प्रवाह प्रणालियाँ: महानदी 58.48%, गोदावरी 28%, गंगा 13%, नर्मदा 1%।
महानदी तंत्र
- महानदी: 286 किमी; सिहावा पर्वत (धमतरी); शिवरीनारायण, सिरपुर, राजिम; प्राचीन नाम चित्रोत्पला; 'जीवन रेखा'।
- शिवनाथ: 290 किमी; पानबरसा (अंबागढ़); दुर्ग, राजनांदगांव; महानदी की सबसे बड़ी सहायक।
- हसदो 176 (सोनहत, कोरिया; कोरबा, चांपा; बांगो), मनियारी 134 (लोरमी पठार), अरपा 100 (पेंड्रा; बिलासपुर), तांदुला 64 (कांकेर; बालोद), खारून 208 (पेटेचुआ, बालोद; रायपुर), लीलागर 135, पैरी 90 (भाटीगढ़ी, गरियाबंद), मांड 155 (मैनपाट), जोंक 90, ईब 87 (खुर्जा, जशपुर), केलो (लुड़ेग; रायगढ़), हाफ 44 (कवर्धा), दूध (मलाजकुंडम, कांकेर)।
गोदावरी तंत्र
- इंद्रावती 264: उद्गम मुंगेर पहाड़ी (कालाहांडी, ओडिशा); जगदलपुर, बारसूर; चित्रकोट; प्राचीन नाम महानंदा/नीलोत्पल्ला; 'बस्तर की जीवन रेखा'।
- कोटरी 135 – इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक; शबरी 173 (बैलाडीला; कोंटा, सुकमा); डंकिनी, शंखिनी (नंदीराज) – दंतेवाड़ा; बाघ, नारंगी (कोंडागांव)।
गंगा तंत्र: कन्हार 115 (बखोना, बगीचा), रिहंद 145 (मतिरिंगा, अंबिकापुर; 'सरगुजा की जीवन रेखा'), सोन।
नर्मदा तंत्र: बंजर (कवर्धा), तांडा।
- याद रखें: इंद्रावती-बस्तर, रिहंद-सरगुजा, महानदी-राज्य की जीवन रेखा।
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