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भारतीय बैंकिंग प्रणाली
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भारतीय बैंकिंग प्रणाली

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)
- स्थापना: 1 अप्रैल 1935, हिल्टन यंग कमीशन (1926) की सिफ़ारिश पर।
- मूल रूप से निजी शेयरधारकों के स्वामित्व में स्थापित; 1 जनवरी 1949 को राष्ट्रीयकृत।
- मुख्यालय: मुंबई (प्रारंभ में कोलकाता, 1937 में मुंबई स्थानांतरित)।
- प्रथम गवर्नर: सर ओसबॉर्न स्मिथ; प्रथम भारतीय गवर्नर: सी.डी. देशमुख (1943-49)।
RBI के प्रमुख कार्य
- नोट निर्गमन प्राधिकरण: RBI अधिनियम की धारा 22 के अंतर्गत मुद्रा जारी करने का अधिकार।
- सरकार का बैंकर: केंद्र व राज्य सरकारों के लिए बैंकिंग सेवाएँ, ऋण प्रबंधन।
- बैंकों का बैंकर व अंतिम शरणदाता: वाणिज्यिक बैंकों को आपात नकदी सहायता।
- मौद्रिक नीति नियंत्रण: मौद्रिक नीति समिति (MPC) — 6 सदस्यीय, मुद्रास्फीति लक्ष्य 4% (+/- 2%)।
- विदेशी मुद्रा प्रबंधन: FEMA, 1999 के अंतर्गत।
- बैंकिंग विनियमन: बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के अंतर्गत।
मौद्रिक नीति उपकरण
- रेपो दर: वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है।
- रिवर्स रेपो दर: वह दर जिस पर RBI बैंकों से अतिरिक्त नकदी उधार लेता है।
- नकद आरक्षित अनुपात (CRR): बैंकों को जमाराशि का निश्चित प्रतिशत RBI के पास नकद रखना अनिवार्य।
- सांविधिक तरलता अनुपात (SLR): बैंकों को जमाराशि का निश्चित प्रतिशत नकद/सोना/सरकारी प्रतिभूतियों में रखना।
- सीमांत स्थायी सुविधा (MSF): रातोंरात नकदी हेतु सुविधा, रेपो दर से थोड़ी ऊँची।
- खुला बाज़ार परिचालन (OMO): सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री से तरलता नियंत्रण।
नोट: रेपो दर व अन्य नीति दरें समय-समय पर बदलती हैं — नवीनतम MPC विज्ञप्ति RBI की वेबसाइट पर देखें।
बैंक राष्ट्रीयकरण का इतिहास
- 1955: इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का गठन।
- 19 जुलाई 1969: प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 14 प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण।
- 15 अप्रैल 1980: 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण।
- 1991 के बाद उदारीकरण से निजी बैंकों (ICICI, HDFC, Axis) के प्रवेश की अनुमति मिली।
- 2017-2020 के दौरान कई सार्वजनिक बैंकों का विलय (जैसे देना बैंक व विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में)। वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र में 12 बैंक हैं।
प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
| बैंक | मुख्यालय | स्थापना |
|---|---|---|
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | मुंबई | 1806 (बैंक ऑफ कलकत्ता के रूप में; 1955 में SBI) |
| पंजाब नेशनल बैंक (PNB) | नई दिल्ली | 1894 |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | वडोदरा | 1908 |
| कैनरा बैंक | बेंगलुरु | 1906 |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | मुंबई | 1919 |
| बैंक ऑफ इंडिया | मुंबई | 1906 |
| इंडियन बैंक | चेन्नई | 1907 |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | मुंबई | 1911 |
| इंडियन ओवरसीज़ बैंक | चेन्नई | 1937 |
| यूको बैंक | कोलकाता | 1943 |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | पुणे | 1935 |
| पंजाब एंड सिंध बैंक | नई दिल्ली | 1908 |
प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक
| बैंक | मुख्यालय | स्थापना |
|---|---|---|
| HDFC बैंक | मुंबई | 1994 |
| ICICI बैंक | मुंबई | 1994 |
| Axis बैंक | मुंबई | 1993 (मूल नाम UTI बैंक) |
| कोटक महिंद्रा बैंक | मुंबई | 2003 |
| इंडसइंड बैंक | पुणे | 1994 |
| यस बैंक | मुंबई | 2004 |
| फेडरल बैंक | अलुवा (केरल) | 1931 |
| साउथ इंडियन बैंक | त्रिशूर (केरल) | 1929 |
| बंधन बैंक | कोलकाता | 2015 |
| IDFC फर्स्ट बैंक | मुंबई | 2015/2018 |
लघु वित्त बैंक
RBI ने 2015 में सूक्ष्म वित्त, लघु व्यवसाय और असंगठित क्षेत्र को बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाने हेतु लघु वित्त बैंक लाइसेंस दिए। प्रमुख उदाहरण: AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक।
भुगतान बैंक
2014 में नचिकेत मोर समिति की सिफ़ारिश पर RBI ने भुगतान बैंकों की अवधारणा प्रस्तुत की, जो जमा तो स्वीकार कर सकते हैं परंतु ऋण/क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते। प्रमुख उदाहरण: एयरटेल पेमेंट्स बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), फिनो पेमेंट्स बैंक, NSDL पेमेंट्स बैंक।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB)
- स्थापना: नरसिंहम समिति (1975) की सिफ़ारिश पर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 के अंतर्गत; प्रथम RRB — प्रथमा बैंक (मुरादाबाद) 2 अक्टूबर 1975।
- उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे किसानों व लघु उद्यमियों को ऋण सुविधा।
- स्वामित्व: केंद्र सरकार (50%), प्रायोजक बैंक (35%), राज्य सरकार (15%)।
प्रमुख बैंकिंग-क्षेत्र समितियाँ
| समिति | वर्ष | मुख्य विषय |
|---|---|---|
| नरसिंहम समिति-I | 1991 | बैंकिंग क्षेत्र सुधार, अनुत्पादक आस्तियाँ (NPA) |
| नरसिंहम समिति-II | 1998 | बैंकिंग क्षेत्र सुदृढ़ीकरण, पूंजी पर्याप्तता |
| नचिकेत मोर समिति | 2013-14 | वित्तीय समावेशन, भुगतान बैंक व लघु वित्त बैंक की संकल्पना |
| ऊर्जित पटेल समिति | 2014 | मौद्रिक नीति ढाँचा, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण |
| बीमल जालान समिति | 2019 | RBI के आर्थिक पूंजी ढाँचे (ECF) की समीक्षा |
सामान्य बैंकिंग संक्षिप्तियाँ
| संक्षिप्ति | पूर्ण रूप | अर्थ/उपयोग |
|---|---|---|
| NEFT | National Electronic Funds Transfer | बैच-आधारित इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर, 24x7 उपलब्ध। |
| RTGS | Real Time Gross Settlement | वास्तविक समय निपटान, न्यूनतम राशि 2 लाख रुपये। |
| IMPS | Immediate Payment Service | NPCI द्वारा संचालित तत्काल फंड ट्रांसफर, 24x7। |
| UPI | Unified Payments Interface | NPCI द्वारा 2016 में लॉन्च, तत्काल भुगतान व्यवस्था। |
| NPCI | National Payments Corporation of India | खुदरा भुगतान व निपटान की छत्र संस्था। |
| CRR | Cash Reserve Ratio | बैंकों की जमा का RBI के पास नकद आरक्षित प्रतिशत। |
| SLR | Statutory Liquidity Ratio | तरल आस्तियों का अनिवार्य अनुपात। |
| KYC | Know Your Customer | ग्राहक पहचान सत्यापन प्रक्रिया। |
| NPA | Non-Performing Asset | 90 दिनों से अधिक बकाया ऋण। |
| CASA | Current Account Savings Account | चालू व बचत खातों का अनुपात। |
| IFSC | Indian Financial System Code | बैंक शाखा का 11-अंकीय कोड। |
| NBFC | Non-Banking Financial Company | बैंकिंग लाइसेंस बिना वित्तीय सेवाएँ देने वाली कंपनी। |
| MCLR | Marginal Cost of Funds based Lending Rate | 2016 से लागू ऋण दर निर्धारण पद्धति। |
| CIBIL | Credit Information Bureau (India) Limited | क्रेडिट स्कोर व इतिहास रखने वाली एजेंसी। |
| SEBI | Securities and Exchange Board of India | पूंजी बाज़ार का नियामक, स्थापना 1988, वैधानिक दर्जा 1992। |
| IRDAI | Insurance Regulatory and Development Authority of India | बीमा क्षेत्र का नियामक। |
| DICGC | Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation | प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक 5 लाख रुपये तक जमा बीमा। |
त्वरित तथ्य
- भारत का प्रथम बैंक: बैंक ऑफ हिंदुस्तान (1770, अब बंद)। शुद्ध भारतीय स्वामित्व वाला प्रथम बैंक: पंजाब नेशनल बैंक (1894)।
- 1975: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना; 1982: नाबार्ड (NABARD) की स्थापना।
- डिजिटल रुपया (e₹) — RBI की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा, पायलट परियोजना दिसंबर 2022 से प्रारंभ।
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