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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 2): कृषि, वन, खनिज, उद्योग, परिवहन एवं जनसंख्या · Chapter 7
बागवानी फसलें एवं ODOP

बागवानी फसलें, समुदायिक फेंसिंग, एकीकृत बागवानी मिशन और ODOP

बागवानी (उद्यानिकी) में सब्जी, फल, मसाला, पुष्प तथा औषधि व सुगंधित फसलें आती हैं। छत्तीसगढ़ में इनका क्षेत्रफल और उत्पादन कितना है, कौन-सी फसल आगे है, कौन-सी योजनाएँ चलती हैं और किस जिले की कौन-सी पहचान (ODOP) है, यह CGPSC, व्यापम और पटवारी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है। आँकड़े 2023-24 के अनुमान पर आधारित हैं।

बागवानी फसलों की स्थिति (2023-24 अनुमानित)

क्र.फसल वर्गरकबा (हे.)उत्पादन (मी.टन)औसत उत्पादकता (मी.टन/हे.)
1सब्जी4,87,30966,51,00213.91
2फल2,09,00523,29,09911.14
3मसाला62,5924,30,3656.88
4पुष्प13,1821,69,68412.87
5औषधि एवं सुगंधित फसल6,36845,2187.10
योग7,78,45696,25,36810.38

कुल रकबा लगभग 7.78 लाख हेक्टेयर, कुल उत्पादन लगभग 96.25 (लाख) मी.टन तथा औसत उत्पादकता 10.38 मी.टन प्रति हेक्टेयर है। (मूल पाठ में उत्पादन को "96.25 मी. टन" कोष्ठक में लिखा है; तालिका के अंक 96,25,368 मी.टन हैं, अतः इकाई की छपाई में अंतर है।)

क्रम संबंधी तथ्य

  • योगदान (उत्पादन) का क्रम: सब्जी > फल > मसाला > पुष्प > औषधि फसल।
  • रकबे का क्रम भी वही: सब्जी > फल > मसाला > पुष्प > औषधि फसल।
  • उत्पादकता का क्रम: सब्जी > पुष्प > फल > औषधि फसल > मसाला।
  • बागवानी में चाय, फल, पुष्प, सब्जी, मसाला, औषधि आदि शामिल किए जाते हैं।
  • कपास वाणिज्यिक फसल है, इसलिए इसे बागवानी फसल में नहीं गिना जाता।
  • 136 उद्यान रोपणी तथा 2 सब्जी बीज उत्पादन सह प्रगुणन प्रक्षेत्र बने हैं: बाना (रायपुर) और राजपुर (दुर्ग)।

उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय

महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय का प्रारंभ 26 मार्च 2020 को हुआ; स्थान सांकरा-पाटन, जिला दुर्ग।

वानिकी/बागवानी उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र

उत्पादनक्षेत्र
चायजशपुर, चिल्फी घाटी
कॉफीबस्तर
ड्रैगन फ्रूट्सबस्तर, दुर्ग
लीचीजशपुर
मसाला रिसर्च सेंटररायगढ़
रबरबस्तर

कृषि सहायक संस्थाओं की संख्या

संस्थासंख्या
कृषि विज्ञान केन्द्र28
कृषि सूचना केन्द्र360
कृषि यंत्र सेवा केन्द्र3473
कृषक क्लब (नवम्बर 2022)700

कम्युनिटी फेंसिंग योजना

  • प्रारंभ: 2016-17; उद्देश्य: उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देना।
  • उपलब्धि: वर्ष 2023-24 में 1651.81 हेक्टेयर का लक्ष्य तय हुआ; सितम्बर 2023 तक 1454.39 हेक्टेयर पूरा हुआ।

एकीकृत बागवानी मिशन कार्यक्रम

  • प्रारंभ: 5 मई 2005, दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-07) के दौरान।
  • शामिल जिले: 24 (33 जिलों के आधार पर जाँजगीर-चाँपा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा शामिल नहीं थे)।

कार्यक्रम के घटक:

  1. रोपण अधोसंरचना एवं विकास: हाईटेक नर्सरी, लघु नर्सरी, नर्सरी अवसंरचना का विकास, सब्जी एवं मसाला बीजों का उत्पादन।
  2. फलोद्यान विकास।
  3. सब्जी क्षेत्र विस्तार।
  4. पुष्प विकास योजना।
  5. मसाला, औषधि और सुगंधित फसल।
  6. सामुदायिक जल संसाधन स्रोतों का विकास।
  7. काजू क्षेत्र विस्तार।

2023-24 का लक्ष्य: सार्वजनिक क्षेत्र में 5 हाईटेक नर्सरी और निजी क्षेत्र में 1; तथा 5 लघु नर्सरी सार्वजनिक और 1 निजी क्षेत्र में।

प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने में योगदान: सिंचित क्षेत्र का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण में वृद्धि और उर्वरकों का उपयोग।

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना

  • विभाग: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार। देश के 728 जिले शामिल; छत्तीसगढ़ के 28 जिले।
  • उद्देश्य: जिलों में मिलने वाले उत्पादों को बढ़ावा देना तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हेतु उत्पाद चिन्हित करना।
संभागक्र.जिलाODOP उत्पाद
सरगुजा1बलरामपुरमूँगफली
सरगुजा2जशपुरचाय
सरगुजा3कोरियाटमाटर
सरगुजा4सूरजपुरहल्दी
सरगुजा5सरगुजालीची
बिलासपुर6बिलासपुरमछली
बिलासपुर7गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाहीसीताफल
बिलासपुर8जांजगीर-चांपाचावल
बिलासपुर9कोरबामहुआ (लघु वनोपज)
बिलासपुर10मुंगेलीटमाटर
बिलासपुर11रायगढ़टमाटर
रायपुर12रायपुरजेम-जेली
रायपुर13धमतरीचावल
रायपुर14महासमुंददूध
रायपुर15गरियाबंदचिरौंजी (लघु वनोपज)
रायपुर16बलौदाबाजारचावल
दुर्ग17दुर्गटमाटर
दुर्ग18बालोदअदरक
दुर्ग19बेमेतरापपीता
दुर्ग20राजनांदगांवचावल
दुर्ग21कबीरधामगुड़
बस्तर22जगदलपुरइमली (लघु वनोपज)
बस्तर23कांकेरसीताफल
बस्तर24कोण्डागांवकाजू
बस्तर25नारायणपुरहर्रा (लघु वनोपज)
बस्तर26सुकमाकोदो-कुटकी
बस्तर27दंतेवाड़ाआम
बस्तर28बीजापुरमहुआ (लघु वनोपज)

तुलना एवं संबंध

बिंदुसब्जीफलमसालापुष्पऔषधि
रकबा (हे.)4,87,3092,09,00562,59213,1826,368
उत्पादकता13.9111.146.8812.877.10

टमाटर ODOP में कोरिया, मुंगेली, रायगढ़ और दुर्ग चार जिलों में है; चावल जांजगीर-चांपा, धमतरी, बलौदाबाजार और राजनांदगांव में; महुआ कोरबा और बीजापुर में। सूची में 28 जिले हैं (वर्तमान में जिलों की संख्या इससे अधिक है)।

याद रखने योग्य बिंदु

  • बागवानी का कुल रकबा 7,78,456 हे. और उत्पादन 96,25,368 मी.टन (2023-24)।
  • सबसे अधिक योगदान और रकबा सब्जी का; उत्पादकता में भी सब्जी प्रथम, मसाला सबसे कम।
  • कपास बागवानी में नहीं गिनी जाती।
  • उद्यानिकी विश्वविद्यालय: सांकरा-पाटन (दुर्ग), 26 मार्च 2020।
  • चाय और लीची: जशपुर; कॉफी और रबर: बस्तर; मसाला रिसर्च सेंटर: रायगढ़।
  • कृषि विज्ञान केन्द्र 28, कृषि सूचना केन्द्र 360।
  • एकीकृत बागवानी मिशन: 5 मई 2005, 24 जिले।
  • कम्युनिटी फेंसिंग: 2016-17 से।
  • ODOP में छत्तीसगढ़ के 28 जिले।
  • दुर्ग का ODOP टमाटर, कबीरधाम का गुड़, बेमेतरा का पपीता।

स्मरण सूत्र

सब्जी-फल-मसाला-पुष्प-औषधि: "सब फल मसाले पर औषधि" (घटते क्रम में योगदान)। उत्पादकता में मसाला सबसे पीछे: "मसाला मंद"।

स्वयं जाँचें

  1. प्रश्न: बागवानी में सबसे अधिक रकबा किसका है? उत्तर: सब्जी।
  2. प्रश्न: कुल बागवानी उत्पादकता कितनी है? उत्तर: 10.38 मी.टन प्रति हेक्टेयर।
  3. प्रश्न: उद्यानिकी विश्वविद्यालय कहाँ है? उत्तर: सांकरा-पाटन, जिला दुर्ग।
  4. प्रश्न: एकीकृत बागवानी मिशन कब शुरू हुआ? उत्तर: 5 मई 2005।
  5. प्रश्न: जशपुर का ODOP उत्पाद क्या है? उत्तर: चाय।
  6. प्रश्न: कपास बागवानी में क्यों नहीं गिनी जाती? उत्तर: वह वाणिज्यिक फसल है।
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