अगर आप UP में स्नातक हैं और ऐसी नौकरी ढूंढ रहे हैं जो अच्छी सैलरी दे और राज्य छोड़ने की जरूरत न पड़े, तो इलाहाबाद हाई कोर्ट RO/ARO परीक्षा पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। यह एक ही बार में पांच सौ से ज्यादा पद भरती है, राज्य-स्तरीय परीक्षा के हिसाब से सैलरी वाकई अच्छी है, और मुकाबला भारी होते हुए भी UPSC या यहां तक कि UPPSC PCS जितना क्रूर नहीं।
यह साइकिल पहले से चल रही है। कोर्ट ने रिव्यू ऑफिसर, असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर और कंप्यूटर असिस्टेंट पदों के लिए 2026 का नोटिफिकेशन NTA के जरिए जारी किया, और UP भर से लाखों उम्मीदवार पहले ही आवेदन कर चुके हैं। इस पोस्ट में आपको सब कुछ मिलेगा जो चाहिए — तारीखें, पात्रता, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस, और बिना गलत किताबों में महीनों बर्बाद किए तैयारी कैसे करें।
नवीनतम नोटिफिकेशन और महत्वपूर्ण तारीखें
इलाहाबाद हाई कोर्ट RO/ARO और कंप्यूटर असिस्टेंट 2026 नोटिफिकेशन 1 जून, 2026 को जारी हुआ, और परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) करा रही है, न कि खुद कोर्ट। यह नया बदलाव है — पहले की साइकिलें अलग तरीके से संभाली जाती थीं, इसलिए अगर आप पुराने पैटर्न के आदी हैं, तो ध्यान रखें कि अब यह जिम्मेदारी NTA के हाथ में है।
| इवेंट | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| नोटिफिकेशन जारी | 1 जून, 2026 | पुष्ट |
| आवेदन शुरू | 1 जून, 2026 | पुष्ट |
| आवेदन समाप्त | 21 जून, 2026 | पुष्ट |
| शुल्क भुगतान की अंतिम तारीख | 22 जून, 2026 | पुष्ट |
| सुधार विंडो | जून 2026 के मध्य-अंत (16 जून को सार्वजनिक सूचना जारी) | पुष्ट |
| प्रीलिम्स परीक्षा तारीख | अभी घोषित नहीं | अनिश्चित |
| एडमिट कार्ड | आमतौर पर परीक्षा से 7-10 दिन पहले | अनिश्चित |
| परिणाम / मेन्स परीक्षा | घोषित की जाएगी | अनिश्चित |
अगस्त 2026 में यह लिखते समय, आवेदन विंडो पहले ही बंद हो चुकी है और उम्मीदवार प्रीलिम्स की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। आधिकारिक NTA पोर्टल exams.nta.nic.in/allhcre और कोर्ट की अपनी साइट allahabadhighcourt.in पर नजर बनाए रखें — परीक्षा तारीखों के लिए किसी भी वॉट्सऐप फॉरवर्ड पर भरोसा न करें। आप pareeksha.in एग्जाम न्यूज़ पर भी अपडेट ट्रैक कर सकते हैं।
नौकरी में वास्तव में क्या करना होता है
रिव्यू ऑफिसर और असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर हाई कोर्ट की रजिस्ट्री और न्यायिक प्रशासन व्यवस्था में सुपरवाइजरी और प्रशासनिक पद हैं। एक RO या ARO कोर्टरूम में बैठकर डिक्टेशन नहीं लेता — काम है केस फाइलों की जांच करना, यह सुनिश्चित करना कि याचिकाएं और अपीलें सही कानूनी प्रारूप में हों, कोर्ट रिकॉर्ड बनाए रखना, आधिकारिक नोट्स तैयार करना, और रजिस्ट्री के अलग-अलग सेक्शनों के बीच तालमेल बिठाना। यह डेस्क जॉब है, लेकिन जिम्मेदारी भरी — फाइल जांच में एक गलती किसी केस को महीनों तक टाल सकती है।
पदानुक्रम में ARO, RO से एक कदम नीचे है और RO के सेक्शन में रिपोर्ट करता है। दोनों पदों के लिए बारीकी पर पैनी नजर और हिंदी व अंग्रेजी दोनों में कानूनी-प्रशासनिक भाषा में सहजता चाहिए।
कंप्यूटर असिस्टेंट एक अलग तरह की भूमिका है — ज्यादा IT-सपोर्ट और डेटा-एंट्री केंद्रित। आप डिजिटल केस रिकॉर्ड संभालेंगे, कोर्ट के केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर पर काम करेंगे, पुरानी फाइलों को डिजिटाइज़ करने में मदद करेंगे, और अन्य विभागों को बुनियादी टेक ट्रबलशूटिंग में सहयोग देंगे। यह छोटा कैडर है (इस साइकिल में केवल 25 पद) लेकिन कंप्यूटर ज्ञान की एंट्री बार स्वाभाविक रूप से ऊंची है।
तीनों पद इलाहाबाद हाई कोर्ट और उसकी लखनऊ बेंच में स्थित हैं। कोर्टरूम-सामना करने वाली भूमिका की तुलना में यह अनुमानित कामकाजी घंटों वाली स्थिर, पेंशनयुक्त राज्य सरकारी नौकरी है।
वैकेंसी विवरण / पदवार ब्रेकअप
2026 के नोटिफिकेशन में तीन पदों पर कुल 543 वैकेंसी हैं।
| पद | वैकेंसी |
|---|---|
| रिव्यू ऑफिसर (RO) | 138 |
| असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर (ARO) | 380 |
| कंप्यूटर असिस्टेंट | 25 |
| कुल | 543 |
ज्यादातर वैकेंसी ARO की है, इसलिए ज्यादातर आवेदक इसी पद को लक्ष्य बनाएंगे। RO के लिए मेरिट में थोड़ी ज्यादा वरिष्ठता चाहिए और यह दोनों प्रशासनिक कैडरों में छोटा है।
पात्रता
आयु सीमा
| पद | न्यूनतम आयु | अधिकतम आयु |
|---|---|---|
| रिव्यू ऑफिसर | 21 वर्ष | 35 वर्ष |
| असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर | 21 वर्ष | 35 वर्ष |
| कंप्यूटर असिस्टेंट | 18 वर्ष | 35 वर्ष |
आयु की गणना 1 जुलाई, 2026 के अनुसार होती है। आयु में छूट मानक UP सरकारी नियमों के अनुसार है।
| श्रेणी | छूट |
|---|---|
| OBC (UP डोमिसाइल) | 3 वर्ष |
| SC/ST (UP डोमिसाइल) | 5 वर्ष |
| दिव्यांग | UP सरकार के नियमों के अनुसार अतिरिक्त छूट |
| भूतपूर्व सैनिक | लागू नियमों के अनुसार |
| महिलाएं (UP डोमिसाइल) | 5 वर्ष, श्रेणी-विशिष्ट नियम लागू |
शैक्षणिक योग्यता
RO और ARO के लिए, आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री चाहिए, साथ ही बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान का प्रमाण — या तो कंप्यूटर साइंस/एप्लिकेशन में डिप्लोमा या डिग्री, या किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से NIELIT 'O' लेवल या DOEACC 'CCC' जैसा प्रमाणपत्र। कंप्यूटर असिस्टेंट के लिए, कंप्यूटर योग्यता की जरूरत स्वाभाविक रूप से सख्त और औपचारिक कंप्यूटर साइंस पृष्ठभूमि के करीब है — सटीक क्लॉज के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन PDF देखें क्योंकि यह साइकिल के हिसाब से बदलता है।
डोमिसाइल
भारत में कहीं से भी उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। लेकिन आरक्षण लाभ (SC, ST, OBC, EWS) सिर्फ उन उम्मीदवारों को मिलते हैं जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं। अगर आप UP से बाहर के हैं, तो अपने गृह राज्य की जाति श्रेणी चाहे जो भी हो, आपको अनारक्षित श्रेणी में माना जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया और शुल्क
इस साइकिल में आवेदन NTA पोर्टल के जरिए हुए, न कि कोर्ट के अपने रिक्रूटमेंट पेज से — यह पिछले वर्षों से बदलाव है, इसलिए सही साइट बुकमार्क करें।
| श्रेणी | शुल्क |
|---|---|
| सामान्य / OBC / EWS | ₹1200 |
| SC / ST (UP डोमिसाइल) | ₹1000 |
आवेदन कैसे करें (संदर्भ के लिए, अगर सुधार विंडो फिर खुले या आप अगली साइकिल की तैयारी कर रहे हों):
- इलाहाबाद हाई कोर्ट परीक्षाओं के आधिकारिक NTA पोर्टल पर जाएं।
- वैध मोबाइल नंबर और ईमेल ID से रजिस्टर करें।
- व्यक्तिगत, शैक्षणिक और श्रेणी विवरण ध्यान से भरें।
- निर्दिष्ट प्रारूप में फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी प्रमाणपत्र अपलोड करें।
- पेमेंट गेटवे के जरिए ऑनलाइन शुल्क भुगतान करें।
- अपने रिकॉर्ड के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड और सेव करें।
अंतिम सबमिशन से पहले हमेशा अपनी श्रेणी और पद वरीयता दोबारा जांच लें — सुधार केवल एक छोटी विंडो में अनुमति है और हर फील्ड बाद में संपादित नहीं की जा सकती।
परीक्षा पैटर्न
चयन तीन चरणों में होता है: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, और एक कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट।
चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा
| विवरण | मान |
|---|---|
| प्रकार | वस्तुनिष्ठ, बहुविकल्पीय (OMR/CBT) |
| कुल अंक | 200 |
| अवधि | 3 घंटे |
| नेगेटिव मार्किंग | नहीं |
| माध्यम | द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेजी), भाषा-विशिष्ट खंडों को छोड़कर |
प्रीलिम्स पेपर में सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, सामान्य योग्यता और प्राथमिक कंप्यूटर ज्ञान एक संयुक्त पेपर में शामिल हैं। यह स्क्रीनिंग राउंड है — यह तय करता है कि कौन मेन्स तक जाएगा, और यहां के अंक आमतौर पर अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते (इस साइकिल के सटीक नियम के लिए नवीनतम नोटिफिकेशन देखें)।
चरण 2: मुख्य परीक्षा
| घटक | अंक |
|---|---|
| निबंध लेखन (अंग्रेजी) | 30 |
| संक्षेपण/प्रीसिस लेखन (अंग्रेजी) | 30 |
| अनुवाद (अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी) | 50 |
| अनुच्छेद बोध (अंग्रेजी गद्यांश) | 40 |
| कुल | 150 |
मेन्स वर्णनात्मक, कलम-कागज आधारित है, और लगभग 2 घंटे चलता है। क्वालिफाई करने के लिए न्यूनतम 150 में से 50 अंक चाहिए — यह छोटी बाधा नहीं है, और कई उम्मीदवार जो प्रीलिम्स आराम से पार कर लेते हैं वे यहां लड़खड़ा जाते हैं क्योंकि उन्होंने कभी प्रीसिस और अनुवाद का गंभीरता से अभ्यास नहीं किया।
चरण 3: कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट
| विवरण | मान |
|---|---|
| प्रारूप | कंप्यूटर-आधारित |
| कार्य | 500-शब्दों का अंग्रेजी गद्यांश टाइप करना |
| अवधि | 20 मिनट |
| न्यूनतम स्पीड आवश्यक | 25 WPM |
| कुल अंक | 50 |
| क्वालिफाइंग अंक | 50 में से 25 |
ज्यादातर पदों के लिए यह क्वालिफाइंग प्रकृति का है, हालांकि कंप्यूटर असिस्टेंट के लिए कंप्यूटर कौशल की ज्यादा गहराई से जांच होती है। रोज टाइपिंग अभ्यास करें — 25 WPM तब तक आसान लगता है जब तक आप परीक्षा के दबाव में अनजान कीबोर्ड सॉफ्टवेयर पर यह नहीं कर रहे होते।
विस्तृत सिलेबस
सामान्य ज्ञान (प्रीलिम्स)
- भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन
- भारतीय राजव्यवस्था, संविधान और शासन
- भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी बातें
- भारत और विश्व का भूगोल
- पर्यावरण और पारिस्थितिकी
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय करेंट अफेयर्स
- UP-विशिष्ट सामान्य ज्ञान — संस्कृति, विरासत, त्योहार, उद्योग, सरकारी योजनाएं
- सामान्य विज्ञान (स्नातक स्तर पर भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान)
- कृषि, वाणिज्य और व्यापार की बुनियादी बातें
- जनसंख्या, शहरीकरण और संबंधित सामाजिक मुद्दे
पिछले 6-8 महीनों की खबरों के लिए pareeksha.in पर करेंट अफेयर्स इस्तेमाल करें, और स्थिर भागों के लिए सामान्य जागरूकता गाइड का सहारा लें।
सामान्य योग्यता
- संख्या प्रणाली, प्रतिशत, अनुपात, औसत, लाभ-हानि
- समय-गति-दूरी, समय और कार्य
- सरलीकरण, साधारण व चक्रवृद्धि ब्याज
- डेटा इंटरप्रिटेशन की बुनियादी बातें
- रीजनिंग: श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, रक्त संबंध, न्यायवाक्य, दिशा ज्ञान
- लॉजिकल रीजनिंग और विश्लेषणात्मक क्षमता
pareeksha.in पर मात्रात्मक योग्यता गाइड और रीजनिंग गाइड इसी जमीन को अभ्यास प्रश्नों के साथ कवर करते हैं।
सामान्य हिंदी
- संधि, समास, रस, अलंकार
- मुहावरे और लोकोक्तियां
- शुद्ध-अशुद्ध वाक्य
- पर्यायवाची, विलोम शब्द
- अनुच्छेद लेखन (बोध)
- स्नातक स्तर पर इस्तेमाल होने वाला हिंदी व्याकरण
सामान्य अंग्रेजी
- व्याकरण — tenses, voice, narration, articles, prepositions
- शब्दावली — synonyms, antonyms, one-word substitution
- अनुच्छेद बोध
- Error spotting और sentence correction
- Precis और essay writing कौशल (मेन्स के लिए भी सीधे उपयोगी)
प्राथमिक कंप्यूटर ज्ञान
- कंप्यूटर की बुनियादी बातें — हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इनपुट-आउटपुट डिवाइस
- MS Office (Word, Excel, PowerPoint) की बुनियादी बातें
- इंटरनेट और ईमेल की बुनियादी बातें
- ऑपरेटिंग सिस्टम का सामान्य परिचय
- बुनियादी नेटवर्किंग शब्द
- साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें
कंप्यूटर असिस्टेंट के उम्मीदवारों के लिए, गहराई में जाएं — डेटाबेस की बुनियादी बातें, सामान्य प्रोग्रामिंग लॉजिक, और सरकारी ई-ऑफिस/डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम पर अतिरिक्त रिवीजन जरूरी है क्योंकि इस पद में RO/ARO की तुलना में तकनीकी बढ़त है।
इन सभी विषयों में व्यवस्थित दैनिक अभ्यास के लिए टॉपिक-वाइज प्रैक्टिस सेट्स का इस्तेमाल करें और परीक्षा के दिन की स्पीड बनाने के लिए नियमित रूप से फ्री मॉक टेस्ट लें।
सैलरी, पे स्केल और करियर ग्रोथ
| पद | पे लेवल | पे स्केल (लगभग मासिक रेंज) |
|---|---|---|
| रिव्यू ऑफिसर | लेवल 8 | ₹47,600 – ₹1,51,100 |
| असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर | लेवल 7 | ₹44,900 – ₹1,42,400 |
| कंप्यूटर असिस्टेंट | लेवल 4 | ₹26,600 – ₹81,100 |
बेसिक पे के अलावा, आपको महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य मानक राज्य सरकारी भत्ते मिलते हैं। एक फ्रेश RO की इन-हैंड सैलरी पोस्टिंग शहर और लागू HRA स्लैब के आधार पर आमतौर पर लगभग ₹55,000-65,000 प्रति माह होती है। ARO की इन-हैंड थोड़ी कम है, और कंप्यूटर असिस्टेंट थोड़ी कम राशि से शुरू होता है लेकिन फिर भी UP में ज्यादातर प्राइवेट-सेक्टर एंट्री नौकरियों से आरामदायक रूप से ज्यादा है।
कोर्ट के प्रशासनिक कैडर में करियर ग्रोथ स्थिर है — ARO समय के साथ वरिष्ठता और वैकेंसी के आधार पर RO में प्रमोट हो सकते हैं, और RO अधिकारी रजिस्ट्री के भीतर आगे सीनियर प्रशासनिक भूमिकाओं में जा सकते हैं। यह फास्ट-ट्रैक सीढ़ी नहीं है, लेकिन UP राज्य कर्मचारियों पर लागू नई पेंशन योजना के नियमों के तहत स्थिर और पेंशन-समर्थित है।
पिछले वर्ष का कट-ऑफ
चूंकि इस साइकिल की परीक्षा अभी हुई नहीं है, कोर्ट ने अभी मौजूदा साइकिल का कट-ऑफ जारी नहीं किया है। यहां पिछली पूरी हो चुकी RO/ARO साइकिल का उपलब्ध प्रीलिम्स और मेन्स कट-ऑफ डेटा है, जो एक मोटे बेंचमार्क के रूप में उपयोगी है — इसे सटीक न मानें, क्योंकि वैकेंसी संख्या और कठिनाई हर साल कट-ऑफ को बदल देती है।
| श्रेणी | प्रीलिम्स कट-ऑफ (200 में से) | मेन्स कट-ऑफ (150+50 में से) |
|---|---|---|
| सामान्य/अनारक्षित | 166.8 | 190.3 |
| OBC | 158.3 | 182.1 |
| SC | 150.8 | 171.3 |
| ST | 127.2 | 153.7 |
| दिव्यांग | 155.5 | 162.9 |
| महिला | 159.6 | 178.7 |
| भूतपूर्व सैनिक | 128.0 | 169.7 |
इस बार पिछली साइकिलों से कहीं बड़े कैडर के मुकाबले 543 वैकेंसी होने से, अगर आवेदक पूल ज्यादा पदों में बंटता है तो सापेक्ष रूप से कट-ऑफ नीचे भी जा सकता है — लेकिन इस पर भरोसा न करें। अपनी श्रेणी चाहे जो भी हो, सामान्य श्रेणी के कट-ऑफ के लिए तैयारी करें, यह हमेशा सुरक्षित लक्ष्य है।
बेहतरीन किताबें और तैयारी की रणनीति
इस परीक्षा के लिए आपको बीस किताबों की जरूरत नहीं। आपको तीन-चार अच्छी किताबें और लगातार दैनिक अभ्यास चाहिए।
- सामान्य ज्ञान/GS: ल्यूसेंट का जनरल नॉलेज, साथ ही UP-विशिष्ट GK बुकलेट क्योंकि UP से जुड़े सवाल प्रीलिम्स में भरोसेमंद तरीके से आते हैं।
- योग्यता और रीजनिंग: मात्रात्मक योग्यता और रीजनिंग दोनों के लिए R.S. Aggarwal — मानक, अच्छी तरह समझाया गया, पर्याप्त अभ्यास मात्रा।
- अंग्रेजी: व्याकरण की बुनियादी बातों के लिए Wren & Martin, साथ ही मेन्स तैयारी के लिए कोई भी UPSC-स्तरीय प्रीसिस और निबंध अभ्यास किताब।
- हिंदी: एक मानक स्नातक-स्तर की हिंदी व्याकरण किताब (ल्यूसेंट या समान)।
- कंप्यूटर ज्ञान: MS Office, इंटरनेट बुनियादी बातें और हार्डवेयर की बुनियादी बातें कवर करने वाली कोई भी बुनियादी कंप्यूटर जागरूकता किताब।
अगर आप आज से शुरू कर रहे हैं तो एक मोटा महीनेवार प्लान:
- महीना 1-2: बुनियाद तैयार करें — GK, योग्यता फॉर्मूले, हिंदी व्याकरण नियम और अंग्रेजी व्याकरण को विषय-दर-विषय करें। जल्दबाजी न करें।
- महीना 3: रोज मिश्रित-विषय मॉक टेस्ट शुरू करें। खुद को सख्ती से टाइम करें — 200 सवालों के लिए 3 घंटे मतलब प्रति सवाल लगभग 54 सेकंड।
- महीना 4: फोकस मेन्स-विशिष्ट कौशल की ओर शिफ्ट करें — निबंध लेखन, प्रीसिस, अनुवाद अभ्यास। ये कौशल दोहराव से बनते हैं, आखिरी मिनट की रटाई से नहीं।
- प्रीलिम्स से पहले आखिरी 3-4 हफ्ते: सिर्फ रिवीजन और मॉक टेस्ट। नए टॉपिक सीखना बंद करें। जो पहले से जानते हैं उस पर स्पीड और सटीकता पर फोकस करें।
अगर आप इसके साथ-साथ अन्य राज्य-स्तरीय परीक्षाओं पर भी नजर रखे हैं, तो योग्यता और रीजनिंग की तैयारी SSC CGL और SSC CHSL जैसे पेपरों से काफी हद तक ओवरलैप करती है — उन प्रश्न बैंकों का अभ्यास यहां भी नुकसान नहीं करेगा। हर हफ्ते बेतरतीब ढंग से किताबें बदलने के बजाय एक व्यावहारिक स्टडी प्लान बनाएं।
आम गलतियां और ईमानदार सलाह
उम्मीदवारों की सबसे बड़ी गलती मेन्स को बाद में सोचने वाली चीज़ मान लेना है। प्रीलिम्स वस्तुनिष्ठ और माफ करने वाला है — नेगेटिव मार्किंग न होने से आप कुछ सवालों का अंदाजा लगाकर भी निकल सकते हैं। मेन्स वर्णनात्मक है, और निबंध-प्रीसिस-अनुवाद कौशल को हफ्तों के अभ्यास की जरूरत है, परीक्षा से एक रात पहले की नहीं। प्रीलिम्स सिलेबस खत्म करते ही मेन्स तैयारी शुरू करें, प्रीलिम्स परिणाम का इंतजार न करें।
दूसरी गलती: टाइपिंग टेस्ट को आखिर तक नजरअंदाज करना। 25 WPM मुश्किल नहीं है, लेकिन परीक्षा-दिन की घबराहट के साथ अनजान कीबोर्ड लेआउट उन लोगों को उलझाता है जिन्होंने कभी असली कंप्यूटर पर अभ्यास नहीं किया, सिर्फ फोन पर या हाथ से।
तीसरी: UP-विशिष्ट करेंट अफेयर्स पर पर्याप्त बारीकी से नजर न रखना। GK सवालों का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकारी योजनाओं, संस्कृति और इतिहास की ओर झुका होता है — सिर्फ राष्ट्रीय-स्तर की GK तैयारी यहां अंतराल छोड़ देती है।
और "सही" नोटिफिकेशन तारीख का इंतजार करके पढ़ाई शुरू करने में देर न करें। साइकिल-दर-साइकिल सिलेबस मुश्किल से बदलता है। अभी पिछली साइकिल के पैटर्न से शुरू करें, और नई तारीखें आने पर समायोजित करें।
RO/ARO बनाम UPPSC RO/ARO: क्या फर्क है
उम्मीदवार अक्सर इलाहाबाद हाई कोर्ट के RO/ARO और UPPSC के RO/ARO के बीच भ्रमित होते हैं — दोनों नाम एक जैसे हैं लेकिन ये अलग-अलग भर्ती संस्थाएं और अलग कार्यक्षेत्र हैं। हाई कोर्ट का RO/ARO न्यायिक प्रशासन के भीतर काम करता है और इसे NTA या कोर्ट खुद कराता है, जबकि UPPSC का RO/ARO राज्य सचिवालय और अन्य सरकारी विभागों में प्रशासनिक भूमिका है और इसे UPPSC खुद कराता है। दोनों का सिलेबस काफी हद तक मिलता-जुलता है — GK, हिंदी, अंग्रेजी, योग्यता — इसलिए एक की तैयारी दूसरे में सीधे काम आती है। सैलरी स्तर भी लगभग बराबर है। अगर आप दोनों के लिए पात्र हैं, तो दोनों नोटिफिकेशन पर नजर रखना समझदारी है क्योंकि मौके साल में एक बार से ज्यादा नहीं आते।
FAQ
1. क्या इलाहाबाद हाई कोर्ट RO/ARO 2026 का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है? हां। यह 1 जून, 2026 को जारी हुआ, और आवेदन 21 जून, 2026 को बंद हुए। अगस्त 2026 तक प्रीलिम्स परीक्षा तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
2. इस साइकिल में कुल कितनी वैकेंसी हैं? 543 — 138 रिव्यू ऑफिसर, 380 असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर, और 25 कंप्यूटर असिस्टेंट पदों में बंटी हुई।
3. अब यह परीक्षा कौन कराता है? इस साइकिल के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से परीक्षा करा रही है।
4. आयु सीमा क्या है? RO और ARO के लिए 21 से 35 वर्ष, और कंप्यूटर असिस्टेंट के लिए 18 से 35 वर्ष, 1 जुलाई, 2026 के अनुसार गणना।
5. क्या प्रीलिम्स में नेगेटिव मार्किंग है? नहीं, प्रारंभिक परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है।
6. मेन्स में न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक क्या हैं? 150 में से 50।
7. क्या UP से बाहर के उम्मीदवारों को आरक्षण लाभ मिलता है? नहीं। आरक्षण सिर्फ UP डोमिसाइल वाले उम्मीदवारों पर लागू होता है। बाहरी राज्य के उम्मीदवार अनारक्षित श्रेणी में मुकाबला करते हैं।
8. कितनी टाइपिंग स्पीड जरूरी है? कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में न्यूनतम 25 शब्द प्रति मिनट।
9. क्या यह परीक्षा UPSSSC-स्तर की परीक्षाओं से कठिन है? प्रीलिम्स की कठिनाई अन्य UP स्नातक-स्तर की परीक्षाओं के बराबर है, लेकिन मेन्स चरण (निबंध, प्रीसिस, अनुवाद) इसे UPSSSC PET जैसी शुद्ध वस्तुनिष्ठ परीक्षा से कुल मिलाकर कठिन बनाता है।
10. रिव्यू ऑफिसर की इन-हैंड सैलरी क्या है? पे लेवल 8 स्केल पर, शहर और HRA स्लैब के आधार पर लगभग ₹55,000-65,000 प्रति माह।
11. क्या मेन्स में हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद भी आता है? हां, अनुवाद खंड द्विदिशात्मक है — अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी दोनों, कुल 50 अंकों का।
12. क्या कंप्यूटर असिस्टेंट पद के लिए अलग सिलेबस है? मूल सिलेबस वही GK/हिंदी/अंग्रेजी/योग्यता ढांचा है, लेकिन कंप्यूटर ज्ञान खंड कंप्यूटर असिस्टेंट के लिए ज्यादा गहराई से जांचा जाता है।
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अंतिम बात
यह किसी भी UP स्नातक के लिए एक ठोस परीक्षा है जो UPSC जैसी बहु-वर्षीय मेहनत के बिना सरकारी नौकरी चाहता है। सैलरी अच्छी है, नौकरी स्थिर है, और एक साइकिल में 543 वैकेंसी वाकई एक बड़ा मौका है — यह कैडर हर साल नहीं खुलता। सिलेबस डरावना नहीं है अगर आप इसे GK, योग्यता, भाषा और कंप्यूटर की बुनियादी बातों में बांटकर हर एक पर स्थिरता से काम करें।
परीक्षा तारीख का इंतजार करके न बैठें। अभी के समय का इस्तेमाल अपनी बुनियाद बनाने में करें, नियमित रूप से मॉक टेस्ट लें, और प्रीलिम्स तारीख आने पर सबसे पहले जानने के लिए pareeksha.in एग्जाम गाइड्स पर नजर बनाए रखें। जो उम्मीदवार जल्दी शुरू करते हैं और लगातार बने रहते हैं, वही तीनों चरण पार करते हैं, न कि जो आखिरी महीने में रट्टा मारते हैं।
आधिकारिक स्रोत: इलाहाबाद हाई कोर्ट, NTA इलाहाबाद HC रिक्रूटमेंट पोर्टल

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