रॉयल्टी, खनिज कंपनियाँ, जिला खनिज न्यास और खनिजों की चट्टानें
यह अध्याय खनिजों पर रॉयल्टी की दरें, खनन करने वाली संस्थाएँ (NMDC, SECL, CMDC), संयुक्त उपक्रम तथा जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) को समझाता है। साथ ही किस खनिज की मातृ चट्टान कौन सी है, यह भी बताता है। ये तथ्य सीधे-सीधे याद करने वाले हैं और परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं।
मुख्य खनिजों की रॉयल्टी दर (रु. प्रति टन)
| खनिज | 2013-14 | 2014-15 |
|---|---|---|
| लौह अयस्क | 300.00 | 450.00 |
| कोयला | 145.00 | 145.00 |
| बॉक्साइट | 130.00 | 140.00 |
| लाइमस्टोन | 63.00 | 80.00 |
| डोलोमाइट | 63.00 | 75.00 |
- सर्वाधिक रॉयल्टी दर वाला मुख्य खनिज लौह अयस्क है।
- 2014-15 में लौह अयस्क की रॉयल्टी दर में 50 प्रतिशत वृद्धि हुई (300 से 450)।
- गौण खनिजों में सर्वाधिक रॉयल्टी दर ग्रेनाइट (काला रंग) की है: 2000 रु. प्रति घन मीटर।
NMDC (राष्ट्रीय खनिज विकास निगम)
- कार्य: छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क का उत्पादन।
- दर्जा: भारत सरकार की नवरत्न कंपनी।
- खनन की शुरुआत: 1968 में किरंदुल में पहली इकाई; दंतेवाड़ा का बैलाडीला विश्वस्तरीय निक्षेप है।
- यहाँ का लौह अयस्क विशाखापट्टनम बंदरगाह से जापान को निर्यात होता है।
- उप-मुख्यालय दंतेवाड़ा; मुख्यालय हैदराबाद।
SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड)
- स्थापना 1985 (उत्पादन 1987)।
- मुख्यालय बिलासपुर; उपमुख्यालय विश्रामपुर, सूरजपुर।
- कार्य: छत्तीसगढ़ में कोयले का उत्पादन।
- दर्जा: मिनीरत्न कंपनी।
CMDC (छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम)
- स्थापना 7 जून 2001; मुख्यालय रायपुर।
- उद्देश्य: खनिजों का दोहन कर विकास को बढ़ावा देना; खनिज आधारित उद्योग की स्थापना में मध्यस्थता।
- अंशपूँजी 5 करोड़ रु., राज्य सरकार का 100% निवेश वाला उपक्रम।
- संचालित परियोजनाएँ: 7।
| क्र. | परियोजना | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | टिन परियोजना | - |
| 2 | कोरण्डम परियोजना | - |
| 3 | बॉक्साइट परियोजना | - |
| 4 | कोल परियोजना | CMDC और एम.पी. स्टेट माइनिंग कार्पोरेशन की संयुक्त कंपनी केरवा कोल लिमिटेड (KCL) को केरवा कोल ब्लॉक आबंटित |
| 5 | लौह अयस्क परियोजना | मुख्यतः आरीडोंगरी लौह अयस्क परियोजना; NMDC-CMDC लि. (NCL) के पक्ष में बैलाडीला निक्षेप क्रमांक-13 स्वीकृत |
| 6 | डोलोमाइट खनिज परियोजना | ग्राम छीतापड़रिया, तहसील जैजैपुर (सक्ती) |
| 7 | डायमंड परियोजना | NMDC-CMDC (NCL) के माध्यम से महासमुंद जिले की सराईपाली तहसील और बलौदा-बेलमुण्डी डायमंड ब्लॉक |
संयुक्त उपक्रम
| उपक्रम | गठन | किनके द्वारा | प्रस्ताव |
|---|---|---|---|
| बस्तर रेलवे प्राइवेट लिमिटेड (BRPL) | 5 मई 2016 | CMDC + NMDC + सेल + इरकॉन | 140 कि.मी. रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन दो चरणों में: रावघाट-कोण्डागाँव (68.51 कि.मी.) और कोण्डागाँव-जगदलपुर (71.49 कि.मी.) |
| छ.ग. कॉपर लिमिटेड (CCL) | 21 मई 2018 | CMDC + हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड | कॉपर की खोज हेतु हिदर तथा बोदल क्षेत्र जे.वी. कंपनी के नाम आरक्षित करने का प्रस्ताव भारत सरकार के खान मंत्रालय को भेजा गया |
खनिज और मातृ चट्टान
| खनिज | प्राप्ति की चट्टान |
|---|---|
| कोयला | गोंडवाना क्रम |
| लोहा | धारवाड़ शैल क्रम |
| हीरा | किम्बरलाइट |
| चूना, डोलोमाइट | कड़प्पा शैल समूह |
| बॉक्साइट | दक्कन ट्रैप |
| टिन | कैसेटेराइट अयस्क |
| मैंगनीज | धारवाड़ युग की चट्टान |
जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अधिनियम | जिला खनिज न्यास संस्थान अधिनियम-2015 |
| अधिसूचित | 22 दिसंबर 2015 |
| लागू | 12 जनवरी 2015 (भूतलक्षी प्रभाव से) |
| गठन | 33 जिलों में |
| अध्यक्ष | जिला कलेक्टर (पदेन) |
| सदस्य | संबंधित जिले के लोकसभा सदस्य; राज्यसभा सदस्य (अपनी पसंद के एक जिले में) |
| लाभांश क्षेत्र (8) | सुपोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, जीविकोपार्जन, ऊर्जा एवं जल विभाजक विकास, वृद्धजन एवं निःशक्तजन |
- मार्च 2018 तक DMF के अंतर्गत 56 ग्रामों को आदर्श ग्राम चिह्नित किया गया।
- DMF की राशि का 30% उस क्षेत्र के विकास के लिए और 10% उस खदान के विकास के लिए दिया जाता है।
- राज्य में खनिज विकास निधि का प्रारंभ 25 सितंबर 2003 को हुआ।
मूल पाठ में विसंगति: DMF को अधिसूचित करने की तिथि (22 दिसंबर 2015) लागू होने की तिथि (12 जनवरी 2015) से बाद की है; मूल पाठ इसे भूतलक्षी प्रभाव बताती है।
तुलना एवं संबंध
| संस्था | खनिज | मुख्यालय | विशेष |
|---|---|---|---|
| NMDC | लौह अयस्क | हैदराबाद (उप-मु. दंतेवाड़ा) | नवरत्न |
| SECL | कोयला | बिलासपुर | मिनीरत्न |
| CMDC | टिन, बॉक्साइट, डोलोमाइट आदि | रायपुर | राज्य का 100% उपक्रम |
याद रखने योग्य बिंदु
- लौह अयस्क सबसे अधिक रॉयल्टी वाला मुख्य खनिज।
- लौह रॉयल्टी 300 से 450 रु. (50% वृद्धि)।
- ग्रेनाइट गौण खनिजों में सर्वाधिक रॉयल्टी: 2000 रु. प्रति घन मीटर।
- NMDC नवरत्न, SECL मिनीरत्न।
- SECL स्थापना 1985; CMDC स्थापना 7 जून 2001।
- CMDC की 7 परियोजनाएँ; अंशपूँजी 5 करोड़।
- BRPL 5 मई 2016; रेल लाइन 140 कि.मी. (68.51 + 71.49)।
- छ.ग. कॉपर लिमिटेड 21 मई 2018।
- DMF 33 जिलों में; अध्यक्ष कलेक्टर; 8 लाभांश क्षेत्र।
- खनिज विकास निधि: 25 सितंबर 2003।
स्मरण सूत्र
"नव-नौ, मिनी-सेकल": NMDC नवरत्न, SECL मिनीरत्न। "लौह-कोयला-बॉक्साइट-चूना-डोलो" = रॉयल्टी का घटता क्रम।
स्वयं जाँचें
- प्र. सबसे अधिक रॉयल्टी वाला मुख्य खनिज? उ. लौह अयस्क।
- प्र. CMDC की स्थापना कब हुई? उ. 7 जून 2001।
- प्र. कोयला उत्पादन करने वाली कंपनी कौन है? उ. SECL।
- प्र. बैलाडीला का लौह अयस्क किस बंदरगाह से किस देश को जाता है? उ. विशाखापट्टनम से जापान।
- प्र. DMF का पदेन अध्यक्ष कौन? उ. जिला कलेक्टर।
- प्र. हीरा किस चट्टान में मिलता है? उ. किम्बरलाइट।
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