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NEET भौतिकी: आधुनिक भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिकी · Chapter 4

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी

याद रखने योग्य बातें

  • शुद्ध अर्धचालक में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होलों की संख्या के बराबर होती है (nₑ = n_h = nᵢ)। पंचसंयोजी परमाणु मिलाने (अपमिश्रण, doping) से n-प्रकार का अर्धचालक और त्रिसंयोजी परमाणु मिलाने से p-प्रकार का अर्धचालक बनता है। प्रत्येक स्थिति में nₑ × n_h = nᵢ² रहता है।
  • p-n संधि में अवक्षय क्षेत्र (depletion region) और रोधिका विभव (barrier potential) होता है (सिलिकॉन के लिए लगभग 0.7 V, जर्मेनियम के लिए 0.3 V)। यह अग्र-अभिनति में भली-भाँति चालन करती है और पश्च-अभिनति में केवल अत्यल्प धारा देती है, इसलिए यह दिष्टकारी (rectifier) का कार्य करती है।
  • LED अग्र-अभिनत होता है, फोटोडायोड पश्च-अभिनत होता है, सौर सेल बिना बाह्य अभिनति के कार्य करता है, और ज़ेनर डायोड पश्च-भंजन (reverse breakdown) में वोल्टता नियामक के रूप में कार्य करता है।
  • अर्ध-तरंग दिष्टकारी का निर्गत आवृत्ति में निवेश के समान होता है। पूर्ण-तरंग दिष्टकारी का निर्गत निवेश की दुगुनी आवृत्ति का होता है। NAND और NOR सार्वत्रिक गेट (universal gates) हैं।

चालक, विद्युतरोधी और अर्धचालक: ऊर्जा बैंड

ठोस में पास-पास स्थित परमाणुओं के कारण बाह्य इलेक्ट्रॉनों के ऊर्जा स्तर बैंडों के रूप में फैल जाते हैं।

  • संयोजकता बैंड (Valence band): संयोजी इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जाओं का बैंड, जो निम्न ताप पर भरा हुआ या लगभग भरा हुआ होता है।
  • चालन बैंड (Conduction band): संयोजकता बैंड के ऊपर का बैंड, जिसमें इलेक्ट्रॉन मुक्त रूप से गति कर सकते हैं और चालन करते हैं।
  • ऊर्जा अंतराल (Energy gap, band gap) E_g: संयोजकता बैंड के शीर्ष और चालन बैंड के तल के बीच का अंतराल।
वर्गऊर्जा बैंड चित्रऊर्जा अंतरालप्रतिरोधकता (लगभग)
धातु (चालक)चालन और संयोजकता बैंड अतिव्यापित होते हैं, अथवा चालन बैंड आंशिक रूप से भरा होता हैशून्य या बहुत कम10⁻² से 10⁻⁸ Ω m
अर्धचालकछोटा अंतराललगभग 3 eV से कम; Ge 0.67 eV, Si 1.1 eV10⁻⁵ से 10⁶ Ω m
विद्युतरोधीबड़ा अंतराललगभग 3 eV से अधिक10¹¹ से 10¹⁹ Ω m
  • ताप बढ़ने पर कुछ इलेक्ट्रॉन ≥ E_g ऊर्जा प्राप्त कर चालन बैंड में पहुँच जाते हैं। इसलिए ताप बढ़ने पर अर्धचालक की चालकता बढ़ती है और प्रतिरोध घटता है। धातु में ताप के साथ प्रतिरोध बढ़ता है।

नैज अर्धचालक, इलेक्ट्रॉन और होल

नैज अर्धचालक (intrinsic semiconductor) शुद्ध अर्धचालक होता है, जैसे शुद्ध सिलिकॉन (Si) या जर्मेनियम (Ge)। प्रत्येक परमाणु के चार संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं और वह अपने पड़ोसियों के साथ चार सहसंयोजी आबंध बनाता है।

  • जब ऊष्मीय ऊर्जा से कोई आबंध टूटता है, तो एक इलेक्ट्रॉन मुक्त हो जाता है। जिस स्थान को वह छोड़ता है वह रिक्ति होती है, जिसे होल (hole) कहते हैं। होल आवेश +e वाले धनात्मक आवेश वाहक की भाँति व्यवहार करता है।
  • इलेक्ट्रॉन और होल जोड़ों में उत्पन्न होते हैं। अतः nₑ = n_h = nᵢ, जहाँ nᵢ नैज वाहक सांद्रता है।
  • कुल धारा इलेक्ट्रॉन धारा और होल धारा का योग होती है। विद्युत क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन धनात्मक टर्मिनल की ओर और होल ऋणात्मक टर्मिनल की ओर गति करते हैं।
  • ताप के साथ nᵢ बढ़ता है। कमरे के ताप पर सिलिकॉन के लिए nᵢ लगभग 1.5 × 10¹⁶ m⁻³ होता है।

बाह्य अर्धचालक: n-प्रकार और p-प्रकार

शुद्ध अर्धचालक में थोड़ी-सी अशुद्धि (अपमिश्रक, dopant, लगभग 10⁶ में 1 भाग) मिलाने से उसकी चालकता बहुत बढ़ जाती है। इसे अपमिश्रण कहते हैं और अपमिश्रित क्रिस्टल बाह्य अर्धचालक (extrinsic semiconductor) कहलाता है। अपमिश्रक आयन स्थिर रहते हैं और क्रिस्टल विद्युत उदासीन बना रहता है।

विशेषताn-प्रकारp-प्रकार
अपमिश्रकपंचसंयोजी (दाता): आर्सेनिक, फॉस्फोरस, ऐंटिमनीत्रिसंयोजी (ग्राही): बोरॉन, ऐलुमिनियम, गैलियम, इंडियम
अपमिश्रक के संयोजी इलेक्ट्रॉन53
प्रभावप्रत्येक अपमिश्रक परमाणु एक अतिरिक्त मुक्त इलेक्ट्रॉन देता हैप्रत्येक अपमिश्रक परमाणु एक होल बनाता है
बहुसंख्यक वाहकइलेक्ट्रॉनहोल
अल्पसंख्यक वाहकहोलइलेक्ट्रॉन
संबंधnₑ ≫ n_hn_h ≫ nₑ
कुल आवेशउदासीनउदासीन
  • द्रव्य-अनुपाती क्रिया नियम (Law of mass action): किसी निश्चित ताप पर प्रत्येक अर्धचालक के लिए nₑ × n_h = nᵢ² होता है। यदि अपमिश्रण से nₑ बढ़ता है, तो n_h घटता है।

p-n संधि

जब p-प्रकार और n-प्रकार के क्रिस्टल एक ही क्रिस्टल के रूप में जोड़े जाते हैं, तो p-n संधि बनती है।

  • 1. विसरण: इलेक्ट्रॉन n पक्ष (उच्च इलेक्ट्रॉन सांद्रता) से p पक्ष की ओर विसरित होते हैं। होल p पक्ष से n पक्ष की ओर विसरित होते हैं। इससे विसरण धारा बनती है।
  • 2. जो इलेक्ट्रॉन पार जाते हैं वे n पक्ष में स्थिर धनात्मक दाता आयन छोड़ जाते हैं। जो होल पार जाते हैं वे p पक्ष में स्थिर ऋणात्मक ग्राही आयन छोड़ जाते हैं।
  • 3. संधि के चारों ओर का एक क्षेत्र गतिशील वाहकों से रिक्त हो जाता है। यही अवक्षय क्षेत्र है। इसकी चौड़ाई 10⁻⁶ m कोटि की होती है।
  • 4. स्थिर आयन n पक्ष से p पक्ष की ओर एक विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करते हैं। यही रोधिका विभव है (Si के लिए लगभग 0.7 V और Ge के लिए 0.3 V)। यह क्षेत्र विसरण का विरोध करता है।
  • 5. यह क्षेत्र अल्पसंख्यक वाहकों को संधि के आर-पार चलाता है। यह अपवाह धारा (drift current) विसरण धारा के विपरीत होती है। साम्यावस्था में दोनों बराबर होती हैं और नेट धारा शून्य होती है।

चौड़ाई d के अवक्षय क्षेत्र में रोधिका विभव V हो तो क्षेत्र लगभग E = V/d होता है। 10⁻⁶ m के आर-पार 0.6 V के लिए E = 6 × 10⁵ V m⁻¹।

अर्धचालक डायोड: अग्र और पश्च अभिनति

दो धातु संपर्कों वाली p-n संधि डायोड है। इसका प्रतीक p पक्ष से n पक्ष की ओर संकेत करता तीर है, जिसके n पक्ष पर एक पट्टी होती है। तीर अग्र-अभिनति में परंपरागत धारा की दिशा दर्शाता है।

विशेषताअग्र अभिनतिपश्च अभिनति
संयोजनp धनात्मक टर्मिनल से, n ऋणात्मक टर्मिनल सेp ऋणात्मक टर्मिनल से, n धनात्मक टर्मिनल से
आरोपित क्षेत्ररोधिका क्षेत्र का विरोध करता हैरोधिका क्षेत्र में जुड़ता है
अवक्षय क्षेत्रसंकरा होता हैचौड़ा होता है
रोधिका की ऊँचाईघटती हैबढ़ती है
धाराअधिक (mA); बहुसंख्यक वाहक; नी-वोल्टता (knee voltage) पार होने पर तीव्रता से बढ़ती हैबहुत कम (μA); अल्पसंख्यक वाहक; लगभग नियत
प्रतिरोधकम (नी के पास कुछ ओम)बहुत अधिक

V–I अभिलक्षणिक वक्र, शब्दों में।

  • अग्र अभिनति में वोल्टता एक देहली मान (नी या कट-इन वोल्टता) पार करने तक धारा लगभग शून्य रहती है। यह Si के लिए लगभग 0.7 V और Ge के लिए 0.3 V है। इसके ऊपर धारा तेज़ी से बढ़ती है।
  • पश्च अभिनति में एक छोटी नियत धारा (पश्च संतृप्त धारा, μA में) बहती है, जो वोल्टता से लगभग स्वतंत्र होती है।
  • पर्याप्त उच्च पश्च वोल्टता (भंजन वोल्टता) पर पश्च धारा अचानक बढ़ जाती है, और साधारण डायोड क्षतिग्रस्त हो सकता है।

दिष्टकारी: अर्ध-तरंग और पूर्ण-तरंग

दिष्टकारी प्रत्यावर्ती वोल्टता को एकदिशीय (स्पंदमान) वोल्टता में बदलता है। यह डायोड के एकदिशीय चालन का उपयोग करता है।

अर्ध-तरंग दिष्टकारी। एक डायोड भार प्रतिरोधक R_L और AC स्रोत (ट्रांसफॉर्मर द्वारा) के श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है।

  • धनात्मक अर्ध-चक्र में डायोड अग्र-अभिनत होता है और चालन करता है। R_L के आर-पार निर्गत उस अर्ध-चक्र के आकार का होता है।
  • ऋणात्मक अर्ध-चक्र में डायोड पश्च-अभिनत होता है। कोई धारा नहीं बहती और निर्गत शून्य होता है।
  • निर्गत आवृत्ति निवेश आवृत्ति f के बराबर होती है (50 Hz निवेश के लिए प्रति सेकंड 50 स्पंद)।

पूर्ण-तरंग दिष्टकारी। मध्य-निर्गम (centre-tapped) ट्रांसफॉर्मर के साथ दो डायोड प्रयुक्त होते हैं। द्वितीयक कुंडली के दोनों भाग विपरीत कला की वोल्टताएँ देते हैं।

  • एक अर्ध-चक्र में डायोड D₁ चालन करता है और D₂ पश्च-अभिनत रहता है। अगले अर्ध-चक्र में D₂ चालन करता है और D₁ पश्च-अभिनत रहता है।
  • भार में धारा दोनों अर्ध-चक्रों में एक ही दिशा में बहती है।
  • निर्गत आवृत्ति 2f होती है (50 Hz निवेश के लिए प्रति सेकंड 100 स्पंद)।

पूर्ण-तरंग दिष्टकारी में दो डायोड होते हैं, वह दोनों अर्ध-चक्रों में चालन करता है, और उसकी उर्मिका (ripple) अर्ध-तरंग दिष्टकारी से कम होती है।

फ़िल्टर और उर्मिका। दिष्टकारी का निर्गत स्पंदमान DC होता है। इसके AC भाग को उर्मिका कहते हैं। भार के समांतर लगा संधारित्र फ़िल्टर का कार्य करता है: वोल्टता बढ़ने पर यह आवेशित होता है और वोल्टता घटने पर भार से होकर विसर्जित होता है। संधारित्र की धारिता जितनी अधिक हो, उर्मिका उतनी कम होती है।

विशेष प्रयोजन के डायोड

LED (प्रकाश उत्सर्जक डायोड)। GaAs, GaAsP या GaP जैसे पदार्थ से बनी प्रबल अपमिश्रित p-n संधि। यह अग्र-अभिनत होता है।

  • जब संधि के पास इलेक्ट्रॉन और होल पुनर्योजित होते हैं, तो ऊर्जा प्रकाश के रूप में उत्सर्जित होती है। फोटॉन की ऊर्जा लगभग ऊर्जा अंतराल के बराबर होती है, इसलिए रंग E_g पर निर्भर करता है।
  • यह अग्र अभिनति में कार्य करता है। इसका I–V वक्र साधारण डायोड जैसा होता है, पर इसकी नी-वोल्टता Si डायोड से अधिक (लगभग 1.5 V से 2.5 V) होती है।
  • तरंगदैर्घ्य: λ (nm) = 1240 / E (eV), जहाँ hc = 1240 eV nm। दृश्य प्रकाश के LED के लिए E_g लगभग 1.8 eV से 3 eV चाहिए।

फोटोडायोड (Photodiode)। ऐसी p-n संधि जो पश्च अभिनति में प्रचालित होती है और खिड़की द्वारा प्रकाश के संपर्क में रहती है।

  • ऊर्जा hν ≥ E_g वाला फोटॉन अवक्षय क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न करता है। ये पश्च धारा बढ़ाते हैं।
  • पश्च धारा प्रकाश की तीव्रता के साथ बढ़ती है। अतः इसका उपयोग प्रकाश संकेतों का संसूचन और प्रकाश की तीव्रता का मापन करने में होता है।

सौर सेल (Solar cell)। ऐसी p-n संधि जो बिना बाह्य अभिनति के प्रकाश को विद्युत शक्ति में बदलती है।

  • फोटॉन संधि के पास इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न करते हैं। संधि का क्षेत्र उन्हें पृथक करता है: इलेक्ट्रॉन n पक्ष में और होल p पक्ष में जाते हैं। p पक्ष धनात्मक और n पक्ष ऋणात्मक हो जाता है, इसलिए विद्युत वाहक बल (emf) उत्पन्न होता है।
  • I–V वक्र चौथे चतुर्थांश में खींचा जाता है, जहाँ वोल्टता धनात्मक और धारा ऋणात्मक होती है (सेल स्रोत है)।

ज़ेनर डायोड (Zener diode)। पश्च भंजन में कार्य करने के लिए बनाई गई प्रबल अपमिश्रित p-n संधि।

  • अग्र अभिनति में इसका I–V वक्र साधारण डायोड जैसा होता है। पश्च अभिनति में भंजन (ज़ेनर) वोल्टता V_Z तक धारा बहुत कम रहती है। फिर धारा तीव्रता से बढ़ती है जबकि डायोड के आर-पार वोल्टता लगभग V_Z पर नियत रहती है।
  • वोल्टता नियामक: ज़ेनर को पश्च अभिनति में भार के समांतर, श्रेणी प्रतिरोधक R_s के साथ जोड़ा जाता है। निवेश या भार बदलने पर अतिरिक्त धारा ज़ेनर से होकर जाती है और भार की वोल्टता V_Z पर बनी रहती है।
  • धारा संबंध: I (R_s से होकर) = (V_in − V_Z) / R_s; I_load = V_Z / R_L; I_Z = I − I_load।
युक्तिअभिनतिकार्य-सिद्धांतउपयोग
LEDअग्रपुनर्योजन से प्रकाश उत्सर्जित होता हैसूचक, डिस्प्ले
फोटोडायोडपश्चप्रकाश पश्च धारा बढ़ाता हैप्रकाश संसूचन
सौर सेलकोई नहींप्रकाश संधि पर emf उत्पन्न करता हैसूर्य के प्रकाश से शक्ति
ज़ेनर डायोडपश्च (भंजन)V_Z पर नियत वोल्टतावोल्टता नियामक

तर्क गेट

तर्क गेट (logic gates) ऐसे अंकीय परिपथ हैं जो बूलीय (Boolean) नियम का पालन करते हैं। निवेश और निर्गत 0 (निम्न) या 1 (उच्च) होते हैं।

गेटशब्दों में प्रतीकव्यंजकनियम
ORढाल जैसी आकृति (पीछे से वक्र) जिसमें दो निवेश और एक निर्गतY = A + Bकोई भी निवेश 1 हो तो निर्गत 1
ANDसपाट पीठ वाली D-आकार की आकृति जिसमें दो निवेशY = A · Bसभी निवेश 1 हों तभी निर्गत 1
NOTत्रिभुज जिसके निर्गत पर छोटा वृत्त; एक निवेशY = A̅निर्गत निवेश का विपरीत
NANDAND की आकृति जिसके निर्गत पर छोटा वृत्तY = (A · B)̅सभी निवेश 1 हों तभी निर्गत 0
NOROR की आकृति जिसके निर्गत पर छोटा वृत्तY = (A + B)̅सभी निवेश 0 हों तभी निर्गत 1

सत्यमान सारणी (Truth table):

ABORANDNANDNOR
000011
011010
101010
111100

NOT गेट: निवेश 0 हो तो निर्गत 1, और निवेश 1 हो तो निर्गत 0।

सरल संयोजन।

  • AND के बाद NOT = NAND। OR के बाद NOT = NOR।
  • जिस NAND गेट के दोनों निवेश जोड़ दिए जाएँ वह NOT गेट की भाँति कार्य करता है, क्योंकि Y = (A · A)̅ = A̅।
  • NAND और NOR गेट सार्वत्रिक गेट कहलाते हैं, क्योंकि इनसे कोई भी अन्य गेट बनाया जा सकता है।

हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न

उदाहरण 1. द्रव्य-अनुपाती क्रिया नियम। सिलिकॉन के एक नमूने में nᵢ = 1.5 × 10¹⁶ m⁻³ है। इसे इस प्रकार अपमिश्रित किया जाता है कि nₑ = 4.5 × 10²² m⁻³ हो जाए। n_h ज्ञात कीजिए।

n_h = nᵢ² / nₑ = (1.5 × 10¹⁶)² / (4.5 × 10²²) = 2.25 × 10³² / 4.5 × 10²² = 5 × 10⁹ m⁻³। नमूना n-प्रकार का है।

उदाहरण 2. प्रतिरोधक के श्रेणीक्रम में डायोड। एक सिलिकॉन डायोड (नी-वोल्टता 0.7 V) 430 Ω प्रतिरोधक और 5 V बैटरी के श्रेणीक्रम में अग्र-अभिनत है। धारा ज्ञात कीजिए।

प्रतिरोधक के आर-पार वोल्टता = 5 − 0.7 = 4.3 V। I = 4.3 / 430 = 0.01 A = 10 mA।

उदाहरण 3. ज़ेनर नियामक। 12 V की आपूर्ति 100 Ω प्रतिरोधक द्वारा 6 V के ज़ेनर डायोड से जुड़ी है, जो 200 Ω भार के समांतर है।

श्रेणी प्रतिरोधक में धारा = (12 − 6) / 100 = 0.06 A = 60 mA। भार धारा = 6 / 200 = 0.03 A = 30 mA। ज़ेनर धारा = 60 − 30 = 30 mA। ज़ेनर की शक्ति = 6 × 0.03 = 0.18 W।

उदाहरण 4. LED की तरंगदैर्घ्य। एक LED का ऊर्जा अंतराल 2.48 eV है। hc = 1240 eV nm लीजिए।

λ = 1240 / 2.48 = 500 nm। प्रकाश हरा है।

सूत्र-सारांश

नियतांक: e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C; h = 6.63 × 10⁻³⁴ J s; c = 3 × 10⁸ m s⁻¹; 1 eV = 1.6 × 10⁻¹⁹ J; hc = 1240 eV nm।

राशिसूत्रटिप्पणी
नैज वाहकnₑ = n_h = nᵢशुद्ध अर्धचालक
द्रव्य-अनुपाती क्रियाnₑ n_h = nᵢ²कोई भी अर्धचालक, नियत ताप
रोधिका क्षेत्रE = V/dV वोल्ट में, d m में
फोटॉन ऊर्जाE = hc/λ, अतः λ (nm) = 1240 / E (eV)तरंगदैर्घ्य से ऊर्जा अंतराल
युग्म उत्पन्न होने की शर्तhν ≥ E_gफोटोडायोड, सौर सेल
निर्गत आवृत्तिअर्ध-तरंग f; पूर्ण-तरंग 2ff निवेश आवृत्ति है
ज़ेनर धाराI_Z = (V_in − V_Z)/R_s − V_Z/R_Lज़ेनर नियामक
NOT, AND, ORA̅, A · B, A + Bबूलीय व्यंजक
NAND, NOR(A · B)̅, (A + B)̅सार्वत्रिक गेट

NEET में होने वाली भूलें

  • 1. p-प्रकार के अर्धचालक में होल बहुसंख्यक वाहक होते हैं, फिर भी क्रिस्टल विद्युत उदासीन रहता है। वह धनावेशित नहीं होता।
  • 2. n-प्रकार में पंचसंयोजी अपमिश्रक (दाता) और p-प्रकार में त्रिसंयोजी अपमिश्रक (ग्राही) प्रयुक्त होते हैं।
  • 3. पश्च धारा अल्पसंख्यक वाहक निर्धारित करते हैं। अग्र धारा बहुसंख्यक वाहक निर्धारित करते हैं।
  • 4. अग्र अभिनति में अवक्षय क्षेत्र संकरा होता है; पश्च अभिनति में चौड़ा होता है।
  • 5. नी-वोल्टता Si के लिए लगभग 0.7 V और Ge के लिए 0.3 V है। इन्हें आपस में न बदलें।
  • 6. ताप बढ़ने पर अर्धचालक का प्रतिरोध घटता है; धातु का प्रतिरोध बढ़ता है।
  • 7. पूर्ण-तरंग दिष्टकारी निर्गत आवृत्ति को दुगुना कर देता है; अर्ध-तरंग दिष्टकारी उसे नहीं बदलता।
  • 8. फोटोडायोड पश्च अभिनति में, LED अग्र अभिनति में तथा सौर सेल बिना अभिनति के कार्य करता है।
  • 9. ज़ेनर डायोड पश्च भंजन में, श्रेणी प्रतिरोधक के साथ प्रयुक्त होता है, और उसकी वोल्टता लगभग नियत रहती है।
  • 10. NAND गेट तभी 0 देता है जब सभी निवेश 1 हों; NOR गेट तभी 1 देता है जब सभी निवेश 0 हों। OR के बाद NOT, NOR होता है, NAND नहीं।

एक-पंक्ति सार

  • 1. सिलिकॉन का ऊर्जा अंतराल 1.1 eV और जर्मेनियम का 0.67 eV है।
  • 2. धातु में संयोजकता और चालन बैंड अतिव्यापित होते हैं।
  • 3. विद्युतरोधी का ऊर्जा अंतराल लगभग 3 eV से अधिक होता है।
  • 4. शुद्ध अर्धचालक में nₑ = n_h = nᵢ।
  • 5. पंचसंयोजी अपमिश्रक n-प्रकार का अर्धचालक बनाता है; त्रिसंयोजी अपमिश्रक p-प्रकार का अर्धचालक बनाता है।
  • 6. प्रत्येक अर्धचालक के लिए गुणनफल nₑ n_h, nᵢ² के बराबर होता है।
  • 7. अवक्षय क्षेत्र में कोई गतिशील वाहक नहीं होता और उसकी चौड़ाई लगभग 10⁻⁶ m होती है।
  • 8. रोधिका विभव Si के लिए लगभग 0.7 V और Ge के लिए 0.3 V है।
  • 9. अग्र अभिनति रोधिका को घटाती है; पश्च अभिनति उसे बढ़ाती है।
  • 10. 50 Hz निवेश के लिए अर्ध-तरंग दिष्टकारी 50 Hz निर्गत देता है; पूर्ण-तरंग दिष्टकारी 100 Hz देता है।
  • 11. भार के आर-पार जुड़ा संधारित्र उर्मिका घटाने के लिए फ़िल्टर का कार्य करता है।
  • 12. LED अग्र-अभिनत होता है और उसके प्रकाश का रंग उसके ऊर्जा अंतराल पर निर्भर करता है।
  • 13. फोटोडायोड पश्च-अभिनत होता है और उसकी धारा प्रकाश की तीव्रता के साथ बढ़ती है।
  • 14. ज़ेनर डायोड पश्च भंजन में वोल्टता को नियत रखता है।
  • 15. NAND और NOR गेट सार्वत्रिक गेट हैं।

अभ्यास प्रश्न

  1. निम्नलिखित में से किसका ऊर्जा अंतराल लगभग 1.1 eV है?

    1. कॉपर जैसी धातु
    2. जर्मेनियम
    3. सिलिकॉन
    4. हीरे जैसा विद्युतरोधी
    उत्तर

    C. सिलिकॉन

    Si का E_g = 1.1 eV और Ge का 0.67 eV है। धातु में अंतराल नहीं होता और विद्युतरोधी में लगभग 3 eV से अधिक होता है।

    Which of the following has an energy gap of about 1.1 eV?

    1. A metal such as copper
    2. Germanium
    3. Silicon
    4. An insulator such as diamond
  2. एक सिलिकॉन नमूने की नैज वाहक सांद्रता nᵢ = 2 × 10¹⁶ m⁻³ है। इसे इस प्रकार अपमिश्रित किया जाता है कि इलेक्ट्रॉन सांद्रता 1 × 10²² m⁻³ हो जाती है। होल सांद्रता है

    1. 4 × 10¹⁰ m⁻³
    2. 4 × 10⁵⁴ m⁻³
    3. 2 × 10⁻⁶ m⁻³
    4. 2 × 10¹⁰ m⁻³
    उत्तर

    A. 4 × 10¹⁰ m⁻³

    n_h = nᵢ²/nₑ = (2 × 10¹⁶)² / 10²² = 4 × 10³² / 10²² = 4 × 10¹⁰ m⁻³। जाँच: nₑ × n_h = 10²² × 4 × 10¹⁰ = 4 × 10³² = nᵢ²।

    A silicon sample has an intrinsic carrier concentration nᵢ = 2 × 10¹⁶ m⁻³. It is doped so that the electron concentration is 1 × 10²² m⁻³. The hole concentration is

    1. 4 × 10¹⁰ m⁻³
    2. 4 × 10⁵⁴ m⁻³
    3. 2 × 10⁻⁶ m⁻³
    4. 2 × 10¹⁰ m⁻³
  3. शुद्ध सिलिकॉन में किसे अपमिश्रित करने पर p-प्रकार का अर्धचालक प्राप्त होता है?

    1. फॉस्फोरस
    2. बोरॉन
    3. ऐंटिमनी
    4. आर्सेनिक
    उत्तर

    B. बोरॉन

    बोरॉन त्रिसंयोजी (ग्राही) है। फॉस्फोरस, आर्सेनिक और ऐंटिमनी पंचसंयोजी हैं और n-प्रकार देते हैं।

    A p-type semiconductor is obtained by doping pure silicon with

    1. phosphorus
    2. boron
    3. antimony
    4. arsenic
  4. p-प्रकार के अर्धचालक में बहुसंख्यक आवेश वाहक होते हैं

    1. इलेक्ट्रॉन
    2. गति कर सकने वाले धनायन
    3. गति कर सकने वाले ऋणायन
    4. होल
    उत्तर

    D. होल

    त्रिसंयोजी अपमिश्रण से होल बहुसंख्यक वाहक बनते हैं। आयन जालक में स्थिर रहते हैं।

    In a p-type semiconductor the majority charge carriers are

    1. electrons
    2. positive ions that can move
    3. negative ions that can move
    4. holes
  5. जर्मेनियम p-n संधि के आर-पार रोधिका विभव लगभग होता है

    1. 0.7 V
    2. 0.67 V
    3. 1.1 V
    4. 0.3 V
    उत्तर

    D. 0.3 V

    Ge के लिए लगभग 0.3 V और Si के लिए 0.7 V। (0.67 eV, Ge का ऊर्जा अंतराल है।)

    The barrier potential across a germanium p-n junction is about

    1. 0.7 V
    2. 0.67 V
    3. 1.1 V
    4. 0.3 V
  6. एक सिलिकॉन डायोड (नी-वोल्टता 0.7 V) 860 Ω प्रतिरोधक और 5 V के सेल के श्रेणीक्रम में अग्र-अभिनत है। धारा है

    1. 5 mA
    2. 8.1 mA
    3. 4.3 mA
    4. 5.8 mA
    उत्तर

    A. 5 mA

    R के आर-पार वोल्टता = 5 − 0.7 = 4.3 V। I = 4.3 / 860 = 5 × 10⁻³ A = 5 mA। जाँच: 5 mA × 860 Ω = 4.3 V।

    A silicon diode (knee voltage 0.7 V) is forward biased in series with a 860 Ω resistor and a 5 V cell. The current is

    1. 5 mA
    2. 8.1 mA
    3. 4.3 mA
    4. 5.8 mA
  7. एक पूर्ण-तरंग दिष्टकारी को 50 Hz आवृत्ति का AC निवेश दिया जाता है। निर्गत स्पंदों की आवृत्ति है

    1. 200 Hz
    2. 50 Hz
    3. 100 Hz
    4. 25 Hz
    उत्तर

    C. 100 Hz

    पूर्ण-तरंग दिष्टकारी की निर्गत आवृत्ति 2f = 100 Hz होती है।

    A full-wave rectifier is fed with an AC input of frequency 50 Hz. The frequency of the output pulses is

    1. 200 Hz
    2. 50 Hz
    3. 100 Hz
    4. 25 Hz
  8. 2 × 10⁻⁶ m चौड़ाई के अवक्षय क्षेत्र के आर-पार विभवांतर 0.6 V है। इस क्षेत्र में औसत विद्युत क्षेत्र है

    1. 1.2 × 10⁶ V m⁻¹
    2. 3 × 10⁵ V m⁻¹
    3. 1.2 × 10⁻⁶ V m⁻¹
    4. 3 × 10⁻⁶ V m⁻¹
    उत्तर

    B. 3 × 10⁵ V m⁻¹

    E = V/d = 0.6 / (2 × 10⁻⁶) = 3 × 10⁵ V m⁻¹। जाँच: 3 × 10⁵ × 2 × 10⁻⁶ = 0.6 V।

    A depletion region of width 2 × 10⁻⁶ m has a potential difference of 0.6 V across it. The average electric field in the region is

    1. 1.2 × 10⁶ V m⁻¹
    2. 3 × 10⁵ V m⁻¹
    3. 1.2 × 10⁻⁶ V m⁻¹
    4. 3 × 10⁻⁶ V m⁻¹
  9. एक LED का ऊर्जा अंतराल 2.0 eV है। hc = 1240 eV nm लेने पर इससे उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य लगभग है

    1. 620 nm
    2. 1240 nm
    3. 62 nm
    4. 310 nm
    उत्तर

    A. 620 nm

    λ = hc/E = 1240 / 2.0 = 620 nm। जाँच: 1240 / 620 = 2.0 eV।

    An LED has a band gap of 2.0 eV. Taking hc = 1240 eV nm, the wavelength of the light it emits is about

    1. 620 nm
    2. 1240 nm
    3. 62 nm
    4. 310 nm
  10. 400 nm तरंगदैर्घ्य का प्रकाश एक अर्धचालक पर पड़ता है। hc = 1240 eV nm लेने पर प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा है

    1. 4.96 eV
    2. 1.55 eV
    3. 3.1 eV
    4. 0.31 eV
    उत्तर

    C. 3.1 eV

    E = 1240 / 400 = 3.1 eV। जाँच: 3.1 eV × 400 nm = 1240 eV nm।

    Light of wavelength 400 nm falls on a semiconductor. Taking hc = 1240 eV nm, the energy of each photon is

    1. 4.96 eV
    2. 1.55 eV
    3. 3.1 eV
    4. 0.31 eV
  11. 15 V की आपूर्ति 9 V भंजन वोल्टता वाले ज़ेनर डायोड को 250 Ω श्रेणी प्रतिरोधक द्वारा दी जाती है। ज़ेनर डायोड के आर-पार 600 Ω का भार जुड़ा है। ज़ेनर डायोड से होकर धारा है

    1. 15 mA
    2. 39 mA
    3. 24 mA
    4. 9 mA
    उत्तर

    D. 9 mA

    कुल धारा = (15 − 9)/250 = 24 mA। भार धारा = 9/600 = 15 mA। I_Z = 24 − 15 = 9 mA।

    A 15 V supply feeds a Zener diode of breakdown voltage 9 V through a 250 Ω series resistor. A 600 Ω load is connected across the Zener diode. The current through the Zener diode is

    1. 15 mA
    2. 39 mA
    3. 24 mA
    4. 9 mA
  12. 620 nm तरंगदैर्घ्य का एक फोटॉन अर्धचालक में अवशोषित होता है। hc = 1240 eV nm लेने पर वह सबसे बड़ा ऊर्जा अंतराल, जिसके आर-पार यह फोटॉन इलेक्ट्रॉन-होल युग्म बना सकता है, लगभग है

    1. 1.2 eV
    2. 2.0 eV
    3. 0.5 eV
    4. 620 eV
    उत्तर

    B. 2.0 eV

    E = 1240 / 620 = 2.0 eV। 2.0 eV या इससे कम का अंतराल पार किया जा सकता है।

    A photon of wavelength 620 nm is absorbed in a semiconductor. Taking hc = 1240 eV nm, the largest band gap across which this photon can create an electron-hole pair is about

    1. 1.2 eV
    2. 2.0 eV
    3. 0.5 eV
    4. 620 eV
  13. एक NAND गेट के दोनों निवेश जोड़कर एक ही निवेश A बना दिया गया है। यह परिपथ व्यवहार करता है

    1. NOT गेट की भाँति
    2. AND गेट की भाँति
    3. NOR गेट की भाँति
    4. OR गेट की भाँति
    उत्तर

    A. NOT गेट की भाँति

    Y = (A · A)̅ = A̅। जब A = 0 तो निर्गत 1 और जब A = 1 तो निर्गत 0 होता है।

    A NAND gate has its two inputs joined together to a single input A. The circuit behaves as

    1. a NOT gate
    2. an AND gate
    3. a NOR gate
    4. an OR gate
  14. एक जर्मेनियम डायोड (नी-वोल्टता 0.3 V) 470 Ω प्रतिरोधक और 5 V के सेल के श्रेणीक्रम में अग्र-अभिनत है। धारा है

    1. 9.1 mA
    2. 10.6 mA
    3. 10 mA
    4. 11.3 mA
    उत्तर

    C. 10 mA

    R के आर-पार वोल्टता = 5 − 0.3 = 4.7 V। I = 4.7/470 = 0.01 A = 10 mA। जाँच: 10 mA × 470 Ω = 4.7 V।

    A germanium diode (knee voltage 0.3 V) is forward biased in series with a 470 Ω resistor and a 5 V cell. The current is

    1. 9.1 mA
    2. 10.6 mA
    3. 10 mA
    4. 11.3 mA
  15. जब किसी साधारण p-n संधि को अग्र-अभिनत किया जाता है, तो उसका अवक्षय क्षेत्र

    1. पूर्णतः लुप्त हो जाता है और किसी भी वोल्टता पर वैसा ही रहता है
    2. चौड़ा हो जाता है
    3. अपरिवर्तित रहता है
    4. संकरा हो जाता है
    उत्तर

    D. संकरा हो जाता है

    अग्र अभिनति रोधिका क्षेत्र का विरोध करती है, इसलिए रोधिका की ऊँचाई घटती है और अवक्षय क्षेत्र संकरा हो जाता है।

    When an ordinary p-n junction is forward biased, its depletion region

    1. disappears completely and stays so at any voltage
    2. becomes wider
    3. remains unchanged
    4. becomes narrower
  16. कौन-सा तर्क गेट तभी निर्गत 1 देता है जब उसके दोनों निवेश 0 हों?

    1. NAND
    2. NOR
    3. OR
    4. AND
    उत्तर

    B. NOR

    NOR(0, 0) = NOT(0 + 0) = 1; अन्य प्रत्येक निवेश के लिए निर्गत 0 होता है। NAND(0, 0) भी 1 है, परंतु NAND (0,1) और (1,0) के लिए भी 1 है।

    Which logic gate gives output 1 only when both of its inputs are 0?

    1. NAND
    2. NOR
    3. OR
    4. AND
  17. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: शुद्ध अर्धचालक में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होलों की संख्या के बराबर होती है। कथन II: n-प्रकार के अर्धचालक में इलेक्ट्रॉन और होल सांद्रताओं का गुणनफल nᵢ² के बराबर होता है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    इलेक्ट्रॉन और होल जोड़ों में उत्पन्न होते हैं। द्रव्य-अनुपाती क्रिया संबंध nₑ n_h = nᵢ² अपमिश्रित नमूनों के लिए भी सही है।

    Given below are two statements: Statement I: In a pure semiconductor the number of electrons equals the number of holes. Statement II: In an n-type semiconductor the product of the electron and hole concentrations is equal to nᵢ².

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  18. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ताप बढ़ने पर अर्धचालक का प्रतिरोध बढ़ता है। कथन II: p-प्रकार का अर्धचालक पंचसंयोजी अशुद्धि मिलाकर बनाया जाता है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं

    ताप के साथ अर्धचालक का प्रतिरोध घटता है, और p-प्रकार के लिए त्रिसंयोजी अशुद्धि चाहिए। दोनों गलत हैं।

    Given below are two statements: Statement I: The resistance of a semiconductor increases when its temperature rises. Statement II: A p-type semiconductor is made by doping with a pentavalent impurity.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  19. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: p-n संधि की पश्च धारा अल्पसंख्यक वाहकों के कारण होती है। कथन II: अग्र अभिनति विभव रोधिका की ऊँचाई बढ़ाती है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    पश्च धारा अल्पसंख्यक वाहकों द्वारा वहन की जाती है। अग्र अभिनति रोधिका को घटाती है, अतः कथन II गलत है।

    Given below are two statements: Statement I: The reverse current of a p-n junction is due to minority carriers. Statement II: Forward bias increases the height of the potential barrier.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  20. दिष्टकारियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. अर्ध-तरंग दिष्टकारी की निर्गत आवृत्ति निवेश आवृत्ति के बराबर होती है। 2. मध्य-निर्गम पूर्ण-तरंग दिष्टकारी में दो डायोड होते हैं। 3. पूर्ण-तरंग दिष्टकारी की निर्गत आवृत्ति निवेश आवृत्ति के बराबर होती है।

    1. 2 और 3 केवल
    2. 1 और 3 केवल
    3. 1 और 2 केवल
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर

    C. 1 और 2 केवल

    कथन 1 और 2 सही हैं। पूर्ण-तरंग दिष्टकारी 2f देता है, अतः 3 गलत है।

    Which of the following statements about rectifiers are correct? 1. The output frequency of a half-wave rectifier equals the input frequency. 2. A centre-tap full-wave rectifier uses two diodes. 3. The output frequency of a full-wave rectifier equals the input frequency.

    1. 2 and 3 only
    2. 1 and 3 only
    3. 1 and 2 only
    4. 1, 2 and 3
  21. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: सौर सेल को बाह्य अग्र अभिनति के साथ प्रचालित किया जाता है। कथन II: फोटोडायोड को पश्च अभिनति में प्रचालित किया जाता है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    सौर सेल बिना बाह्य अभिनति के कार्य करता है, अतः कथन I गलत है। फोटोडायोड पश्च-अभिनत होता है, अतः कथन II सही है।

    Given below are two statements: Statement I: A solar cell is operated with an external forward bias. Statement II: A photodiode is operated in reverse bias.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  22. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: वोल्टता नियामक के रूप में प्रयुक्त ज़ेनर डायोड पश्च अभिनति में जोड़ा जाता है। कथन II: भंजन में पहुँचने के पश्चात ज़ेनर डायोड के आर-पार वोल्टता लगभग नियत रहती है जबकि धारा बदलती रहती है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं

    दोनों सही हैं। भार पर यही नियत वोल्टता V_Z नियामक को कार्य करने योग्य बनाती है।

    Given below are two statements: Statement I: A Zener diode used as a voltage regulator is connected in reverse bias. Statement II: Once in breakdown, the voltage across a Zener diode stays almost constant while the current changes.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  23. ऊर्जा बैंडों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. धातु में चालन और संयोजकता बैंड अतिव्यापित होते हैं, अथवा चालन बैंड आंशिक रूप से भरा होता है। 2. जर्मेनियम का ऊर्जा अंतराल सिलिकॉन से कम है। 3. विद्युतरोधी का ऊर्जा अंतराल 1 eV से कम होता है।

    1. 1 केवल
    2. 1 और 2 केवल
    3. 2 और 3 केवल
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर

    B. 1 और 2 केवल

    1 और 2 सही हैं (Ge 0.67 eV, Si 1.1 eV)। विद्युतरोधी का अंतराल लगभग 3 eV से अधिक होता है, अतः 3 गलत है।

    Which of the following statements about energy bands are correct? 1. In a metal the conduction and valence bands overlap, or the conduction band is partly filled. 2. The band gap of germanium is smaller than that of silicon. 3. An insulator has a band gap of less than 1 eV.

    1. 1 only
    2. 1 and 2 only
    3. 2 and 3 only
    4. 1, 2 and 3
  24. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: OR गेट निवेश A = 1 और B = 0 के लिए निर्गत 1 देता है। कथन II: NAND गेट निवेश A = 0 और B = 0 के लिए निर्गत 0 देता है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    OR(1, 0) = 1। NAND(0, 0) = NOT(0 · 0) = 1, अतः कथन II गलत है।

    Given below are two statements: Statement I: An OR gate gives output 1 for inputs A = 1 and B = 0. Statement II: A NAND gate gives output 0 for inputs A = 0 and B = 0.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  25. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: 2.48 eV ऊर्जा अंतराल वाला LED 500 nm तरंगदैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित करता है (hc = 1240 eV nm)। कथन II: अधिक तरंगदैर्घ्य के प्रकाश के फोटॉनों की ऊर्जा अधिक होती है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है

    λ = 1240 / 2.48 = 500 nm। चूँकि E = hc/λ है, अधिक तरंगदैर्घ्य का अर्थ कम ऊर्जा है, अतः कथन II गलत है।

    Given below are two statements: Statement I: An LED with a band gap of 2.48 eV emits light of wavelength 500 nm (hc = 1240 eV nm). Statement II: Light of longer wavelength has photons of greater energy.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  26. निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: p-n संधि के अवक्षय क्षेत्र में बड़ी संख्या में गतिशील इलेक्ट्रॉन और होल होते हैं। कथन II: सिलिकॉन संधि का रोधिका विभव लगभग 0.7 V होता है।

    1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
    2. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
    3. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
    4. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
    उत्तर

    D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है

    अवक्षय क्षेत्र गतिशील वाहकों से रिक्त होता है, अतः कथन I गलत है। कथन II सही है।

    Given below are two statements: Statement I: The depletion region of a p-n junction contains a large number of mobile electrons and holes. Statement II: The barrier potential of a silicon junction is about 0.7 V.

    1. Both Statement I and Statement II are correct
    2. Both Statement I and Statement II are incorrect
    3. Statement I is correct but Statement II is incorrect
    4. Statement I is incorrect but Statement II is correct
  27. अभिकथन (A): ताप बढ़ने पर अर्धचालक का प्रतिरोध घटता है। कारण (R): उच्च ताप पर अधिक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न होते हैं।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    अधिक वाहकों का अर्थ अधिक चालकता है, अतः प्रतिरोध कम होता है।

    Assertion (A): The resistance of a semiconductor decreases as its temperature increases. Reason (R): More electron-hole pairs are created at a higher temperature.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  28. अभिकथन (A): अर्ध-तरंग दिष्टकारी का निर्गत आवृत्ति में निवेश के समान होता है। कारण (R): अर्ध-तरंग दिष्टकारी में एक ही डायोड प्रयुक्त होता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

    दोनों सत्य हैं। निवेश के प्रत्येक चक्र में एक स्पंद मिलता है क्योंकि केवल एक अर्ध-चक्र में चालन होता है; डायोडों की संख्या इसकी व्याख्या नहीं है।

    Assertion (A): A half-wave rectifier gives an output of the same frequency as the input. Reason (R): A half-wave rectifier uses a single diode.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  29. अभिकथन (A): NAND गेट एक सार्वत्रिक गेट है। कारण (R): NAND गेट तभी निर्गत 1 देता है जब उसके सभी निवेश 1 हों।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    C. A सत्य है लेकिन R असत्य है

    कोई भी गेट NAND गेटों से बनाया जा सकता है। सभी निवेश 1 होने पर NAND गेट 1 नहीं, 0 देता है, अतः R असत्य है।

    Assertion (A): The NAND gate is a universal gate. Reason (R): A NAND gate gives output 1 only when all its inputs are 1.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  30. अभिकथन (A): पश्च अभिनति में अवक्षय क्षेत्र की चौड़ाई घटती है। कारण (R): पश्च अभिनति विभव रोधिका की ऊँचाई बढ़ाती है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    D. A असत्य है लेकिन R सत्य है

    पश्च अभिनति अवक्षय क्षेत्र को चौड़ा करती है और रोधिका को ऊँचा करती है। A असत्य है और R सत्य है।

    Assertion (A): The width of the depletion region decreases in reverse bias. Reason (R): Reverse bias increases the height of the potential barrier.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  31. अभिकथन (A): ज़ेनर डायोड का उपयोग वोल्टता नियामक के रूप में होता है। कारण (R): भंजन में ज़ेनर डायोड के आर-पार वोल्टता धारा के विस्तृत परास में लगभग नियत रहती है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है

    लगभग नियत V_Z भार की वोल्टता को स्थिर रखती है।

    Assertion (A): A Zener diode is used as a voltage regulator. Reason (R): In breakdown the voltage across the Zener diode stays nearly constant over a wide range of current.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  32. अभिकथन (A): सौर सेल को उसके आर-पार अग्र-अभिनति बैटरी जोड़कर प्रचालित किया जाता है। कारण (R): सौर सेल emf देता है क्योंकि प्रकाश संधि पर इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न करता है, जिन्हें संधि का क्षेत्र पृथक कर देता है।

    1. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
    2. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
    3. A सत्य है लेकिन R असत्य है
    4. A असत्य है लेकिन R सत्य है
    उत्तर

    D. A असत्य है लेकिन R सत्य है

    सौर सेल बिना बाह्य अभिनति के कार्य करता है; A असत्य है। R उसकी कार्यविधि का सत्य वर्णन है।

    Assertion (A): A solar cell is operated with a forward-bias battery connected across it. Reason (R): A solar cell gives an emf because light creates electron-hole pairs at the junction, which the junction field separates.

    1. Both A and R are true and R is the correct explanation of A
    2. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
    3. A is true but R is false
    4. A is false but R is true
  33. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. LED b. फोटोडायोड c. सौर सेल d. ज़ेनर डायोड। सूची II: i. अग्र अभिनति ii. पश्च अभिनति iii. कोई बाह्य अभिनति नहीं iv. पश्च भंजन

    1. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    उत्तर

    B. a-i, b-ii, c-iii, d-iv

    LED अग्र-अभिनत होता है, फोटोडायोड पश्च-अभिनत, सौर सेल में कोई बाह्य अभिनति नहीं होती, और ज़ेनर डायोड पश्च भंजन में कार्य करता है।

    Match List I with List II. List I: a. LED b. Photodiode c. Solar cell d. Zener diode. List II: i. Forward bias ii. Reverse bias iii. No external bias iv. Reverse breakdown

    1. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
  34. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. n-प्रकार में बहुसंख्यक वाहक b. p-प्रकार में बहुसंख्यक वाहक c. नैज अर्धचालक d. ग्राही अशुद्धि। सूची II: i. इलेक्ट्रॉन ii. होल iii. इलेक्ट्रॉनों और होलों की समान संख्या iv. त्रिसंयोजी परमाणु

    1. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
    उत्तर

    B. a-i, b-ii, c-iii, d-iv

    n-प्रकार: इलेक्ट्रॉन; p-प्रकार: होल; नैज: nₑ = n_h; ग्राही एक त्रिसंयोजी परमाणु है।

    Match List I with List II. List I: a. Majority carriers in n-type b. Majority carriers in p-type c. Intrinsic semiconductor d. Acceptor impurity. List II: i. Electrons ii. Holes iii. Equal numbers of electrons and holes iv. Trivalent atom

    1. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    2. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-i, b-ii, c-iv, d-iii
  35. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: (गेट) a. OR b. AND c. NAND d. NOR। सूची II: (व्यंजक) i. (A + B)̅ ii. A · B iii. A + B iv. (A · B)̅

    1. a-iv, b-ii, c-iii, d-i
    2. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
    3. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    उत्तर

    D. a-iii, b-ii, c-iv, d-i

    OR, A + B है; AND, A · B है; NAND, (A · B)̅ है; NOR, (A + B)̅ है।

    Match List I with List II. List I (gate): a. OR b. AND c. NAND d. NOR. List II (expression): i. (A + B)̅ ii. A · B iii. A + B iv. (A · B)̅

    1. a-iv, b-ii, c-iii, d-i
    2. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
    3. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    4. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
  36. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. 50 Hz निवेश के लिए अर्ध-तरंग दिष्टकारी की निर्गत आवृत्ति b. 50 Hz निवेश के लिए पूर्ण-तरंग दिष्टकारी की निर्गत आवृत्ति c. मध्य-निर्गम पूर्ण-तरंग दिष्टकारी में डायोडों की संख्या d. अर्ध-तरंग दिष्टकारी में डायोडों की संख्या। सूची II: i. 100 Hz ii. 1 iii. 50 Hz iv. 2

    1. a-iii, b-i, c-iv, d-ii
    2. a-i, b-iii, c-iv, d-ii
    3. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    4. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
    उत्तर

    A. a-iii, b-i, c-iv, d-ii

    अर्ध-तरंग: एक डायोड के साथ f = 50 Hz। पूर्ण-तरंग: दो डायोड के साथ 2f = 100 Hz।

    Match List I with List II. List I: a. Output frequency of a half-wave rectifier for a 50 Hz input b. Output frequency of a full-wave rectifier for a 50 Hz input c. Number of diodes in a centre-tap full-wave rectifier d. Number of diodes in a half-wave rectifier. List II: i. 100 Hz ii. 1 iii. 50 Hz iv. 2

    1. a-iii, b-i, c-iv, d-ii
    2. a-i, b-iii, c-iv, d-ii
    3. a-iv, b-iii, c-i, d-ii
    4. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
  37. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. सिलिकॉन का ऊर्जा अंतराल b. जर्मेनियम का ऊर्जा अंतराल c. सिलिकॉन संधि का रोधिका विभव d. जर्मेनियम संधि का रोधिका विभव। सूची II: i. 0.3 V ii. 0.67 eV iii. 1.1 eV iv. 0.7 V

    1. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
    2. a-iv, b-ii, c-iii, d-i
    3. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    उत्तर

    C. a-iii, b-ii, c-iv, d-i

    Si: 1.1 eV और 0.7 V। Ge: 0.67 eV और 0.3 V।

    Match List I with List II. List I: a. Band gap of silicon b. Band gap of germanium c. Barrier potential of silicon junction d. Barrier potential of germanium junction. List II: i. 0.3 V ii. 0.67 eV iii. 1.1 eV iv. 0.7 V

    1. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
    2. a-iv, b-ii, c-iii, d-i
    3. a-iii, b-ii, c-iv, d-i
    4. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
  38. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. धातु b. अर्धचालक c. विद्युतरोधी d. अग्र-अभिनत p-n संधि। सूची II: i. ऊर्जा अंतराल लगभग 3 eV से अधिक ii. चालन और संयोजकता बैंड अतिव्यापित iii. छोटा ऊर्जा अंतराल, लगभग 3 eV से कम iv. अवक्षय क्षेत्र संकरा होता है

    1. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    2. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
    उत्तर

    A. a-ii, b-iii, c-i, d-iv

    धातु: अतिव्यापित बैंड; अर्धचालक: छोटा अंतराल; विद्युतरोधी: बड़ा अंतराल; अग्र अभिनति अवक्षय क्षेत्र को संकरा करती है।

    Match List I with List II. List I: a. Metal b. Semiconductor c. Insulator d. Forward-biased p-n junction. List II: i. Band gap greater than about 3 eV ii. Conduction and valence bands overlap iii. Small band gap, less than about 3 eV iv. Depletion region narrows

    1. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
    2. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
    3. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
    4. a-ii, b-iii, c-iv, d-i
  39. एक संकेत A किसी OR गेट के एक निवेश पर जाता है। संकेत B एक NOT गेट से होकर उसी OR गेट के दूसरे निवेश पर जाता है। निवेश मानों (A, B) के किस संयोजन के लिए निर्गत Y = 0 होगा?

    1. A = 1, B = 0
    2. A = 0, B = 1
    3. A = 1, B = 1
    4. A = 0, B = 0
    उत्तर

    B. A = 0, B = 1

    Y = A + B̅। Y = 0 के लिए A = 0 और B̅ = 0 चाहिए, अतः B = 1। पंक्ति जाँच: (0,0) से 0 + 1 = 1; (0,1) से 0 + 0 = 0; (1,0) से 1; (1,1) से 1।

    A signal A goes to one input of an OR gate. A signal B goes through a NOT gate to the other input of the same OR gate. For which input values (A, B) is the output Y equal to 0?

    1. A = 1, B = 0
    2. A = 0, B = 1
    3. A = 1, B = 1
    4. A = 0, B = 0
  40. एक NOR गेट का निर्गत NOT गेट को दिया जाता है। यह संयोजन एकल व्यवहार करता है

    1. NOT गेट की भाँति
    2. AND गेट की भाँति
    3. NAND गेट की भाँति
    4. OR गेट की भाँति
    उत्तर

    D. OR गेट की भाँति

    NOT(NOR(A, B)) = A + B। पंक्ति जाँच: (0,0) → NOR 1 → 0; (0,1) → 0 → 1; (1,0) → 0 → 1; (1,1) → 0 → 1। यह OR की सत्यमान सारणी है।

    The output of a NOR gate is fed into a NOT gate. The combination behaves as a single

    1. NOT gate
    2. AND gate
    3. NAND gate
    4. OR gate
  41. 8 V भंजन वोल्टता का ज़ेनर डायोड 400 Ω भार के समांतर जुड़ा है। यह संयोजन 200 Ω श्रेणी प्रतिरोधक द्वारा 18 V स्रोत से जुड़ा है। ज़ेनर डायोड में क्षयित शक्ति है

    1. 0.9 W
    2. 0.16 W
    3. 0.4 W
    4. 0.24 W
    उत्तर

    D. 0.24 W

    कुल धारा = (18 − 8)/200 = 50 mA। भार धारा = 8/400 = 20 mA। I_Z = 30 mA। P = 8 × 0.03 = 0.24 W।

    A Zener diode of breakdown voltage 8 V is connected in parallel with a 400 Ω load. The combination is connected to an 18 V source through a 200 Ω series resistor. The power dissipated in the Zener diode is

    1. 0.9 W
    2. 0.16 W
    3. 0.4 W
    4. 0.24 W
  42. एक फोटोडायोड का ऊर्जा अंतराल 1.24 eV है। hc = 1240 eV nm लेने पर यह लगभग कितनी तरंगदैर्घ्य तक के प्रकाश का संसूचन कर सकता है?

    1. 500 nm
    2. 1000 nm
    3. 1.0 nm
    4. 2000 nm
    उत्तर

    B. 1000 nm

    युग्म उत्पन्न होने के लिए hν ≥ E_g चाहिए, अतः λ ≤ hc/E_g = 1240 / 1.24 = 1000 nm।

    A photodiode has a band gap of 1.24 eV. Taking hc = 1240 eV nm, it can detect light of wavelength up to about

    1. 500 nm
    2. 1000 nm
    3. 1.0 nm
    4. 2000 nm
  43. एक विद्यार्थी दिष्टकारी के भार प्रतिरोधक के आर-पार बहुत बड़ा संधारित्र जोड़ता है। निर्गत वोल्टता में उर्मिका

    1. बढ़ेगी
    2. 100% हो जाएगी और निर्गत शून्य हो जाएगा
    3. घटेगी
    4. ठीक वैसी ही रहेगी
    उत्तर

    C. घटेगी

    बड़ा संधारित्र भार से होकर अधिक धीरे विसर्जित होता है, इसलिए निर्गत अधिक समतल होता है और उर्मिका घटती है।

    A student connects a much larger capacitor across the load resistor of a rectifier. The ripple in the output voltage will

    1. increase
    2. become 100% and the output will be zero
    3. decrease
    4. remain exactly the same
  44. एक n-प्रकार के सिलिकॉन क्रिस्टल की इलेक्ट्रॉन सांद्रता 5 × 10²² m⁻³ है। सिलिकॉन की नैज सांद्रता 1.5 × 10¹⁶ m⁻³ है। होल सांद्रता है

    1. 4.5 × 10⁹ m⁻³
    2. 7.5 × 10³⁸ m⁻³
    3. 1.5 × 10¹⁶ m⁻³
    4. 3 × 10⁻⁷ m⁻³
    उत्तर

    A. 4.5 × 10⁹ m⁻³

    n_h = nᵢ²/nₑ = 2.25 × 10³² / 5 × 10²² = 4.5 × 10⁹ m⁻³। होल अल्पसंख्यक वाहक हैं।

    An n-type silicon crystal has an electron concentration of 5 × 10²² m⁻³. The intrinsic concentration of silicon is 1.5 × 10¹⁶ m⁻³. The hole concentration is

    1. 4.5 × 10⁹ m⁻³
    2. 7.5 × 10³⁸ m⁻³
    3. 1.5 × 10¹⁶ m⁻³
    4. 3 × 10⁻⁷ m⁻³
  45. एक पूर्ण-तरंग दिष्टकारी को 50 Hz AC आपूर्ति दी जाती है। दो क्रमागत निर्गत स्पंदों के बीच का समय-अंतराल है

    1. 5 ms
    2. 20 ms
    3. 100 ms
    4. 10 ms
    उत्तर

    D. 10 ms

    निर्गत आवृत्ति = 100 Hz। T = 1/100 = 0.01 s = 10 ms। जाँच: निवेश का आवर्तकाल 20 ms है और प्रत्येक आवर्तकाल में दो स्पंद आते हैं।

    A full-wave rectifier is fed with a 50 Hz AC supply. The time interval between two successive output pulses is

    1. 5 ms
    2. 20 ms
    3. 100 ms
    4. 10 ms
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