←
NEET रसायन विज्ञान: हैलोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन युक्त कार्बनिक यौगिक · Chapter 4

ऐमीन

याद रखने योग्य बातें

  • ऐमीन (amine) NH₃ के व्युत्पन्न हैं और क्षारीय होते हैं क्योंकि नाइट्रोजन का एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म H⁺ ग्रहण करता है। जल में मेथिलऐमीनों का क्रम (CH₃)₂NH > CH₃NH₂ > (CH₃)₃N > NH₃ है; गैस प्रावस्था में यह 3° > 2° > 1° > NH₃ है।
  • ऐनिलीन ऐलिफैटिक ऐमीनों की तुलना में क्षार के रूप में बहुत दुर्बल है, क्योंकि उसका एकाकी युग्म बेन्ज़ीन वलय में विस्थानीकृत हो जाता है।
  • केवल प्राथमिक ऐमीन कार्बिलऐमीन परीक्षण देते हैं; हिन्सबर्ग अभिकर्मक (Hinsberg's reagent, C₆H₅SO₂Cl) 1°, 2° और 3° ऐमीनों को पृथक करता है; हॉफमान ब्रोमाइड अवक्रमण (Hoffmann bromamide degradation) ऐमाइड से एक कार्बन कम वाला प्राथमिक ऐमीन देता है।
  • ऐरीनडाइऐज़ोनियम लवण (ArNH₂ + NaNO₂/HCl से 273–278 K पर) CuCl, CuBr, CuCN, KI, HBF₄, H₂O, H₃PO₂ या C₂H₅OH के साथ N₂ त्यागते हैं, और फीनॉल या ऐनिलीन के साथ युग्मन कर ऐज़ो रंजक देते हैं।

संरचना, वर्गीकरण और नामकरण

ऐमीन में नाइट्रोजन परमाणु sp³ संकरित होता है और उस पर एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होता है। N के चारों ओर आकृति पिरामिडी होती है, और ट्राइमेथिलऐमीन में C–N–C कोण लगभग 108° होता है।

ऐमीनों का वर्गीकरण नाइट्रोजन पर ऐल्किल या ऐरिल समूहों की संख्या के आधार पर किया जाता है:

  • प्राथमिक (1°): R–NH₂
  • द्वितीयक (2°): R₂NH
  • तृतीयक (3°): R₃N

सामान्य नामों में ऐल्किल समूह लिखकर "ऐमीन" जोड़ा जाता है। IUPAC नामों में ऐल्केन के –e को –amine से बदला जाता है। नाइट्रोजन पर स्थित प्रतिस्थापियों को स्थान-संख्या N से लिखा जाता है। सरलतम ऐरोमैटिक ऐमीन C₆H₅NH₂ को benzenamine (बेन्ज़ीनऐमीन, ऐनिलीन) कहते हैं।

सूत्रIUPAC नामसामान्य नामवर्ग
CH₃NH₂methanaminemethylamine1°
CH₃CH₂CH₂NH₂propan-1-aminen-propylamine1°
CH₃CH(NH₂)CH₃propan-2-amineisopropylamine1°
CH₃NHCH₃N-methylmethanaminedimethylamine2°
CH₃NHCH₂CH₃N-methylethanamineethylmethylamine2°
(CH₃)₃NN,N-dimethylmethanaminetrimethylamine3°
C₆H₅NH₂benzenamineaniline1°
C₆H₅N(CH₃)₂N,N-dimethylbenzenamineN,N-dimethylaniline3°

ऐमीनों का विरचन

विधिअभिक्रियाटिप्पणी
नाइट्रो यौगिकों का अपचयनRNO₂ या ArNO₂ + H₂/Pd, या Sn/HCl, या Fe/HCl → RNH₂ या ArNH₂उद्योग में Fe/HCl को वरीयता दी जाती है क्योंकि बना FeCl₂ जल-अपघटित होकर कुछ HCl वापस दे देता है
ऐल्किल हैलाइडों का अमोनी-अपघटनRX + NH₃ → RNH₂ → R₂NH → R₃N → R₄N⁺X⁻मिश्रण देता है; NH₃ आधिक्य प्राथमिक ऐमीन के पक्ष में होता है
नाइट्राइलों का अपचयनRCN + LiAlH₄ (या H₂/Ni) → RCH₂NH₂एक CH₂ जुड़ता है: उत्पाद में RCN बनाने के लिए प्रयुक्त ऐल्किल हैलाइड से एक कार्बन अधिक होता है
ऐमाइडों का अपचयनRCONH₂ + LiAlH₄ → RCH₂NH₂कार्बनों की संख्या ऐमाइड के समान
गैब्रिएल थैलिमाइड संश्लेषण (Gabriel phthalimide synthesis)थैलिमाइड + KOH → पोटैशियम थैलिमाइड; + R–X; फिर क्षारीय जल-अपघटनकेवल शुद्ध प्राथमिक ऐलिफैटिक ऐमीन
हॉफमान ब्रोमाइड अवक्रमणRCONH₂ + Br₂ + 4 NaOH → RNH₂ + Na₂CO₃ + 2 NaBr + 2 H₂Oएक कार्बन कम वाला प्राथमिक ऐमीन

गैब्रिएल संश्लेषण की सीमाएँ: यह केवल प्राथमिक ऐलिफैटिक ऐमीन देता है। ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन नहीं बनाए जा सकते, क्योंकि ऐरिल हैलाइड थैलिमाइड ऋणायन के साथ नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन नहीं करते। यह तृतीयक हैलाइडों के साथ भी विफल रहता है।

हॉफमान अवक्रमण के उदाहरण: CH₃CONH₂ → CH₃NH₂ और C₆H₅CONH₂ → C₆H₅NH₂। प्रत्येक में एक कार्बन (कार्बोनेट के रूप में) घट जाता है। इसके विपरीत, नाइट्राइल के अपचयन में सभी कार्बन बने रहते हैं: CH₃CN → CH₃CH₂NH₂।

भौतिक गुण

मेथिलऐमीन, डाइमेथिलऐमीन और एथिलऐमीन कमरे के ताप पर गैस होते हैं, जिनकी गंध मछली जैसी होती है। उच्च ऐमीन द्रव या ठोस होते हैं। प्राथमिक और द्वितीयक ऐमीन आपस में हाइड्रोजन आबंध बनाते हैं, इसलिए उनके क्वथनांक समान द्रव्यमान के ऐल्केनों और ईथरों से अधिक होते हैं। N–H···N आबंध O–H···O आबंध से दुर्बल होता है, इसलिए ऐमीन समान द्रव्यमान के ऐल्कोहॉलों से कम ताप पर उबलते हैं।

समावयवी ऐमीनों के क्वथनांक का क्रम: प्राथमिक > द्वितीयक > तृतीयक। प्राथमिक ऐमीन में दो N–H आबंध होते हैं, द्वितीयक में एक और तृतीयक में एक भी नहीं। निम्न ऐमीन जल में विलेय होते हैं क्योंकि वे जल के साथ हाइड्रोजन आबंध बनाते हैं। ऐल्किल भाग का आकार बढ़ने पर विलेयता घटती है। शुद्ध ऐनिलीन रंगहीन होती है, पर वायु के संपर्क में ऑक्सीकरण के कारण भूरी हो जाती है।

ऐमीनों का क्षारीय गुण

ऐमीन जल से H⁺ ग्रहण करता है: R–NH₂ + H₂O ⇌ R–NH₃⁺ + OH⁻। छोटा pKb अधिक प्रबल क्षार दर्शाता है।

ऐमीनpKb (जलीय)
NH₃4.75
CH₃NH₂3.38
(CH₃)₂NH3.27
(CH₃)₃N4.22
C₂H₅NH₂3.29
(C₂H₅)₂NH3.00
(C₂H₅)₃N3.25
C₆H₅NH₂9.38

ऐलिफैटिक ऐमीन NH₃ से प्रबल क्षार होते हैं, क्योंकि ऐल्किल समूह इलेक्ट्रॉन धकेलते हैं (+I प्रभाव) और एकाकी युग्म को अधिक उपलब्ध बनाते हैं।

गैस प्रावस्था में केवल +I प्रभाव कार्य करता है, इसलिए क्रम 3° > 2° > 1° > NH₃ है। जल में संयुग्मी अम्ल (R₃NH⁺) को जल के साथ हाइड्रोजन आबंधन द्वारा स्थायी होना पड़ता है। आयन में जितने अधिक N–H आबंध होते हैं, विलायकन उतना अधिक होता है। त्रिविम अवरोध भी महत्त्वपूर्ण है। ये कारक आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे यह क्रम मिलता है:

  • मेथिलऐमीन: (CH₃)₂NH > CH₃NH₂ > (CH₃)₃N > NH₃
  • एथिलऐमीन: (C₂H₅)₂NH > (C₂H₅)₃N > C₂H₅NH₂ > NH₃

ऐरोमैटिक ऐमीन: ऐनिलीन में नाइट्रोजन का एकाकी युग्म बेन्ज़ीन वलय के साथ अनुनाद में रहता है और H⁺ ग्रहण करने के लिए कम उपलब्ध होता है। ऐनिलिनियम आयन की अनुनाद संरचनाएँ ऐनिलीन से कम होती हैं, इसलिए वह कम स्थायी होता है। अतः ऐनिलीन मेथिलऐमीन या अमोनिया से कहीं दुर्बल क्षार है।

ऐनिलीन पर वलय प्रतिस्थापियों का प्रभाव:

  • इलेक्ट्रॉन-दाता समूह (–CH₃, –OCH₃, –NH₂) क्षारकता बढ़ाते हैं।
  • इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह (–NO₂, –CN, –Cl) क्षारकता घटाते हैं।

अतः क्षारकीय प्रबलता में p-टॉल्यूइडीन > ऐनिलीन > p-नाइट्रोऐनिलीन। उपरोक्त pKb आँकड़ों से जल में क्षारकीय प्रबलता का क्रम: (C₂H₅)₂NH > (CH₃)₂NH > CH₃NH₂ > (CH₃)₃N > NH₃ > C₆H₅NH₂।

ऐमीनों की रासायनिक अभिक्रियाएँ

ऐल्किलीकरण: ऐमीन ऐल्किल हैलाइडों के साथ नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन द्वारा अभिक्रिया करते हैं (RNH₂ → R₂NH → R₃N → R₄N⁺X⁻), जिससे मिश्रण बनता है।

ऐसिलीकरण: 1° और 2° ऐमीन ऐसिल क्लोराइड, एनहाइड्राइड या एस्टर के साथ अभिक्रिया कर ऐमाइड देते हैं (N–H के स्थान पर N–COR)। बने HCl को हटाने और अभिक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पिरिडीन जैसा क्षार प्रयुक्त किया जाता है। उदाहरण: C₆H₅NH₂ + CH₃COCl → C₆H₅NHCOCH₃ (ऐसीटैनिलाइड) + HCl। तृतीयक ऐमीन ऐसिलीकृत नहीं होते क्योंकि उनमें N–H नहीं होता।

कार्बिलऐमीन अभिक्रिया (आइसोसायनाइड परीक्षण): ऐलिफैटिक या ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन को CHCl₃ और ऐल्कोहॉली KOH के साथ गर्म करने पर बहुत दुर्गंधयुक्त आइसोसायनाइड (कार्बिलऐमीन) बनता है। RNH₂ + CHCl₃ + 3 KOH → RNC + 3 KCl + 3 H₂O। द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन यह परीक्षण नहीं देते।

नाइट्रस अम्ल (HNO₂, NaNO₂ + HCl से बना) के साथ अभिक्रिया:

  • ऐलिफैटिक प्राथमिक ऐमीन: अस्थायी डाइऐज़ोनियम लवण देता है जो ऐल्कोहॉल और N₂ में अपघटित हो जाता है (N₂ के बुलबुले): RNH₂ + HNO₂ → ROH + N₂ + H₂O।
  • ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन 273–278 K पर: स्थायी ऐरीनडाइऐज़ोनियम लवण, C₆H₅N₂⁺Cl⁻ देता है।
  • द्वितीयक ऐमीन (ऐलिफैटिक या ऐरोमैटिक): N-नाइट्रोसोऐमीन देते हैं, जो पीले तैलीय द्रव होते हैं।
  • तृतीयक ऐलिफैटिक ऐमीन घुलकर नाइट्राइट लवण देते हैं।

हिन्सबर्ग परीक्षण (बेन्ज़ीनसल्फोनिल क्लोराइड, C₆H₅SO₂Cl, फिर जलीय KOH):

ऐमीनC₆H₅SO₂Cl के साथ अभिक्रियाKOH का प्रभाव
प्राथमिकN-ऐल्किलबेन्ज़ीनसल्फोनैमाइड, जिसमें अम्लीय N–H होता हैघुल जाता है (विलेय लवण बनता है)
द्वितीयकN,N-डाइऐल्किलबेन्ज़ीनसल्फोनैमाइड, N–H नहींअविलेय
तृतीयककोई अभिक्रिया नहींअभिकर्मक से अभिक्रिया नहीं करता

ऐनिलीन में इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन

–NH₂ समूह प्रबल सक्रियकारी समूह है जो ऑर्थो और पैरा स्थितियों की ओर निर्देशित करता है।

ब्रोमीनीकरण: ऐनिलीन ब्रोमीन जल के साथ तुरंत 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन का श्वेत अवक्षेप देती है। इसे मोनो अवस्था पर नहीं रोका जा सकता। मोनोब्रोमो उत्पाद प्राप्त करने के लिए पहले समूह को ऐसीटिलीकरण द्वारा सुरक्षित करें: ऐनिलीन → ऐसीटैनिलाइड, फिर एथेनोइक अम्ल में Br₂ से मुख्यतः p-ब्रोमोऐसीटैनिलाइड बनता है, और जल-अपघटन से p-ब्रोमोऐनिलीन मिलती है। ऐसीटिलीकरण सक्रियकारी क्षमता घटाता है क्योंकि एकाकी युग्म अब C=O समूह में भी विस्थानीकृत होता है।

नाइट्रीकरण: HNO₃ + H₂SO₄ से सीधे नाइट्रीकरण पर ऑर्थो, मेटा और पैरा उत्पादों का मिश्रण बनता है, जिसमें मेटा समावयवी बड़ी मात्रा में होता है, क्योंकि प्रबल अम्ल में ऐनिलीन ऐनिलिनियम आयन (–NH₃⁺) में बदल जाती है, जो मेटा-निर्देशी है। सीधे नाइट्रीकरण से ऑक्सीकरण और तारकोल जैसे उत्पाद भी बनते हैं। ऐसीटिलीकरण द्वारा सुरक्षा से मुख्यतः पैरा उत्पाद मिलता है: ऐसीटैनिलाइड → p-नाइट्रोऐसीटैनिलाइड → (जल-अपघटन) → p-नाइट्रोऐनिलीन।

सल्फोनीकरण: ऐनिलीन + सांद्र H₂SO₄ से ऐनिलिनियम हाइड्रोजनसल्फेट बनता है। 453–473 K पर गर्म करने पर यह p-ऐमिनोबेन्ज़ीनसल्फोनिक अम्ल देता है, जिसे सल्फैनिलिक अम्ल कहते हैं। यह द्विध्रुवीय आयन (उभयाववेशी आयन, zwitterion) के रूप में रहता है।

फ्रीडेल–क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण और ऐसिलीकरण ऐनिलीन के साथ नहीं होते। क्षारीय –NH₂ समूह लूईस अम्ल AlCl₃ के साथ लवण बना लेता है। तब नाइट्रोजन पर धनावेश आ जाता है और वह वलय को प्रबलता से निष्क्रिय कर देता है।

अभिक्रियाअभिकर्मकऐनिलीन से उत्पाद
ब्रोमीनीकरणBr₂ जल2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन (श्वेत अवक्षेप)
नाइट्रीकरण (सुरक्षित करके)(CH₃CO)₂O, फिर HNO₃/H₂SO₄, फिर जल-अपघटनp-नाइट्रोऐनिलीन
सल्फोनीकरणसांद्र H₂SO₄, 453–473 Kसल्फैनिलिक अम्ल
फ्रीडेल–क्राफ्ट्सRCl/AlCl₃नहीं होती

डाइऐज़ोनियम लवण

विरचन (डाइऐज़ोटीकरण): C₆H₅NH₂ + NaNO₂ + 2 HCl, 273–278 K पर → C₆H₅N₂⁺Cl⁻ (बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड) + NaCl + 2 H₂O। HNO₂ फ्लास्क में ही NaNO₂ और HCl से बनाया जाता है। मिश्रण को ठंडा रखना आवश्यक है, क्योंकि गर्म करने पर लवण अपघटित हो जाता है।

स्थायित्व: ऐरीनडाइऐज़ोनियम लवण ऐल्केनडाइऐज़ोनियम लवणों से अधिक स्थायी होते हैं, क्योंकि धनावेश बेन्ज़ीन वलय के साथ अनुनाद द्वारा फैल जाता है। बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड अस्थायी है और शुष्क अवस्था में विस्फोटक है, इसलिए उसे विलयन में प्रयुक्त किया जाता है। बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम फ्लोरोबोरेट (BF₄⁻ लवण) कमरे के ताप पर स्थायी है और उसे पृथक किया जा सकता है।

नाइट्रोजन के विस्थापन वाली अभिक्रियाएँ:

अभिकर्मकउत्पादनाम
CuCl/HClC₆H₅Clसैन्डमेयर (Sandmeyer)
CuBr/HBrC₆H₅Brसैन्डमेयर
CuCN/KCNC₆H₅CNसैन्डमेयर
Cu चूर्ण + HCl या HBrC₆H₅Cl या C₆H₅Brगाटरमान (Gattermann)
KIC₆H₅Iउत्प्रेरक की आवश्यकता नहीं
HBF₄, फिर ऊष्माC₆H₅Fबाल्ज़–शीमान (Balz–Schiemann)
H₂O, गुनगुनाC₆H₅OHफीनॉल
H₃PO₂ और जलC₆H₆डाइऐज़ोनियम समूह का अपचायी निष्कासन
C₂H₅OH, ऊष्माC₆H₆ (+ CH₃CHO)अपचायी निष्कासन

नाइट्रोजन बने रहने वाली अभिक्रियाएँ: युग्मन। बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड इलेक्ट्रॉन-समृद्ध ऐरोमैटिक वलयों के साथ, पैरा स्थिति पर, अभिक्रिया कर ऐज़ो यौगिक (–N=N–) देता है, जो चटकीले रंग के रंजक होते हैं।

  • फीनॉल के साथ (मंद क्षारीय, pH 9–10): p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेन्ज़ीन, एक नारंगी रंजक।
  • ऐनिलीन के साथ (मंद अम्लीय, pH 4–5): p-ऐमिनोऐज़ोबेन्ज़ीन, एक पीला रंजक।

संश्लेषण में महत्त्व: डाइऐज़ोनियम लवण बेन्ज़ीन वलय में –F, –I, –CN, –OH और –H प्रविष्ट कराने देते हैं, जो बेन्ज़ीन पर सीधे प्रतिस्थापन से संभव नहीं है। वे ऐज़ो रंजकों का मार्ग भी हैं। –NO₂ से –NH₂, फिर –N₂⁺, फिर –X में परिवर्तन अनेक प्रतिस्थापित बेन्ज़ीनों का मानक मार्ग है।

NEET के जाल

  • 1. गैस प्रावस्था: 3° > 2° > 1° > NH₃। जल में: (CH₃)₂NH > CH₃NH₂ > (CH₃)₃N, अतः जल में तृतीयक मेथिलऐमीन प्राथमिक से दुर्बल है।
  • 2. जलीय एथिलऐमीनों में द्वितीयक ऐमीन सबसे प्रबल है और तृतीयक प्राथमिक से प्रबल है; मेथिलऐमीन का क्रम न दोहराएँ।
  • 3. हॉफमान अवक्रमण में एक कार्बन घटता है; नाइट्राइल के अपचयन में हैलाइड की तुलना में एक कार्बन बढ़ता है।
  • 4. गैब्रिएल संश्लेषण केवल प्राथमिक ऐलिफैटिक ऐमीन बनाता है, ऐनिलीन कभी नहीं।
  • 5. कार्बिलऐमीन अभिक्रिया केवल प्राथमिक ऐमीनों के लिए है, ऐलिफैटिक और ऐरोमैटिक दोनों।
  • 6. हिन्सबर्ग परीक्षण में प्राथमिक सल्फोनैमाइड क्षार में घुलता है; द्वितीयक नहीं घुलता।
  • 7. ऐलिफैटिक प्राथमिक ऐमीन HNO₂ के साथ N₂ और ऐल्कोहॉल देते हैं; ऐरोमैटिक 273–278 K पर डाइऐज़ोनियम लवण देते हैं।
  • 8. ऐनिलीन का फ्रीडेल–क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण या ऐसिलीकरण नहीं हो सकता; सीधा नाइट्रीकरण भी ऐनिलिनियम आयन के कारण मेटा उत्पाद देता है।
  • 9. सैन्डमेयर में कॉपर(I) लवण चाहिए; गाटरमान में Cu चूर्ण प्रयुक्त होता है; फ्लोराइड HBF₄ (बाल्ज़–शीमान) से और आयोडाइड KI से मिलते हैं।
  • 10. फीनॉल के साथ युग्मन मंद क्षारीय माध्यम में और ऐनिलीन के साथ मंद अम्लीय माध्यम में होता है।

एक पंक्ति के सार

  • 1. ऐमीनों में नाइट्रोजन sp³ संकरित होता है और उस पर एकाकी युग्म होता है।
  • 2. 1°, 2° और 3° ऐमीनों में क्रमशः दो, एक और शून्य N–H आबंध होते हैं।
  • 3. C₆H₅NH₂ को benzenamine (ऐनिलीन) कहते हैं।
  • 4. नाइट्रो यौगिकों का Fe/HCl से अपचयन वरीय है क्योंकि केवल थोड़े HCl की आवश्यकता होती है।
  • 5. ऐल्किल हैलाइडों का अमोनी-अपघटन ऐमीनों और चतुष्क लवण का मिश्रण देता है।
  • 6. गैब्रिएल संश्लेषण में पोटैशियम थैलिमाइड और ऐल्किल हैलाइड प्रयुक्त होते हैं।
  • 7. हॉफमान ब्रोमाइड अभिक्रिया: ऐमाइड → एक कार्बन कम वाला ऐमीन।
  • 8. ऐनिलीन का pKb (9.38) मेथिलऐमीन के pKb (3.38) से बहुत अधिक है।
  • 9. ऐनिलीन पर इलेक्ट्रॉन-दाता समूह क्षारकता बढ़ाते हैं; इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह घटाते हैं।
  • 10. कार्बिलऐमीन परीक्षण दुर्गंधयुक्त आइसोसायनाइड देता है।
  • 11. ऐनिलीन का ऐसीटिलीकरण ऐसीटैनिलाइड देता है और –NH₂ का सक्रियकारी प्रभाव घटाता है।
  • 12. ऐनिलीन ब्रोमीन जल के साथ श्वेत 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन देती है।
  • 13. ऐनिलीन का सल्फोनीकरण सल्फैनिलिक अम्ल देता है, जो उभयाववेशी आयन है।
  • 14. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड ऐनिलीन, NaNO₂ और HCl से 273–278 K पर बनता है।
  • 15. डाइऐज़ोनियम युग्मन से –N=N– युक्त ऐज़ो रंजक बनते हैं।

अभ्यास प्रश्न

  1. ऐमीन में नाइट्रोजन परमाणु का संकरण होता है

    1. sp²
    2. sp³d
    3. sp³
    4. sp
    उत्तर

    C. sp³

    नाइट्रोजन के तीन आबंध और एक एकाकी युग्म होता है, इसलिए वह sp³ है और आकृति पिरामिडी है।

    The nitrogen atom in an amine is hybridised as

    1. sp²
    2. sp³d
    3. sp³
    4. sp
  2. CH₃NHCH₃ का IUPAC नाम क्या है?

    1. एथेनऐमीन
    2. N-मेथिलमेथेनऐमीन
    3. N-मेथिलएथेनऐमीन
    4. डाइमेथिलमेथेनऐमीन
    उत्तर

    B. N-मेथिलमेथेनऐमीन

    N पर दो मेथिल समूह: N-मेथिल प्रतिस्थापी वाली मेथेनऐमीन।

    What is the IUPAC name of CH₃NHCH₃?

    1. ethanamine
    2. N-methylmethanamine
    3. N-methylethanamine
    4. dimethylmethanamine
  3. प्रोपेनऐमाइड को Br₂ और NaOH से अभिकृत किया जाता है। उत्पाद है

    1. प्रोपेन-1-ऐमीन
    2. मेथेनऐमीन
    3. प्रोपेन-2-ऐमीन
    4. एथेनऐमीन
    उत्तर

    D. एथेनऐमीन

    हॉफमान ब्रोमाइड अवक्रमण (Hoffmann bromamide degradation) कार्बोनिल कार्बन को हटा देता है: CH₃CH₂CONH₂ → CH₃CH₂NH₂।

    Propanamide is treated with Br₂ and NaOH. The product is

    1. propan-1-amine
    2. methanamine
    3. propan-2-amine
    4. ethanamine
  4. गैब्रिएल थैलिमाइड संश्लेषण (Gabriel phthalimide synthesis) द्वारा किसे नहीं बनाया जा सकता

    1. ऐनिलीन
    2. मेथेनऐमीन
    3. एथेनऐमीन
    4. बेन्ज़िलऐमीन
    उत्तर

    A. ऐनिलीन

    थैलिमाइड ऋणायन ऐरिल हैलाइड से हैलाइड का विस्थापन नहीं करता, इसलिए ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन नहीं बनते।

    Gabriel phthalimide synthesis cannot be used to prepare

    1. aniline
    2. methanamine
    3. ethanamine
    4. benzylamine
  5. LiAlH₄ CH₃CN को किसमें अपचयित करता है

    1. CH₃CH₂NH₂
    2. CH₃CH₂OH
    3. CH₃CONH₂
    4. CH₃NH₂
    उत्तर

    A. CH₃CH₂NH₂

    नाइट्राइल उतने ही कार्बन परमाणुओं वाले प्राथमिक ऐमीन में अपचयित होता है: RCN → RCH₂NH₂।

    LiAlH₄ reduces CH₃CN to

    1. CH₃CH₂NH₂
    2. CH₃CH₂OH
    3. CH₃CONH₂
    4. CH₃NH₂
  6. मेथिलऐमीन, डाइमेथिलऐमीन, ट्राइमेथिलऐमीन और अमोनिया में जलीय विलयन में सबसे प्रबल क्षार है

    1. (CH₃)₃N
    2. NH₃
    3. CH₃NH₂
    4. (CH₃)₂NH
    उत्तर

    D. (CH₃)₂NH

    जलीय क्रम: (CH₃)₂NH (pKb 3.27) > CH₃NH₂ (3.38) > (CH₃)₃N (4.22) > NH₃ (4.75)।

    Among methylamine, dimethylamine, trimethylamine and ammonia, the strongest base in aqueous solution is

    1. (CH₃)₃N
    2. NH₃
    3. CH₃NH₂
    4. (CH₃)₂NH
  7. गैस प्रावस्था में CH₃NH₂, (CH₃)₂NH, (CH₃)₃N और NH₃ में सबसे प्रबल क्षार है

    1. CH₃NH₂
    2. (CH₃)₃N
    3. (CH₃)₂NH
    4. NH₃
    उत्तर

    B. (CH₃)₃N

    गैस प्रावस्था में केवल +I प्रभाव कार्य करता है, इसलिए ऐल्किल समूहों की संख्या के साथ क्षारकता बढ़ती है: 3° > 2° > 1° > NH₃।

    In the gas phase the strongest base among CH₃NH₂, (CH₃)₂NH, (CH₃)₃N and NH₃ is

    1. CH₃NH₂
    2. (CH₃)₃N
    3. (CH₃)₂NH
    4. NH₃
  8. कौन-सा यौगिक कार्बिलऐमीन परीक्षण देता है?

    1. ट्राइएथिलऐमीन
    2. N,N-डाइमेथिलऐनिलीन
    3. एथिलऐमीन
    4. डाइएथिलऐमीन
    उत्तर

    C. एथिलऐमीन

    केवल प्राथमिक ऐमीन CHCl₃ और ऐल्कोहॉली KOH के साथ दुर्गंधयुक्त आइसोसायनाइड देते हैं।

    Which compound gives the carbylamine test?

    1. triethylamine
    2. N,N-dimethylaniline
    3. ethylamine
    4. diethylamine
  9. ऐनिलीन NaNO₂ और HCl से 273–278 K पर अभिक्रिया कर देती है

    1. फीनॉल
    2. नाइट्रोबेन्ज़ीन
    3. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड
    4. N-नाइट्रोसोऐनिलीन
    उत्तर

    C. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड

    प्राथमिक ऐरोमैटिक ऐमीन का निम्न ताप पर डाइऐज़ोटीकरण ऐरीनडाइऐज़ोनियम लवण देता है।

    Aniline reacts with NaNO₂ and HCl at 273–278 K to give

    1. phenol
    2. nitrobenzene
    3. benzenediazonium chloride
    4. N-nitrosoaniline
  10. कौन-सा ऐमीन बेन्ज़ीनसल्फोनिल क्लोराइड से अभिक्रिया नहीं करता?

    1. ऐनिलीन
    2. ट्राइएथिलऐमीन
    3. डाइएथिलऐमीन
    4. एथिलऐमीन
    उत्तर

    B. ट्राइएथिलऐमीन

    तृतीयक ऐमीन में N–H आबंध नहीं होता, इसलिए सल्फोनैमाइड नहीं बन सकता।

    Which amine does not react with benzenesulphonyl chloride?

    1. aniline
    2. triethylamine
    3. diethylamine
    4. ethylamine
  11. ऐनिलीन ब्रोमीन जल से अभिक्रिया कर देती है

    1. 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन
    2. 2-ब्रोमोऐनिलीन
    3. 4-ब्रोमोऐनिलीन
    4. 3,5-डाइब्रोमोऐनिलीन
    उत्तर

    A. 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन

    –NH₂ समूह ऑर्थो और पैरा स्थितियों को प्रबलता से सक्रिय करता है, इसलिए तीनों पर एक साथ ब्रोमीनीकरण हो जाता है।

    Aniline reacts with bromine water to give

    1. 2,4,6-tribromoaniline
    2. 2-bromoaniline
    3. 4-bromoaniline
    4. 3,5-dibromoaniline
  12. ऐनिलीन को सांद्र H₂SO₄ के साथ 453–473 K पर गर्म करने पर मिलता है

    1. बेन्ज़ीनसल्फोनिक अम्ल
    2. नाइट्रोबेन्ज़ीन
    3. 3-ऐमिनोबेन्ज़ीनसल्फोनिक अम्ल
    4. सल्फैनिलिक अम्ल (4-ऐमिनोबेन्ज़ीनसल्फोनिक अम्ल)
    उत्तर

    D. सल्फैनिलिक अम्ल (4-ऐमिनोबेन्ज़ीनसल्फोनिक अम्ल)

    ऐनिलिनियम हाइड्रोजनसल्फेट गर्म करने पर पैरा सल्फोनिक अम्ल में पुनर्विन्यासित हो जाता है।

    Aniline heated with conc. H₂SO₄ at 453–473 K gives

    1. benzenesulphonic acid
    2. nitrobenzene
    3. 3-aminobenzenesulphonic acid
    4. sulphanilic acid (4-aminobenzenesulphonic acid)
  13. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड CuCN/KCN से अभिक्रिया कर देता है

    1. फेनिल आइसोसायनाइड
    2. बेन्ज़ोनाइट्राइल
    3. बेन्ज़ैमाइड
    4. ऐनिलीन
    उत्तर

    B. बेन्ज़ोनाइट्राइल

    सैन्डमेयर अभिक्रिया (Sandmeyer reaction) –N₂⁺ को –CN से प्रतिस्थापित करती है।

    Benzenediazonium chloride reacts with CuCN/KCN to give

    1. phenyl isocyanide
    2. benzonitrile
    3. benzamide
    4. aniline
  14. क्षारीय प्रबलता के बढ़ते क्रम का सही क्रम है

    1. ऐनिलीन < p-नाइट्रोऐनिलीन < p-टॉल्यूइडीन
    2. p-नाइट्रोऐनिलीन < p-टॉल्यूइडीन < ऐनिलीन
    3. p-टॉल्यूइडीन < ऐनिलीन < p-नाइट्रोऐनिलीन
    4. p-नाइट्रोऐनिलीन < ऐनिलीन < p-टॉल्यूइडीन
    उत्तर

    D. p-नाइट्रोऐनिलीन < ऐनिलीन < p-टॉल्यूइडीन

    –NO₂ इलेक्ट्रॉन खींचता है और क्षारकता घटाता है; –CH₃ इलेक्ट्रॉन देता है और उसे बढ़ाता है।

    The correct order of increasing basic strength is

    1. aniline < p-nitroaniline < p-toluidine
    2. p-nitroaniline < p-toluidine < aniline
    3. p-toluidine < aniline < p-nitroaniline
    4. p-nitroaniline < aniline < p-toluidine
  15. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम फ्लोरोबोरेट को गर्म करने पर मिलता है

    1. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम फ्लोराइड
    2. बेन्ज़ीन
    3. फ्लोरोबेन्ज़ीन
    4. फीनॉल
    उत्तर

    C. फ्लोरोबेन्ज़ीन

    बाल्ज़–शीमान अभिक्रिया (Balz–Schiemann reaction): ArN₂⁺BF₄⁻ → ArF + BF₃ + N₂।

    Heating benzenediazonium fluoroborate gives

    1. benzenediazonium fluoride
    2. benzene
    3. fluorobenzene
    4. phenol
  16. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड मंद क्षारीय माध्यम में फीनॉल के साथ युग्मन कर देता है

    1. p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेन्ज़ीन
    2. p-ऐमिनोऐज़ोबेन्ज़ीन
    3. p-नाइट्रोफीनॉल
    4. ऐज़ॉक्सीबेन्ज़ीन
    उत्तर

    A. p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेन्ज़ीन

    फीनॉक्साइड की पैरा स्थिति पर युग्मन से नारंगी ऐज़ो रंजक p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेन्ज़ीन बनता है।

    Benzenediazonium chloride couples with phenol in mildly alkaline medium to give

    1. p-hydroxyazobenzene
    2. p-aminoazobenzene
    3. p-nitrophenol
    4. azoxybenzene
  17. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ऐनिलीन मेथिलऐमीन से दुर्बल क्षार है। कथन II: ऐनिलीन में नाइट्रोजन का एकाकी युग्म बेन्ज़ीन वलय में विस्थानीकृत होता है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    विस्थानीकरण एकाकी युग्म को कम उपलब्ध बनाता है (pKb 9.38 बनाम 3.38)। दोनों सही हैं।

    Given below are two statements: Statement I: Aniline is a weaker base than methylamine. Statement II: In aniline the lone pair on nitrogen is delocalised into the benzene ring. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  18. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: गैब्रिएल संश्लेषण शुद्ध प्राथमिक ऐलिफैटिक ऐमीन देता है। कथन II: गैब्रिएल संश्लेषण से ऐनिलीन बनाई जा सकती है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    गैब्रिएल संश्लेषण केवल ऐल्किल हैलाइडों के साथ काम करता है; इससे ऐनिलीन नहीं बनाई जा सकती।

    Given below are two statements: Statement I: Gabriel synthesis gives pure primary aliphatic amines. Statement II: Gabriel synthesis can be used to prepare aniline. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  19. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: जलीय विलयन में ट्राइमेथिलऐमीन मेथिलऐमीन से प्रबल क्षार है। कथन II: गैस प्रावस्था में ट्राइमेथिलऐमीन मेथिलऐमीन से प्रबल क्षार है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    जल में CH₃NH₂ (pKb 3.38) (CH₃)₃N (4.22) से प्रबल है; गैस प्रावस्था में क्रम उलट जाता है।

    Given below are two statements: Statement I: In aqueous solution, trimethylamine is a stronger base than methylamine. Statement II: In the gas phase, trimethylamine is a stronger base than methylamine. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  20. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. प्राथमिक ऐरोमैटिक ऐमीन कार्बिलऐमीन परीक्षण देते हैं। 2. द्वितीयक ऐमीन कार्बिलऐमीन परीक्षण देते हैं। 3. ऐलिफैटिक प्राथमिक ऐमीन HNO₂ के साथ N₂ मुक्त करते हैं।

    1. 1 और 2 केवल
    2. 2 और 3 केवल
    3. 1 और 3 केवल
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर

    C. 1 और 3 केवल

    कार्बिलऐमीन परीक्षण केवल प्राथमिक ऐमीन देते हैं, और ऐलिफैटिक प्राथमिक ऐमीन HNO₂ के साथ N₂ देते हैं। अतः 1 और 3।

    Which of the following statements are correct? 1. Primary aromatic amines give the carbylamine test. 2. Secondary amines give the carbylamine test. 3. Aliphatic primary amines release N₂ with HNO₂.

    1. 1 and 2 only
    2. 2 and 3 only
    3. 1 and 3 only
    4. 1, 2 and 3
  21. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: HNO₃ और H₂SO₄ से ऐनिलीन का सीधा नाइट्रीकरण पर्याप्त मात्रा में मेटा उत्पाद देता है। कथन II: प्रबल अम्लीय माध्यम में ऐनिलीन ऐनिलिनियम आयन में बदल जाती है, जो मेटा-निर्देशी है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    –NH₃⁺ इलेक्ट्रॉन-आकर्षी और मेटा-निर्देशी है। दोनों सही हैं।

    Given below are two statements: Statement I: Direct nitration of aniline with HNO₃ and H₂SO₄ gives a considerable amount of meta product. Statement II: In strongly acidic medium aniline is converted to the anilinium ion, which is meta-directing. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  22. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. हॉफमान ब्रोमाइड अवक्रमण ऐमाइड से एक कार्बन कम वाला ऐमीन देता है। 2. RCN का अपचयन RCN के समान कार्बन परमाणुओं वाला ऐमीन देता है। 3. ऐल्किल हैलाइड का अमोनी-अपघटन केवल प्राथमिक ऐमीन देता है।

    1. 1 और 2 केवल
    2. 2 और 3 केवल
    3. 1 और 3 केवल
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर

    A. 1 और 2 केवल

    अमोनी-अपघटन 1°, 2°, 3° ऐमीनों और चतुष्क लवण का मिश्रण देता है। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।

    Which of the following statements are correct? 1. Hoffmann bromamide degradation gives an amine with one carbon less than the amide. 2. Reduction of RCN gives an amine with the same number of carbon atoms as RCN. 3. Ammonolysis of an alkyl halide gives only the primary amine.

    1. 1 and 2 only
    2. 2 and 3 only
    3. 1 and 3 only
    4. 1, 2 and 3
  23. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: प्राथमिक ऐमीन से बना बेन्ज़ीनसल्फोनैमाइड जलीय KOH में घुलता है। कथन II: द्वितीयक ऐमीन से बना बेन्ज़ीनसल्फोनैमाइड जलीय KOH में घुलता है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    केवल प्राथमिक सल्फोनैमाइड में अम्लीय N–H होता है और वह क्षार में घुलता है; द्वितीयक अविलेय होता है।

    Given below are two statements: Statement I: The benzenesulphonamide formed from a primary amine dissolves in aqueous KOH. Statement II: The benzenesulphonamide formed from a secondary amine dissolves in aqueous KOH. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  24. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ऐरीनडाइऐज़ोनियम लवण ऐल्केनडाइऐज़ोनियम लवणों से अधिक स्थायी होते हैं। कथन II: शुष्क बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड स्थायी है और ठोस के रूप में संग्रहीत किया जाता है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    अनुनाद ऐरीनडाइऐज़ोनियम आयनों को अतिरिक्त स्थायित्व देता है, परंतु शुष्क बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड विस्फोटक है और विलयन में प्रयुक्त होता है।

    Given below are two statements: Statement I: Arenediazonium salts are more stable than alkanediazonium salts. Statement II: Dry benzenediazonium chloride is stable and is stored as a solid. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  25. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ऐनिलीन का ऐसीटिलीकरण –NH₂ समूह का सक्रियकारी प्रभाव घटाता है। कथन II: ऐसीटैनिलाइड में नाइट्रोजन का एकाकी युग्म C=O समूह की ओर भी विस्थानीकृत होता है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    एकाकी युग्म कार्बोनिल समूह के साथ साझा होता है, इसलिए वह वलय को कम सक्रिय करता है। दोनों सही हैं।

    Given below are two statements: Statement I: Acetylation of aniline reduces the activating effect of the –NH₂ group. Statement II: In acetanilide the lone pair on nitrogen is also delocalised towards the C=O group. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  26. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड का फीनॉल के साथ युग्मन मंद अम्लीय माध्यम में किया जाता है। कथन II: ऐनिलीन के साथ युग्मन मंद क्षारीय माध्यम में किया जाता है। सही विकल्प चुनिए।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं

    फीनॉल pH 9–10 पर और ऐनिलीन pH 4–5 पर युग्मित होती है; दोनों कथन गलत हैं।

    Given below are two statements: Statement I: Coupling of benzenediazonium chloride with phenol is done in mildly acidic medium. Statement II: Coupling with aniline is done in mildly alkaline medium. Choose the correct option.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  27. अभिकथन (A): मेथिलऐमीन ऐनिलीन से प्रबल क्षार है। कारण (R): ऐनिलीन में नाइट्रोजन का एकाकी युग्म बेन्ज़ीन वलय में विस्थानीकृत होता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    विस्थानीकरण एकाकी युग्म की उपलब्धता घटाता है, अतः R से A की व्याख्या होती है।

    Assertion (A): Methylamine is a stronger base than aniline. Reason (R): The lone pair of nitrogen in aniline is delocalised into the benzene ring.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  28. अभिकथन (A): ऐनिलीन ब्रोमीन जल से 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन देती है। कारण (R): ऐनिलीन अमोनिया से दुर्बल क्षार है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

    दोनों सत्य हैं, परंतु ट्राइब्रोमो उत्पाद प्रबल सक्रियकारी –NH₂ समूह के कारण बनता है, क्षारकता के कारण नहीं।

    Assertion (A): Aniline gives 2,4,6-tribromoaniline with bromine water. Reason (R): Aniline is a weaker base than ammonia.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  29. अभिकथन (A): ऐनिलीन का डाइऐज़ोटीकरण 273–278 K पर किया जाता है। कारण (R): बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड उच्च ताप पर स्थायी होता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    C. A सत्य है लेकिन R असत्य है

    लवण गर्म करने पर अपघटित हो जाता है, इसलिए R असत्य है।

    Assertion (A): Diazotisation of aniline is carried out at 273–278 K. Reason (R): Benzenediazonium chloride is stable at high temperature.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  30. अभिकथन (A): हॉफमान ब्रोमाइड अवक्रमण ऐमाइड से एक कार्बन अधिक वाला ऐमीन देता है। कारण (R): कार्बोनिल कार्बन कार्बोनेट के रूप में निकल जाता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    D. A असत्य है लेकिन R सत्य है

    A असत्य है: ऐमीन में एक कार्बन कम होता है। R सत्य है।

    Assertion (A): Hoffmann bromamide degradation gives an amine with one more carbon than the amide. Reason (R): The carbonyl carbon is lost as carbonate.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  31. अभिकथन (A): ऐनिलीन फ्रीडेल–क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण नहीं देती। कारण (R): ऐनिलीन AlCl₃ के साथ लवण बनाती है, जिससे वलय प्रबलता से निष्क्रिय हो जाता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    –NH₂ समूह AlCl₃ से उपसहसंयोजित होकर धनावेशित हो जाता है। R से A की व्याख्या होती है।

    Assertion (A): Aniline does not undergo Friedel–Crafts alkylation. Reason (R): Aniline forms a salt with AlCl₃, which makes the ring strongly deactivated.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  32. अभिकथन (A): सल्फैनिलिक अम्ल उभयाववेशी आयन (zwitterion) के रूप में रहता है। कारण (R): सल्फैनिलिक अम्ल ऐनिलिनियम हाइड्रोजनसल्फेट को गर्म करने पर बनता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

    दोनों सत्य हैं; द्विध्रुवीय रूप अम्लीय –SO₃H और क्षारीय –NH₂ समूहों से आता है, बनाने की विधि से नहीं।

    Assertion (A): Sulphanilic acid exists as a zwitterion. Reason (R): Sulphanilic acid is formed on heating anilinium hydrogensulphate.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  33. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. सैन्डमेयर अभिक्रिया b. गाटरमान अभिक्रिया c. बाल्ज़–शीमान अभिक्रिया d. कार्बिलऐमीन अभिक्रिया सूची II: i. HBF₄, फिर ऊष्मा ii. Cu चूर्ण, HX iii. CuCl/HCl iv. CHCl₃, ऐल्कोहॉली KOH सही उत्तर चुनिए।

    1. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    2. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    3. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    उत्तर

    D. a-iii, b-ii, c-i, d-iv

    सैन्डमेयर: Cu(I) लवण; गाटरमान: Cu चूर्ण; बाल्ज़–शीमान: HBF₄; कार्बिलऐमीन: CHCl₃/KOH।

    Match List I with List II. List I: a. Sandmeyer reaction b. Gattermann reaction c. Balz–Schiemann reaction d. Carbylamine reaction List II: i. HBF₄, then heat ii. Cu powder, HX iii. CuCl/HCl iv. CHCl₃, alcoholic KOH Choose the correct answer.

    1. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    2. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    3. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
  34. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. KI b. H₂O, गुनगुना c. H₃PO₂ d. CuCN/KCN सूची II: i. बेन्ज़ीन ii. आयोडोबेन्ज़ीन iii. फीनॉल iv. बेन्ज़ोनाइट्राइल सही उत्तर चुनिए।

    1. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    2. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    3. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
    4. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    उत्तर

    D. a-ii, b-iii, c-i, d-iv

    बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड के साथ अभिकर्मक: KI आयोडोबेन्ज़ीन देता है, जल फीनॉल देता है, H₃PO₂ बेन्ज़ीन देता है, CuCN बेन्ज़ोनाइट्राइल देता है।

    Match List I with List II. List I: a. KI b. H₂O, warm c. H₃PO₂ d. CuCN/KCN List II: i. benzene ii. iodobenzene iii. phenol iv. benzonitrile Choose the correct answer.

    1. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    2. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    3. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
    4. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
  35. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. C₆H₅NH₂ b. (CH₃)₂NH c. (CH₃)₃N d. CH₃NH₂ सूची II: i. 3.27 ii. 9.38 iii. 4.22 iv. 3.38 सही उत्तर चुनिए।

    1. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
    2. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    3. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
    उत्तर

    B. a-ii, b-i, c-iii, d-iv

    pKb मान: ऐनिलीन 9.38, डाइमेथिलऐमीन 3.27, ट्राइमेथिलऐमीन 4.22, मेथिलऐमीन 3.38।

    Match List I with List II. List I: a. C₆H₅NH₂ b. (CH₃)₂NH c. (CH₃)₃N d. CH₃NH₂ List II: i. 3.27 ii. 9.38 iii. 4.22 iv. 3.38 Choose the correct answer.

    1. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
    2. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    3. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    4. a-ii, b-i, c-iv, d-iii
  36. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. गैब्रिएल संश्लेषण b. हॉफमान ब्रोमाइड अभिक्रिया c. RX का अमोनी-अपघटन d. RCN का अपचयन सूची II: i. ऐमाइड से एक कार्बन कम वाला ऐमीन ii. 1°, 2°, 3° ऐमीनों और चतुष्क लवण का मिश्रण iii. शुद्ध प्राथमिक ऐलिफैटिक ऐमीन iv. RCN के समान कार्बनों वाला ऐमीन सही उत्तर चुनिए।

    1. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    2. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    3. a-i, b-iii, c-ii, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    उत्तर

    B. a-iii, b-i, c-ii, d-iv

    गैब्रिएल: शुद्ध 1° ऐमीन; हॉफमान: एक कार्बन कम; अमोनी-अपघटन: मिश्रण; नाइट्राइल अपचयन: समान कार्बन।

    Match List I with List II. List I: a. Gabriel synthesis b. Hoffmann bromamide reaction c. Ammonolysis of RX d. Reduction of RCN List II: i. amine with one carbon less than the amide ii. mixture of 1°, 2°, 3° amines and quaternary salt iii. pure primary aliphatic amine iv. amine with the same number of carbons as RCN Choose the correct answer.

    1. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
    2. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    3. a-i, b-iii, c-ii, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
  37. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. हिन्सबर्ग अभिकर्मक b. कार्बिलऐमीन परीक्षण c. 273–278 K पर ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन के साथ HNO₂ d. ऐनिलीन के साथ ब्रोमीन जल सूची II: i. दुर्गंधयुक्त आइसोसायनाइड ii. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम लवण iii. श्वेत अवक्षेप iv. 1°, 2° और 3° ऐमीनों में विभेद करता है सही उत्तर चुनिए।

    1. a-i, b-iv, c-ii, d-iii
    2. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    3. a-iv, b-ii, c-i, d-iii
    4. a-iv, b-i, c-ii, d-iii
    उत्तर

    D. a-iv, b-i, c-ii, d-iii

    हिन्सबर्ग अभिकर्मक तीनों वर्गों को पृथक करता है; कार्बिलऐमीन आइसोसायनाइड देता है; HNO₂ डाइऐज़ोनियम लवण देता है; Br₂ जल श्वेत अवक्षेप देता है।

    Match List I with List II. List I: a. Hinsberg's reagent b. Carbylamine test c. HNO₂ with aromatic primary amine at 273–278 K d. Bromine water with aniline List II: i. foul-smelling isocyanide ii. benzenediazonium salt iii. white precipitate iv. distinguishes 1°, 2° and 3° amines Choose the correct answer.

    1. a-i, b-iv, c-ii, d-iii
    2. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    3. a-iv, b-ii, c-i, d-iii
    4. a-iv, b-i, c-ii, d-iii
  38. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. ऐनिलीन + (CH₃CO)₂O b. ऐनिलीन + सांद्र H₂SO₄, 453–473 K पर c. ऐनिलीन + Br₂ जल d. C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + फीनॉल (क्षारीय) सूची II: i. सल्फैनिलिक अम्ल ii. p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेन्ज़ीन iii. 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन iv. ऐसीटैनिलाइड सही उत्तर चुनिए।

    1. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    2. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    3. a-iii, b-i, c-iv, d-ii
    4. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
    उत्तर

    D. a-iv, b-i, c-iii, d-ii

    ऐसीटिलीकरण ऐसीटैनिलाइड देता है; सल्फोनीकरण सल्फैनिलिक अम्ल देता है; ब्रोमीनीकरण ट्राइब्रोमो यौगिक देता है; युग्मन ऐज़ो रंजक देता है।

    Match List I with List II. List I: a. Aniline + (CH₃CO)₂O b. Aniline + conc. H₂SO₄ at 453–473 K c. Aniline + Br₂ water d. C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + phenol (alkaline) List II: i. sulphanilic acid ii. p-hydroxyazobenzene iii. 2,4,6-tribromoaniline iv. acetanilide Choose the correct answer.

    1. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    2. a-i, b-iv, c-iii, d-ii
    3. a-iii, b-i, c-iv, d-ii
    4. a-iv, b-i, c-iii, d-ii
  39. नाइट्रोबेन्ज़ीन को स्क्रैप आयरन और HCl से ऐनिलीन में अपचयित किया जाता है। केवल थोड़े HCl की आवश्यकता होती है क्योंकि

    1. नाइट्रोबेन्ज़ीन HCl से किसी भी मात्रा में अपचयित नहीं हो सकता
    2. आयरन HCl से अभिक्रिया नहीं करता
    3. बना FeCl₂ जल-अपघटित होकर HCl पुनः मुक्त कर देता है
    4. ऐनिलीन HCl को उदासीन कर देती है
    उत्तर

    C. बना FeCl₂ जल-अपघटित होकर HCl पुनः मुक्त कर देता है

    उद्योग में Fe/HCl को वरीयता दी जाती है: FeCl₂ का जल-अपघटन कुछ HCl पुनः उत्पन्न कर देता है।

    Nitrobenzene is reduced to aniline with scrap iron and HCl. Only a small amount of HCl is needed because

    1. nitrobenzene cannot be reduced by HCl in any amount
    2. iron does not react with HCl
    3. FeCl₂ formed is hydrolysed and releases HCl again
    4. aniline neutralises the HCl
  40. एक यौगिक C₂H₇N, CHCl₃ और ऐल्कोहॉली KOH के साथ दुर्गंधयुक्त पदार्थ देता है और नाइट्रस अम्ल के साथ N₂ देता है। वह है

    1. प्रोपेन-1-ऐमीन
    2. एथेनऐमीन
    3. N-मेथिलमेथेनऐमीन
    4. N,N-डाइमेथिलमेथेनऐमीन
    उत्तर

    B. एथेनऐमीन

    प्राथमिक ऐमीन दोनों परीक्षण देता है। प्राथमिक ऐमीन के रूप में C₂H₇N, CH₃CH₂NH₂ है।

    A compound C₂H₇N gives a foul-smelling substance with CHCl₃ and alcoholic KOH, and gives N₂ with nitrous acid. It is

    1. propan-1-amine
    2. ethanamine
    3. N-methylmethanamine
    4. N,N-dimethylmethanamine
  41. कौन-सा ऐमीन ऐसा बेन्ज़ीनसल्फोनैमाइड देता है जो जलीय KOH में अविलेय है?

    1. एथिलऐमीन
    2. ट्राइएथिलऐमीन
    3. डाइएथिलऐमीन
    4. ऐनिलीन
    उत्तर

    C. डाइएथिलऐमीन

    द्वितीयक ऐमीन ऐसा सल्फोनैमाइड देता है जिसमें N–H नहीं होता। प्राथमिक विलेय सल्फोनैमाइड देता है; तृतीयक अभिक्रिया नहीं करता।

    Which amine gives a benzenesulphonamide that is insoluble in aqueous KOH?

    1. ethylamine
    2. triethylamine
    3. diethylamine
    4. aniline
  42. कौन-सा अनुक्रम ऐनिलीन को 4-ब्रोमोऐनिलीन में बदलता है?

    1. Br₂ जल से ब्रोमीनीकरण, फिर जल-अपघटन
    2. ब्रोमीनीकरण, फिर ऐसीटिलीकरण
    3. नाइट्रीकरण, ब्रोमीनीकरण, अपचयन
    4. ऐसीटिलीकरण, ब्रोमीनीकरण, जल-अपघटन
    उत्तर

    D. ऐसीटिलीकरण, ब्रोमीनीकरण, जल-अपघटन

    ऐसीटिलीकरण द्वारा सुरक्षा प्रतिस्थापन को पैरा स्थिति पर मोनो-ब्रोमीनीकरण तक सीमित करती है; जल-अपघटन –NH₂ को पुनः प्राप्त कराता है।

    Which sequence converts aniline into 4-bromoaniline?

    1. bromination with Br₂ water, then hydrolysis
    2. bromination, then acetylation
    3. nitration, bromination, reduction
    4. acetylation, bromination, hydrolysis
  43. कौन-सा अनुक्रम नाइट्रोबेन्ज़ीन को आयोडोबेन्ज़ीन में बदलता है?

    1. Sn/HCl; KI; NaNO₂/HCl
    2. Sn/HCl; 273–278 K पर NaNO₂/HCl; KI
    3. NaNO₂/HCl; Sn/HCl; KI
    4. KI; Sn/HCl; NaNO₂/HCl
    उत्तर

    B. Sn/HCl; 273–278 K पर NaNO₂/HCl; KI

    ऐनिलीन में अपचयित करें, निम्न ताप पर डाइऐज़ोटीकरण करें, फिर KI से –N₂⁺ को I से प्रतिस्थापित करें।

    Which sequence converts nitrobenzene into iodobenzene?

    1. Sn/HCl; KI; NaNO₂/HCl
    2. Sn/HCl; NaNO₂/HCl at 273–278 K; KI
    3. NaNO₂/HCl; Sn/HCl; KI
    4. KI; Sn/HCl; NaNO₂/HCl
  44. बेन्ज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड का ऐनिलीन के साथ युग्मन किया जाता है। उत्पाद और प्रयुक्त माध्यम है

    1. p-ऐमिनोऐज़ोबेन्ज़ीन; मंद अम्लीय
    2. p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेन्ज़ीन; मंद क्षारीय
    3. p-ऐमिनोऐज़ोबेन्ज़ीन; प्रबल क्षारीय
    4. ऐज़ोबेन्ज़ीन; प्रबल अम्लीय
    उत्तर

    A. p-ऐमिनोऐज़ोबेन्ज़ीन; मंद अम्लीय

    ऐनिलीन के साथ युग्मन pH 4–5 पर पीला p-ऐमिनोऐज़ोबेन्ज़ीन देता है।

    Benzenediazonium chloride is coupled with aniline. The product and the medium used are

    1. p-aminoazobenzene; mildly acidic
    2. p-hydroxyazobenzene; mildly alkaline
    3. p-aminoazobenzene; strongly alkaline
    4. azobenzene; strongly acidic
  45. जलीय विलयन में क्षारीय प्रबलता के बढ़ते क्रम का सही क्रम है

    1. NH₃ < C₆H₅NH₂ < CH₃NH₂ < (CH₃)₂NH
    2. C₆H₅NH₂ < CH₃NH₂ < NH₃ < (CH₃)₂NH
    3. C₆H₅NH₂ < NH₃ < CH₃NH₂ < (CH₃)₂NH
    4. C₆H₅NH₂ < NH₃ < (CH₃)₂NH < CH₃NH₂
    उत्तर

    C. C₆H₅NH₂ < NH₃ < CH₃NH₂ < (CH₃)₂NH

    pKb: ऐनिलीन 9.38 > NH₃ 4.75 > CH₃NH₂ 3.38 > (CH₃)₂NH 3.27, इसलिए क्षारकता इसी क्रम में बढ़ती है।

    The correct increasing order of basic strength in aqueous solution is

    1. NH₃ < C₆H₅NH₂ < CH₃NH₂ < (CH₃)₂NH
    2. C₆H₅NH₂ < CH₃NH₂ < NH₃ < (CH₃)₂NH
    3. C₆H₅NH₂ < NH₃ < CH₃NH₂ < (CH₃)₂NH
    4. C₆H₅NH₂ < NH₃ < (CH₃)₂NH < CH₃NH₂
Page 1 of 1
‹
›