- नागवंश की शाखा; 10वीं-14वीं सदी; कलचुरियों की अधीनता। प्रमाण: मड़वा महल (चौरागांव के पास) शिलालेख और भोरमदेव मंदिर अभिलेख।
- संस्थापक अहिराज; गोपालदेव ने भोरमदेव मंदिर बनवाया (1089 ई.); रामचंद्र ने मड़वा महल/शिव मंदिर (1349 ई.); रामचंद्र का विवाह कलचुरी राजकुमारी अंबिकादेवी से।
- याद रखें: भोरमदेव = गोपालदेव (1089); मड़वा महल = रामचंद्र (1349)।
Page 1 of 1