अगर आप उत्तर प्रदेश से MBBS, BAMS, BHMS, BUMS या BDS ग्रेजुएट हैं और एक स्थायी सरकारी मेडिकल नौकरी की तलाश में हैं, तो प्रांतीय चिकित्सा सेवा (PMS) के तहत UPPSC मेडिकल ऑफिसर का पद ऐसा है जिसे आप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। यह AIIMS या किसी कॉरपोरेट अस्पताल की नौकरी जितना चमकदार नहीं है, लेकिन यह आपको सरकारी सैलरी, पेंशन से जुड़ी योजना और भविष्य में चीफ मेडिकल ऑफिसर बनने का असली मौका देता है।
यह भर्ती चक्र सामान्य से बड़ा है। UPPSC ने मेडिकल ऑफिसर, वेटरनरी ऑफिसर, होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर, डेंटल सर्जन और कुछ अन्य स्वास्थ्य पदों को मिलाकर दो हज़ार से ज़्यादा वैकेंसी वाला एक विशाल विज्ञापन जारी किया है। ऐसा कम ही होता है, और अगर आप पात्रता पूरी करते हैं तो यह आपका पूरा ध्यान लगाने लायक है। आइए एक-एक करके हर ज़रूरी बात को समझते हैं।
नवीनतम अधिसूचना और महत्वपूर्ण तारीखें
UPPSC ने यह संयुक्त भर्ती अधिसूचना दिसंबर 2025 में जारी की थी। अभी (जुलाई 2026 तक) ऑनलाइन आवेदन की विंडो बंद हो चुकी है और आयोग ने इस साल बाद में स्क्रीनिंग परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। अगर आप आवेदन नहीं कर पाए, तो अगले PMS चक्र के लिए https://uppsc.up.nic.in पर नज़र बनाए रखें, जो आमतौर पर हर साल या दो साल में आता है।
| घटना | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 22 दिसंबर 2025 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | 22 दिसंबर 2025 |
| आवेदन और फीस भरने की अंतिम तारीख | 22 जनवरी 2026 |
| फॉर्म सुधार की अंतिम तारीख | 29 जनवरी 2026 |
| स्क्रीनिंग परीक्षा तारीख | 3 अक्टूबर 2026 (अस्थायी, पद के अनुसार बदल सकती है) |
| एडमिट कार्ड जारी होना | परीक्षा से लगभग 10-15 दिन पहले (अस्थायी) |
| स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम | घोषित होना बाकी |
| साक्षात्कार | घोषित होना बाकी |
चूंकि यह अधिसूचना अलग-अलग परीक्षा पैटर्न वाले कई पदों को कवर करती है, इसलिए हमेशा एडमिट कार्ड पर अपने विशिष्ट पद कोड को जांचें। यह मान कर मत चलिए कि हर पद की परीक्षा एक ही दिन होगी।
यह नौकरी असल में है क्या
PMS के तहत UPPSC मेडिकल ऑफिसर उत्तर प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और जिला अस्पतालों में काम करता है। आपका रोज़ का काम आपकी विशेषज्ञता पर निर्भर करता है, लेकिन आम तौर पर इसमें ओपीडी परामर्श, छोटी प्रक्रियाएं, आपातकालीन ड्यूटी, टीकाकरण अभियान, परिवार नियोजन और टीबी नियंत्रण जैसे सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम, और किसी भी सरकारी नौकरी के साथ आने वाला कागज़ी काम शामिल है।
पोस्टिंग किसी बड़े शहर के अस्पताल में या किसी दूरदराज़ ग्रामीण PHC में हो सकती है, खासकर आपके शुरुआती कुछ सालों में। ग्रामीण पोस्टिंग कठिन होती हैं लेकिन कुछ मामलों में अतिरिक्त भत्ते और तेज़ प्रमोशन भी साथ लाती हैं। समय-समय पर आपका ट्रांसफर होता है, इसलिए लचीलापन ज़रूरी है। होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अधिकारी AYUSH विभाग के तहत अपने खुद के समर्पित डिस्पेंसरी और अस्पतालों में एक जैसी संरचना के साथ काम करते हैं।
यह 9-से-5 वाली डेस्क जॉब नहीं है। आप मरीजों, सरकारी लक्ष्यों और कभी-कभी बहुत सीमित संसाधनों के बीच सक्रिय रहते हैं। लेकिन नौकरी की सुरक्षा और लंबी अवधि का करियर पथ इसे उन ज़्यादातर डॉक्टरों के लिए मेहनत के लायक बनाता है जो सार्वजनिक सेवा में बने रहना चाहते हैं।
वैकेंसी विवरण / पद विभाजन
इस संयुक्त 2026 विज्ञापन में कुल वैकेंसी: 2,158 पद। यहां मोटे तौर पर इनका बंटवारा है:
| पद | अनुमानित वैकेंसी |
|---|---|
| मेडिकल ऑफिसर, कम्युनिटी हेल्थ (एलोपैथी) | 884 |
| वेटरनरी ऑफिसर | 404 |
| होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर | 221-265 |
| स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी | 221 |
| डेंटल सर्जन | 157 |
| अन्य विशेष चिकित्सा पद | शेष |
संख्याएं कोरिजेंडम के ज़रिए संशोधित होती रहती हैं, इसलिए इसे केवल एक मार्गदर्शक मानें और अपनी श्रेणी व पद के लिए सटीक आंकड़े हेतु अंतिम विज्ञापन PDF ज़रूर देखें।
पात्रता
आयु सीमा (इस चक्र के लिए 1 जुलाई 2025 से गणना):
| श्रेणी | न्यूनतम आयु | अधिकतम आयु |
|---|---|---|
| सामान्य / EWS / OBC | 21 वर्ष | 40 वर्ष |
| SC / ST | 21 वर्ष | 45 वर्ष |
| दिव्यांग (PwBD) | 21 वर्ष | 55 वर्ष |
| UP के सरकारी कर्मचारी | नियमानुसार | अतिरिक्त छूट लागू |
शिक्षा: आपको अपने चुने हुए पद से संबंधित मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री चाहिए। एलोपैथी MO पदों के लिए मेडिकल काउंसिल/NMC से स्थायी पंजीकरण वाली MBBS, होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर के लिए BHMS, आयुर्वेदिक पदों के लिए BAMS, डेंटल सर्जन के लिए BDS, और वेटरनरी ऑफिसर के लिए B.V.Sc & AH। कुछ पदों के लिए स्पेशलिस्ट भूमिकाओं हेतु संबंधित विशेषता में स्नातकोत्तर डिग्री (MD/MS) भी मांगी जाती है, साथ ही अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप पूरी होनी चाहिए।
अधिवास: आपका उत्तर प्रदेश का अधिवासी होना ज़रूरी है, या UPPSC की अधिवास-समकक्ष शर्तें पूरी करनी होंगी।
शारीरिक मानक: अधिकतर मेडिकल पदों के लिए कोई विशेष ऊंचाई/सीना संबंधी आवश्यकता नहीं है, लेकिन आपको क्लीनिकल ड्यूटी निभाने के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट होना चाहिए। ज्वाइनिंग के समय आमतौर पर फिटनेस सर्टिफिकेट की ज़रूरत होती है।
आवेदन प्रक्रिया, फीस और आवेदन कैसे करें
पूरी प्रक्रिया UPPSC भर्ती पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होती है।
| श्रेणी | फीस |
|---|---|
| सामान्य / EWS / OBC | ₹105 |
| SC / ST | ₹65 |
| दिव्यांग | ₹25 |
| भूतपूर्व सैनिक | ₹65 |
आवेदन करने के चरण (अगले चक्र के संदर्भ के लिए):
- uppsc.up.nic.in पर अपने बुनियादी विवरण, मोबाइल नंबर और ईमेल के साथ रजिस्टर करें।
- आवेदन के भाग I में व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण भरें।
- नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या ई-चालान के ज़रिए फीस ऑनलाइन जमा करें।
- भाग II में अपनी पद वरीयता, श्रेणी और अन्य घोषणाएं भरें।
- स्कैन किया हुआ फोटोग्राफ, हस्ताक्षर और ज़रूरी प्रमाणपत्र अपलोड करें।
- सबमिट करें और अपने रिकॉर्ड के लिए अंतिम पुष्टि पेज डाउनलोड करें।
यह सब समय सीमा से काफी पहले कर लें। आखिरी दो दिनों में UPPSC का सर्वर धीमा हो जाता है और बहुत से असली आवेदक सिर्फ आखिरी समय की भीड़ की वजह से चूक जाते हैं।
परीक्षा पैटर्न
स्क्रीनिंग (लिखित) परीक्षा पद के अनुसार थोड़ी अलग होती है, लेकिन मेडिकल ऑफिसर (एलोपैथी) का पैटर्न आमतौर पर ऐसा दिखता है:
| भाग | विषय | प्रश्न | अंक | अवधि |
|---|---|---|---|---|
| A | सामान्य अध्ययन | 30 | 30 | 2 घंटे (संयुक्त) |
| B | विषय-विशिष्ट (मेडिकल साइंस) | 120 | 120 | |
| कुल | 150 | 150 | 2 घंटे |
हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक की नकारात्मक मार्किंग है। न्यूनतम अर्हता अंक सामान्य/OBC/EWS के लिए 40% और SC/ST उम्मीदवारों के लिए 35% हैं। वेटरनरी ऑफिसर जैसे पदों के लिए पेपर की संरचना और कुल अंक अलग होते हैं (कुछ संस्करणों में सामान्य अध्ययन और मुख्य विषय के लिए अलग-अलग भारांश के साथ 450 अंकों के लिए 150 प्रश्न होते हैं), इसलिए हमेशा अपने विशिष्ट पद का पैटर्न आधिकारिक अधिसूचना में देखें।
लिखित स्क्रीनिंग (केवल तब आयोजित होती है जब आवेदकों की संख्या बहुत अधिक हो) के बाद, चुने गए उम्मीदवार दस्तावेज़ सत्यापन और साक्षात्कार से गुज़रते हैं। अंतिम चयन सामान्यतः स्क्रीनिंग टेस्ट अंकों और साक्षात्कार अंकों के संयोजन पर आधारित होता है, जो कई UPPSC मेडिकल भर्तियों में अक्सर लिखित अंकों के पक्ष में लगभग 75:25 के अनुपात में भारित होता है, हालांकि सटीक भारांश हर पद के लिए आधिकारिक अधिसूचना में ही पुष्ट होता है।
अगर आप असली परीक्षा से पहले परीक्षा-भावना बनाना चाहते हैं, तो नकारात्मक मार्किंग और समय के दबाव का अनुकरण करने वाले फुल-लेंथ मुफ्त मॉक टेस्ट आज़माएं।
विस्तृत सिलेबस
सामान्य अध्ययन (भाग A) में UP-स्तर का सामान्य स्टैटिक और करंट भाग शामिल है:
- सामान्य विज्ञान और रोज़मर्रा की तकनीक
- भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, UP के इतिहास पर विशेष ज़ोर के साथ
- भारतीय और विश्व भूगोल
- भारतीय राजव्यवस्था और शासन
- भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास योजनाएं
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं
- भारतीय कृषि, खेल, आविष्कार, किताबें और लेखक
विषय-विशिष्ट पेपर (एलोपैथी MO) आपके MBBS सिलेबस से, लगभग अंतिम वर्ष के स्तर पर, इन विषयों में से लिया जाता है:
एनाटॉमी, फिज़ियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग, ENT, डर्मेटोलॉजी, ऑप्थैल्मोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, एनेस्थिसियोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन (PSM), साइकियाट्री, रेडियो-डायग्नोसिस, डेंटल और फोरेंसिक मेडिसिन व टॉक्सिकोलॉजी।
चूंकि ये सीधे PHC/CHC पोस्टिंग से जुड़े हैं, इसलिए कम्युनिटी मेडिसिन, मेडिसिन और सर्जरी पर भारी भारांश की उम्मीद करें। होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक पदों के लिए विषय पेपर BHMS/BAMS के मुख्य विषयों से आता है, और वेटरनरी ऑफिसर के अभ्यर्थियों को पशुपालन, पशु चिकित्सा, सर्जरी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से प्रश्न मिलते हैं।
सामान्य अध्ययन के हिस्से के लिए, करंट अफेयर्स को न छोड़ें। बहुत से उम्मीदवार आसान अंक सिर्फ इसलिए गंवा देते हैं क्योंकि वे मेडिकल विषयों को दोहराने में बहुत व्यस्त थे। करंट अफेयर्स अपडेट बुकमार्क करें और उन्हें हर हफ्ते दोहराएं, परीक्षा से एक रात पहले नहीं।
सैलरी, पे स्केल और करियर ग्रोथ
UPPSC मेडिकल ऑफिसर संबंधित पद के अनुसार पे लेवल 10 से 11 पर रखा गया है, जो लगभग ₹56,100 से ₹2,08,700 के दायरे में है (मूल वेतन पद और ग्रेड के अनुसार अलग होता है)।
पे लेवल 11 मेडिकल ऑफिसर के लिए मोटा इन-हैंड अनुमान:
| घटक | अनुमानित राशि |
|---|---|
| मूल वेतन | ₹67,700 |
| DA (दर के अनुसार बदलता है) | ~₹35,000-40,000 |
| HRA | ₹15,000-20,000 |
| परिवहन भत्ता | ~₹5,000 |
| सकल मासिक | ~₹1,25,000-1,35,000 |
| कटौतियां (NPS, PF, टैक्स) | ~₹22,000-25,000 |
| मासिक इन-हैंड | ~₹1,00,000-1,10,000 |
वास्तविक आंकड़े DA संशोधनों और आपकी विशिष्ट पोस्टिंग के साथ बदलते हैं (ग्रामीण पोस्टिंग में अतिरिक्त भत्ता जुड़ सकता है)। करियर ग्रोथ ठीक-ठाक है: मेडिकल ऑफिसर 10-15 साल में सीनियर मेडिकल ऑफिसर बनता है, फिर लगभग 25 साल की सेवा पर चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO), और वहां से कुछ अधिकारी अतिरिक्त निदेशक या स्वास्थ्य सेवा निदेशक के स्तर तक पहुंचते हैं। यह धीमी सीढ़ी है लेकिन असली है, अंत में पेंशन लाभ के साथ।
पिछले साल का कट-ऑफ
UPPSC हमेशा एक एकीकृत कट-ऑफ प्रकाशित नहीं करता क्योंकि पद और श्रेणियां अलग-अलग होती हैं, लेकिन हाल के मेडिकल ऑफिसर चक्रों के आधार पर, अपेक्षित/पिछली सीमाएं (150 में से) मोटे तौर पर इस तरह दिखीं:
| श्रेणी | अनुमानित कट-ऑफ (150 में से) |
|---|---|
| सामान्य | 121-131 |
| OBC | 108-119 |
| SC | 92-103 |
| ST | 87-97 |
इन्हें एक मोटा बेंचमार्क मानें, अंतिम सत्य नहीं। कट-ऑफ हर साल वैकेंसी की संख्या, आवेदकों की संख्या और पेपर की कठिनाई के अनुसार ऊपर-नीचे होता है। इस साल 2,000 से अधिक वैकेंसी होने से, प्रति सीट प्रतिस्पर्धा वास्तव में सामान्य से थोड़ी कम हो सकती है, इसलिए इन आंकड़ों से डरने की ज़रूरत नहीं।
बेस्ट किताबें और तैयारी की रणनीति
आपको पूरी MBBS दोबारा शुरू से सीखने की ज़रूरत नहीं है। आपको स्मार्ट, परीक्षा-केंद्रित रिवीज़न चाहिए।
विषय पेपर के लिए:
- आपके अपने MBBS अंतिम वर्ष के नोट्स और स्टैंडर्ड टेक्स्टबुक (मेडिसिन के बुनियादी सिद्धांतों के लिए Harrison's, सर्जरी के लिए Bailey & Love की मुख्य बातें, कम्युनिटी मेडिसिन के लिए Park's textbook)
- हर विषय के लिए एक अच्छी MCQ-आधारित रिवीज़न किताब, क्योंकि परीक्षा पूरी तरह वस्तुनिष्ठ है
- पिछले वर्षों के UPPSC MO और अन्य राज्य PSC मेडिकल ऑफिसर के प्रश्नपत्र
सामान्य अध्ययन के लिए:
- NCERT इतिहास, भूगोल और राजव्यवस्था (कक्षा 9-12 स्तर पर्याप्त है)
- राज्य के इतिहास, भूगोल और योजनाओं के लिए एक UP-विशिष्ट GK किताब
- सिर्फ पढ़ने के बजाय खुद को खंड दर खंड परखने के लिए विषयवार अभ्यास सेट का उपयोग करें
अगर आपके पास 4 महीने हैं तो एक मोटी महीनेवार योजना:
- महीना 1: एनाटॉमी, फिज़ियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी (प्री-क्लीनिकल/पैरा-क्लीनिकल हिस्सा) दोहराएं और साथ में सामान्य अध्ययन की बुनियादी बातें शुरू करें।
- महीना 2: मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, OBG, कम्युनिटी मेडिसिन गहराई से कवर करें। ये PHC/CHC भूमिका में सबसे ज़्यादा वज़न रखते हैं।
- महीना 3: बाकी बचे विशेषज्ञता विषय (ENT, ऑप्थैल्मोलॉजी, ऑर्थो, डर्मेटोलॉजी, साइकियाट्री, एनेस्थिसिया, FMT) पूरे करें, और पिछले 12 महीनों के करंट अफेयर्स दोहराएं।
- महीना 4: हर हफ्ते फुल मॉक टेस्ट, त्रुटि विश्लेषण, और केवल कमज़ोर विषयों का रिवीज़न। आखिरी महीने में कुछ नया शुरू न करें।
अगर आपके सामान्य अध्ययन खंड में कोई एप्टीट्यूड तत्व शामिल है तो मात्रात्मक अभियोग्यता गाइड और रीज़निंग गाइड का अभ्यास करें, और GS खंड के लिए सामान्य जागरूकता गाइड का सहारा लें।
सामान्य गलतियां और ईमानदार सलाह
ज़्यादातर डॉक्टर इस परीक्षा की तैयारी में विषय पेपर पर ज़्यादा और सामान्य अध्ययन पर कम निवेश करते हैं, क्योंकि GS उन्हें "अपने क्षेत्र से बाहर" लगता है। यह एक गलती है। GS के तीस अंक चयन और चूक के बीच का अंतर बन सकते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि किसी बेतरतीब चुने गए मेडिकल MCQ से GS में ज़्यादा अंक लाना अक्सर आसान होता है।
एक और आम गलती: नकारात्मक मार्किंग अनुशासन का अभ्यास न करना। डॉक्टर हर उस चीज़ का जवाब देने के लिए प्रशिक्षित होते हैं जो उन्हें लगता है वे जानते हैं। 1/3 नकारात्मक मार्किंग वाली MCQ परीक्षा में, अस्थिर याददाश्त के आधार पर अनुमान लगाना नुकसानदेह हो सकता है। सिर्फ उन्हीं प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें जिनके बारे में आप वाजिब रूप से आश्वस्त हैं, और यह आदत परीक्षा के दिन नहीं बल्कि समयबद्ध मॉक टेस्ट के ज़रिए बनाएं।
साथ ही, अधिवास, श्रेणी और दस्तावेज़ प्रमाणों के बारे में सोचने के लिए साक्षात्कार चरण का इंतज़ार न करें। पहले दिन से सब कुछ तैयार रखें। बहुत से अच्छे उम्मीदवार दस्तावेज़ सत्यापन में नाम की वर्तनी में गड़बड़ी या समाप्त हो चुके जाति प्रमाणपत्र जैसी छोटी वजहों से अटक जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. UPPSC मेडिकल ऑफिसर 2026 के लिए कौन आवेदन कर सकता है? MBBS/BAMS/BHMS/BUMS/BDS/BVSc ग्रेजुएट जो UP के अधिवासी हैं, आयु सीमा के भीतर हैं और अपनी संबंधित मेडिकल काउंसिल से वैध पंजीकरण रखते हैं।
प्रश्न 2. UPPSC मेडिकल ऑफिसर के लिए आयु सीमा क्या है? सामान्य/OBC/EWS के लिए 21 से 40 वर्ष, SC/ST के लिए 45 वर्ष तक और PwBD उम्मीदवारों के लिए 55 वर्ष तक की छूट के साथ।
प्रश्न 3. 2026 चक्र में कितनी वैकेंसी हैं? मेडिकल ऑफिसर, वेटरनरी ऑफिसर, होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर, डेंटल सर्जन और संबंधित भूमिकाओं में मिलाकर लगभग 2,158 पद।
प्रश्न 4. क्या परीक्षा में नकारात्मक मार्किंग है? हां, स्क्रीनिंग टेस्ट में हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटा जाता है।
प्रश्न 5. मेडिकल ऑफिसर (एलोपैथी) के लिए परीक्षा पैटर्न क्या है? 2 घंटे में 150 अंकों के लिए 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न, जो सामान्य अध्ययन (30 अंक) और विषय-विशिष्ट मेडिकल साइंस (120 अंक) में बंटे हैं।
प्रश्न 6. क्या लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार होता है? हां, स्क्रीनिंग टेस्ट से चुने गए उम्मीदवार दस्तावेज़ सत्यापन और साक्षात्कार में शामिल होते हैं, और अंतिम मेरिट दोनों अंकों को मिलाकर बनती है।
प्रश्न 7. शुरुआती सैलरी क्या है? लगभग पे लेवल 10-11, मूल वेतन लगभग ₹56,100 से ₹67,700, कुल इन-हैंड सैलरी भत्तों और कटौतियों के बाद आमतौर पर ₹1,00,000-1,10,000 की सीमा में।
प्रश्न 8. क्या दूसरे राज्यों के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं? आम तौर पर इस पद के लिए UP अधिवास ज़रूरी है, जब तक अधिसूचना में विशेष रूप से कुछ आरक्षित श्रेणियों के लिए इसे अखिल-भारतीय उम्मीदवारों के लिए न खोला गया हो।
प्रश्न 9. कट-ऑफ कैसे तय होता है? यह वैकेंसी की संख्या, आवेदकों की संख्या, पेपर की कठिनाई और श्रेणीवार आरक्षण पर निर्भर करता है। यह हर चक्र में बदलता है।
प्रश्न 10. नवीनतम आधिकारिक अपडेट कहां देखें? केवल uppsc.up.nic.in पर भरोसा करें। तारीखों और एडमिट कार्ड लिंक के लिए अनौपचारिक व्हाट्सएप फॉरवर्ड से बचें।
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आप Pareeksha पर सभी परीक्षा गाइड की पूरी सूची भी देख सकते हैं, मुफ्त किताबों के लिए रीडिंग रूम देखें, और अगली PMS अधिसूचना न चूकने के लिए एग्जाम न्यूज़ फॉलो करें।
अंतिम बात
UPPSC मेडिकल ऑफिसर एक असली अच्छा करियर कदम है अगर आप UP के MBBS या संबद्ध मेडिकल ग्रेजुएट हैं जो अस्पताल-गलियारे की राजनीति की बजाय नौकरी की सुरक्षा चाहते हैं। अगर आपने अपने MBBS विषय ठीक से पढ़े हैं तो परीक्षा खुद इतनी कठोर नहीं है। आपका चयन रिवीज़न में अनुशासन और सामान्य अध्ययन खंड को कम न आंकने से तय होता है।
अगर आप आज से शुरुआत कर रहे हैं, तो एक सीधी स्टडी प्लान बनाएं, उस पर टिके रहें, और नियमित मॉक टेस्ट लें ताकि परीक्षा के दिन का दबाव आपको चौंका न दे। यह लंबा करियर है, एक बार का शॉट नहीं। इसी तरह तैयारी करें।

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