छत्तीसगढ़ में कृषि: परिचय, ऋण व्यवस्था और आर्थिक योगदान
इस अध्याय में राज्य की कृषि की सामान्य विशेषताएँ, कृषि अनुसंधान केन्द्र, शून्य ब्याज कृषि ऋण, बीज निगम, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में कृषि का हिस्सा और कृषि कर्मण पुरस्कार आते हैं। ये तथ्य-आधारित हैं और सीधे पूछे जाते हैं।
सामान्य परिचय
- राज्य के 40.10 लाख कृषक परिवारों में से 82% परिवार लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं।
- लगभग 80% जनसंख्या कृषि एवं कृषि-आधारित उद्योग-धंधों पर आश्रित है; अधिकतम जनभार कृषि पर है।
- कृषि आजीविका-प्रधान है और उसमें खाद्यान्नों की प्रधानता है।
- कृषि भूमि छोटे-छोटे खेतों में बँटी है।
- मैदानी भाग सर्वाधिक उपजाऊ क्षेत्र है।
- कृषि सामान्यतः मानसून पर निर्भर है; खरीफ और रबी दोनों फसलें होती हैं।
- छत्तीसगढ़ को भारत में 'धान का कटोरा' कहा जाता है; कारण भौगोलिक स्थिति बताई गई है।
सांख्यिकी परिचय
- नवम्बर 2022 तक 700 कृषक क्लब कार्यरत।
- अब तक 3473 कृषि यंत्र सेवा केन्द्र स्थापित।
- एशिया की सबसे बड़ी इमली मण्डी: जगदलपुर (बस्तर)।
- कृषि मशीनरी परीक्षण प्रयोगशाला: रायपुर।
| राज्य की प्रमुख फसलें | सर्वाधिक उत्पादन | सर्वाधिक क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| खाद्यान्न | धान | धान |
| दलहन | चना | चना |
| तिलहन | मूँगफली | राई-सरसों |
राजकीय कृषि अनुसंधान केन्द्र एवं विशेष स्थान
| केन्द्र/विशेषता | स्थान |
|---|---|
| कोसा अनुसंधान केन्द्र | बस्तर |
| काजू अनुसंधान केन्द्र | बस्तर |
| कृषि अनुसंधान केन्द्र | रायपुर |
| चावल अनुसंधान केन्द्र | लाभांडी (रायपुर); 1903 में स्थापित, प्रदेश का सबसे पुराना रिसर्च केन्द्र, बाद में कृषि अनुसंधान केन्द्र में बदला |
| चाय का संवर्धन | जशपुर |
| टमाटो रिसर्च सेन्टर | मैनपाट |
| टमाटर की राजधानी | लुड़ेग (जशपुर) |
| कोसा संबंधित जिले | रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बस्तर, बिलासपुर, सक्ती |
| इमली मण्डी | जगदलपुर |
शून्य ब्याज पर कृषि ऋण (फसल ऋण)
- प्रारंभ: 2014-15; उपनाम: फसल ऋण।
- आशय: सहकारी समितियों/बैंकों के माध्यम से किसानों को बिना ब्याज अल्पकालीन फसली ऋण।
- योजना में लाख एवं मछली उत्पादन करने वाले कृषक भी शामिल हैं।
- मधुमक्खी पालन एवं रेशम कीट उत्पादन को कृषि का दर्जा देने की घोषणा हुई है।
| ऋण का प्रकार | लागू होने की तिथि | अधिकतम सीमा |
|---|---|---|
| कृषि ऋण | 1 अप्रैल 2014 | रु. 5 लाख |
| उद्यानिकी कार्य | 1 अप्रैल 2014 | रु. 3 लाख |
| लाख उत्पादन | 1 जुलाई 2021 | रु. 2 लाख |
| मत्स्य पालन | 1 अक्टूबर 2021 | रु. 3 लाख |
गो-पालन हेतु अल्पकालीन ऋण
लागू: 1 अप्रैल 2014। ब्याज दर: 2 लाख रु. तक के लिए 1 प्रतिशत; 2 लाख से अधिक और 3 लाख तक के लिए 3 प्रतिशत।
राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड
स्थापना 1 अगस्त 2005। उद्देश्य: कृषि विभाग की माँग के अनुसार प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना; कृषक प्रक्षेत्रों पर उन्नत प्रजाति के बीज उत्पादित करना; कृषि यांत्रिकीकरण को प्रोत्साहन देना; तथा विभिन्न योजनाओं का संचालन।
कृषि शाखा और ऋण अवधि
| ऋण प्रकार | अवधि |
|---|---|
| अल्पकालीन | 15 माह से कम |
| मध्यकालीन | 15 माह से 5 वर्ष |
| दीर्घकालीन | 5 वर्ष से अधिक |
GSDP में कृषि का योगदान (स्थिर भाव 2011-12)
| वर्ष | 2018-19 | 2019-20 | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| भागीदारी (लाख रु.) | 2279945 | 2323058 | 2421613 | 2454833 | 2557944 | 2612897 |
| वृद्धि (%) | 14.31 | 1.89 | 4.24 | 1.37 | 4.20 | 2.15 |
| हिस्सा (%) | 10.23 | 9.87 | 10.18 | 9.23 | 8.95 | 8.64 |
मूल पाठ के अनुसार 2021-22 में कृषि की वृद्धि दर न्यूनतम (1.37%) और 2018-19 में सर्वाधिक (14.31%) रही।
| उद्योग समूह | 2018-19 | 2019-20 | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| फसलें | 10.23 | 9.87 | 10.18 | 9.23 | 8.95 | 8.64 |
| पशुपालन | 1.71 | 1.77 | 1.75 | 1.67 | 1.62 | 1.62 |
| वनोद्योग तथा लट्ठे बनाना | 3.02 | 3.18 | 3.37 | 3.11 | 3.00 | 2.88 |
| मछली उद्योग | 2.05 | 2.14 | 2.27 | 2.08 | 2.14 | 2.17 |
| खनन तथा उत्खनन | 11.38 | 10.54 | 10.72 | 10.00 | 10.37 | 10.52 |
| योग (प्राथमिक क्षेत्र) | 28.40 | 27.50 | 28.28 | 26.08 | 26.08 | 25.83 |
| कृषि (फसल+पशु+वन+मछली) | 17.01 | 16.95 | 17.57 | 16.08 | 15.71 | 15.32 |
कृषि क्षेत्र बनाम प्राथमिक क्षेत्र
| कृषि क्षेत्र | प्राथमिक क्षेत्र |
|---|---|
| कृषि फसलें, पशुपालन, मछलीपालन, वानिकी | कृषि फसलें, पशुपालन, मछलीपालन, वानिकी, खनन तथा उत्खनन |
खनन एवं उत्खनन प्राथमिक क्षेत्र में आता है, कृषि क्षेत्र में नहीं और द्वितीयक क्षेत्र में भी नहीं (उत्तरमाला के अनुसार)। द्वितीयक क्षेत्र में विनिर्माण, विद्युत-गैस-जल आपूर्ति और निर्माण आते हैं।
कृषि कर्मण पुरस्कार
भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा, कृषि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से रिकॉर्ड उत्पादन के लिए। राशि 5 करोड़ रु. (पूर्व में 2 करोड़)।
| वर्ष | क्षेत्र |
|---|---|
| 2010-11 | धान |
| 2012-13 | धान |
| 2013-14 | धान |
| 2014-15 | दलहन |
| 2016-17 | खाद्यान्न |
खाद्यान्न (2016-17) का पुरस्कार जनवरी 2020 में दिया गया। 2017 में उद्यानिकी के लिए एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड मिला।
तुलना एवं संबंध
GSDP में फसलों का हिस्सा 2018-19 के 10.23% से घटकर 2023-24 में 8.64% रह गया, जबकि खनन का हिस्सा 10.52% पर है; यानी खनन और फसलें लगभग बराबर पर खनन थोड़ा आगे। कृषि (कुल) का हिस्सा 17.01% से 15.32% तक गिरा।
याद रखने योग्य बिंदु
- 82% कृषक परिवार लघु एवं सीमांत; कुल 40.10 लाख परिवार।
- कोसा और काजू अनुसंधान केन्द्र बस्तर में।
- चाय: जशपुर; टमाटर राजधानी: लुड़ेग (जशपुर); टमाटो रिसर्च: मैनपाट।
- एशिया की सबसे बड़ी इमली मण्डी: जगदलपुर।
- शून्य ब्याज कृषि ऋण 2014-15; कृषि ऋण सीमा 5 लाख।
- लाख उत्पादन ऋण 1 जुलाई 2021 (2 लाख); मत्स्य 1 अक्टूबर 2021 (3 लाख)।
- गो-पालन ऋण: 2 लाख तक 1%; 2-3 लाख 3%।
- कृषि कर्मण पुरस्कार: धान 2010-11, 2012-13, 2013-14; दलहन 2014-15; खाद्यान्न 2016-17।
- पुरस्कार राशि 5 करोड़ (पहले 2 करोड़)।
- GSDP में कृषि वृद्धि: सर्वाधिक 2018-19, न्यूनतम 2021-22।
स्मरण सूत्र
- 'कोसा-काजू बस्तर, चाय जशपुर' से स्थान याद रखें।
- कर्मण क्रम: 'धान धान धान, दाल, दाना' (2010-11, 12-13, 13-14, 14-15, 16-17)।
स्वयं जाँचें
- प्र. कृषि कर्मण पुरस्कार की राशि? उ. 5 करोड़ रु.
- प्र. शून्य ब्याज पर कृषि ऋण की सीमा? उ. 5 लाख रु.
- प्र. टमाटर की राजधानी? उ. लुड़ेग (जशपुर)
- प्र. मछली पालन ऋण कब से लागू? उ. 1 अक्टूबर 2021
- प्र. किस वर्ष कृषि की वृद्धि दर सबसे कम? उ. 2021-22
- प्र. खनन किस क्षेत्र में गिना जाता है? उ. प्राथमिक क्षेत्र
अभ्यास प्रश्न
वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य को किस फसल के लिए 'कृषि कर्मण पुरस्कार' दिया गया?
- (A) धान
- (B) मक्का
- (C) खाद्यान्न
- (D) उद्यानिकी
छत्तीसगढ़ में शून्य ब्याज पर कृषि ऋण किसानों को किस वर्ष से दिया जा रहा है ?
- (A) वर्ष 2013-14
- (B) वर्ष 2012-13
- (C) वर्ष 2011-12
- (D) वर्ष 2014-15
वर्ष 2010-11 में भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को किस उपलब्धि के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया? (cgpsc 2015)
- (A) अलग से कृषि बजट की प्रस्तुति
- (B) उच्च कृषि दर
- (C) कृषि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन द्वारा धान का रिकॉर्ड उत्पादन
- (D) कृषि को अधिक प्राथमिकता देना
कृषि से सम्बद्ध क्षेत्र में निम्न में से कौन सा क्षेत्र शामिल नहीं है ?
- (A) कृषि फसल
- (B) मछलीपालन
- (C) पशुपालन
- (D) खनन तथा उत्खनन
प्राथमिक क्षेत्र में नही आता है-
- (A) कृषि
- (B) वानिकी
- (C) विनिर्माण
- (D) खनन उत्खनन
छत्तीसगढ़ राज्य के प्राथमिक क्षेत्र में शामिल है
- (A) पशुपालन, खनन, मछली उद्योग
- (B) पशुपालन, निर्माण, वानिकी
- (C) रेल्वे, व्यापार, भंडारण
- (D) उपर्युक्त सभी
राज्य में काजू अनुसंधान केन्द्र कहाँ है?
- (A) बस्तर में
- (B) देवास में
- (C) शिवपुरी में
- (D) शाजापुर में
राज्य में अल्पकालीन कृषि ऋण की अधिकतम सीमा कितनी है?
- (A) 3 लाख
- (B) 4 लाख
- (C) 5 लाख
- (D) 6 लाख
राज्य की अर्थव्यवस्था के द्वितीयक क्षेत्र में किस क्षेत्र को शामिल नहीं किया जाता है ?
- (A) विनिर्माण
- (B) निर्माण
- (C) विद्युत, गैस एवं जल आपूर्ति
- (D) खनन एवं उत्खनन
कोसा अनुसंधान केन्द्र स्थित है?
- (A) सरगुजा
- (B) कांकेर
- (C) चांपा
- (D) बस्तर
छत्तीसगढ़ का कौन-सा स्थान एशिया की सबसे बड़ी इमली मण्डी कहलाता है?
- (A) जगदलपुर
- (B) अम्बिकापुर
- (C) बिलासपुर
- (D) रायपुर
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (C) - खाद्यान्न (2016-17) का कृषि कर्मण पुरस्कार जनवरी 2020 में मिला।
- (D) - शून्य ब्याज कृषि ऋण 2014-15 से प्रारंभ।
- (C) - 2010-11 का कृषि कर्मण पुरस्कार धान के रिकॉर्ड उत्पादन हेतु।
- (D) - खनन एवं उत्खनन कृषि क्षेत्र में नहीं, प्राथमिक क्षेत्र में आता है।
- (C) - विनिर्माण द्वितीयक क्षेत्र में है, प्राथमिक में नहीं।
- (A) - प्राथमिक क्षेत्र में पशुपालन, खनन, मछली उद्योग शामिल हैं।
- (A) - काजू अनुसंधान केन्द्र बस्तर में है।
- (C) - कृषि ऋण की अधिकतम सीमा रु. 5 लाख है।
- (D) - द्वितीयक क्षेत्र में खनन नहीं आता।
- (D) - कोसा अनुसंधान केन्द्र बस्तर में है।
- (A) - एशिया की सबसे बड़ी इमली मण्डी जगदलपुर (बस्तर) है।