अगर आप यूपी के किसी ऐसे कस्बे में बड़े हुए हैं जहां बस स्टैंड के पास "मंडी समिति" का गेट है, तो आप पहले से जानते हैं कि यह नौकरी किससे जुड़ी है। मंडी परिषद पूरे राज्य में अनाज और सब्ज़ी की मंडियां चलाती है, और उसे रिकॉर्ड रखने, तौल की जांच करने और रोज़मर्रा के दफ़्तरी काम के लिए लोगों की ज़रूरत होती है। यहीं UPSSSC के अंतर्गत पर्यवेक्षक और लिपिक पद काम आते हैं।
यह पद पुलिस की नौकरी या SDM पद जैसा चमकदार नहीं है। लेकिन यह स्थिर है, सरकारी सीट है, और स्नातक डिग्री रखने वाले किसी व्यक्ति के लिए जो यूपी-स्तर की दफ़्तरी नौकरी ढूंढ रहा है, तैयारी करने का फ़ैसला लेने से पहले इसे ठीक से समझना ज़रूरी है। चलिए देखते हैं कि अभी असल में क्या मालूम है, और अगर अभी कोई नई अधिसूचना नहीं आई है तो क्या करना चाहिए।
नवीनतम अधिसूचना और महत्वपूर्ण तिथियां
पहले ईमानदार बात कर लेते हैं। यह लिखे जाने तक (जुलाई 2026), UPSSSC ने मंडी परिषद पर्यवेक्षक और लिपिक पदों के लिए कोई नई, अलग अधिसूचना जारी नहीं की है। इन पदों का आख़िरी पुष्ट भर्ती चक्र कुछ साल पहले चला था, और तब से आयोग अन्य विभागों (PET, VDO, जूनियर असिस्टेंट, ऑडिटर वगैरह) की PET-लिंक्ड भर्तियां निपटाने में व्यस्त रहा है। एक बार जब परिषद UPSSSC को नई रिक्ति की मांग भेजती है तो नया मंडी परिषद अभियान कभी भी आ सकता है — यह प्रणाली इसी तरह काम करती है। किसी YouTube वाले के "पुष्टि" करने का इंतज़ार न करें; सीधे स्रोत से जांचें।
| घटना | स्थिति |
|---|---|
| अधिसूचना | जुलाई 2026 तक जारी नहीं (अस्थायी, आधिकारिक साइट देखें) |
| आख़िरी ज्ञात चक्र | 2018-19 विज्ञापन (केवल संदर्भ के लिए) |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन, upsssc.gov.in के ज़रिए |
| पात्रता परीक्षा गेट | वैध PET (प्रारंभिक योग्यता परीक्षा) स्कोर आवश्यक |
| परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था | उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से UPSSSC |
चूंकि अभी कोई सक्रिय विंडो नहीं है, नीचे दिए गए पुराने चक्र के सभी आंकड़ों को एक संदर्भ बिंदु मानें, गारंटी नहीं। Pareeksha पर UPSSSC के परीक्षा गाइड को बुकमार्क करें और परीक्षा समाचार अपडेट देखें — हम नई UPSSSC अधिसूचनाएं आते ही ट्रैक करते हैं।
यह नौकरी असल में क्या है
मंडी परिषद पर्यवेक्षक (विज्ञापन में इसे पर्यवेक्षक भी कहा जाता है) और लिपिक, दोनों यूपी के ज़िलों की मंडी समितियों में तैनात दफ़्तरी भूमिकाएं हैं। एक पर्यवेक्षक रोज़ के मंडी संचालन पर नज़र रखता है: व्यापारी और कमीशन एजेंट नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं यह जांचना, तौल पर्चियों का सत्यापन करना, सेस संग्रह की निगरानी करना, और मंडी सचिव को रिपोर्ट करना। एक लिपिक कागज़ी काम संभालता है — रजिस्टर बनाए रखना, पत्राचार टाइप करना, RTI जवाब फ़ाइल करना, कर्मचारी रिकॉर्ड प्रबंधित करना, और सेस व लाइसेंस नवीनीकरण फ़ाइलों में मदद करना।
इनमें से कोई भी पद लेखपाल के ज़मीनी दौरे जैसा फील्डवर्क नहीं मांगता। आप ज़्यादातर डेस्क पर होंगे या रिकॉर्ड जांचने के लिए मंडी परिसर में घूमेंगे। तैनाती यूपी के भीतर होती है, और करियर के दौरान अलग-अलग ज़िलों की मंडी समितियों के बीच तबादले होते रहते हैं।
रिक्ति विवरण / पद विभाजन
पिछले चक्र में दो श्रेणियों — पर्यवेक्षक और लिपिक — के तहत पद विज्ञापित हुए थे, जो पूरे राज्य की मंडी समितियों में फैले थे, और हर श्रेणी पर यूपी का सामान्य आरक्षण रोस्टर (SC, ST, OBC, EWS, महिला, भूतपूर्व सैनिक, PwD) लागू था। उस चक्र में कुल संख्या मिलाकर कुछ सौ के आसपास रही। चूंकि अभी कोई नई अधिसूचना मौजूद नहीं है, इसलिए ऑनलाइन तैर रहे किसी भी विशेष आंकड़े पर भरोसा न करें — PDF का इंतज़ार करें और अनुबंध को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि ज़िलावार और श्रेणीवार विभाजन कुल आंकड़े से ज़्यादा मायने रखता है।
पात्रता
शिक्षा: दोनों पदों के लिए आमतौर पर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री आवश्यक है। लिपिक पद के लिए अक्सर बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान (जैसे CCC प्रमाणपत्र या समकक्ष) भी मांगा जाता है, क्योंकि टाइपिंग और डेटा एंट्री इस काम का हिस्सा हैं।
आयु सीमा (पिछले चक्र के पैटर्न पर आधारित, जारी होने पर पुष्टि करें):
| श्रेणी | न्यूनतम आयु | अधिकतम आयु |
|---|---|---|
| सामान्य/EWS | 18 वर्ष | 40 वर्ष |
| OBC | 18 वर्ष | 43 वर्ष |
| SC/ST | 18 वर्ष | 45 वर्ष |
| PwD (अतिरिक्त छूट) | 18 वर्ष | श्रेणी के अनुसार 55 वर्ष तक |
आयु की गणना अधिसूचना वर्ष की 1 जुलाई के अनुसार होती है, यह UPSSSC की मानक प्रथा है।
अधिवास: आपका उत्तर प्रदेश का निवासी होना ज़रूरी है, वैध अधिवास प्रमाणपत्र के साथ।
शारीरिक मानक: इन पदों के लिए कोई विशेष ऊंचाई या सीना आवश्यकता नहीं है क्योंकि ये फील्ड या वर्दीधारी भूमिकाएं नहीं हैं।
आवेदन प्रक्रिया, शुल्क, और आवेदन कैसे करें
अधिसूचना जारी होने के बाद, आप केवल upsssc.gov.in के ज़रिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगर आपने पहले पंजीकरण नहीं कराया है तो पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना होगा — अब यह हर UPSSSC परीक्षा के लिए अनिवार्य है।
| श्रेणी | आवेदन शुल्क (संदर्भ, पिछला चक्र) |
|---|---|
| सामान्य/OBC/EWS | लगभग ₹25 |
| SC/ST | लगभग ₹25 |
| PwD | मुक्त या मामूली |
अन्य राज्य आयोगों की तुलना में UPSSSC पदों का शुल्क जानबूझकर कम रखा जाता है, लेकिन सटीक राशि हमेशा अधिसूचना से ही पुष्टि करें क्योंकि यह बदल सकती है।
आवेदन के चरण:
- अगर पहले से नहीं किया है तो UPSSSC पोर्टल पर OTR पूरा करें।
- लॉगिन करें और अधिसूचना जारी होने पर मंडी परिषद पर्यवेक्षक/लिपिक लिंक खोलें।
- अपना PET रोल नंबर और स्कोर भरें — यह अब आपका प्रवेश द्वार है, वैधता अवधि के भीतर वैध PET स्कोर के बिना आवेदन नहीं कर सकते।
- मांगे अनुसार फोटो, हस्ताक्षर और श्रेणी/अधिवास प्रमाणपत्र अपलोड करें।
- शुल्क ऑनलाइन जमा करें और सबमिट करें। पुष्टिकरण सहेजें और एक प्रति प्रिंट करें।
परीक्षा पैटर्न
UPSSSC अपने अधिकांश ग्रुप सी पदों के लिए दो-चरण की फ़िल्टर प्रणाली इस्तेमाल करता है, और मंडी परिषद पर्यवेक्षक/लिपिक आमतौर पर उसी ढांचे का पालन करता है।
चरण 1: PET (प्रारंभिक योग्यता परीक्षा) यह एक सामान्य प्रवेश परीक्षा है जिसे UPSSSC अलग से आयोजित करता है, और इसका स्कोर एक तय अवधि (आमतौर पर 3 साल) के लिए वैध रहता है। इस पद की मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए भी आपको वैध स्कोर चाहिए।
चरण 2: मुख्य लिखित परीक्षा
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| सामान्य हिंदी | 25 | 25 |
| सामान्य ज्ञान | 25 | 25 |
| सामान्य बुद्धि परीक्षण (रीज़निंग) | 25 | 25 |
| संख्यात्मक और सांख्यिकीय अभियोग्यता / क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड | 25 | 25 |
| कुल | 100 | 100 |
परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होती है, उस साल UPSSSC जो भी मोड चुने उसके अनुसार OMR या कंप्यूटर-आधारित, अवधि 2 घंटे। हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नकारात्मक अंकन व्यवस्था है, इसलिए अंधाधुंध अंदाज़ा लगाना नुकसानदेह हो सकता है। इन पदों के लिए अलग से कोई साक्षात्कार नहीं होता — चयन लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन में मेरिट पर आधारित है।
विस्तृत सिलेबस
सामान्य हिंदी: संधि, समास, पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, मुहावरे-लोकोक्तियां, शुद्ध वर्तनी, वाक्य शुद्धिकरण, अनेकार्थी शब्द, और गद्यांश। मूल रूप से आसान लेकिन छोटी-छोटी ग़लतियों से बचने के लिए रोज़ाना अभ्यास ज़रूरी है।
सामान्य ज्ञान: इतिहास (स्वतंत्रता संग्राम, प्राचीन-मध्यकालीन भारत संक्षेप में), भारतीय राजव्यवस्था और संविधान की बुनियात, भारत और यूपी का भूगोल, पिछले 6-12 महीनों के करंट अफेयर्स, यूपी-विशिष्ट GK (सरकारी योजनाएं, ज़िले, संस्कृति, उल्लेखनीय व्यक्तित्व), दैनिक जीवन में विज्ञान, खेल, और किताबें-लेखक। इस पेपर में यूपी-विशिष्ट सवालों का असली वज़न है, इसलिए स्थानीय GK न छोड़ें।
रीज़निंग (सामान्य बुद्धि परीक्षण): समानता (एनालॉजी), श्रृंखला पूर्णता, कोडिंग-डिकोडिंग, रक्त संबंध, दिशा ज्ञान, न्यायवाक्य (syllogism), अशाब्दिक रीज़निंग (आकृति श्रृंखला, दर्पण छवियां), वर्गीकरण, और पहेली-आधारित प्रश्न। एक बार बुनियात मज़बूत होने पर यह खंड गति का इनाम देता है।
क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड: संख्या प्रणाली, प्रतिशत, अनुपात-समानुपात, औसत, लाभ-हानि, सरल और चक्रवृद्धि ब्याज, समय-चाल-दूरी, समय और कार्य, क्षेत्रमिति की बुनियात, डेटा इंटरप्रिटेशन (तालिकाएं और बार ग्राफ), और सरलीकरण।
व्यवस्थित विषयवार अभ्यास के लिए, मुफ़्त विषयवार अभ्यास सेट और विषय गाइड इस्तेमाल करें — क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड गाइड, रीज़निंग गाइड, और सामान्य जागरूकता गाइड ठीक इसी सिलेबस स्तर को कवर करते हैं।
वेतन, पे स्केल, और करियर ग्रोथ
दोनों पद यूपी के ग्रुप सी स्टाफ़ के पे मैट्रिक्स में आते हैं।
- पर्यवेक्षक: यूपी पे मैट्रिक्स का लगभग पे लेवल 4, लगभग ₹25,500 से ₹81,100 का बैंड, शुरुआती मूल वेतन लगभग ₹25,500।
- लिपिक: लगभग पे लेवल 2, लगभग ₹19,900 से ₹63,200 का बैंड, शुरुआती मूल वेतन लगभग ₹19,900।
इसमें DA, HRA (तैनाती वाले शहर के वर्गीकरण पर निर्भर), और अन्य मानक राज्य सरकारी भत्ते जुड़ते हैं। कटौतियों के बाद एक नए कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी आमतौर पर ₹28,000 से ₹38,000 प्रति माह के बीच आती है, यह पद और शहर पर निर्भर करता है। यह कोई बड़ी रकम नहीं है, लेकिन इसके साथ पेंशन-लिंक्ड लाभ (NPS), नौकरी की सुरक्षा, और वरिष्ठता-आधारित स्पष्ट पदोन्नति पथ आता है — सालों में एक लिपिक वरिष्ठ सहायक, प्रधान लिपिक, और परिषद पदानुक्रम में आगे के प्रशासनिक पदों तक पहुंच सकता है।
पिछले वर्ष का कट-ऑफ
पिछले चक्र के सटीक श्रेणीवार कट-ऑफ यहां भरोसेमंद तरीके से नहीं बताए जा सकते, क्योंकि UPSSSC हर पद के लिए हमेशा पूरा ब्रेकअप प्रकाशित नहीं करता, और इस विशेष पद का आख़िरी पूरा चक्र अब कुछ साल पुराना हो चुका है। समान UPSSSC लिपिक-स्तरीय परीक्षाओं से एक मोटे अंदाज़े के तौर पर:
| श्रेणी | अनुमानित कट-ऑफ रेंज (100 में से) |
|---|---|
| सामान्य | 68-75 |
| OBC | 62-70 |
| SC | 55-62 |
| ST | 48-56 |
इन्हें अंदाज़ा मानें, तय आंकड़ा नहीं। नई अधिसूचना और परिणाम आने पर, हम इसे असली आंकड़ों से अपडेट करेंगे। इस अपडेट के लिए Pareeksha पर करंट अफेयर्स और परीक्षा समाचार ट्रैक करें।
सर्वश्रेष्ठ किताबें और तैयारी की रणनीति
आपको किताबों का पहाड़ नहीं चाहिए। पांच किताबें ख़रीदकर एक भी पूरी न पढ़ने के बजाय हर विषय के लिए एक मज़बूत किताब चुनें और उसे ठीक से ख़त्म करें।
- हिंदी: लुसेंट की हिंदी या एक मानक यूपी-बोर्ड स्तर की हिंदी व्याकरण किताब।
- GK: लुसेंट का सामान्य ज्ञान, साथ में एक मासिक करंट अफेयर्स डाइजेस्ट।
- रीज़निंग: RS अग्रवाल या इसी तरह की वर्बल-नॉनवर्बल रीज़निंग किताब, UPSSSC-स्तर के प्रश्नों पर केंद्रित।
- क्वांट: एक बुनियादी अंकगणित किताब — इस स्तर पर RS अग्रवाल की क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड ठीक काम करती है।
अगर बिल्कुल शुरुआत से कर रहे हैं तो एक मोटा महीने-वार प्लान:
- महीना 1-2: चारों विषयों में बुनियात बनाएं। अभी गति के पीछे न भागें, सटीकता पर ध्यान दें।
- महीना 3: असली कठिनाई का अंदाज़ा लगाने के लिए पिछले वर्षों के UPSSSC पेपर (PET और समान ग्रुप सी पेपर) हल करना शुरू करें।
- महीना 4: पूरे मॉक टेस्ट, समयबद्ध, हफ़्ते में कम से कम एक बार। असली परीक्षा जैसी परिस्थिति के लिए मुफ़्त मॉक टेस्ट सीरीज़ इस्तेमाल करें।
- आख़िरी 3-4 हफ़्ते: केवल रिवीज़न। कोई नया विषय नहीं। सिर्फ़ अपने मॉक प्रयासों से गलतियों का विश्लेषण।
अगर आप एक से ज़्यादा विषय में कमज़ोर हैं, तो किताबों के बीच बेतरतीब कूदने के बजाय एक उचित स्टडी प्लान इस्तेमाल करें।
आम गलतियां और ईमानदार सलाह
लोग सिलेबस बुनियादी दिखने की वजह से इसे "आसान" परीक्षा मान लेते हैं, फिर हिंदी और GK में लापरवाह गलतियों से अंक गंवाते हैं — वही खंड जिन्हें वे बिना मेहनत के पास कर लेने का यक़ीन रखते थे। ऐसा न करें।
दूसरा, PET की आवश्यकता को नज़रअंदाज़ न करें। कई उम्मीदवारों को बहुत देर से पता चलता है कि उनका PET स्कोर समाप्त हो चुका है। इसे वैध रखें, क्योंकि अब यह लगभग हर UPSSSC ग्रुप सी परीक्षा का प्रवेश द्वार है।
तीसरा, सिर्फ़ अधिसूचना न आने की वजह से बैठे न रहें। यूपी में स्नातक डिग्री आम है, और कुछ सौ सीटों के लिए हज़ारों आवेदन आते हैं। इस प्रतीक्षा अवधि का उपयोग अपनी बुनियात बनाने में करें ताकि अधिसूचना आते ही आप तेज़ी से आगे बढ़ सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या 2026 में UPSSSC मंडी परिषद पर्यवेक्षक और लिपिक की अधिसूचना जारी हुई है? नहीं, जुलाई 2026 तक कोई नई अधिसूचना नहीं है। सीधे upsssc.gov.in देखते रहें।
क्या आवेदन के लिए PET स्कोर ज़रूरी है? हां। ज़्यादातर UPSSSC ग्रुप सी परीक्षाओं की तरह, इस पद के लिए आवेदन करने के लिए वैधता अवधि के भीतर एक वैध PET स्कोर आवश्यक है।
क्या इन पदों के लिए कोई साक्षात्कार होता है? नहीं। चयन लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन पर आधारित है, कोई साक्षात्कार चरण नहीं है।
न्यूनतम योग्यता क्या है? पर्यवेक्षक और लिपिक, दोनों पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री।
क्या नकारात्मक अंकन है? हां, मुख्य लिखित परीक्षा में हर गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काटे जाते हैं।
क्या यूपी से बाहर के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं? नहीं, इन पदों के लिए यूपी अधिवास आवश्यक है।
परीक्षा की अवधि क्या है? 100 अंकों के मुख्य लिखित पेपर के लिए लगभग 2 घंटे।
क्या कोई शारीरिक परीक्षण है? नहीं, ये दफ़्तरी पद हैं जिनमें कोई शारीरिक मानक परीक्षण नहीं होता।
पर्यवेक्षक और लिपिक में किसका वेतन ज़्यादा है? पर्यवेक्षक लिपिक से ऊंचे पे लेवल पर है, यूपी पे मैट्रिक्स में लगभग लेवल 4 बनाम लेवल 2।
नवीनतम अपडेट के लिए कहां जांच करूं? आधिकारिक upsssc.gov.in साइट ही एकमात्र भरोसेमंद स्रोत है। हम इसे अपने परीक्षा समाचार पेज पर भी ट्रैक करते हैं।
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अंतिम बात
यह नौकरी सुर्खियां नहीं बनाएगी, लेकिन यह साफ़ पदोन्नति सीढ़ी वाली एक असली, स्थिर सरकारी सीट है। अभी आप जो सबसे अच्छा काम कर सकते हैं वह यह है कि अधिसूचना की तारीख़ के लिए इंटरनेट रिफ्रेश करना बंद करें और अपनी हिंदी, GK, रीज़निंग और क्वांट की बुनियात ठीक करना शुरू करें। जब आख़िरकार विज्ञापन आएगा, तो आपके पास आवेदन के लिए शायद एक महीना और तैयारी के लिए कुछ और महीने होंगे — अगर आप बिल्कुल शुरुआत से शुरू कर रहे हैं तो यह बहुत समय नहीं है। अभी से बुनियात बनाएं, खुलते ही तेज़ी से आवेदन करें।
आधिकारिक जानकारी के लिए, इस पोस्ट के आधार पर कोई भी फ़ैसला लेने से पहले हमेशा UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट और यूपी मंडी परिषद के आधिकारिक पोर्टल से क्रॉस-चेक करें।
मंडी परिषद की भूमिका को समझना
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद राज्य की कृषि मंडियों के नियमन के लिए ज़िम्मेदार शीर्ष निकाय है। यह किसानों को उचित मूल्य दिलाने, व्यापार में पारदर्शिता बनाए रखने, और मंडी शुल्क व सेस के ज़रिए राजस्व एकत्र करने का काम देखता है। हर ज़िले में मौजूद मंडी समितियां इसी परिषद के अधीन काम करती हैं, और यहीं पर्यवेक्षक व लिपिक जैसे पद तैनात होते हैं। यह समझना ज़रूरी है कि यह नौकरी सीधे कृषि उपज के व्यापार, किसानों के हितों और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी है — इसलिए साक्षात्कार में (जहां लागू हो) या तैयारी के दौरान मंडी व्यवस्था की बुनियादी जानकारी होना अतिरिक्त फ़ायदा देता है।
तैयारी शुरू करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें
चूंकि अभी कोई सक्रिय अधिसूचना नहीं है, तैयारी को टुकड़ों में बांटना समझदारी है। पहले चरण में सिर्फ़ बुनियादी सिलेबस पर पकड़ बनाएं ताकि जब अधिसूचना आए तो आपको शुरुआत से शुरू न करना पड़े। दूसरे चरण में, अधिसूचना आने के बाद, अपनी तैयारी को गति और सटीकता पर केंद्रित करें, क्योंकि उस समय आपके पास सीमित हफ़्ते ही बचेंगे। इस बीच PET जैसी गेटवे परीक्षाओं को वैध बनाए रखना न भूलें, क्योंकि बिना वैध स्कोर के आप आवेदन ही नहीं कर पाएंगे, चाहे आपकी तैयारी कितनी भी अच्छी क्यों न हो।
अन्य UPSSSC पदों से तुलना
मंडी परिषद पर्यवेक्षक और लिपिक की तुलना अगर लेखपाल, VDO या जूनियर असिस्टेंट जैसे अन्य लोकप्रिय UPSSSC पदों से करें, तो इनके बीच कुछ बुनियादी फ़र्क़ साफ़ दिखते हैं। लेखपाल और VDO ज़मीनी स्तर पर ज़्यादा फील्डवर्क मांगते हैं, जबकि पर्यवेक्षक और लिपिक दोनों दफ़्तर-केंद्रित रहते हैं। न्यूनतम योग्यता के लिहाज़ से भी अंतर है — जहां लेखपाल जैसे कई पद बारहवीं पास उम्मीदवारों के लिए खुले रहते हैं, वहीं मंडी परिषद के इन पदों के लिए स्नातक डिग्री ज़रूरी है, जिससे मुक़ाबला थोड़ा अलग तबके के उम्मीदवारों के बीच होता है। वेतन के हिसाब से पर्यवेक्षक का पद VDO के लगभग बराबर बैठता है, जबकि लिपिक जूनियर असिस्टेंट के स्तर के आसपास रहता है। अगर आप यह तय नहीं कर पा रहे कि किस पद की तैयारी पर ध्यान दें, तो अपनी योग्यता (स्नातक है या नहीं), फील्डवर्क में रुचि, और किस ज़िले या इलाक़े में तैनाती पसंद करेंगे — इन तीन बातों को आधार बनाकर फ़ैसला लें। सिलेबस का बड़ा हिस्सा — हिंदी, सामान्य ज्ञान, रीज़निंग और क्वांट — लगभग हर UPSSSC ग्रुप सी परीक्षा में समान रहता है, इसलिए एक की तैयारी दूसरे में सीधे काम आती है।

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