अगर आपके पास MD, MS, DNB या MDS की डिग्री है और आप बिहार के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्थायी शिक्षण पद की तलाश में हैं, तो BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती शायद पहले से ही आपकी नज़र में होगी। यह उन पदों में से एक है जिनकी लोग सालों तक चुपचाप योजना बनाते हैं, क्योंकि बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की नौकरी सिर्फ स्थिरता ही नहीं देती, बल्कि इसके साथ असली अकादमिक प्रतिष्ठा भी जुड़ी होती है।
इंटरनेट पर इस बारे में भ्रम है क्योंकि बिहार की दो अलग-अलग संस्थाएँ "असिस्टेंट प्रोफेसर" भर्ती करती हैं। BPSC स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में असिस्टेंट प्रोफेसर पदों को संभालता है। एक अलग संस्था, BSUSC (बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग), अब हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान जैसे सामान्य विषयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर पदों को संभालती है। यह लेख BPSC वाले पद के बारे में है। अगर आपको सामान्य विषयों वाला विश्वविद्यालय पद चाहिए, तो आप BSUSC ढूंढ रहे हैं, BPSC नहीं।
क्विक जवाब
5 अगस्त, 2026 तक BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर की कोई नई 2026 अधिसूचना जारी नहीं हुई है। पिछला पूरा हुआ चक्र 23 मेडिकल विशेषज्ञताओं में 1,711 पदों के लिए था, जिसके लिए आवेदन bpsconline.bihar.gov.in पर 8 अप्रैल से 7 मई, 2025 तक खुले थे। इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होती — चयन मेरिट-आधारित है, जो आपके MBBS/PG अंकों, PhD, शिक्षण अनुभव और एक छोटे साक्षात्कार पर आधारित होता है। अगर आप अभी तैयारी कर रहे हैं, तो 2025 चक्र के आँकड़ों को अपना संदर्भ बिंदु मानें और अगली अधिसूचना के लिए bpsc.bihar.gov.in पर नज़र रखते रहें।
नवीनतम अधिसूचना और महत्वपूर्ण तारीखें
जब तक कोई नया चक्र घोषित नहीं होता, सबसे हालिया चक्र ही संदर्भ बिंदु है। ये 2025 चक्र की वास्तविक तारीखें हैं, कुछ भी गढ़ा नहीं गया है।
| घटना | तारीख (2025 चक्र) |
|---|---|
| विज्ञापन जारी | अप्रैल 2025 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | 8 अप्रैल, 2025 |
| आवेदन की अंतिम तारीख | 7 मई, 2025 |
| लिखित परीक्षा | आयोजित नहीं (मेरिट-कम-इंटरव्यू) |
| साक्षात्कार / दस्तावेज सत्यापन | विषयवार, अलग से घोषित |
| परिणाम | रोलिंग आधार पर, विषयवार |
| अगला चक्र (2026) | घोषित नहीं — अनुमानित |
अगली अधिसूचना के लिए आधिकारिक पोर्टल bpsconline.bihar.gov.in और bpsc.bihar.gov.in पर नज़र रखें। बिहार का मेडिकल कॉलेज नेटवर्क तेज़ी से बढ़ रहा है (मधेपुरा, सीतामढ़ी और समस्तीपुर जैसे जिलों में नए कॉलेज बन रहे हैं), इसलिए एक और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की उम्मीद है, लेकिन 2026 के लिए अभी पुष्टि नहीं हुई है।
नौकरी वास्तव में क्या है
BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज या संबद्ध अस्पताल में पूर्णकालिक फैकल्टी सदस्य होता है, जो अपनी विशेषज्ञता में MBBS और स्नातकोत्तर छात्रों को पढ़ाता है। आपका हफ्ता पढ़ाई (लेक्चर, बेडसाइड क्लिनिक, प्रैक्टिकल), संबद्ध अस्पताल में मरीज़ों की देखभाल, और PG छात्रों के लिए रिसर्च व थीसिस मार्गदर्शन जैसे अकादमिक काम के बीच बँटा रहता है।
यह डेस्क जॉब नहीं है। आप वार्डों में रहते हैं, अगर सर्जिकल विशेषज्ञता है तो OT में भी, आउटपेशेंट क्लिनिक चलाते हैं, और फिर भी प्रकाशन करने और रेजिडेंट्स को मार्गदर्शन देने की उम्मीद रहती है। रफ्तार किसी-किसी मायने में प्राइवेट प्रैक्टिस से भी भारी है, लेकिन नौकरी की सुरक्षा, पेंशन और अकादमिक प्रतिष्ठा की बराबरी करना मुश्किल है। एसोसिएट प्रोफेसर और फिर प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन उसी कैडर के भीतर, अनुभव और रिक्ति के आधार पर होता है, न कि नई खुली परीक्षा से।
बिहार में राज्य-स्तरीय सरकारी भर्ती कैसे काम करती है, इसकी जानकारी के लिए हमारे परीक्षा गाइड सेक्शन में बिहार के अन्य पदों पर भी लेख उपलब्ध हैं।
वैकेंसी विवरण
2025 चक्र में 23 मेडिकल विशेषज्ञताओं में कुल 1,711 पद विज्ञापित किए गए थे। बड़े विभागों का विभाजन इस तरह था:
| विभाग | वैकेंसी (2025 चक्र) |
|---|---|
| एनेस्थिसियोलॉजी | 125 |
| मेडिसिन | 120 |
| स्त्री रोग व प्रसूति | 120 |
| बाल रोग | 106 |
| पैथोलॉजी | 84 |
| एनाटॉमी | 69 |
| टीबी व चेस्ट | 68 |
| रेडियोलॉजी | 73 |
| नेत्र रोग | 64 |
| मनोरोग | 63 |
| फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी | प्रत्येक 60-62 |
| अन्य विशेषज्ञताएँ (9 और) | शेष पद |
अगले चक्र के वास्तविक आँकड़े इस पर निर्भर करते हैं कि कितने नए मेडिकल कॉलेज चालू हैं और कितने पद खाली होते हैं। ठीक 1,711 के आँकड़े पर न अटकें — इसे उस पैमाने के रूप में लें जिसकी उम्मीद करनी चाहिए, ऐतिहासिक रूप से लगभग 1,000 से 2,000 पद प्रति चक्र।
पात्रता
आपको संबंधित विशेषज्ञता में स्नातकोत्तर मेडिकल डिग्री के साथ-साथ कुछ शिक्षण या सीनियर रेजिडेंसी अनुभव चाहिए। आयु सीमा अधिकतर सरकारी परीक्षाओं से ज़्यादा उदार है क्योंकि यह पद पहले से योग्य डॉक्टरों को लक्षित करता है।
शैक्षणिक योग्यता: संबंधित विशेषज्ञता में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से MD, MS, DNB, या डेंटल विशेषज्ञताओं के लिए MDS, साथ ही मेडिकल कॉलेज या अस्पताल में लगभग 3 वर्ष का शिक्षण या सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर अनुभव। उसी विशेषज्ञता में PhD या DM/MCh वाले उम्मीदवारों को मेरिट सूची में अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
आयु सीमा तालिका:
| श्रेणी | अधिकतम आयु |
|---|---|
| अनारक्षित (पुरुष) | 45 वर्ष |
| अनारक्षित महिला, BC, EBC (पुरुष व महिला) | 48 वर्ष |
| SC/ST (पुरुष व महिला) | 50 वर्ष |
| बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा में पहले से कार्यरत डॉक्टर | 50 वर्ष |
आयु विज्ञापन वर्ष के 1 अगस्त के अनुसार गिनी जाती है। PG डिग्री पूरी करने के अलावा कोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं है, जिसका मतलब है कि ज़्यादातर उम्मीदवार आवेदन करने तक पहले से अपनी उम्र के अंतिम 20 या शुरुआती 30 के दशक में होते हैं।
डोमिसाइल: इस पद के लिए बिहार डोमिसाइल अनिवार्य नहीं है, लेकिन बिहार-डोमिसाइल उम्मीदवारों को कम आवेदन शुल्क स्लैब मिलता है।
आवेदन प्रक्रिया और शुल्क
आवेदन BPSC के समर्पित पोर्टल bpsconline.bihar.gov.in के माध्यम से होते हैं।
आवेदन शुल्क (2025 चक्र):
| श्रेणी | शुल्क |
|---|---|
| सामान्य / BC / EBC / EWS | ₹100 |
| SC / ST / PwD (बिहार डोमिसाइल) | ₹25 |
| महिला उम्मीदवार (सभी श्रेणी, बिहार डोमिसाइल) | ₹25 |
| बायोमेट्रिक/प्रोसेसिंग शुल्क (सभी उम्मीदवार) | ₹200 |
आवेदन करने के चरण:
- bpsconline.bihar.gov.in पर जाएँ और अपने मोबाइल नंबर व ईमेल से रजिस्टर करें।
- व्यक्तिगत, शैक्षणिक और अनुभव संबंधी विवरण ध्यान से भरें — प्रमाणपत्रों से मेल न खाने पर सत्यापन के समय आवेदन खारिज हो सकता है।
- फोटो, हस्ताक्षर, PG डिग्री, MBBS/BDS मार्कशीट, अनुभव प्रमाणपत्र और श्रेणी प्रमाणपत्र अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क ऑनलाइन भरें, जमा करें, और पुष्टि पृष्ठ डाउनलोड करें।
जमा करने से पहले अपनी विशेषज्ञता का चुनाव दोबारा जाँच लें। यहाँ गलत चुनाव को बाद में ठीक करना बहुत मुश्किल होता है।
चयन प्रक्रिया
वर्तमान BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर प्रक्रिया में कोई लिखित परीक्षा नहीं है — चयन पूरी तरह मेरिट और एक छोटे साक्षात्कार पर चलता है। यह कई अभ्यर्थियों को हैरान कर देता है जो दूसरे BPSC परीक्षाओं की तरह एक पेपर की उम्मीद करते हैं।
मेरिट स्कोर आपके अकादमिक रिकॉर्ड और अनुभव से बनता है, लगभग इस तरह:
| घटक | अंक |
|---|---|
| MBBS/BDS अंक | अधिकतम 5 |
| PG विशेषज्ञता विषय अंक | अधिकतम 5 |
| MD/MS/MDS या समकक्ष PG डिग्री | 10 |
| उसी विशेषज्ञता में PhD/DM/MCh | 10 |
| सरकारी क्षेत्र का कार्य अनुभव (2 अंक/वर्ष) | अधिकतम 10 |
| साक्षात्कार | 6 |
अगर BPSC किसी भविष्य के चक्र में लिखित परीक्षा शुरू करता है, तो एक विषयवार पाठ्यक्रम आएगा, जो संभवतः NEET-PG या विशेषज्ञता बोर्ड पैटर्न के करीब होगा। फिलहाल, अपने साक्षात्कार पर और अपने अनुभव प्रमाणपत्रों व अकादमिक रिकॉर्ड को पूरी तरह दुरुस्त रखने पर ध्यान दें, क्योंकि यही आपकी रैंक तय करता है।
अगर आप इसके साथ-साथ अन्य बिहार प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहे हैं, तो Pareeksha पर फ्री मॉक टेस्ट और विषयवार अभ्यास कई समानांतर बिहार परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सामान्य जागरूकता और रीज़निंग सेक्शन में मदद कर सकते हैं।
चूंकि कोई लिखित पेपर नहीं है, साक्षात्कार का महत्व ज़्यादातर सरकारी परीक्षाओं से कहीं अधिक है। पैनल आमतौर पर आपकी विशेषज्ञता में हाल के घटनाक्रमों, आपकी थीसिस या प्रकाशित कार्य, और आप सरकारी सेवा क्यों चुन रहे हैं, इस बारे में पूछते हैं। साक्षात्कार की तारीख से पहले प्रमाणपत्र, प्रकाशन और अनुभव पत्र व्यवस्थित और फोटोकॉपी करके रखें।
वेतन, पे-स्केल और करियर ग्रोथ
BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर को 7वें वेतन आयोग के तहत Level-11 पे मिलता है, ₹15,600–₹39,100 के पूर्व-संशोधित स्केल में ₹6,600 ग्रेड पे के साथ। DA, HRA और NPA (नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस, जो मेडिकल पदों के लिए महत्वपूर्ण है) जैसे भत्तों के बाद, अधिकांश असिस्टेंट प्रोफेसर पोस्टिंग शहर और भत्ता स्लैब के आधार पर मासिक ₹90,000 से ₹1,20,000 के बीच घर ले जाते हैं।
करियर ग्रोथ मानक मेडिकल शिक्षा कैडर के अनुसार होती है: असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और फिर प्रोफेसर, सेवा वर्षों और रिक्ति के आधार पर, हर बार नई प्रतियोगी परीक्षा से नहीं।
पिछला कट-ऑफ
लिखित-परीक्षा आधारित BPSC भर्ती के विपरीत, इस पद के लिए कोई प्रकाशित कट-ऑफ अंक तालिका नहीं है। चूंकि चयन मेरिट-कम-इंटरव्यू है, "कट-ऑफ" का वास्तव में मतलब हर विशेषज्ञता और श्रेणी में अंतिम चुने गए उम्मीदवार का स्कोर है, और यह काफी अलग-अलग होता है — एनेस्थिसियोलॉजी या टीबी व चेस्ट जैसी कमी वाली विशेषज्ञता में आमतौर पर मेडिसिन या बाल रोग जैसी अधिक आवेदन वाली विशेषज्ञता की तुलना में प्रभावी कट-ऑफ कम होता है, बस इसलिए क्योंकि कम डॉक्टर आवेदन करते हैं। परीक्षा-आधारित BPSC पदों में चयन रैंक कैसे काम करती है, इसकी तुलना के लिए हमारी BPSC परीक्षा गाइड देखें।
सर्वश्रेष्ठ तैयारी रणनीति
चूंकि यह अभी लिखित-परीक्षा आधारित भर्ती नहीं है, अपनी ऊर्जा तीन जगहों पर लगाएँ।
पहले अपने कागज़ात पूरी तरह दुरुस्त करें। अनुभव प्रमाणपत्रों पर सही अधिकारी के हस्ताक्षर होने चाहिए, और तारीखें आपके सेवा रिकॉर्ड से बिल्कुल मेल खानी चाहिए। इस अकेले वजह से लोगों की सोच से कहीं ज़्यादा उम्मीदवार अयोग्य होते हैं।
अपनी अकादमिक प्रोफाइल जल्दी मज़बूत करें। अगर आप अभी भी सीनियर रेजिडेंसी में हैं या अपनी थीसिस का विषय तय कर रहे हैं, तो ऐसा काम चुनें जो प्रकाशन योग्य हो। एक या दो प्रकाशित पेपर आपके मेरिट स्कोर में असली वज़न जोड़ते हैं।
अपने साक्षात्कार का ज़ोर से अभ्यास करें। किसी वरिष्ठ सहकर्मी के साथ बैठें और अपनी थीसिस, अपनी विशेषज्ञता में हाल के दिशानिर्देश बदलावों, और सरकारी सेवा से जुड़े बुनियादी सवालों पर चर्चा करें। यह चयन से पहले पूरी तरह से आपके नियंत्रण में रहने वाला एकमात्र चरण है।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
बहुत से उम्मीदवार ऐसे कारणों से पीछे रह जाते हैं जिनका मेडिकल ज्ञान से कोई लेना-देना नहीं होता। लोग ऐसे अनुभव प्रमाणपत्र जमा करते हैं जिनमें उनके काम किए गए विभाग या विशेषज्ञता का स्पष्ट उल्लेख नहीं होता, जिससे सत्यापन के दौरान संदेह पैदा होता है। कुछ लोग गलत विशेषज्ञता के तहत आवेदन कर देते हैं क्योंकि उनकी PG डिग्री सीमा-रेखा क्षेत्र को कवर करती है, और यह बात देर से पकड़ में आती है। कुछ लोग "सही" चक्र का इंतज़ार करते हैं और अनुभव कम होने पर आवेदन नहीं करते — हर साल जल्दी आवेदन करना और अनुभव बनाना (हर साल 2 अंक जुड़ते हैं) ज़्यादा समझदारी है। अपने बिहार डोमिसाइल कागज़ात को भी नज़रअंदाज़ न करें; फॉर्म खुलने से पहले उन्हें तैयार रखें।
BPSC बनाम BSUSC असिस्टेंट प्रोफेसर: फर्क समझें
चूंकि यह भ्रम बार-बार सामने आता है, दोनों संस्थाओं का फर्क एक तालिका में देख लेना बेहतर है:
| पहलू | BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर | BSUSC असिस्टेंट प्रोफेसर |
|---|---|---|
| विभाग | स्वास्थ्य विभाग | उच्च शिक्षा विभाग |
| पदस्थापन | सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल | राज्य विश्वविद्यालय |
| विषय | MD/MS/MDS की मेडिकल विशेषज्ञताएँ | हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान जैसे सामान्य विषय |
| चयन प्रक्रिया | मेरिट-कम-इंटरव्यू | अधिकतर मामलों में लिखित परीक्षा या स्क्रीनिंग + इंटरव्यू |
| न्यूनतम योग्यता | PG मेडिकल डिग्री (MD/MS/DNB/MDS) | संबंधित विषय में NET/PhD के साथ PG |
अगर आप डॉक्टर हैं और मेडिकल कॉलेज में पढ़ाना चाहते हैं, तो BPSC का इंतज़ार करें। अगर आप किसी सामान्य विषय (जैसे इतिहास या अर्थशास्त्र) में PG और NET/PhD रखते हैं और विश्वविद्यालय में पढ़ाना चाहते हैं, तो BSUSC की अधिसूचनाएँ देखें, यह अलग परीक्षा प्रणाली है।
तैयारी के दौरान समय का उपयोग कैसे करें (समय-सारणी)
चूंकि यह लिखित परीक्षा नहीं है, "तैयारी" का मतलब यहाँ पढ़ाई का टाइमटेबल नहीं, बल्कि दस्तावेज़ और प्रोफाइल बनाने का टाइमटेबल है। एक मोटा खाका इस तरह हो सकता है:
- अभी से अगली अधिसूचना तक (जितना भी समय बचा हो): अपने सभी अनुभव प्रमाणपत्र इकट्ठा करें, हर एक पर विभाग/विशेषज्ञता का नाम साफ-साफ दर्ज करवाएँ, और उन्हें डिजिटल स्कैन करके सुरक्षित रखें।
- 3-6 महीने पहले: अगर थीसिस या रिसर्च पेपर अधूरा है, तो उसे पूरा करने और प्रकाशित कराने पर ज़ोर दें। एक प्रकाशित पेपर मेरिट स्कोर में सीधा फर्क डालता है।
- 1-2 महीने पहले: बिहार डोमिसाइल, जाति और अन्य प्रमाणपत्रों को अपडेट कराएँ ताकि आवेदन के समय कोई देरी न हो।
- साक्षात्कार से 2-3 हफ्ते पहले: अपनी विशेषज्ञता के हाल के दिशानिर्देश, अपनी थीसिस के मुख्य निष्कर्ष, और "आप सरकारी सेवा क्यों चुन रहे हैं" जैसे सवालों पर ज़ोर से अभ्यास करें, आदर्श रूप से किसी वरिष्ठ सहकर्मी के सामने।
FAQ
क्या BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर 2026 अधिसूचना जारी हो गई है? नहीं। 5 अगस्त, 2026 तक कोई नई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। पिछला चक्र 2025 का था, 1,711 पदों के लिए, और अगले चक्र का इंतज़ार है।
पिछले चक्र में कितनी वैकेंसी थीं? 2025 चक्र में 23 मेडिकल विशेषज्ञताओं में 1,711 पद थे।
क्या BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए कोई लिखित परीक्षा है? नहीं। चयन मेरिट-कम-इंटरव्यू आधारित है, जिसमें अकादमिक अंक, PG डिग्री, PhD (अगर है), अनुभव और साक्षात्कार प्रदर्शन शामिल होते हैं।
आयु सीमा क्या है? अनारक्षित पुरुष उम्मीदवारों के लिए 45 वर्ष, अनारक्षित महिला/BC/EBC के लिए 48 वर्ष, और SC/ST उम्मीदवारों तथा मौजूदा बिहार स्वास्थ्य सेवा डॉक्टरों के लिए 50 वर्ष, विज्ञापन वर्ष के 1 अगस्त के अनुसार।
आवेदन शुल्क क्या है? सामान्य/BC/EBC/EWS के लिए ₹100, SC/ST/PwD और बिहार-डोमिसाइल महिला उम्मीदवारों के लिए ₹25, साथ ही सभी के लिए ₹200 बायोमेट्रिक शुल्क।
वेतनमान क्या है? 7वें वेतन आयोग का Level-11, ₹15,600–₹39,100 और ₹6,600 ग्रेड पे, साथ ही DA, HRA और नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस।
किस योग्यता की आवश्यकता है? संबंधित विशेषज्ञता में MD, MS, DNB या MDS डिग्री, साथ ही लगभग 3 वर्ष का शिक्षण या सीनियर रेजिडेंट अनुभव।
क्या BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर, BSUSC असिस्टेंट प्रोफेसर जैसा ही है? नहीं। BPSC स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों के लिए है। BSUSC राज्य विश्वविद्यालयों में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास और अर्थशास्त्र जैसे सामान्य विषयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर पद संभालता है।
आवेदन कहाँ करें? अधिसूचना सक्रिय होने पर bpsconline.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन।
क्या BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर में नकारात्मक अंकन है? अभी कोई लिखित परीक्षा नहीं है, इसलिए नकारात्मक अंकन लागू नहीं होता। भविष्य में लिखित परीक्षा वाला चक्र अपनी खुद की अंकन योजना बताएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले अतिरिक्त सवाल
क्या निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाने का अनुभव भी मान्य होता है? आमतौर पर मान्यता प्राप्त निजी मेडिकल कॉलेजों का शिक्षण अनुभव भी मेरिट गणना में जोड़ा जाता है, लेकिन इसकी पुष्टि हर अधिसूचना में दिए गए विस्तृत नियमों से करें, क्योंकि यह प्रावधान चक्र-दर-चक्र थोड़ा बदल सकता है।
अगर एक ही विशेषज्ञता में कई डिग्री (जैसे DNB और MD दोनों) हों तो क्या फायदा है? एक ही विशेषज्ञता में दोहरी डिग्री का अलग से अतिरिक्त अंक नहीं मिलता, मेरिट फॉर्मूला सिर्फ उच्चतम योग्य डिग्री को गिनता है। हालाँकि PhD या DM/MCh जैसी उच्चतर योग्यता अलग से 10 अंक जोड़ती है।
क्या इस भर्ती में कोई फिजिकल टेस्ट होता है? नहीं, चूंकि यह एक शैक्षणिक/चिकित्सा पद है, इसमें किसी तरह की शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं होती। चयन पूरी तरह मेरिट और साक्षात्कार पर आधारित है।
Pareeksha पर संबंधित लेख
अगर आप बिहार सरकारी परीक्षाओं को व्यापक रूप से ट्रैक कर रहे हैं, तो ये भी मददगार हो सकते हैं:
- BPSC 72वीं CCE गाइड
- बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती
- बिहार परीक्षाओं के लिए करेंट अफेयर्स
- बिहार परीक्षा समाचार अपडेट
अंतिम बात
BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर वह परीक्षा नहीं है जिसे आप SSC CGL की तरह एक स्टडी प्लान और मॉक टेस्ट से पार कर लें। यह एक करियर मील का पत्थर है जो सालों की क्लिनिकल ट्रेनिंग, एक ठोस PG डिग्री और साफ-सुथरे दस्तावेज़ीकरण से बनता है। अगर आप एक रेजिडेंट डॉक्टर हैं और इस पद पर नज़र रखे हुए हैं, तो अपने अनुभव प्रमाणपत्र अपडेट रखें, जहाँ हो सके प्रकाशित करें, और अगली अधिसूचना के लिए bpsc.bihar.gov.in पर नज़र रखें।
अगर आप अपने मेडिकल करियर के साथ-साथ अन्य बिहार या SSC-स्तर की परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहे हैं, तो हमारे स्टडी प्लान संसाधन और रीडिंग रूम में मुफ्त सामग्री उपलब्ध है। इंतज़ार के लिए शुभकामनाएँ — जब अगला चक्र आए, जल्दी आवेदन करें और अपने कागज़ात आखिरी दिन के लिए न छोड़ें।

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