खनिज एवं जिलेवार वितरण सारणियाँ
परीक्षा में अब 'यह खनिज किन जिलों में' और 'इस जिले में कौन-से खनिज' दोनों रूपों में प्रश्न आते हैं। नीचे दोनों सारणियाँ पूर्ण रूप में दी गई हैं। एक ही मूल पाठ में दो अलग वर्गीकरण हैं, इसलिए संख्या और नाम कहीं-कहीं भिन्न दिखते हैं।
खनिज से संबंधित जिले
| क्र. | खनिज | संख्या | जिले |
|---|---|---|---|
| 1 | कोयला | 7 | कोरबा, रायगढ़, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, म.चि.भ. |
| 2 | लौह अयस्क | 10 | दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कांकेर, बालोद, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खै.-छु.-गं. |
| 3 | मैंगनीज | 4 | गरियाबंद, बस्तर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा |
| 4 | टिन | 3 | दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर |
| 5 | बॉक्साइट | 10 | कबीरधाम, सरगुजा, कोरबा, जशपुर, बस्तर, कांकेर, कोण्डागांव, रायगढ़, बलरामपुर, बीजापुर |
| 6 | तांबा | 1 | बीजापुर |
| 7 | अभ्रक | 6 | बस्तर, सुकमा, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, कोरबा |
| 8 | डोलोमाइट | 8 | बिलासपुर, सारंगढ़, बेमेतरा, बस्तर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, सक्ती, रायगढ़ |
| 9 | चूना पत्थर | 14 | बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, बस्तर, सुकमा, बिलासपुर, मुंगेली, सरगुजा, रायगढ़, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई |
| 10 | हीरा | 2 (सारणी में लिखा) | गरियाबंद, बस्तर, महासमुंद |
| 11 | अलेक्जेंड्राइट | 1 | गरियाबंद |
| 12 | क्वार्ट्ज | 2 | दंतेवाड़ा, सुकमा |
| 13 | क्वार्टजाइट | 4 | राजनांदगाँव, महासमुंद, रायगढ़, बेमेतरा |
| 14 | गारनेट | 3 | गरियाबंद, बीजापुर, जशपुर |
| 15 | सोना | 7 | कांकेर, बलौदाबाजार, महासमुंद, जशपुर, राजनांदगाँव, रायगढ़, दंतेवाड़ा |
| 16 | फ्लोराइड | 2 | राजनांदगाँव, महासमुंद |
| 17 | सीसा | 2 | राजनांदगाँव, दुर्ग |
| 18 | फायर क्ले | 3 | कोरबा, सूरजपुर, कोरिया |
| 19 | ग्रेफाइट | 2 | बलरामपुर, सुकमा |
| 20 | ग्रेनाइट | 4 | कांकेर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा |
| 21 | कोरण्डम | 3 | बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा |
| 22 | लीथियम | 2 | कोरबा, सुकमा |
विसंगतियाँ: (1) हीरे की संख्या 2 लिखी है पर नाम 3 हैं। (2) डोलोमाइट सारणी में दुर्ग नहीं, जबकि क्षेत्र-सूची में है। (3) स्वर्ण के 7 जिले हैं पर मूल पाठ में 6 जिलों के क्षेत्र दिए हैं।
जिलेवार प्रमुख खनिज (आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के आधार पर)
| क्र. | जिला | खनिज |
|---|---|---|
| 1 | सरगुजा | कोयला, बॉक्साइट (लेड माइका एवं चूना पत्थर सूक्ष्म मात्रा में) |
| 2 | सूरजपुर | कोयला (माइका एवं फायरक्ले सूक्ष्म मात्रा में), यूरेनियम |
| 3 | बलरामपुर | कोयला, बॉक्साइट (ग्रेफाइट एवं एस्बेस्टस सूक्ष्म मात्रा में) |
| 4 | कोरिया | कोयला |
| 5 | जशपुर | स्वर्णधातु, बॉक्साइट (बेरिल एवं गार्नेट सूक्ष्म मात्रा में) |
| 6 | बिलासपुर | चूनापत्थर, डोलोमाइट |
| 7 | मुंगेली | चूनापत्थर, क्वार्टजाइट |
| 8 | जांजगीर-चांपा | चूनापत्थर, डोलोमाइट |
| 9 | कोरबा | कोयला (माइका एवं फायर क्ले सूक्ष्म मात्रा में), बॉक्साइट |
| 10 | रायगढ़ | कोयला, डोलोमाइट, चूनापत्थर, क्वार्टजाइट |
| 11 | रायपुर | चूनापत्थर |
| 12 | बलौदाबाजार | चूनापत्थर, डोलोमाइट, स्वर्णधातु |
| 13 | गरियाबंद | गारनेट, हीरा, अलेक्जेंड्राइट (लौह अयस्क एवं मैंगनीज सूक्ष्म मात्रा में) |
| 14 | धमतरी | क्ले एवं अगेट सूक्ष्म मात्रा में |
| 15 | महासमुंद | स्वर्ण धातु, क्वार्टजाइट, चूना पत्थर (सीसा एवं फ्लोराइड की उपलब्धता), लौह अयस्क |
| 16 | दुर्ग | चूनापत्थर, मोल्डिंग सेंड, क्वार्टजाइट |
| 17 | बालोद | लौह अयस्क |
| 18 | बेमेतरा | चूनापत्थर, डोलोमाइट, क्वार्टजाइट (रेडओकर सूक्ष्म मात्रा में) |
| 19 | राजनांदगांव | चूनापत्थर, लौह अयस्क, फ्लोराइड, क्ले, क्वार्ट्ज, स्वर्ण, सीसा एवं यूरेनियम |
| 20 | कबीरधाम | बॉक्साइट, चूनापत्थर, लौह अयस्क, सोपस्टोन (ओकर सूक्ष्म मात्रा में) |
| 21 | बस्तर | हीरा, अभ्रक, बॉक्साइट |
| 22 | नारायणपुर | लौह अयस्क |
| 23 | कांकेर | बॉक्साइट (स्वर्ण एवं क्वार्ट्ज सूक्ष्म मात्रा में), लौह अयस्क, स्वर्ण |
| 24 | कोंडागांव | बॉक्साइट |
| 25 | दंतेवाड़ा | लौह अयस्क, टिन अयस्क (कोरण्डम एवं क्वार्ट्ज सूक्ष्म मात्रा में) |
| 26 | बीजापुर | कोरण्डम (गार्नेट एवं ताम्र अयस्क सूक्ष्म मात्रा में), बॉक्साइट |
| 27 | सुकमा | क्वार्ट्ज, लाइमस्टोन, टिन, कोरण्डम (गेलेना, सिलिमेनाइट, बैरिल आदि सूक्ष्म मात्रा में) |
| 28 | म.-चि.-भ. | कोयला |
आधार: यह सारणी 28 जिलों की है और सक्ती, सारंगढ़ आदि नए जिलों के नाम इसमें नहीं हैं। सारणी के अनुसार राजनांदगांव में स्वर्ण एवं क्वार्टजाइट दोनों नहीं, बल्कि स्वर्ण के साथ क्वार्ट्ज दिया है; पर नोट में स्वर्ण एवं क्वार्टजाइट का जिला राजनांदगांव बताया गया है (सूक्ष्म भेद)। दंतेवाड़ा में टिन, लौह अयस्क, कोरण्डम मिलते हैं; रायपुर में चूना पत्थर।
तुलना एवं संबंध
| खनिज | जिलों की संख्या | सबसे बड़ी सूची |
|---|---|---|
| चूना पत्थर | 14 | सर्वाधिक जिले |
| लौह अयस्क, बॉक्साइट | 10-10 | दूसरी सबसे बड़ी |
| डोलोमाइट | 8 | - |
| कोयला, सोना | 7-7 | - |
याद रखने योग्य बिंदु
- कोयला 7 जिले, लौह अयस्क 10, बॉक्साइट 10।
- चूना पत्थर सबसे अधिक 14 जिलों में।
- टिन केवल दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर में (3)।
- तांबा केवल बीजापुर (सारणी के अनुसार)।
- राजनांदगाँव में सबसे अधिक प्रकार के खनिज (सारणी में 8)।
- रायपुर में मुख्यतः चूना पत्थर।
- गरियाबंद: गारनेट, हीरा, अलेक्जेंड्राइट।
- दंतेवाड़ा: टिन, लौह अयस्क, कोरण्डम।
- सारणी 2023-24 के आर्थिक सर्वेक्षण पर आधारित, 28 जिलों के अनुसार।
- लीथियम: कोरबा, सुकमा।
स्मरण सूत्र
- 'दं-टि-लौ-को': दंतेवाड़ा = टिन, लौह, कोरण्डम।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: चूना पत्थर कितने जिलों में? उत्तर: 14।
- प्रश्न: तांबा किस जिले में? उत्तर: बीजापुर।
- प्रश्न: रायपुर में कौन-सा खनिज? उत्तर: चूना पत्थर।
- प्रश्न: टिन के तीन जिले? उत्तर: दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर।
- प्रश्न: फायर क्ले के जिले? उत्तर: कोरबा, सूरजपुर, कोरिया।
- प्रश्न: सीसा के जिले? उत्तर: राजनांदगाँव और दुर्ग।