कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
क्या याद रखें
- द्रव्यमान केंद्र (centre of mass) इस प्रकार गति करता है मानो सारा द्रव्यमान वहीं केंद्रित हो और सभी बाह्य बल वहीं लग रहे हों: M a(cm) = F(ext)। आंतरिक बल इसकी गति नहीं बदल सकते।
- बल-आघूर्ण τ = r × F = I α और कोणीय संवेग L = I ω। यदि नेट बाह्य बल-आघूर्ण शून्य हो, तो L संरक्षित रहता है।
- जड़त्व आघूर्ण I = Σ m r²। मुख्य मान: वलय M R², चकती ½ M R², ठोस गोला (2/5) M R², खोखला गोला (2/3) M R², छड़ अपने केंद्र के परितः M L²/12, छड़ अपने सिरे के परितः M L²/3।
- बिना फिसले लोटनिक गति: K(total) = ½ M v² (1 + k²/R²)। आनत तल पर a = g sin θ/(1 + k²/R²), इसलिए ठोस गोला जीतता है और वलय सबसे अंत में आता है।
द्रव्यमान केंद्र और कणों के निकाय की गति
द्रव्यमान m₁, m₂, … वाले कणों के स्थिति सदिश r₁, r₂, … हों, तो द्रव्यमान केंद्र R(cm) = (m₁ r₁ + m₂ r₂ + …)/(m₁ + m₂ + …) होता है। एक रेखा पर x₁ और x₂ पर स्थित दो कणों के लिए: x(cm) = (m₁ x₁ + m₂ x₂)/(m₁ + m₂)। द्रव्यमान केंद्र दोनों कणों को मिलाने वाली रेखा पर और भारी कण के अधिक निकट होता है।
एकसमान घनत्व वाले दृढ़ पिंड (rigid body) का द्रव्यमान केंद्र, पिंड सममित होने पर, उसके ज्यामितीय केंद्र पर होता है।
| पिंड | द्रव्यमान केंद्र की स्थिति |
|---|---|
| एकसमान छड़ | छड़ का मध्य बिंदु |
| वलय | वलय का केंद्र (वहाँ कोई द्रव्यमान नहीं होता) |
| चकती | चकती का केंद्र |
| ठोस या खोखला गोला | गोले का केंद्र |
| घन या आयताकार पट्टिका | वह बिंदु जहाँ विकर्ण मिलते हैं |
द्रव्यमान केंद्र की गति: वेग V(cm) = (Σ m v)/M और निकाय का कुल रैखिक संवेग P = M V(cm) होता है। निकाय के लिए न्यूटन का दूसरा नियम: F(ext) = M a(cm) = dP/dt। आंतरिक बल जोड़ों में निरस्त हो जाते हैं। यदि F(ext) = 0, तो P अचर रहता है और द्रव्यमान केंद्र विराम में रहता है या अचर वेग से चलता है। उड़ान में फटने वाला बम: टुकड़े अलग-अलग उड़ते हैं, पर द्रव्यमान केंद्र मूल पथ पर चलता रहता है।
उदाहरण 1. 2 kg का द्रव्यमान x = 0 पर और 3 kg का द्रव्यमान x = 5 m पर है। x(cm) = (2 × 0 + 3 × 5)/5 = 2 kg द्रव्यमान से 3 m पर। 3 kg द्रव्यमान के परितः आघूर्णों से जाँच: दोनों ओर 2 × 3 = 3 × 2।
कोणीय वेग, कोणीय त्वरण और सदिश गुणनफल
सदिश गुणनफल: A × B का परिमाण A B sin θ होता है। इसकी दिशा दाएँ हाथ के नियम से मिलती है और A तथा B दोनों के लंबवत होती है। A × B = − B × A। A × A = 0।
स्थिर अक्ष के परितः घूर्णन: प्रत्येक कण अक्ष के परितः वृत्त में समान कोणीय वेग ω = dθ/dt (rad s⁻¹) और समान कोणीय त्वरण α = dω/dt (rad s⁻²) से गति करता है। दूरी r पर स्थित कण की रैखिक चाल v = ω r होती है। स्पर्शरेखीय त्वरण a(t) = α r और अभिकेंद्र त्वरण ω² r होता है। एकसमान कोणीय त्वरण के लिए:
ω = ω₀ + α t; θ = ω₀ t + ½ α t²; ω² = ω₀² + 2 α θ।
ये समीकरण v = u + a t, s = u t + ½ a t² और v² = u² + 2 a s के संगत हैं, जिनमें s के स्थान पर θ है। साथ ही ω = 2π/T = 2π f।
बल-आघूर्ण, कोणीय संवेग और कोणीय संवेग संरक्षण
बल-आघूर्ण (torque) τ = r × F। इसका परिमाण r F sin θ = F × (अक्ष से लंबवत दूरी, जिसे आघूर्ण भुजा कहते हैं) होता है। SI मात्रक: N m। विमाएँ: [M L² T⁻²], जो कार्य और ऊर्जा के समान हैं, यद्यपि बल-आघूर्ण एक भिन्न भौतिक राशि है।
कण का कोणीय संवेग (angular momentum): L = r × p, जिसका परिमाण m v r sin θ है। स्थिर अक्ष के परितः घूमते दृढ़ पिंड के लिए L = I ω। मात्रक: kg m² s⁻¹। विमाएँ: [M L² T⁻¹]।
न्यूटन के दूसरे नियम का घूर्णी रूप: τ = dL/dt। संरक्षण: यदि नेट बाह्य बल-आघूर्ण शून्य हो, तो कुल कोणीय संवेग अचर रहता है। उदाहरण:
- बर्फ़ पर स्केटिंग करने वाली खिलाड़ी बाँहें समेटने पर अधिक तेज़ घूमती है। I घटता है, इसलिए I ω अचर रखने के लिए ω बढ़ता है। उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, क्योंकि बाँहें समेटने में वह कार्य करती है।
- गोताखोर हवा में तेज़ घूमने के लिए शरीर को सिकोड़ता है और पानी में प्रवेश से पहले धीमा होने के लिए शरीर फैला लेता है।
- भार थामे घूमते मंच पर खड़ा व्यक्ति भारों को भीतर खींचने पर अधिक तेज़ घूमता है।
- ग्रह सूर्य के निकट अधिक तेज़ चलता है (कोणीय संवेग संरक्षण)।
उदाहरण 2. एक स्केटर I = 3 kg m² के साथ 2 rev s⁻¹ से घूमती है। वह बाँहें समेटती है और I = 1.5 kg m² हो जाता है। नया ω: I₁ ω₁ = I₂ ω₂ से ω₂ = 3 × 2/1.5 = 4 rev s⁻¹। गतिज ऊर्जा का अनुपात = (½ I₂ ω₂²)/(½ I₁ ω₁²) = (1.5 × 16)/(3 × 4) = 2, अतः गतिज ऊर्जा दोगुनी हो जाती है।
दृढ़ पिंड का संतुलन और गुरुत्व केंद्र
दृढ़ पिंड यांत्रिक संतुलन में तब होता है जब:
- 1. उस पर नेट बल शून्य हो (स्थानांतरीय संतुलन)।
- 2. किसी भी बिंदु के परितः नेट बल-आघूर्ण शून्य हो (घूर्णी संतुलन)।
आघूर्णों का सिद्धांत (principle of moments): संतुलन में स्थित उत्तोलक के लिए, आलंब के परितः दक्षिणावर्त आघूर्णों का योग वामावर्त आघूर्णों के योग के बराबर होता है। उत्तोलक के लिए: भार × भार भुजा = प्रयास × प्रयास भुजा। यांत्रिक लाभ = भार/प्रयास = प्रयास भुजा/भार भुजा।
बलयुग्म (couple) भिन्न क्रिया-रेखाओं वाले दो बराबर और विपरीत बलों का युग्म है। यह बल-आघूर्ण F × d देता है (d दोनों रेखाओं के बीच की दूरी है) और कोई नेट बल नहीं देता।
गुरुत्व केंद्र (centre of gravity) वह बिंदु है जहाँ पिंड का कुल भार लगता हुआ माना जा सकता है। एकसमान गुरुत्वीय क्षेत्र में यह द्रव्यमान केंद्र से संपाती होता है। पिंड स्थायी संतुलन में तब होता है जब उसका गुरुत्व केंद्र न्यूनतम हो, या उससे खींची ऊर्ध्वाधर रेखा आधार के भीतर गिरे।
उदाहरण 3. 1 kg की एकसमान मीटर छड़ 40 cm चिह्न पर आलंब पर टिकी है। 10 cm चिह्न पर 2 kg का भार लटका है। g = 10 m s⁻² लें। संतुलन के लिए 3 kg का द्रव्यमान कहाँ लटकना चाहिए? छड़ का भार 50 cm पर लगता है, जो आलंब से 10 cm दाईं ओर है, और 10 × 0.1 = 1 N m दक्षिणावर्त आघूर्ण देता है। भार 20 × 0.3 = 6 N m वामावर्त आघूर्ण देता है। नेट वामावर्त = 5 N m। दाईं ओर दूरी d पर 3 kg द्रव्यमान (30 N): 30 d = 5, d = 1/6 m ≈ 16.7 cm, अतः यह 56.7 cm चिह्न पर लटकेगा।
जड़त्व आघूर्ण और दो प्रमेयें
जड़त्व आघूर्ण (moment of inertia) I = Σ m r² (kg m²)। यह द्रव्यमान का घूर्णी समतुल्य है। यह द्रव्यमान पर, द्रव्यमान के वितरण पर और अक्ष की स्थिति पर निर्भर करता है। घूर्णन त्रिज्या (radius of gyration) k को I = M k² से परिभाषित किया जाता है, अतः k = √(I/M)।
| पिंड | अक्ष | I | k²/R² (या k) |
|---|---|---|---|
| पतली वलय (त्रिज्या R) | केंद्र से, तल के लंबवत | M R² | 1 |
| वलय | व्यास के अनुदिश | ½ M R² | ½ |
| एकसमान चकती | केंद्र से, तल के लंबवत | ½ M R² | ½ |
| चकती | व्यास के अनुदिश | ¼ M R² | ¼ |
| पतली छड़ (लंबाई L) | केंद्र से, छड़ के लंबवत | M L²/12 | L²/12 |
| पतली छड़ | एक सिरे से, छड़ के लंबवत | M L²/3 | L²/3 |
| ठोस गोला | व्यास के अनुदिश | (2/5) M R² | 2/5 |
| खोखला (पतली दीवार वाला) गोला | व्यास के अनुदिश | (2/3) M R² | 2/3 |
| ठोस बेलन | अपने अक्ष के अनुदिश | ½ M R² | ½ |
| खोखला बेलन | अपने अक्ष के अनुदिश | M R² | 1 |
समांतर अक्षों की प्रमेय (theorem of parallel axes): I = I(cm) + M d²। यहाँ I(cm) द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाले अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है और d दोनों समांतर अक्षों के बीच की दूरी है। यह किसी भी पिंड के लिए सत्य है। जाँच: सिरे के परितः छड़ = M L²/12 + M (L/2)² = M L²/3।
लंबवत अक्षों की प्रमेय (theorem of perpendicular axes): समतल (चपटे, पटलीय) पिंड के लिए I(z) = I(x) + I(y), जहाँ x और y तल में दो लंबवत अक्ष हैं और z उसी बिंदु से तल के लंबवत अक्ष है। जाँच: वलय के लिए I(z) = M R² से I(व्यास) = ½ M R² मिलता है।
स्थिर अक्ष के परितः घूर्णन, कार्य और शक्ति
रैखिक और घूर्णी राशियाँ इस प्रकार संगत हैं।
| रैखिक | घूर्णी |
|---|---|
| विस्थापन s | कोण θ |
| वेग v | कोणीय वेग ω |
| त्वरण a | कोणीय त्वरण α |
| द्रव्यमान m | जड़त्व आघूर्ण I |
| बल F | बल-आघूर्ण τ |
| संवेग p = m v | कोणीय संवेग L = I ω |
| F = m a | τ = I α |
| गतिज ऊर्जा ½ m v² | गतिज ऊर्जा ½ I ω² |
| कार्य F s | कार्य τ θ |
| शक्ति F v | शक्ति τ ω |
घूर्णी गतिज ऊर्जा K = ½ I ω² = L²/(2 I)। बल-आघूर्ण द्वारा किया गया कार्य: W = τ θ। शक्ति: P = τ ω। चक्का (flywheel) का I बड़ा होता है, इसलिए वह ऊर्जा संचित करता है और घूर्णन को सुचारु रखता है।
उदाहरण 4. I = 0.5 kg m² वाले पहिये पर 10 N m का अचर बल-आघूर्ण लगता है। तब α = τ/I = 20 rad s⁻²। विराम से 3 s बाद ω = 60 rad s⁻¹। घूर्णी गतिज ऊर्जा = ½ × 0.5 × 3600 = 900 J। कार्य-ऊर्जा प्रमेय से: θ = ½ α t² = 90 rad और W = τ θ = 10 × 90 = 900 J।
लोटनिक गति
बिना फिसले लुढ़कना: संपर्क बिंदु क्षणभर के लिए विराम में रहता है, इसलिए v(cm) = ω R। कुल गतिज ऊर्जा = स्थानांतरीय + घूर्णी = ½ M v² + ½ I ω² = ½ M v² (1 + k²/R²)।
द्रव्यमान M और त्रिज्या R वाली वस्तु के θ कोण के आनत तल पर विराम से बिना फिसले लुढ़कने के लिए:
- त्वरण a = g sin θ/(1 + k²/R²)।
- ऊर्ध्वाधर ऊँचाई h उतरने के बाद तल पर चाल: v = √[2 g h/(1 + k²/R²)]।
- (स्थैतिक) घर्षण आनत तल के अनुदिश ऊपर की ओर लगता है और वस्तु को लुढ़कने देता है। यह कोई नेट कार्य नहीं करता और शुद्ध लोटनिक गति में ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट नहीं होती।
| पिंड | k²/R² | त्वरण (a/g sin θ) | घूर्णी रूप में K का भिन्न |
|---|---|---|---|
| ठोस गोला | 2/5 | 5/7 | 2/7 |
| ठोस चकती या ठोस बेलन | 1/2 | 2/3 | 1/3 |
| खोखला गोला | 2/3 | 3/5 | 2/5 |
| वलय या खोखला बेलन | 1 | 1/2 | 1/2 |
त्वरण और तल पर चाल का क्रम: ठोस गोला > ठोस चकती (या ठोस बेलन) > खोखला गोला > वलय (या खोखला बेलन)। यह क्रम द्रव्यमान या त्रिज्या पर निर्भर नहीं करता। घर्षणरहित आनत तल पर फिसलता चिकना गुटका (बिना घूर्णन के) सबसे पहले तल पर पहुँचता है, जिसका a = g sin θ।
सूत्र सारांश
| राशि | सूत्र | मात्रक |
|---|---|---|
| द्रव्यमान केंद्र | R(cm) = Σ m r/Σ m | m |
| निकाय की गति | F(ext) = M a(cm) | N |
| v और ω | v = ω r | m s⁻¹ |
| बल-आघूर्ण | τ = r F sin θ = I α | N m |
| कोणीय संवेग | L = I ω = m v r (बिंदु द्रव्यमान) | kg m² s⁻¹ |
| समांतर अक्ष | I = I(cm) + M d² | kg m² |
| लंबवत अक्ष | I(z) = I(x) + I(y) | kg m² |
| घूर्णी ऊर्जा | K = ½ I ω² | J |
| शक्ति | P = τ ω | W |
| लोटनिक गतिज ऊर्जा | K = ½ M v² (1 + k²/R²) | J |
| आनत तल पर लोटनिक गति | a = g sin θ/(1 + k²/R²) | m s⁻² |
NEET के जाल
- वलय या खोखले गोले का द्रव्यमान केंद्र उसके केंद्र पर होता है, जहाँ कोई द्रव्यमान नहीं होता। द्रव्यमान केंद्र का पिंड के भीतर होना आवश्यक नहीं है।
- आंतरिक बल (जैसे विस्फोट में) द्रव्यमान केंद्र की गति नहीं बदलते।
- बल-आघूर्ण और कार्य की विमाएँ समान हैं पर राशियाँ भिन्न हैं। बल-आघूर्ण N m में एक सदिश है; कार्य J में एक अदिश है।
- कोणीय संवेग केवल तब संरक्षित रहता है जब नेट बाह्य बल-आघूर्ण शून्य हो, तब नहीं जब नेट बल शून्य हो।
- जड़त्व आघूर्ण अक्ष पर निर्भर करता है। सदैव देखें कि कौन-सा अक्ष दिया गया है।
- समांतर अक्षों की प्रमेय में द्रव्यमान केंद्र के परितः I चाहिए। सिरे के अक्ष को आरंभ बिंदु मानने पर उत्तर गलत आता है।
- लंबवत अक्षों की प्रमेय केवल चपटे समतल पिंडों (पटलों) पर लागू होती है, ठोस गोले या बेलन पर नहीं।
- लुढ़कती वस्तु के लिए घर्षण स्थैतिक होता है। यह ऊर्जा का क्षय नहीं करता और ऐसे गति का विरोध नहीं करता कि सतह गर्म हो।
- एक ही आनत तल पर वलय चकती से धीमी और ठोस गोला खोखले गोले से तेज़ होता है। द्रव्यमान और त्रिज्या का कोई महत्त्व नहीं।
- बाँहें समेटने पर स्केटर की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, यद्यपि उसका कोणीय संवेग वही रहता है।
एक पंक्ति में सार
- एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र उसके मध्य बिंदु पर होता है।
- निकाय का कुल संवेग = M × द्रव्यमान केंद्र का वेग।
- v = ω r रैखिक और कोणीय चाल को जोड़ता है।
- बल-आघूर्ण का SI मात्रक N m है।
- τ = dL/dt।
- L = I ω।
- शून्य बाह्य बल-आघूर्ण पर कोणीय संवेग अचर रहता है।
- गोताखोर तेज़ घूमने के लिए शरीर सिकोड़ता है क्योंकि I घटता है।
- आघूर्णों का सिद्धांत: दक्षिणावर्त आघूर्ण = वामावर्त आघूर्ण।
- बलयुग्म बिना नेट बल के घूर्णन उत्पन्न करता है।
- वलय का अपने अक्ष के परितः I = M R²।
- ठोस गोले का व्यास के परितः I = (2/5) M R²।
- छड़ का सिरे के परितः I = M L²/3।
- घूर्णी गतिज ऊर्जा = ½ I ω²।
- ढलान पर लुढ़कते वलय, चकती, खोखले गोले और ठोस गोले में ठोस गोला सबसे तेज़ होता है।
अभ्यास प्रश्न
1 kg का एक कण x = 0 पर और 4 kg का एक कण x = 10 m पर है। दोनों का द्रव्यमान केंद्र x = कहाँ है?
- 5 m
- 8 m
- 4 m
- 2 m
उत्तर
B. 8 m
x(cm) = (1 × 0 + 4 × 10)/5 = 8 m। आघूर्णों से जाँच: 1 × 8 = 4 × 2।
A 1 kg particle is at x = 0 and a 4 kg particle is at x = 10 m. The centre of mass of the two is at x =
- 5 m
- 8 m
- 4 m
- 2 m
10 N का एक बल घूर्णन अक्ष से 0.3 m दूर एक बिंदु पर, उस बिंदु को अक्ष से मिलाने वाली रेखा से 30° पर लगता है। अक्ष के परितः बल-आघूर्ण है
- 0.75 N m
- 3 N m
- 2.6 N m
- 1.5 N m
उत्तर
D. 1.5 N m
τ = r F sin θ = 0.3 × 10 × 0.5 = 1.5 N m।
A force of 10 N acts at a point 0.3 m from the axis of rotation, at 30° to the line joining the point to the axis. The torque about the axis is
- 0.75 N m
- 3 N m
- 2.6 N m
- 1.5 N m
2 kg m² जड़त्व आघूर्ण का एक चक्का 5 rad s⁻¹ से घूमता है। इसका कोणीय संवेग है
- 50 kg m² s⁻¹
- 2.5 kg m² s⁻¹
- 10 kg m² s⁻¹
- 25 kg m² s⁻¹
उत्तर
C. 10 kg m² s⁻¹
L = I ω = 2 × 5 = 10 kg m² s⁻¹।
A flywheel of moment of inertia 2 kg m² rotates at 5 rad s⁻¹. Its angular momentum is
- 50 kg m² s⁻¹
- 2.5 kg m² s⁻¹
- 10 kg m² s⁻¹
- 25 kg m² s⁻¹
2 kg द्रव्यमान और 0.5 m त्रिज्या की पतली वलय का, उसके केंद्र से गुजरने वाले तथा तल के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है
- 0.5 kg m²
- 1.0 kg m²
- 0.125 kg m²
- 0.25 kg m²
उत्तर
A. 0.5 kg m²
I = M R² = 2 × 0.25 = 0.5 kg m²। जाँच: k = R, इसलिए I = M k²।
The moment of inertia of a thin ring of mass 2 kg and radius 0.5 m about an axis through its centre perpendicular to its plane is
- 0.5 kg m²
- 1.0 kg m²
- 0.125 kg m²
- 0.25 kg m²
3 kg द्रव्यमान और 2 m लंबाई की एकसमान छड़ का, एक सिरे से गुजरने वाले तथा छड़ के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है
- 12 kg m²
- 1 kg m²
- 6 kg m²
- 4 kg m²
उत्तर
D. 4 kg m²
I = M L²/3 = 3 × 4/3 = 4 kg m²। समांतर अक्षों से जाँच: 3 × 4/12 + 3 × 1² = 1 + 3 = 4।
The moment of inertia of a uniform rod of mass 3 kg and length 2 m about an axis through one end and perpendicular to the rod is
- 12 kg m²
- 1 kg m²
- 6 kg m²
- 4 kg m²
2 kg द्रव्यमान और 0.5 m त्रिज्या की एकसमान चकती को उसकी कोर पर स्थित एक बिंदु से गुजरने वाले, तल के लंबवत अक्ष के परितः घुमाया जाता है। जड़त्व आघूर्ण है
- 1.5 kg m²
- 0.5 kg m²
- 0.75 kg m²
- 0.25 kg m²
उत्तर
C. 0.75 kg m²
I = ½ M R² + M R² = 1.5 × 2 × 0.25 = 0.75 kg m²।
A uniform disc of mass 2 kg and radius 0.5 m is rotated about an axis through a point on its rim, perpendicular to its plane. The moment of inertia is
- 1.5 kg m²
- 0.5 kg m²
- 0.75 kg m²
- 0.25 kg m²
एक स्केटर 6 kg m² जड़त्व आघूर्ण के साथ 2 rad s⁻¹ से घूमती है। वह बाँहें समेटती है और उसका जड़त्व आघूर्ण 1.5 kg m² हो जाता है। उसकी कोणीय चाल हो जाती है
- 8 rad s⁻¹
- 2 rad s⁻¹
- 0.5 rad s⁻¹
- 4 rad s⁻¹
उत्तर
A. 8 rad s⁻¹
I₁ω₁ = I₂ω₂ से ω₂ = 6 × 2/1.5 = 8 rad s⁻¹।
A skater spins at 2 rad s⁻¹ with a moment of inertia of 6 kg m². She pulls in her arms and her moment of inertia becomes 1.5 kg m². Her angular speed becomes
- 8 rad s⁻¹
- 2 rad s⁻¹
- 0.5 rad s⁻¹
- 4 rad s⁻¹
5 kg m² जड़त्व आघूर्ण के पहिये पर 20 N m का अचर बल-आघूर्ण लगता है। कोणीय त्वरण है
- 0.25 rad s⁻²
- 4 rad s⁻²
- 15 rad s⁻²
- 100 rad s⁻²
उत्तर
B. 4 rad s⁻²
α = τ/I = 20/5 = 4 rad s⁻²।
A constant torque of 20 N m acts on a wheel of moment of inertia 5 kg m². The angular acceleration is
- 0.25 rad s⁻²
- 4 rad s⁻²
- 15 rad s⁻²
- 100 rad s⁻²
0.4 kg m² जड़त्व आघूर्ण का पहिया 10 rad s⁻¹ से घूमता है। इसकी घूर्णी गतिज ऊर्जा है
- 20 J
- 2 J
- 4 J
- 40 J
उत्तर
A. 20 J
K = ½ I ω² = ½ × 0.4 × 100 = 20 J।
A wheel of moment of inertia 0.4 kg m² rotates at 10 rad s⁻¹. Its rotational kinetic energy is
- 20 J
- 2 J
- 4 J
- 40 J
एक मोटर 20 rad s⁻¹ से घूमते शाफ़्ट पर 50 N m का बल-आघूर्ण लगाती है। दी गई शक्ति है
- 100 W
- 2.5 W
- 1000 W
- 70 W
उत्तर
C. 1000 W
P = τ ω = 50 × 20 = 1000 W।
A motor exerts a torque of 50 N m on a shaft rotating at 20 rad s⁻¹. The power delivered is
- 100 W
- 2.5 W
- 1000 W
- 70 W
5 kg द्रव्यमान का एक ठोस गोला समतल फर्श पर 2 m s⁻¹ की चाल से बिना फिसले लुढ़कता है। इसकी कुल गतिज ऊर्जा है
- 4 J
- 14 J
- 10 J
- 20 J
उत्तर
B. 14 J
K = ½ M v² (1 + 2/5) = ½ × 5 × 4 × 1.4 = 14 J। जाँच: स्थानांतरीय 10 J + घूर्णी 4 J।
A solid sphere of mass 5 kg rolls without slipping at a speed of 2 m s⁻¹ on a level floor. Its total kinetic energy is
- 4 J
- 14 J
- 10 J
- 20 J
एक ठोस चकती उस आनत तल पर बिना फिसले नीचे लुढ़कती है जिसके लिए sin θ = 0.6। g = 10 m s⁻² लेने पर इसका त्वरण है
- 3 m s⁻²
- 2.4 m s⁻²
- 6 m s⁻²
- 4 m s⁻²
उत्तर
D. 4 m s⁻²
a = g sin θ/(1 + ½) = 6/1.5 = 4 m s⁻²। जाँच: (2/3) × 6 = 4।
A solid disc rolls without slipping down an incline for which sin θ = 0.6. Taking g = 10 m s⁻², its acceleration is
- 3 m s⁻²
- 2.4 m s⁻²
- 6 m s⁻²
- 4 m s⁻²
एक वलय विराम से चलकर आनत तल पर 3.6 m की ऊर्ध्वाधर ऊँचाई तक बिना फिसले लुढ़कती है। g = 10 m s⁻² लेने पर तल पर इसकी चाल है
- 6 m s⁻¹
- 12 m s⁻¹
- 6√2 m s⁻¹
- 3 m s⁻¹
उत्तर
A. 6 m s⁻¹
M g h = ½ M v² + ½ M v² = M v², इसलिए v² = g h = 36 और v = 6 m s⁻¹।
A ring starts from rest and rolls without slipping down an incline through a vertical height of 3.6 m. Taking g = 10 m s⁻², its speed at the bottom is
- 6 m s⁻¹
- 12 m s⁻¹
- 6√2 m s⁻¹
- 3 m s⁻¹
R त्रिज्या की पतली वलय की, उसके केंद्र से गुजरने वाले तथा तल के लंबवत अक्ष के परितः घूर्णन त्रिज्या है
- R/√2
- R
- R/2
- 2R
उत्तर
B. R
I = M R² = M k², अतः k = R।
The radius of gyration of a thin ring of radius R about an axis through its centre perpendicular to its plane is
- R/√2
- R
- R/2
- 2R
किसी चपटी पट्टिका के तल में एक बिंदु से गुजरने वाले दो लंबवत अक्षों के परितः जड़त्व आघूर्ण 3 kg m² और 5 kg m² हैं। उसी बिंदु से पट्टिका के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है
- 4 kg m²
- 2 kg m²
- 15 kg m²
- 8 kg m²
उत्तर
D. 8 kg m²
लंबवत अक्षों की प्रमेय: I(z) = 3 + 5 = 8 kg m²।
For a flat plate, the moments of inertia about two perpendicular axes in its plane through a point are 3 kg m² and 5 kg m². The moment of inertia about the axis through the same point perpendicular to the plate is
- 4 kg m²
- 2 kg m²
- 15 kg m²
- 8 kg m²
एक एकसमान उत्तोलक तब संतुलित होता है जब आलंब से 30 cm दूर एक ओर 20 N का भार लटका हो और दूसरी ओर आलंब से 10 cm पर बल W लगे। W का मान है
- 600 N
- 20 N
- 60 N
- 6.7 N
उत्तर
C. 60 N
आघूर्णों का सिद्धांत: 20 × 30 = W × 10 से W = 60 N।
A uniform lever is balanced when a 20 N load hangs 30 cm from the pivot on one side and a force W acts 10 cm from the pivot on the other side. The value of W is
- 600 N
- 20 N
- 60 N
- 6.7 N
विराम में स्थित एक बम फटकर 1 kg और 3 kg के दो टुकड़ों में बँट जाता है। 3 kg का टुकड़ा 2 m s⁻¹ से पूर्व की ओर जाता है। 1 kg के टुकड़े की चाल है
- 2 m s⁻¹
- 12 m s⁻¹
- 6 m s⁻¹
- 3 m s⁻¹
उत्तर
C. 6 m s⁻¹
संवेग संरक्षण: 1 × v = 3 × 2, अतः v = 6 m s⁻¹ पश्चिम की ओर। द्रव्यमान केंद्र विराम में रहता है।
A bomb at rest explodes into two pieces of 1 kg and 3 kg. The 3 kg piece moves at 2 m s⁻¹ east. The speed of the 1 kg piece is
- 2 m s⁻¹
- 12 m s⁻¹
- 6 m s⁻¹
- 3 m s⁻¹
2 kg और 4 kg द्रव्यमान के दो कण एक हल्की छड़ से जुड़े हैं। निकाय पर 12 N का बाह्य बल लगता है। द्रव्यमान केंद्र का त्वरण है
- 2 m s⁻²
- 3 m s⁻²
- 1 m s⁻²
- 6 m s⁻²
उत्तर
A. 2 m s⁻²
a(cm) = F(ext)/M = 12/6 = 2 m s⁻²। आंतरिक बलों का कोई प्रभाव नहीं।
Two particles of masses 2 kg and 4 kg are joined by a light rod. An external force of 12 N acts on the system. The acceleration of the centre of mass is
- 2 m s⁻²
- 3 m s⁻²
- 1 m s⁻²
- 6 m s⁻²
समान द्रव्यमान और त्रिज्या की एक वलय और एक ठोस चकती को एक ही आनत तल के शीर्ष से विराम से एक साथ छोड़ा जाता है और वे बिना फिसले लुढ़कती हैं। कौन-सी पहले तल पर पहुँचेगी?
- वलय
- दोनों एक ही समय पर
- चकती
- यह उभयनिष्ठ द्रव्यमान पर निर्भर करता है
उत्तर
C. चकती
चकती: a = (2/3) g sin θ। वलय: a = (1/2) g sin θ। अधिक a से समय कम लगता है।
A ring and a solid disc of the same mass and radius are released together from rest at the top of the same incline and roll without slipping. Which one reaches the bottom first?
- The ring
- Both at the same time
- The disc
- It depends on the common mass
बिना फिसले लुढ़कते पतली दीवार वाले खोखले गोले की कुल गतिज ऊर्जा का कितना प्रतिशत घूर्णी होता है?
- 60%
- 40%
- 29%
- 50%
उत्तर
B. 40%
घूर्णी भिन्न = (k²/R²)/(1 + k²/R²) = (2/3)/(5/3) = 2/5 = 40%।
What percentage of its total kinetic energy is rotational for a thin-walled hollow sphere rolling without slipping?
- 60%
- 40%
- 29%
- 50%
3 kg द्रव्यमान और 1.5 m लंबाई की एकसमान छड़ एक सिरे से गुजरने वाले क्षैतिज अक्ष के परितः ऊर्ध्वाधर तल में घूम सकती है। इसे क्षैतिज स्थिति से छोड़ा जाता है। g = 10 m s⁻² लेने पर इसका प्रारंभिक कोणीय त्वरण है
- 5 rad s⁻²
- 20 rad s⁻²
- 40 rad s⁻²
- 10 rad s⁻²
उत्तर
D. 10 rad s⁻²
τ = m g L/2 = 3 × 10 × 0.75 = 22.5 N m; I = m L²/3 = 2.25 kg m²; α = 10 rad s⁻²। जाँच: 3g/2L = 30/3 = 10।
A uniform rod of mass 3 kg and length 1.5 m can rotate in a vertical plane about a horizontal axis through one end. It is released from the horizontal position. Taking g = 10 m s⁻², its initial angular acceleration is
- 5 rad s⁻²
- 20 rad s⁻²
- 40 rad s⁻²
- 10 rad s⁻²
एक पहिया विराम से चलकर एकसमान कोणीय त्वरण प्राप्त करता है, जिससे 5 s बाद उसका कोणीय वेग 20 rad s⁻¹ हो जाता है। इन 5 s में पहिया जिस कोण से घूमता है, वह है
- 200 rad
- 50 rad
- 25 rad
- 100 rad
उत्तर
B. 50 rad
α = 4 rad s⁻²; θ = ½ α t² = 50 rad। जाँच: θ = औसत ω × t = 10 × 5 = 50।
A wheel starts from rest and gains a uniform angular acceleration so that its angular velocity is 20 rad s⁻¹ after 5 s. The angle through which it turns in these 5 s is
- 200 rad
- 50 rad
- 25 rad
- 100 rad
एक ग्रह सूर्य की परिक्रमा करता है। सूर्य से उसकी निकटतम दूरी उसकी दूरतम दूरी की एक-चौथाई है। निकटतम बिंदु पर उसकी चाल और दूरतम बिंदु पर उसकी चाल का अनुपात है
- 4 : 1
- 1 : 4
- 2 : 1
- 16 : 1
उत्तर
A. 4 : 1
L = m v r संरक्षित है, इसलिए v ∝ 1/r और अनुपात 4 : 1 है।
A planet moves round the Sun. Its nearest distance from the Sun is one-fourth of its farthest distance. The ratio of its speed at the nearest point to that at the farthest point is
- 4 : 1
- 1 : 4
- 2 : 1
- 16 : 1
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: एकसमान वलय का द्रव्यमान केंद्र उसके केंद्र पर होता है। कथन II: वलय का कुछ द्रव्यमान उसके केंद्र पर होता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
द्रव्यमान केंद्र ऐसे बिंदु पर हो सकता है जहाँ कोई द्रव्यमान नहीं है।
Given below are two statements: Statement I: The centre of mass of a uniform ring lies at its centre. Statement II: There is some mass of the ring at its centre.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: आंतरिक बल किसी निकाय के द्रव्यमान केंद्र का वेग बदल सकते हैं। कथन II: केवल बाह्य बल ही द्रव्यमान केंद्र की गति बदल सकते हैं।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
आंतरिक बल जोड़ों में निरस्त हो जाते हैं।
Given below are two statements: Statement I: Internal forces can change the velocity of the centre of mass of a system. Statement II: Only external forces can change the motion of the centre of mass.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. बल-आघूर्ण और कार्य की विमाएँ समान हैं। 2. बल-आघूर्ण एक अदिश है। 3. कोणीय संवेग का मात्रक kg m² s⁻¹ है।
- 1 और 3 केवल
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 3 केवल
बल-आघूर्ण एक सदिश है, इसलिए कथन 2 गलत है।
Which of the following statements are correct? 1. Torque and work have the same dimensions. 2. Torque is a scalar. 3. The unit of angular momentum is kg m² s⁻¹.
- 1 and 3 only
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1, 2 and 3
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: नेट बाह्य बल-आघूर्ण शून्य होने पर कोणीय संवेग संरक्षित रहता है। कथन II: नेट बाह्य बल शून्य होने पर कोणीय संवेग संरक्षित रहता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
नेट बल शून्य होने का अर्थ नेट बल-आघूर्ण शून्य होना नहीं है, जैसे बलयुग्म में।
Given below are two statements: Statement I: Angular momentum is conserved when the net external torque is zero. Statement II: Angular momentum is conserved when the net external force is zero.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: लंबवत अक्षों की प्रमेय किसी भी त्रिविमीय पिंड पर लगाई जा सकती है। कथन II: समांतर अक्षों की प्रमेय किसी भी पिंड के लिए सत्य है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
लंबवत अक्षों की प्रमेय केवल समतल पटलों के लिए है।
Given below are two statements: Statement I: The perpendicular axes theorem can be applied to any three-dimensional body. Statement II: The parallel axes theorem holds for any body.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. वलय का अपने अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण M R² है। 2. ठोस गोले का व्यास के परितः जड़त्व आघूर्ण (2/5) M R² है। 3. छड़ का अपने सिरे के परितः जड़त्व आघूर्ण M L²/12 है।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 2 केवल
छड़ के लिए M L²/3 सिरे के परितः और M L²/12 केंद्र के परितः होता है।
Which of the following statements are correct? 1. The moment of inertia of a ring about its axis is M R². 2. The moment of inertia of a solid sphere about a diameter is (2/5) M R². 3. The moment of inertia of a rod about its end is M L²/12.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ठोस गोला, उसी द्रव्यमान और त्रिज्या के खोखले गोले की तुलना में आनत तल पर अधिक तेज़ी से लुढ़कता है। कथन II: ठोस गोले का k²/R² खोखले गोले से कम होता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
त्वरण = g sin θ/(1 + k²/R²), इसलिए k²/R² कम होने पर त्वरण अधिक होता है।
Given below are two statements: Statement I: A solid sphere rolls down an incline faster than a hollow sphere of the same mass and radius. Statement II: A solid sphere has a smaller k²/R² than a hollow sphere.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: शुद्ध लोटनिक गति में स्थैतिक घर्षण ऊर्जा को ऊष्मा के रूप में क्षय करता है। कथन II: लुढ़कती वस्तु का संपर्क बिंदु क्षणभर के लिए विराम में रहता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
संपर्क बिंदु विराम में होने के कारण स्थैतिक घर्षण कोई कार्य नहीं करता और ऊष्मा उत्पन्न नहीं करता।
Given below are two statements: Statement I: Static friction in pure rolling dissipates energy as heat. Statement II: The point of contact of a rolling body is instantaneously at rest.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: जब स्केटर बाँहें समेटती है, तो उसका कोणीय संवेग बढ़ जाता है। कथन II: जब स्केटर बाँहें समेटती है, तो उसकी गतिज ऊर्जा घट जाती है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
कोणीय संवेग वही रहता है; गतिज ऊर्जा इसलिए बढ़ती है क्योंकि वह कार्य करती है।
Given below are two statements: Statement I: When a skater pulls in her arms, her angular momentum increases. Statement II: When a skater pulls in her arms, her kinetic energy decreases.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: किसी पिंड का जड़त्व आघूर्ण सभी अक्षों के परितः समान होता है। कथन II: जड़त्व आघूर्ण इस पर निर्भर करता है कि द्रव्यमान अक्ष के सापेक्ष कैसे वितरित है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
I = Σ m r² चुने हुए अक्ष पर निर्भर करता है।
Given below are two statements: Statement I: The moment of inertia of a body is the same about all axes. Statement II: The moment of inertia depends on how the mass is distributed about the axis.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
अभिकथन (A): फ़िगर स्केटर बाँहें समेटने पर अधिक तेज़ घूमती है। कारण (R): स्केटर का कोणीय संवेग अचर रहता है और उसका जड़त्व आघूर्ण घटता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
I ω = अचर, इसलिए I कम होने पर ω अधिक होता है।
Assertion (A): A figure skater spins faster when she pulls her arms in. Reason (R): The angular momentum of the skater remains constant and her moment of inertia decreases.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): लंबवत अक्षों की प्रमेय पतली वृत्ताकार चकती पर लगाई जा सकती है। कारण (R): समांतर अक्षों की प्रमेय कहती है कि I = I(cm) + M d²।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों कथन सत्य हैं, पर दूसरा पहले की व्याख्या नहीं करता।
Assertion (A): The perpendicular axes theorem can be applied to a thin circular disc. Reason (R): The parallel axes theorem states that I = I(cm) + M d².
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): वलय का द्रव्यमान केंद्र उसके केंद्र पर होता है। कारण (R): वलय का पूरा द्रव्यमान उसके केंद्र पर केंद्रित होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
द्रव्यमान कोर पर है; द्रव्यमान केंद्र सममिति के कारण केंद्र पर है।
Assertion (A): The centre of mass of a ring lies at its centre. Reason (R): The whole mass of the ring is concentrated at its centre.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): गोताखोर हवा में तेज़ घूमने के लिए शरीर को सिकोड़ती है। कारण (R): सिकुड़ने से जड़त्व आघूर्ण बढ़ता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
सिकुड़ने से I घटता है, इसलिए ω बढ़ता है।
Assertion (A): A diver tucks her body to spin faster in the air. Reason (R): Tucking in increases the moment of inertia.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): बल-आघूर्ण एक सदिश राशि है। कारण (R): बल-आघूर्ण की विमाएँ [M L² T⁻²] हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
बल-आघूर्ण r × F है, एक सदिश। विमीय सूत्र सत्य है पर सदिश प्रकृति की व्याख्या नहीं करता।
Assertion (A): Torque is a vector quantity. Reason (R): The dimensions of torque are [M L² T⁻²].
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. वलय अपने अक्ष के परितः b. चकती अपने अक्ष के परितः c. ठोस गोला व्यास के परितः d. खोखला गोला व्यास के परितः। सूची II: i. (2/5) M R² ii. ½ M R² iii. (2/3) M R² iv. M R²
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-i, b-ii, c-iv, d-iii
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
उत्तर
D. a-iv, b-ii, c-i, d-iii
मानक मान।
Match List I with List II. List I: a. Ring about its axis b. Disc about its axis c. Solid sphere about a diameter d. Hollow sphere about a diameter. List II: i. (2/5) M R² ii. ½ M R² iii. (2/3) M R² iv. M R²
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-i, b-ii, c-iv, d-iii
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. बल-आघूर्ण b. कोणीय संवेग c. कोणीय वेग d. जड़त्व आघूर्ण। सूची II: i. [M L²] ii. [T⁻¹] iii. [M L² T⁻²] iv. [M L² T⁻¹]
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
उत्तर
B. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
बल-आघूर्ण [M L² T⁻²]; L [M L² T⁻¹]; ω [T⁻¹]; I [M L²]।
Match List I with List II. List I: a. Torque b. Angular momentum c. Angular velocity d. Moment of inertia. List II: i. [M L²] ii. [T⁻¹] iii. [M L² T⁻²] iv. [M L² T⁻¹]
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची II के मान आनत तल पर प्रत्येक लुढ़कती वस्तु का त्वरण g sin θ के भिन्न के रूप में देते हैं। सूची I: a. ठोस गोला b. ठोस चकती c. खोखला गोला d. वलय। सूची II: i. 1/2 ii. 3/5 iii. 5/7 iv. 2/3
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
उत्तर
C. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
a/(g sin θ) = 1/(1 + k²/R²): 5/7, 2/3, 3/5 और 1/2।
Match List I with List II. The List II values give the acceleration of each rolling body down an incline as a fraction of g sin θ. List I: a. Solid sphere b. Solid disc c. Hollow sphere d. Ring. List II: i. 1/2 ii. 3/5 iii. 5/7 iv. 2/3
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए (घूर्णी समतुल्य)। सूची I: a. द्रव्यमान b. बल c. रैखिक संवेग d. ½ m v²। सूची II: i. बल-आघूर्ण ii. I ω iii. जड़त्व आघूर्ण iv. ½ I ω²
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
उत्तर
D. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
द्रव्यमान ↔ I; बल ↔ बल-आघूर्ण; संवेग ↔ कोणीय संवेग; स्थानांतरीय K ↔ घूर्णी K।
Match List I with List II (rotational analogues). List I: a. Mass b. Force c. Linear momentum d. ½ m v². List II: i. Torque ii. I ω iii. Moment of inertia iv. ½ I ω²
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. 0.5 m त्रिज्या की 2 kg वलय का अपने अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण b. 0.2 m की भुजा के लंबवत लगने वाले 10 N बल का बल-आघूर्ण c. I = 3 kg m² और ω = 4 rad s⁻¹ के लिए कोणीय संवेग d. I = 2 kg m² और ω = 3 rad s⁻¹ के लिए गतिज ऊर्जा। सूची II: i. 12 kg m² s⁻¹ ii. 9 J iii. 0.5 kg m² iv. 2 N m
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
उत्तर
A. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
0.5 kg m²; 2 N m; 12 kg m² s⁻¹; ½ × 2 × 9 = 9 J।
Match List I with List II. List I: a. Moment of inertia of a 2 kg ring of radius 0.5 m about its axis b. Torque of a 10 N force acting perpendicular to an arm of 0.2 m c. Angular momentum for I = 3 kg m² and ω = 4 rad s⁻¹ d. Kinetic energy for I = 2 kg m² and ω = 3 rad s⁻¹. List II: i. 12 kg m² s⁻¹ ii. 9 J iii. 0.5 kg m² iv. 2 N m
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. एकसमान छड़ b. वलय c. ठोस गोला d. 4 m की दूरी पर स्थित 1 kg और 3 kg के कण। सूची II: i. 1 kg कण से 3 m पर ii. अपने मध्य बिंदु पर iii. केंद्र पर, जहाँ कोई द्रव्यमान नहीं है iv. गोले के केंद्र पर
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
उत्तर
A. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
(1 × 0 + 3 × 4)/4 = 1 kg कण से 3 m पर।
Match List I with List II. List I: a. Uniform rod b. Ring c. Solid sphere d. A 1 kg and a 3 kg particle 4 m apart. List II: i. 3 m from the 1 kg particle ii. at its midpoint iii. at the centre, where there is no mass iv. at the centre of the sphere
- a-ii, b-iii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i