नाभिक
याद रखने योग्य बातें
- नाभिक की त्रिज्या R = R₀A^(1/3) होती है, जहाँ R₀ = 1.2 fm है; इसलिए इसका आयतन A के समानुपाती है और घनत्व सभी नाभिकों के लिए समान (लगभग 2.3 × 10¹⁷ kg m⁻³) होता है।
- द्रव्यमान-क्षति (mass defect) Δm = [Zm_p + (A − Z)m_n] − M(नाभिक); Δm को u में लेने पर बंधन ऊर्जा = Δm × 931.5 MeV होती है।
- प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा A = 56 (लोहे का क्षेत्र) के पास लगभग 8.8 MeV के शिखर तक बढ़ती है। भारी नाभिक विखंडन (fission) से तथा बहुत हल्के नाभिक संलयन (fusion) से ऊर्जा मुक्त करते हैं।
- नाभिकीय बल प्रबल, लघु-परास (कुछ fm), आवेश-निरपेक्ष, संतृप्त होता है तथा लगभग 1 fm पर आकर्षी और इससे कम दूरी पर प्रतिकर्षी होता है।
नाभिक का संघटन और परमाणु द्रव्यमान
परमाणु में केंद्र पर नाभिक होता है और उसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन होते हैं। नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं, जिन्हें सम्मिलित रूप से न्यूक्लिऑन (nucleon) कहते हैं।
- प्रोटॉन: आवेश +e, द्रव्यमान m_p = 1.00727 u (लगभग 1.673 × 10⁻²⁷ kg)।
- न्यूट्रॉन: आवेशरहित, द्रव्यमान m_n = 1.00867 u (लगभग 1.675 × 10⁻²⁷ kg)।
- परमाणु क्रमांक Z = प्रोटॉनों की संख्या। द्रव्यमान संख्या A = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या। न्यूट्रॉन संख्या N = A − Z।
- न्यूक्लाइड (nuclide) को ᴬ_Z X से लिखते हैं। उदाहरण के लिए, U-235 में Z = 92, A = 235 और N = 143 है।
परमाणु द्रव्यमान मात्रक (u): एक u कार्बन-12 के एक परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 होता है। 1 u = 1.66 × 10⁻²⁷ kg। द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध से 1 u, 931.5 MeV के तुल्य है (इसे 931.5 MeV/c² लिखते हैं)।
| पद | समान | भिन्न | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| समस्थानिक (Isotopes) | Z (प्रोटॉन संख्या) | A और N | ¹H, ²H, ³H |
| समभारिक (Isobars) | A (द्रव्यमान संख्या) | Z और N | ³H और ³He |
| समन्यूट्रॉनिक (Isotones) | N (न्यूट्रॉन संख्या) | Z और A | ³H (N = 2) और ⁴He (N = 2) |
किसी तत्व के समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं, क्योंकि उनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है। अधिकांश तत्व समस्थानिकों के मिश्रण होते हैं, इसलिए तत्व का परमाणु द्रव्यमान उसके समस्थानिकों के द्रव्यमानों का भारित औसत होता है।
नाभिक का आकार और घनत्व
प्रयोगों से पता चलता है कि नाभिकीय त्रिज्या द्रव्यमान संख्या पर निर्भर करती है:
R = R₀A^(1/3), जहाँ R₀ = 1.2 × 10⁻¹⁵ m = 1.2 fm (1 fm = 10⁻¹⁵ m)।
परिणाम:
- नाभिक का आयतन = (4/3)πR³ = (4/3)πR₀³A। अतः आयतन A के समानुपाती है।
- प्रत्येक न्यूक्लिऑन लगभग समान आयतन घेरता है। इसलिए घनत्व A पर निर्भर नहीं करता।
- नाभिकीय घनत्व ρ = (द्रव्यमान) / (आयतन) = A × (1.66 × 10⁻²⁷ kg) / [(4/3)π(1.2 × 10⁻¹⁵ m)³A] ≈ 2.3 × 10¹⁷ kg m⁻³।
- यह जल के घनत्व का लगभग 10¹⁴ गुना है। सभी नाभिकों का घनत्व लगभग समान होता है।
- दो नाभिकों की त्रिज्याओं का अनुपात R₁/R₂ = (A₁/A₂)^(1/3) होता है।
| नाभिक | A | त्रिज्या R = 1.2 × A^(1/3) fm |
|---|---|---|
| हीलियम-4 | 4 | लगभग 1.9 fm |
| कार्बन-12 | 12 | लगभग 2.7 fm |
| ऐलुमिनियम-27 | 27 | 3.6 fm |
| यूरेनियम-238 | 238 | लगभग 7.4 fm |
द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता, द्रव्यमान-क्षति और बंधन ऊर्जा
आइंस्टाइन ने बताया कि द्रव्यमान और ऊर्जा तुल्य हैं: E = mc²। यदि द्रव्यमान m लुप्त होता है, तो ऊर्जा mc² प्रकट होती है। c = 3 × 10⁸ m s⁻¹ लेने पर 1 kg द्रव्यमान 9 × 10¹⁶ J के तुल्य है।
द्रव्यमान-क्षति (Mass defect)। किसी स्थायी नाभिक का द्रव्यमान उसके अलग-अलग न्यूक्लिऑनों के द्रव्यमानों के योग से सदैव कम होता है। इस अंतर को द्रव्यमान-क्षति कहते हैं:
Δm = [Z m_p + (A − Z) m_n] − M
जहाँ M नाभिक का द्रव्यमान है। (जब परमाणु द्रव्यमान प्रयुक्त किए जाते हैं, तब प्रोटॉन के द्रव्यमान के स्थान पर हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान m_H = 1.00783 u लिया जाता है, जिससे इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमान कट जाते हैं।)
बंधन ऊर्जा (Binding energy)। बंधन ऊर्जा E_b वह ऊर्जा है जो नाभिक को मुक्त न्यूक्लिऑनों में अलग करने के लिए आवश्यक होती है। यह द्रव्यमान-क्षति के ऊर्जा-तुल्य के बराबर होती है:
E_b = Δm c² = Δm (u में) × 931.5 MeV
प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा = E_b / A। यह बताती है कि न्यूक्लिऑन कितनी दृढ़ता से बँधा है। इसका मान अधिक होने का अर्थ है कि नाभिक अधिक स्थायी है।
| नाभिक | प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा (लगभग) |
|---|---|
| ड्यूटीरियम ²H | 1.1 MeV |
| हीलियम-4 | 7.1 MeV |
| ऑक्सीजन-16 | 8.0 MeV |
| लोहा-56 | 8.8 MeV |
| यूरेनियम-238 | 7.6 MeV |
प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा वक्र, शब्दों में।
- बहुत हल्के नाभिकों के लिए मान छोटा होता है (²H के लिए लगभग 1.1 MeV) और A के साथ तीव्रता से बढ़ता है।
- हल्के नाभिकों में हीलियम-4 एक शिखर है: यह असामान्य रूप से स्थायी है (7.1 MeV प्रति न्यूक्लिऑन)।
- A = 30 से A = 170 के बीच वक्र लगभग सपाट रहता है, लगभग 8 MeV प्रति न्यूक्लिऑन पर। यह सबसे अधिक स्थायी नाभिकों का परास है।
- अधिकतम मान लगभग 8.8 MeV है, जो A = 56 (लोहे का क्षेत्र) के पास होता है।
- शिखर के पश्चात वक्र धीरे-धीरे गिरता है। A = 238 पर यह लगभग 7.6 MeV है।
वक्र के परिणाम।
- विखंडन: भारी नाभिक (A लगभग 240) दो मध्यम द्रव्यमान के नाभिकों (A लगभग 120) में टूटता है। उत्पादों की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा अधिक होती है, लगभग 8.5 MeV, जबकि मूल की 7.6 MeV है। यह अंतर ऊर्जा के रूप में मुक्त होता है।
- संलयन: दो बहुत हल्के नाभिक जुड़कर भारी नाभिक बनाते हैं। उत्पाद की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा अधिक होती है। यह अंतर ऊर्जा के रूप में मुक्त होता है।
- दोनों प्रक्रमों में नाभिक शिखर की ओर बढ़ते हैं और कुल बंधन ऊर्जा बढ़ जाती है। यही वृद्धि मुक्त ऊर्जा के रूप में प्रकट होती है।
नाभिकीय बल और उसके गुण
नाभिक में प्रोटॉन विद्युत बल से एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, फिर भी नाभिक स्थायी रहता है। अतः न्यूक्लिऑनों के बीच कोई अधिक प्रबल आकर्षण बल अवश्य होगा। यही नाभिकीय बल है।
| गुण | कथन |
|---|---|
| प्रबलता | नाभिकीय दूरियों पर विद्युत बल और गुरुत्वीय बल से बहुत अधिक प्रबल |
| परास | लघु: कुछ fm। लगभग 2.5 fm से 3 fm के पश्चात यह नगण्य हो जाता है |
| प्रकृति | लगभग 1 fm की दूरियों पर आकर्षी, तथा न्यूक्लिऑन लगभग 0.8 fm से अधिक निकट आएँ तो प्रतिकर्षी |
| आवेश | आवेश-निरपेक्ष: p–p, n–n और n–p बल लगभग बराबर होते हैं |
| संतृप्तता | न्यूक्लिऑन केवल अपने निकट पड़ोसियों से अन्योन्यक्रिया करता है, इसलिए प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा लगभग नियत रहती है |
| निर्भरता | यह केंद्रीय, व्युत्क्रम-वर्ग बल नहीं है; यह स्पिन पर भी निर्भर करता है |
लघु परास के कारण मध्यम और भारी नाभिकों के लिए प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा लगभग नियत हो जाती है। विद्युत प्रतिकर्षण का परास लंबा होने के कारण बड़े नाभिकों में प्रति न्यूक्लिऑन बंधन कम दृढ़ हो जाता है, और A = 56 के पश्चात वक्र गिरने लगता है।
नाभिकीय ऊर्जा: विखंडन
नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) भारी नाभिक का तुलनीय द्रव्यमान के दो हल्के नाभिकों में टूटना है, जिसमें ऊर्जा और न्यूट्रॉन मुक्त होते हैं।
U-235 के साथ एक प्रारूपिक अभिक्रिया:
n + ²³⁵U → ²³⁶U* → ¹⁴¹Ba + ⁹²Kr + 3 n + ऊर्जा
- एक मंद (ऊष्मीय) न्यूट्रॉन को U-235 अवशोषित कर लेता है और अस्थायी यौगिक नाभिक U-236 बनाता है।
- यौगिक नाभिक दो खंडों में टूटता है और दो या तीन न्यूट्रॉन मुक्त करता है।
- U-235 के एक नाभिक के प्रति विखंडन में लगभग 200 MeV ऊर्जा मुक्त होती है।
- इस ऊर्जा का अधिकांश भाग खंडों की गतिज ऊर्जा के रूप में प्रकट होता है, और अंततः ऊष्मा बन जाता है।
श्रृंखला अभिक्रिया (Chain reaction)। एक विखंडन में मुक्त न्यूट्रॉन अन्य नाभिकों में विखंडन करा सकते हैं, और वे आगे और न्यूट्रॉन मुक्त करते हैं। यदि औसतन एक से अधिक मुक्त न्यूट्रॉन अगला विखंडन कराता है, तो विखंडनों की संख्या तेज़ी से बढ़ती है। यही श्रृंखला अभिक्रिया है।
- अनियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया: ऊर्जा बहुत कम समय में मुक्त होती है, जैसे नाभिकीय बम में।
- नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया: प्रति विखंडन ठीक एक न्यूट्रॉन को अगला विखंडन कराने दिया जाता है, जिससे अभिक्रिया एकसमान दर से चलती रहती है। इसका उपयोग नाभिकीय रिएक्टर में होता है।
नाभिकीय रिएक्टर संक्षेप में।
| भाग | कार्य |
|---|---|
| ईंधन | विखंडनीय पदार्थ, जैसे संवर्धित यूरेनियम (U-235) |
| मंदक (Moderator) | तीव्र न्यूट्रॉनों को ऊष्मीय चालों तक मंद करता है; भारी जल, ग्रेफाइट या साधारण जल |
| नियंत्रक छड़ें (Control rods) | अभिक्रिया की दर नियंत्रित करने के लिए न्यूट्रॉन अवशोषित करती हैं; कैडमियम या बोरॉन की छड़ें |
| शीतलक (Coolant) | भाप बनाने के लिए ऊष्मा बाहर ले जाता है; जल या द्रव सोडियम |
| परिरक्षण (Shielding) | मोटी कंक्रीट की दीवारें हानिकारक विकिरण को अवशोषित करती हैं |
प्राकृतिक यूरेनियम में केवल लगभग 0.7% U-235 होता है, और U-235 के विखंडन के लिए मंद न्यूट्रॉन चाहिए। इसलिए मंदक आवश्यक है।
नाभिकीय ऊर्जा: संलयन
नाभिकीय संलयन (Nuclear fusion) दो हल्के नाभिकों का जुड़कर भारी नाभिक बनाना है, जिसमें ऊर्जा मुक्त होती है।
उदाहरण:
- ¹H + ¹H → ²H + e⁺ + ν + 0.42 MeV
- ²H + ²H → ³He + n + 3.27 MeV
- ²H + ²H → ³H + ¹H + 4.03 MeV
- ²H + ³H → ⁴He + n + 17.6 MeV
- सभी नाभिक धनावेशित होते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। संलयन के लिए नाभिकों को नाभिकीय बल के परास में आना होगा। इसके लिए 10⁷ K से 10⁸ K कोटि का बहुत उच्च ताप और उच्च दाब चाहिए। इसीलिए संलयन को तापनाभिकीय अभिक्रिया (thermonuclear reaction) कहते हैं।
- प्रति इकाई द्रव्यमान ऊर्जा: संलयन में प्रति न्यूक्लिऑन विखंडन से अधिक ऊर्जा मुक्त होती है। विखंडन में ईंधन के प्रति न्यूक्लिऑन लगभग 0.9 MeV तथा हाइड्रोजन के हीलियम में रूपांतरण में संलयन से ईंधन के प्रति न्यूक्लिऑन लगभग 6.7 MeV मिलते हैं।
तारों में ऊर्जा। सूर्य और अन्य तारे अपने तप्त क्रोड में संलयन से ऊर्जा प्राप्त करते हैं। प्रोटॉन–प्रोटॉन चक्र का कुल परिणाम यह है कि चार हाइड्रोजन नाभिक (प्रोटॉन) संलयित होकर एक हीलियम-4 नाभिक बनाते हैं:
4 ¹H → ⁴He + 2 e⁺ + 2 ν + 26.7 MeV
प्रत्येक बने हीलियम नाभिक के लिए ऊर्जा लगभग 26 MeV होती है। तारे का प्रचंड गुरुत्वीय आकर्षण तप्त गैस को आवश्यक ताप पर एक साथ बाँधे रखता है।
| विशेषता | विखंडन | संलयन |
|---|---|---|
| प्रक्रम | भारी नाभिक टूटता है | हल्के नाभिक जुड़ते हैं |
| प्रति अभिक्रिया ऊर्जा | लगभग 200 MeV | लगभग 3 से 25 MeV |
| प्रति इकाई द्रव्यमान ऊर्जा | कम | अधिक |
| शर्त | मंद न्यूट्रॉन | बहुत उच्च ताप (10⁷ K या अधिक) |
| नियंत्रण | रिएक्टर में संभव | अभी बड़े पैमाने पर बनाए रखना संभव नहीं |
| उदाहरण | U-235 रिएक्टर | सूर्य, तारे |
हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न
उदाहरण 1. त्रिज्या और घनत्व। द्रव्यमान संख्या 125 वाले नाभिक की त्रिज्या ज्ञात कीजिए और उसकी तुलना द्रव्यमान संख्या 8 वाले नाभिक की त्रिज्या से कीजिए।
R(125) = 1.2 × 125^(1/3) = 1.2 × 5 = 6.0 fm। R(8) = 1.2 × 2 = 2.4 fm। त्रिज्याओं का अनुपात 5 : 2 है। दोनों नाभिकों का घनत्व समान है।
उदाहरण 2. हीलियम-4 की बंधन ऊर्जा। दिया है m_p = 1.0073 u, m_n = 1.0087 u और हीलियम नाभिक का द्रव्यमान 4.0015 u। बंधन ऊर्जा तथा प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
अलग-अलग न्यूक्लिऑनों का द्रव्यमान = 2(1.0073) + 2(1.0087) = 2.0146 + 2.0174 = 4.0320 u।
Δm = 4.0320 − 4.0015 = 0.0305 u।
E_b = 0.0305 × 931.5 = 28.4 MeV (लगभग)।
प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा = 28.4 / 4 = 7.1 MeV।
उदाहरण 3. विखंडन में मुक्त ऊर्जा। U-235 का एक नाभिक (प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा 7.6 MeV) दो खंडों में टूटता है, जिनमें प्रत्येक की द्रव्यमान संख्या लगभग 117 और प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा 8.5 MeV है। मुक्त ऊर्जा का आकलन कीजिए।
पहले की कुल बंधन ऊर्जा = 235 × 7.6 = 1786 MeV। पश्चात = 234 × 8.5 = 1989 MeV (खंडों में 234 न्यूक्लिऑन लेकर और मुक्त न्यूट्रॉनों की उपेक्षा करके)। मुक्त ऊर्जा लगभग 203 MeV है, जो मानक 200 MeV के निकट है। शीघ्र आकलन: 235 × (8.5 − 7.6) = 211 MeV।
उदाहरण 4. द्रव्यमान से ऊर्जा। यदि 1 g पदार्थ पूर्णतः ऊर्जा में बदल जाए: E = mc² = 10⁻³ × (3 × 10⁸)² = 9 × 10¹³ J।
उदाहरण 5. संलयन ऊर्जा। अभिक्रिया ²H + ²H → ³He + n के लिए द्रव्यमान 2.0141 u, 3.0160 u और 1.0087 u लीजिए।
पहले का द्रव्यमान = 2 × 2.0141 = 4.0282 u। पश्चात का द्रव्यमान = 3.0160 + 1.0087 = 4.0247 u। Δm = 0.0035 u। Q = 0.0035 × 931.5 = 3.26 MeV, जो लगभग 3.27 MeV है।
सूत्र-सारांश
नियतांक: 1 u = 1.66 × 10⁻²⁷ kg = 931.5 MeV/c²; c = 3 × 10⁸ m s⁻¹; 1 eV = 1.6 × 10⁻¹⁹ J; 1 MeV = 1.6 × 10⁻¹³ J; 1 fm = 10⁻¹⁵ m; N_A = 6.02 × 10²³ mol⁻¹; R₀ = 1.2 fm।
| राशि | सूत्र | प्रतीक और मात्रक |
|---|---|---|
| न्यूट्रॉन संख्या | N = A − Z | A द्रव्यमान संख्या, Z परमाणु क्रमांक |
| नाभिकीय त्रिज्या | R = R₀A^(1/3) | R, m या fm में, R₀ = 1.2 fm |
| नाभिकीय घनत्व | ρ = 3m_u / (4πR₀³) | लगभग 2.3 × 10¹⁷ kg m⁻³ |
| द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध | E = mc² | E, J में; m, kg में |
| द्रव्यमान-क्षति | Δm = Z m_p + (A − Z) m_n − M | u या kg में |
| बंधन ऊर्जा | E_b = Δm × 931.5 MeV | Δm, u में |
| प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा | E_b / A | MeV प्रति न्यूक्लिऑन |
| मुक्त ऊर्जा (Q मान) | Q = (अभिकारकों का द्रव्यमान − उत्पादों का द्रव्यमान) × 931.5 MeV | द्रव्यमान u में |
NEET में होने वाली भूलें
- 1. समस्थानिकों में Z समान, समभारिकों में A समान तथा समन्यूट्रॉनिकों में N समान होता है। विद्यार्थी इन्हें आपस में बदल देते हैं।
- 2. नाभिकीय घनत्व A पर निर्भर नहीं करता। केवल त्रिज्या A^(1/3) पर निर्भर करती है।
- 3. त्रिज्या A के घनमूल पर निर्भर करती है, A पर नहीं। 8 गुनी द्रव्यमान संख्या वाले नाभिक की त्रिज्या केवल दो गुनी होती है।
- 4. नाभिक का द्रव्यमान उसके न्यूक्लिऑनों के योग से कम होता है। यदि आप द्रव्यमान जोड़कर नाभिकीय द्रव्यमान घटाएँ, तो परिणाम धनात्मक आना चाहिए।
- 5. 1 u का मान 931.5 MeV है, 931.5 J नहीं। जब Δm u में हो तो MeV का प्रयोग कीजिए।
- 6. प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा A = 56 के पास सर्वाधिक होती है; सबसे भारी नाभिक के लिए नहीं और सबसे हल्के के लिए भी नहीं।
- 7. लोहे का क्षेत्र सबसे अधिक स्थायी है, परंतु हीलियम-4 की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा अपने पड़ोसियों से अधिक है; यह एक स्थानीय शिखर है।
- 8. विखंडन और संलयन दोनों ऊर्जा मुक्त करते हैं, क्योंकि उत्पाद नाभिक शिखर के निकट होते हैं। लोहे से हल्के नाभिकों का विखंडन या लोहे से भारी नाभिकों का संलयन कराने में ऊर्जा देनी पड़ेगी।
- 9. नाभिकीय बल विद्युत बल नहीं है। यह न्यूट्रॉनों के बीच भी लगता है और आवेश-निरपेक्ष है।
- 10. मंदक न्यूट्रॉनों को मंद करता है; नियंत्रक छड़ें उन्हें अवशोषित करती हैं। दोनों एक नहीं हैं।
एक-पंक्ति सार
- 1. न्यूक्लिऑन प्रोटॉन या न्यूट्रॉन होता है।
- 2. द्रव्यमान संख्या A = Z + N।
- 3. समस्थानिकों में Z समान, समभारिकों में A समान तथा समन्यूट्रॉनिकों में N समान होता है।
- 4. 1 u = कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 = 1.66 × 10⁻²⁷ kg।
- 5. 1 u, 931.5 MeV के तुल्य है।
- 6. R = R₀A^(1/3), जहाँ R₀ = 1.2 fm।
- 7. नाभिकीय घनत्व लगभग 2.3 × 10¹⁷ kg m⁻³ है और सभी नाभिकों के लिए समान है।
- 8. द्रव्यमान-क्षति अलग-अलग न्यूक्लिऑनों के द्रव्यमान और नाभिकीय द्रव्यमान का अंतर है।
- 9. बंधन ऊर्जा वह ऊर्जा है जो नाभिक को उसके न्यूक्लिऑनों में तोड़ने के लिए आवश्यक है।
- 10. प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा A = 56 के पास लगभग 8.8 MeV पर शिखर पर होती है।
- 11. नाभिकीय बल लघु-परास, प्रबल, आवेश-निरपेक्ष और संतृप्त होता है।
- 12. विखंडन में भारी नाभिक टूटता है और U-235 के प्रत्येक नाभिक के लिए लगभग 200 MeV मुक्त होता है।
- 13. नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया में प्रत्येक विखंडन का ठीक एक न्यूट्रॉन अगला विखंडन कराता है।
- 14. मंदक न्यूट्रॉनों को मंद करता है; नियंत्रक छड़ें (कैडमियम, बोरॉन) न्यूट्रॉन अवशोषित करती हैं।
- 15. संलयन के लिए लगभग 10⁷ K या अधिक ताप चाहिए और यह सूर्य को ऊर्जा देता है।
अभ्यास प्रश्न
द्रव्यमान संख्या 64 वाले नाभिक की त्रिज्या है (R₀ = 1.2 fm लीजिए)
- 4.8 fm
- 76.8 fm
- 9.6 fm
- 3.6 fm
उत्तर
A. 4.8 fm
R = R₀A^(1/3) = 1.2 × 64^(1/3) = 1.2 × 4 = 4.8 fm। जाँच: 4.8/1.2 = 4 और 4³ = 64।
The radius of a nucleus of mass number 64 is (take R₀ = 1.2 fm)
- 4.8 fm
- 76.8 fm
- 9.6 fm
- 3.6 fm
द्रव्यमान संख्या 216 वाले नाभिक की त्रिज्या और द्रव्यमान संख्या 27 वाले नाभिक की त्रिज्या का अनुपात है
- 3 : 1
- 4 : 1
- 8 : 1
- 2 : 1
उत्तर
D. 2 : 1
R ∝ A^(1/3)। (216/27)^(1/3) = 8^(1/3) = 2। जाँच: 6/3 = 2।
The ratio of the radius of a nucleus of mass number 216 to that of a nucleus of mass number 27 is
- 3 : 1
- 4 : 1
- 8 : 1
- 2 : 1
नाभिकीय भौतिकी में एक परमाणु द्रव्यमान मात्रक (1 u) का ऊर्जा-तुल्य लगभग होता है
- 931.5 eV
- 931.5 MeV
- 93.15 MeV
- 9.315 MeV
उत्तर
B. 931.5 MeV
1 u = 1.66 × 10⁻²⁷ kg; E = mc² = 1.49 × 10⁻¹⁰ J = 931.5 MeV।
In nuclear physics, the energy equivalent of one atomic mass unit (1 u) is about
- 931.5 eV
- 931.5 MeV
- 93.15 MeV
- 9.315 MeV
हीलियम नाभिक का द्रव्यमान 4.0015 u है। m_p = 1.0073 u, m_n = 1.0087 u और 1 u = 931.5 MeV लीजिए। नाभिक की बंधन ऊर्जा लगभग है
- 56.8 MeV
- 14.2 MeV
- 28.4 MeV
- 7.1 MeV
उत्तर
C. 28.4 MeV
Δm = 2(1.0073) + 2(1.0087) − 4.0015 = 0.0305 u। E_b = 0.0305 × 931.5 = 28.4 MeV (7.1 MeV प्रति न्यूक्लिऑन)।
A helium nucleus has mass 4.0015 u. Take m_p = 1.0073 u and m_n = 1.0087 u and 1 u = 931.5 MeV. The binding energy of the nucleus is about
- 56.8 MeV
- 14.2 MeV
- 28.4 MeV
- 7.1 MeV
द्रव्यमान संख्या 56 वाले लोहे के नाभिक की कुल बंधन ऊर्जा 492 MeV है। इसकी प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा लगभग है
- 88 MeV
- 8.8 MeV
- 17.6 MeV
- 4.4 MeV
उत्तर
B. 8.8 MeV
492 / 56 = 8.79 MeV। जाँच: 56 × 8.8 = 492.8।
The total binding energy of an iron nucleus of mass number 56 is 492 MeV. Its binding energy per nucleon is about
- 88 MeV
- 8.8 MeV
- 17.6 MeV
- 4.4 MeV
यदि 1 g पदार्थ पूर्णतः ऊर्जा में बदल जाए, तो मुक्त ऊर्जा है (c = 3 × 10⁸ m s⁻¹)
- 3 × 10⁵ J
- 9 × 10¹⁰ J
- 9 × 10¹⁶ J
- 9 × 10¹³ J
उत्तर
D. 9 × 10¹³ J
m = 10⁻³ kg। E = mc² = 10⁻³ × 9 × 10¹⁶ = 9 × 10¹³ J।
If 1 g of matter is converted completely into energy, the energy released is (c = 3 × 10⁸ m s⁻¹)
- 3 × 10⁵ J
- 9 × 10¹⁰ J
- 9 × 10¹⁶ J
- 9 × 10¹³ J
द्रव्यमान संख्या 64 वाले नाभिक के घनत्व का द्रव्यमान संख्या 8 वाले नाभिक के घनत्व से अनुपात है
- 1 : 1
- 2 : 1
- 1 : 2
- 8 : 1
उत्तर
A. 1 : 1
द्रव्यमान ∝ A और आयतन ∝ R³ ∝ A, अतः घनत्व A से स्वतंत्र है। अनुपात 1 : 1 है।
The ratio of the density of a nucleus of mass number 64 to the density of a nucleus of mass number 8 is
- 1 : 1
- 2 : 1
- 1 : 2
- 8 : 1
²³⁵₉₂U के नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या है
- 92
- 327
- 143
- 235
उत्तर
C. 143
N = A − Z = 235 − 92 = 143।
The number of neutrons in a nucleus of ²³⁵₉₂U is
- 92
- 327
- 143
- 235
कौन-सा न्यूक्लाइड युग्म समन्यूट्रॉनिक (isotones) है?
- ¹³₆C and ¹⁴₇N
- ¹²₆C and ¹⁴₆C
- ¹⁴₇N and ¹⁶₈O
- ¹⁴₆C and ¹⁴₇N
उत्तर
A. ¹³₆C and ¹⁴₇N
समन्यूट्रॉनिकों में न्यूट्रॉन संख्या समान होती है। ¹³₆C में 13 − 6 = 7 और ¹⁴₇N में 14 − 7 = 7 न्यूट्रॉन हैं। दूसरा युग्म समभारिक है, तीसरा समस्थानिक है, और चौथे में 7 तथा 8 न्यूट्रॉन हैं।
Which pair of nuclides are isotones?
- ¹³₆C and ¹⁴₇N
- ¹²₆C and ¹⁴₆C
- ¹⁴₇N and ¹⁶₈O
- ¹⁴₆C and ¹⁴₇N
प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा लगभग किस द्रव्यमान संख्या के नाभिकों के लिए अधिकतम होती है?
- 4
- 56
- 120
- 238
उत्तर
B. 56
वक्र A = 56 (लोहे का क्षेत्र) के पास लगभग 8.8 MeV प्रति न्यूक्लिऑन पर शिखर पर होता है।
The binding energy per nucleon is greatest for nuclei of mass number about
- 4
- 56
- 120
- 238
U-235 के एक नाभिक के विखंडन में मुक्त ऊर्जा लगभग होती है
- 20 MeV
- 200 eV
- 2000 MeV
- 200 MeV
उत्तर
D. 200 MeV
U-235 के प्रति विखंडन में लगभग 200 MeV मुक्त होता है।
The energy released in the fission of one U-235 nucleus is about
- 20 MeV
- 200 eV
- 2000 MeV
- 200 MeV
नाभिकीय बल का परास किस कोटि का होता है?
- 10⁻¹⁰ m
- अनंत, गुरुत्वाकर्षण की भाँति
- कुछ फेम्टोमीटर (10⁻¹⁵ m)
- 10⁻²⁰ m
उत्तर
C. कुछ फेम्टोमीटर (10⁻¹⁵ m)
नाभिकीय बल लघु-परास है, कुछ fm; लगभग 2.5 से 3 fm के पश्चात यह नगण्य हो जाता है।
The range of the nuclear force is of the order of
- 10⁻¹⁰ m
- infinite, like gravitation
- a few femtometres (10⁻¹⁵ m)
- 10⁻²⁰ m
नाभिकीय रिएक्टर में नियंत्रक छड़ें किसलिए प्रयुक्त होती हैं?
- न्यूट्रॉन अवशोषित करके श्रृंखला अभिक्रिया की दर नियंत्रित करने के लिए
- ईंधन को अतिरिक्त न्यूट्रॉन देने के लिए
- तीव्र न्यूट्रॉनों को मंद करने के लिए
- ऊष्मा को भाप जनित्र तक ले जाने के लिए
उत्तर
A. न्यूट्रॉन अवशोषित करके श्रृंखला अभिक्रिया की दर नियंत्रित करने के लिए
नियंत्रक छड़ें (कैडमियम या बोरॉन) न्यूट्रॉन अवशोषित करती हैं। मंद करने का कार्य मंदक करता है और ऊष्मा हटाने का कार्य शीतलक करता है।
In a nuclear reactor the control rods are used to
- absorb neutrons and so control the rate of the chain reaction
- supply extra neutrons to the fuel
- slow down fast neutrons
- carry the heat to the steam generator
1 kg U-235 में परमाणुओं की संख्या (1000/235) × 6.02 × 10²³ ली जाती है। यदि प्रत्येक नाभिक विखंडित होकर 200 MeV मुक्त करे (1 MeV = 1.6 × 10⁻¹³ J), तो मुक्त ऊर्जा लगभग है
- 1.9 × 10¹³ J
- 8.2 × 10¹⁰ J
- 8.2 × 10¹⁶ J
- 8.2 × 10¹³ J
उत्तर
D. 8.2 × 10¹³ J
N = 2.56 × 10²⁴। E = 2.56 × 10²⁴ × 200 × 1.6 × 10⁻¹³ = 8.2 × 10¹³ J। जाँच: 8.2 × 10¹³ J, 5.1 × 10²⁶ MeV है, और 5.1 × 10²⁶ / 2.56 × 10²⁴ = 200 MeV।
The number of atoms in 1 kg of U-235 is taken as (1000/235) × 6.02 × 10²³. If every nucleus undergoes fission releasing 200 MeV (1 MeV = 1.6 × 10⁻¹³ J), the energy released is about
- 1.9 × 10¹³ J
- 8.2 × 10¹⁰ J
- 8.2 × 10¹⁶ J
- 8.2 × 10¹³ J
एक रिएक्टर विखंडन से 200 MW शक्ति उत्पन्न करता है, प्रत्येक विखंडन से 200 MeV मिलता है (1 MeV = 1.6 × 10⁻¹³ J)। प्रति सेकंड विखंडनों की संख्या है
- 1.25 × 10¹⁹
- 6.25 × 10²⁴
- 6.25 × 10¹⁸
- 6.25 × 10¹⁵
उत्तर
C. 6.25 × 10¹⁸
प्रति विखंडन ऊर्जा = 200 × 1.6 × 10⁻¹³ = 3.2 × 10⁻¹¹ J। दर = 2 × 10⁸ / 3.2 × 10⁻¹¹ = 6.25 × 10¹⁸ s⁻¹।
A reactor produces 200 MW of power from fission, each fission giving 200 MeV (1 MeV = 1.6 × 10⁻¹³ J). The number of fissions per second is
- 1.25 × 10¹⁹
- 6.25 × 10²⁴
- 6.25 × 10¹⁸
- 6.25 × 10¹⁵
अभिक्रिया ²H + ²H → ³He + n में द्रव्यमान 2.0141 u, 3.0160 u और 1.0087 u हैं। 1 u = 931.5 MeV लेने पर मुक्त ऊर्जा लगभग है
- 33 MeV
- 3.3 MeV
- 6.5 MeV
- 0.0035 MeV
उत्तर
B. 3.3 MeV
Δm = 4.0282 − 4.0247 = 0.0035 u। Q = 0.0035 × 931.5 = 3.26 MeV।
In the reaction ²H + ²H → ³He + n, the masses are 2.0141 u, 3.0160 u and 1.0087 u. Using 1 u = 931.5 MeV, the energy released is about
- 33 MeV
- 3.3 MeV
- 6.5 MeV
- 0.0035 MeV
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: सभी नाभिकों का घनत्व लगभग समान होता है। कथन II: नाभिक की त्रिज्या उसकी द्रव्यमान संख्या के घनमूल के समानुपाती होती है, अतः उसका आयतन द्रव्यमान संख्या के समानुपाती होता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
आयतन ∝ A और द्रव्यमान ∝ A, अतः घनत्व नियत है। दोनों कथन सही हैं।
Given below are two statements: Statement I: All nuclei have nearly the same density. Statement II: The radius of a nucleus is proportional to the cube root of its mass number, so its volume is proportional to its mass number.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: समस्थानिकों की द्रव्यमान संख्या समान होती है। कथन II: समभारिकों का परमाणु क्रमांक समान होता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
समस्थानिकों का Z समान पर A भिन्न होता है; समभारिकों का A समान पर Z भिन्न होता है। दोनों गलत हैं।
Given below are two statements: Statement I: Isotopes have the same mass number. Statement II: Isobars have the same atomic number.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: स्थायी नाभिक का द्रव्यमान उसके मुक्त न्यूक्लिऑनों के द्रव्यमानों के योग से अधिक होता है। कथन II: नाभिक की बंधन ऊर्जा उसकी द्रव्यमान-क्षति के ऊर्जा-तुल्य के बराबर होती है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
नाभिकीय द्रव्यमान न्यूक्लिऑनों के द्रव्यमानों के योग से कम होता है, अतः कथन I गलत है। E_b = Δm c², अतः कथन II सही है।
Given below are two statements: Statement I: The mass of a stable nucleus is greater than the sum of the masses of its free nucleons. Statement II: The binding energy of a nucleus equals the energy equivalent of its mass defect.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: नाभिकीय बल आवेश-निरपेक्ष होता है। कथन II: नाभिकीय बल गुरुत्वीय बल की भाँति दीर्घ-परास बल है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
p–p, n–n और n–p बल लगभग बराबर होते हैं, अतः कथन I सही है। नाभिकीय बल का परास कुछ fm का लघु है, अतः कथन II गलत है।
Given below are two statements: Statement I: The nuclear force is charge independent. Statement II: The nuclear force is a long-range force like the gravitational force.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. हल्के नाभिकों के संलयन के लिए बहुत उच्च ताप चाहिए। 2. रिएक्टर में नियंत्रक छड़ें न्यूट्रॉन अवशोषित करती हैं। 3. रिएक्टर में मंदक न्यूट्रॉनों को तीव्र करता है।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 2 केवल
संलयन के लिए लगभग 10⁷ K या अधिक चाहिए और नियंत्रक छड़ें न्यूट्रॉन अवशोषित करती हैं, अतः 1 और 2 सही हैं। मंदक न्यूट्रॉनों को मंद करता है, अतः 3 गलत है।
Which of the following statements are correct? 1. Fusion of light nuclei needs a very high temperature. 2. Control rods absorb neutrons in a reactor. 3. A moderator speeds up the neutrons in a reactor.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा वक्र के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. इसका अधिकतम मान A = 56 के पास लगभग 8.8 MeV है। 2. A के 30 से 170 के बीच यह लगभग 8 MeV पर लगभग सपाट है। 3. यह सबसे भारी नाभिकों तक लगातार बढ़ता रहता है।
- 1 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1 और 2 केवल
उत्तर
D. 1 और 2 केवल
कथन 1 और 2 वक्र का वर्णन करते हैं। शिखर के पश्चात वक्र धीरे-धीरे गिरता है (A = 238 पर 7.6 MeV), अतः 3 गलत है।
Which of the following statements about the binding energy per nucleon curve are correct? 1. Its maximum is about 8.8 MeV near A = 56. 2. It is nearly flat at about 8 MeV for A between 30 and 170. 3. It keeps rising steadily up to the heaviest nuclei.
- 1 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1 and 2 only
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: नाभिकों का संलयन विखंडन की अपेक्षा कम ताप पर होता है। कथन II: संलयन में धनावेशित नाभिकों को अपने पारस्परिक विद्युत प्रतिकर्षण को पार करना पड़ता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
संलयन के लिए लगभग 10⁷ K या अधिक का बहुत उच्च ताप चाहिए, अतः कथन I गलत है। कथन II सही है।
Given below are two statements: Statement I: Fusion of nuclei takes place at a lower temperature than fission. Statement II: In fusion the positively charged nuclei must overcome their mutual electric repulsion.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: द्रव्यमान संख्या 27 वाले नाभिक की त्रिज्या 3.6 fm है। कथन II: द्रव्यमान संख्या 64 वाले नाभिक की त्रिज्या 4.8 fm है। (R₀ = 1.2 fm लीजिए।)
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
A = 27 के लिए R = 1.2 × 3 = 3.6 fm और A = 64 के लिए 1.2 × 4 = 4.8 fm। दोनों सही हैं।
Given below are two statements: Statement I: The radius of a nucleus of mass number 27 is 3.6 fm. Statement II: The radius of a nucleus of mass number 64 is 4.8 fm. (Take R₀ = 1.2 fm.)
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: 1 u का ऊर्जा-तुल्य लगभग 931.5 MeV है। कथन II: न्यूट्रॉन प्रोटॉन से हल्का होता है।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
m_n = 1.00867 u, m_p = 1.00727 u से अधिक है, अतः कथन II गलत है।
Given below are two statements: Statement I: The energy equivalent of 1 u is about 931.5 MeV. Statement II: A neutron is lighter than a proton.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित दो कथन दिए गए हैं: कथन I: U-235 के एक नाभिक के विखंडन पर लगभग 200 MeV मुक्त होता है। कथन II: U-235 के प्रत्येक विखंडन में दोनों खंडों के द्रव्यमान ठीक बराबर होते हैं।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
ऊर्जा लगभग 200 MeV है। खंड सदैव बराबर नहीं होते; एक उदाहरण ¹⁴¹Ba और ⁹²Kr है।
Given below are two statements: Statement I: About 200 MeV is released when one U-235 nucleus undergoes fission. Statement II: In every fission of U-235 the two fragments have exactly equal masses.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
अभिकथन (A): नाभिकीय पदार्थ का घनत्व सभी नाभिकों के लिए समान होता है। कारण (R): नाभिक का आयतन उसकी द्रव्यमान संख्या के समानुपाती होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
द्रव्यमान ∝ A और आयतन ∝ A, अतः घनत्व नियत है।
Assertion (A): The density of nuclear matter is the same for all nuclei. Reason (R): The volume of a nucleus is proportional to its mass number.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): नाभिकीय रिएक्टर में मंदक प्रयुक्त होता है। कारण (R): मंदक न्यूट्रॉनों को अवशोषित करता है जिससे श्रृंखला अभिक्रिया रुक जाती है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
मंदक तीव्र न्यूट्रॉनों को ऊष्मीय चाल तक मंद करता है; न्यूट्रॉन अवशोषित करना नियंत्रक छड़ों का कार्य है। R असत्य है।
Assertion (A): A moderator is used in a nuclear reactor. Reason (R): A moderator absorbs neutrons so that the chain reaction stops.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): भारी नाभिक के विखंडन पर ऊर्जा मुक्त होती है। कारण (R): न्यूट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से थोड़ा अधिक होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं, परंतु विखंडन में ऊर्जा इसलिए मुक्त होती है कि प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा बढ़ती है। R व्याख्या नहीं है।
Assertion (A): Energy is released when a heavy nucleus undergoes fission. Reason (R): A neutron has a slightly greater mass than a proton.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): U-238 की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा Fe-56 से अधिक है। कारण (R): प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा A = 56 के पास अधिकतम होती है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
D. A असत्य है लेकिन R सत्य है
U-238 की लगभग 7.6 MeV और Fe-56 की लगभग 8.8 MeV प्रति न्यूक्लिऑन है। A असत्य है और R सत्य है।
Assertion (A): The binding energy per nucleon of U-238 is higher than that of Fe-56. Reason (R): The binding energy per nucleon is maximum near A = 56.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): सूर्य के क्रोड में संलयन अभिक्रियाएँ होती हैं। कारण (R): क्रोड का ताप 10⁷ K कोटि का है, जिससे नाभिक अपने विद्युत प्रतिकर्षण को पार कर पाते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
उच्च ताप नाभिकों को इतनी गतिज ऊर्जा देता है कि वे नाभिकीय बल के परास में आ सकें।
Assertion (A): Fusion reactions occur in the core of the Sun. Reason (R): The temperature in the core is of the order of 10⁷ K, which lets nuclei overcome their electric repulsion.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. ¹H और ²H b. ³H और ³He c. ³H और ⁴He d. ¹H और ⁴He। सूची II: i. समस्थानिक ii. समभारिक iii. समन्यूट्रॉनिक iv. इनमें से कोई संबंध नहीं
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
उत्तर
B. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
¹H और ²H: Z समान। ³H और ³He: A समान। ³H और ⁴He: दोनों के लिए N = 2। ¹H (N = 0) और ⁴He (N = 2) के Z, A और N भिन्न हैं।
Match List I with List II. List I: a. ¹H and ²H b. ³H and ³He c. ³H and ⁴He d. ¹H and ⁴He. List II: i. Isotopes ii. Isobars iii. Isotones iv. None of these relations
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. R = R₀A^(1/3) में R₀ b. नाभिकीय घनत्व c. 1 u का ऊर्जा-तुल्य d. U-235 के प्रति विखंडन की ऊर्जा। सूची II: i. 1.2 fm ii. 2.3 × 10¹⁷ kg m⁻³ iii. 931.5 MeV iv. लगभग 200 MeV
- a-i, b-ii, c-iv, d-iii
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
उत्तर
C. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
मानक मान: R₀ = 1.2 fm, ρ ≈ 2.3 × 10¹⁷ kg m⁻³, 1 u = 931.5 MeV, प्रति विखंडन लगभग 200 MeV।
Match List I with List II. List I: a. R₀ in R = R₀A^(1/3) b. Nuclear density c. Energy equivalent of 1 u d. Energy per fission of U-235. List II: i. 1.2 fm ii. 2.3 × 10¹⁷ kg m⁻³ iii. 931.5 MeV iv. About 200 MeV
- a-i, b-ii, c-iv, d-iii
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: (रिएक्टर का भाग) a. मंदक b. नियंत्रक छड़ें c. शीतलक d. ईंधन। सूची II: (कार्य) i. न्यूट्रॉन अवशोषित करना ii. न्यूट्रॉन मंद करना iii. ऊष्मा हटाना iv. विखंडित होना
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-iv, b-i, c-iii, d-ii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
उत्तर
B. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
मंदक न्यूट्रॉन मंद करता है, नियंत्रक छड़ें उन्हें अवशोषित करती हैं, शीतलक ऊष्मा हटाता है और ईंधन (संवर्धित यूरेनियम) विखंडित होता है।
Match List I with List II. List I (reactor part): a. Moderator b. Control rods c. Coolant d. Fuel. List II (function): i. Absorb neutrons ii. Slow down neutrons iii. Remove heat iv. Undergoes fission
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-iv, b-i, c-iii, d-ii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: (अभिक्रिया) a. ²H + ³H → ⁴He + n b. 4 ¹H → ⁴He + 2 e⁺ + 2 ν c. ²H + ²H → ³He + n d. मंद न्यूट्रॉन द्वारा ²³⁵U का विखंडन। सूची II: (मुक्त ऊर्जा) i. 3.27 MeV ii. 17.6 MeV iii. 26.7 MeV iv. लगभग 200 MeV
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
उत्तर
D. a-ii, b-iii, c-i, d-iv
मान हैं 17.6 MeV (D–T), 26.7 MeV (प्रोटॉन–प्रोटॉन चक्र), 3.27 MeV (D–D) और लगभग 200 MeV (विखंडन)।
Match List I with List II. List I (reaction): a. ²H + ³H → ⁴He + n b. 4 ¹H → ⁴He + 2 e⁺ + 2 ν c. ²H + ²H → ³He + n d. Fission of ²³⁵U by a slow neutron. List II (energy released): i. 3.27 MeV ii. 17.6 MeV iii. 26.7 MeV iv. About 200 MeV
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: (न्यूक्लाइड) a. ⁴₂He b. ¹²₆C c. ¹⁶₈O d. ²³⁵₉₂U। सूची II: (न्यूट्रॉनों की संख्या) i. 143 ii. 8 iii. 2 iv. 6
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
उत्तर
D. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
N = A − Z: 4 − 2 = 2; 12 − 6 = 6; 16 − 8 = 8; 235 − 92 = 143।
Match List I with List II. List I (nuclide): a. ⁴₂He b. ¹²₆C c. ¹⁶₈O d. ²³⁵₉₂U. List II (number of neutrons): i. 143 ii. 8 iii. 2 iv. 6
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: (नाभिकीय बल की विशेषता) a. परास b. आवेश पर निर्भरता c. संतृप्तता d. लगभग 0.8 fm से कम दूरी। सूची II: i. कुछ fm ii. आवेश-निरपेक्ष iii. न्यूक्लिऑन केवल अपने निकट पड़ोसियों से अन्योन्यक्रिया करता है iv. प्रतिकर्षी
- a-i, b-ii, c-iv, d-iii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
उत्तर
B. a-i, b-ii, c-iii, d-iv
बल लघु-परास, आवेश-निरपेक्ष, संतृप्त होता है और बहुत कम दूरियों पर प्रतिकर्षी हो जाता है।
Match List I with List II. List I (feature of nuclear force): a. Range b. Dependence on charge c. Saturation d. Separation less than about 0.8 fm. List II: i. A few fm ii. Independent of charge iii. A nucleon interacts only with its near neighbours iv. Repulsive
- a-i, b-ii, c-iv, d-iii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
U-235 नाभिक की बंधन ऊर्जा 7.6 MeV प्रति न्यूक्लिऑन है। यह ऐसे खंडों में टूटता है जिनके सभी 235 न्यूक्लिऑनों की बंधन ऊर्जा 8.5 MeV प्रति न्यूक्लिऑन है (मुक्त न्यूट्रॉनों की उपेक्षा कीजिए)। मुक्त ऊर्जा लगभग है
- 1786 MeV
- 1989 MeV
- 211.5 MeV
- 21.2 MeV
उत्तर
C. 211.5 MeV
प्रति न्यूक्लिऑन लाभ = 8.5 − 7.6 = 0.9 MeV। ऊर्जा = 235 × 0.9 = 211.5 MeV। जाँच: 234 न्यूक्लिऑन लेने पर 235 × 8.5 − 235 × 7.6 = 1989 − 1786 = 203 MeV, जो 200 MeV के निकट है।
A U-235 nucleus has a binding energy of 7.6 MeV per nucleon. It splits into fragments in which all 235 nucleons have a binding energy of 8.5 MeV per nucleon (neglect the released neutrons). The energy released is about
- 1786 MeV
- 1989 MeV
- 211.5 MeV
- 21.2 MeV
दो ड्यूटरॉन (बंधन ऊर्जा 1.1 MeV प्रति न्यूक्लिऑन) संलयित होकर हीलियम-4 नाभिक (बंधन ऊर्जा 7.1 MeV प्रति न्यूक्लिऑन) बनाते हैं। मुक्त ऊर्जा है
- 24.0 MeV
- 6.0 MeV
- 4.4 MeV
- 28.4 MeV
उत्तर
A. 24.0 MeV
अंतिम बंधन ऊर्जा = 4 × 7.1 = 28.4 MeV। प्रारंभिक = 4 × 1.1 = 4.4 MeV। मुक्त = 28.4 − 4.4 = 24.0 MeV। जाँच: 4 × 6.0 = 24.0 MeV।
Two deuterons (binding energy 1.1 MeV per nucleon) fuse to make a helium-4 nucleus (binding energy 7.1 MeV per nucleon). The energy released is
- 24.0 MeV
- 6.0 MeV
- 4.4 MeV
- 28.4 MeV
सूर्य 3.6 × 10²⁶ W की दर से ऊर्जा विकीर्ण करता है। c = 3 × 10⁸ m s⁻¹ लेने पर प्रति सेकंड ऊर्जा में बदलने वाला द्रव्यमान लगभग है
- 4 × 10⁹ kg
- 3.2 × 10⁴³ kg
- 1.2 × 10¹⁸ kg
- 4 × 10²⁵ kg
उत्तर
A. 4 × 10⁹ kg
m = E/c² = 3.6 × 10²⁶ / 9 × 10¹⁶ = 4 × 10⁹ kg प्रति सेकंड। जाँच: 4 × 10⁹ × 9 × 10¹⁶ = 3.6 × 10²⁶ J।
The Sun radiates energy at the rate of 3.6 × 10²⁶ W. Taking c = 3 × 10⁸ m s⁻¹, the mass converted into energy every second is about
- 4 × 10⁹ kg
- 3.2 × 10⁴³ kg
- 1.2 × 10¹⁸ kg
- 4 × 10²⁵ kg
प्राकृतिक यूरेनियम में केवल लगभग 0.7% U-235 होता है, और U-235 मंद न्यूट्रॉनों से सबसे सरलता से विखंडित होता है। प्राकृतिक यूरेनियम में श्रृंखला अभिक्रिया के लिए कौन-सी व्यवस्था सहायक है?
- यूरेनियम को कैडमियम की छड़ों के बीच रखना ताकि न्यूट्रॉन अवशोषित हो जाएँ
- यूरेनियम को 10⁷ K तक गर्म करना ताकि नाभिक संलयित हों
- यूरेनियम को भारी जल जैसे मंदक में रखना ताकि न्यूट्रॉन मंद हो जाएँ
- यूरेनियम को केवल मोटी कंक्रीट से घेरना
उत्तर
C. यूरेनियम को भारी जल जैसे मंदक में रखना ताकि न्यूट्रॉन मंद हो जाएँ
मंदक तीव्र विखंडन न्यूट्रॉनों को ऊष्मीय चाल तक मंद करता है। कैडमियम न्यूट्रॉन अवशोषित करके अभिक्रिया रोक देता है; कंक्रीट केवल परिरक्षण करती है।
Natural uranium contains only about 0.7% of U-235, and U-235 is fissioned most readily by slow neutrons. Which arrangement helps a chain reaction in natural uranium?
- Placing the uranium among cadmium rods so that the neutrons are absorbed
- Heating the uranium to 10⁷ K so that the nuclei fuse
- Placing the uranium in a moderator such as heavy water so that the neutrons are slowed down
- Surrounding the uranium with thick concrete only
द्रव्यमान संख्या 240 का एक नाभिक लगभग 120 द्रव्यमान संख्या वाले दो नाभिकों में टूटता है। ऊर्जा इसलिए मुक्त होती है क्योंकि
- प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा नहीं बदलती किंतु न्यूक्लिऑनों की संख्या बढ़ जाती है
- उत्पादों की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा मूल नाभिक की अपेक्षा अधिक होती है
- उत्पादों के बीच विद्युत प्रतिकर्षण शून्य हो जाता है
- उत्पादों की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा मूल नाभिक की अपेक्षा कम होती है
उत्तर
B. उत्पादों की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा मूल नाभिक की अपेक्षा अधिक होती है
A ≈ 120 वाले नाभिक A = 240 (लगभग 7.6 MeV) की अपेक्षा वक्र के शिखर (लगभग 8.5 MeV) के अधिक निकट होते हैं। कुल बंधन ऊर्जा में हुआ लाभ मुक्त हो जाता है।
A nucleus of mass number 240 splits into two nuclei of mass number about 120 each. Energy is released because
- the binding energy per nucleon does not change but the number of nucleons increases
- the binding energy per nucleon of the products is greater than that of the original nucleus
- the electric repulsion between the products becomes zero
- the binding energy per nucleon of the products is less than that of the original nucleus
ड्यूटरॉन की बंधन ऊर्जा 2.2 MeV है। 1 u = 931.5 MeV लेने पर इसकी द्रव्यमान-क्षति लगभग है
- 2.2 u
- 1.2 × 10⁻³ u
- 2.0 × 10³ u
- 2.4 × 10⁻³ u
उत्तर
D. 2.4 × 10⁻³ u
Δm = 2.2 / 931.5 = 2.4 × 10⁻³ u। जाँच: 2.4 × 10⁻³ × 931.5 = 2.2 MeV।
The binding energy of a deuteron is 2.2 MeV. Using 1 u = 931.5 MeV, its mass defect is about
- 2.2 u
- 1.2 × 10⁻³ u
- 2.0 × 10³ u
- 2.4 × 10⁻³ u
1000 MW का एक विद्युत संयंत्र एक दिन (86400 s) चलता है। c = 3 × 10⁸ m s⁻¹ लेने पर उत्पन्न ऊर्जा का द्रव्यमान-तुल्य है
- 9.6 × 10⁻¹ kg
- 9.6 × 10⁻⁷ kg
- 9.6 × 10⁻⁴ kg
- 3.6 × 10⁻⁵ kg
उत्तर
C. 9.6 × 10⁻⁴ kg
E = 10⁹ × 86400 = 8.64 × 10¹³ J। m = E/c² = 8.64 × 10¹³ / 9 × 10¹⁶ = 9.6 × 10⁻⁴ kg।
A power station of 1000 MW runs for one day (86400 s). Taking c = 3 × 10⁸ m s⁻¹, the mass equivalent of the energy produced is
- 9.6 × 10⁻¹ kg
- 9.6 × 10⁻⁷ kg
- 9.6 × 10⁻⁴ kg
- 3.6 × 10⁻⁵ kg