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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 2): कृषि, वन, खनिज, उद्योग, परिवहन एवं जनसंख्या · Chapter 33
छत्तीसगढ़ में उद्योगों का विकास क्रम एवं लौह-इस्पात उद्योग

छत्तीसगढ़ में उद्योगों का विकास क्रम एवं लौह-आधारित उद्योग

राज्य के उद्योग एक साथ नहीं, अलग-अलग दशकों में जुड़ते गए। पहले कपड़ा और रेल, फिर इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम, कोयला और बिजली। परीक्षा में "कौन-सा उद्योग कब और कहाँ" तथा "किसके सहयोग से" जैसे प्रश्न बार-बार आते हैं। इस अध्याय में पूरा कालक्रम और लौह-इस्पात उद्योग समझाया गया है।

उद्योग विकास क्रम (वर्षवार तालिका)

वर्षउद्योगस्थानविशेष
1890-92सी.पी. मिल (1897 से बंगाल-नागपुर कॉटन मिल)राजनांदगाँवराज्य का पहला उद्योग
1900बिलासपुर रेल मंडलबिलासपुरकलकत्ता रेलवे के अधीन
1902माचिस उद्योगकोटा (बिलासपुर)-
1935मोहन जूट मिलरायगढ़राज्य की एकमात्र जूट मिल
1955भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP)भिलाईउत्पादन 1959 से
1965एसोसिएट सीमेंट कंपनी (ACC)जामुल (दुर्ग)प्रदेश का पहला सीमेंट संयंत्र
1965भारत एल्युमीनियम कंपनी (BALCO)कोरबा-
1966वैगन रिपेयर शॉप (WRS)रायपुरउत्पादन 1968 से
1968राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC)किरंदुल (दंतेवाड़ा)पहली खान
1980NMDCबचेली (दंतेवाड़ा)दूसरी खान
1978राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC)कोरबाप्रदेश का पहला केंद्रीय ताप विद्युत संयंत्र
1978भारत रिफ्रैक्ट्रीज उद्योगभिलाई-
1979फेरोस्क्रैप कॉर्पोरेट लिमिटेड (FSNL)भिलाई-
1985साउथ-ईस्टर्न कोलफील्ड्स (SECL)बिलासपुरउत्पादन 1987 से
1988जिंदल स्टील पॉवर (JSPL)रायगढ़एशिया का सबसे बड़ा स्पंज आयरन प्लांट
2000मोनेट इस्पात संयंत्रकुरूभांठा (रायगढ़)-
2002मोनेट इस्पात संयंत्ररायपुर-
2002NTPCबिलासपुर-
2003दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे जोन (SECR)बिलासपुर16वाँ क्रम
2007श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृहकोरबा पूर्व500 MW = 250 MW x 2 यूनिट
2014NTPCलारा, पुसौर (रायगढ़)देश का दूसरा बड़ा ताप विद्युत संयंत्र

नक्शे में किरंदुल (1968), बचेली (1980) के साथ बैलाडीला (1988) भी NMDC के नाम से दिखाया गया है; तालिका में बैलाडीला की पंक्ति नहीं है। नक्शे में BALCO के साथ NTPC-1978 और श्यामाप्रसाद मुखर्जी ताप गृह-2007 कोरबा के समूह में हैं।

विदेशी सहयोग

उद्योगसहयोग
भिलाई इस्पात संयंत्र (दुर्ग)पूर्व सोवियत संघ (रूस)
BALCO (कोरबा)रूस एवं हंगरी
भारत रिफ्रैक्ट्रीज, भिलाई (दुर्ग)जापान
फेरोस्क्रैप कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भिलाई (दुर्ग)संयुक्त राज्य अमेरिका (हर्स्को कॉर्पोरेशन)

भिलाई इस्पात संयंत्र (भिलाई, दुर्ग)

  • स्थापना 1955, दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-1961) के काल में; उत्पादन 1959 में शुरू, तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उद्घाटन किया।
  • रूस के सहयोग से बना; रूस-भारत मित्रता के प्रतीक रूप में भिलाई में मैत्रीबाग बनाया गया।
  • सेल (SAIL) का उपक्रम, सार्वजनिक क्षेत्र (PSU)। मूल पाठ के अनुसार भारत के कुल स्टील उत्पादन का 15% छत्तीसगढ़ में होता है।
  • अयस्क क्षेत्र: इसके अधीन दल्लीराजहरा लौह अयस्क खदान संचालित है।

भिलाई संयंत्र का कच्चा माल

कच्चा मालस्रोत
लौह अयस्करावघाट (कांकेर); पहले दल्लीराजहरा (बालोद) से आता था
कोयलाकोरबा
पानीपं. रविशंकर जलाशय (धमतरी), तांदुला बाँध (बालोद)
डोलोमाइटहिर्री माइंस (बिलासपुर)
मैंगनीजमलाजखण्ड, बालाघाट (म.प्र.)
चूनानंदिनी खुंदिनी (दुर्ग)
विद्युतN.S. Power Co. Bhilai, NTPC व SAIL का संयुक्त उपक्रम, 574 MW, भिलाई इस्पात संयंत्र परिसर में

राज्य के प्रमुख लौह-इस्पात संयंत्र

संयंत्रस्थान
जिंदल स्टील पॉवररायगढ़ (एशिया का सबसे बड़ा स्पंज आयरन संयंत्र)
JSW इस्पात स्पेशल प्रोडक्ट लि. (पूर्व नाम मोनेट इस्पात)कुरूभांठा, भूपदेवपुर (रायगढ़)
मोनेट इस्पात संयंत्रमंदिरहसौद (रायपुर)
एन.एस. पॉवर कंपनी लि.भिलाई (दुर्ग)
एच.ई.जी. लिमिटेडबोरई (दुर्ग)
प्रकाश स्पंज आयरनचांपा (जांजगीर-चांपा)
नोवा स्पंज एण्ड आयरन उद्योगदगोरी (बिलासपुर)
नगरनार इस्पात संयंत्रबस्तर; स्वामित्व NMDC; 2008 से निर्माणाधीन; 7 जुलाई 2023 को प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन
एस्सार इस्पात संयंत्रहीरानार (बस्तर)
रजिन्दर इस्पात संयंत्रसिलतरा (रायपुर)
निको इस्पात संयंत्रसिलतरा (रायपुर)
नकोड़ा इस्पात लिमिटेडसिलतरा (रायपुर)
रायपुर एलायज एण्ड स्टील कंपनीसिलतरा (रायपुर)

ध्यान दें: तालिका में मोनेट का नाम दो जगह है। रायगढ़ जिले के कुरूभांठा वाले संयंत्र का पूर्व नाम मोनेट बताया गया है और मंदिरहसौद (रायपुर) पर अलग से मोनेट इस्पात संयंत्र लिखा है।

तुलना एवं संबंध

संयंत्रसहयोग/स्वामित्वस्थान
भिलाईरूस / SAILदुर्ग
नगरनारNMDCबस्तर
जिंदलनिजी क्षेत्र (JSPL)रायगढ़

कारण से परिणाम: लौह अयस्क (दल्लीराजहरा/रावघाट) + कोरबा का कोयला + धमतरी/बालोद का पानी = भिलाई में इस्पात संयंत्र।

याद रखने योग्य बिंदु

  • सबसे पुराना उद्योग: सी.पी. मिल, राजनांदगाँव (1890-92)।
  • भिलाई: 1955 स्थापना, 1959 उत्पादन।
  • भिलाई रूस के सहयोग से; मैत्रीबाग उसका प्रतीक।
  • भिलाई में 574 MW का N.S. Power Co. संयंत्र है।
  • एशिया का सबसे बड़ा स्पंज आयरन प्लांट: जिंदल, रायगढ़ (1988)।
  • राज्य की एकमात्र जूट मिल: मोहन जूट मिल, रायगढ़ (1935)।
  • पहला सीमेंट संयंत्र: ACC जामुल (1965)।
  • पहला केंद्रीय ताप विद्युत संयंत्र: NTPC कोरबा (1978)।
  • फेरोस्क्रैप निगम को अमेरिका का सहयोग; भारत रिफ्रैक्ट्रीज को जापान का।
  • सिलतरा (रायपुर) में चार इस्पात इकाइयाँ हैं।

स्मरण सूत्र

  • "राजनांदगाँव पहले, रायगढ़ में जूट, भिलाई में लोहा, कोरबा में बिजली।"
  • रूस-भिलाई, रूस+हंगरी-बाल्को, जापान-रिफ्रैक्ट्रीज, अमेरिका-फेरोस्क्रैप: रू-भि, रू-हं-बा, जा-रि, अ-फे।

स्वयं जाँचें

  • प्र. पहला उद्योग कौन-सा? उ. सी.पी. मिल, राजनांदगाँव।
  • प्र. भिलाई में उत्पादन कब शुरू? उ. 1959।
  • प्र. भिलाई के लिए अयस्क अब कहाँ से? उ. रावघाट (कांकेर)।
  • प्र. नगरनार संयंत्र किसके स्वामित्व में? उ. NMDC।
  • प्र. डोलोमाइट कहाँ से? उ. हिर्री माइंस, बिलासपुर।
  • प्र. फेरोस्क्रैप को किसका सहयोग? उ. अमेरिका (हर्स्को)।

अभ्यास प्रश्न

  1. छत्तीसगढ़ में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की स्थापना किस प्रमुख विश्व शक्ति के सहयोग से हुई थी ?

    • (A) संयुक्त राज्य अमेरिका
    • (B) सोवियत संघ
    • (C) जर्मनी
    • (D) ग्रेट ब्रिटेन
  2. राज्य की एकमात्र जूट मिल कहाँ स्थापित की गई है?

    • (A) रायगढ़
    • (B) रायपुर
    • (C) बिलासपुर
    • (D) महासमुन्द
  3. एनएमडीसी द्वारा हाल ही में किस स्थान में लौह इस्पात संयंत्र की स्थापना निर्माणाधीन है

    • (A) तोकापाल
    • (B) नगरनार
    • (C) दल्लीराजहरा
    • (D) रामगढ़
  4. दल्ली- राजहरा लौह अयस्क क्षेत्रों का मालिक कौन है?

    • (A) आरएमएमएल-एमएसपीएल
    • (B) सेल
    • (C) राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, लिमिटेड (एनएमडीसी)
    • (D) भिलाई इस्पात संयंत्र

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (B) - भिलाई इस्पात संयंत्र रूस (पूर्व सोवियत संघ) के सहयोग से बना।
  2. (A) - मोहन जूट मिल (1935), रायगढ़ राज्य की एकमात्र जूट मिल है।
  3. (B) - नगरनार इस्पात संयंत्र (बस्तर) NMDC के स्वामित्व में निर्माणाधीन रहा।
  4. (D) - दल्लीराजहरा लौह अयस्क खदान भिलाई इस्पात संयंत्र के अधीन संचालित है।
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