सिंचाई व्यवस्था एवं परियोजनाएँ
सिंचाई अर्थव्यवस्था के कृषि क्षेत्र में गिनी जाती है। आँकड़े आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 और भू-अभिलेख (2023) पर आधारित हैं। परीक्षा में सिंचाई प्रतिशत और क्षेत्रफल वर्तमान आँकड़ों से पूछे जाते हैं, इसलिए संख्याओं के वर्ष पर ध्यान दें। यह अध्याय सिंचाई की कुल क्षमता, ज़िलेवार स्थिति, साधनों के योगदान और परियोजनाओं को एक साथ देता है।
कुल सृजित सिंचाई क्षमता
| मद | राज्य गठन के समय | मार्च 2023 | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| कुल सिंचाई | 13.28 लाख हेक्टेयर | 21.52 लाख हेक्टेयर | 8.24 लाख हेक्टेयर (राज्य निर्माण के बाद जुड़ी अतिरिक्त क्षमता) |
- मार्च 2023 में सिंचाई प्रतिशत 38.84% (21.52/55.40 x 100)।
- लक्ष्य: कुल बोये क्षेत्र का 75%, यानी लगभग 43 लाख हेक्टेयर में से 32 लाख हेक्टेयर में सतही जल सिंचाई क्षमता विकसित करना।
- लगभग 55% कास्तभूमि की जलधारण क्षमता कम होने से बिना सिंचाई के द्विफसली खेती संभव नहीं।
- 2014-15 में निर्मित सिंचाई क्षमता का वास्तविक उपयोग 67 प्रतिशत बताया गया है।
सतही जल की स्थिति
| आधार | सतही जल |
|---|---|
| मात्रा | 48,296 घन मि.मी. (मि.घ.मी.) |
| उपयोग में लाया गया | 41,720 (86.4%) |
| भारत के जल का प्रतिशत | 3.2% |
भू-गर्भीय जल की स्थिति अगले अध्याय में दी गई है।
ज़िलेवार सिंचाई (33 ज़िलों के आधार पर, 30 जून 2023)
| मद | राज्य | सर्वाधिक ज़िले | न्यूनतम ज़िले |
|---|---|---|---|
| निरा सिंचित क्षेत्र (हेक्टेयर) | 16,04,301 | जांजगीर-चांपा 1,40,847; रायपुर 1,37,550; बलौदाबाजार 1,16,148 | दंतेवाड़ा 79; नारायणपुर 285; सुकमा 644 |
| निरा सिंचाई प्रतिशत | 35% | जांजगीर-चांपा 96%; सक्ती 84%; रायपुर 83% | दंतेवाड़ा 0%; नारायणपुर 1%; सुकमा 1% |
| दु-फसली सिंचित क्षेत्र | 5,39,340 हे. | बेमेतरा 86,635 | दंतेवाड़ा, नारायणपुर (0) |
| कुल सिंचित क्षेत्रफल | 21,43,641 | बेमेतरा 2,02,783; रायपुर 1,53,311; धमतरी 1,52,511 | दंतेवाड़ा 79; नारायणपुर 285; सुकमा 644 |
| कुल सिंचाई प्रतिशत | 37% | जांजगीर-चांपा 89%; रायपुर 81%; सक्ती 75% | दंतेवाड़ा 0%; नारायणपुर 1%; सुकमा 1% |
नोट: निरा सिंचित और कुल सिंचित, दोनों तालिकाओं में सबसे कम सिंचित ज़िले (दंतेवाड़ा 79, नारायणपुर 285, सुकमा 644) एक जैसे छपे हैं; यहाँ वे जैसे छपे हैं वैसे ही दिए गए हैं।
अद्यतन आँकड़े एक नज़र में
| विवरण | स्थिति (उत्तरमाला के अनुसार) |
|---|---|
| कुल सिंचित क्षेत्र (मार्च 2023) | 21.52 लाख हेक्टेयर |
| निरा/शुद्ध सिंचित क्षेत्र (जून 2023) | 16,04,301 हेक्टेयर |
| निरा सिंचित क्षेत्र का प्रतिशत | 35 प्रतिशत |
| कुल सिंचाई का प्रतिशत | 38.84 प्रतिशत |
| सर्वप्रमुख साधन | नहरें |
| सर्वाधिक सिंचित जिला | बेमेतरा |
| सबसे कम सिंचित जिला/सबसे कम सुविधा | दंतेवाड़ा |
स्रोत अनुसार शुद्ध सिंचित क्षेत्र (2021-22)
| मद | नहरें | नलकूप सहित | तालाब | कुएँ | योग |
|---|---|---|---|---|---|
| क्षेत्रफल (हे.) | 8,99,242 | 6,68,558 | 24,675 | 11,826 | 16,04,301 |
| प्रतिशत | 56.05% | 41.67% | 1.53% | 0.73% | 100% |
| स्रोत | शुद्ध सिंचित प्रतिशत | कुल सिंचित प्रतिशत |
|---|---|---|
| नहर | 56.05% | 52% |
| नलकूप | 41.67% | 29% |
घटते क्रम में: नहर, नलकूप, तालाब, कुएँ। सुमेलित (पूर्ण) परियोजनाओं में नहरों से लगभग 8.99 लाख हेक्टेयर, नलकूपों से 6.68 लाख हेक्टेयर और तालाबों से 24 हज़ार हेक्टेयर सिंचाई बताई गई है (मार्च 2023)।
परियोजनाएँ
- सुमेलित परियोजनाएँ: वृहद 8, लघु 2477, स्टॉप डेम/एनीकट 827; मध्यम परियोजना 37 का विकल्प प्रश्न में 'सुमेलित नहीं' के उत्तर के रूप में दिया गया है।
- प्रस्तावित परियोजनाएँ: वृहद 4, मध्यम 1, लघु 365, स्टॉप डेम/एनीकट 247; यहाँ भी उत्तरमाला 'मध्यम-1' को उत्तर मानती है, जिसका अर्थ मूल पाठ में स्पष्ट नहीं है।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
- सिंचाई की न्यूनतम सुविधा दंतेवाड़ा ज़िले में।
- सिंचाई सुविधा में नलकूप, तालाब, कुआँ, नहरें, एनीकट और बैराज शामिल हैं।
- सुनिश्चित सिंचाई स्रोत: नहर/जलाशय और नलकूप।
- लघुतम सिंचाई स्रोत केवल तालाब।
- सिंचाई का प्रमुख स्रोत नहर।
प्रतिशत की विविधता और मूल पाठ की असंगतियाँ
| प्रतिशत | विवरण |
|---|---|
| 38.84% | मार्च 2023 में सिंचाई प्रतिशत (21.52 / 55.40 x 100) |
| 36% | सुनिश्चित सिंचाई विस्तार योजना के तहत सभी स्रोतों से क्षमता; लगभग 36% क्षेत्र में सुविधा, जिसमें 52% जलाशय/नहरों से और 29% नलकूप से |
| 37% | कुल फसल-क्षेत्रफल में से सिंचित क्षेत्रफल |
इस तरह एक ही विषय के चार आँकड़े (35, 36, 37, 38.84) हैं और हर एक का आधार अलग है। परीक्षा में प्रश्न का आधार पहचानें।
- एक मूल पाठ में सुनिश्चित सिंचाई क्षेत्र विस्तार योजना के तहत नलकूप का हिस्सा 29% और नहर/जलाशय का 52% उत्तर है, जबकि दूसरे मूल पाठ में निरा सिंचित क्षेत्र में नहर 56.05% और नलकूप 41.67% दिया है। ये अलग आधार के आँकड़े लगते हैं; मूल पाठ आधार स्पष्ट नहीं करती।
- सभी स्रोतों से सिंचित भूमि के प्रतिशत और सतही जल उपलब्धता के प्रतिशत वाले प्रश्नों की उत्तरमाला अस्पष्ट थी, इसलिए वे यहाँ नहीं दिए गए।
तुलना एवं संबंध
| आधार | नहर | नलकूप | तालाब | कुआँ |
|---|---|---|---|---|
| शुद्ध सिंचित % | 56.05 | 41.67 | 1.53 | 0.73 |
| क्षेत्रफल (हे.) | 8,99,242 | 6,68,558 | 24,675 | 11,826 |
कारण-परिणाम: बस्तर के ज़िले (दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा) में सिंचित क्षेत्र लगभग नगण्य है, जबकि मैदानी ज़िलों (जांजगीर-चांपा, रायपुर, बेमेतरा) में सबसे अधिक।
याद रखने योग्य बिंदु
- राज्य गठन के समय सिंचाई 13.28 लाख हेक्टेयर, मार्च 2023 में 21.52 लाख हेक्टेयर; वृद्धि 8.24 लाख हे.।
- सिंचाई प्रतिशत 38.84% (मार्च 2023); निरा सिंचित 35%।
- सतही जल 48,296 घन मि.मी.; उपयोग 86.4%।
- सिंचाई का प्रमुख स्रोत नहर (56.05%), फिर नलकूप (41.67%)।
- लघुतम स्रोत तालाब।
- निरा सिंचित क्षेत्र 16,04,301 हे.; सर्वाधिक जांजगीर-चांपा।
- दु-फसली सर्वाधिक और कुल सिंचित सर्वाधिक: बेमेतरा।
- सबसे कम सिंचाई: दंतेवाड़ा।
- लक्ष्य: 75% बोये क्षेत्र में सतही जल सिंचाई क्षमता।
- 2014-15 की निर्मित क्षमता का उपयोग 67%।
स्मरण सूत्र
- 'नहर पहले, नलकूप दूसरे, तालाब-कुआँ पीछे': 56 > 41 > 1.5 > 0.7।
- सिंचाई साधन क्रम: 'न-न-ता-कु' = नहर, नलकूप, तालाब, कुआँ।
स्वयं जाँचें
- प्र. मार्च 2023 में सिंचाई प्रतिशत कितना था? उ. 38.84%।
- प्र. प्रमुख सिंचाई स्रोत कौन-सा है? उ. नहर (56.05%)।
- प्र. सबसे कम सिंचाई सुविधा किस ज़िले में है? उ. दंतेवाड़ा।
- प्र. राज्य निर्माण के बाद कितनी सिंचाई क्षमता जुड़ी? उ. 8.24 लाख हेक्टेयर।
- प्र. दु-फसली सर्वाधिक सिंचित ज़िला? उ. बेमेतरा (86,635)।
- प्र. लघुतम सिंचाई स्रोत क्या है? उ. तालाब।
अभ्यास प्रश्न
छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक सिंचाई किसके द्वारा होती है?
- (A) नलकूप
- (B) कुआँ
- (C) तालाब
- (D) नहर
छत्तीसगढ़ में सिंचाई का मुख्य साधन क्या है ?
- (A) नहर
- (B) नलकूप
- (C) कूआँ
- (D) तालाब
राज्य में सिंचाई का सर्वप्रमुख साधन है?
- (A) नहरें
- (B) ट्यूबवेल
- (C) तालाब
- (D) कुंआ
छत्तीसगढ़ में सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत है
- (A) टैंक
- (B) नलकूप
- (C) कुंआ
- (D) नहरें
कितने कमान क्षेत्र वाली परियोजना को वृहद सिंचाई परियोजना के रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
- (A) 200000 हेक्टेयर से अधिक
- (B) 5000 हेक्टेयर से अधिक
- (C) 10000 हेक्टेयर से अधिक
- (D) 20000 हेक्टेयर से अधिक
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (D) - सिंचाई का प्रमुख स्रोत नहर (56.05%) है।
- (A) - सिंचाई का प्रमुख स्रोत नहर है।
- (A) - सर्वप्रमुख साधन नहरें हैं।
- (D) - सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत नहरें हैं।
- (C) - वृहद परियोजना 10,000 हे. से अधिक क्षेत्र की होती है।