CSIDC, औद्योगिक क्षेत्रों का वितरण और IIDC
राज्य में औद्योगिक क्षेत्र तीन माध्यमों से बनते और नियंत्रित होते हैं: CSIDC, एकीकृत अधोसंरचना विकास केन्द्र (IIDC) और उद्योग विभाग। इस अध्याय में CSIDC का गठन व कार्य, जिलेवार औद्योगिक क्षेत्र, आकार के अनुसार वर्गीकरण, तथा IIDC की सारणी दी गई है। भू-क्षेत्रफल के आँकड़े और 'सबसे बड़ा/पहला' वाले तथ्य परीक्षा में बार-बार आते हैं।
CSIDC (छ.ग. राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| गठन | 7 अप्रैल 2001 |
| कार्पोरेट कार्यालय | रायपुर |
| निगम | उद्योग विभाग के अंतर्गत एकमात्र निगम |
| पंजीकरण | भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 |
| अधिकृत पूँजी | रु. 10 करोड़ |
| प्रदत्त पूँजी | रु. 1.60 करोड़ |
पूर्ववर्ती निगम (मध्यप्रदेश शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के), जिन्हें मिलाकर CSIDC बना:
- मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, रायपुर
- मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास केंद्र निगम
- मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम
- मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम
- मध्यप्रदेश वित्त निगम
- मध्यप्रदेश निर्यात निगम
- मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन
- मध्यप्रदेश टेक्सटाईल कार्पोरेशन
कार्य
- औद्योगिक संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार
- अधोसंरचना सुविधाओं का विकास एवं औद्योगिक क्षेत्र/पार्कों की स्थापना
- लघु उद्योगों के विपणन में सहायक की भूमिका
- कच्चामाल आपूर्ति एवं उद्योगों का संचालन
- राजधानी में राज्योत्सव का आयोजन तथा नई दिल्ली के भारत अंतर्राष्ट्रीय मेले में राज्य का मंडल निर्माण व संचालन
- शासन द्वारा समय-समय पर निर्देशित अन्य कार्य
- निवेशकों की बैठक आयोजित करना
- औद्योगिक उत्पाद सूचकांक तैयार करना
मूल पाठ के प्रश्न में उत्तर (B) बताया गया है: 'भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में भाग लेना' को कार्य नहीं माना गया, जबकि कार्य-सूची के क्रमांक 5 में भारत अंतर्राष्ट्रीय मेले में मंडल निर्माण/संचालन का उल्लेख है। यह मूल पाठ के भीतर ही अंतर्विरोध जैसा है; परीक्षा में प्रश्न के शब्द ध्यान से पढ़ें।
राज्य में स्थापित औद्योगिक विकास क्षेत्र (जिलेवार)
| जिला | औद्योगिक क्षेत्र |
|---|---|
| सरगुजा | गंगापुरखुर्द |
| सूरजपुर | नयनपुर-गिरिवरगंज (IIDC) |
| जशपुर | बनगांव |
| मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | परसगढ़ी (IIDC) |
| रायगढ़ | लारा, सियारपाली/महुआपाली (IIDC) |
| जांजगीर-चांपा | कापन (IIDC); बिर्रा (प्रस्तावित) |
| सक्ती | बाराद्वार (लघु औ.क्षे. प्रस्तावित), मुक्ताराजा (प्रस्तावित) |
| बिलासपुर | तिफरा सेक्टर-D, सिरगिट्टी, सिलपहरी, दगोरी, सेलर |
| गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही | अंजनी (पूर्व में बिलासपुर जिले में) |
| मुंगेली | खम्हरिया (IIDC) |
| कबीरधाम | हरिनछपरा (IIDC) |
| राजनांदगांव | जोरातराई, इंदावानी, टेडेसरा, पवनतल्ला, विजयतल्ला (प्रस्तावित), महरूमखुर्द, महरूमकला, मोहरा, सोमनी, गठुला |
| बेमेतरा | खैरा (प्रस्तावित लघु औद्योगिक क्षेत्र) |
| दुर्ग | बोरई |
| बलौदाबाजार | अवरेठी (भाटापारा) |
| रायपुर | सिलतरा, उरला, भनपुरी, रावांभाठा, तिल्दा, तेन्दुआ, आमासिवनी, बरतोरी, अभनपुर (IIDC) |
| धमतरी | श्यामातराई, जी-जामगांव (IIDC) |
| महासमुंद | बिरकोनी |
| गरियाबन्द | बेलटुकरी |
| कांकेर | लखनपुरी (IIDC) |
| बस्तर | धुरागांव (लोहांडीगुड़ा); कलचा (लघु औ.क्षे. प्रस्तावित), फ्रेजरपुर, पंडरीपानी, गीदम रोड |
| दंतेवाड़ा | टेकनार (IIDC) |
| सुकमा | सुकमा |
पृष्ठ की तालिका में अभनपुर और जी-जामगांव के साथ (IIDC) लिखा है, जबकि आगे की IIDC सारणी में इन्हें 'प्रस्तावित' बताया गया है। मानचित्र में बिलासपुर के साथ बेलगहना भी दिखाया गया है।
औद्योगिक विकास केन्द्रों का आकार-वर्गीकरण (CSIDC)
चार वर्ग: वृहद (200 हेक्टेयर से अधिक), मध्यम (100-200), लघु (50-100), सूक्ष्म (0-50)।
| वृहद (>200 हे.) | मध्यम (100-200) | लघु (50-100) | सूक्ष्म (0-50) |
|---|---|---|---|
| सिलतरा (रायपुर) | भनपुरी (रायपुर) | महरूमकला (राजनांदगांव) | रावाभांठा (रायपुर) |
| उरला (रायपुर) | हथखोज (दुर्ग) | तिफरा (बिलासपुर) | आमासिवनी (रायपुर) |
| सिरगिट्टी (बिलासपुर) | मेटलपार्क (रायपुर) | बिरकोनी (महासमुंद) | अंजनी (गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही) |
| सिलपहरी (बिलासपुर) | नयनपुर-गिरिवरगंज (सरगुजा) | हरिनछपरा (कबीरधाम) | |
| बोरई (दुर्ग) | बागौद (धमतरी) | टेकनार (दंतेवाड़ा) | |
| लखनपुरी (कांकेर) | कापन (जांजगीर-चांपा) |
नोट: यहाँ नयनपुर-गिरिवरगंज को 'सरगुजा' में लिखा है, जबकि जिलेवार सारणी में यह सूरजपुर में है; अगले मूल पाठ में इसे सूरजपुर लिखा है। आज का जिला-आधार सूरजपुर लेना ठीक रहेगा।
वृहद औद्योगिक क्षेत्र (5)
| क्षेत्र | कुल भूमि | विशेष |
|---|---|---|
| सिलतरा, रायपुर | 1184.40 हे. | प्रदेश का सबसे बड़ा/विस्तृत औद्योगिक केन्द्र; कॉम्प्लेक्स: साइकल कॉम्प्लेक्स, एग्रो एक्सपोर्ट जोन |
| उरला, रायपुर | 395.563 हे. | 1990 में स्थापित, प्रदेश का प्रथम औद्योगिक विकास केन्द्र; ड्राइपोर्ट; उद्योगों की संख्या सर्वाधिक; सर्वाधिक रोजगार व निवेश वाला; पूर्णतः विकसित |
| सिरगिट्टी, बिलासपुर | 338.42 हे. | विकास का कारण दक्षिण-पूर्वी कोलफील्ड (साउथ-ईस्टर्न कोलफील्ड) की स्थापना; उसी पर आधारित कई उद्योग |
| बोरई, दुर्ग | 450.810 हे. | भिलाई इस्पात उद्योग के प्रभाव क्षेत्र में स्थापित |
| सिलपहरी, बिलासपुर | 244.86 हे. | - |
मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म क्षेत्र
- मध्यम: भनपुरी (रायपुर); इंजीनियरिंग पार्क, हथखोज (भिलाई); मेटलपार्क (रायपुर)।
- लघु: महरूमकला (राजनांदगांव); तिफरा (बिलासपुर); बिरकोनी (महासमुंद, IIDC); नयनपुर-गिरिवरगंज (सूरजपुर, IIDC); फूड पार्क बागौद (धमतरी); लखनपुरी (कांकेर, IIDC)।
- नये लघु औद्योगिक क्षेत्र: महुआपाली/सियारपाली (रायगढ़), खम्हरिया (मुंगेली), सिलपहरी (बिलासपुर), कलचा (बस्तर), खैरा (बेमेतरा), परसगढ़ी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर), बाराद्वार (सक्ती)।
सूक्ष्म औद्योगिक क्षेत्र (13 बिंदु):
- रावांभाठा (रायपुर)
- आमासिवनी (रायपुर)
- अंजनी, पेण्ड्रारोड (गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही)
- हरिनछपरा (IIDC), कबीरधाम
- तेन्दुआ (रायपुर)
- टेकनार (IIDC), दंतेवाड़ा
- कापन (IIDC), जांजगीर-चांपा
- बरतोरी, तिल्दा (रायपुर)
- गंगापुर खुर्द (सरगुजा)
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर, नवा रायपुर
- महरूम खुर्द (राजनांदगांव)
- अवरेठी (भाटापारा)
- सिलपहरी (ब्लॉक A, B व C), बिलासपुर
सिलपहरी को मूल पाठ ने वृहद, नये लघु तथा सूक्ष्म (ब्लॉक A, B, C) तीनों सूचियों में दिखाया है, इसलिए परीक्षा में सुरक्षित कथन 'सिलपहरी बिलासपुर का औद्योगिक क्षेत्र है' है। इसी तरह महरूम खुर्द/कला के नाम दोनों वर्गों में आते हैं।
एकीकृत अधोसंरचना विकास केन्द्र (IIDC)
- भारत सरकार की योजना के तहत सूक्ष्म-लघु उद्योगों की स्थापना हेतु एकीकृत विकास केंद्र बनते हैं; उद्देश्य लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना।
- अनुदान: परियोजना लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम रु. 6 करोड़।
- नोडल एजेंसी: CSIDC।
- संख्या: 9 निर्मित, 2 निर्माणाधीन तथा 3 प्रस्तावित।
| क्र. | औद्योगिक क्षेत्र | जिला | क्षेत्रफल |
|---|---|---|---|
| 1 | बिरकोनी | महासमुंद | 96.42 हे. |
| 2 | खम्हरिया | मुंगेली | 60 एकड़ |
| 3 | लखनपुरी | कांकेर | 53.30 हे. |
| 4 | नयनपुर-गिरिवरगंज | सूरजपुर | 51.23 हे. |
| 5 | कापन | जांजगीर-चांपा | 43.06 हे. |
| 6 | महुआपाली/सियारपाली | रायगढ़ | 39 एकड़ |
| 7 | परसगढ़ी | मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | 32 एकड़ |
| 8 | हरिनछपरा | कबीरधाम | 20.93 हे. |
| 9 | टेकनार | दंतेवाड़ा | 19.27 हे. |
IIDC अंतर्गत प्रस्तावित (2):
| क्षेत्र | जिला | क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| अभनपुर | रायपुर | 39.88 एकड़ |
| जी-जामगांव | धमतरी | 24.71 एकड़ |
प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र (3):
| क्षेत्र | जिला | क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| ग्राम परसिया | मुंगेली | 192.02 एकड़ |
| ग्राम सेलर | बिलासपुर | 95.02 एकड़ |
| केसदा | बलौदाबाजार-भांठापारा | 70.92 एकड़ |
यहाँ हेक्टेयर और एकड़ मिश्रित इकाइयों में दिए हैं; तुलना से पहले इकाई बदलें (1 हेक्टेयर लगभग 2.47 एकड़)। यह रूपांतरण सामान्य गणित है, मूल पाठ का तथ्य नहीं।
ग्रामीण कार्यशाला/औद्योगिक क्षेत्र/औद्योगिक संस्थान (उद्योग विभाग द्वारा)
| जिला | स्थान |
|---|---|
| रायगढ़ | पुसौर |
| जांजगीर-चांपा | चांपा |
| कोरबा | कोरबा |
| सरगुजा | अंबिकापुर |
| सूरजपुर | अजिरमा |
| जशपुर | गम्हरिया |
| कोरिया | बैकुण्ठपुर |
| मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | चैनपुर |
| दुर्ग | भिलाई |
| बालोद | बालोद |
| राजनांदगांव | राजनांदगांव, डोंगरगढ़, मोहरा, सोमनी, गठुला |
| कोण्डागांव | कोण्डागांव |
| नारायणपुर | नारायणपुर |
| बस्तर | जगदलपुर, फ्रेजरपुर, पंडरीपानी, गीदम रोड, कुरन्दी |
मूल पाठ का प्रश्न: ग्रामीण कार्यशाला पुसौर किस जिले में है? उत्तर: रायगढ़।
तुलना एवं संबंध
| संस्था | स्वरूप |
|---|---|
| CSIDC | राज्य निगम, 2001, रायपुर |
| IIDC | भारत सरकार योजना, नोडल CSIDC, 60% या 6 करोड़ अनुदान |
| उद्योग विभाग | ग्रामीण कार्यशाला/संस्थान |
कारण-प्रभाव: कोलफील्ड, सिरगिट्टी का विकास; भिलाई इस्पात, बोरई का विकास।
याद रखने योग्य बिंदु
- CSIDC का गठन 7 अप्रैल 2001, मुख्यालय रायपुर।
- अधिकृत पूँजी 10 करोड़, प्रदत्त 1.60 करोड़।
- MP के 8 निगम मिलकर CSIDC बने।
- सिलतरा सबसे बड़ा: 1184.40 हे.।
- उरला 1990, प्रथम औद्योगिक केन्द्र, ड्राइपोर्ट।
- वृहद क्षेत्र 5: सिलतरा, उरला, सिरगिट्टी, सिलपहरी, बोरई।
- IIDC: 9 निर्मित, 2 निर्माणाधीन, 3 प्रस्तावित।
- IIDC अनुदान 60% या अधिकतम 6 करोड़।
- बिरकोनी IIDC सबसे बड़ा (96.42 हे.); टेकनार सबसे छोटा (19.27 हे.)।
- ग्रामीण कार्यशाला पुसौर रायगढ़ में।
स्मरण सूत्र
- वृहद पाँच: 'सि-उ-सि-सि-बो' (सिलतरा, उरला, सिरगिट्टी, सिलपहरी, बोरई)।
- IIDC अनुदान: साठ प्रतिशत, छह करोड़ की हद।
स्वयं जाँचें
- प्र. CSIDC किस अधिनियम में पंजीकृत है? उ. भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956।
- प्र. प्रदेश का प्रथम औद्योगिक विकास केन्द्र? उ. उरला (1990)।
- प्र. सिरगिट्टी के विकास का कारण? उ. दक्षिण-पूर्वी कोलफील्ड।
- प्र. IIDC की नोडल एजेंसी? उ. CSIDC।
- प्र. टेकनार IIDC किस जिले में है? उ. दंतेवाड़ा।
- प्र. बोरई किसके प्रभाव क्षेत्र में स्थापित है? उ. भिलाई इस्पात उद्योग।
अभ्यास प्रश्न
“छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (C.S.I.D.C.)” द्वारा प्रायोजित “एकीकृत अधोसंरचना विकास केन्द्र” किस स्थान में “नहीं” है ?
- (A) हरिनछपरा
- (B) बिरकोनी
- (C) नयनपुर
- (D) बोरई
“छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (C.S.I.D.C)” द्वारा प्रायोजित औद्योगिक विकास केन्द्र रायपुर जिले में किस स्थान पर “नहीं” हैं ?
- (A) सिलतरा
- (B) उरला
- (C) तिफरा
- (D) भनपुरी-रावाभाटा
‘उरला औद्योगिक विकास केन्द्र के बारे में कौन सा कथन असत्य है?
- (A) यह क्षेत्र में सर्वाधिक बड़ा है।
- (B) यह छत्तीसगढ़ का प्रथम औद्योगिक विकास केन्द्र है।
- (C) यहाँ एक ‘ड्राईपोर्ट’ की स्थापना की गयी है।
- (D) यहाँ उद्योगों की संख्या सर्वाधिक है।
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (D) - बोरई IIDC सूची में नहीं है (9 निर्मित IIDC में बिरकोनी, नयनपुर, हरिनछपरा आदि हैं); बोरई भिलाई इस्पात के प्रभाव क्षेत्र का औद्योगिक क्षेत्र है।
- (C) - तिफरा बिलासपुर जिले का औद्योगिक क्षेत्र है, रायपुर का नहीं।
- (A) - सिलतरा (1184.40 हे.) सबसे बड़ा है; उरला प्रथम केन्द्र (1990) है, जहाँ ड्राइपोर्ट है और उद्योग सर्वाधिक हैं।