ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल
याद रखने योग्य बातें
- कार्बोनिल कार्बन (C=O) sp² संकरित और इलेक्ट्रॉन-न्यून होता है, इसलिए ऐल्डिहाइड और कीटोन मुख्यतः नाभिकस्नेही योग (nucleophilic addition) करते हैं; अभिक्रियाशीलता HCHO > अन्य ऐल्डिहाइड > कीटोन होती है।
- केवल ऐल्डिहाइड टॉलेन अभिकर्मक (Tollens' reagent) को अपचयित करते हैं; केवल ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड फेहलिंग विलयन (Fehling's solution) को अपचयित करते हैं; मेथिल कीटोन (CH₃CO–) और CH₃CH(OH)– यौगिक आयडोफॉर्म परीक्षण देते हैं।
- α-हाइड्रोजन वाले ऐल्डिहाइड और कीटोन ऐल्डोल संघनन (aldol condensation) देते हैं (तनु क्षार में); α-हाइड्रोजन रहित (HCHO, C₆H₅CHO) कैनिज़ारो अभिक्रिया (Cannizzaro reaction) देते हैं (सांद्र क्षार में)।
- कार्बोक्सिलिक अम्ल अम्लीय होते हैं क्योंकि कार्बोक्सिलेट आयन अनुनाद द्वारा स्थायी होता है; इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह अम्लता बढ़ाते हैं और इलेक्ट्रॉन-दाता समूह घटाते हैं। अम्ल फीनॉल और ऐल्कोहॉल से प्रबल होते हैं, और उनका NaHCO₃ परीक्षण CO₂ देता है।
कार्बोनिल समूह का नामकरण और संरचना
कार्बोनिल समूह C=O है। ऐल्डिहाइड (aldehyde) में यह कम से कम एक हाइड्रोजन से जुड़ा होता है (R–CHO)। कीटोन (ketone) में यह दो कार्बन समूहों से जुड़ा होता है (R–CO–R′)। कार्बोक्सिलिक अम्ल (carboxylic acid) में यह –OH समूह से जुड़ा होता है (R–COOH)।
कार्बोनिल कार्बन sp² संकरित होता है। यह एक ही तल में लगभग 120° के आबंध कोणों पर तीन σ आबंध बनाता है, और ऑक्सीजन के साथ एक π आबंध बनाता है। ऑक्सीजन कार्बन से अधिक विद्युतऋणी है, इसलिए C=O आबंध ध्रुवीय होता है: कार्बन पर आंशिक धनावेश और ऑक्सीजन पर आंशिक ऋणावेश होता है। इस कारण कार्बोनिल कार्बन पर नाभिकस्नेही (nucleophile) आक्रमण करते हैं।
IUPAC नियम: ऐल्डिहाइड के लिए ऐल्केन के नाम के अंतिम –e को –al से बदलें (श्रृंखला का क्रमांकन CHO कार्बन से होता है)। कीटोन के लिए –e को –one से बदलें और C=O कार्बन को न्यूनतम क्रमांक दें। अम्ल के लिए –e को –oic acid से बदलें। –CHO वाले बेन्ज़ीन वलय को benzenecarbaldehyde (बेन्ज़ैल्डिहाइड) कहते हैं।
| यौगिक | IUPAC नाम | सामान्य नाम |
|---|---|---|
| HCHO | methanal | formaldehyde |
| CH₃CHO | ethanal | acetaldehyde |
| CH₃COCH₃ | propanone | acetone |
| CH₃COC₆H₅ | 1-phenylethanone | acetophenone |
| HCOOH | methanoic acid | formic acid |
| CH₃COOH | ethanoic acid | acetic acid |
| C₆H₅COOH | benzenecarboxylic acid | benzoic acid |
| HOOC–COOH | ethanedioic acid | oxalic acid |
| HOOC–CH₂–COOH | propanedioic acid | malonic acid |
| HOOC–(CH₂)₂–COOH | butanedioic acid | succinic acid |
| HOOC–(CH₂)₄–COOH | hexanedioic acid | adipic acid |
ऐल्डिहाइड और कीटोन का विरचन
| विधि | अभिक्रिया | उत्पाद |
|---|---|---|
| ऐल्कोहॉल का ऑक्सीकरण | 1° ऐल्कोहॉल + PCC (या नियंत्रित परिस्थितियों में CrO₃) → ऐल्डिहाइड; 2° ऐल्कोहॉल + CrO₃ या K₂Cr₂O₇ → कीटोन | RCHO, RCOR′ |
| विहाइड्रोजनीकरण | 1° या 2° ऐल्कोहॉल वाष्प को 573 K पर Cu के ऊपर प्रवाहित करना | RCHO, RCOR′ (+ H₂) |
| ओज़ोनी-अपघटन (ozonolysis) | ऐल्कीन + O₃, फिर Zn/H₂O | दो कार्बोनिल यौगिक |
| ऐल्काइनों का जलयोजन | एथाइन + H₂O, HgSO₄/H₂SO₄ → CH₃CHO; अन्य ऐल्काइन → कीटोन | CH₃CHO या कीटोन |
| रोज़ेनमुंड अपचयन (Rosenmund reduction) | RCOCl + H₂, BaSO₄ पर Pd | RCHO (BaSO₄ उत्प्रेरक को विषाक्त करता है और ऐल्कोहॉल तक आगे अपचयन रोक देता है) |
| स्टीफन अभिक्रिया (Stephen reaction) | RCN + SnCl₂/HCl → RCH=NH, फिर H₃O⁺ | RCHO |
| DIBAL-H | RCN या RCOOR′ का DIBAL-H से अपचयन, फिर H₂O | RCHO |
| एटार अभिक्रिया (Etard reaction) | टॉलूईन + CS₂ में CrO₂Cl₂ → क्रोमियम संकुल, फिर H₃O⁺ | बेन्ज़ैल्डिहाइड |
| पार्श्व-श्रृंखला क्लोरीनीकरण | टॉलूईन + Cl₂/प्रकाश → C₆H₅CHCl₂, फिर गर्म जल | बेन्ज़ैल्डिहाइड |
| गाटरमान–कोख (Gattermann–Koch) | बेन्ज़ीन + CO + HCl, निर्जल AlCl₃/CuCl | बेन्ज़ैल्डिहाइड |
| फ्रीडेल–क्राफ्ट्स ऐसिलीकरण | बेन्ज़ीन + CH₃COCl, निर्जल AlCl₃ | ऐसीटोफीनोन |
| ऐसिल क्लोराइड + डाइऐल्किलकैडमियम | 2 R′COCl + R₂Cd → 2 R′COR + CdCl₂ | कीटोन |
ओज़ोनी-अपघटन का उदाहरण: CH₃CH=CH₂ को O₃ और फिर Zn/H₂O के साथ अभिकृत करने पर CH₃CHO और HCHO बनते हैं। नाइट्राइल से उतने ही कार्बन परमाणुओं वाला ऐल्डिहाइड प्राप्त होता है: CH₃CN → CH₃CHO।
भौतिक गुण
मेथेनल (methanal) कमरे के ताप पर गैस है। एथेनल (ethanal) वाष्पशील द्रव है। लगभग C₁₁ तक के अन्य ऐल्डिहाइड और कीटोन द्रव होते हैं। ऐल्डिहाइड और कीटोन आपस में हाइड्रोजन आबंध नहीं बना सकते, क्योंकि उनमें ऑक्सीजन पर H नहीं होता। इसलिए उनके क्वथनांक समान द्रव्यमान के हाइड्रोकार्बनों और ईथरों से अधिक होते हैं (द्विध्रुव–द्विध्रुव आकर्षण), परंतु समान द्रव्यमान के ऐल्कोहॉलों से कम होते हैं।
निम्न ऐल्डिहाइड और कीटोन जल में मिश्रणीय होते हैं क्योंकि वे जल के साथ हाइड्रोजन आबंध बनाते हैं। ऐल्किल श्रृंखला बढ़ने पर विलेयता घटती है। कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक समान द्रव्यमान के ऐल्कोहॉलों से भी अधिक होते हैं, क्योंकि दो अणुओं के बीच दो हाइड्रोजन आबंध बनते हैं और वे द्विलक (dimer) के रूप में रहते हैं (शुद्ध अवस्था में और अध्रुवीय विलायकों में चक्रीय द्विलक)। निम्न अम्ल (C₄ तक) जल में मिश्रणीय होते हैं।
क्वथनांक का क्रम (समान मोलर द्रव्यमान): कार्बोक्सिलिक अम्ल > ऐल्कोहॉल > ऐल्डिहाइड या कीटोन > ईथर > ऐल्केन।
नाभिकस्नेही योग अभिक्रियाएँ
क्रियाविधि: नाभिकस्नेही (Nu⁻) तल के बाहर से कार्बोनिल कार्बन पर आक्रमण करता है। कार्बन sp² से sp³ में बदल जाता है और चतुष्फलकीय ऐल्कॉक्साइड आयन बनता है। यह ऐल्कॉक्साइड माध्यम से H⁺ लेकर उदासीन उत्पाद देता है।
ऐल्डिहाइड कीटोन से अधिक अभिक्रियाशील क्यों होते हैं:
- त्रिविम प्रभाव: ऐल्डिहाइड के कार्बोनिल कार्बन पर एक छोटा H और एक ऐल्किल समूह होता है, इसलिए नाभिकस्नेही आसानी से पास पहुँचता है। कीटोन में दो स्थूल ऐल्किल समूह होते हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव: दो ऐल्किल समूह (+I प्रभाव) कीटोन के कार्बोनिल कार्बन पर धनावेश को, ऐल्डिहाइड के एक ऐल्किल समूह की तुलना में, अधिक घटाते हैं।
अभिक्रियाशीलता का क्रम: HCHO > CH₃CHO > CH₃COCH₃ > CH₃COCH₂CH₃। ऐरोमैटिक ऐल्डिहाइड ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड से कम अभिक्रियाशील होते हैं क्योंकि बेन्ज़ीन वलय अनुनाद द्वारा कार्बोनिल कार्बन को इलेक्ट्रॉन देता है।
| अभिकर्मक | उत्पाद | टिप्पणी |
|---|---|---|
| HCN (थोड़ी मात्रा में क्षार) | सायनोहाइड्रिन (cyanohydrin), R₂C(OH)CN | जल-अपघटन पर हाइड्रॉक्सी अम्ल देता है |
| NaHSO₃ | क्रिस्टलीय बाइसल्फाइट योग यौगिक | ऐल्डिहाइड और कुछ कीटोनों को पृथक करने और शुद्ध करने में प्रयुक्त |
| ग्रिन्यार अभिकर्मक RMgX, फिर H₃O⁺ | HCHO → 1° ऐल्कोहॉल; अन्य ऐल्डिहाइड → 2° ऐल्कोहॉल; कीटोन → 3° ऐल्कोहॉल | C–C आबंध का निर्माण |
| ROH, शुष्क HCl गैस | ऐल्डिहाइड → हेमिऐसिटल → ऐसिटल | ऐसिटल क्षार में स्थायी होता है; कार्बोनिल समूह की रक्षा के लिए प्रयुक्त |
| एथिलीन ग्लाइकॉल, शुष्क HCl | कीटोन → एथिलीन ग्लाइकॉल कीटाल | चक्रीय कीटाल |
उदाहरण: CH₃CHO + CH₃MgBr, फिर H₃O⁺, से CH₃CH(OH)CH₃ (प्रोपेन-2-ऑल, एक 2° ऐल्कोहॉल) बनता है।
अमोनिया व्युत्पन्नों (Z–NH₂) के साथ योग–विलोपन, दुर्बल अम्लीय माध्यम में, जल निकलने के साथ C=N–Z यौगिक देता है:
| अभिकर्मक | Z | उत्पाद |
|---|---|---|
| हाइड्रॉक्सिलऐमीन, NH₂OH | –OH | ऑक्सिम |
| हाइड्रेज़ीन, NH₂NH₂ | –NH₂ | हाइड्रेज़ोन |
| फेनिलहाइड्रेज़ीन | –NHC₆H₅ | फेनिलहाइड्रेज़ोन |
| 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्रेज़ीन (2,4-DNP) | –NH–C₆H₃(NO₂)₂ | 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्रेज़ोन (पीला, नारंगी या लाल ठोस) |
| सेमिकार्बेज़ाइड | –NHCONH₂ | सेमिकार्बेज़ोन |
2,4-DNP परीक्षण किसी भी ऐल्डिहाइड या कीटोन का पता लगाता है (अम्ल, एस्टर, ऐमाइड का नहीं)।
अपचयन, ऑक्सीकरण और परीक्षण
अपचयन:
- ऐल्कोहॉल में: NaBH₄ या LiAlH₄, या H₂/Ni अथवा Pd। ऐल्डिहाइड से 1° ऐल्कोहॉल और कीटोन से 2° ऐल्कोहॉल बनते हैं।
- ऐल्केन में: क्लीमेन्सन अपचयन (Clemmensen reduction) में Zn–Hg और सांद्र HCl प्रयुक्त होते हैं। वोल्फ–किश्नर अपचयन (Wolff–Kishner reduction) में NH₂NH₂ और फिर गर्म करने पर एथिलीन ग्लाइकॉल में KOH प्रयुक्त होता है। उदाहरण: CH₃COCH₃ → CH₃CH₂CH₃। पहला अम्ल में किया जाता है; दूसरा क्षार में।
ऑक्सीकरण: ऐल्डिहाइड हल्के ऑक्सीकारकों से भी आसानी से अम्लों में ऑक्सीकृत हो जाते हैं। कीटोन केवल प्रबल ऑक्सीकारकों से और C–C आबंध टूटने के साथ ऑक्सीकृत होते हैं, जिससे कम कार्बन वाले अम्लों का मिश्रण बनता है।
| परीक्षण | अभिकर्मक | प्रेक्षण | किसके लिए धनात्मक |
|---|---|---|---|
| टॉलेन (Tollens') | अमोनियाकल AgNO₃, [Ag(NH₃)₂]⁺ | रजत दर्पण | सभी ऐल्डिहाइड (ऐलिफैटिक और ऐरोमैटिक) |
| फेहलिंग (Fehling's) | टार्ट्रेट सहित क्षारीय Cu²⁺ | लाल-भूरा Cu₂O अवक्षेप | केवल ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड |
| आयडोफॉर्म (Iodoform) | I₂ + NaOH (NaOI) | CHI₃ का पीला अवक्षेप | CH₃CO–R (मेथिल कीटोन), CH₃CHO, CH₃CH(OH)–R, एथेनॉल |
बेन्ज़ैल्डिहाइड फेहलिंग विलयन को अपचयित नहीं करता। मेथेनल में CH₃CO– समूह नहीं होता, इसलिए वह आयडोफॉर्म परीक्षण नहीं देता। एथेनल एकमात्र ऐल्डिहाइड है जो यह परीक्षण देता है।
आयडोफॉर्म अभिक्रिया का उदाहरण: CH₃COCH₃ + 3 I₂ + 4 NaOH → CHI₃ + CH₃COONa + 3 NaI + 3 H₂O। उत्पाद अम्ल में कीटोन की तुलना में एक कार्बन कम होता है।
α-हाइड्रोजन से होने वाली अभिक्रियाएँ, कैनिज़ारो और वलय प्रतिस्थापन
α-हाइड्रोजन (C=O के पास वाले कार्बन पर) अम्लीय होते हैं। कारण यह है कि H⁺ निकलने के बाद बना कार्बऋणायन कार्बोनिल समूह के साथ अनुनाद द्वारा स्थायी हो जाता है।
ऐल्डोल संघनन (aldol condensation): α-H वाले ऐल्डिहाइड या कीटोन के दो अणु तनु क्षार में अभिक्रिया करते हैं। एक का α-कार्बन दूसरे के कार्बोनिल कार्बन से जुड़ जाता है।
- 2 CH₃CHO → CH₃CH(OH)CH₂CHO (3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल, ऐल्डोल)। गर्म करने पर यह जल त्यागकर CH₃CH=CHCHO (ब्यूट-2-ईनल) देता है।
- 2 CH₃COCH₃ → (CH₃)₂C(OH)CH₂COCH₃ (4-हाइड्रॉक्सी-4-मेथिलपेन्टेन-2-ओन), जो गर्म करने पर (CH₃)₂C=CHCOCH₃ (4-मेथिलपेन्ट-3-ईन-2-ओन) देता है।
क्रॉस ऐल्डोल: α-H वाले दो भिन्न कार्बोनिल यौगिक चार उत्पादों का मिश्रण देते हैं। यदि उनमें से एक में α-H नहीं है (उदाहरणार्थ बेन्ज़ैल्डिहाइड), तो एक ही मुख्य उत्पाद बनता है।
कैनिज़ारो अभिक्रिया (Cannizzaro reaction): α-H रहित ऐल्डिहाइड, सांद्र NaOH के साथ गर्म करने पर, स्व-ऑक्सीकरण और अपचयन (असमानुपातन) करते हैं। एक अणु अम्ल के लवण में ऑक्सीकृत होता है और दूसरा ऐल्कोहॉल में अपचयित होता है।
- 2 HCHO + NaOH (सांद्र) → CH₃OH + HCOONa।
- 2 C₆H₅CHO + NaOH (सांद्र) → C₆H₅CH₂OH + C₆H₅COONa।
इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन: –CHO और –COR समूह इलेक्ट्रॉन-आकर्षी होते हैं। वे बेन्ज़ीन वलय को निष्क्रिय करते हैं और मेटा-निर्देशी होते हैं। उदाहरण: बेन्ज़ैल्डिहाइड को HNO₃/H₂SO₄ के साथ अभिकृत करने पर 3-नाइट्रोबेन्ज़ैल्डिहाइड बनता है।
कार्बोक्सिलिक अम्ल: विरचन और अम्लता
विरचन:
- 1° ऐल्कोहॉल या ऐल्डिहाइड का ऑक्सीकरण: अम्लीय या क्षारीय माध्यम में KMnO₄, या K₂Cr₂O₇। उदाहरण: CH₃CH₂OH → CH₃COOH।
- ऐल्किलबेन्ज़ीनों का ऑक्सीकरण: KMnO₄ से प्रबल ऑक्सीकरण पर बेन्ज़िलिक H वाली कोई भी ऐल्किल पार्श्व-श्रृंखला –COOH बन जाती है। टॉलूईन और एथिलबेन्ज़ीन दोनों बेन्ज़ोइक अम्ल देते हैं। तृतीयक ब्यूटिलबेन्ज़ीन में बेन्ज़िलिक H नहीं होता और वह ऑक्सीकृत नहीं होती।
- नाइट्राइल और ऐमाइड का जल-अपघटन (अम्ल या क्षार द्वारा): CH₃CN + 2 H₂O → CH₃COOH + NH₃ (H⁺ के साथ NH₄⁺ के रूप में)।
- ग्रिन्यार अभिकर्मक + ठोस CO₂ (शुष्क बर्फ), फिर H₃O⁺: RMgX + CO₂ → RCOOMgX → RCOOH। अम्ल में RMgX की तुलना में एक कार्बन अधिक होता है।
- ऐसिल हैलाइड, एनहाइड्राइड और एस्टर का जल-अपघटन।
भौतिक गुण: साधारण अम्ल रंगहीन द्रव होते हैं जिनकी गंध तीखी होती है (उच्च सदस्य ठोस होते हैं)। द्विलक बनने के कारण अध्रुवीय विलायकों में मापा गया उनका मोलर द्रव्यमान दोगुना आता है।
अम्लता: RCOOH ⇌ RCOO⁻ + H⁺। अनुनाद के कारण कार्बोक्सिलेट आयन के दोनों C–O आबंध लंबाई में समान होते हैं, इसलिए ऋणावेश दो ऑक्सीजन परमाणुओं में बँट जाता है। फीनॉक्साइड आयन में आवेश कार्बन परमाणुओं पर भी फैलता है, जो कम अनुकूल है, इसलिए अम्ल फीनॉल से प्रबल होते हैं। क्रम है: कार्बोक्सिलिक अम्ल > फीनॉल > जल > ऐल्कोहॉल।
| अम्ल | pKa (लगभग) |
|---|---|
| Cl₃CCOOH | 0.65 |
| Cl₂CHCOOH | 1.26 |
| FCH₂COOH | 2.66 |
| ClCH₂COOH | 2.86 |
| HCOOH | 3.75 |
| C₆H₅COOH | 4.19 |
| CH₃COOH | 4.76 |
| CH₃CH₂COOH | 4.88 |
छोटा pKa अधिक प्रबल अम्ल दर्शाता है। नियम:
- इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह (–F, –Cl, –NO₂, –CN) ऋणायन को स्थायी करते हैं, इसलिए वे अम्लता बढ़ाते हैं। ऐसे समूह जितने अधिक हों और जितने पास हों, प्रभाव उतना अधिक होता है। समूह के –COOH से दूर जाने पर प्रबलता घटती है: CH₃CH₂CHClCOOH > CH₃CHClCH₂COOH > ClCH₂CH₂CH₂COOH।
- हैलोजन का क्रम: FCH₂COOH > ClCH₂COOH > BrCH₂COOH > ICH₂COOH (हैलोजन के –I प्रभाव के अनुसार)।
- इलेक्ट्रॉन-दाता समूह (ऐल्किल, –OCH₃) ऋणायन को अस्थायी करते हैं, इसलिए वे अम्लता घटाते हैं। मेथेनोइक अम्ल एथेनोइक अम्ल से प्रबल है।
- बेन्ज़ोइक अम्ल एथेनोइक अम्ल से प्रबल है। प्रतिस्थापित बेन्ज़ोइक अम्लों में इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह अम्लता बढ़ाते हैं और दाता समूह घटाते हैं।
कार्बोक्सिलिक अम्लों की अभिक्रियाएँ
| स्थल | अभिकर्मक | उत्पाद |
|---|---|---|
| O–H | Na, NaOH, NaHCO₃ | सोडियम लवण + H₂ (Na के साथ) या CO₂ (NaHCO₃ के साथ) |
| C–OH | PCl₅, PCl₃ या SOCl₂ | ऐसिल क्लोराइड (SOCl₂ सर्वोत्तम है, क्योंकि उप-उत्पाद SO₂ और HCl गैसें हैं) |
| C–OH | P₂O₅, ऊष्मा (या अम्ल के दो अणुओं को गर्म करना) | एनहाइड्राइड |
| C–OH | R′OH, सांद्र H₂SO₄ (फिशर एस्टरीकरण, Fischer esterification) | एस्टर + जल (उत्क्रमणीय) |
| C–OH | NH₃, फिर ऊष्मा | अमोनियम लवण, फिर ऐमाइड |
| –COOH | LiAlH₄ या डाइबोरेन (B₂H₆) | प्राथमिक ऐल्कोहॉल (NaBH₄ –COOH को अपचयित नहीं करता) |
| –COOH | सोडा लाइम (NaOH + CaO), ऊष्मा | एक कार्बन कम वाला ऐल्केन |
| –COO⁻ | सोडियम या पोटैशियम लवण के जलीय विलयन का विद्युत-अपघटन (कोल्बे) | ऐनोड पर ऐल्केन |
कार्बोक्सिलन-लोपन (decarboxylation) का उदाहरण: CH₃COONa + NaOH → CH₄ + Na₂CO₃ (CaO, ऊष्मा)।
कोल्बे विद्युत-अपघटन (Kolbe electrolysis) का उदाहरण: 2 CH₃COONa + 2 H₂O → CH₃CH₃ + 2 CO₂ + H₂ + 2 NaOH। एथेन और CO₂ ऐनोड पर बनते हैं; H₂ कैथोड पर बनती है। ऐल्केन में R के कार्बन परमाणुओं की संख्या दोगुनी होती है।
हेल–फोल्हार्ड–ज़ेलिन्स्की (Hell–Volhard–Zelinsky, HVZ) अभिक्रिया: α-H वाले कार्बोक्सिलिक अम्ल थोड़े लाल फॉस्फोरस की उपस्थिति में Cl₂ या Br₂ से अभिक्रिया कर α-हैलो अम्ल देते हैं। उदाहरण: CH₃CH₂COOH + Br₂, लाल P → CH₃CHBrCOOH।
वलय प्रतिस्थापन: –COOH समूह इलेक्ट्रॉन-आकर्षी है, इसलिए वह बेन्ज़ीन वलय को निष्क्रिय करता है और आने वाले समूह को मेटा स्थिति पर निर्देशित करता है। बेन्ज़ोइक अम्ल के नाइट्रीकरण से 3-नाइट्रोबेन्ज़ोइक अम्ल बनता है। बेन्ज़ोइक अम्ल फ्रीडेल–क्राफ्ट्स अभिक्रिया नहीं देता, क्योंकि वलय निष्क्रिय होता है और AlCl₃ –COOH से जुड़ जाता है।
NEET के जाल
- 1. रोज़ेनमुंड अपचयन ऐसिल क्लोराइड से शुरू होता है और विषाक्त उत्प्रेरक (Pd/BaSO₄) प्रयुक्त करता है; अविषाक्त उत्प्रेरक ऐल्डिहाइड को आगे ऐल्कोहॉल तक अपचयित कर देता।
- 2. स्टीफन अभिक्रिया में SnCl₂/HCl के साथ नाइट्राइल प्रयुक्त होता है; रोज़ेनमुंड में H₂ के साथ ऐसिल क्लोराइड। दोनों को आपस में न बदलें।
- 3. फेहलिंग विलयन बेन्ज़ैल्डिहाइड द्वारा अपचयित नहीं होता, परंतु टॉलेन अभिकर्मक होता है।
- 4. क्लीमेन्सन अम्लीय है (Zn–Hg/HCl); वोल्फ–किश्नर क्षारीय है (KOH)। अम्ल-संवेदी यौगिक के लिए वोल्फ–किश्नर चाहिए।
- 5. एथेनल आयडोफॉर्म परीक्षण देता है; मेथेनल नहीं देता। एथेनॉल देता है; मेथेनॉल और प्रोपेन-1-ऑल नहीं देते।
- 6. कैनिज़ारो में α-H नहीं चाहिए; ऐल्डोल में α-H चाहिए। मेथेनल और बेन्ज़ैल्डिहाइड कभी ऐल्डोल नहीं देते।
- 7. NaBH₄ ऐल्डिहाइड और कीटोन को अपचयित करता है पर –COOH को नहीं; LiAlH₄ –COOH को अपचयित करता है।
- 8. FCH₂COOH, ClCH₂COOH से प्रबल है, परंतु Cl₃CCOOH, FCH₂COOH से प्रबल है, क्योंकि तीन हैलोजन एक अधिक प्रबल हैलोजन पर भारी पड़ते हैं।
- 9. मेथेनोइक अम्ल एथेनोइक अम्ल से अधिक अम्लीय है, परंतु बेन्ज़ोइक अम्ल (4.19) मेथेनोइक अम्ल (3.75) से दुर्बल है।
- 10. ग्रिन्यार अभिकर्मक का CO₂ से अभिक्रिया करने पर एक कार्बन जुड़ता है; कोल्बे में ऐल्किल समूह दोगुना होता है; सोडा लाइम में एक कार्बन घटता है।
एक पंक्ति के सार
- 1. कार्बोनिल कार्बन sp² संकरित होता है और आबंध कोण लगभग 120° होता है।
- 2. नाभिकस्नेही योग के लिए अभिक्रियाशीलता का क्रम HCHO > CH₃CHO > CH₃COCH₃ है।
- 3. HCN ऐल्डिहाइड और कीटोन से जुड़कर सायनोहाइड्रिन देता है।
- 4. ऐसिटल और कीटाल, ऐल्कोहॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल के साथ शुष्क HCl में बनते हैं।
- 5. 2,4-DNP ऐल्डिहाइड और कीटोन के साथ पीला, नारंगी या लाल अवक्षेप देता है।
- 6. सेमिकार्बेज़ाइड सेमिकार्बेज़ोन देता है; हाइड्रॉक्सिलऐमीन ऑक्सिम देता है।
- 7. एटार और गाटरमान–कोख अभिक्रियाएँ दोनों हाइड्रोकार्बनों से बेन्ज़ैल्डिहाइड देती हैं।
- 8. बेन्ज़ीन का CH₃COCl/AlCl₃ से फ्रीडेल–क्राफ्ट्स ऐसिलीकरण ऐसीटोफीनोन देता है।
- 9. डाइऐल्किलकैडमियम ऐसिल क्लोराइड के साथ कीटोन देता है।
- 10. टॉलेन परीक्षण ऐल्डिहाइडों के साथ रजत दर्पण देता है।
- 11. आयडोफॉर्म अवक्षेप पीला CHI₃ है।
- 12. एथेनल का ऐल्डोल संघनन 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल देता है, फिर गर्म करने पर ब्यूट-2-ईनल।
- 13. HCHO की कैनिज़ारो अभिक्रिया CH₃OH और HCOONa देती है।
- 14. कार्बोक्सिलिक अम्ल हाइड्रोजन-आबंधित द्विलक के रूप में रहते हैं।
- 15. सोडा लाइम द्वारा कार्बोक्सिलन-लोपन में एक कार्बन CO₂ के रूप में (कार्बोनेट के रूप में) निकल जाता है।
अभ्यास प्रश्न
ऐल्डिहाइड या कीटोन में कार्बोनिल कार्बन का संकरण होता है
- sp³d
- sp³
- sp
- sp²
उत्तर
D. sp²
कार्बोनिल कार्बन तीन σ आबंध और एक π आबंध बनाता है, इसलिए वह त्रिकोणीय समतलीय ज्यामिति वाला sp² है।
The carbonyl carbon in an aldehyde or ketone is hybridised as
- sp³d
- sp³
- sp
- sp²
CH₃COCH₂CH₃ का IUPAC नाम क्या है?
- ब्यूटेनोन (butan-2-one)
- ब्यूटेनल
- प्रोपेनोन
- ब्यूटेन-2-ऑल
उत्तर
A. ब्यूटेनोन (butan-2-one)
चार कार्बन की श्रृंखला में कार्बन 2 पर C=O कीटोन है: ब्यूटेन-2-ओन।
What is the IUPAC name of CH₃COCH₂CH₃?
- butanone (butan-2-one)
- butanal
- propanone
- butan-2-ol
कौन-सा अभिकर्मक बेन्ज़ॉयल क्लोराइड को बेन्ज़ैल्डिहाइड में बदलता है?
- ईथर में LiAlH₄
- BaSO₄ पर Pd के साथ H₂
- Zn–Hg और सांद्र HCl
- एथेनॉल में NaBH₄
उत्तर
B. BaSO₄ पर Pd के साथ H₂
रोज़ेनमुंड अपचयन (Rosenmund reduction): विषाक्त उत्प्रेरक अपचयन को ऐल्डिहाइड अवस्था पर रोक देता है।
Which reagent converts benzoyl chloride into benzaldehyde?
- LiAlH₄ in ether
- H₂ with Pd on BaSO₄
- Zn–Hg and conc. HCl
- NaBH₄ in ethanol
टॉलूईन को CS₂ में CrO₂Cl₂ से अभिकृत किया जाता है और फिर संकुल का जल-अपघटन किया जाता है। उत्पाद है
- बेन्ज़ोइक अम्ल
- बेन्ज़िल क्लोराइड
- बेन्ज़ैल्डिहाइड
- बेन्ज़िल ऐल्कोहॉल
उत्तर
C. बेन्ज़ैल्डिहाइड
एटार अभिक्रिया (Etard reaction): –CH₃ समूह का क्रोमियम संकुल जल-अपघटित होकर –CHO देता है।
Toluene is treated with CrO₂Cl₂ in CS₂ and the complex is then hydrolysed. The product is
- benzoic acid
- benzyl chloride
- benzaldehyde
- benzyl alcohol
नाभिकस्नेही योग के प्रति कौन-सा यौगिक सर्वाधिक अभिक्रियाशील है?
- CH₃COCH₃
- CH₃CHO
- C₆H₅CHO
- HCHO
उत्तर
D. HCHO
मेथेनल के कार्बोनिल कार्बन पर दो H परमाणु होते हैं: न्यूनतम त्रिविम अवरोध और कोई +I समूह नहीं।
Which compound is the most reactive towards nucleophilic addition?
- CH₃COCH₃
- CH₃CHO
- C₆H₅CHO
- HCHO
प्रबल क्षारीय माध्यम में ऐसीटोफीनोन को एथिलबेन्ज़ीन में किससे बदला जाता है
- Zn–Hg और सांद्र HCl
- NH₂NH₂, फिर एथिलीन ग्लाइकॉल में KOH, ऊष्मा
- एथेनॉल में NaBH₄
- शुष्क ईथर में LiAlH₄
उत्तर
B. NH₂NH₂, फिर एथिलीन ग्लाइकॉल में KOH, ऊष्मा
वोल्फ–किश्नर अपचयन (Wolff–Kishner reduction): हाइड्रेज़ोन बनता है, फिर एथिलीन ग्लाइकॉल में KOH के साथ गर्म करने पर N₂ निकलकर –CH₂– बनता है।
Acetophenone is converted into ethylbenzene in strongly basic medium by
- Zn–Hg and conc. HCl
- NH₂NH₂, then KOH in ethylene glycol, heat
- NaBH₄ in ethanol
- LiAlH₄ in dry ether
कौन-सा यौगिक फेहलिंग विलयन को अपचयित करता है?
- बेन्ज़ैल्डिहाइड
- प्रोपेनोन
- प्रोपेनल
- ऐसीटोफीनोन
उत्तर
C. प्रोपेनल
ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड फेहलिंग विलयन को लाल-भूरे Cu₂O में अपचयित करते हैं; ऐरोमैटिक ऐल्डिहाइड और कीटोन नहीं करते।
Which compound reduces Fehling's solution?
- benzaldehyde
- propanone
- propanal
- acetophenone
कौन-सा यौगिक I₂ और NaOH के साथ पीला अवक्षेप देता है?
- पेन्टेन-2-ओन
- पेन्टेन-3-ओन
- 2-मेथिलप्रोपेनल
- पेन्टेनल
उत्तर
A. पेन्टेन-2-ओन
पेन्टेन-2-ओन में CH₃CO– समूह होता है, इसलिए वह CHI₃ देता है। पेन्टेन-3-ओन में मेथिल कीटोन इकाई नहीं है।
Which compound gives a yellow precipitate with I₂ and NaOH?
- pentan-2-one
- pentan-3-one
- 2-methylpropanal
- pentanal
सांद्र NaOH के साथ कौन-सा यौगिक कैनिज़ारो अभिक्रिया देता है?
- एथेनल
- प्रोपेनल
- बेन्ज़ैल्डिहाइड
- प्रोपेनोन
उत्तर
C. बेन्ज़ैल्डिहाइड
बेन्ज़ैल्डिहाइड में α-हाइड्रोजन नहीं होता। अन्य में α-H होता है और वे ऐल्डोल-प्रकार की अभिक्रियाएँ देते हैं।
Which compound undergoes the Cannizzaro reaction with concentrated NaOH?
- ethanal
- propanal
- benzaldehyde
- propanone
तीव्र गर्म करने पर एथेनल के दो अणुओं से प्राप्त ऐल्डोल देता है
- ब्यूटेनल
- ब्यूट-2-ईनल
- ब्यूटेनोइक अम्ल
- ब्यूटेन-1,3-डाइऑल
उत्तर
B. ब्यूट-2-ईनल
3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल जल त्यागकर α,β-असंतृप्त ऐल्डिहाइड CH₃CH=CHCHO देता है।
On strong heating, the aldol obtained from two molecules of ethanal gives
- butanal
- but-2-enal
- butanoic acid
- butane-1,3-diol
निर्जल AlCl₃/CuCl की उपस्थिति में बेन्ज़ीन CO और HCl से अभिक्रिया कर देती है
- बेन्ज़ैल्डिहाइड
- बेन्ज़ोइक अम्ल
- ऐसीटोफीनोन
- बेन्ज़ोफीनोन
उत्तर
A. बेन्ज़ैल्डिहाइड
यह गाटरमान–कोख अभिक्रिया (Gattermann–Koch reaction) है, जो –CHO प्रविष्ट कराती है।
Benzene reacts with CO and HCl in the presence of anhydrous AlCl₃/CuCl to give
- benzaldehyde
- benzoic acid
- acetophenone
- benzophenone
एथेननाइट्राइल को SnCl₂ और HCl से अभिकृत करके फिर जल-अपघटित किया जाता है। उत्पाद है
- CH₃CH₂NH₂
- CH₃COOH
- CH₃CH₂OH
- CH₃CHO
उत्तर
D. CH₃CHO
स्टीफन अभिक्रिया (Stephen reaction): RCN → RCH=NH → जल-अपघटन पर RCHO।
Ethanenitrile is treated with SnCl₂ and HCl and then hydrolysed. The product is
- CH₃CH₂NH₂
- CH₃COOH
- CH₃CH₂OH
- CH₃CHO
सबसे प्रबल अम्ल कौन-सा है?
- Cl₃CCOOH
- CH₃COOH
- Cl₂CHCOOH
- ClCH₂COOH
उत्तर
A. Cl₃CCOOH
तीन क्लोरीन परमाणु सर्वाधिक –I प्रभाव देते हैं, इसलिए ऋणायन सर्वाधिक स्थायी होता है (pKa लगभग 0.65)।
Which is the strongest acid?
- Cl₃CCOOH
- CH₃COOH
- Cl₂CHCOOH
- ClCH₂COOH
सोडा लाइम को सोडियम प्रोपेनोएट के साथ गर्म किया जाता है। कार्बनिक उत्पाद है
- ब्यूटेन
- एथेन
- मेथेन
- प्रोपेन
उत्तर
B. एथेन
कार्बोक्सिलन-लोपन में एक कार्बन कार्बोनेट के रूप में निकल जाता है: CH₃CH₂COONa → CH₃CH₃।
Soda lime is heated with sodium propanoate. The organic product is
- butane
- ethane
- methane
- propane
प्रोपेनोइक अम्ल लाल फॉस्फोरस की उपस्थिति में Br₂ से अभिक्रिया करके मुख्यतः देता है
- ब्रोमोएथेन
- 3-ब्रोमोप्रोपेनोइक अम्ल
- प्रोपेनॉयल ब्रोमाइड
- 2-ब्रोमोप्रोपेनोइक अम्ल
उत्तर
D. 2-ब्रोमोप्रोपेनोइक अम्ल
हेल–फोल्हार्ड–ज़ेलिन्स्की अभिक्रिया (Hell–Volhard–Zelinsky reaction) α-हाइड्रोजन को हैलोजन से प्रतिस्थापित करती है।
Propanoic acid reacts with Br₂ in the presence of red phosphorus to give mainly
- bromoethane
- 3-bromopropanoic acid
- propanoyl bromide
- 2-bromopropanoic acid
सोडियम प्रोपेनोएट के जलीय विलयन के विद्युत-अपघटन में ऐनोड पर एक हाइड्रोकार्बन मिलता है। वह है
- हेक्सेन
- प्रोपेन
- ब्यूटेन
- एथेन
उत्तर
C. ब्यूटेन
कोल्बे विद्युत-अपघटन (Kolbe electrolysis) दो एथिल समूहों को जोड़ता है: 2 CH₃CH₂COO⁻ → CH₃CH₂CH₂CH₃ + 2 CO₂।
Electrolysis of an aqueous solution of sodium propanoate gives at the anode a hydrocarbon. It is
- hexane
- propane
- butane
- ethane
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: नाभिकस्नेही योग के प्रति ऐरोमैटिक ऐल्डिहाइड ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड से कम अभिक्रियाशील होते हैं। कथन II: बेन्ज़ीन वलय अनुनाद द्वारा कार्बोनिल समूह को इलेक्ट्रॉन देता है और उसका धनावेश घटाता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
दोनों सही हैं; अनुनाद द्वारा इलेक्ट्रॉन-दान कार्बोनिल कार्बन की इलेक्ट्रॉनस्नेहिता घटाता है।
Given below are two statements: Statement I: Aromatic aldehydes are less reactive than aliphatic aldehydes towards nucleophilic addition. Statement II: The benzene ring donates electrons to the carbonyl group by resonance and lowers its positive charge. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: बेन्ज़ैल्डिहाइड टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है। कथन II: बेन्ज़ैल्डिहाइड फेहलिंग विलयन को अपचयित करता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
बेन्ज़ैल्डिहाइड रजत दर्पण देता है पर फेहलिंग विलयन को अपचयित नहीं करता।
Given below are two statements: Statement I: Benzaldehyde reduces Tollens' reagent. Statement II: Benzaldehyde reduces Fehling's solution. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: एथेनल सांद्र NaOH के साथ कैनिज़ारो अभिक्रिया देता है। कथन II: एथेनल तनु NaOH के साथ ऐल्डोल संघनन देता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
एथेनल में α-हाइड्रोजन होते हैं, इसलिए वह ऐल्डोल संघनन देता है, कैनिज़ारो नहीं।
Given below are two statements: Statement I: Ethanal undergoes the Cannizzaro reaction with concentrated NaOH. Statement II: Ethanal undergoes aldol condensation with dilute NaOH. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. NaBH₄ –COOH समूह को –CH₂OH में अपचयित करता है। 2. LiAlH₄ –COOH समूह को –CH₂OH में अपचयित करता है। 3. क्लीमेन्सन अपचयन में Zn–Hg और सांद्र HCl प्रयुक्त होते हैं।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
B. 2 और 3 केवल
NaBH₄ कार्बोक्सिलिक अम्लों को अपचयित नहीं करता; LiAlH₄ करता है। क्लीमेन्सन में Zn–Hg/HCl प्रयुक्त होता है। अतः 2 और 3 सही हैं।
Which of the following statements are correct? 1. NaBH₄ reduces a –COOH group to –CH₂OH. 2. LiAlH₄ reduces a –COOH group to –CH₂OH. 3. Clemmensen reduction uses Zn–Hg and conc. HCl.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: समान मोलर द्रव्यमान के ऐल्कोहॉलों की तुलना में कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक अधिक होते हैं। कथन II: कार्बोक्सिलिक अम्ल हाइड्रोजन-आबंधित द्विलक बनाते हैं। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
द्विलक बनने से अंतरआण्विक संगुणन प्रबल होता है, इसलिए क्वथनांक बढ़ता है। दोनों सही हैं।
Given below are two statements: Statement I: Carboxylic acids have higher boiling points than alcohols of comparable molar mass. Statement II: Carboxylic acids form hydrogen-bonded dimers. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: मेथेनल I₂ और NaOH के साथ पीला अवक्षेप देता है। कथन II: एथेनल I₂ और NaOH के साथ पीला अवक्षेप देता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
एथेनल में CH₃CO– समूह होता है; मेथेनल में नहीं होता, इसलिए वह आयडोफॉर्म नहीं देता।
Given below are two statements: Statement I: Methanal gives a yellow precipitate with I₂ and NaOH. Statement II: Ethanal gives a yellow precipitate with I₂ and NaOH. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: बेन्ज़ोइक अम्ल सरलता से फ्रीडेल–क्राफ्ट्स ऐसिलीकरण देता है। कथन II: –COOH समूह इलेक्ट्रॉन-आकर्षी है और आने वाले समूह को मेटा स्थिति पर निर्देशित करता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
बेन्ज़ोइक अम्ल फ्रीडेल–क्राफ्ट्स अभिक्रियाएँ नहीं देता क्योंकि वलय निष्क्रिय होता है। कथन II सही है।
Given below are two statements: Statement I: Benzoic acid undergoes Friedel–Crafts acylation easily. Statement II: The –COOH group is electron-withdrawing and directs the incoming group to the meta position. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. गाटरमान–कोख अभिक्रिया में CO और HCl प्रयुक्त होते हैं। 2. एटार अभिक्रिया में CrO₂Cl₂ प्रयुक्त होता है। 3. स्टीफन अभिक्रिया में BaSO₄ पर H₂ और Pd प्रयुक्त होते हैं।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 2 केवल
स्टीफन अभिक्रिया में नाइट्राइल पर SnCl₂/HCl प्रयुक्त होता है; H₂/Pd–BaSO₄ रोज़ेनमुंड अपचयन है। अतः केवल 1 और 2 सही हैं।
Which of the following statements are correct? 1. Gattermann–Koch reaction uses CO and HCl. 2. Etard reaction uses CrO₂Cl₂. 3. Stephen reaction uses H₂ and Pd on BaSO₄.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ऐसीटिक अम्ल मेथेनोइक अम्ल से प्रबल अम्ल है। कथन II: फीनॉल एथेनोइक अम्ल से प्रबल अम्ल है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
मेथेनोइक अम्ल (pKa 3.75) एथेनोइक अम्ल (4.76) से प्रबल है। कार्बोक्सिलिक अम्ल फीनॉल से प्रबल होते हैं। दोनों गलत हैं।
Given below are two statements: Statement I: Acetic acid is a stronger acid than methanoic acid. Statement II: Phenol is a stronger acid than ethanoic acid. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
अभिकथन (A): नाभिकस्नेही योग में ऐल्डिहाइड कीटोन से अधिक अभिक्रियाशील होते हैं। कारण (R): कीटोन के कार्बोनिल कार्बन पर दो इलेक्ट्रॉन-दाता ऐल्किल समूह होते हैं और वह अधिक भीड़युक्त होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
+I प्रभाव और त्रिविम भीड़ दोनों कीटोन की अभिक्रियाशीलता घटाते हैं, अतः R से A की व्याख्या होती है।
Assertion (A): Aldehydes are more reactive than ketones in nucleophilic addition. Reason (R): The carbonyl carbon of a ketone carries two electron-releasing alkyl groups and is more crowded.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): बेन्ज़ैल्डिहाइड फेहलिंग विलयन को अपचयित नहीं करता। कारण (R): बेन्ज़ैल्डिहाइड में α-हाइड्रोजन नहीं होता।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं, परंतु α-H का अभाव फेहलिंग परीक्षण के परिणाम का कारण नहीं है; कारण वलय के साथ अनुनाद है।
Assertion (A): Benzaldehyde does not reduce Fehling's solution. Reason (R): Benzaldehyde has no α-hydrogen.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): रोज़ेनमुंड अपचयन BaSO₄ द्वारा विषाक्त किए गए Pd के साथ किया जाता है। कारण (R): विषाक्तन ऐल्डिहाइड के ऐल्कोहॉल में आगे अपचयन को रोकता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
विषाक्त उत्प्रेरक कम सक्रिय होता है, इसलिए अभिक्रिया RCHO पर रुक जाती है।
Assertion (A): Rosenmund reduction is done with Pd that is poisoned by BaSO₄. Reason (R): Poisoning prevents further reduction of the aldehyde to an alcohol.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): प्रोपेनोन तनु क्षार में ऐल्डोल संघनन देता है। कारण (R): प्रोपेनोन में α-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होते।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
प्रोपेनोन में छह α-हाइड्रोजन होते हैं, इसलिए A सत्य है और R असत्य।
Assertion (A): Propanone undergoes aldol condensation in dilute alkali. Reason (R): Propanone has no α-hydrogen atoms.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): मेथेनोइक अम्ल एथेनोइक अम्ल से दुर्बल अम्ल है। कारण (R): एथेनोइक अम्ल में ऐल्किल समूह का +I प्रभाव कार्बोक्सिलेट आयन को अस्थायी करता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
D. A असत्य है लेकिन R सत्य है
A असत्य है: मेथेनोइक अम्ल प्रबल है। R सत्य है पर वह एथेनोइक अम्ल के दुर्बल होने की व्याख्या करता है।
Assertion (A): Methanoic acid is a weaker acid than ethanoic acid. Reason (R): The alkyl group in ethanoic acid has a +I effect and destabilises the carboxylate ion.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): समान मोलर द्रव्यमान के ऐल्कोहॉलों की तुलना में कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक अधिक होते हैं। कारण (R): कार्बोक्सिलिक अम्ल ऐल्कोहॉलों से अधिक अम्लीय होते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं; उच्च क्वथनांक का कारण द्विलक बनना है, अम्लता नहीं।
Assertion (A): Carboxylic acids have higher boiling points than alcohols of similar molar mass. Reason (R): Carboxylic acids are more acidic than alcohols.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. रोज़ेनमुंड अपचयन b. स्टीफन अभिक्रिया c. एटार अभिक्रिया d. गाटरमान–कोख अभिक्रिया सूची II: i. CS₂ में CrO₂Cl₂ ii. CO, HCl, AlCl₃/CuCl iii. SnCl₂, HCl iv. H₂, Pd–BaSO₄ सही उत्तर चुनिए।
- a-i, b-iii, c-iv, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
उत्तर
C. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
रोज़ेनमुंड: H₂/Pd–BaSO₄; स्टीफन: SnCl₂/HCl; एटार: CrO₂Cl₂; गाटरमान–कोख: CO/HCl/AlCl₃।
Match List I with List II. List I: a. Rosenmund reduction b. Stephen reaction c. Etard reaction d. Gattermann–Koch reaction List II: i. CrO₂Cl₂ in CS₂ ii. CO, HCl, AlCl₃/CuCl iii. SnCl₂, HCl iv. H₂, Pd–BaSO₄ Choose the correct answer.
- a-i, b-iii, c-iv, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. हाइड्रॉक्सिलऐमीन b. हाइड्रेज़ीन c. सेमिकार्बेज़ाइड d. 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्रेज़ीन सूची II: i. हाइड्रेज़ोन ii. ऑक्सिम iii. सेमिकार्बेज़ोन iv. 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्रेज़ोन सही उत्तर चुनिए।
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
उत्तर
C. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
NH₂OH ऑक्सिम देता है, NH₂NH₂ हाइड्रेज़ोन देता है, सेमिकार्बेज़ाइड सेमिकार्बेज़ोन देता है, 2,4-DNP अपना हाइड्रेज़ोन देता है।
Match List I with List II. List I: a. Hydroxylamine b. Hydrazine c. Semicarbazide d. 2,4-Dinitrophenylhydrazine List II: i. hydrazone ii. oxime iii. semicarbazone iv. 2,4-dinitrophenylhydrazone Choose the correct answer.
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. क्लीमेन्सन अपचयन b. वोल्फ–किश्नर अपचयन c. कोल्बे विद्युत-अपघटन d. हेल–फोल्हार्ड–ज़ेलिन्स्की अभिक्रिया सूची II: i. सोडियम लवण का विद्युत-अपघटन ii. Zn–Hg, सांद्र HCl iii. NH₂NH₂, KOH, ग्लाइकॉल iv. X₂, लाल फॉस्फोरस सही उत्तर चुनिए।
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
उत्तर
B. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
क्लीमेन्सन: Zn–Hg/HCl; वोल्फ–किश्नर: NH₂NH₂/KOH; कोल्बे: विद्युत-अपघटन; HVZ: X₂/लाल P।
Match List I with List II. List I: a. Clemmensen reduction b. Wolff–Kishner reduction c. Kolbe electrolysis d. Hell–Volhard–Zelinsky reaction List II: i. electrolysis of sodium salt ii. Zn–Hg, conc. HCl iii. NH₂NH₂, KOH, glycol iv. X₂, red phosphorus Choose the correct answer.
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. एथेनल b. प्रोपेनोन c. बेन्ज़ैल्डिहाइड d. मेथेनल सूची II: i. आयडोफॉर्म परीक्षण देता है और फेहलिंग विलयन को अपचयित करता है ii. आयडोफॉर्म परीक्षण देता है पर फेहलिंग विलयन को अपचयित नहीं करता iii. टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है पर फेहलिंग विलयन को नहीं iv. फेहलिंग विलयन को अपचयित करता है पर आयडोफॉर्म परीक्षण नहीं देता सही उत्तर चुनिए।
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
उत्तर
C. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
एथेनल: दोनों; प्रोपेनोन: केवल आयडोफॉर्म; बेन्ज़ैल्डिहाइड: केवल टॉलेन; मेथेनल: केवल फेहलिंग।
Match List I with List II. List I: a. Ethanal b. Propanone c. Benzaldehyde d. Methanal List II: i. gives iodoform test and reduces Fehling's solution ii. gives iodoform test but does not reduce Fehling's solution iii. reduces Tollens' reagent but not Fehling's solution iv. reduces Fehling's solution but gives no iodoform test Choose the correct answer.
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. HOOC–COOH b. HOOC–CH₂–COOH c. HOOC–(CH₂)₂–COOH d. HOOC–(CH₂)₄–COOH सूची II: i. सक्सिनिक अम्ल ii. ऐडिपिक अम्ल iii. ऑक्सैलिक अम्ल iv. मैलोनिक अम्ल सही उत्तर चुनिए।
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
उत्तर
A. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
ऑक्सैलिक (C2), मैलोनिक (C3), सक्सिनिक (C4), ऐडिपिक (C6)।
Match List I with List II. List I: a. HOOC–COOH b. HOOC–CH₂–COOH c. HOOC–(CH₂)₂–COOH d. HOOC–(CH₂)₄–COOH List II: i. succinic acid ii. adipic acid iii. oxalic acid iv. malonic acid Choose the correct answer.
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. Cl₃CCOOH b. ClCH₂COOH c. CH₃COOH d. HCOOH सूची II: i. 4.76 ii. 0.65 iii. 3.75 iv. 2.86 सही उत्तर चुनिए।
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
उत्तर
C. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
pKa मान: Cl₃CCOOH 0.65, ClCH₂COOH 2.86, CH₃COOH 4.76, HCOOH 3.75।
Match List I with List II. List I: a. Cl₃CCOOH b. ClCH₂COOH c. CH₃COOH d. HCOOH List II: i. 4.76 ii. 0.65 iii. 3.75 iv. 2.86 Choose the correct answer.
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
एक यौगिक C₃H₆O, I₂/NaOH के साथ पीला अवक्षेप देता है और टॉलेन अभिकर्मक के साथ रजत दर्पण नहीं देता। यौगिक है
- प्रोपेन-1-ऑल
- प्रोपेनोन
- प्रोपेनल
- प्रोप-2-ईन-1-ऑल
उत्तर
B. प्रोपेनोन
मेथिल कीटोन आयडोफॉर्म देता है और टॉलेन अभिक्रिया नहीं देता; प्रोपेनल टॉलेन देता है और आयडोफॉर्म नहीं।
A compound C₃H₆O gives a yellow precipitate with I₂/NaOH and does not give a silver mirror with Tollens' reagent. The compound is
- propan-1-ol
- propanone
- propanal
- prop-2-en-1-ol
बेन्ज़ैल्डिहाइड को सांद्र NaOH के साथ गर्म किया जाता है। उत्पाद हैं
- केवल बेन्ज़िल ऐल्कोहॉल
- केवल सोडियम बेन्ज़ोएट
- टॉलूईन और सोडियम बेन्ज़ोएट
- बेन्ज़िल ऐल्कोहॉल और सोडियम बेन्ज़ोएट
उत्तर
D. बेन्ज़िल ऐल्कोहॉल और सोडियम बेन्ज़ोएट
कैनिज़ारो अभिक्रिया: एक अणु अम्ल के लवण में ऑक्सीकृत होता है, दूसरा ऐल्कोहॉल में अपचयित होता है।
Benzaldehyde is heated with concentrated NaOH. The products are
- benzyl alcohol only
- sodium benzoate only
- toluene and sodium benzoate
- benzyl alcohol and sodium benzoate
एथेनल को शुष्क ईथर में CH₃MgBr से और फिर तनु अम्ल से अभिकृत किया जाता है। उत्पाद है
- प्रोपेन-2-ऑल
- प्रोपेन-1-ऑल
- प्रोपेनोन
- एथेनॉल
उत्तर
A. प्रोपेन-2-ऑल
मेथेनल के अतिरिक्त कोई ऐल्डिहाइड द्वितीयक ऐल्कोहॉल देता है: CH₃CH(OH)CH₃।
Ethanal is treated with CH₃MgBr in dry ether and then with dilute acid. The product is
- propan-2-ol
- propan-1-ol
- propanone
- ethanol
क्षारीय KMnO₄ के साथ गर्म करने पर कौन-सा हाइड्रोकार्बन कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत नहीं होता?
- एथिलबेन्ज़ीन
- टॉलूईन
- tert-ब्यूटिलबेन्ज़ीन
- आइसोप्रोपिलबेन्ज़ीन
उत्तर
C. tert-ब्यूटिलबेन्ज़ीन
ऑक्सीकरण के लिए बेन्ज़िलिक हाइड्रोजन चाहिए। tert-ब्यूटिलबेन्ज़ीन में वह नहीं है।
Which hydrocarbon is not oxidised to a carboxylic acid on heating with alkaline KMnO₄?
- ethylbenzene
- toluene
- tert-butylbenzene
- isopropylbenzene
एक ऐरोमैटिक यौगिक C₇H₆O टॉलेन अभिकर्मक से रजत दर्पण बनाता है, फेहलिंग विलयन को अपचयित नहीं करता और 2,4-DNP के साथ नारंगी अवक्षेप देता है। वह है
- फीनॉल
- बेन्ज़ोइक अम्ल
- ऐसीटोफीनोन
- बेन्ज़ैल्डिहाइड
उत्तर
D. बेन्ज़ैल्डिहाइड
ऐरोमैटिक ऐल्डिहाइड: टॉलेन और 2,4-DNP धनात्मक, फेहलिंग ऋणात्मक। C₇H₆O बेन्ज़ैल्डिहाइड के अनुरूप है।
An aromatic compound C₇H₆O forms a silver mirror with Tollens' reagent, does not reduce Fehling's solution and gives an orange precipitate with 2,4-DNP. It is
- phenol
- benzoic acid
- acetophenone
- benzaldehyde
CH₃MgBr को एथेनोइक अम्ल में बदलने के लिए उसे अभिकृत किया जाता है
- HCHO से, फिर तनु अम्ल
- CH₃CHO से, फिर तनु अम्ल
- केवल O₂ से
- ठोस CO₂ से, फिर तनु अम्ल
उत्तर
D. ठोस CO₂ से, फिर तनु अम्ल
CH₃MgBr + CO₂ से CH₃COOMgBr बनता है, जो अम्लीकरण पर CH₃COOH देता है।
To convert CH₃MgBr into ethanoic acid, it is treated with
- HCHO, then dilute acid
- CH₃CHO, then dilute acid
- O₂ only
- solid CO₂, then dilute acid
एथेनोइक अम्ल और एथेनॉल को सांद्र H₂SO₄ की कुछ बूँदों के साथ गर्म किया जाता है। उत्पाद और अम्ल की भूमिका है
- डाइएथिल ईथर; अपचायक
- एथिल एथेनोएट; उत्प्रेरक और निर्जलीकारक
- एथेनॉयल क्लोराइड; क्लोरीनीकारक
- एथिल एथेनोएट; ऑक्सीकारक
उत्तर
B. एथिल एथेनोएट; उत्प्रेरक और निर्जलीकारक
फिशर एस्टरीकरण (Fischer esterification): H₂SO₄ उत्क्रमणीय अभिक्रिया को उत्प्रेरित करता है और जल हटाता है।
Ethanoic acid and ethanol are heated with a few drops of conc. H₂SO₄. The product and the role of the acid are
- diethyl ether; reducing agent
- ethyl ethanoate; catalyst and dehydrating agent
- ethanoyl chloride; chlorinating agent
- ethyl ethanoate; oxidising agent