- राष्ट्रीय चेतना जगाने में बिलासपुर, रायपुर, पेंड्रा, राजनांदगांव आदि से छपे पत्रों की बड़ी भूमिका रही।
- माधवराव सप्रे से जुड़े प्रकाशन: छत्तीसगढ़ मित्र (1900), हिंदी ग्रंथ प्रकाशन मंडली (1905), हिंदी केसरी (1907)।
- ठाकुर प्यारेलाल सिंह — अरुणोदय (1921-22)।
- पंडित सुंदरलाल शर्मा — कृष्ण जन्मस्थान (जेल पत्रिका, 1922-23)।
- जिला परिषद की पत्रिकाएँ: विकास (1920, बिलासपुर; कुलदीप सहाय) और उत्थान (1935, रायपुर)।
- आलोक (1935) — स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी व केशव प्रसाद वर्मा; कांग्रेस पत्रिका (1937) — रायपुर कांग्रेस कमेटी।
- याद रखें: सप्रे = 1900, 1905, 1907 के तीन प्रकाशन।
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