संवहन एधा के बाहर के सभी ऊतक सम्मिलित हैं: परित्वक् और द्वितीयक फ्लोएम।
Given below are two statements: Statement I: Phellogen cuts off phellem on its outer side and phelloderm on its inner side. Statement II: Bark consists only of cork. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
अभिकथन (A): घासें चरे जाने के बाद शीघ्र पुनः उग आती हैं। कारण (R): अंतर्वेशी विभज्योतक परिपक्व ऊतकों के बीच स्थित होता है और हटाए गए भागों का पुनर्जनन करता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
पर्वसंधियों या पर्वों के आधार पर स्थित अंतर्वेशी विभज्योतक नया ऊतक जोड़ता है।
Assertion (A): Grasses regrow quickly after being grazed. Reason (R): Intercalary meristem lies between mature tissues and regenerates the removed parts.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): द्विबीजपत्री तने में संवहन बंडल वलय में होते हैं। कारण (R): एकबीजपत्री तने में संवहन बंडल बिखरे हुए होते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं, परंतु दूसरा तथ्य पहले की व्याख्या नहीं करता।
Assertion (A): A dicot stem has its vascular bundles in a ring. Reason (R): A monocot stem has scattered vascular bundles.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): मूल रोम जड़ की बाह्य त्वचा के एककोशिकीय बहिर्वृद्धि हैं। कारण (R): जड़ की बाह्य त्वचा में मोटी उपचर्म और अनेक रंध्र होते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
जड़ की बाह्य त्वचा में उपचर्म और रंध्र दोनों नहीं होते, इसलिए R असत्य है।
Assertion (A): Root hairs are unicellular outgrowths of the root epidermis. Reason (R): The root epidermis has a thick cuticle and many stomata.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): बसंत काष्ठ शरद काष्ठ से अधिक गहरा होता है। कारण (R): बसंत काष्ठ में दारु वाहिकाएँ अधिक चौड़ी होती हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
D. A असत्य है लेकिन R सत्य है
बसंत काष्ठ हल्का होता है और उसमें चौड़ी वाहिकाएँ होती हैं; A असत्य है, R सत्य है।
Assertion (A): Spring wood is darker than autumn wood. Reason (R): Spring wood has wider xylem vessels.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): वातरंध्र काष्ठीय तनों में गैस विनिमय की अनुमति देते हैं। कारण (R): वातरंध्र ढीली व्यवस्थित कोशिकाओं से बने लेंस के आकार के छिद्र हैं जो बाह्य त्वचा को फाड़ देते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
ढीली पूरक कोशिकाएँ गैस विनिमय के लिए वायु स्थान छोड़ती हैं।
Assertion (A): Lenticels allow gas exchange in woody stems. Reason (R): Lenticels are lens-shaped openings made of loosely arranged cells that rupture the epidermis.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): कॉर्क (phellem) कोशिकाएँ परिपक्वता पर मृत होती हैं। कारण (R): कॉर्क कोशिकाओं की भित्ति पतली सेलुलोस की होती है और उनमें सुबेरिन नहीं होता।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
कॉर्क की भित्तियाँ सुबेरिनयुक्त होती हैं, इसी कारण कोशिकाएँ मृत और अपारगम्य होती हैं; R असत्य है।
Assertion (A): Phellem cells are dead at maturity. Reason (R): Phellem cells have thin cellulosic walls without suberin.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. मृदूतक b. स्थूलकोण ऊतक c. दृढ़ोतक d. दारु सूची II: i. काष्ठीभूत मृत कोशिकाएँ ii. प्रकाशसंश्लेषण और संचय iii. कोनों पर पेक्टिन की मोटाई iv. जल संवहन
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
उत्तर
D. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
मृदूतक संचय और प्रकाशसंश्लेषण करता है; स्थूलकोण ऊतक के कोनों पर पेक्टिन होता है; दृढ़ोतक काष्ठीभूत होता है; दारु जल का संवहन करता है।
Match List I with List II. List I: a. Parenchyma b. Collenchyma c. Sclerenchyma d. Xylem List II: i. Lignified dead cells ii. Photosynthesis and storage iii. Pectin thickening at corners iv. Water conduction
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. द्वार कोशिका b. सहचर कोशिका c. आवर्ध त्वक् कोशिका d. मूल रोम सूची II: i. पत्ती का मुड़ना ii. जल अवशोषण iii. रंध्र का खुलना iv. चालनी नलिका को सहारा
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
उत्तर
D. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
द्वार कोशिकाएँ रंध्र खोलती हैं; सहचर कोशिकाएँ चालनी नलिकाओं को सहारा देती हैं; आवर्ध त्वक् कोशिकाएँ पत्ती को मोड़ती हैं; मूल रोम जल अवशोषित करते हैं।
Match List I with List II. List I: a. Guard cell b. Companion cell c. Bulliform cell d. Root hair List II: i. Leaf curling ii. Water absorption iii. Stomatal opening iv. Support to sieve tube
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. अंतःत्वचा b. परिरंभ c. द्विबीजपत्री तने की अधस्त्वचा d. द्विबीजपत्री तने की मज्जा सूची II: i. बड़ा मृदूतकी केंद्रीय क्षेत्र ii. स्थूलकोणीय iii. सुबेरिन पट्टिकाएँ iv. पार्श्व जड़ों की उत्पत्ति
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
उत्तर
B. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
अंतःत्वचा में सुबेरिन की कैस्पेरी पट्टिकाएँ होती हैं; परिरंभ से पार्श्व जड़ें बनती हैं; अधस्त्वचा स्थूलकोण ऊतक की होती है; मज्जा बड़ी और मृदूतकी होती है।
Match List I with List II. List I: a. Endodermis b. Pericycle c. Hypodermis of dicot stem d. Pith of dicot stem List II: i. Large parenchymatous central region ii. Collenchymatous iii. Suberin bands iv. Origin of lateral roots
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. कॉर्क एधा (phellogen) b. कॉर्क (phellem) c. द्वितीयक वल्कुट (phelloderm) d. वातरंध्र सूची II: i. द्वितीयक वल्कुट ii. काग एधा iii. गैस विनिमय iv. कॉर्क
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
उत्तर
B. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
फेलोजन काग एधा है; फेलम कॉर्क है; फेलोडर्म द्वितीयक वल्कुट है; वातरंध्र गैस विनिमय की अनुमति देते हैं।
Match List I with List II. List I: a. Phellogen b. Phellem c. Phelloderm d. Lenticel List II: i. Secondary cortex ii. Cork cambium iii. Gas exchange iv. Cork
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. अंतःकाष्ठ b. रसकाष्ठ c. बसंत काष्ठ d. शरद काष्ठ सूची II: i. संकरी वाहिकाएँ ii. जल का संवहन करता है iii. गहरा, संवहन नहीं करता iv. चौड़ी वाहिकाएँ
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
उत्तर
D. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
अंतःकाष्ठ गहरा और असंवाहक होता है; रसकाष्ठ संवहन करता है; बसंत काष्ठ में चौड़ी वाहिकाएँ होती हैं; शरद काष्ठ में संकरी वाहिकाएँ होती हैं।
Match List I with List II. List I: a. Heartwood b. Sapwood c. Spring wood d. Autumn wood List II: i. Narrow vessels ii. Conducts water iii. Dark, does not conduct iv. Wide vessels
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. द्विबीजपत्री जड़ b. एकबीजपत्री जड़ c. द्विबीजपत्री पत्ती d. एकबीजपत्री पत्ती सूची II: i. समद्विपार्श्विक ii. बहुआदिदारुक iii. द्वि- से चतुष्आदिदारुक iv. खंभ और स्पंजी पर्णमध्योतक
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
उत्तर
B. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
द्विबीजपत्री जड़ द्वि- से चतुष्आदिदारुक होती है; एकबीजपत्री जड़ बहुआदिदारुक होती है; द्विबीजपत्री पत्ती में खंभ और स्पंजी ऊतक होते हैं; एकबीजपत्री पत्ती समद्विपार्श्विक होती है।
Match List I with List II. List I: a. Dicot root b. Monocot root c. Dicot leaf d. Monocot leaf List II: i. Isobilateral ii. Polyarch iii. Diarch to tetrarch iv. Palisade and spongy mesophyll
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
एक वृक्ष का तना काटा गया और 40 वार्षिक वलय गिने गए। यह दर्शाता है
- 40 वातरंध्र
- 40 पार्श्व शाखाएँ
- लगभग 40 वर्षों की मौसमी एधा सक्रियता
- 40 कॉर्क परतें
उत्तर
C. लगभग 40 वर्षों की मौसमी एधा सक्रियता
प्रत्येक वर्ष एक वार्षिक वलय (बसंत काष्ठ और शरद काष्ठ) बनता है।
A trunk is cut and 40 annual rings are counted. This indicates
- 40 lenticels
- 40 lateral branches
- about 40 years of seasonal cambial activity
- 40 cork layers
एक तने के काट में बिखरे हुए संयुक्त बंद बंडल, दृढ़ोतकी अधस्त्वचा और वल्कुट या मज्जा का विभेदन नहीं दिखता। यह तना है
- काष्ठीय द्विबीजपत्री का
- द्विबीजपत्री का
- अनावृतबीजी का
- एकबीजपत्री का
उत्तर
D. एकबीजपत्री का
ये एकबीजपत्री तने के लक्षण हैं।
A stem section shows scattered conjoint closed bundles with a sclerenchymatous hypodermis and no cortex or pith differentiation. The stem is
- a woody dicot
- dicot
- gymnosperm
- monocot
एक वृक्ष के तने के चारों ओर से छाल का एक छल्ला, कैम्बियम (एधा) के ठीक बाहर के ऊतक सहित, हटा दिया जाता है। कौन-सा ऊतक नष्ट होता है?
- मज्जा
- द्वितीयक दारु
- प्राथमिक दारु
- द्वितीयक फ्लोएम
उत्तर
D. द्वितीयक फ्लोएम
छाल में परित्वक् और द्वितीयक फ्लोएम सम्मिलित हैं, जो भोजन का संवहन करता है।
A ring of bark, including the tissue just outside the cambium, is removed all round a tree trunk. Which tissue is lost?
- Pith
- Secondary xylem
- Primary xylem
- Secondary phloem
एक पत्ती के काट में ऊपरी बाह्य त्वचा के नीचे लंबी खंभ कोशिकाएँ, नीचे ढीली स्पंजी कोशिकाएँ और निचली सतह पर अधिक रंध्र दिखते हैं। पत्ती है
- समद्विपार्श्विक, जैसी एकबीजपत्री में
- पृष्ठाधर, जैसी द्विबीजपत्री में
- पृष्ठाधर, जैसी एकबीजपत्री में
- समद्विपार्श्विक, जैसी द्विबीजपत्री में
उत्तर
B. पृष्ठाधर, जैसी द्विबीजपत्री में
विभेदित पर्णमध्योतक और नीचे अधिक रंध्र पृष्ठाधर पत्ती के लक्षण हैं, जो द्विबीजपत्रियों में होती है।
A leaf section shows elongated palisade cells under the upper epidermis, loosely arranged spongy cells below and more stomata on the lower surface. The leaf is
- isobilateral, as in a monocot
- dorsiventral, as in a dicot
- dorsiventral, as in a monocot
- isobilateral, as in a dicot
एक जड़ के काट में आठ दारु बंडल, बड़ी मज्जा और एधा का अभाव दिखता है। जड़ है
- एकबीजपत्री
- द्विबीजपत्री
- द्वितीयक वृद्धि वाली अनावृतबीजी जड़
- चतुष्आदिदारुक दारु वाली द्विबीजपत्री
उत्तर
A. एकबीजपत्री
छह से अधिक बंडल (बहुआदिदारुक) और बड़ी मज्जा एकबीजपत्री जड़ के लक्षण हैं।
A root section shows eight xylem bundles, a large pith and no cambium. The root is
- monocot
- dicot
- a gymnosperm root with secondary growth
- dicot with tetrarch xylem
एक काष्ठ का नमूना गहरे रंग का है, उसकी कोशिकाएँ मृत और टैनिन से भरी हैं। यह मजबूती देता है परंतु जल का संवहन नहीं कर सकता। यह है
- बसंत काष्ठ
- रसकाष्ठ
- अंतःकाष्ठ
- द्वितीयक फ्लोएम
उत्तर
C. अंतःकाष्ठ
अंतःकाष्ठ गहरा, मृत और असंवाहक होता है परंतु यांत्रिक सहारा देता है।
A wood sample is dark, its cells are dead and filled with tannins. It gives strength but cannot conduct water. It is
- spring wood
- sapwood
- heartwood
- secondary phloem
पुराने द्विबीजपत्री तने में कौन-सा ऊतक बढ़ते द्वितीयक दारु के दबाव से कुचल जाता है?
- प्राथमिक फ्लोएम
- अंतःकाष्ठ
- प्राथमिक दारु
- द्वितीयक दारु
उत्तर
A. प्राथमिक फ्लोएम
प्राथमिक और पुराना द्वितीयक फ्लोएम कुचल जाते हैं; प्राथमिक दारु केंद्र के पास रहता है।
In an old dicot stem, which tissue is crushed by pressure from the growing secondary xylem?
- Primary phloem
- Heartwood
- Primary xylem
- Secondary xylem