RRB NTPC की तैयारी शुरू करने वाले ज़्यादातर छात्र सबसे पहले यही पूछते हैं कि पढ़ना क्या है और पेपर किस तरह का आता है। सवाल सीधा है, लेकिन जवाब में अक्सर गड़बड़ हो जाती है, क्योंकि इंटरनेट पर पुराने और नए पैटर्न मिले-जुले रहते हैं। इस लेख में हम NTPC के हर चरण को क्रम से समझेंगे: CBT 1, CBT 2, फिर पोस्ट के हिसाब से CBAT या टाइपिंग टेस्ट। साथ ही विषयवार सिलेबस और यह भी कि किस हिस्से पर कितना समय देना समझदारी है।
एक बात शुरू में ही साफ़ कर दें। अक्टूबर 2026 तक RRB ने NTPC 2026 के लिए केवल सांकेतिक (indicative) सूचना दी है। विस्तृत CEN 06/2026 (ग्रेजुएट) और CEN 07/2026 (अंडर-ग्रेजुएट) में ही अंतिम पैटर्न लिखा होगा। नीचे दिया गया पैटर्न पिछली भर्ती (CEN 05/2024 और 06/2024) पर आधारित है, जो कई सालों से लगभग एक जैसा रहा है। आवेदन करने से पहले अपने RRB की वेबसाइट या rrbcdg.gov.in पर CEN ज़रूर पढ़ें।
NTPC 2026: अभी तक क्या पता है
सितंबर 2026 में आई ख़बरों और सांकेतिक सूचना के अनुसार इस बार कुल लगभग 5,165 पद प्रस्तावित हैं:
| स्तर | CEN | पोस्ट |
|---|---|---|
| ग्रेजुएट | 06/2026 | गुड्स ट्रेन मैनेजर, चीफ कमर्शियल-कम-टिकट सुपरवाइज़र, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट-कम-टाइपिस्ट, सीनियर क्लर्क-कम-टाइपिस्ट |
| अंडर-ग्रेजुएट (12वीं) | 07/2026 | कमर्शियल-कम-टिकट क्लर्क, जूनियर क्लर्क-कम-टाइपिस्ट, अकाउंट्स क्लर्क-कम-टाइपिस्ट, ट्रेन्स क्लर्क |
ध्यान देने वाली बात: रिपोर्टों के अनुसार स्टेशन मास्टर के पदों की मंज़ूरी अलग से आनी थी। अगर स्टेशन मास्टर इस भर्ती में जुड़ता है, तभी CBAT वाला हिस्सा आप पर लागू होगा। ये संख्याएँ और तारीख़ें बदल सकती हैं, इसलिए विस्तृत CEN से मिलान करें। नोटिफ़िकेशन की तारीख़ों पर हमारी अलग पोस्ट है: RRB NTPC 2026-27 नोटिफ़िकेशन।
चयन प्रक्रिया एक नज़र में
NTPC में हर पोस्ट के लिए चरण एक जैसे नहीं हैं। मोटे तौर पर:
| पोस्ट का प्रकार | चरण |
|---|---|
| गुड्स ट्रेन मैनेजर, CCTS, कमर्शियल-कम-टिकट क्लर्क, ट्रेन्स क्लर्क | CBT 1 → CBT 2 → दस्तावेज़ सत्यापन → मेडिकल |
| सभी "टाइपिस्ट" वाली पोस्ट | CBT 1 → CBT 2 → टाइपिंग स्किल टेस्ट → दस्तावेज़ सत्यापन → मेडिकल |
| स्टेशन मास्टर (अगर शामिल हो) | CBT 1 → CBT 2 → CBAT → दस्तावेज़ सत्यापन → मेडिकल |
जो उम्मीदवार कई पोस्ट की प्राथमिकता भरते हैं, उनके लिए एक से ज़्यादा रास्ते खुले रहते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने स्टेशन मास्टर और सीनियर क्लर्क दोनों चुने हैं, तो CBT 2 में अच्छे अंक आने पर आपको CBAT और टाइपिंग दोनों के लिए बुलाया जा सकता है।
CBT 1 का पैटर्न
CBT 1 स्क्रीनिंग का चरण है। इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन इसी से तय होता है कि आप CBT 2 तक पहुँचेंगे या नहीं।
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| सामान्य जागरूकता (General Awareness) | 40 | 40 |
| गणित (Mathematics) | 30 | 30 |
| सामान्य बुद्धि और तर्क (Reasoning) | 30 | 30 |
| कुल | 100 | 100 |
- समय: 90 मिनट (PwBD उम्मीदवारों को, जो स्क्राइब के पात्र हैं, अतिरिक्त समय मिलता है)
- हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटता है
- परीक्षा कई शिफ़्टों में होती है, इसलिए अंकों का normalisation होता है। इसे समझने के लिए रेलवे परीक्षा में normalisation कैसे काम करता है पढ़ें।
- न्यूनतम योग्यता अंक पिछली अधिसूचनाओं में UR/EWS के लिए 40%, OBC (NCL) और SC के लिए 30%, ST के लिए 25% रहे हैं। ये केवल न्यूनतम सीमा है; असली शॉर्टलिस्टिंग कट-ऑफ़ इससे काफ़ी ऊपर जाती है।
CBT 2 के लिए रिक्तियों के कई गुना उम्मीदवार बुलाए जाते हैं। यह अनुपात कितना होगा, यह CEN में लिखा होता है, इसलिए किसी कोचिंग के अनुमान की बजाय वहीं देखें।
CBT 2 का पैटर्न
CBT 2 असली मुक़ाबला है। ज़्यादातर पोस्ट के लिए अंतिम मेरिट इसी के अंकों से बनती है।
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| सामान्य जागरूकता | 50 | 50 |
| गणित | 35 | 35 |
| सामान्य बुद्धि और तर्क | 35 | 35 |
| कुल | 120 | 120 |
- समय: 90 मिनट
- नेगेटिव मार्किंग: 1/3
- ग्रेजुएट और अंडर-ग्रेजुएट दोनों का CBT 2 अलग-अलग होता है, और ग्रेजुएट स्तर का पेपर थोड़ा कठिन रहता है।
CBT 1 में 100 प्रश्न 90 मिनट में थे, CBT 2 में 120 प्रश्न उतने ही समय में। यानी प्रति प्रश्न समय घटकर 54 सेकंड से 45 सेकंड हो जाता है। यह फ़र्क़ छोटा लगता है, पर पेपर में बहुत महसूस होता है। दोनों चरणों के अंतर पर विस्तार से: RRB NTPC CBT 1 vs CBT 2।
CBAT: स्टेशन मास्टर वालों के लिए
CBAT (Computer Based Aptitude Test) को आम बोलचाल में "साइको टेस्ट" कहते हैं। पिछली भर्ती में यह स्टेशन मास्टर और ट्रैफ़िक असिस्टेंट के लिए था।
- इसमें कई "टेस्ट बैटरी" होती हैं, जैसे याददाश्त, ध्यान, पैटर्न पहचानना, दिशा और गति का अनुमान।
- हर बैटरी में न्यूनतम T-score 42 लाना ज़रूरी रहा है।
- CBAT में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती।
- पिछली भर्ती में इन पोस्ट की मेरिट 70% CBT 2 और 30% CBAT से बनी थी।
CBAT की तैयारी किताब पढ़कर नहीं होती। इसमें उसी तरह के इंटरफ़ेस पर अभ्यास करना पड़ता है, ताकि घबराहट न हो। ALP के साइको टेस्ट पर हमारी पोस्ट RRB ALP Psycho Test से इसका अंदाज़ा मिल जाएगा, क्योंकि दोनों की बनावट मिलती-जुलती है।
टाइपिंग स्किल टेस्ट
"टाइपिस्ट" वाली सभी पोस्ट के लिए टाइपिंग टेस्ट होता है। यह केवल क्वालिफ़ाइंग है, इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।
- गति: अंग्रेज़ी में 30 शब्द प्रति मिनट या हिंदी में 25 शब्द प्रति मिनट (पिछली अधिसूचना के अनुसार)
- समय: 10 मिनट का पैसेज
- हिंदी या अंग्रेज़ी का चुनाव आप आवेदन फ़ॉर्म में करते हैं; बाद में बदला नहीं जा सकता।
हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए एक व्यावहारिक सलाह: हिंदी टाइपिंग में कौन-सा कीबोर्ड लेआउट मिलेगा (जैसे Inscript या Remington), यह CEN और परीक्षा से पहले के नोटिस में लिखा होता है। अगर आप एक लेआउट पर अभ्यास कर रहे हैं और परीक्षा में दूसरा मिल जाए, तो दिक़्क़त होगी। इसलिए फ़ॉर्म भरने से पहले नोटिस पढ़कर ही भाषा चुनें। जो छात्र दोनों में बराबर हैं, वे अक्सर अंग्रेज़ी चुनते हैं क्योंकि अभ्यास के साधन ज़्यादा हैं, लेकिन यह व्यक्तिगत फ़ैसला है।
विषयवार सिलेबस
CBT 1 और CBT 2 का सिलेबस लगभग एक ही है। फ़र्क़ प्रश्नों की संख्या और कठिनाई का है।
गणित
संख्या पद्धति, दशमलव, भिन्न, LCM और HCF, अनुपात और समानुपात, प्रतिशत, क्षेत्रमिति (mensuration), समय और कार्य, समय और दूरी, साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, लाभ और हानि, प्रारंभिक बीजगणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति, प्रारंभिक सांख्यिकी।
व्यवहार में NTPC का गणित SSC CGL Tier 1 से थोड़ा आसान माना जाता है। प्रतिशत, अनुपात, लाभ-हानि, ब्याज और समय-कार्य पर पकड़ मज़बूत हो, तो बड़ा हिस्सा कवर हो जाता है। कहाँ कितना समय देना है, इस पर हमारी पोस्ट SSC और RRB के लिए गणित का अध्यायवार वेटेज काम आएगी।
सामान्य बुद्धि और तर्क
सादृश्य (analogy), संख्या और अक्षर श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, गणितीय संक्रियाएँ, समानता और अंतर, रक्त संबंध, विश्लेषणात्मक तर्क, न्याय निगमन (syllogism), जंबलिंग, वेन आरेख, पहेली, डेटा पर्याप्तता, कथन-निष्कर्ष, कथन-कार्यवाही, निर्णय लेना, मानचित्र, ग्राफ़ की व्याख्या।
सामान्य जागरूकता
यह सबसे बड़ा हिस्सा है (CBT 2 में 120 में से 50 अंक)। इसमें शामिल है: करेंट अफ़ेयर्स, खेल, भारत की कला और संस्कृति, भारतीय साहित्य, स्मारक, 10वीं कक्षा (CBSE) स्तर तक का सामान्य विज्ञान और जीव विज्ञान, भारत का इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम, भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था और शासन, अंतरिक्ष और परमाणु कार्यक्रम सहित वैज्ञानिक विकास, संयुक्त राष्ट्र और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन, पर्यावरण, कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, संक्षिप्त रूप (abbreviations), भारत की परिवहन व्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, प्रसिद्ध व्यक्तित्व, सरकार की प्रमुख योजनाएँ, वनस्पति और जीव-जंतु, प्रमुख सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन।
सूची लंबी है, पर डरने की ज़रूरत नहीं। पिछले सालों के पेपर देखने पर साफ़ होता है कि इतिहास, राजव्यवस्था, भूगोल, सामान्य विज्ञान और करेंट अफ़ेयर्स से ही ज़्यादातर प्रश्न आते हैं। विज्ञान की तैयारी पर हमारी अलग हिंदी पोस्ट है: रेलवे परीक्षा के लिए सामान्य विज्ञान की तैयारी।
समय कैसे बाँटें: एक व्यावहारिक तरीका
अगर आपके पास तैयारी के लिए छह महीने हैं, तो एक संतुलित ढाँचा कुछ ऐसा हो सकता है:
- पहले दो महीने: गणित और रीज़निंग के सभी अध्याय एक बार पूरे करें। रोज़ GA के लिए 45 से 60 मिनट रखें।
- तीसरा और चौथा महीना: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र (PYQ) विषयवार हल करें। यहीं पता चलेगा कि आपकी कमज़ोरी कहाँ है।
- आख़िरी दो महीने: हफ़्ते में दो से तीन पूरे मॉक, हर मॉक के बाद उतना ही समय विश्लेषण में। करेंट अफ़ेयर्स का रिवीज़न।
कितने मॉक काफ़ी हैं, इस पर हमारा अनुभव परीक्षा से पहले कितने मॉक टेस्ट दें में लिखा है। छोटा जवाब: संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है हर मॉक की ग़लतियों पर काम करना।
नेगेटिव मार्किंग 1/3 है, तो अंदाज़े से उत्तर देने का गणित भी समझ लें। अगर आप चार में से दो विकल्प पक्के तौर पर हटा सकते हैं, तो अनुमान लगाना औसतन फ़ायदे का सौदा है। अगर कोई भी विकल्प नहीं हटा सकते, तो छोड़ देना बेहतर। इस पर विस्तार से: नेगेटिव मार्किंग: कब छोड़ें, कब अनुमान लगाएँ।
मॉक टेस्ट और अपनी असली स्थिति
तैयारी के आख़िरी हिस्से में सबसे काम की चीज़ है यह जानना कि आप बाकी उम्मीदवारों के मुक़ाबले कहाँ खड़े हैं। Pareeksha पर पूरे मॉक फ़िक्स्ड-पेपर होते हैं, यानी एक समूह के सभी छात्र बिल्कुल एक ही पेपर देते हैं। इसलिए वहाँ का percentile सीधी तुलना है: अगर 5,000 छात्रों ने यही पेपर दिया और आपकी रैंक 500 है, तो आप 90वें percentile पर हैं। पूरे मॉक और PYQ Pareeksha Pro का हिस्सा हैं (कीमत के लिए pricing पेज देखें)। बिना भुगतान के आप Daily Dangal क्विज़ और मिनी-मॉक से शुरुआत कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या CBT 1 के अंक अंतिम चयन में जुड़ते हैं? नहीं। पिछली भर्तियों में CBT 1 केवल स्क्रीनिंग के लिए था। मेरिट CBT 2 (और स्टेशन मास्टर के लिए CBAT) से बनती है।
ग्रेजुएट और 12वीं स्तर का सिलेबस अलग है क्या? विषय वही हैं, प्रश्नों का स्तर अलग होता है। ग्रेजुएट स्तर का पेपर थोड़ा कठिन रहता है, और दोनों स्तरों की परीक्षा अलग होती है।
क्या हिंदी में पेपर दे सकते हैं? हाँ। RRB की परीक्षा हिंदी, अंग्रेज़ी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में होती है। भाषा आवेदन के समय चुनी जाती है। पूरी सूची CEN में दी होती है।
क्या 2026 में पैटर्न बदल सकता है? बदल सकता है। ALP में 2026 में बदलाव की ख़बरें आईं, इसलिए NTPC के लिए भी अंतिम शब्द विस्तृत CEN का ही होगा। rrbcdg.gov.in या अपने RRB की साइट पर इसे ज़रूर पढ़ें।

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