रेलवे की लगभग हर परीक्षा में सामान्य विज्ञान किसी न किसी रूप में आता है। Group D में यह एक पूरा खंड है, ALP में CBT 1 और CBT 2 दोनों में बड़ा हिस्सा, और NTPC में सामान्य जागरूकता के भीतर कई प्रश्न। फिर भी बहुत से छात्र इसे "GK की तरह रट लेंगे" वाला विषय मानते हैं। नतीजा यह होता है कि परीक्षा में थोड़ा घुमाकर पूछा गया प्रश्न आते ही वे अटक जाते हैं।
अच्छी ख़बर यह है कि रेलवे का विज्ञान 10वीं कक्षा के स्तर का है। मतलब इसकी तैयारी के लिए किसी महँगे कोर्स की ज़रूरत नहीं; सही क्रम और लगातार दोहराई चाहिए। इस लेख में यही क्रम दिया गया है।
किस परीक्षा में विज्ञान कितना मायने रखता है
| परीक्षा | विज्ञान कहाँ आता है | स्तर |
|---|---|---|
| RRB Group D | अलग खंड: 100 में से 25 प्रश्न | 10वीं (CBSE) |
| RRB ALP | CBT 1 में सामान्य विज्ञान; CBT 2 Part A में बेसिक साइंस और इंजीनियरिंग | 10वीं, और CBT 2 में ITI स्तर की व्यावहारिक भौतिकी |
| RRB NTPC | सामान्य जागरूकता के भीतर कुछ प्रश्न | 10वीं (CBSE) |
ये ढाँचे हाल की अधिसूचनाओं के अनुसार हैं; हर भर्ती में CEN देखकर पुष्टि करें। Group D और ALP के पूरे पैटर्न के लिए हमारी हिंदी पोस्टें देखें: RRB Group D सिलेबस और PET और RRB ALP सिलेबस और CBAT।
पहला कदम: NCERT से शुरुआत क्यों
रेलवे के विज्ञान के ज़्यादातर प्रश्न NCERT की कक्षा 6 से 10 की विज्ञान की किताबों के किसी अध्याय, चित्र या उदाहरण से सीधे जुड़े होते हैं। हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए अच्छी बात यह है कि ये किताबें हिंदी में ("विज्ञान") NCERT की वेबसाइट और ePathshala पर मुफ़्त उपलब्ध हैं।
पढ़ने का क्रम:
- कक्षा 9 और 10 पहले। ये सीधे परीक्षा के स्तर की हैं। हर अध्याय ध्यान से, उदाहरणों और चित्रों सहित।
- कक्षा 6, 7, 8 बाद में, तेज़ी से। इनसे बुनियादी बातें (पोषण, पदार्थ, बल, प्रकाश, सूक्ष्मजीव) मज़बूत होती हैं, जो कई सरल प्रश्नों का आधार हैं।
- 11वीं-12वीं की ज़रूरत नहीं, सिवाय कुछ ख़ास टॉपिक के जो PYQ में बार-बार दिखें।
एक किताब को दो बार पढ़ना पाँच किताबें एक बार पढ़ने से ज़्यादा काम का है।
दोनों भाषाओं के शब्द साथ सीखें
रेलवे का पेपर द्विभाषी होता है। हिंदी में पेपर देने वाले छात्र को कभी-कभी कोई अनुवादित शब्द अटपटा लगता है, और तब अंग्रेज़ी वाला शब्द देखकर प्रश्न समझ आता है। इसलिए नोट्स में मुख्य शब्द दोनों भाषाओं में लिखें:
| हिंदी | English |
|---|---|
| अपवर्तन | Refraction |
| परावर्तन | Reflection |
| संवेग | Momentum |
| प्रतिरोध | Resistance |
| अम्ल, क्षार, लवण | Acid, Base, Salt |
| ऑक्सीकरण, अपचयन | Oxidation, Reduction |
| प्रकाश संश्लेषण | Photosynthesis |
| उत्सर्जन | Excretion |
| वंशागति | Heredity |
हिंदी माध्यम की तैयारी पर हमारे और सुझाव: Hindi-Medium Preparation for SSC, RRB।
भौतिकी: किन टॉपिक पर ध्यान दें
भौतिकी में प्रश्न दो तरह के आते हैं: अवधारणा (concept) वाले और छोटी गणना वाले। गणना वाले प्रश्न आमतौर पर एक सूत्र और एक-दो कदम के होते हैं।
- गति और बल: दूरी-विस्थापन, चाल-वेग, त्वरण, न्यूटन के गति के नियम, संवेग।
- कार्य, ऊर्जा और शक्ति: इकाइयाँ (जूल, वाट), गतिज और स्थितिज ऊर्जा के सूत्र।
- गुरुत्वाकर्षण: g का मान, भार और द्रव्यमान का अंतर, मुक्त पतन।
- प्रकाश: परावर्तन, अपवर्तन, दर्पण और लेंस के सूत्र, मानव नेत्र के दोष, प्रकाश का प्रकीर्णन (आकाश नीला क्यों दिखता है)।
- विद्युत: ओम का नियम, श्रेणी और समानांतर क्रम में प्रतिरोध, विद्युत शक्ति, घरेलू बिजली की गणना (kWh)।
- चुंबकत्व: विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव, विद्युत मोटर और जनित्र का सिद्धांत।
- ध्वनि: तरंग की चाल, आवृत्ति, प्रतिध्वनि, श्रव्य सीमा।
- ऊष्मा: तापमान के पैमाने (सेल्सियस, केल्विन, फ़ारेनहाइट का रूपांतरण)।
इकाइयों की सूची अलग से बनाएँ (बल, दाब, ऊर्जा, शक्ति, आवृत्ति, प्रतिरोध आदि)। इकाई पर सीधे प्रश्न लगभग हर परीक्षा में आते हैं और ये सबसे आसान अंक हैं।
ALP के लिए भौतिकी का वज़न और बढ़ जाता है, क्योंकि CBT 2 में ऊष्मा, सरल मशीनें, लीवर और बुनियादी बिजली ITI स्तर पर पूछी जाती है।
रसायन विज्ञान
- पदार्थ और उसकी अवस्थाएँ, मिश्रण और यौगिक, शुद्ध पदार्थ।
- परमाणु संरचना: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, संयोजकता, पहले 20 तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास।
- रासायनिक अभिक्रियाएँ: संयोजन, अपघटन, विस्थापन, ऑक्सीकरण-अपचयन; संक्षारण और विकृतगंधिता।
- अम्ल, क्षार और लवण: pH मान, दैनिक जीवन के उदाहरण (बेकिंग सोडा, धावन सोडा, ब्लीचिंग पाउडर, प्लास्टर ऑफ़ पेरिस और उनके रासायनिक सूत्र)।
- धातु और अधातु: गुणधर्म, सक्रियता श्रेणी, मिश्रधातुएँ।
- कार्बन और उसके यौगिक: सहसंयोजक बंध, हाइड्रोकार्बन, साबुन और अपमार्जक।
- तत्वों का आवर्त वर्गीकरण: आवर्त सारणी के रुझान।
रसायन में सबसे ज़्यादा अंक गँवाने की वजह है सामान्य नामों और सूत्रों को आपस में मिला देना। इनकी एक तालिका बनाकर रोज़ पाँच मिनट देखें।
जीव विज्ञान
- कोशिका: संरचना, कोशिकांग और उनके कार्य।
- ऊतक: पादप और जंतु ऊतक के प्रकार।
- जीवन प्रक्रियाएँ: पोषण, श्वसन, परिवहन, उत्सर्जन।
- नियंत्रण और समन्वय: तंत्रिका तंत्र, हार्मोन और अंतःस्रावी ग्रंथियाँ।
- जनन: पौधों और जंतुओं में।
- वंशागति और विकास: मेंडल के प्रयोग, लिंग निर्धारण।
- मानव स्वास्थ्य और रोग: रोगों के कारक (जीवाणु, विषाणु, प्रोटोज़ोआ), टीके, विटामिन और उनकी कमी से होने वाले रोग।
- पर्यावरण: खाद्य श्रृंखला, ओज़ोन परत, अपशिष्ट प्रबंधन।
विटामिन-रोग, हार्मोन-ग्रंथि और रोग-कारक जैसी चीज़ों के लिए तालिका सबसे अच्छा तरीका है। Group D में इन्हीं से सीधे प्रश्न बनते हैं।
PYQ: तैयारी को परीक्षा से जोड़ना
NCERT पढ़ने के बाद पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) हल करना वह कदम है जो ज़्यादातर फ़र्क़ डालता है। PYQ से तीन बातें पता चलती हैं:
- कौन-से टॉपिक बार-बार आते हैं। विद्युत, प्रकाश, अम्ल-क्षार, मानव शरीर और रोग जैसे टॉपिक लगभग हर साल दिखते हैं।
- प्रश्न किस ढंग से पूछे जाते हैं। कई प्रश्न NCERT की एक पंक्ति को उलटकर पूछते हैं।
- कितनी गहराई चाहिए। अधिकतर प्रश्नों में गहराई की नहीं, सटीक जानकारी की ज़रूरत होती है।
तरीका यह रखें: एक अध्याय NCERT से पढ़ें, फिर उसी टॉपिक के PYQ हल करें, और जो प्रश्न गलत हुआ उसका उत्तर NCERT में ढूँढकर उस पंक्ति को रेखांकित करें। अंग्रेज़ी में इसी विषय पर हमारी पुरानी पोस्ट भी है: How to Prepare General Science for RRB Exams।
आठ हफ़्ते की योजना
रोज़ लगभग एक से डेढ़ घंटा विज्ञान को देने पर:
| हफ़्ता | काम |
|---|---|
| 1-2 | भौतिकी: कक्षा 9-10 NCERT, सूत्रों और इकाइयों की सूची |
| 3-4 | रसायन: कक्षा 9-10 NCERT, सूत्र-नाम तालिका |
| 5-6 | जीव विज्ञान: कक्षा 9-10 NCERT, विटामिन/हार्मोन/रोग तालिका; कक्षा 6-8 तेज़ी से |
| 7 | टॉपिकवार PYQ, गलत प्रश्नों पर वापस NCERT |
| 8 | पूरी दोहराई, मिश्रित प्रश्नों के सेट, समयबद्ध अभ्यास |
इसके बाद हर हफ़्ते दो बार 25-25 प्रश्नों का एक मिश्रित सेट करते रहें, ताकि पढ़ा हुआ भूले नहीं।
आम ग़लतियाँ
- सिर्फ़ वन-लाइनर रटना। "प्रकाश की चाल कितनी है" याद है, पर "प्रकाश सघन माध्यम में जाने पर क्या होता है" पूछ लिया तो उत्तर नहीं आता। अवधारणा समझना ज़रूरी है।
- बहुत सारी किताबें। एक NCERT सेट और एक PYQ संग्रह काफ़ी है। किताबें चुनने पर हमारी पोस्ट: Best Books for SSC, RRB।
- दोहराई न करना। विज्ञान के तथ्य दो-तीन हफ़्ते में धुंधले होने लगते हैं। हफ़्ते में एक दिन पुरानी तालिकाएँ देखें।
- गणना वाले प्रश्न छोड़ देना। ये अक्सर सबसे आसान होते हैं, बस सूत्र याद होना चाहिए।
अभ्यास कहाँ करें
रोज़ के छोटे अभ्यास के लिए Pareeksha का Daily Dangal (रोज़ का क्विज़) और मिनी-मॉक मुफ़्त हैं। पूरे मॉक और PYQ Pareeksha Pro का हिस्सा हैं (pricing पेज)। पूरे मॉक फ़िक्स्ड-पेपर होते हैं, यानी समूह के सभी छात्र एक ही पेपर देते हैं, जिससे आपका percentile सीधी तुलना बनता है: 5,000 छात्रों में रैंक 500 का मतलब 90वाँ percentile।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सिर्फ़ NCERT काफ़ी है? Group D और NTPC के विज्ञान के लिए NCERT कक्षा 6-10 और PYQ मिलकर ज़्यादातर ज़रूरत पूरी कर देते हैं। ALP के CBT 2 के लिए ITI स्तर की व्यावहारिक भौतिकी और इंजीनियरिंग ड्रॉइंग अलग से पढ़नी होगी।
हिंदी NCERT कहाँ मिलेगी? NCERT की आधिकारिक वेबसाइट और ePathshala पर हिंदी में मुफ़्त PDF उपलब्ध हैं।
विज्ञान में सबसे ज़्यादा प्रश्न किस हिस्से से आते हैं? यह साल और शिफ़्ट के हिसाब से बदलता है। मोटे तौर पर तीनों हिस्से (भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान) से प्रश्न आते हैं। अपनी परीक्षा के PYQ गिनकर ख़ुद अंदाज़ा लगाना सबसे भरोसेमंद है।
कितना समय लगेगा? अगर रोज़ एक से डेढ़ घंटा दें, तो पहली पूरी पढ़ाई लगभग छह से आठ हफ़्ते में हो जाती है। उसके बाद नियमित दोहराई।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts.