अगर आप यूपी के किसी कस्बे या आसपास के किसी गांव में पले-बढ़े हैं, तो आपने जरूर किसी को यह कहते सुना होगा कि "कांस्टेबल की नौकरी लग गई" जैसे यह साल की सबसे बड़ी खबर हो। दरअसल है भी ऐसा ही। पक्की सरकारी तनख्वाह, वर्दी, परिवार में इज्जत, और एक ऐसी नौकरी जो आपको घर से 2000 किलोमीटर दूर नहीं ले जाती। यही वजह है कि लाखों उम्मीदवार हर यूपी पुलिस कांस्टेबल वैकेंसी के लिए जान लगा देते हैं।
इस साल का चक्र लिखित परीक्षा का चरण पार कर चुका है और अभी दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) पर है। अगर आप उन उम्मीदवारों में से हैं जिन्होंने पेपर क्लियर किया है, या अगली भर्ती की योजना बना रहे हैं, तो यह पोस्ट आपको वह सब कुछ बताएगी जो आपको चाहिए — तारीखें, कट-ऑफ, सिलेबस, फिजिकल मानदंड, सैलरी, और असल में बिना एक साल बर्बाद किए तैयारी कैसे करें।
नवीनतम अधिसूचना और महत्वपूर्ण तिथियां
32,679 कांस्टेबल पदों के लिए 2026 चक्र अब लिखित परीक्षा से आगे बढ़ चुका है। यहां बताया गया है कि चीजें अभी कहां खड़ी हैं और आगे क्या होने वाला है। "तात्कालिक" (tentative) चिह्नित तारीखें बोर्ड (यूपीपीआरपीबी / यूपीपीबीपीबी) द्वारा अभी पुष्टि नहीं की गई हैं और कुछ दिन आगे-पीछे हो सकती हैं।
| घटना | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | दिसंबर 2025 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | 31 दिसंबर, 2025 |
| ऑनलाइन आवेदन समाप्त | 30 जनवरी, 2026 |
| लिखित परीक्षा (पीबीटी) | 8-10 जून, 2026 (प्रतिदिन 2 पाली) |
| लिखित परीक्षा का परिणाम | घोषित, जुलाई 2026 |
| दस्तावेज सत्यापन और पीएसटी | 17 अगस्त, 2026 से शुरू |
| शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) | सितंबर 2026 (तात्कालिक) |
| अंतिम परिणाम | घोषित होना बाकी |
अगर आप इस चक्र से चूक गए हैं, तो चिंता मत कीजिए। राज्य पुलिस बल के आकार को देखते हुए यूपी पुलिस काफी नियमित रूप से कांस्टेबल भर्ती चलाती है, और अगली अधिसूचना आमतौर पर पिछली भर्ती बंद होने के एक-दो साल के भीतर आ जाती है। अगली विंडो न चूकें, इसके लिए पारीक्षा पर एग्जाम न्यूज़ देखते रहें।
नौकरी असल में है क्या
यूपी पुलिस कांस्टेबल वह व्यक्ति है जो जमीन पर असली पुलिसिंग करता है — गश्त लगाना, थानों और चेक पोस्टों को संभालना, ट्रैफिक नियंत्रण, कार्यक्रमों और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था संभालना, जांच में सहायता करना, और आपातकालीन कॉल्स का जवाब देना। यह शारीरिक रूप से मांग वाली नौकरी है जिसमें लंबे और अनियमित घंटे होते हैं, खासकर चुनाव ड्यूटी, वीआईपी मूवमेंट, या त्योहारों जैसे कुंभ और कांवड़ यात्रा के दौरान।
आप किस स्ट्रीम में भर्ती होते हैं, उसके अनुसार आपकी पोस्टिंग बदलती है:
- सिविल पुलिस कांस्टेबल जिलों के स्थानीय थानों में काम करते हैं।
- पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) कांस्टेबल कानून-व्यवस्था, दंगा नियंत्रण संभालते हैं और अक्सर चुनाव व आपदा ड्यूटी पर तैनात होते हैं।
- विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों, अदालतों और हवाई अड्डों की रक्षा करता है।
- महिला बटालियन कांस्टेबल राज्यभर में तैनात सभी-महिला इकाइयों में काम करती हैं।
- घुड़सवार पुलिस घोड़ों के साथ काम करती है, ज्यादातर औपचारिक और भीड़-नियंत्रण ड्यूटी के लिए।
- जेल वार्डर जिला और केंद्रीय जेलों के अंदर कैदियों की निगरानी और प्रबंधन करते हैं।
पोस्टिंग यूपी में कहीं भी हो सकती है, और करियर के दौरान तबादले होते रहते हैं। यह डेस्क जॉब नहीं है। अगर आपको फील्डवर्क पसंद है और अनियमित शिफ्ट से परेशानी नहीं है, तो यह आपके लिए सही है। अगर आप 9-टू-5 चाहते हैं, तो यह वह नौकरी नहीं है।
वैकेंसी विवरण और पद वितरण
इस चक्र के 32,679 पद इस प्रकार बंटे हैं:
| पद | वैकेंसी |
|---|---|
| कांस्टेबल सिविल पुलिस | 10,469 |
| कांस्टेबल पीएसी | 15,131 |
| विशेष सुरक्षा बल | 1,341 |
| महिला बटालियन | 2,282 |
| घुड़सवार पुलिस | 71 |
| जेल वार्डर (पुरुष) | 3,279 |
| जेल वार्डर (महिला) | 106 |
सिविल पुलिस और पीएसी मिलाकर अधिकांश सीटें बनाते हैं, इसलिए ज्यादातर उम्मीदवार इन्हीं दो श्रेणियों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
पात्रता
आयु सीमा
| श्रेणी | न्यूनतम आयु | अधिकतम आयु |
|---|---|---|
| पुरुष | 18 वर्ष | 25 वर्ष |
| महिला | 18 वर्ष | 28 वर्ष |
ऊपरी सीमा पर आयु में छूट (यूपी सरकार के नियमों के अनुसार, सटीक आंकड़े मौजूदा अधिसूचना में सत्यापित करें):
| श्रेणी | छूट |
|---|---|
| ओबीसी | 3 वर्ष |
| एससी/एसटी | 5 वर्ष |
| भूतपूर्व सैनिक | नियमानुसार, आमतौर पर सेवा अवधि + 3 वर्ष |
| दिव्यांगजन | 10 वर्ष तक (यथा लागू) |
शिक्षा
आपको यूपी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड या समकक्ष बोर्ड से कक्षा 12 (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण होना चाहिए। स्नातक की जरूरत नहीं है, यही एक कारण है कि यह परीक्षा हर चक्र में इतनी बड़ी संख्या में आवेदकों को खींचती है।
अधिवास (डोमिसाइल)
आपको उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए, जिसके पास वैध अधिवास प्रमाण पत्र हो।
शारीरिक मानदंड
| श्रेणी | पुरुष ऊंचाई | महिला ऊंचाई |
|---|---|---|
| सामान्य/ओबीसी | 168 सेमी | 152 सेमी |
| एससी/एसटी | 160 सेमी | 147 सेमी |
सीने की माप (केवल पुरुष उम्मीदवार, सामान्य/ओबीसी): बिना फुलाए लगभग 79 सेमी, फुलाकर 84 सेमी। एससी/एसटी उम्मीदवारों को दोनों में लगभग 2 सेमी की छूट मिलती है। महिला उम्मीदवारों के लिए कोई सीने की आवश्यकता नहीं है। हमेशा मौजूदा वर्ष की आधिकारिक अधिसूचना में सटीक आंकड़ों की जांच करें, क्योंकि इनमें थोड़ा संशोधन हो सकता है।
आवेदन प्रक्रिया और शुल्क
आवेदन पूरी तरह से आधिकारिक यूपीपीबीपीबी पोर्टल के जरिए ऑनलाइन है।
| श्रेणी | शुल्क |
|---|---|
| सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस | ₹400 |
| एससी/एसटी | अधिसूचना अनुसार रियायत (मौजूदा चक्र जांचें) |
| दिव्यांगजन | अधिसूचना अनुसार रियायत |
आवेदन के चरण:
- आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
- अपनी बुनियादी जानकारी, मोबाइल नंबर और ईमेल के साथ पंजीकरण करें।
- पूरा आवेदन फॉर्म भरें — व्यक्तिगत, शैक्षणिक और श्रेणी विवरण।
- फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें।
- सबमिट करें और अपने रिकॉर्ड के लिए पुष्टि पृष्ठ डाउनलोड करें।
फॉर्म भरना शुरू करने से पहले अपनी कक्षा 10 और 12 की मार्कशीट, अधिवास प्रमाण पत्र, और श्रेणी प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी तैयार रखें। जल्दबाजी में भरा गया आवेदन, जिसमें गलत विवरण हों, बाद में सुधार विंडो में उम्मीदवारों के फंसने का नंबर एक कारण है।
परीक्षा पैटर्न
लिखित परीक्षा (पीबीटी — पेन एंड पेपर बेस्ड टेस्ट) पहला और सबसे बड़ा फिल्टर है। हर आवेदक पूल में से, केवल एक हिस्सा ही इस चरण को पार कर पाता है।
| खंड | लगभग प्रश्न | लगभग अंक |
|---|---|---|
| सामान्य ज्ञान | ~38 | ~76 |
| सामान्य हिंदी | ~37 | ~74 |
| संख्यात्मक और मानसिक क्षमता | ~38 | ~76 |
| मानसिक अभिरुचि / आईक्यू / तर्कशक्ति | ~37 | ~74 |
| कुल | 150 | 300 |
अवधि: 2 घंटे (120 मिनट)। परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार, बहुविकल्पीय, हिंदी में होती है। नकारात्मक अंकन के नियम चक्रों में थोड़े अलग रहे हैं, इसलिए परीक्षा वाले दिन से पहले अपने एडमिट कार्ड निर्देशों में गलत उत्तर पर सटीक कटौती की पुष्टि कर लें — अफवाह पर अंदाजा लगाकर अंक न गंवाएं।
लिखित परीक्षा के बाद, योग्य उम्मीदवार दस्तावेज सत्यापन (डीवी) और शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी) में जाते हैं, इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी), जो दौड़/समय-आधारित परीक्षण है। कांस्टेबल पदों के लिए कोई अलग साक्षात्कार नहीं है — डीवी, पीएसटी और पीईटी लिखित अंकों के साथ आपकी अंतिम मेरिट तय करते हैं।
विस्तृत सिलेबस
सामान्य ज्ञान करेंट अफेयर्स (राष्ट्रीय और यूपी-विशिष्ट), भारतीय इतिहास (स्वतंत्रता आंदोलन पर फोकस), भारत और यूपी का भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था और संविधान, सामान्य विज्ञान, खेल, पुरस्कार और सम्मान, पुस्तकें और लेखक, महत्वपूर्ण दिवस, यूपी सरकार की योजनाएं और संस्कृति। यह खंड रटने से ज्यादा रोजाना पढ़ने को इनाम देता है, इसलिए करेंट अफेयर्स को आखिरी हफ्ते की रटाई की बजाय रोज की आदत बनाएं।
सामान्य हिंदी संधि, समास, अलंकार, रस, छंद, पर्यायवाची और विलोम शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियां, शुद्ध-अशुद्ध वाक्य, हिंदी व्याकरण की बुनियादी बातें, और गद्यांश। अगर स्कूल से आपके हिंदी व्याकरण के बुनियादी सिद्धांत मजबूत हैं, तो यह स्कोरिंग सेक्शन है।
संख्यात्मक और मानसिक क्षमता संख्या पद्धति, प्रतिशत, अनुपात और समानुपात, औसत, साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, लाभ और हानि, समय और कार्य, समय और दूरी, क्षेत्रमिति, आंकड़ा विश्लेषण, सरलीकरण। अगर गणित से डर लगता है, तो एनसीईआरटी कक्षा 8-10 स्तर से शुरुआत करके ऊपर बढ़ें। पारीक्षा पर क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड गाइड इसे विषय-दर-विषय अभ्यास प्रश्नों के साथ समझाती है।
मानसिक अभिरुचि, आईक्यू, और तर्कशक्ति सादृश्य, वर्गीकरण, श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, रक्त संबंध, दिशा ज्ञान, न्यायवाक्य, कथन और निष्कर्ष, अशाब्दिक तर्कशक्ति (आकृतियां और पैटर्न), तार्किक चिंतन। यहां बहुत से उम्मीदवार आसान अंक इसलिए गंवा देते हैं क्योंकि उन्होंने कभी पर्याप्त पहेलियों का अभ्यास नहीं किया। रीजनिंग गाइड हर पैटर्न को हल किए गए उदाहरणों के साथ कवर करती है।
सामान्य ज्ञान से ओवरलैप करने वाली सामान्य जागरूकता के लिए, जनरल अवेयरनेस गाइड एक अच्छा साथी संसाधन है।
सैलरी, पे स्केल और करियर ग्रोथ
एक यूपी पुलिस कांस्टेबल राज्य पे मैट्रिक्स के पे लेवल 3 में रखा जाता है, जिसमें शुरुआती बेसिक पे लगभग ₹21,700 से शुरू होकर वर्षों में ₹69,100 तक जाती है, साथ ही महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता (यदि क्वार्टर नहीं दिया गया हो), और यात्रा भत्ता। एक नए भर्ती के लिए इन-हैंड सैलरी आमतौर पर पोस्टिंग शहर और भत्तों के आधार पर ₹28,000 से ₹35,000 प्रति माह के आसपास रहती है, और यह डीए संशोधन व इंक्रीमेंट के साथ लगातार बढ़ती है।
करियर ग्रोथ असली है अगर आप वर्षों तक मेहनत करें और विभागीय परीक्षाएं पास करें। एक कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल, फिर सहायक उप निरीक्षक (एएसआई), उप निरीक्षक (एसआई), और उससे आगे वरिष्ठता व विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं के जरिए पदोन्नत किया जा सकता है। यूपी पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपना करियर दशकों पहले कांस्टेबल के रूप में शुरू किया था। यह डेड-एंड पोस्ट नहीं है — यह एक प्रवेश बिंदु है।
पिछला कट-ऑफ और इस साल के आंकड़े
इस 2026 चक्र के लिए, 32,679 वैकेंसी के मुकाबले 76,184 उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा पास की, जो सीटों का लगभग 2.33 गुना है, जिससे बोर्ड को डीवी/पीएसटी/पीईटी के जरिए छांटने के लिए एक अच्छा पूल मिलता है। 300 अंकों में से श्रेणी-वार लिखित परीक्षा कट-ऑफ इस प्रकार था:
| श्रेणी | कट-ऑफ अंक |
|---|---|
| सामान्य (यूआर) | 258.04 |
| ईडब्ल्यूएस | 247.93 |
| ओबीसी | 251.63 |
| एससी | 239.34 |
| एसटी | 220.11 |
| महिला – सामान्य | 255.84 |
| महिला – ओबीसी | 247.94 |
| महिला – एससी | 236.32 |
| महिला – एसटी | 211.48 |
ये आंकड़े साफ बताते हैं: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को लिखित चरण पास करने के लिए लगभग 86% अंक चाहिए थे। यह बेहद कठिन है, और जैसे-जैसे ज्यादा उम्मीदवार ऑनलाइन-सैवी और बेहतर तैयार होकर परीक्षा देंगे, यह और प्रतिस्पर्धी होता जाएगा। "बस पास होने" का लक्ष्य न रखें — सुरक्षा मार्जिन के तौर पर पिछले साल के कट-ऑफ को आराम से 15-20 अंकों से पार करने का लक्ष्य रखें।
सर्वश्रेष्ठ किताबें और तैयारी रणनीति
आपको बीस किताबों की जरूरत नहीं है। आपको तीन-चार अच्छी किताबें और नियमित दैनिक अभ्यास चाहिए।
- सामान्य ज्ञान: ल्यूसेंट की सामान्य ज्ञान, साथ में रोज अखबार पढ़ने की आदत (हिंदी अखबार ठीक है, इस परीक्षा के लिए और भी बेहतर)।
- हिंदी: ल्यूसेंट की सामान्य हिंदी या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोग होने वाली कोई भी मानक हिंदी व्याकरण की किताब।
- गणित: आर.एस. अग्रवाल की क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, साथ में बुनियादी बातों के लिए एनसीईआरटी कक्षा 8-10।
- तर्कशक्ति: आर.एस. अग्रवाल की वर्बल एंड नॉन-वर्बल रीजनिंग।
अगर आप नए सिरे से शुरुआत कर रहे हैं तो एक मोटा महीने-वार प्लान:
- महीना 1-2: चारों विषयों में बुनियादी बातें बनाएं। कमजोर विषयों को न छोड़ें, वहां अतिरिक्त समय दें।
- महीना 3-4: पूरी लंबाई के अभ्यास की ओर बढ़ें। हर हफ्ते मुफ्त मॉक टेस्ट दें और सिर्फ एक अच्छे दिन को नहीं, बल्कि अपने स्कोर के ट्रेंड को ट्रैक करें।
- महीना 5 से आगे: गति और सटीकता पर ध्यान दें। विषय-वार अभ्यास सेट का उपयोग करके समय-बद्ध ड्रिल करें, और सब कुछ एक साथ रटने की बजाय रोज जीके रिवाइज करें।
लिखित परिणाम के बाद नहीं, बल्कि पहले दिन से ही अपनी शारीरिक तैयारी भी शुरू करें। दौड़ना, पुश-अप्स, और स्टैमिना बनाना असली सुधार दिखाने में महीने लेता है — जीके की तरह आप पीईटी को रटकर पास नहीं कर सकते।
आम गलतियां और ईमानदार सलाह
ज्यादातर उम्मीदवार जो असफल होते हैं, वे सिलेबस कठिन होने की वजह से नहीं, बल्कि इन कारणों से असफल होते हैं:
- हिंदी व्याकरण को नजरअंदाज करना, यह सोचकर कि "यह मेरी मातृभाषा है, मैं संभाल लूंगा।" संधि-समास-अलंकार के प्रश्न विशिष्ट होते हैं और वास्तविक अध्ययन की मांग करते हैं।
- जीके को आखिरी महीने के लिए छोड़ना और हफ्तों में वर्षों के करेंट अफेयर्स रटने की कोशिश करना। यह काम नहीं करता — जीके को दैनिक आदत चाहिए, स्प्रिंट नहीं।
- लिखित परिणाम आने तक शारीरिक फिटनेस की तैयारी टालना, फिर दबाव में दौड़ने की समय सीमा पूरी करने के लिए संघर्ष करना।
- पर्याप्त पूर्ण-लंबाई मॉक टेस्ट न देना, जिससे परीक्षा के दिन समय का दबाव उन्हें चौंका देता है।
- आवेदन फॉर्म लापरवाही से भरना और फिर डीवी के दौरान सुधार या दस्तावेजों की गड़बड़ी से जूझना।
इनमें से कोई भी ठीक करना मुश्किल नहीं है। बस इनके लिए जल्दी शुरुआत और लगातार बने रहने की जरूरत है, प्रतिभाशाली होने की नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या यूपी पुलिस कांस्टेबल एक अच्छी नौकरी है? हां, स्थिरता, इज्जत, और एक असली करियर सीढ़ी के लिए। यह शारीरिक रूप से मांग वाली है और पोस्टिंग कठिन हो सकती है, लेकिन नौकरी की सुरक्षा और वृद्धि ठोस है।
यूपी पुलिस कांस्टेबल के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है? मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12 पास (इंटरमीडिएट)। स्नातक की जरूरत नहीं।
यूपी पुलिस कांस्टेबल के लिए आयु सीमा क्या है? पुरुष उम्मीदवारों के लिए 18 से 25 वर्ष, महिला उम्मीदवारों के लिए 18 से 28 वर्ष, आरक्षित श्रेणियों के लिए छूट के साथ।
चयन प्रक्रिया में कितने चरण होते हैं? चार: लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी), और शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी)।
क्या यूपी पुलिस कांस्टेबल के लिए कोई साक्षात्कार होता है? कोई अलग साक्षात्कार नहीं। चयन लिखित परीक्षा के अंक और डीवी, पीएसटी, पीईटी पास करने के संयोजन पर आधारित है।
यूपी पुलिस कांस्टेबल की सैलरी क्या है? पे लेवल 3, लगभग ₹21,700 से ₹69,100 बेसिक पे, नए भर्तियों के लिए भत्तों सहित इन-हैंड सैलरी लगभग ₹28,000-35,000 प्रति माह।
अगली यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा कब है? 2026 चक्र (32,679 पद) की लिखित परीक्षा जून 2026 में हो चुकी है और अभी डीवी/पीएसटी चरण में है। नई अधिसूचना आमतौर पर चक्र बंद होने के एक-दो साल बाद आती है — इसे एग्जाम गाइड्स पर ट्रैक करें।
क्या लिखित परीक्षा कठिन है? प्रश्न खुद ज्यादा कठिन नहीं होते, लेकिन प्रतिस्पर्धा भयंकर है। इस साल का सामान्य श्रेणी कट-ऑफ 300 में से लगभग 258 था, यानी सटीकता समय के दबाव में कच्चे ज्ञान से ज्यादा मायने रखती है।
क्या मुझे पीईटी के लिए अलग से तैयारी करनी होगी? हां। दौड़ने के समय के मानदंड सख्त हैं और आप रातोंरात स्टैमिना नहीं बना सकते। परीक्षा के बाद नहीं, बल्कि महीनों पहले शारीरिक प्रशिक्षण शुरू करें।
क्या यूपी के बाहर के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं? नहीं, यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए केवल यूपी अधिवास धारक ही पात्र हैं।
पारीक्षा पर संबंधित पढ़ाई
अगर आप यूपी सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं, तो ये संबंधित गाइड आपकी तैयारी पूरी करने में मदद करेंगी:
- यूपी लेखपाल परीक्षा गाइड
- यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा गाइड
- अधिक यूपी-स्तरीय भर्ती पोस्ट और एसएससी परीक्षाओं जैसे एसएससी जीडी कांस्टेबल और एसएससी सीएचएसएल से तुलना के लिए एग्जाम गाइड्स देखें, जिनका सिलेबस यूपी पुलिस से काफी मिलता-जुलता है।
आधिकारिक अपडेट के लिए हमेशा सीधे uppbpb.gov.in से जांच करें, और व्यापक यूपी भर्ती समाचारों के लिए upsssc.gov.in पर नजर रखें।
अंतिम बात
यूपी पुलिस कांस्टेबल उन परीक्षाओं में से एक है जहां सिलेबस प्रबंधनीय है लेकिन प्रतिस्पर्धा नहीं। कुछ हजार सीटों के लिए लाखों आवेदन करते हैं, और इस साल का कट-ऑफ दिखाता है कि उम्मीदवार कितने तेज हो गए हैं। अच्छी खबर यह है कि सिलेबस अंतिम-क्षण की प्रतिभा से ज्यादा लगातार दैनिक प्रयास को इनाम देता है। आज ही अपनी जीके पढ़ने की आदत शुरू करें, अपनी हिंदी व्याकरण ठीक करें, गणित और तर्कशक्ति की गति में सहज हों, और अपने दौड़ने के अभ्यास को नजरअंदाज न करें। एक ऐसा स्टडी प्लान बनाएं जिस पर आप वाकई टिके रह सकें, और इसे जितने महीने चाहिए उतना समय दें। यही असल खेल है।


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