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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 2): कृषि, वन, खनिज, उद्योग, परिवहन एवं जनसंख्या · Chapter 16
लघु वनोपज, वन प्रशासन एवं वन संबंधी संस्थान

लघु वनोपज, वन प्रशासन एवं वन संबंधी संस्थान

वनों से मिलने वाली लकड़ी के अलावा की उपज (तेंदूपत्ता, महुआ, लाख, जड़ी-बूटी, शहद आदि) को लघु वनोपज कहते हैं। छत्तीसगढ़ के आदिवासी परिवारों की आय इन पर टिकी है, इसलिए संग्रहण, समर्थन मूल्य और उसे चलाने वाली संस्थाएँ परीक्षा में बार-बार पूछी जाती हैं। इस अध्याय में लघु वनोपज संघ, वन विभाग का ढाँचा, वन वृत्त, वन विकास निगम, हर्बल स्टेट, औषधीय पादप बोर्ड, जैव विविधता बोर्ड, कैम्पा और वानिकी की आर्थिक भागीदारी एक साथ दी गई है।

राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ

बिंदुविवरण
गठन31 अक्टूबर 2000
पृष्ठभूमि1984 में बने मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ के विभाजन से बना
उद्देश्यलघु वनोपजों के विपणन, संकलन, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना; आदिवासियों को शोषण से बचाना; महत्वपूर्ण प्रजातियों का समर्थन मूल्य तय करना
संग्रहण का माध्यमप्राथमिक वनोपज सहकारी समितियाँ
क्रय की व्यवस्थावनांचल के निवासियों द्वारा एकत्र राष्ट्रीयकृत तथा अराष्ट्रीयकृत वनोत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदता है
क्रय वनोत्पादमूल पाठ में शीर्षक "67 वनोपजों का संग्रहण" है

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली वनोपजें (वर्षवार सूची)

मूल पाठ की सूची में क्रम 1 से 63 तक वनोपजें वर्ष के अनुसार दी गई हैं। मूल पाठ का शीर्षक 67 वनोपज कहता है पर सूची 63 पर समाप्त होती है; इस अंतर को मूल पाठ ने स्पष्ट नहीं किया है। कुटकी सूची में तीन बार (क्रम 42, 52 और 63) आई है।

वर्षसंख्यावनोपज (क्रम सहित)
2014-1521. हर्रा बीज; 2. साल बीज
2015-1653. महुआ बीज; 4. इमली; 5. चिरौंजी गुठली; 6. कुसुमी लाख; 7. रंगीनी लाख
2018-1988. कालमेघ / भुईनीम (सूखा) ग्रेड-2; 9. बहेड़ा (कच्चा); 10. नागरमोथा (सूखा); 11. कुल्लू गोंद; 12. पुवाड़; 13. बेलगुदा; 14. शहद; 15. फूल झाड़ू
2019-20716. महुआ फूल (सूखा); 17. जामुन बीज (सूखा); 18. कौंच; 19. धवाई फूल (सूखा); 20. करंज बीज; 21. बायबडिंग; 22. आंवला (बीज रहित)
2020-211023. भेलवा; 24. ईमली बीज; 25. फूल ईमली (बीज रहित); 26. बहेड़ा; 27. कचरिया; 28. गिलोय; 29. नीम बीज; 30. हर्रा (कचरिया); 31. वन जीरा; 32. वन तुलसी बीज
2021-22 (सूची में क्रम 33 से 63)3133. मालकांगनी बीज (सूखा); 34. आंवला फल (कच्चा); 35. रीठा फल (सूखा); 36. चरौंटा बीज ग्रेड-2; 37. माहुल पत्ता; 38. बहेड़ा (कचरिया); 39. गिलोय (कच्चा); 40. काजू गुठली; 41. जामुन फल (कच्चा); 42. कुटकी (काला एवं भूरा); 43. सफेद मूसली कंद (सूखा); 44. अमचूर (भूरा एवं सफेद); 45. मालकांगनी फल (कच्चा); 46. बेल फल (कच्चा); 47. हर्रा साबूत (सूखा) ग्रेड-2; 48. महुआ फूल कच्चा (फूडग्रेड); 49. झाडू छिंद (घास); 50. कुसुम बीज; 51. सवई घास; 52. कुटकी (काला एवं भूरा); 53. रागी; 54. पाताल कुम्हड़ा कंद (सूखा); 55. तीखुर कंद (कच्चा); 56. अश्वगंधा जड़ (सूखा); 57. कोरिया बीज (सूखा); 58. पलाश फूल (सूखा); 59. शतावर जड़ (सूखा); 60. शिकाकाई फल्ली (सूखा); 61. रैली कोसा (भादो एवं चैती; दर नग में) ग्रेड-1 एवं ग्रेड-2; 62. कोदो; 63. कुटकी

ध्यान दें: क्रम 51 से 63 का स्तंभ मूल पाठ में अलग छपा है और 2021-22 के स्तंभ के आगे जारी दिखता है, इसलिए इन्हें उसी वर्ष के साथ गिना गया है।

  • TRIFED का पूरा नाम: The Tribal Cooperative Marketing Development Federation of India।
  • ऊपर की वनोपजों में कोदो, कुटकी और रागी को मिलेट मिशन में शामिल किया गया है।
  • लघु वनोपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली ने वर्ष 2014-15 से लागू की है।

वन प्रशासन का ढाँचा

वन विभाग का प्रमुख प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) होता है। नीचे की ओर पद और संख्या इस प्रकार हैं।

पद (विभाग प्रमुख)इकाईसंख्या
PCCFराज्य वन विकास निगम (राज्य स्तर)01
CCFवन वृत्त06
DFOवन मण्डल34
SDFOउप वन मण्डल82
रेंजरवन परिक्षेत्र320
डिप्टी रेंजरसहायक वन परिक्षेत्र872
फॉरेस्ट गार्डवन बीट / खण्ड3287
  • वन परियोजना मण्डल: 09।
  • औद्योगिक वन परियोजना मण्डल: 03 (कोरबा, रायगढ़ एवं जगदलपुर)।
  • क्षेत्रीय वन मंडल: 34।
  • छत्तीसगढ़ वन विभाग 10 दिसम्बर 2020 से "छत्तीसगढ़ शासन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग" है।

वन वृत्त (Forest Circle)

वनों की देखरेख के लिए प्रदेश 6 वन वृत्तों में और उनके अंतर्गत 34 वन मण्डलों में बँटा है। मूल पाठ की तालिका में रायपुर की क्रम संख्या 5 और कांकेर की 4 छपी है, पर पंक्तियाँ क्षेत्रफल के घटते क्रम में हैं; यहाँ वही क्रम रखा गया है। तालिका के नीचे नोट है कि रायगढ़ वन वृत्त प्रस्तावित है।

वन वृत्तकुल क्षेत्रफल (वर्ग किमी)आरक्षितसंरक्षितअवर्गीकृतप्रतिशत
बिलासपुर1342041785358388322.45%
जगदलपुर1328647426405213822.23%
सरगुजा1066756215046017.85%
रायपुर864147212880103914.46%
कांकेर820137172201228313.72%
दुर्ग5555280121446099.29%

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम

  • गठन: मई 2001; मुख्यालय: रायपुर; अध्यक्ष के रूप में मूल पाठ ने श्री व्ही. श्रीनिवास राव (PCCF पदेन) का नाम दिया है।
  • यह संस्था 4 परियोजना मण्डलों से शुरू हुई थी; वर्तमान में 9 परियोजना मण्डल हैं।
क्षेत्रीय कार्यालयपरियोजना मण्डलस्थानस्थापना
रायपुरबारनवापारा परियोजना मण्डलरायपुर30 अक्टूबर 1975
रायपुरपानाबरस परियोजना मण्डलराजनांदगाँव17 दिसम्बर 1976
रायपुरअंतागढ़ परियोजना मण्डलभानुप्रतापपुर17 दिसम्बर 1976
रायपुरकवर्धा परियोजना मण्डलकबीरधाम11 सितम्बर 2003
रायपुरऔद्योगिक वृक्षारोपण मण्डलजगदलपुर29 जून 2016
बिलासपुरकोटा परियोजना मण्डलबिलासपुर30 अक्टूबर 1975
बिलासपुरसरगुजा परियोजना मण्डलअंबिकापुर11 सितम्बर 2003
बिलासपुरऔद्योगिक वृक्षारोपण मण्डलकोरबा23 अगस्त 2001
बिलासपुरऔद्योगिक वृक्षारोपण मण्डलरायगढ़23 दिसम्बर 2017

छत्तीसगढ़ हर्बल स्टेट

  • घोषणा: 4 जुलाई 2001; उद्देश्य: समृद्ध जैव विविधता और वनौषधियों के भंडार का संरक्षण एवं संवर्धन।
  • भारत शासन ने वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए 34 वन मण्डलों की कार्य आयोजना स्वीकृत की है।
  • औषधि पादप बोर्ड ने 30 हेक्टेयर में 14 हर्बल गार्डन बनाए हैं: नारायणपुर, दक्षिण कोण्डागाँव, रायपुर, सरगुजा, जगदलपुर, कांकेर, दुर्ग, केशकाल, महासमुंद, पश्चिमी भानुप्रतापपुर, सूरजपुर, बस्तर, बलरामपुर।
  • इंस्टिट्यूशनल हर्बल गार्डन: Institute of Technology & Sciences, गरियाबंद देवभोग रोड पर। स्कूल हर्बल गार्डन: रायपुर जिले के 10 स्कूलों में।
  • वनस्पति विज्ञान सर्वेक्षण के आधार पर प्रदेश में 159 किस्म के औषधीय पौधे हैं।
  • ध्यान दें: मूल पाठ में 14 गार्डन की संख्या बताई है पर कोष्ठक में 13 नाम ही दिखते हैं।

राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधीय पादप बोर्ड

  • पूर्व नाम: औषधीय पादप बोर्ड (2020 में नाम बदला)।
  • गठन: 28 जुलाई 2004; पुनर्गठन: 23 अक्टूबर 2020।
  • उद्देश्य: औषधीय पादपों के संरक्षण, संवर्धन, विनाश-रहित दोहन, प्रसंस्करण, निर्माण और विपणन की नीति बनाना तथा संस्थाओं में समन्वय।
  • UNDP परियोजना के तहत 7 औषधीय पौधा संरक्षित क्षेत्र (MPCA): बस्तर, धमतरी, खैरागढ़, मरवाही, जशपुर, सरगुजा, दक्षिण कोण्डागाँव वन मण्डल।
  • मूल पाठ के एक प्रश्न में उत्तर 8 दिया गया है, पर साथ ही लिखा है कि वर्तमान समयानुसार उत्तर 7 होगा।

जैव विविधता बोर्ड, कैम्पा और विपणन

संस्था/विषयविवरण
छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्डगठन 2006; पुनर्गठन 09 जनवरी 2020; अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी (मूल पाठ के अनुसार)
कैम्पा (CAMPA)शुरुआत जुलाई 2009; पूरा नाम Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority; उद्देश्य बिगड़े वनों का सुधार, यानी क्षतिपूर्ति वनीकरण; वन विभाग ने इस योजना को "परिवर्तन" नाम दिया
कैम्पा के 7 वन मण्डलकेशकाल, धमतरी, कोरबा, कटघोरा, धरमजयगढ़, बलरामपुर, सरगुजा
हर्बल उत्पाद विक्रय केंद्ररायपुर रेलवे स्टेशन और स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर; लगभग 120 प्रकार के उत्पाद। जगदलपुर बस स्टैण्ड पर केंद्र नहीं है (मूल पाठ का प्रश्न-उत्तर)

वानिकी क्षेत्र की GSDP में भागीदारी (स्थिर भाव 2011-12)

वर्षभागीदारी (लाख)वृद्धि (%)हिस्सा (%)
2018-1967357311.243.02
2019-2074764511.003.18
2020-218019277.263.37
2021-228271193.143.11
2022-238569583.613.00
2023-248724111.802.88

मूल पाठ का नोट: 2018-19 से 2023-24 तक हिस्सा प्रतिशत घटता-बढ़ता रहा है। भागीदारी की राशि लगातार बढ़ी, पर हिस्सा 2020-21 में सबसे ऊँचा (3.37) और 2023-24 में सबसे कम (2.88) रहा।

तुलना एवं संबंध

संस्थागठन/घोषणामुख्य काम
राज्य लघु वनोपज संघ31 अक्टूबर 2000समर्थन मूल्य पर खरीदी
राज्य वन विकास निगममई 2001वृक्षारोपण/परियोजना मण्डल
हर्बल स्टेट4 जुलाई 2001 (घोषणा)औषधीय संपदा का संरक्षण
औषधीय पादप बोर्ड28 जुलाई 2004नीति व समन्वय
जैव विविधता बोर्ड2006जैव विविधता
कैम्पाजुलाई 2009क्षतिपूर्ति वनीकरण

याद रखने योग्य बिंदु

  • लघु वनोपज संघ का गठन 31 अक्टूबर 2000 को हुआ।
  • समर्थन मूल्य योजना 2014-15 से लागू है।
  • सूची में कोदो, कुटकी, रागी मिलेट मिशन में हैं।
  • वन विभाग का प्रमुख PCCF है; 6 वृत्त, 34 मण्डल।
  • वन परिक्षेत्र 320, बीट 3287।
  • सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला वन वृत्त बिलासपुर (13420 वर्ग किमी)।
  • वन विकास निगम मई 2001, मुख्यालय रायपुर, 9 परियोजना मण्डल।
  • हर्बल स्टेट की घोषणा 4 जुलाई 2001।
  • प्रदेश में 159 किस्म के औषधीय पौधे।
  • कैम्पा का स्थानीय नाम "परिवर्तन"।
  • वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग 10 दिसम्बर 2020 से।

स्मरण सूत्र

  • "छह वृत्त, चौंतीस मण्डल, बयासी उप-मण्डल" के क्रम में 6-34-82 याद रखें।
  • संघ-निगम-हर्बल: 2000, 2001, 2001 (अक्टूबर, मई, जुलाई)।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. लघु वनोपज संघ कब बना? उ. 31 अक्टूबर 2000।
  2. प्र. वन विभाग के प्रमुख का पद? उ. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF)।
  3. प्र. कितने वन मण्डल हैं? उ. 34।
  4. प्र. किस वन वृत्त का हिस्सा सबसे अधिक है? उ. बिलासपुर, 22.45%।
  5. प्र. हर्बल स्टेट की घोषणा कब हुई? उ. 4 जुलाई 2001।
  6. प्र. कैम्पा का पूरा नाम क्या है? उ. Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority।
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