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छत्तीसगढ़: कला, संस्कृति, जनजाति एवं खेल · Chapter 2
छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व

प्रवीरचंद भंजदेव

  • जन्म 25 जून 1929 (शिलांग); माता कुमारी देवी (बस्तर की महारानी), पिता प्रफुल्लचंद भंजदेव।
  • 1955 में बस्तर जिला आदिवासी किसान मजदूर सेवा संघ बनाया; टेनिस-क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी।
  • कृतियाँ: लोहंडीगुड़ा तरंगिनी, आई प्रवीर द आदिवासी गॉड आदि।
  • 25 मार्च 1966 को अपने ही महल में पुलिस की गोली से मृत्यु।

गहिरा गुरु

  • जन्म 1905, गहिरा ग्राम (लैलूंगा के पास, रायगढ़); मूल नाम रामेश्वर; पिता बुडकी कुंवर।
  • जनजातियों को स्वावलंबी बनाने, दया-सत्य-शांति-क्षमा अपनाने तथा चोरी-हत्या-असत्य छोड़ने पर जोर।
  • विभाजन के समय गांधीजी के साथ नोआखाली गए; निधन 21 नवंबर 1996।

मिनीमाता

  • जन्म 1913, जमुनामुखी (असम); मूल नाम मीनाक्षी; माता मतीबाई, पिता महंत बुधारीदास; पति अगमदास (सतनामी धर्मगुरु)।
  • छत्तीसगढ़ मजदूर संघ बनाया; रायपुर से सांसद — छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद।
  • अस्पृश्यता निवारण विधेयक पेश कराने में भूमिका; बाल विवाह, दहेज, छुआछूत की विरोधी।
  • निधन 11 अगस्त 1972, विमान दुर्घटना।

गुरु घासीदास — जन्म 18 दिसंबर 1756, गिरौदपुरी (बलौदाबाजार); माता अमरौतिन बाई, पिता मंहगू दास; निधन लगभग 1836, भंडारपुरी।

वीर नारायण सिंह — सोनाखान के, बिंझवार जनजाति; पिता रामराय; छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद; 10 दिसंबर 1857 को रायपुर में जय स्तंभ चौक पर फाँसी, फिर तोप से उड़ाया गया।

वीर हनुमान सिंह — दुर्ग के; रायपुर की नागपुर सैन्य टुकड़ी की तीसरी टुकड़ी में मैगजीन लश्कर; मेजर सिडवेल की हत्या; उपाधि छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे।

कर्मवीर सुरेंद्र साय — जन्म 1809, रिवाड़ा ग्राम (संबलपुर); पिता धर्मसिंह; महानदी घाटी में जन-जागृति; 28 फरवरी 1884 को असीरगढ़ किले में स्वाभाविक मृत्यु (अंधे हो चुके थे)।

अन्य: ठाकुर रामप्रसाद पोटाई — जन्म 1904, करमोती (भानुप्रतापपुर, कांकेर)। महाप्रभु वल्लभाचार्य — जन्म 1479, चंपारण्य; पिता लछमण भट्ट (तेलंग ब्राह्मण)।

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