बागवानी फसलें, समुदायिक फेंसिंग, एकीकृत बागवानी मिशन और ODOP
बागवानी (उद्यानिकी) में सब्जी, फल, मसाला, पुष्प तथा औषधि व सुगंधित फसलें आती हैं। छत्तीसगढ़ में इनका क्षेत्रफल और उत्पादन कितना है, कौन-सी फसल आगे है, कौन-सी योजनाएँ चलती हैं और किस जिले की कौन-सी पहचान (ODOP) है, यह CGPSC, व्यापम और पटवारी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है। आँकड़े 2023-24 के अनुमान पर आधारित हैं।
बागवानी फसलों की स्थिति (2023-24 अनुमानित)
| क्र. | फसल वर्ग | रकबा (हे.) | उत्पादन (मी.टन) | औसत उत्पादकता (मी.टन/हे.) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सब्जी | 4,87,309 | 66,51,002 | 13.91 |
| 2 | फल | 2,09,005 | 23,29,099 | 11.14 |
| 3 | मसाला | 62,592 | 4,30,365 | 6.88 |
| 4 | पुष्प | 13,182 | 1,69,684 | 12.87 |
| 5 | औषधि एवं सुगंधित फसल | 6,368 | 45,218 | 7.10 |
| योग | 7,78,456 | 96,25,368 | 10.38 |
कुल रकबा लगभग 7.78 लाख हेक्टेयर, कुल उत्पादन लगभग 96.25 (लाख) मी.टन तथा औसत उत्पादकता 10.38 मी.टन प्रति हेक्टेयर है। (मूल पाठ में उत्पादन को "96.25 मी. टन" कोष्ठक में लिखा है; तालिका के अंक 96,25,368 मी.टन हैं, अतः इकाई की छपाई में अंतर है।)
क्रम संबंधी तथ्य
- योगदान (उत्पादन) का क्रम: सब्जी > फल > मसाला > पुष्प > औषधि फसल।
- रकबे का क्रम भी वही: सब्जी > फल > मसाला > पुष्प > औषधि फसल।
- उत्पादकता का क्रम: सब्जी > पुष्प > फल > औषधि फसल > मसाला।
- बागवानी में चाय, फल, पुष्प, सब्जी, मसाला, औषधि आदि शामिल किए जाते हैं।
- कपास वाणिज्यिक फसल है, इसलिए इसे बागवानी फसल में नहीं गिना जाता।
- 136 उद्यान रोपणी तथा 2 सब्जी बीज उत्पादन सह प्रगुणन प्रक्षेत्र बने हैं: बाना (रायपुर) और राजपुर (दुर्ग)।
उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय
महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय का प्रारंभ 26 मार्च 2020 को हुआ; स्थान सांकरा-पाटन, जिला दुर्ग।
वानिकी/बागवानी उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र
| उत्पादन | क्षेत्र |
|---|---|
| चाय | जशपुर, चिल्फी घाटी |
| कॉफी | बस्तर |
| ड्रैगन फ्रूट्स | बस्तर, दुर्ग |
| लीची | जशपुर |
| मसाला रिसर्च सेंटर | रायगढ़ |
| रबर | बस्तर |
कृषि सहायक संस्थाओं की संख्या
| संस्था | संख्या |
|---|---|
| कृषि विज्ञान केन्द्र | 28 |
| कृषि सूचना केन्द्र | 360 |
| कृषि यंत्र सेवा केन्द्र | 3473 |
| कृषक क्लब (नवम्बर 2022) | 700 |
कम्युनिटी फेंसिंग योजना
- प्रारंभ: 2016-17; उद्देश्य: उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देना।
- उपलब्धि: वर्ष 2023-24 में 1651.81 हेक्टेयर का लक्ष्य तय हुआ; सितम्बर 2023 तक 1454.39 हेक्टेयर पूरा हुआ।
एकीकृत बागवानी मिशन कार्यक्रम
- प्रारंभ: 5 मई 2005, दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-07) के दौरान।
- शामिल जिले: 24 (33 जिलों के आधार पर जाँजगीर-चाँपा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा शामिल नहीं थे)।
कार्यक्रम के घटक:
- रोपण अधोसंरचना एवं विकास: हाईटेक नर्सरी, लघु नर्सरी, नर्सरी अवसंरचना का विकास, सब्जी एवं मसाला बीजों का उत्पादन।
- फलोद्यान विकास।
- सब्जी क्षेत्र विस्तार।
- पुष्प विकास योजना।
- मसाला, औषधि और सुगंधित फसल।
- सामुदायिक जल संसाधन स्रोतों का विकास।
- काजू क्षेत्र विस्तार।
2023-24 का लक्ष्य: सार्वजनिक क्षेत्र में 5 हाईटेक नर्सरी और निजी क्षेत्र में 1; तथा 5 लघु नर्सरी सार्वजनिक और 1 निजी क्षेत्र में।
प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने में योगदान: सिंचित क्षेत्र का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण में वृद्धि और उर्वरकों का उपयोग।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना
- विभाग: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार। देश के 728 जिले शामिल; छत्तीसगढ़ के 28 जिले।
- उद्देश्य: जिलों में मिलने वाले उत्पादों को बढ़ावा देना तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हेतु उत्पाद चिन्हित करना।
| संभाग | क्र. | जिला | ODOP उत्पाद |
|---|---|---|---|
| सरगुजा | 1 | बलरामपुर | मूँगफली |
| सरगुजा | 2 | जशपुर | चाय |
| सरगुजा | 3 | कोरिया | टमाटर |
| सरगुजा | 4 | सूरजपुर | हल्दी |
| सरगुजा | 5 | सरगुजा | लीची |
| बिलासपुर | 6 | बिलासपुर | मछली |
| बिलासपुर | 7 | गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही | सीताफल |
| बिलासपुर | 8 | जांजगीर-चांपा | चावल |
| बिलासपुर | 9 | कोरबा | महुआ (लघु वनोपज) |
| बिलासपुर | 10 | मुंगेली | टमाटर |
| बिलासपुर | 11 | रायगढ़ | टमाटर |
| रायपुर | 12 | रायपुर | जेम-जेली |
| रायपुर | 13 | धमतरी | चावल |
| रायपुर | 14 | महासमुंद | दूध |
| रायपुर | 15 | गरियाबंद | चिरौंजी (लघु वनोपज) |
| रायपुर | 16 | बलौदाबाजार | चावल |
| दुर्ग | 17 | दुर्ग | टमाटर |
| दुर्ग | 18 | बालोद | अदरक |
| दुर्ग | 19 | बेमेतरा | पपीता |
| दुर्ग | 20 | राजनांदगांव | चावल |
| दुर्ग | 21 | कबीरधाम | गुड़ |
| बस्तर | 22 | जगदलपुर | इमली (लघु वनोपज) |
| बस्तर | 23 | कांकेर | सीताफल |
| बस्तर | 24 | कोण्डागांव | काजू |
| बस्तर | 25 | नारायणपुर | हर्रा (लघु वनोपज) |
| बस्तर | 26 | सुकमा | कोदो-कुटकी |
| बस्तर | 27 | दंतेवाड़ा | आम |
| बस्तर | 28 | बीजापुर | महुआ (लघु वनोपज) |
तुलना एवं संबंध
| बिंदु | सब्जी | फल | मसाला | पुष्प | औषधि |
|---|---|---|---|---|---|
| रकबा (हे.) | 4,87,309 | 2,09,005 | 62,592 | 13,182 | 6,368 |
| उत्पादकता | 13.91 | 11.14 | 6.88 | 12.87 | 7.10 |
टमाटर ODOP में कोरिया, मुंगेली, रायगढ़ और दुर्ग चार जिलों में है; चावल जांजगीर-चांपा, धमतरी, बलौदाबाजार और राजनांदगांव में; महुआ कोरबा और बीजापुर में। सूची में 28 जिले हैं (वर्तमान में जिलों की संख्या इससे अधिक है)।
याद रखने योग्य बिंदु
- बागवानी का कुल रकबा 7,78,456 हे. और उत्पादन 96,25,368 मी.टन (2023-24)।
- सबसे अधिक योगदान और रकबा सब्जी का; उत्पादकता में भी सब्जी प्रथम, मसाला सबसे कम।
- कपास बागवानी में नहीं गिनी जाती।
- उद्यानिकी विश्वविद्यालय: सांकरा-पाटन (दुर्ग), 26 मार्च 2020।
- चाय और लीची: जशपुर; कॉफी और रबर: बस्तर; मसाला रिसर्च सेंटर: रायगढ़।
- कृषि विज्ञान केन्द्र 28, कृषि सूचना केन्द्र 360।
- एकीकृत बागवानी मिशन: 5 मई 2005, 24 जिले।
- कम्युनिटी फेंसिंग: 2016-17 से।
- ODOP में छत्तीसगढ़ के 28 जिले।
- दुर्ग का ODOP टमाटर, कबीरधाम का गुड़, बेमेतरा का पपीता।
स्मरण सूत्र
सब्जी-फल-मसाला-पुष्प-औषधि: "सब फल मसाले पर औषधि" (घटते क्रम में योगदान)। उत्पादकता में मसाला सबसे पीछे: "मसाला मंद"।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: बागवानी में सबसे अधिक रकबा किसका है? उत्तर: सब्जी।
- प्रश्न: कुल बागवानी उत्पादकता कितनी है? उत्तर: 10.38 मी.टन प्रति हेक्टेयर।
- प्रश्न: उद्यानिकी विश्वविद्यालय कहाँ है? उत्तर: सांकरा-पाटन, जिला दुर्ग।
- प्रश्न: एकीकृत बागवानी मिशन कब शुरू हुआ? उत्तर: 5 मई 2005।
- प्रश्न: जशपुर का ODOP उत्पाद क्या है? उत्तर: चाय।
- प्रश्न: कपास बागवानी में क्यों नहीं गिनी जाती? उत्तर: वह वाणिज्यिक फसल है।