उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण
याद रखने योग्य बातें
- प्रकाश-संश्लेषण (photosynthesis) एक प्रकाश-चालित प्रक्रिया है, जिसमें हरे पौधे CO₂ और जल से कार्बोहाइड्रेट बनाते हैं। मुक्त होने वाली ऑक्सीजन जल से आती है, CO₂ से नहीं।
- प्रकाश अभिक्रिया (थाइलेकॉइड झिल्लियों में) ATP और NADPH बनाती है। जैव-संश्लेषी प्रावस्था (कैल्विन चक्र, स्ट्रोमा में) इनका उपयोग करके CO₂ को अपचयित कर शर्करा बनाती है। एक ग्लूकोज़ बनाने के लिए 18 ATP और 12 NADPH चाहिए।
- C3 पौधे RuBisCO की सहायता से CO₂ को सबसे पहले 3-PGA (3-कार्बन) के रूप में स्थिर करते हैं। C4 पौधे पर्णमध्योतक कोशिकाओं में PEP कार्बोक्सिलेज़ की सहायता से CO₂ को सबसे पहले OAA (4-कार्बन) के रूप में स्थिर करते हैं, फिर कैल्विन चक्र पूलीय आच्छद कोशिकाओं में चलाते हैं। C4 पौधों में प्रकाश-श्वसन दिखाई नहीं देता।
- प्रकाश-श्वसन (photorespiration) RuBisCO की ऑक्सीजिनेज़ क्रिया है। इसमें CO₂ निकलती है, ATP और NADPH नहीं बनते, और स्थिर किया गया कार्बन व्यर्थ जाता है। प्रकाश-संश्लेषण की कुल दर सबसे धीमे कारक द्वारा तय होती है (ब्लैकमैन का सीमाकारी कारकों का नियम)।
आरंभिक प्रयोग और प्रकाश-संश्लेषण की प्रकृति
प्रकाश-संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे, शैवाल और कुछ जीवाणु प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करके भोजन बनाते हैं। यह पृथ्वी पर लगभग सभी जीवन का आधार है। यह वायु में उपस्थित ऑक्सीजन का स्रोत भी है। हरे पौधों के लिए कुल अभिक्रिया यह है:
6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6H₂O + 6O₂ (प्रकाश में, क्लोरोफिल की उपस्थिति में)
नीचे की सारणी उन प्रयोगों को बताती है जिनसे हमारी समझ बनी।
| वैज्ञानिक | कार्य | निष्कर्ष |
|---|---|---|
| जोसेफ प्रीस्टले (1770 का दशक) | बंद घंटा-जार में पुदीने का पौधा जलती मोमबत्ती या चूहे के साथ रखा | जलती मोमबत्तियाँ और श्वसन करते जंतु वायु से जो हटाते हैं, पौधे उसे वायु में वापस लौटा देते हैं |
| जैन इंगेनहाउस | जलीय पौधे के साथ प्रकाश में और अंधकार में प्रयोग दोहराया | सूर्य का प्रकाश आवश्यक है, और पौधे के केवल हरे भाग ही ऑक्सीजन छोड़ते हैं |
| जूलियस वॉन साक्स | पत्तियों में स्टार्च की जाँच की | हरे भाग ग्लूकोज़ बनाते हैं, जो स्टार्च के रूप में संचित होता है |
| टी. डब्ल्यू. एंगेलमैन | प्रिज़्म से प्रकाश को विभाजित किया और क्लैडोफोरा (तंतुमय हरा शैवाल) को वायवीय जीवाणुओं के साथ रखा | जीवाणु नीले और लाल क्षेत्रों में एकत्र हुए, जहाँ अधिक ऑक्सीजन निकली। इससे प्रथम क्रिया स्पेक्ट्रम (action spectrum) प्राप्त हुआ |
| कॉर्नेलियस वैन नील | बैंगनी और हरे सल्फर जीवाणुओं का अध्ययन किया | प्रकाश-संश्लेषण हाइड्रोजन दाता द्वारा CO₂ का प्रकाश-निर्भर अपचयन है। जीवाणुओं में दाता H₂S है। हरे पौधों में दाता H₂O है, इसलिए ऑक्सीजन जल से आती है |
| रॉबिन हिल | पृथक् हरित लवकों (chloroplasts) के साथ कृत्रिम इलेक्ट्रॉन ग्राही का उपयोग किया | प्रकाश में पृथक् हरित लवक CO₂ स्थिर हुए बिना ऑक्सीजन मुक्त करते हैं। इससे सिद्ध होता है कि प्रकाश अभिक्रिया में जल का विघटन होता है |
वैन नील का सामान्य समीकरण है 2H₂A + CO₂ → 2A + CH₂O + H₂O। जीवाणुओं के लिए A सल्फर है। हरे पौधों के लिए A ऑक्सीजन है।
बाद में ऑक्सीजन के भारी समस्थानिक (¹⁸O) से किए गए कार्य ने पुष्टि की कि मुक्त होने वाली O₂ जल से आती है।
प्रकाश-संश्लेषण का स्थान और वर्णक
प्रकाश-संश्लेषण पौधे के हरे भागों में, मुख्यतः पत्तियों में, और पर्णमध्योतक कोशिकाओं के हरित लवकों के भीतर होता है।
| हरित लवक की संरचना | वर्णन | कार्य |
|---|---|---|
| बाह्य और आंतरिक झिल्ली | दोहरी झिल्ली का आवरण | स्ट्रोमा (stroma) को घेरे रहती है |
| स्ट्रोमा | रंगहीन आधात्री, जिसमें एंजाइम, DNA और राइबोसोम होते हैं | जैव-संश्लेषी प्रावस्था (कैल्विन चक्र) का स्थल |
| थाइलेकॉइड (thylakoid) | चपटी झिल्लीदार थैलियाँ, जिनके भीतर के स्थान को ल्यूमेन (lumen) कहते हैं | प्रकाश अभिक्रिया का स्थल |
| ग्रैना (एकवचन ग्रेनम) | थाइलेकॉइडों के ढेर | वर्णक और प्रकाशतंत्र इनमें होते हैं |
| स्ट्रोमा लैमेला | चपटी झिल्लीदार नलिकाएँ जो एक ग्रेनम को दूसरे से जोड़ती हैं | ग्रैना को जोड़ती हैं और चक्रीय प्रवाह करती हैं |
वर्णक प्रकाश का अवशोषण करते हैं। पत्ती के निष्कर्ष की क्रोमैटोग्राफी में चार मुख्य वर्णक दिखाई देते हैं।
| वर्णक | क्रोमैटोग्राफी में रंग | भूमिका |
|---|---|---|
| क्लोरोफिल a | चमकीला या नीला-हरा | मुख्य वर्णक; अभिक्रिया केंद्र सदैव क्लोरोफिल a होता है |
| क्लोरोफिल b | पीला-हरा | सहायक वर्णक |
| ज़ैन्थोफिल | पीला | सहायक वर्णक |
| कैरोटिनॉइड | पीले से पीला-नारंगी | सहायक वर्णक; क्लोरोफिल को प्रकाश-ऑक्सीकरण से बचाते हैं |
अवशोषण स्पेक्ट्रम (absorption spectrum) वह ग्राफ है जो प्रत्येक तरंगदैर्ध्य पर वर्णक द्वारा अवशोषित प्रकाश की मात्रा दर्शाता है। क्लोरोफिल a मुख्यतः नीले क्षेत्र (लगभग 430 nm) और लाल क्षेत्र (लगभग 660 nm) में अवशोषण करता है। क्रिया स्पेक्ट्रम वह ग्राफ है जो प्रत्येक तरंगदैर्ध्य पर प्रकाश-संश्लेषण की दर दर्शाता है। प्रकाश-संश्लेषण का क्रिया स्पेक्ट्रम क्लोरोफिल a और सहायक वर्णकों के अवशोषण स्पेक्ट्रमों का निकटता से अनुसरण करता है। प्रकाश-संश्लेषण नीले और लाल क्षेत्रों में सर्वाधिक होता है।
सहायक वर्णक प्रकाश का अवशोषण करके ऊर्जा क्लोरोफिल a को दे देते हैं। मिलकर वे प्रकाश-संश्लेषी तंत्र को तरंगदैर्ध्यों की अधिक विस्तृत परास में कार्य करने योग्य बनाते हैं।
प्रकाश अभिक्रिया
प्रकाश अभिक्रिया (प्रकाश-रासायनिक प्रावस्था) में प्रकाश का अवशोषण, जल का विघटन, ऑक्सीजन का मुक्त होना, तथा ATP और NADPH का निर्माण सम्मिलित हैं।
वर्णक दो प्रकाशतंत्रों (photosystems), PS I और PS II, में संगठित होते हैं। प्रत्येक प्रकाशतंत्र में एक प्रकाश संग्रहण संकुल (light harvesting complex, LHC) होता है, जिसे एंटीना भी कहते हैं। LHC में क्लोरोफिल और सहायक वर्णकों के अनेक अणु होते हैं। वे ऊर्जा को एक क्लोरोफिल a अणु को देते हैं, जो अभिक्रिया केंद्र होता है।
| लक्षण | PS I | PS II |
|---|---|---|
| अभिक्रिया केंद्र | P700 (अवशोषण शिखर 700 nm पर) | P680 (अवशोषण शिखर 680 nm पर) |
| थाइलेकॉइड पर स्थिति | असंपीड़ित क्षेत्र, अर्थात् स्ट्रोमा लैमेला और ग्रैना के किनारे | ग्रैना के संपीड़ित क्षेत्र |
| जल का विघटन | संबद्ध नहीं | संबद्ध, ल्यूमेन की ओर |
अचक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण (Z योजना)। दोनों प्रकाशतंत्र श्रेणीक्रम में कार्य करते हैं। मार्ग यह है:
PS II (P680) → इलेक्ट्रॉन ग्राही → प्लास्टोक्विनोन → साइटोक्रोम b6f संकुल → प्लास्टोसायनिन → PS I (P700) → इलेक्ट्रॉन ग्राही → फेरेडॉक्सिन → NADP रिडक्टेज़ → NADPH
जब प्रकाश PS II पर पड़ता है, तो इलेक्ट्रॉन उत्तेजित होकर अभिक्रिया केंद्र को छोड़ देते हैं। वे इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला में नीचे की ओर PS I तक जाते हैं। PS I में वे फिर उत्तेजित होते हैं और NADP⁺ तक जाते हैं, जो अपचयित होकर NADPH बन जाता है। ऊर्जा को एक अक्ष पर रखकर बनाया गया इस प्रवाह का ग्राफ अंग्रेज़ी अक्षर Z जैसा दिखता है। इसीलिए इसका नाम Z योजना है।
जल का विघटन। PS II द्वारा खोए गए इलेक्ट्रॉनों की पूर्ति जल से मिले इलेक्ट्रॉनों से होती है।
2H₂O → 4H⁺ + O₂ + 4e⁻
जल-विघटन संकुल थाइलेकॉइड झिल्ली की ल्यूमेन की ओर होता है। यह PS II से संबद्ध है। इस अभिक्रिया का सहकारक मैंगनीज़ है। ऑक्सीजन उप-उत्पाद है। प्रोटॉन ल्यूमेन के भीतर रहते हैं।
चक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण। केवल PS I कार्य करता है। इलेक्ट्रॉन P700 को छोड़कर एक ग्राही तक जाते हैं, साइटोक्रोम b6f संकुल से गुज़रते हैं और वापस P700 में आ जाते हैं। इसमें न जल का विघटन होता है, न O₂ मुक्त होती है और न NADPH बनता है। केवल ATP बनता है। यह स्ट्रोमा लैमेला में होता है, जहाँ PS II और NADP रिडक्टेज़ अनुपस्थित होते हैं।
रसाकर्षी परिकल्पना (chemiosmotic hypothesis)। ATP का निर्माण थाइलेकॉइड झिल्ली के आर-पार प्रोटॉन प्रवणता के कारण होता है। ल्यूमेन H⁺ से समृद्ध हो जाता है, क्योंकि:
- 1. जल का विघटन ल्यूमेन की ओर होता है और H⁺ मुक्त करता है।
- 2. इलेक्ट्रॉनों के श्रृंखला में चलने पर प्लास्टोक्विनोन प्रोटॉनों को स्ट्रोमा से ल्यूमेन में ले जाता है।
- 3. NADP रिडक्टेज़ स्ट्रोमा की ओर होता है। जब NADP⁺ अपचयित होकर NADPH बनता है, तो यह स्ट्रोमा से H⁺ हटाता है। इससे स्ट्रोमा में H⁺ की सांद्रता घट जाती है।
इस प्रकार ल्यूमेन में प्रोटॉनों की सांद्रता अधिक और स्ट्रोमा में कम होती है। यह प्रवणता ऊर्जा का संचय करती है। फिर प्रोटॉन ATP सिंथेज़ से होकर वापस स्ट्रोमा में जाते हैं। ATP सिंथेज़ के दो भाग होते हैं: CF₀ झिल्ली में धँसा होता है और प्रोटॉनों के लिए एक मार्ग बनाता है। CF₁ स्ट्रोमा की ओर बाहर निकला होता है और ADP तथा Pi से ATP बनाता है।
ATP और NADPH को स्वांगीकारी शक्ति (assimilatory power) कहते हैं। ये स्ट्रोमा की ओर बनते हैं और स्ट्रोमा में ही उपयोग होते हैं।
जैव-संश्लेषी प्रावस्था: कैल्विन चक्र और C4 पथ
जैव-संश्लेषी प्रावस्था को सीधे प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती। यह प्रकाश अभिक्रिया से मिले ATP और NADPH का उपयोग करती है। यह स्ट्रोमा में होती है। यदि प्रकाश अभिक्रिया रुक जाए, तो यह भी शीघ्र रुक जाती है।
कैल्विन चक्र (C3 पथ)। इसके तीन चरण हैं।
| चरण | क्या होता है | एंजाइम या आवश्यकता |
|---|---|---|
| कार्बोक्सिलीकरण | CO₂ को RuBP (5-कार्बन शर्करा, राइबुलोज़ बिसफॉस्फेट) में जोड़ा जाता है। उत्पाद 3-PGA के दो अणुओं में टूट जाता है, जो प्रथम स्थायी उत्पाद है | RuBisCO |
| अपचयन | 3-PGA अपचयित होकर ग्लिसरैल्डिहाइड 3-फॉस्फेट (ट्रायोज़ फॉस्फेट) बनता है | ATP और NADPH |
| पुनर्जनन | ट्रायोज़ फॉस्फेट से RuBP पुनः बनता है ताकि चक्र चलता रहे | ATP |
प्रत्येक स्थिर होने वाली CO₂ के लिए चक्र को 3 ATP और 2 NADPH चाहिए। छह चक्कर छह CO₂ स्थिर करते हैं और एक ग्लूकोज़ बनाते हैं। अतः एक ग्लूकोज़ के लिए 18 ATP और 12 NADPH चाहिए। RuBisCO पृथ्वी पर सबसे प्रचुर एंजाइम है। यह कार्बोक्सिलेज़ भी है और ऑक्सीजिनेज़ भी।
जिन पौधों में कैल्विन चक्र ही स्थिरीकरण का एकमात्र पथ होता है, उन्हें C3 पौधे कहते हैं। उदाहरण हैं गेहूँ, चावल और आलू।
C4 पथ। इसे एम. डी. हैच और सी. आर. स्लैक ने खोजा। यह उष्णकटिबंधीय और शुष्क क्षेत्रों के पौधों में पाया जाता है, जैसे मक्का, ज्वार और गन्ना। इन पौधों में क्रांज़ शारीरिकी (Kranz anatomy) होती है (क्रांज़ का अर्थ है माला)। बड़ी पूलीय आच्छद कोशिकाएँ संवहन पूलों के चारों ओर वलय बनाती हैं। पूलीय आच्छद कोशिकाओं में अनेक हरित लवक, मोटी भित्तियाँ और अंतरकोशिकीय स्थान का अभाव होता है। पर्णमध्योतक कोशिकाएँ उनके बाहर स्थित होती हैं।
चरण ये हैं:
- 1. पर्णमध्योतक कोशिकाओं में प्राथमिक CO₂ ग्राही PEP (फॉस्फोएनोलपाइरूवेट, 3-कार्बन यौगिक) है। एंजाइम PEP कार्बोक्सिलेज़ (PEPcase) है। प्रथम स्थायी उत्पाद OAA (ऑक्ज़ैलोएसिटिक अम्ल, 4-कार्बन) है।
- 2. OAA मैलिक अम्ल (या ऐस्पार्टिक अम्ल) में बदल जाता है। यह पूलीय आच्छद कोशिकाओं में चला जाता है।
- 3. पूलीय आच्छद में मैलिक अम्ल का विघटन होता है। इससे CO₂ और पाइरूवेट (3-कार्बन) निकलते हैं।
- 4. CO₂ पूलीय आच्छद कोशिकाओं में कैल्विन चक्र में प्रवेश करती है। RuBisCO केवल यहीं सक्रिय होता है।
- 5. पाइरूवेट वापस पर्णमध्योतक में जाता है और ATP की सहायता से PEP में बदल जाता है।
C4 पथ CO₂ पंप की तरह कार्य करता है। यह RuBisCO के चारों ओर CO₂ की सांद्रता ऊँची बनाए रखता है। इसलिए RuBisCO कार्बोक्सिलेज़ के रूप में कार्य करता है, ऑक्सीजिनेज़ के रूप में नहीं।
प्रकाश-श्वसन तथा C3 और C4 की तुलना
प्रकाश-श्वसन तब होता है जब RuBisCO, CO₂ के स्थान पर O₂ को बाँध लेता है। यह तब अधिक संभव होता है जब O₂ की सांद्रता अधिक और CO₂ की सांद्रता कम हो। तब RuBP, O₂ से संयोजित होता है। उत्पाद 3-PGA का एक अणु और एक 2-कार्बन यौगिक (फॉस्फोग्लाइकोलेट) का एक अणु होता है। 2-कार्बन यौगिक कई चरणों में बदलता है, जिन्हें C2 चक्र कहते हैं। ये चरण तीन कोशिकांगों में होते हैं: हरित लवक, परऑक्सीसोम और माइटोकॉन्ड्रिया। CO₂ मुक्त होती है। शर्करा, ATP या NADPH का संश्लेषण नहीं होता। वास्तव में ऊर्जा की हानि होती है। इसलिए प्रकाश-श्वसन एक व्यर्थ प्रक्रिया है।
| लक्षण | C3 पौधे | C4 पौधे |
|---|---|---|
| उदाहरण | गेहूँ, चावल, आलू | मक्का, ज्वार, गन्ना |
| क्रांज़ शारीरिकी | अनुपस्थित | उपस्थित |
| हरित लवक | एक प्रकार के, पर्णमध्योतक में | दो प्रकार के: पर्णमध्योतक और पूलीय आच्छद में |
| प्रथम CO₂ ग्राही | RuBP | PEP |
| प्रथम स्थायी उत्पाद | 3-PGA (3-कार्बन) | OAA (4-कार्बन) |
| मुख्य कार्बोक्सिलीकारी एंजाइम | RuBisCO | पर्णमध्योतक में PEP कार्बोक्सिलेज़, फिर पूलीय आच्छद में RuBisCO |
| कैल्विन चक्र कहाँ | पर्णमध्योतक कोशिकाओं में | पूलीय आच्छद कोशिकाओं में |
| प्रकाश-श्वसन | उपस्थित | अनुपस्थित (दिखाई नहीं देता) |
| अनुकूलतम ताप | लगभग 20 से 25 °C | लगभग 30 से 45 °C |
| उच्च CO₂ और प्रकाश के प्रति अनुक्रिया | CO₂ बढ़ाने पर दर बढ़ती है | कम CO₂ पर संतृप्त हो जाती है |
| उत्पादकता | कम | अधिक |
प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक
प्रकाश-संश्लेषण की दर पौधे और पर्यावरण दोनों पर निर्भर करती है। पादप कारकों में पत्तियों की संख्या, आकार, आयु और अभिविन्यास, पर्णमध्योतक कोशिकाएँ और हरित लवक, तथा क्लोरोफिल की मात्रा सम्मिलित हैं। बाह्य कारक प्रकाश, CO₂ की सांद्रता, ताप और जल हैं।
ब्लैकमैन का सीमाकारी कारकों का नियम। यदि कोई प्रक्रिया कई कारकों पर निर्भर करती है, तो उसकी दर उस कारक द्वारा सीमित होती है जो अपने न्यूनतम मान के सबसे निकट हो। यदि एक कारक की कमी है, तो अन्य कारकों को बढ़ाने से दर नहीं बढ़ती।
| कारक | प्रभाव |
|---|---|
| प्रकाश | कम तीव्रता पर दर प्रकाश के अनुपात में बढ़ती है। पूर्ण सूर्य-प्रकाश के लगभग 10 प्रतिशत पर संतृप्ति आ जाती है। इसलिए खुले सूर्य-प्रकाश में प्रकाश प्रायः सीमाकारी कारक नहीं होता। बहुत तीव्र प्रकाश वर्णकों को तोड़ देता है और दर घटा देता है। प्रकाश की गुणवत्ता (तरंगदैर्ध्य) भी महत्त्वपूर्ण है |
| CO₂ | प्रकृति में मुख्य सीमाकारी कारक, क्योंकि वायु में केवल लगभग 0.03 से 0.04 प्रतिशत CO₂ होती है। इसे लगभग 0.05 प्रतिशत तक बढ़ाने पर C3 पौधों में दर बढ़ती है। C4 पौधे लगभग 360 µL प्रति लीटर पर संतृप्त हो जाते हैं। C3 पौधे लगभग 450 µL प्रति लीटर तक अनुक्रिया करते हैं |
| ताप | अंधकार (एंजाइमी) अभिक्रियाएँ प्रकाश अभिक्रिया की तुलना में ताप के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। C4 पौधों का अनुकूलतम ताप C3 पौधों से अधिक होता है। उष्णकटिबंधीय पौधों का अनुकूलतम ताप शीतोष्ण पौधों से अधिक होता है |
| जल | जल का तनाव रंध्रों को बंद कर देता है, जिससे कम CO₂ भीतर आती है। पत्तियाँ मुरझा भी जाती हैं, जिससे पृष्ठीय क्षेत्रफल घटता है और उपापचय धीमा हो जाता है |
NEET के जाल
- 1. प्रीस्टले ने दिखाया कि पौधे वायु को पुनः शुद्ध करते हैं। इंगेनहाउस ने दिखाया कि प्रकाश और हरे भाग आवश्यक हैं। साक्स ने स्टार्च बनना दिखाया। इन्हें आपस में न बदलें।
- 2. एंगेलमैन ने क्लैडोफोरा और वायवीय जीवाणुओं का उपयोग किया। वैन नील ने बैंगनी और हरे सल्फर जीवाणुओं का उपयोग किया।
- 3. मुक्त होने वाली ऑक्सीजन जल से आती है, CO₂ से नहीं। यह वैन नील के विचार और समस्थानिक कार्य से सिद्ध होता है।
- 4. P680, PS II का है। P700, PS I का है। संख्या अधिकतम अवशोषण की तरंगदैर्ध्य है।
- 5. जल का विघटन PS II से जुड़ा है। चक्रीय प्रवाह में केवल PS I कार्य करता है। चक्रीय प्रवाह से केवल ATP मिलता है।
- 6. CF₀ झिल्ली का मार्ग है। CF₁ स्ट्रोमा में बाहर निकला होता है और ATP बनाता है।
- 7. थाइलेकॉइड में प्रोटॉन ल्यूमेन में एकत्र होते हैं, स्ट्रोमा में नहीं।
- 8. C3 पौधों में प्रथम स्थायी उत्पाद 3-PGA (3-कार्बन) है। C4 पौधों में यह OAA (4-कार्बन) है।
- 9. C4 पौधों में PEP कार्बोक्सिलेज़ पर्णमध्योतक कोशिकाओं में कार्य करता है। कैल्विन चक्र पूलीय आच्छद कोशिकाओं में चलता है।
- 10. प्रकाश-श्वसन के लिए RuBisCO का ऑक्सीजिनेज़ के रूप में कार्य करना आवश्यक है। यह ATP या NADPH नहीं बनाता। यह माइटोकॉन्ड्रिया के श्वसन जैसा नहीं है।
एक-पंक्ति तथ्य
- 1. प्रीस्टले ने बंद जार में पुदीने का पौधा, मोमबत्ती और चूहा रखा।
- 2. इंगेनहाउस ने दिखाया कि सूर्य-प्रकाश में केवल हरे भाग ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
- 3. साक्स ने दिखाया कि ग्लूकोज़ स्टार्च के रूप में संचित होता है।
- 4. एंगेलमैन ने क्लैडोफोरा का उपयोग करके प्रथम क्रिया स्पेक्ट्रम दिया।
- 5. हिल ने दिखाया कि पृथक् हरित लवक प्रकाश में ऑक्सीजन मुक्त करते हैं।
- 6. प्रकाश अभिक्रिया ग्रैना थाइलेकॉइड में होती है। कैल्विन चक्र स्ट्रोमा में होता है।
- 7. क्रोमैटोग्राफी में क्लोरोफिल a चमकीला या नीला-हरा दिखता है और क्लोरोफिल b पीला-हरा।
- 8. Z योजना में पहले PS II और फिर PS I होता है।
- 9. जल के दो अणुओं के विघटन से 4H⁺, O₂ और 4 इलेक्ट्रॉन मिलते हैं।
- 10. ATP सिंथेज़ H⁺ के ल्यूमेन से स्ट्रोमा की ओर जाने से चलता है।
- 11. RuBisCO कैल्विन चक्र का कार्बोक्सिलीकारी एंजाइम है और इसमें ऑक्सीजिनेज़ क्रिया भी होती है।
- 12. कैल्विन चक्र के छह चक्कर से एक ग्लूकोज़ मिलता है और 18 ATP तथा 12 NADPH लगते हैं।
- 13. हैच और स्लैक ने C4 पथ की खोज की।
- 14. क्रांज़ शारीरिकी का अर्थ है संवहन पूल के चारों ओर अनेक हरित लवकों वाली पूलीय आच्छद कोशिकाओं का वलय।
- 15. प्रकाश पूर्ण सूर्य-प्रकाश के लगभग 10 प्रतिशत पर संतृप्त हो जाता है, और CO₂ सामान्यतः सीमाकारी कारक होती है।
अभ्यास प्रश्न
किस वैज्ञानिक ने दिखाया कि जलती मोमबत्तियाँ और श्वसन करते जंतु वायु से जो हटाते हैं, पौधे उसे वायु में वापस लौटा देते हैं?
- जोसेफ प्रीस्टले
- जैन इंगेनहाउस
- टी. डब्ल्यू. एंगेलमैन
- जूलियस वॉन साक्स
उत्तर
A. जोसेफ प्रीस्टले
प्रीस्टले ने बंद जार में पुदीने का पौधा जलती मोमबत्ती या चूहे के साथ रखा।
Which scientist showed that plants restore to the air what burning candles and breathing animals remove?
- Joseph Priestley
- Jan Ingenhousz
- T. W. Engelmann
- Julius von Sachs
साक्स ने दिखाया कि पौधे के हरे भाग ग्लूकोज़ बनाते हैं, जो संचित होता है
- प्रोटीन के रूप में
- सेलुलोज़ के रूप में
- स्टार्च के रूप में
- वसा के रूप में
उत्तर
C. स्टार्च के रूप में
साक्स ने पत्तियों में स्टार्च की जाँच की, जो ग्लूकोज़ का संचित रूप है।
Sachs showed that the green parts of a plant make glucose, which is stored as
- protein
- cellulose
- starch
- fat
एंगेलमैन ने प्रिज़्म से प्रकाश को विभाजित किया और क्रिया स्पेक्ट्रम ज्ञात करने के लिए वायवीय जीवाणुओं के साथ किस जीव का उपयोग किया?
- वॉल्वॉक्स (Volvox)
- नॉस्टॉक (Nostoc)
- क्लैमाइडोमोनास (Chlamydomonas)
- क्लैडोफोरा (Cladophora)
उत्तर
D. क्लैडोफोरा (Cladophora)
एंगेलमैन ने तंतुमय हरे शैवाल क्लैडोफोरा का उपयोग किया; जीवाणु नीले और लाल क्षेत्रों में एकत्र हुए।
Engelmann split light with a prism and used which organism with aerobic bacteria to find the action spectrum?
- Volvox
- Nostoc
- Chlamydomonas
- Cladophora
बैंगनी और हरे सल्फर जीवाणुओं पर वैन नील के कार्य से यह विचार बना कि हरे पौधों के प्रकाश-संश्लेषण में मुक्त होने वाली ऑक्सीजन आती है
- क्लोरोफिल से
- जल से
- कार्बन डाइऑक्साइड से
- ग्लूकोज़ से
उत्तर
B. जल से
जीवाणुओं में हाइड्रोजन दाता H₂S है; हरे पौधों में यह H₂O है, इसलिए O₂ जल से आती है।
The work of van Niel on purple and green sulphur bacteria led to the idea that the oxygen released in green plant photosynthesis comes from
- chlorophyll
- water
- carbon dioxide
- glucose
कौन-सा वर्णक दोनों प्रकाशतंत्रों में अभिक्रिया केंद्र बनाता है?
- क्लोरोफिल b
- क्लोरोफिल a
- ज़ैन्थोफिल
- कैरोटिनॉइड
उत्तर
B. क्लोरोफिल a
अभिक्रिया केंद्र सदैव क्लोरोफिल a का अणु होता है।
Which pigment forms the reaction centre in both photosystems?
- Chlorophyll b
- Chlorophyll a
- Xanthophyll
- Carotenoid
प्रकाशतंत्र II के अभिक्रिया केंद्र का अवशोषण शिखर कितने पर होता है?
- 680 nm
- 700 nm
- 640 nm
- 740 nm
उत्तर
A. 680 nm
PS II में P680 होता है और PS I में P700।
The reaction centre of photosystem II has its absorption peak at
- 680 nm
- 700 nm
- 640 nm
- 740 nm
चक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण में बनता है
- ATP और O₂
- केवल ATP
- ATP और NADPH
- NADPH और O₂
उत्तर
B. केवल ATP
चक्रीय प्रवाह में इलेक्ट्रॉन PS I में वापस लौटते हैं, इसलिए जल का विघटन, O₂ और NADPH नहीं होते।
Cyclic photophosphorylation produces
- ATP and O₂
- ATP only
- ATP and NADPH
- NADPH and O₂
ATP सिंथेज़ का कौन-सा भाग थाइलेकॉइड की स्ट्रोमा की ओर बाहर निकला होता है और ATP बनाता है?
- CF₀
- प्लास्टोसायनिन
- फेरेडॉक्सिन
- CF₁
उत्तर
D. CF₁
CF₀ प्रोटॉनों के लिए झिल्ली का मार्ग है; CF₁ स्ट्रोमा में बाहर निकला होता है और ATP बनाता है।
Which part of ATP synthase projects on the stroma side of the thylakoid and makes ATP?
- CF₀
- Plastocyanin
- Ferredoxin
- CF₁
कैल्विन चक्र का प्रथम स्थायी उत्पाद है
- ऑक्ज़ैलोएसिटिक अम्ल
- फॉस्फोएनोलपाइरूवेट
- 3-फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल
- राइबुलोज़ बिसफॉस्फेट
उत्तर
C. 3-फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल
RuBP और CO₂ से 3-PGA के दो अणु बनते हैं, जो प्रथम स्थायी उत्पाद है।
The first stable product of the Calvin cycle is
- oxaloacetic acid
- phosphoenolpyruvate
- 3-phosphoglyceric acid
- ribulose bisphosphate
कैल्विन चक्र में एक ग्लूकोज़ अणु बनाने के लिए आवश्यक ATP और NADPH की संख्या है
- 12 ATP और 18 NADPH
- 36 ATP और 24 NADPH
- 18 ATP और 12 NADPH
- 6 ATP और 6 NADPH
उत्तर
C. 18 ATP और 12 NADPH
प्रत्येक CO₂ के लिए 3 ATP और 2 NADPH चाहिए; छह CO₂ के लिए 18 ATP और 12 NADPH।
The number of ATP and NADPH needed in the Calvin cycle to make one glucose molecule is
- 12 ATP and 18 NADPH
- 36 ATP and 24 NADPH
- 18 ATP and 12 NADPH
- 6 ATP and 6 NADPH
C4 पौधों में पर्णमध्योतक कोशिकाओं में CO₂ का प्राथमिक ग्राही है
- 3-फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल
- ऑक्ज़ैलोएसिटिक अम्ल
- राइबुलोज़ बिसफॉस्फेट
- फॉस्फोएनोलपाइरूवेट
उत्तर
D. फॉस्फोएनोलपाइरूवेट
PEP (3-कार्बन) CO₂ ग्रहण करता है और PEP कार्बोक्सिलेज़ द्वारा OAA बनाता है।
In C4 plants, the primary acceptor of CO₂ in mesophyll cells is
- 3-phosphoglyceric acid
- oxaloacetic acid
- ribulose bisphosphate
- phosphoenolpyruvate
C4 पौधों में कैल्विन चक्र कहाँ होता है?
- पूलीय आच्छद कोशिकाओं में
- बाह्यत्वचा कोशिकाओं में
- मूल वल्कुट कोशिकाओं में
- पर्णमध्योतक कोशिकाओं में
उत्तर
A. पूलीय आच्छद कोशिकाओं में
पूलीय आच्छद में मैलिक अम्ल CO₂ मुक्त करता है, जहाँ RuBisCO सक्रिय होता है।
In C4 plants, the Calvin cycle takes place in the
- bundle sheath cells
- epidermal cells
- root cortex cells
- mesophyll cells
पौधों का कौन-सा युग्म C4 प्रकाश-संश्लेषण दर्शाता है?
- मक्का और ज्वार
- आलू और मटर
- मटर और गेहूँ
- गेहूँ और चावल
उत्तर
A. मक्का और ज्वार
मक्का, ज्वार और गन्ना C4 पौधे हैं; गेहूँ, चावल और आलू C3 हैं।
Which pair of plants shows C4 photosynthesis?
- Maize and sorghum
- Potato and pea
- Pea and wheat
- Wheat and rice
प्रकाश-श्वसन में कोशिकांगों का कौन-सा समूह सम्मिलित होता है?
- हरित लवक, गॉल्जी काय और माइटोकॉन्ड्रिया
- हरित लवक, परऑक्सीसोम और माइटोकॉन्ड्रिया
- हरित लवक, रसधानी और केंद्रक
- परऑक्सीसोम, अंतःप्रद्रव्यी जालिका और लयनकाय
उत्तर
B. हरित लवक, परऑक्सीसोम और माइटोकॉन्ड्रिया
C2 चक्र हरित लवक, परऑक्सीसोम और माइटोकॉन्ड्रिया में चलता है।
Photorespiration involves which set of cell organelles?
- Chloroplast, Golgi body and mitochondrion
- Chloroplast, peroxisome and mitochondrion
- Chloroplast, vacuole and nucleus
- Peroxisome, endoplasmic reticulum and lysosome
ब्लैकमैन के सीमाकारी कारकों के नियम के अनुसार किसी प्रक्रिया की दर उस कारक द्वारा सीमित होती है
- जो सबसे अधिक मात्रा में उपस्थित हो
- जो प्रक्रिया में सबसे पहले कार्य करे
- जिसे मापना सबसे सरल हो
- जो अपने न्यूनतम मान के सबसे निकट हो
उत्तर
D. जो अपने न्यूनतम मान के सबसे निकट हो
सबसे धीमा या सबसे कम उपलब्ध कारक दर तय करता है।
Blackman's law of limiting factors states that the rate of a process is limited by the factor
- that is present in the largest amount
- that acts first in the process
- that is the most easily measured
- that is nearest to its minimum value
Z योजना में जल के विघटन से मिले इलेक्ट्रॉन सबसे पहले किसके खोए हुए इलेक्ट्रॉनों की पूर्ति करते हैं?
- ATP सिंथेज़
- प्रकाशतंत्र I
- प्रकाशतंत्र II
- NADP रिडक्टेज़
उत्तर
C. प्रकाशतंत्र II
जल का विघटन PS II से जुड़ा है, जिसके खोए इलेक्ट्रॉनों की पूर्ति जल से मिले इलेक्ट्रॉनों से होती है।
In the Z scheme, electrons from the splitting of water first replace the electrons lost by
- ATP synthase
- photosystem I
- photosystem II
- NADP reductase
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: ज़ैन्थोफिल और कैरोटिनॉइड सहायक वर्णक हैं। कथन II: कैरोटिनॉइड क्लोरोफिल को प्रकाश-ऑक्सीकरण से बचाते हैं। सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
दोनों सहायक वर्णक हैं और कैरोटिनॉइड की सुरक्षात्मक भूमिका होती है।
Given below are two statements: Statement I: Xanthophylls and carotenoids are accessory pigments. Statement II: Carotenoids protect chlorophyll from photo-oxidation. Choose the correct answer.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: प्रकाश-संश्लेषण का क्रिया स्पेक्ट्रम केवल क्लोरोफिल a के अवशोषण स्पेक्ट्रम का अनुसरण करता है। कथन II: प्रकाश-संश्लेषण प्रकाश के नीले और लाल क्षेत्रों में सर्वाधिक होता है। सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
क्रिया स्पेक्ट्रम क्लोरोफिल a और सहायक वर्णकों का अनुसरण करता है, इसलिए कथन I गलत है।
Given below are two statements: Statement I: The action spectrum of photosynthesis follows the absorption spectrum of chlorophyll a alone. Statement II: Photosynthesis is highest in the blue and red regions of light. Choose the correct answer.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: अचक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण में दोनों प्रकाशतंत्र सम्मिलित होते हैं। कथन II: चक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण में ऑक्सीजन मुक्त होती है। सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
चक्रीय प्रवाह में केवल PS I कार्य करता है और जल का विघटन नहीं होता, इसलिए O₂ मुक्त नहीं होती।
Given below are two statements: Statement I: Non-cyclic photophosphorylation involves both photosystems. Statement II: Cyclic photophosphorylation releases oxygen. Choose the correct answer.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: प्रकाश-श्वसन के दौरान ATP और NADPH बनते हैं। कथन II: प्रकाश-श्वसन तब आरंभ होता है जब RuBisCO, CO₂ के स्थान पर O₂ को बाँध लेता है। सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
प्रकाश-श्वसन में न ATP बनता है न NADPH; कथन II सही है।
Given below are two statements: Statement I: ATP and NADPH are made during photorespiration. Statement II: Photorespiration is initiated when RuBisCO binds O₂ instead of CO₂. Choose the correct answer.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: C4 पौधों में CO₂ का प्रथम स्थिरीकरण पर्णमध्योतक कोशिकाओं में PEP कार्बोक्सिलेज़ द्वारा होता है। कथन II: C4 पौधों में प्रकाश-श्वसन दिखाई नहीं देता। सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
CO₂ पंप पूलीय आच्छद में RuBisCO के चारों ओर CO₂ की सांद्रता ऊँची बनाए रखता है।
Given below are two statements: Statement I: In C4 plants the first fixation of CO₂ is done by PEP carboxylase in mesophyll cells. Statement II: C4 plants do not show visible photorespiration. Choose the correct answer.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: हरित लवकों में ATP संश्लेषण के दौरान प्रोटॉन ल्यूमेन से स्ट्रोमा की ओर CF₀ से होकर जाते हैं। कथन II: प्रकाश अभिक्रिया के दौरान प्रोटॉन स्ट्रोमा में एकत्र होते हैं। सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
प्रोटॉन ल्यूमेन में एकत्र होते हैं, स्ट्रोमा में नहीं, इसलिए कथन II गलत है।
Given below are two statements: Statement I: During ATP synthesis in chloroplasts, protons move from the lumen to the stroma through CF₀. Statement II: Protons accumulate in the stroma during the light reaction. Choose the correct answer.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. जल का विघटन प्रकाशतंत्र II से संबद्ध है। 2. जल-विघटन संकुल थाइलेकॉइड झिल्ली की ल्यूमेन की ओर होता है। 3. जल से मिले इलेक्ट्रॉन सीधे NADP⁺ तक जाते हैं।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 2 केवल
कथन 1 और 2 सही हैं। जल से मिले इलेक्ट्रॉन पहले PS II में जाते हैं, इसलिए 3 गलत है।
Which of the following statements are correct? 1. Water splitting is associated with photosystem II. 2. The water splitting complex is on the lumen side of the thylakoid membrane. 3. Electrons from water pass directly to NADP⁺.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
कैल्विन चक्र के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. RuBP का कार्बोक्सिलीकरण RuBisCO द्वारा उत्प्रेरित होता है। 2. एक ग्लूकोज़ बनाने के लिए चक्र के छह चक्कर चाहिए। 3. प्रथम स्थायी उत्पाद 4-कार्बन अम्ल है।
- 2 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
- 1 और 2 केवल
- 1 और 3 केवल
उत्तर
C. 1 और 2 केवल
प्रथम स्थायी उत्पाद 3-कार्बन वाला 3-PGA है, इसलिए 3 गलत है।
Which of the following statements about the Calvin cycle are correct? 1. Carboxylation of RuBP is catalysed by RuBisCO. 2. Six turns of the cycle are needed to make one glucose. 3. The first stable product is a 4-carbon acid.
- 2 and 3 only
- 1, 2 and 3
- 1 and 2 only
- 1 and 3 only
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. C4 पौधों का अनुकूलतम ताप C3 पौधों से अधिक होता है। 2. C4 पौधे C3 पौधों की तुलना में कम CO₂ सांद्रता पर संतृप्त हो जाते हैं। 3. C3 पौधों में क्रांज़ शारीरिकी होती है।
- 1, 2 और 3
- 1 और 3 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 2 केवल
उत्तर
D. 1 और 2 केवल
क्रांज़ शारीरिकी C4 पौधों में पाई जाती है, इसलिए 3 गलत है।
Which of the following statements are correct? 1. C4 plants have a higher temperature optimum than C3 plants. 2. C4 plants saturate at a lower CO₂ concentration than C3 plants. 3. C3 plants show Kranz anatomy.
- 1, 2 and 3
- 1 and 3 only
- 2 and 3 only
- 1 and 2 only
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: कम प्रकाश तीव्रता पर प्रकाश-संश्लेषण की दर प्रकाश के साथ बढ़ती है। कथन II: खुले सूर्य-प्रकाश में अधिकांश पौधों के लिए प्रकाश प्रायः मुख्य सीमाकारी कारक होता है। सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
पूर्ण सूर्य-प्रकाश के लगभग 10 प्रतिशत पर संतृप्ति आ जाती है, इसलिए खुले में प्रकाश शायद ही सीमाकारी होता है।
Given below are two statements: Statement I: At low light intensity the rate of photosynthesis rises with light. Statement II: In open sunlight light is usually the main limiting factor for most plants. Choose the correct answer.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
अभिकथन (A): प्रकाश-संश्लेषण में मुक्त होने वाली ऑक्सीजन जल से आती है। कारण (R): प्रकाश अभिक्रिया में जल का विघटन प्रकाशतंत्र II द्वारा होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
जल के विघटन से O₂, H⁺ और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं।
Assertion (A): The oxygen released in photosynthesis comes from water. Reason (R): Water is split by photosystem II in the light reaction.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): C4 पौधे उच्च ताप पर प्रकाश-संश्लेषण की उच्च दर दर्शाते हैं। कारण (R): C4 पौधों में CO₂ पूलीय आच्छद कोशिकाओं में सांद्रित होती है, जहाँ RuBisCO कार्बोक्सिलेज़ के रूप में कार्य करता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
RuBisCO के चारों ओर उच्च CO₂ ऑक्सीजिनेज़ क्रिया और प्रकाश-श्वसन को रोकती है।
Assertion (A): C4 plants show high photosynthetic rates at high temperature. Reason (R): In C4 plants, CO₂ is concentrated in the bundle sheath cells, where RuBisCO acts as a carboxylase.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): क्लोरोफिल a प्रकाश-संश्लेषण का प्राथमिक वर्णक है। कारण (R): कैरोटिनॉइड सहायक वर्णक हैं जो ऊर्जा क्लोरोफिल a को देते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं, परंतु कैरोटिनॉइड की सहायक भूमिका यह नहीं समझाती कि क्लोरोफिल a प्राथमिक क्यों है।
Assertion (A): Chlorophyll a is the primary pigment of photosynthesis. Reason (R): Carotenoids are accessory pigments that pass energy to chlorophyll a.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): हरित लवक का स्ट्रोमा कैल्विन चक्र का स्थल है। कारण (R): कैल्विन चक्र के एंजाइम थाइलेकॉइड झिल्लियों में स्थित होते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
कैल्विन चक्र के एंजाइम स्ट्रोमा में होते हैं।
Assertion (A): The stroma of the chloroplast is the site of the Calvin cycle. Reason (R): The enzymes of the Calvin cycle are located in the thylakoid membranes.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): प्रकाश-श्वसन एक उपयोगी प्रक्रिया है जो ATP बनाती है। कारण (R): O₂ की सांद्रता अधिक होने पर RuBisCO ऑक्सीजिनेज़ क्रिया दर्शाता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
D. A असत्य है लेकिन R सत्य है
प्रकाश-श्वसन में ऊर्जा व्यर्थ जाती है; ऑक्सीजिनेज़ वाला कथन सत्य है।
Assertion (A): Photorespiration is a useful process that produces ATP. Reason (R): RuBisCO shows oxygenase activity when the O₂ concentration is high.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): प्रकाश अभिक्रिया ATP और NADPH बनाती है। कारण (R): जैव-संश्लेषी प्रावस्था स्ट्रोमा में होती है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं परंतु R, A की व्याख्या नहीं करता।
Assertion (A): The light reaction makes ATP and NADPH. Reason (R): The biosynthetic phase takes place in the stroma.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. प्रीस्टले b. साक्स c. एंगेलमैन d. वैन नील सूची II: i. बैंगनी और हरे सल्फर जीवाणु ii. पत्तियों के हरे भागों में स्टार्च की जाँच iii. वायवीय जीवाणु और प्रकाश का प्रिज़्म iv. पुदीने का पौधा और जलती मोमबत्ती
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
उत्तर
B. a-iv, b-ii, c-iii, d-i
प्रीस्टले: पुदीने का पौधा और मोमबत्ती; साक्स: स्टार्च; एंगेलमैन: प्रिज़्म और जीवाणु; वैन नील: सल्फर जीवाणु।
Match List I with List II. List I: a. Priestley b. Sachs c. Engelmann d. van Niel List II: i. Purple and green sulphur bacteria ii. Starch tested in green parts of leaves iii. Aerobic bacteria and a prism of light iv. Mint plant and a burning candle
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iv, b-ii, c-iii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. क्लोरोफिल a b. क्लोरोफिल b c. ज़ैन्थोफिल d. कैरोटिनॉइड सूची II: i. पीले से पीला-नारंगी ii. पीला iii. चमकीला या नीला-हरा iv. पीला-हरा
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
उत्तर
B. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
क्रोमैटोग्राफी में रंग: क्लोरोफिल a चमकीला या नीला-हरा, b पीला-हरा, ज़ैन्थोफिल पीला, कैरोटिनॉइड पीले से पीला-नारंगी।
Match List I with List II. List I: a. Chlorophyll a b. Chlorophyll b c. Xanthophylls d. Carotenoids List II: i. Yellow to yellow-orange ii. Yellow iii. Bright or blue green iv. Yellow green
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-iv, b-iii, c-ii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. प्लास्टोक्विनोन b. प्लास्टोसायनिन c. फेरेडॉक्सिन d. ATP सिंथेज़ सूची II: i. इलेक्ट्रॉनों को साइटोक्रोम b6f से प्रकाशतंत्र I तक ले जाता है ii. इलेक्ट्रॉनों को आगे NADP रिडक्टेज़ की ओर पहुँचाता है iii. इलेक्ट्रॉन ले जाते समय प्रोटॉनों को ल्यूमेन में ले जाता है iv. ADP और Pi से ATP बनाता है
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
उत्तर
D. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
प्लास्टोक्विनोन इलेक्ट्रॉन ले जाता है और प्रोटॉनों को भी ले जाता है; प्लास्टोसायनिन PS I तक जाता है; फेरेडॉक्सिन इलेक्ट्रॉनों को NADP रिडक्टेज़ तक पहुँचाता है।
Match List I with List II. List I: a. Plastoquinone b. Plastocyanin c. Ferredoxin d. ATP synthase List II: i. Carries electrons from cytochrome b6f to photosystem I ii. Passes electrons on towards NADP reductase iii. Moves protons into the lumen as it carries electrons iv. Makes ATP from ADP and Pi
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. कार्बोक्सिलीकरण b. अपचयन c. पुनर्जनन d. C4 पौधों में प्राथमिक स्थिरीकरण सूची II: i. PEP से OAA का बनना ii. RuBP बनाने में ATP का उपयोग iii. RuBP में CO₂ का जुड़ना iv. ट्रायोज़ फॉस्फेट बनाने में ATP और NADPH का उपयोग
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
उत्तर
B. a-iii, b-iv, c-ii, d-i
कार्बोक्सिलीकरण में CO₂ RuBP में जुड़ती है; अपचयन में ATP और NADPH लगते हैं; पुनर्जनन में ATP लगता है; C4 स्थिरीकरण में OAA बनता है।
Match List I with List II. List I: a. Carboxylation b. Reduction c. Regeneration d. Primary fixation in C4 plants List II: i. Formation of OAA from PEP ii. Uses ATP to form RuBP iii. Addition of CO₂ to RuBP iv. Uses ATP and NADPH to form triose phosphate
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. हैच और स्लैक b. ब्लैकमैन c. हिल d. इंगेनहाउस सूची II: i. पृथक् हरित लवक प्रकाश में ऑक्सीजन मुक्त करते हैं ii. ऑक्सीजन मुक्त होने के लिए सूर्य-प्रकाश और हरे भाग आवश्यक हैं iii. C4 पथ iv. सीमाकारी कारकों का नियम
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
उत्तर
B. a-iii, b-iv, c-i, d-ii
हैच और स्लैक: C4 पथ; ब्लैकमैन: सीमाकारी कारक; हिल: हरित लवक O₂ मुक्त करते हैं; इंगेनहाउस: प्रकाश और हरे भाग।
Match List I with List II. List I: a. Hatch and Slack b. Blackman c. Hill d. Ingenhousz List II: i. Isolated chloroplasts evolve oxygen in light ii. Sunlight and green parts are needed to release oxygen iii. C4 pathway iv. Law of limiting factors
- a-i, b-iv, c-iii, d-ii
- a-iii, b-iv, c-i, d-ii
- a-iv, b-iii, c-i, d-ii
- a-iii, b-iv, c-ii, d-i
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए। सूची I: a. P700 b. P680 c. CF₀ d. कैल्विन चक्र सूची II: i. PS II का अभिक्रिया केंद्र ii. PS I का अभिक्रिया केंद्र iii. ATP सिंथेज़ का झिल्ली-मार्ग iv. स्ट्रोमा में होता है
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
उत्तर
D. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
P700 PS I का केंद्र है, P680 PS II का केंद्र है, CF₀ मार्ग है, और कैल्विन चक्र स्ट्रोमा में चलता है।
Match List I with List II. List I: a. P700 b. P680 c. CF₀ d. Calvin cycle List II: i. Reaction centre of PS II ii. Reaction centre of PS I iii. Membrane channel of ATP synthase iv. Takes place in the stroma
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
एक ग्रीनहाउस उत्पादक C3 फसल के लिए CO₂ को लगभग 0.03 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 0.05 प्रतिशत करता है, जबकि प्रकाश और ताप सर्वोत्तम हैं। अपेक्षित परिणाम क्या है?
- दर वही रहती है क्योंकि प्रकाश सीमाकारी है
- प्रकाश-श्वसन पूरी तरह रुक जाता है
- प्रकाश-संश्लेषण की दर बढ़ जाती है
- प्रकाश-संश्लेषण की दर घट जाती है
उत्तर
C. प्रकाश-संश्लेषण की दर बढ़ जाती है
CO₂ मुख्य सीमाकारी कारक है, और C3 पौधे CO₂ की वृद्धि पर अनुक्रिया करते हैं।
A greenhouse grower raises CO₂ from about 0.03 percent to about 0.05 percent for a C3 crop, with light and temperature at their best. What is the expected result?
- The rate stays the same because light is limiting
- Photorespiration stops completely
- The rate of photosynthesis rises
- The rate of photosynthesis falls
पृथक् हरित लवकों को प्रकाश में जल और कृत्रिम इलेक्ट्रॉन ग्राही दिया जाता है, CO₂ नहीं। क्या मुक्त होता है?
- ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ग्लूकोज़
- स्टार्च
उत्तर
A. ऑक्सीजन
यह हिल अभिक्रिया है: जल का विघटन होता है और CO₂ स्थिर हुए बिना O₂ मुक्त होती है।
Isolated chloroplasts are given water and an artificial electron acceptor in light, with no CO₂. What is released?
- Oxygen
- Carbon dioxide
- Glucose
- Starch
थाइलेकॉइड झिल्लियों को प्रोटॉनों के लिए रिसने वाला बना दिया जाए। मुख्यतः कौन-सी प्रक्रिया नष्ट होगी?
- ऑक्सीजन-मुक्तिकारी संकुल पर जल का विघटन
- क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश का अवशोषण
- ATP सिंथेज़ द्वारा ATP का संश्लेषण
- RuBisCO द्वारा RuBP का कार्बोक्सिलीकरण
उत्तर
C. ATP सिंथेज़ द्वारा ATP का संश्लेषण
ATP संश्लेषण झिल्ली के आर-पार प्रोटॉन प्रवणता पर निर्भर करता है।
Thylakoid membranes are made leaky to protons. Which process is mainly lost?
- Splitting of water at the oxygen evolving complex
- Absorption of light by chlorophyll
- Synthesis of ATP by ATP synthase
- Carboxylation of RuBP by RuBisCO
प्रकाश की तीव्रता को पूर्ण सूर्य-प्रकाश के लगभग 10 प्रतिशत से बढ़ाकर पूर्ण सूर्य-प्रकाश कर दिया जाता है और प्रकाश-संश्लेषण की दर नहीं बढ़ती। इसका संभावित कारण क्या है?
- CO₂ अधिक प्रचुर हो गई है
- जल अधिक प्रचुर हो गया है
- RuBisCO ने कार्य करना बंद कर दिया है
- प्रकाश संतृप्ति आ गई है
उत्तर
D. प्रकाश संतृप्ति आ गई है
संतृप्ति पूर्ण सूर्य-प्रकाश के लगभग 10 प्रतिशत पर आ जाती है।
Light intensity is raised from about 10 percent of full sunlight to full sunlight and the rate of photosynthesis does not rise. What is the likely reason?
- CO₂ has become more abundant
- Water has become more abundant
- RuBisCO has stopped working
- Light saturation has been reached
एक गर्म, शुष्क दिन में C3 पत्ती के रंध्र बंद हो जाते हैं। आंतरिक CO₂ घटती है और O₂ बढ़ती है। कौन-सी प्रक्रिया बढ़ती है?
- प्रकाश-श्वसन
- PEP कार्बोक्सिलेज़ द्वारा CO₂ का स्थिरीकरण
- केवल चक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण
- PS I द्वारा जल का विघटन
उत्तर
A. प्रकाश-श्वसन
कम CO₂ और अधिक O₂ RuBisCO की ऑक्सीजिनेज़ क्रिया के अनुकूल होते हैं।
On a hot, dry day the stomata of a C3 leaf close. Internal CO₂ falls and O₂ rises. Which process increases?
- Photorespiration
- Fixation of CO₂ by PEP carboxylase
- Cyclic photophosphorylation only
- Splitting of water by PS I
कैल्विन चक्र को ग्लूकोज़ के दो अणु बनाने के लिए कितने NADPH अणु चाहिए?
- 12
- 24
- 36
- 18
उत्तर
B. 24
एक ग्लूकोज़ के लिए 12 NADPH चाहिए, इसलिए दो के लिए 24।
How many NADPH molecules are needed by the Calvin cycle to make two molecules of glucose?
- 12
- 24
- 36
- 18
जब प्रिज़्म से विभाजित प्रकाश वायवीय जीवाणुओं वाले क्लैडोफोरा पर पड़ता है, तो जीवाणु मुख्यतः नीले और लाल क्षेत्रों में एकत्र होते हैं। यह क्या दर्शाता है?
- प्रकाश-संश्लेषण हरे प्रकाश में सर्वाधिक होता है
- शैवाल लाल प्रकाश में ऑक्सीजन का अवशोषण करता है
- जीवाणु नीले प्रकाश में भोजन बनाते हैं
- प्रकाश-संश्लेषण, और इसलिए ऑक्सीजन का मुक्त होना, नीले और लाल प्रकाश में सर्वाधिक होता है
उत्तर
D. प्रकाश-संश्लेषण, और इसलिए ऑक्सीजन का मुक्त होना, नीले और लाल प्रकाश में सर्वाधिक होता है
जीवाणु वहाँ एकत्र होते हैं जहाँ सबसे अधिक ऑक्सीजन मुक्त होती है, जिससे नीले और लाल में शिखर वाला क्रिया स्पेक्ट्रम मिलता है।
When light split by a prism falls on Cladophora with aerobic bacteria, the bacteria gather mainly in the blue and red regions. What does this show?
- Photosynthesis is highest in green light
- Oxygen is absorbed by the alga in red light
- Bacteria make food in blue light
- Photosynthesis, and so oxygen release, is highest in blue and red light