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छत्तीसगढ़ का इतिहास · Chapter 17
उत्तरकुंजी
  • 1. A — चितवा डोंगरी शैलचित्र: बघेल व मिश्र ने उजागर किए।
  • 2. B — धनोरा सर्वेक्षण: काम्बले और मिश्र।
  • 3. C — धनोरा से 500 महापाषाण स्मारक मिले।
  • 4. D — कबरा पहाड़ (रायगढ़) = मध्य पाषाण।
  • 5. A — पूर्व पाषाण: महानदी घाटी, सिंघनपुर।
  • 6. B — करकाभाटा लौह युग से जुड़ा है।
  • 7. C — करकाभाटा: घेरे + लोहे के औज़ार + मृदभांड।
  • 8. D — उत्तर वैदिक साहित्य: नर्मदा=रेवा; कौषीतकी में विंध्य।
  • 9. A — कौशल्या भानुमंत की पुत्री थीं।
  • 10. B — तुरतुरिया (सिरपुर के पास) वाल्मीकि आश्रम।
  • 11. C — लव: उत्तर कोसल; कुश: दक्षिण कोसल।
  • 12. D — बस्तर का अरण्य = कांतार।
  • 13. A — सिरपुर = चित्रांगदपुर।
  • 14. B — मणिपुर = रतनपुर।
  • 15. C — अंगुत्तर निकाय (बौद्ध) + भगवती सूत्र (जैन)।
  • 16. D — अवदान शतक + ह्वेनसांग का सी-यू-की।
  • 17. A — सीताबेंगरा और जोगीमारा: रामगढ़, सरगुजा।
  • 18. B — बालपुर से सातवाहन अपीलक की मुद्रा मिली।
  • 19. C — अपीलक की मुद्रा: बालपुर।
  • 20. D — नागार्जुन के लिए पर्वत पर सुरंग खुदवाकर संघाराम।
  • 21. A — राजचिह्न गजलक्ष्मी।
  • 22. B — आरंग ताम्रपत्र: भीमसेन द्वितीय।
  • 23. C — अंत पांडु वंश द्वारा।
  • 24. D — पुष्करी = भोपालपट्टनम।
  • 25. A — समुद्रगुप्त ने व्याघ्रराज को हराया।
  • 26. C — 29 स्वर्ण मुद्राएँ।
  • 27. D — राजिम शिलालेख: विलासतुंग।
  • 28. A — राजीव लोचन मंदिर: विलासतुंग, 712 ई.
  • 29. B — कुल पाँच अभिलेख।
  • 30. C — नंदिवर्धन जीतने वाला भवदत्त था; अर्थपति पृथ्वीसेन द्वितीय से हारा।
  • 31. D — स्कंदवर्मन ने पुनर्स्थापना की।
  • 32. A — नरेंद्रसेन की राजधानी नंदिवर्धन (नागपुर)।
  • 33. B — कीर्तिवर्मन का आक्रमण 567-97।
  • 34. C — राजधानी शरभपुर, उपराजधानी श्रीपुर।
  • 35. D — शरभ संस्थापक; प्रवरराज अंतिम।
  • 36. A — अन्य नाम आमरार्य या अमरज कुल।
  • 37. B — उदयन प्रथम राजा।
  • 38. C — महाशिव तीवरदेव: सकल कोसलाधिपति।
  • 39. B — जाज्वल्यदेव प्रथम: 1090-1120।
  • 40. C — 1020, 1045, 1065, 1090 से क्रम।
  • 41. D — रत्नदेव तृतीय: 1178-98।
  • 42. A — जगतदेव: 1168-78।
  • 43. C — अंतिम: हरिश्चंद्रदेव।
  • 44. D — 1023-1324 ई.
  • 45. A — अहिराज संस्थापक।
  • 46. B — भोरमदेव मंदिर: गोपालदेव।
  • 47. C — मड़वा महल: रामचंद्र, 1349।
  • 48. D — अंबिकादेवी, कलचुरी राजकुमारी।
  • 49. A — कलचुरी अधीनता।
  • 50. B — अन्नमदेव 1324-69।
  • 51. C — प्रफुल्ल कुमारी देवी 1921-36।
  • 52. D — प्रवीरचंद्र 1936-61।
  • 53. A — रुद्रप्रताप: 1891-1921।
  • 54. B — 1680, 1709, 1731/21, 1777 से क्रम।
  • 55. C — भैरमदेव 1853-91।
  • 56. A — पुरुषोत्तमदेव 1468-1534।
  • 57. B — भैरमदेव ब्रिटिश अधीन थे।
  • 58. C — सिंहराज संस्थापक।
  • 59. D — चंद्रसेन अंतिम।
  • 60. A — कर्णराज: सिहावा शिव मंदिर + कांकेर रामनाथ मंदिर।
  • 61. B — पम्पराज के पिता सोमदेव, दादा वोपदेव।
  • 62. C — भानुदेव: 1320; कर्णराज 1191; पम्पराज 1214।
  • 63. D — जैतराज ने शाखाएँ मिलाईं।
  • 64. A — कलचुरी अधीन।
  • 65. B — 20-21 दिसंबर 1920, कंडेल।
  • 66. C — 22-28 नवंबर 1933।
  • 67. D — तिलक 1917।
  • 68. A — वी. वी. गिरी 1920।
  • 69. B — 1915, 1917, 1918, 1920।
  • 70. C — पटेल 1947।
  • 71. D — टैगोर 1918 में आए।
  • 72. B — डोंगरगढ़ = कामावतीपुरी।
  • 73. C — बारसूर।
  • 74. D — खल्लारी = खल्लवाटिका।
  • 75. A — आरंग = भांडेर।
  • 76. B — धमतरी = धरमतराई।
  • 77. C — मल्हार।
  • 78. D — दुर्ग = शिवदुर्ग।
  • 79. A — चंपारण्य = चम्पाझार।
  • 80. B — कृष्णाराव अप्पा प्रथम।
  • 81. C — गोपालराव अंतिम।
  • 82. D — रघुजी तृतीय ने जिलेदार नियुक्त किए।
  • 83. A — सूबा शासन 1787-1818।
  • 84. B — महिपतराव दिनकर 1787-90।
  • 85. D — केशव गोविंद 1797-1808।
  • 86. A — यादवराव 1817-18।
  • 87. B — ब्लंट: विट्ठल दिनकर।
  • 88. C — कोलब्रुक: केशव गोविंद।
  • 89. D — सखाराम हरि, 1817।
  • 90. A — पिड्री 1808-09।
  • 91. B — हल्बा 1774-79, अजमेर सिंह।
  • 92. C — गेंदसिंह, 1824।
  • 93. A — लिंगागिरि 1856।
  • 94. B — नरबलि; नेता हिड़मा माझी।
  • 95. C — नेता दलगंजन सिंह।
  • 96. D — नेता नागुल दोरला।
  • 97. A — नेता झाड़ा सिरहा; दमन मैक जॉर्ज।
  • 98. B — धावड़ा टहनी; दमन: कैप्टन पेबे।
  • 99. C — नेतानार के गुंडाधुर।
  • 100. D — गेयर।
  • 101. A — नेतृत्व जुगराज कुँवर।
  • 102. B — 1824, 1842, 1856, 1876।
  • 103. C — ब्लंट।
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