IBPS क्लर्क प्रीलिम्स 2026 परीक्षा 10 और 11 अक्टूबर 2026 को होगी। आज (9 अगस्त) से लगभग 60 दिन बचे हैं। व्यावहारिक योजना: सप्ताह 1–3 में सिलेबस की कमियाँ पूरी करें, सप्ताह 4–6 में सेक्शनल प्रैक्टिस और स्पीड पर काम करें, और अंतिम दो सप्ताह में हर दूसरे दिन फुल मॉक दें तथा बीच के दिनों में एरर-लॉग रिवीज़न करें। यदि आपने अभी आवेदन नहीं किया है, तो अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 है (ibps.in)।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
- अधिसूचना जारी: 1 अगस्त 2026 (CRP CSA-XVI, 11,403 कस्टमर सर्विस एसोसिएट रिक्तियाँ)
- आवेदन व शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 21 अगस्त 2026
- प्रीलिम्स परीक्षा: 10–11 अक्टूबर 2026
- प्रीलिम्स परिणाम (संभावित): नवंबर 2026
- मेन्स परीक्षा: 27 दिसंबर 2026
प्रीलिम्स पैटर्न: 60 मिनट का गणित
प्रीलिम्स में 100 प्रश्न, 100 अंक, 60 मिनट होते हैं। हर सेक्शन के लिए 20 मिनट का अलग समय है। हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग है।
- अंग्रेज़ी भाषा — 30 प्रश्न, 30 अंक, 20 मिनट
- संख्यात्मक अभियोग्यता — 35 प्रश्न, 35 अंक, 20 मिनट
- तार्किक क्षमता — 35 प्रश्न, 35 अंक, 20 मिनट
समय सेक्शनल है, इसलिए मज़बूत सेक्शन से मिनट उधार नहीं ले सकते। हर सेक्शन को अलग से पास करना होगा — अभ्यास इसी हिसाब से करें।
60 दिन की योजना, चरण दर चरण
दिन 1–20: सिलेबस की कमियाँ पूरी करें
- हर टॉपिक एक बार पूरा करें: सरलीकरण, संख्या शृंखला, द्विघात तुलना, अंकगणित (प्रतिशत, अनुपात, लाभ-हानि, समय-कार्य, समय-दूरी), DI की मूल बातें; पज़ल व सीटिंग, न्याय (syllogism), असमानता, रक्त संबंध, अल्फ़ान्यूमेरिक शृंखला; ग्रामर नियम, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, क्लोज़ टेस्ट, एरर स्पॉटिंग।
- जो पढ़ा, उसी का एक टाइम्ड सेक्शनल टेस्ट रोज़ दें — 15–20 मिनट।
- गलत हुए सूत्रों और नियमों की एक ही नोटबुक बनाएं। यही अंतिम सप्ताह की रिवीज़न सामग्री बनेगी।
दिन 21–40: स्पीड और सटीकता
- रोज़: तीनों सेक्शनों में एक-एक 20 मिनट का सेक्शनल — यानी कम से कम एक घंटा टाइम्ड प्रैक्टिस।
- प्रश्न छोड़ना सीखें। 20 मिनट में 35 प्रश्नों का मतलब है कि आप वही 22–28 प्रश्न करें जो तेज़ी से हो सकते हैं।
- स्पीड ड्रिल: 15 मिनट में 50 सरलीकरण, 30 तक पहाड़े, 40 तक वर्ग, 20 तक घन, भिन्न-प्रतिशत रूपांतरण।
- हर सप्ताह के अंत में एक फुल मॉक (दिन 27, 34, 40) — अपना स्तर मापने के लिए।
दिन 41–60: मॉक सीज़न
- हर दूसरे दिन फुल मॉक — इस चरण में लगभग 8–10 मॉक। हो सके तो अपनी परीक्षा शिफ्ट के समय पर।
- मॉक के अगले दिन एरर-लॉग समीक्षा: हर गलती को कॉन्सेप्ट, कैलकुलेशन या घबराहट में बाँटें। कॉन्सेप्ट की गलतियाँ नोटबुक में, कैलकुलेशन की गलतियों के लिए ड्रिल, और चयनात्मक अटेम्प्ट से घबराहट कम होती है।
- अंतिम 7 दिन: कोई नया टॉपिक नहीं। केवल नोटबुक, एरर लॉग और 3–4 अंतिम मॉक।
सुरक्षित स्कोर के लिए सेक्शन-वार लक्ष्य
कट-ऑफ राज्य के अनुसार बदलती है, पर हाल के रुझानों में अधिकांश राज्यों में कुल 70–80 रहा है। उचित लक्ष्य: अंग्रेज़ी 22–26 अटेम्प्ट (90% सटीकता), संख्यात्मक 24–28 अटेम्प्ट (85–90% सटीकता), रीज़निंग 26–30 अटेम्प्ट (90% सटीकता)। अटेम्प्ट से ज़्यादा सटीकता मायने रखती है — 25 सही उत्तर, 8 गलतियों वाले 32 अटेम्प्ट से बेहतर हैं।
कामकाजी दिन की नमूना समय-सारणी
- सुबह (1 घंटा): संख्यात्मक अभियोग्यता — एक टॉपिक + 15 मिनट की ड्रिल
- आवागमन/ब्रेक (30 मिनट): मोबाइल पर शब्दावली, ग्रामर नियम या पज़ल सेट
- शाम (1.5 घंटा): रीज़निंग प्रैक्टिस सेट + एक 20 मिनट का अंग्रेज़ी सेक्शनल
- रात (30 मिनट): एरर लॉग और सूत्र नोटबुक
सप्ताहांत: एक फुल मॉक और उसकी समीक्षा — समीक्षा को मॉक जितनी ही गंभीरता से लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या IBPS क्लर्क प्रीलिम्स में सेक्शनल कट-ऑफ होती है?
हाँ। हर सेक्शन की कट-ऑफ अलग से पार करनी होती है, साथ ही IBPS की कुल कट-ऑफ भी। इसलिए संतुलित तैयारी, पसंदीदा सेक्शन पर अधिक निवेश से बेहतर है।
कितने मॉक पर्याप्त हैं?
60 दिनों में लगभग 12–15 फुल मॉक, जिनमें अधिकांश अंतिम तीन सप्ताह में हों, और हर मॉक की ठीक से समीक्षा हो। बिना समीक्षा के मॉक से लाभ कम है।
क्या प्रीलिम्स के अंक अंतिम चयन में गिने जाते हैं?
नहीं। प्रीलिम्स केवल क्वालिफाइंग है — अंतिम मेरिट सूची केवल मेन्स के अंकों से बनती है। पर अपने राज्य की प्रीलिम्स कट-ऑफ पार किए बिना मेन्स तक नहीं पहुँच सकते।
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