रेलवे Group D उन परीक्षाओं में है जिनमें आवेदन करने वालों की संख्या बहुत बड़ी होती है, और ज़्यादातर उम्मीदवार हिंदी माध्यम से आते हैं। परीक्षा का पेपर कठिन नहीं माना जाता, फिर भी चयन मुश्किल है, क्योंकि लाखों लोग एक जैसी तैयारी करके बैठते हैं। ऐसे में फ़र्क़ दो चीज़ें डालती हैं: CBT में सटीकता (accuracy) और PET के लिए समय पर शुरू की गई शारीरिक तैयारी।
इस लेख में हम CBT का पैटर्न, विषयवार सिलेबस, PET के मानक और दोनों को साथ लेकर चलने वाली एक योजना देखेंगे। पैटर्न और PET मानक हाल की अधिसूचनाओं (CEN 08/2024 और CEN 09/2025) पर आधारित हैं। अगली भर्ती में बदलाव हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले rrbcdg.gov.in या अपने RRB/RRC की साइट पर CEN ज़रूर पढ़ें।
अभी की स्थिति (अक्टूबर 2026)
CEN 09/2025 के तहत लगभग 22,000 पदों (रिपोर्टों में 22,195) की भर्ती निकली थी, जिसमें पॉइंट्समैन, ट्रैक मेंटेनर, असिस्टेंट (विभिन्न विभाग) जैसी लेवल 1 की पोस्ट थीं। आवेदन जनवरी से मार्च 2026 के बीच हुए और CBT अगस्त 2026 में निर्धारित था। परिणाम, PET और आगे के चरणों की तारीख़ें RRB की वेबसाइट पर नोटिस के रूप में आती हैं, वहीं देखते रहें।
अगर आप अगली भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो नीचे का पैटर्न आपके लिए उपयोगी आधार है।
चयन प्रक्रिया
- कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
- शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
- दस्तावेज़ सत्यापन (DV)
- मेडिकल परीक्षा
Group D में केवल एक ही CBT होता है, NTPC या ALP की तरह दो नहीं। मेरिट इसी CBT के normalised अंकों से बनती है। PET सिर्फ़ क्वालिफ़ाइंग है: पास होना ज़रूरी है, लेकिन इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।
CBT का पैटर्न
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| सामान्य बुद्धि और तर्क (Reasoning) | 30 | 30 |
| गणित | 25 | 25 |
| सामान्य विज्ञान | 25 | 25 |
| सामान्य जागरूकता और करेंट अफ़ेयर्स | 20 | 20 |
| कुल | 100 | 100 |
- समय: 90 मिनट (स्क्राइब के पात्र PwBD उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय मिलता है; कितना, यह CEN में लिखा होता है)
- हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटता है
- कई शिफ़्टों में परीक्षा होने से normalisation होता है
- न्यूनतम योग्यता अंक: UR/EWS 40%, OBC (NCL) 30%, SC 30%, ST 25% (हाल की अधिसूचनाओं के अनुसार)
ध्यान दें, न्यूनतम योग्यता अंक कट-ऑफ़ नहीं है। 40% लाना सिर्फ़ यह बताता है कि आप सूची में शामिल होने लायक़ हैं। PET के लिए असली शॉर्टलिस्टिंग इससे काफ़ी ऊपर होती है, और ज़ोन के हिसाब से अलग होती है।
विषयवार सिलेबस
गणित (25 प्रश्न)
संख्या पद्धति, BODMAS, दशमलव, भिन्न, LCM-HCF, अनुपात और समानुपात, प्रतिशत, क्षेत्रमिति, समय और कार्य, समय और दूरी, साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, लाभ और हानि, बीजगणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति, प्रारंभिक सांख्यिकी, वर्गमूल, आयु संबंधी प्रश्न, कैलेंडर और घड़ी, नल और टंकी।
Group D का गणित 10वीं स्तर का है। ज़्यादातर प्रश्न सीधे फ़ॉर्मूले पर आधारित होते हैं। यहाँ गति से ज़्यादा ज़रूरी है कि गणना में गलती न हो। सरलीकरण, प्रतिशत, लाभ-हानि और ब्याज पर रोज़ 20-25 प्रश्न का अभ्यास अच्छा आधार देता है।
तर्कशक्ति (30 प्रश्न)
सादृश्य, अक्षर और संख्या श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, गणितीय संक्रियाएँ, रक्त संबंध, न्याय निगमन, जंबलिंग, वेन आरेख, डेटा व्याख्या और पर्याप्तता, निष्कर्ष और निर्णय, समानता और अंतर, विश्लेषणात्मक तर्क, वर्गीकरण, दिशा, कथन-तर्क और कथन-पूर्वधारणा।
यह सबसे ज़्यादा अंकों वाला हिस्सा है और सबसे जल्दी सुधरने वाला भी। जिनका गणित कमज़ोर है, वे रीज़निंग में 26-28 सही करने का लक्ष्य रखकर बहुत कुछ संभाल सकते हैं।
सामान्य विज्ञान (25 प्रश्न)
भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान, 10वीं कक्षा (CBSE) के स्तर तक। यह Group D का निर्णायक हिस्सा है, क्योंकि यहाँ अच्छे और औसत छात्रों के अंकों में सबसे बड़ा अंतर दिखता है। इसकी तैयारी NCERT की कक्षा 6 से 10 की विज्ञान की किताबों से करें। विस्तार से तरीका हमारी पोस्ट रेलवे परीक्षा के लिए सामान्य विज्ञान की तैयारी में है।
सामान्य जागरूकता (20 प्रश्न)
विज्ञान और तकनीक, खेल, संस्कृति, व्यक्तित्व, अर्थव्यवस्था, राजनीति और महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े करेंट अफ़ेयर्स। साथ में स्टैटिक GK (इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था) से भी प्रश्न आते हैं। परीक्षा से पहले के लगभग 8-10 महीनों के करेंट अफ़ेयर्स पर ध्यान दें।
PET: शारीरिक दक्षता परीक्षा
यहीं बहुत से उम्मीदवार चूक जाते हैं। CBT अच्छा जाता है, फिर PET के लिए दो-तीन हफ़्ते का समय मिलता है, जो दौड़ की तैयारी के लिए काफ़ी नहीं होता।
हाल की अधिसूचनाओं में PET के मानक ये रहे हैं:
| पुरुष | महिला | |
|---|---|---|
| वज़न उठाकर चलना | 35 किलो वज़न लेकर 100 मीटर, 2 मिनट में, बिना नीचे रखे | 20 किलो वज़न लेकर 100 मीटर, 2 मिनट में, बिना नीचे रखे |
| दौड़ | 1000 मीटर, 4 मिनट 15 सेकंड में, एक ही मौक़े में | 1000 मीटर, 5 मिनट 40 सेकंड में, एक ही मौक़े में |
कुछ बातें ध्यान रखें:
- "एक ही मौक़ा" का मतलब है कि दौड़ दोबारा नहीं होती। एक बार में पास करना है।
- PwBD उम्मीदवारों के लिए PET के अलग प्रावधान (छूट) रहे हैं; अपनी CEN में पुष्टि करें।
- पहले की कुछ भर्तियों में पूर्व-सैनिकों के लिए अलग प्रावधान रहे हैं। अपनी श्रेणी के नियम CEN में देखें।
- मानक बदल भी सकते हैं। हमने ऊपर जो लिखा वह हाल की अधिसूचनाओं के अनुसार है; अगली CEN में दोबारा जाँच लें।
PET पर विस्तृत अंग्रेज़ी गाइड यहाँ है: RRB Group D PET Guide।
PET की तैयारी कैसे करें
दौड़: 1000 मीटर को 4:15 में पूरा करने के लिए लगभग 25.5 सेकंड प्रति 100 मीटर की औसत गति लगातार दस बार बनाए रखनी होती है। जो लोग नियमित नहीं दौड़ते, उनके लिए यह शुरुआत में मुश्किल होता है। एक सुरक्षित तरीका:
- पहले दो-तीन हफ़्ते: रोज़ 2-3 किलोमीटर हल्की दौड़ या तेज़ चाल, ताकि सहनशक्ति बने।
- उसके बाद: हफ़्ते में दो दिन 1000 मीटर का समय नापें। बाकी दिन 200-400 मीटर के छोटे, तेज़ टुकड़े, बीच में आराम।
- परीक्षा से एक महीना पहले: अपना समय 4 मिनट से नीचे लाने का लक्ष्य रखें, ताकि परीक्षा के दिन की घबराहट या ज़मीन की हालत से फ़र्क़ न पड़े।
वज़न: 35 किलो (या 20 किलो) उठाकर 100 मीटर चलना अपने आप में भारी नहीं लगता, लेकिन पकड़ (grip) छूटने से लोग बाहर हो जाते हैं। घर पर अनाज की बोरी या पानी से भरे डिब्बे से अभ्यास करें, धीरे-धीरे वज़न बढ़ाएँ।
चोट से बचें: जूते ठीक हों, दौड़ से पहले वार्म-अप करें। परीक्षा से ठीक पहले के हफ़्ते में नई कसरत शुरू न करें। अगर कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो किसी डॉक्टर से सलाह लेकर ही दौड़ की तैयारी बढ़ाएँ।
सबसे ज़रूरी बात: PET की तैयारी CBT के परिणाम का इंतज़ार किए बिना शुरू करें। रोज़ 30-40 मिनट काफ़ी हैं।
CBT और PET की साथ-साथ तैयारी: छह महीने की रूपरेखा
| अवधि | पढ़ाई | शारीरिक तैयारी |
|---|---|---|
| महीना 1-2 | गणित और रीज़निंग के सभी अध्याय; विज्ञान की NCERT (6-10) पहली बार | रोज़ हल्की दौड़/तेज़ चाल, 20-30 मिनट |
| महीना 3-4 | विषयवार PYQ, विज्ञान के नोट्स, रोज़ करेंट अफ़ेयर्स | 1000 मीटर का समय हफ़्ते में दो बार, वज़न का अभ्यास |
| महीना 5-6 | हफ़्ते में 2-3 पूरे मॉक, विश्लेषण, रिवीज़न | समय 4 मिनट से कम रखने पर ध्यान |
रोज़ का एक सरल ढाँचा: सुबह 30-40 मिनट दौड़, फिर दिन में पढ़ाई के 5-6 घंटे, जिनमें रीज़निंग और गणित का अभ्यास, विज्ञान का एक टॉपिक और आधा घंटा करेंट अफ़ेयर्स।
सटीकता क्यों सबसे ज़रूरी है
Group D में प्रश्न आसान होते हैं और 1/3 नेगेटिव मार्किंग है। मान लीजिए आपने 85 प्रश्न किए और 10 गलत हुए। आपके अंक 75 − 3.33 = 71.67 होंगे। अगर उन्हीं 85 में से सिर्फ़ 4 गलत होते, तो अंक 81 − 1.33 = 79.67। यानी आठ अंकों का फ़र्क़, जो Group D जैसी परीक्षा में हज़ारों रैंक का फ़र्क़ बन सकता है। इसलिए मॉक के विश्लेषण में यह गिनें कि आपकी ग़लतियाँ "न जानने" से हुईं या "जल्दबाज़ी" से।
मॉक टेस्ट और percentile
मॉक से अपनी स्थिति जाननी है तो ध्यान रखें कि तुलना एक ही पेपर पर हो। Pareeksha पर पूरे मॉक फ़िक्स्ड-पेपर होते हैं: एक समूह के सभी छात्र वही पेपर देते हैं। अगर 5,000 छात्रों ने एक पेपर दिया और आपकी रैंक 500 है, तो आप 90वें percentile पर हैं, और यह संख्या सचमुच तुलना करने लायक़ है। पूरे मॉक Pareeksha Pro में हैं (pricing पेज देखें)। मुफ़्त अभ्यास के लिए Daily Dangal और मिनी-मॉक हैं। मुफ़्त मॉक के अन्य विकल्पों पर हमारी अंग्रेज़ी पोस्ट: RRB Group D free mock test series comparison।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या Group D में इंटरव्यू होता है? नहीं। चयन CBT, PET, दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल से होता है।
PET में कितने मौक़े मिलते हैं? हाल की अधिसूचनाओं में दौड़ "एक ही मौक़े में" पूरी करनी थी। अपनी CEN में इसकी पुष्टि करें।
विज्ञान के लिए कौन-सी किताब पढ़ें? सबसे भरोसेमंद आधार NCERT कक्षा 6-10 की विज्ञान की किताबें हैं, जो हिंदी में भी मुफ़्त उपलब्ध हैं। उसके बाद PYQ।
महिलाओं के लिए PET के मानक क्या हैं? हाल की अधिसूचनाओं में 20 किलो वज़न 100 मीटर 2 मिनट में, और 1000 मीटर 5 मिनट 40 सेकंड में। नई CEN में जाँच लें।

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