ठोसों के यांत्रिक गुण
याद रखने योग्य बातें
- प्रत्यास्थता सीमा के भीतर प्रतिबल (stress), विकृति (strain) के समानुपाती होता है (हुक का नियम)। अनुपात प्रतिबल/विकृति एक नियतांक है, जिसे पदार्थ का प्रत्यास्थता गुणांक कहते हैं।
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक Y = (F/A)/(ΔL/L) = FL/(AΔL) लंबाई में परिवर्तन पर लागू होता है; दृढ़ता गुणांक G = (F/A)/θ आकृति में परिवर्तन पर लागू होता है; आयतन प्रत्यास्थता गुणांक B = −Δp/(ΔV/V) आयतन में परिवर्तन पर लागू होता है। संपीड्यता 1/B है।
- खींचे गए तार में संचित प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा प्रति इकाई आयतन ½ × प्रतिबल × विकृति होती है, जो पूरे तार के लिए ½ F ΔL के बराबर है।
- तार के लिए प्रसार ΔL = FL/(AY) होता है। यह बल और लंबाई के समानुपाती तथा अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल और यंग प्रत्यास्थता गुणांक के व्युत्क्रमानुपाती है।
प्रत्यास्थ व्यवहार, प्रतिबल और विकृति
जो वस्तु विरूपक बल हटाने पर अपना मूल आकार और आकृति पुनः प्राप्त कर लेती है, उसे प्रत्यास्थ (elastic) कहते हैं। जो वस्तु अपनी आकृति पुनः प्राप्त नहीं करती और विकृत बनी रहती है, उसे प्लास्टिक (plastic) कहते हैं। कोई भी वास्तविक वस्तु पूर्णतः प्रत्यास्थ या पूर्णतः प्लास्टिक नहीं होती। इस्पात रबड़ से अधिक प्रत्यास्थ है क्योंकि समान विकृति के लिए उसे बहुत अधिक बल चाहिए।
प्रतिबल (stress) किसी विकृत वस्तु के भीतर प्रति इकाई अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल पर उत्पन्न प्रत्यानयन बल है। प्रतिबल = F/A। इसका SI मात्रक N m⁻² या पास्कल (Pa) है और विमाएँ [M L⁻¹ T⁻²] हैं।
विकृति (strain) आमाप या आकृति में भिन्नात्मक परिवर्तन है। इसका कोई मात्रक और कोई विमा नहीं होती।
प्रतिबल और विकृति के तीन प्रकार हैं।
| प्रकार | बल की दिशा | विकृति | विकृति की परिभाषा |
|---|---|---|---|
| अनुदैर्ध्य (तनन या संपीडन) | क्षेत्रफल के अभिलंबवत, लंबाई के अनुदिश | अनुदैर्ध्य विकृति | ΔL/L |
| अपरूपण (स्पर्शरेखीय) | किसी फलक के समांतर | अपरूपण विकृति | Δx/L = tan θ, छोटे कोणों के लिए लगभग θ |
| आयतनात्मक (द्रवचालित) | संपूर्ण पृष्ठ पर अभिलंबवत समान दाब | आयतन विकृति | ΔV/V |
अनुदैर्ध्य प्रतिबल में, खींचने वाला बल तनन प्रतिबल और दबाने वाला बल संपीडन प्रतिबल देता है। अपरूपण प्रतिबल में आकृति बदलती है परंतु आयतन नहीं बदलता (छोटे विरूपण के लिए)। द्रवचालित प्रतिबल में, जैसे द्रव में गहराई पर स्थित ठोस वस्तु, आकृति वही रहती है पर आयतन बदलता है। द्रवचालित प्रतिबल दाब p होता है।
हुक का नियम और प्रतिबल–विकृति वक्र
हुक का नियम। छोटे विरूपणों के लिए प्रतिबल, विकृति के अनुक्रमानुपाती होता है।
प्रतिबल = प्रत्यास्थता गुणांक × विकृति
यह नियतांक प्रत्यास्थता गुणांक (modulus of elasticity) कहलाता है। यह पदार्थ पर निर्भर करता है, नमूने के आमाप पर नहीं।
धात्विक तार के लिए प्रतिबल–विकृति वक्र (शब्दों में)। ऊर्ध्वाधर अक्ष पर प्रतिबल और क्षैतिज अक्ष पर विकृति आलेखित की जाती है।
| क्षेत्र | क्या होता है |
|---|---|
| मूलबिंदु से सरल रेखा | प्रतिबल विकृति के समानुपाती है। हुक का नियम लागू होता है। इस रेखा का अंत आनुपातिक सीमा है। |
| आनुपातिक सीमा के बाद थोड़ा वक्राकार भाग | प्रतिबल अब विकृति के समानुपाती नहीं रहता, परंतु भार हटाने पर तार अपनी मूल लंबाई पुनः प्राप्त कर लेता है। |
| प्रत्यास्थता सीमा (पराभव बिंदु) | वह अधिकतम प्रतिबल जिस तक तार पूर्णतः पुनः प्राप्त कर लेता है। इसके आगे, भार हटाने पर तार में स्थायी विरूपण (लंबाई में स्थायी परिवर्तन) रह जाता है। यहाँ के प्रतिबल को पराभव सामर्थ्य (yield strength) कहते हैं। |
| प्लास्टिक क्षेत्र | प्रतिबल में थोड़ी वृद्धि पर विकृति तेज़ी से बढ़ती है। विरूपण स्थायी होता है। |
| चरम तनन प्रतिबल (तनन सामर्थ्य) | वक्र का उच्चतम बिंदु, वह अधिकतम प्रतिबल जिसे तार सह सकता है। |
| भंजन बिंदु | उच्चतम बिंदु के बाद तार एक स्थान पर पतला हो जाता है (ग्रीवा बनना, necking) और टूट जाता है। |
वक्र के सरल रेखीय भाग की प्रवणता यंग प्रत्यास्थता गुणांक है।
वक्र के आधार पर पदार्थों के प्रकार।
- तन्य (ductile) पदार्थों में प्रत्यास्थता सीमा और भंजन बिंदु के बीच बड़ा प्लास्टिक क्षेत्र होता है। उन्हें खींचकर तार बनाए जा सकते हैं। उदाहरण: ताँबा, ऐलुमिनियम, इस्पात (मृदु)।
- भंगुर (brittle) पदार्थों में प्लास्टिक क्षेत्र बहुत छोटा होता है। वे प्रत्यास्थता सीमा के तुरंत बाद टूट जाते हैं। उदाहरण: काँच, ढलवाँ लोहा।
- प्रत्यास्थलक (elastomers) छोटे प्रतिबल पर बड़ी विकृति दर्शाते हैं और इनमें कोई सुपरिभाषित प्लास्टिक क्षेत्र नहीं होता। उदाहरण: रबड़, महाधमनी का ऊतक। ये संपूर्ण परास में हुक के नियम का पालन नहीं करते।
प्रत्यास्थता गुणांक
यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Young's modulus, Y)। अनुदैर्ध्य प्रतिबल और अनुदैर्ध्य विकृति का अनुपात।
Y = (F/A) / (ΔL/L) = F L / (A ΔL)
मात्रक: N m⁻² (Pa)। व्यास d के तार के लिए A = πd²/4, अतः Y = 4FL/(πd²ΔL)। यंग प्रत्यास्थता गुणांक ठोसों का गुण है; द्रवों और गैसों में यह नहीं होता। अधिकांश धातुओं के लिए प्रत्यास्थ परास में यह तनन और संपीडन दोनों के लिए समान होता है।
| पदार्थ | यंग प्रत्यास्थता गुणांक (N m⁻²) |
|---|---|
| इस्पात | लगभग 2.0 × 10¹¹ |
| ताँबा | लगभग 1.1 × 10¹¹ |
| ऐलुमिनियम | लगभग 0.7 × 10¹¹ |
इस्पात का यंग प्रत्यास्थता गुणांक ताँबे से अधिक है, इसलिए समान भार और समान आमाप पर इस्पात का तार ताँबे के तार से कम बढ़ता है। जिस पदार्थ का यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक होता है, वह लंबाई में परिवर्तन का प्रतिरोध करने के अर्थ में "अधिक प्रत्यास्थ" होता है।
दृढ़ता गुणांक (shear modulus, G, modulus of rigidity)। अपरूपण प्रतिबल और अपरूपण विकृति का अनुपात।
G = (F/A) / (Δx/L) = F / (A θ)
यहाँ F स्पर्शरेखीय बल है, A उस फलक का क्षेत्रफल है जिस पर यह कार्य करता है, Δx ऊपरी फलक का विस्थापन है, L ऊँचाई है और θ अपरूपण कोण रेडियन में है। मात्रक: N m⁻² (Pa)। केवल ठोसों में दृढ़ता गुणांक होता है, क्योंकि विरामावस्था में तरल अपरूपण प्रतिबल सहन नहीं कर सकते। अधिकांश धातुओं के लिए G, Y से छोटा होता है (Y का लगभग एक-तिहाई)।
आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (bulk modulus, B)। द्रवचालित प्रतिबल (दाब में परिवर्तन) और आयतन विकृति का अनुपात।
B = − Δp / (ΔV/V) = − p V / ΔV
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि दाब बढ़ने पर आयतन घटता है, इसलिए B धनात्मक है। मात्रक: N m⁻² (Pa)।
संपीड्यता (compressibility, k) आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम है।
k = 1/B = −(1/V)(ΔV/Δp)। मात्रक: Pa⁻¹ या N⁻¹ m²।
ठोसों का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक बड़ा होता है (इस्पात का लगभग 1.6 × 10¹¹ N m⁻²)। द्रवों के मान छोटे होते हैं (जल का लगभग 2.2 × 10⁹ N m⁻²)। गैसों का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक सबसे छोटा होता है और वे सबसे अधिक संपीड्य होती हैं। गैसों की तुलना में ठोस और द्रव लगभग असंपीड्य हैं।
| गुणांक | विकृति का प्रकार | किन पर लागू | सूत्र |
|---|---|---|---|
| यंग प्रत्यास्थता गुणांक | लंबाई में परिवर्तन | केवल ठोस | FL/(AΔL) |
| दृढ़ता गुणांक | आकृति में परिवर्तन | केवल ठोस | F/(Aθ) |
| आयतन प्रत्यास्थता गुणांक | आयतन में परिवर्तन | ठोस, द्रव और गैस | −Δp/(ΔV/V) |
पॉयसन अनुपात (Poisson's ratio) (संक्षेप में)। जब तार खींचा जाता है, तो उसकी लंबाई बढ़ती है और व्यास घटता है। पार्श्विक विकृति व्यास में भिन्नात्मक परिवर्तन है। पॉयसन अनुपात σ है
σ = पार्श्विक विकृति / अनुदैर्ध्य विकृति
यह शुद्ध संख्या है और इसका कोई मात्रक नहीं होता। सामान्य पदार्थों के लिए यह 0 और 0.5 के बीच होता है।
खींचे गए तार में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा
जब तार को धीरे-धीरे खींचा जाता है, तो प्रत्यानयन बल के विरुद्ध कार्य किया जाता है। यह कार्य प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है। प्रसार शून्य से ΔL तक बढ़ने पर बल शून्य से F तक बढ़ता है, इसलिए औसत बल F/2 होता है।
U = ½ F ΔL
F = YAΔL/L प्रयोग करने पर:
U = ½ (Y A / L) (ΔL)²
तार बल-नियतांक k = YA/L वाली कमानी की भाँति व्यवहार करता है। प्रति इकाई आयतन ऊर्जा (ऊर्जा घनत्व) है
u = U / (A L) = ½ × (F/A) × (ΔL/L) = ½ × प्रतिबल × विकृति = ½ Y (strain)² = (stress)² / 2Y
u का मात्रक: J m⁻³। किसी दी गई विकृति तक प्रतिबल–विकृति वक्र के नीचे का क्षेत्रफल प्रति इकाई आयतन संचित ऊर्जा के बराबर होता है। संचित ऊर्जा विकृति के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए प्रसार दोगुना करने पर संचित ऊर्जा चार गुनी हो जाती है।
प्रत्यास्थ व्यवहार के अनुप्रयोग
क्रेन और रस्सियाँ। क्रेन की रस्सी पर प्रत्यास्थता सीमा से अधिक भार नहीं लादना चाहिए, अन्यथा उसमें स्थायी विरूपण आ जाएगा। अनुमत अधिकतम प्रतिबल पराभव सामर्थ्य को सुरक्षा गुणक से भाग देने पर प्राप्त होता है। रस्सी अनेक पतले तंतुओं को ऐंठकर बनाई जाती है और उसका कुल अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल इस प्रकार चुना जाता है कि भार पराभव सामर्थ्य से काफ़ी कम रहे। अधिक भार के लिए मोटी रस्सी (अधिक क्षेत्रफल) चाहिए।
बीम (धरन)। लंबाई l, चौड़ाई b और गहराई d की बीम, जो अपने दोनों सिरों पर टिकी है और बीच में भार W से लदी है, झुक जाती है (नमन)। बीच में अवनमन है
δ = W l³ / (4 b d³ Y)
अतः बीम छोटी, चौड़ी और गहरी हो तथा Y अधिक हो, तो नमन कम होता है। गहराई d का घन आता है, इसलिए गहराई बढ़ाना चौड़ाई बढ़ाने से अधिक प्रभावी है। इसी कारण पुलों और रेल पटरियों में I-आकार की बीम प्रयोग की जाती हैं, जिनकी गहराई अधिक होती है और सामग्री की बचत होती है।
पर्वत की ऊँचाई। पर्वत का आधार अपने ही भार के कारण भारी प्रतिबल में होता है। यदि प्रतिबल चट्टान की प्रत्यास्थता सीमा से अधिक हो, तो चट्टान बहने लगती है। ऊँचाई h और घनत्व ρ के पर्वत के आधार पर दाब hρg होता है। चट्टान के लिए यह प्रतिबल लगभग 3 × 10⁸ N m⁻² से अधिक नहीं हो सकता। hρg को इस सीमा के बराबर रखने पर अधिकतम ऊँचाई लगभग 10 km आती है, जो माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई (लगभग 9 km) से मेल खाती है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 (तार का प्रसार)। लंबाई 2 m और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल 1 mm² (1 × 10⁻⁶ m²) के इस्पात के तार पर 100 N का भार है। Y = 2 × 10¹¹ N m⁻² लीजिए।
ΔL = F L / (A Y) = (100 × 2) / (1 × 10⁻⁶ × 2 × 10¹¹) = 200 / (2 × 10⁵) = 1 × 10⁻³ m = 1 mm।
उदाहरण 2 (संचित ऊर्जा)। उसी तार के लिए संचित ऊर्जा U = ½ F ΔL = ½ × 100 × 1 × 10⁻³ = 0.05 J है।
ऊर्जा घनत्व से जाँच: प्रतिबल = F/A = 10⁸ N m⁻²; विकृति = ΔL/L = 5 × 10⁻⁴; u = ½ × 10⁸ × 5 × 10⁻⁴ = 2.5 × 10⁴ J m⁻³। आयतन = A L = 2 × 10⁻⁶ m³। U = 2.5 × 10⁴ × 2 × 10⁻⁶ = 0.05 J।
उदाहरण 3 (आयतन प्रत्यास्थता गुणांक)। जल के एक खंड पर दाब 2.2 × 10⁷ N m⁻² बढ़ाया जाता है। B = 2.2 × 10⁹ N m⁻² लीजिए। आयतन में भिन्नात्मक कमी Δp/B = 2.2 × 10⁷ / 2.2 × 10⁹ = 0.01 है, अर्थात् 1%।
उदाहरण 4 (अपरूपण)। भुजा 0.1 m के घन के ऊपरी फलक पर 10⁴ N का स्पर्शरेखीय बल लगता है, जबकि निचला फलक स्थिर है। G = 2 × 10¹⁰ N m⁻² लीजिए। अपरूपण प्रतिबल = 10⁴ / 0.01 = 10⁶ N m⁻²। अपरूपण विकृति = 10⁶ / (2 × 10¹⁰) = 5 × 10⁻⁵ rad। ऊपरी फलक Δx = θ L = 5 × 10⁻⁵ × 0.1 = 5 × 10⁻⁶ m विस्थापित होता है।
उदाहरण 5 (दो तार)। एक ही पदार्थ के दो तारों पर समान भार है और उनकी लंबाइयों का अनुपात 1 : 2 तथा व्यासों का अनुपात 1 : 2 है। चूँकि ΔL ∝ L/d², उनके प्रसारों का अनुपात (1/1²) : (2/2²) = 1 : 0.5 = 2 : 1 है।
सूत्र सारांश
| राशि | सूत्र | मात्रक |
|---|---|---|
| प्रतिबल | F/A | Pa |
| अनुदैर्ध्य विकृति | ΔL/L | कोई नहीं |
| अपरूपण विकृति | Δx/L ≈ θ | कोई नहीं (रेडियन) |
| आयतन विकृति | ΔV/V | कोई नहीं |
| यंग प्रत्यास्थता गुणांक | FL/(AΔL) = 4FL/(πd²ΔL) | Pa |
| दृढ़ता गुणांक | F/(Aθ) | Pa |
| आयतन प्रत्यास्थता गुणांक | −Δp/(ΔV/V) | Pa |
| संपीड्यता | 1/B | Pa⁻¹ |
| पॉयसन अनुपात | पार्श्विक विकृति / अनुदैर्ध्य विकृति | कोई नहीं |
| तार का प्रसार | ΔL = FL/(AY) | m |
| तार का बल-नियतांक | k = YA/L | N m⁻¹ |
| प्रत्यास्थ ऊर्जा | ½ F ΔL = ½ (YA/L)(ΔL)² | J |
| प्रति इकाई आयतन ऊर्जा | ½ × प्रतिबल × विकृति = ½ Y (strain)² | J m⁻³ |
| भारित बीम का नमन | W l³/(4 b d³ Y) | m |
NEET में सामान्य भूलें
- 1. यंग प्रत्यास्थता गुणांक लंबाई में परिवर्तन के प्रति प्रतिरोध मापता है, सामर्थ्य नहीं; अधिक Y वाले पदार्थ का भंजन प्रतिबल अधिक हो, यह आवश्यक नहीं।
- 2. इस्पात रबड़ से अधिक प्रत्यास्थ है (अधिक Y, समान विकृति पर अधिक प्रत्यानयन बल), भले ही रबड़ अधिक खिंचता है।
- 3. प्रतिबल प्रति इकाई अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल पर बल है और इसका मात्रक दाब के समान है, परंतु प्रतिबल सदिश नहीं है और बल भी नहीं है।
- 4. विकृति का कोई मात्रक नहीं होता; गुणांक का मात्रक प्रतिबल के समान होता है।
- 5. दृढ़ता गुणांक और यंग प्रत्यास्थता गुणांक केवल ठोसों पर लागू होते हैं। आयतन प्रत्यास्थता गुणांक ठोस, द्रव और गैस पर लागू होता है।
- 6. संपीड्यता आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम है, इसलिए गैसों की संपीड्यता सबसे अधिक होती है।
- 7. पराभव बिंदु और चरम तनन प्रतिबल अलग-अलग बिंदु हैं: पराभव बिंदु पहले आता है, चरम प्रतिबल उच्चतम प्रतिबल है।
- 8. दिए गए भार पर दोगुनी लंबाई का तार दोगुना बढ़ता है; दोगुने व्यास का तार एक-चौथाई बढ़ता है, आधा नहीं।
- 9. बीम में नमन d³ पर निर्भर करता है, इसलिए समान पदार्थ के लिए गहरी बीम चौड़ी बीम से कहीं बेहतर होती है।
- 10. प्रत्यास्थ ऊर्जा ½ F ΔL है, F ΔL नहीं; बल शून्य से F तक बढ़ता है, इसलिए औसत बल F/2 होता है।
एक-पंक्ति तथ्य
- 1. प्रतिबल = प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रत्यानयन बल, N m⁻² (Pa) में।
- 2. विकृति = आमाप में परिवर्तन ÷ मूल आमाप, जिसका कोई मात्रक नहीं।
- 3. हुक का नियम: आनुपातिक सीमा के भीतर प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है।
- 4. Y = FL/(AΔL), और इस्पात के लिए यह लगभग 2 × 10¹¹ N m⁻² है।
- 5. दृढ़ता गुणांक G = F/(Aθ), और यह केवल ठोसों में होता है।
- 6. आयतन प्रत्यास्थता गुणांक B = −Δp/(ΔV/V); संपीड्यता = 1/B।
- 7. जल का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक लगभग 2.2 × 10⁹ N m⁻² है।
- 8. गैसें ठोसों और द्रवों की तुलना में कहीं अधिक संपीड्य होती हैं।
- 9. प्रत्यास्थता सीमा के बाद तार में स्थायी विरूपण रह जाता है।
- 10. प्रतिबल–विकृति वक्र पर उच्चतम प्रतिबल चरम तनन प्रतिबल है।
- 11. तन्य पदार्थ को खींचकर तार बनाया जा सकता है; भंगुर पदार्थ प्रत्यास्थता सीमा के तुरंत बाद टूट जाता है।
- 12. रबड़ जैसे प्रत्यास्थलक बड़ी विकृति दर्शाते हैं और उनमें सुपरिभाषित प्लास्टिक क्षेत्र नहीं होता।
- 13. प्रति इकाई आयतन संचित ऊर्जा = ½ × प्रतिबल × विकृति।
- 14. पॉयसन अनुपात = पार्श्विक विकृति / अनुदैर्ध्य विकृति, और इसका कोई मात्रक नहीं होता।
- 15. चट्टान की प्रत्यास्थता सीमा के कारण पर्वत की ऊँचाई लगभग 10 km तक सीमित रहती है।
अभ्यास प्रश्न
प्रतिबल का विमीय सूत्र है
- [M L² T⁻²]
- [M L⁻¹ T⁻²]
- [M L T⁻²]
- [M⁰ L⁰ T⁰]
उत्तर
B. [M L⁻¹ T⁻²]
प्रतिबल = बल/क्षेत्रफल = [M L T⁻²]/[L²] = [M L⁻¹ T⁻²]।
The dimensional formula of stress is
- [M L² T⁻²]
- [M L⁻¹ T⁻²]
- [M L T⁻²]
- [M⁰ L⁰ T⁰]
किसी पदार्थ का पॉयसन अनुपात
- N m⁻¹ में मापा जाता है
- N m⁻² में मापा जाता है
- Pa⁻¹ में मापा जाता है
- एक शुद्ध संख्या है जिसका कोई मात्रक नहीं
उत्तर
D. एक शुद्ध संख्या है जिसका कोई मात्रक नहीं
यह पार्श्विक विकृति को अनुदैर्ध्य विकृति से भाग देने पर प्राप्त होता है, जो दो विकृतियों का अनुपात है, अतः इसका कोई मात्रक नहीं होता।
Poisson's ratio of a material is
- measured in N m⁻¹
- measured in N m⁻²
- measured in Pa⁻¹
- a pure number with no unit
इस्पात, ताँबे और ऐलुमिनियम के तीन तारों की लंबाई और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल समान हैं तथा उन पर समान भार है। Y(इस्पात) = 2.0 × 10¹¹, Y(ताँबा) = 1.1 × 10¹¹ और Y(ऐलुमिनियम) = 0.7 × 10¹¹ N m⁻² लेने पर, सबसे कम प्रसार वाला तार है
- तीनों समान बढ़ते हैं
- ऐलुमिनियम
- इस्पात
- ताँबा
उत्तर
C. इस्पात
ΔL = FL/(AY) सबसे अधिक Y के लिए सबसे कम होता है, जो इस्पात का है।
Three wires of steel, copper and aluminium have the same length and area of cross-section and carry the same load. Taking Y(steel) = 2.0 × 10¹¹, Y(copper) = 1.1 × 10¹¹ and Y(aluminium) = 0.7 × 10¹¹ N m⁻², the wire with the least extension is
- all three extend equally
- aluminium
- steel
- copper
लंबाई 3 m और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल 2 × 10⁻⁶ m² के इस्पात के तार पर 200 N का भार है। यदि Y = 2 × 10¹¹ N m⁻² है, तो प्रसार है
- 1.5 mm
- 15 mm
- 0.75 mm
- 3.0 mm
उत्तर
A. 1.5 mm
ΔL = FL/(AY) = (200 × 3)/(2 × 10⁻⁶ × 2 × 10¹¹) = 600/(4 × 10⁵) = 1.5 × 10⁻³ m। जाँच: विकृति = प्रतिबल/Y = 10⁸/(2 × 10¹¹) = 5 × 10⁻⁴, और 5 × 10⁻⁴ × 3 m = 1.5 mm।
A steel wire of length 3 m and cross-sectional area 2 × 10⁻⁶ m² carries a load of 200 N. If Y = 2 × 10¹¹ N m⁻², the extension is
- 1.5 mm
- 15 mm
- 0.75 mm
- 3.0 mm
लंबाई L और त्रिज्या r का तार भार लगाने पर x बढ़ता है। उसी पदार्थ के लंबाई 2L और त्रिज्या 2r के तार पर समान भार लगाया जाता है। इसका प्रसार है
- 2x
- x/2
- x/4
- x
उत्तर
B. x/2
ΔL ∝ L/r²। अनुपात 2/4 = 1/2 है, अतः प्रसार x/2 है।
A wire of length L and radius r extends by x under a load. A wire of the same material of length 2L and radius 2r carries the same load. Its extension is
- 2x
- x/2
- x/4
- x
प्रत्यास्थता गुणांकों में से कौन-सा ठोसों, द्रवों और गैसों तीनों में पाया जाता है?
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक
- आयतन प्रत्यास्थता गुणांक
- दृढ़ता गुणांक
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक और दृढ़ता गुणांक दोनों
उत्तर
B. आयतन प्रत्यास्थता गुणांक
विरामावस्था में तरल आयतन में परिवर्तन का प्रतिरोध कर सकते हैं, पर लंबाई या आकृति में परिवर्तन का नहीं। केवल आयतन प्रत्यास्थता गुणांक तीनों अवस्थाओं पर लागू होता है।
Which of the following moduli of elasticity is possessed by solids, liquids and gases?
- Young's modulus
- Bulk modulus
- Shear modulus
- Both Young's modulus and shear modulus
जल का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक 2.2 × 10⁹ N m⁻² है। 500 mL जल पर दाब 4.4 × 10⁷ N m⁻² बढ़ाने पर आयतन में कमी है
- 10 mL
- 20 mL
- 1 mL
- 5 mL
उत्तर
A. 10 mL
ΔV/V = Δp/B = 4.4 × 10⁷/2.2 × 10⁹ = 0.02। ΔV = 0.02 × 500 = 10 mL।
The bulk modulus of water is 2.2 × 10⁹ N m⁻². When the pressure on 500 mL of water is increased by 4.4 × 10⁷ N m⁻², the decrease in volume is
- 10 mL
- 20 mL
- 1 mL
- 5 mL
किसी पदार्थ की संपीड्यता
- आयतन प्रत्यास्थता गुणांक और आयतन का गुणनफल है
- उसके आयतन प्रत्यास्थता गुणांक के बराबर है
- उसके यंग प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम है
- उसके आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम है
उत्तर
D. उसके आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम है
k = 1/B, मात्रक Pa⁻¹। गैस का B बहुत छोटा होता है, अतः उसकी संपीड्यता अधिक होती है।
Compressibility of a material is
- the product of bulk modulus and volume
- equal to its bulk modulus
- the reciprocal of its Young's modulus
- the reciprocal of its bulk modulus
एक तार 2 × 10⁸ N m⁻² के प्रतिबल और 1 × 10⁻³ की विकृति में है। प्रति इकाई आयतन संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा है
- 2 × 10¹¹ J m⁻³
- 5 × 10⁴ J m⁻³
- 1 × 10⁵ J m⁻³
- 2 × 10⁵ J m⁻³
उत्तर
C. 1 × 10⁵ J m⁻³
u = ½ × प्रतिबल × विकृति = ½ × 2 × 10⁸ × 10⁻³ = 10⁵ J m⁻³। जाँच: Y = 2 × 10¹¹ के साथ u = ½Y(विकृति)² वही मान देता है।
A wire is under a stress of 2 × 10⁸ N m⁻² and a strain of 1 × 10⁻³. The elastic energy stored per unit volume is
- 2 × 10¹¹ J m⁻³
- 5 × 10⁴ J m⁻³
- 1 × 10⁵ J m⁻³
- 2 × 10⁵ J m⁻³
लंबाई 1 m और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल 1 × 10⁻⁶ m² (Y = 2 × 10¹¹ N m⁻²) के इस्पात के तार को 1 mm खींचा जाता है। संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा है
- 1 × 10⁻⁴ J
- 0.2 J
- 0.1 J
- 0.05 J
उत्तर
C. 0.1 J
U = ½(YA/L)(ΔL)² = ½ × 2 × 10⁵ × 10⁻⁶ = 0.1 J। जाँच: F = YAΔL/L = 200 N और ½FΔL = ½ × 200 × 10⁻³ = 0.1 J।
A steel wire of length 1 m and cross-sectional area 1 × 10⁻⁶ m² (Y = 2 × 10¹¹ N m⁻²) is stretched by 1 mm. The elastic energy stored is
- 1 × 10⁻⁴ J
- 0.2 J
- 0.1 J
- 0.05 J
धात्विक तार के प्रतिबल–विकृति वक्र में वक्र के उच्चतम बिंदु को कहते हैं
- चरम तनन प्रतिबल
- पराभव बिंदु
- भंजन बिंदु
- आनुपातिक सीमा
उत्तर
A. चरम तनन प्रतिबल
तार जो अधिकतम प्रतिबल सह सकता है वह चरम तनन प्रतिबल है; इसके बाद तार में ग्रीवा बनती है और वह टूट जाता है।
In the stress–strain curve of a metal wire, the highest point of the curve is called the
- ultimate tensile stress
- yield point
- fracture point
- proportional limit
चट्टान के पर्वत के आधार पर प्रतिबल 3 × 10⁸ N m⁻² से अधिक नहीं हो सकता। चट्टान का घनत्व 3 × 10³ kg m⁻³ और g = 10 m s⁻² लेने पर पर्वत की अधिकतम ऊँचाई लगभग है
- 100 km
- 30 km
- 1 km
- 10 km
उत्तर
D. 10 km
hρg = 3 × 10⁸ से h = 3 × 10⁸/(3 × 10³ × 10) = 10⁴ m = 10 km।
The stress at the base of a rock mountain cannot exceed 3 × 10⁸ N m⁻². Taking the density of rock as 3 × 10³ kg m⁻³ and g = 10 m s⁻², the maximum height of the mountain is about
- 100 km
- 30 km
- 1 km
- 10 km
दोनों सिरों पर टिकी और बीच में भारित बीम δ से झुकती है। यदि केवल उसकी गहराई दोगुनी कर दी जाए, तो नमन हो जाएगा
- δ/4
- δ/8
- δ/2
- δ/16
उत्तर
B. δ/8
δ ∝ 1/d³, अतः d दोगुना करने पर δ/2³ = δ/8 हो जाता है।
A beam supported at its two ends and loaded in the middle sags by δ. If only its depth is doubled, the sag becomes
- δ/4
- δ/8
- δ/2
- δ/16
लंबाई 4 m और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल 2 × 10⁻⁶ m² के इस्पात के तार का Y = 2 × 10¹¹ N m⁻² है। इसका बल-नियतांक k = YA/L है
- 2.5 × 10⁻⁶ N m⁻¹
- 4 × 10⁵ N m⁻¹
- 1 × 10⁵ N m⁻¹
- 1 × 10¹⁷ N m⁻¹
उत्तर
C. 1 × 10⁵ N m⁻¹
k = YA/L = 2 × 10¹¹ × 2 × 10⁻⁶/4 = 1 × 10⁵ N m⁻¹। जाँच: 100 N भार से 1 mm प्रसार होता है और F/ΔL = 10⁵।
A steel wire of length 4 m and cross-sectional area 2 × 10⁻⁶ m² has Y = 2 × 10¹¹ N m⁻². Its force constant k = YA/L is
- 2.5 × 10⁻⁶ N m⁻¹
- 4 × 10⁵ N m⁻¹
- 1 × 10⁵ N m⁻¹
- 1 × 10¹⁷ N m⁻¹
4 mm व्यास के तार को इस प्रकार खींचा जाता है कि उसकी लंबाई 0.2% बढ़ जाती है। यदि पॉयसन अनुपात 0.25 है, तो उसके व्यास में कमी है
- 0.002 mm
- 0.02 mm
- 0.0005 mm
- 0.008 mm
उत्तर
A. 0.002 mm
पार्श्विक विकृति = 0.25 × 0.002 = 5 × 10⁻⁴। व्यास में कमी = 5 × 10⁻⁴ × 4 mm = 0.002 mm।
A wire of diameter 4 mm is stretched so that its length increases by 0.2%. If Poisson's ratio is 0.25, the decrease in its diameter is
- 0.002 mm
- 0.02 mm
- 0.0005 mm
- 0.008 mm
तार के प्रतिबल–विकृति ग्राफ़ के सरल रेखीय भाग की प्रवणता देती है उसका
- दृढ़ता गुणांक
- आयतन प्रत्यास्थता गुणांक
- पॉयसन अनुपात
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक
उत्तर
D. यंग प्रत्यास्थता गुणांक
आनुपातिक क्षेत्र में प्रतिबल/विकृति नियत होता है और यंग प्रत्यास्थता गुणांक के बराबर होता है।
The slope of the straight-line part of the stress–strain graph of a wire gives its
- shear modulus
- bulk modulus
- Poisson's ratio
- Young's modulus
नीचे दो कथन दिए गए हैं। कथन I: प्रतिबल का मात्रक दाब के मात्रक के समान होता है। कथन II: विकृति का कोई मात्रक नहीं होता। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
A. कथन I और कथन II दोनों सही हैं
प्रतिबल N m⁻² (Pa) में होता है, जो दाब का मात्रक है। विकृति एक अनुपात है, अतः उसका कोई मात्रक नहीं होता।
Given below are two statements. Statement I: Stress has the same unit as pressure. Statement II: Strain has no unit. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं। कथन I: इस्पात का यंग प्रत्यास्थता गुणांक ताँबे से कम होता है। कथन II: समान भार और समान आमाप पर इस्पात का तार ताँबे के तार से अधिक बढ़ता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
Y(इस्पात) लगभग 2 × 10¹¹ है, जो Y(ताँबा) लगभग 1.1 × 10¹¹ से अधिक है, अतः इस्पात का तार कम बढ़ता है। दोनों गलत हैं।
Given below are two statements. Statement I: The Young's modulus of steel is smaller than that of copper. Statement II: Under the same load and with the same dimensions, a steel wire extends more than a copper wire. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं। कथन I: द्रव में दृढ़ता गुणांक होता है। कथन II: आयतन प्रत्यास्थता गुणांक ठोसों, द्रवों और गैसों के लिए परिभाषित है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
विरामावस्था में तरल अपरूपण प्रतिबल सहन नहीं कर सकते, इसलिए I गलत है। II सही है।
Given below are two statements. Statement I: A liquid has a shear modulus. Statement II: The bulk modulus is defined for solids, liquids and gases. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं। कथन I: प्रत्यास्थलक छोटे प्रतिबल पर बड़ी विकृति दर्शाते हैं और उनमें सुपरिभाषित प्लास्टिक क्षेत्र नहीं होता। कथन II: प्रत्यास्थलक विकृति के संपूर्ण परास में हुक के नियम का पालन करते हैं। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
I रबड़ का सही वर्णन करता है। ये संपूर्ण परास में हुक के नियम का पालन नहीं करते, अतः II गलत है।
Given below are two statements. Statement I: Elastomers show a large strain for a small stress and have no well-defined plastic region. Statement II: Elastomers obey Hooke's law over their whole range of strain. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. तन्य पदार्थों में बड़ा प्लास्टिक क्षेत्र होता है। 2. भंगुर पदार्थ प्रत्यास्थता सीमा के तुरंत बाद टूट जाते हैं। 3. काँच तन्य पदार्थ है।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
A. 1 और 2 केवल
कथन 1 और 2 सही हैं। काँच भंगुर है, अतः 3 गलत है।
Which of the following statements are correct? 1. Ductile materials have a large plastic region. 2. Brittle materials break soon after the elastic limit. 3. Glass is a ductile material.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. खींचे गए तार की प्रति इकाई आयतन प्रत्यास्थ ऊर्जा ½ × प्रतिबल × विकृति होती है। 2. तार का प्रसार दोगुना करने पर संचित ऊर्जा दोगुनी हो जाती है। 3. किसी दी गई विकृति तक प्रतिबल–विकृति वक्र के नीचे का क्षेत्रफल प्रति इकाई आयतन संचित ऊर्जा के बराबर होता है।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
C. 1 और 3 केवल
U ∝ (प्रसार)², अतः प्रसार दोगुना करने पर ऊर्जा चार गुनी हो जाती है। कथन 2 गलत है।
Which of the following statements are correct? 1. The elastic energy per unit volume of a stretched wire is ½ × stress × strain. 2. Doubling the extension of a wire doubles the energy stored. 3. The area under the stress–strain curve up to a given strain equals the energy stored per unit volume.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
नीचे दो कथन दिए गए हैं। कथन I: खींचे गए तार में संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा F ΔL होती है, जहाँ F अंतिम बल है। कथन II: धीरे-धीरे खींचने के दौरान औसत बल F/2 होता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
D. कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
बल 0 से F तक बढ़ता है, इसलिए किया गया कार्य और संचित ऊर्जा ½ F ΔL होती है। I गलत है और II सही है।
Given below are two statements. Statement I: The elastic energy stored in a stretched wire is F ΔL, where F is the final force. Statement II: During slow stretching the average force is F/2. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
नीचे दो कथन दिए गए हैं। कथन I: गैसें ठोसों से अधिक संपीड्य होती हैं। कथन II: गैस का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक ठोस से अधिक होता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
C. कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
गैसों का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक बहुत छोटा होता है, अतः संपीड्यता अधिक होती है। I सही है, II गलत है।
Given below are two statements. Statement I: Gases are more compressible than solids. Statement II: The bulk modulus of a gas is greater than that of a solid. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. पराभव बिंदु वह सीमा है जिसके आगे स्थायी विरूपण रह जाता है। 2. चरम तनन प्रतिबल प्रतिबल–विकृति वक्र पर उच्चतम प्रतिबल है। 3. उच्चतम बिंदु के बाद तार एक स्थान पर पतला हो जाता है और फिर टूट जाता है।
- 1 और 2 केवल
- 2 और 3 केवल
- 1 और 3 केवल
- 1, 2 और 3
उत्तर
D. 1, 2 और 3
तीनों कथन धात्विक तार के प्रतिबल–विकृति वक्र का सही वर्णन करते हैं।
Which of the following statements are correct? 1. The yield point is the limit beyond which a permanent set remains. 2. The ultimate tensile stress is the highest stress on the stress–strain curve. 3. Beyond the highest point the wire becomes thinner at one place and then breaks.
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1 and 3 only
- 1, 2 and 3
नीचे दो कथन दिए गए हैं। कथन I: भारित बीम का नमन उसकी लंबाई के वर्ग के समानुपाती होता है। कथन II: भारित बीम का नमन उसकी गहराई के व्युत्क्रमानुपाती होता है। सही विकल्प चुनिए।
- कथन I और कथन II दोनों सही हैं
- कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
- कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
- कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है
उत्तर
B. कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
δ = Wl³/(4bd³Y), अतः नमन l³ के और 1/d³ के समानुपाती है। दोनों कथन गलत हैं।
Given below are two statements. Statement I: The sag of a loaded beam is proportional to the square of its length. Statement II: The sag of a loaded beam is inversely proportional to its depth. Choose the correct option.
- Both Statement I and Statement II are correct
- Both Statement I and Statement II are incorrect
- Statement I is correct but Statement II is incorrect
- Statement I is incorrect but Statement II is correct
अभिकथन (A): इस्पात रबड़ से अधिक प्रत्यास्थ है। कारण (R): समान विकृति के लिए इस्पात में रबड़ की तुलना में कहीं अधिक प्रत्यानयन प्रतिबल उत्पन्न होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
Y(इस्पात) कहीं अधिक है, अतः समान विकृति के लिए अधिक प्रत्यानयन प्रतिबल। R, A की व्याख्या करता है।
Assertion (A): Steel is more elastic than rubber. Reason (R): For the same strain, steel develops a much larger restoring stress than rubber.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): द्रव का यंग प्रत्यास्थता गुणांक नहीं होता। कारण (R): द्रव लगभग असंपीड्य होते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं, परंतु असंपीड्यता इसका कारण नहीं है: विरामावस्था में द्रव खींचने वाला या अपरूपण प्रतिबल नहीं सह सकता।
Assertion (A): A liquid does not have a Young's modulus. Reason (R): Liquids are nearly incompressible.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): प्रत्यास्थता सीमा से अधिक खींचा गया तार भार हटाने पर अपनी मूल लंबाई पुनः प्राप्त नहीं करता। कारण (R): प्रत्यास्थता सीमा के आगे हुक का नियम लागू होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
C. A सत्य है लेकिन R असत्य है
A सत्य है (स्थायी विरूपण)। R असत्य है क्योंकि सीमा के आगे प्रतिबल विकृति के समानुपाती नहीं रहता।
Assertion (A): A wire stretched beyond its elastic limit does not regain its original length after unloading. Reason (R): Hooke's law holds beyond the elastic limit.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): तार का प्रसार दोगुना करने पर उसमें संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा दोगुनी हो जाती है। कारण (R): संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा विकृति के वर्ग के समानुपाती होती है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
D. A असत्य है लेकिन R सत्य है
U ∝ (ΔL)², अतः प्रसार दोगुना करने पर ऊर्जा चार गुनी हो जाती है। A असत्य है और R सत्य है।
Assertion (A): Doubling the extension of a wire doubles the elastic energy stored in it. Reason (R): Elastic energy stored is proportional to the square of the strain.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): पुलों में I-आकार के अनुप्रस्थ काट वाली बीम प्रयोग की जाती हैं। कारण (R): बीम का नमन उसकी गहराई के घन के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
A. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
समान पदार्थ के लिए गहरी बीम का नमन कहीं कम होता है, इसीलिए I-आकार प्रयोग होता है। R, A की व्याख्या करता है।
Assertion (A): Beams of I-shaped cross-section are used in bridges. Reason (R): The sag of a beam is inversely proportional to the cube of its depth.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
अभिकथन (A): प्रतिबल का मात्रक दाब के मात्रक के समान होता है। कारण (R): विकृति का कोई मात्रक नहीं होता।
- A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
- A सत्य है लेकिन R असत्य है
- A असत्य है लेकिन R सत्य है
उत्तर
B. A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सत्य हैं। प्रतिबल और दाब दोनों प्रति इकाई क्षेत्रफल बल हैं; विकृति का मात्रक न होना इसका कारण नहीं है।
Assertion (A): Stress has the same unit as pressure. Reason (R): Strain has no unit.
- Both A and R are true and R is the correct explanation of A
- Both A and R are true but R is not the correct explanation of A
- A is true but R is false
- A is false but R is true
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. यंग प्रत्यास्थता गुणांक b. दृढ़ता गुणांक c. आयतन प्रत्यास्थता गुणांक d. संपीड्यता। सूची II: i. आकृति में परिवर्तन ii. आयतन में परिवर्तन iii. लंबाई में परिवर्तन iv. आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
उत्तर
A. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
यंग प्रत्यास्थता गुणांक - लंबाई (iii); दृढ़ता - आकृति (i); आयतन - आयतन (ii); संपीड्यता - 1/B (iv)।
Match List I with List II. List I: a. Young's modulus b. Shear modulus c. Bulk modulus d. Compressibility. List II: i. Change in shape ii. Change in volume iii. Change in length iv. Reciprocal of bulk modulus
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. यंग प्रत्यास्थता गुणांक b. दृढ़ता गुणांक c. आयतन प्रत्यास्थता गुणांक d. पॉयसन अनुपात। सूची II: i. F/(Aθ) ii. FL/(AΔL) iii. −Δp/(ΔV/V) iv. पार्श्विक विकृति/अनुदैर्ध्य विकृति
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
उत्तर
B. a-ii, b-i, c-iii, d-iv
Y = FL/(AΔL) (ii); G = F/(Aθ) (i); B = −Δp/(ΔV/V) (iii); σ = पार्श्विक/अनुदैर्ध्य विकृति (iv)।
Match List I with List II. List I: a. Young's modulus b. Shear modulus c. Bulk modulus d. Poisson's ratio. List II: i. F/(Aθ) ii. FL/(AΔL) iii. −Δp/(ΔV/V) iv. Lateral strain/longitudinal strain
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
- a-i, b-ii, c-iii, d-iv
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. तन्य पदार्थ b. भंगुर पदार्थ c. प्रत्यास्थलक d. इस्पात, ताँबा और ऐलुमिनियम में सबसे अधिक यंग प्रत्यास्थता गुणांक। सूची II: i. रबड़ ii. काँच iii. ताँबा iv. इस्पात
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
उत्तर
D. a-iii, b-ii, c-i, d-iv
ताँबा तन्य है, काँच भंगुर है, रबड़ प्रत्यास्थलक है, और तीनों धातुओं में इस्पात का Y सबसे अधिक है।
Match List I with List II. List I: a. Ductile material b. Brittle material c. Elastomer d. Largest Young's modulus among steel, copper and aluminium. List II: i. Rubber ii. Glass iii. Copper iv. Steel
- a-ii, b-iii, c-i, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-iii, b-ii, c-iv, d-i
- a-iii, b-ii, c-i, d-iv
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. आनुपातिक सीमा b. पराभव बिंदु c. चरम तनन प्रतिबल d. भंजन बिंदु। सूची II: i. वक्र पर उच्चतम प्रतिबल ii. सरल रेखीय क्षेत्र का अंत iii. तार टूट जाता है iv. इसके आगे स्थायी विरूपण रह जाता है
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
उत्तर
C. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
आनुपातिक सीमा: सरल रेखा का अंत (ii); पराभव बिंदु: इसके आगे स्थायी विरूपण (iv); चरम प्रतिबल: उच्चतम (i); भंजन: टूटना (iii)।
Match List I with List II. List I: a. Proportional limit b. Yield point c. Ultimate tensile stress d. Fracture point. List II: i. Highest stress on the curve ii. End of the straight-line region iii. The wire breaks iv. Beyond this a permanent set remains
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-ii, b-i, c-iv, d-iii
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. खींचे गए तार में संचित ऊर्जा b. प्रति इकाई आयतन ऊर्जा c. तार का बल-नियतांक d. भारित बीम का नमन। सूची II: i. YA/L ii. ½ F ΔL iii. W l³/(4 b d³ Y) iv. ½ × प्रतिबल × विकृति
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
उत्तर
B. a-ii, b-iv, c-i, d-iii
U = ½ FΔL (ii); u = ½ × प्रतिबल × विकृति (iv); k = YA/L (i); δ = Wl³/(4bd³Y) (iii)।
Match List I with List II. List I: a. Energy stored in a stretched wire b. Energy per unit volume c. Force constant of a wire d. Sag of a loaded beam. List II: i. YA/L ii. ½ F ΔL iii. W l³/(4 b d³ Y) iv. ½ × stress × strain
- a-i, b-iv, c-ii, d-iii
- a-ii, b-iv, c-i, d-iii
- a-iv, b-ii, c-i, d-iii
- a-ii, b-iv, c-iii, d-i
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए। सूची I: a. प्रतिबल b. संपीड्यता c. विकृति d. तार का बल-नियतांक। सूची II: i. [M⁻¹ L T²] ii. [M⁰ L⁰ T⁰] iii. [M L⁻¹ T⁻²] iv. [M T⁻²]
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
उत्तर
C. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
प्रतिबल [M L⁻¹ T⁻²]; संपीड्यता = 1/प्रतिबल = [M⁻¹ L T²]; विकृति विमाहीन है; k = बल/लंबाई = [M T⁻²]।
Match List I with List II. List I: a. Stress b. Compressibility c. Strain d. Force constant of a wire. List II: i. [M⁻¹ L T²] ii. [M⁰ L⁰ T⁰] iii. [M L⁻¹ T⁻²] iv. [M T⁻²]
- a-iii, b-i, c-iv, d-ii
- a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- a-i, b-iii, c-ii, d-iv
एक ही पदार्थ के दो तारों पर समान भार है। पहले की लंबाई 2L और त्रिज्या r है; दूसरे की लंबाई L और त्रिज्या 2r है। पहले के प्रसार और दूसरे के प्रसार का अनुपात है
- 8 : 1
- 4 : 1
- 2 : 1
- 1 : 8
उत्तर
A. 8 : 1
ΔL ∝ L/r²। अनुपात = (2/1)/(1/4) = 8।
Two wires of the same material carry the same load. The first has length 2L and radius r; the second has length L and radius 2r. The ratio of the extension of the first to that of the second is
- 8 : 1
- 4 : 1
- 2 : 1
- 1 : 8
एक क्रेन ऐसा भार उठाती है जो उसकी रस्सी पर 6 × 10⁴ N का बल उत्पन्न करता है। रस्सी के पदार्थ की पराभव सामर्थ्य 3 × 10⁸ N m⁻² है और 5 का सुरक्षा गुणक लेना है। रस्सी का न्यूनतम अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल है
- 1 × 10⁻² m²
- 5 × 10⁻³ m²
- 2 × 10⁻⁴ m²
- 1 × 10⁻³ m²
उत्तर
D. 1 × 10⁻³ m²
अनुमत प्रतिबल = 3 × 10⁸/5 = 6 × 10⁷ N m⁻²। A = F/प्रतिबल = 6 × 10⁴/6 × 10⁷ = 10⁻³ m²। सुरक्षा गुणक की उपेक्षा करने पर 2 × 10⁻⁴ m² आता।
A crane lifts a load that produces a force of 6 × 10⁴ N on its rope. The yield strength of the rope material is 3 × 10⁸ N m⁻², and a safety factor of 5 is to be used. The minimum area of cross-section of the rope is
- 1 × 10⁻² m²
- 5 × 10⁻³ m²
- 2 × 10⁻⁴ m²
- 1 × 10⁻³ m²
इस्पात और ताँबे के तारों की लंबाई और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल समान हैं तथा उन पर समान भार है। Y(इस्पात) = 2.0 × 10¹¹ N m⁻² और Y(ताँबा) = 1.1 × 10¹¹ N m⁻² लेने पर, इस्पात के तार के प्रसार और ताँबे के तार के प्रसार का अनुपात है
- 11 : 20
- 1 : 1
- 20 : 11
- 11 : 40
उत्तर
A. 11 : 20
ΔL ∝ 1/Y, अतः अनुपात = Y(ताँबा)/Y(इस्पात) = 1.1/2.0 = 11/20।
A steel wire and a copper wire have equal lengths and equal cross-sectional areas and carry the same load. Taking Y(steel) = 2.0 × 10¹¹ N m⁻² and Y(copper) = 1.1 × 10¹¹ N m⁻², the ratio of the extension of the steel wire to that of the copper wire is
- 11 : 20
- 1 : 1
- 20 : 11
- 11 : 40
एक एकसमान तार का बल-नियतांक k है। तार को दो बराबर भागों में काटा जाता है। प्रत्येक आधे भाग का बल-नियतांक है
- k/2
- k
- 2k
- 4k
उत्तर
C. 2k
k = YA/L। L आधा करने पर k दोगुना हो जाता है। जाँच: दिए गए बल के लिए प्रत्येक आधा भाग आधा ही बढ़ता है।
A uniform wire has a force constant k. The wire is cut into two equal halves. The force constant of each half is
- k/2
- k
- 2k
- 4k
2 mm खींचे गए तार में संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा 4 J है (प्रत्यास्थता सीमा के भीतर)। इसे 2 mm से 3 mm तक और खींचने के लिए आवश्यक अतिरिक्त कार्य है
- 1 J
- 5 J
- 2 J
- 9 J
उत्तर
B. 5 J
U ∝ x²। U(3 mm) = 4 × (3/2)² = 9 J। अतिरिक्त कार्य = 9 − 4 = 5 J।
The elastic energy stored in a wire stretched by 2 mm is 4 J (within the elastic limit). The additional work needed to stretch it further from 2 mm to 3 mm is
- 1 J
- 5 J
- 2 J
- 9 J
100 cm³ आयतन के इस्पात के गोले को समुद्र में गहराई तक ले जाया जाता है जहाँ दाब 8 × 10⁷ N m⁻² अधिक है। इस्पात का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक 1.6 × 10¹¹ N m⁻² है। इसके आयतन में कमी है
- 5 cm³
- 0.5 cm³
- 0.005 cm³
- 0.05 cm³
उत्तर
D. 0.05 cm³
ΔV = V Δp/B = 100 × 8 × 10⁷/(1.6 × 10¹¹) = 0.05 cm³।
A steel sphere of volume 100 cm³ is taken deep into the sea where the pressure is greater by 8 × 10⁷ N m⁻². The bulk modulus of steel is 1.6 × 10¹¹ N m⁻². The decrease in its volume is
- 5 cm³
- 0.5 cm³
- 0.005 cm³
- 0.05 cm³
किसी खंड के एक फलक पर, जिसका क्षेत्रफल 0.04 m² है, 2 × 10⁴ N का स्पर्शरेखीय बल लगता है और उसका सम्मुख फलक स्थिर है। दृढ़ता गुणांक 2 × 10¹⁰ N m⁻² है। उत्पन्न अपरूपण विकृति है
- 2.5 × 10⁻⁵
- 5 × 10⁻⁷
- 1 × 10⁻⁵
- 2.5 × 10⁻³
उत्तर
A. 2.5 × 10⁻⁵
अपरूपण प्रतिबल = 2 × 10⁴/0.04 = 5 × 10⁵ N m⁻²। विकृति = 5 × 10⁵/2 × 10¹⁰ = 2.5 × 10⁻⁵।
A tangential force of 2 × 10⁴ N acts on a face of area 0.04 m² of a block whose opposite face is fixed. The shear modulus is 2 × 10¹⁰ N m⁻². The shear strain produced is
- 2.5 × 10⁻⁵
- 5 × 10⁻⁷
- 1 × 10⁻⁵
- 2.5 × 10⁻³