पशुधन विकास एवं मत्स्य संसाधन
पशुपालन और मत्स्य पालन कृषि के सहायक क्षेत्र हैं। यह अध्याय संस्थाओं के गठन के वर्ष, प्रजनन/पालन केन्द्रों के स्थान, पशु संगणना के आँकड़े और मत्स्य संबंधी तथ्य देता है। परीक्षा में स्थान-मिलान और वर्ष पूछे जाते हैं।
संस्थाओं का कालक्रम
| वर्ष | संस्था |
|---|---|
| 1982 | राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, रायपुर |
| 1983 | दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर |
| 1983 | राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ, रायपुर (ब्रांड देवभोग; पूर्व नाम सांची) |
| 1984 | पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अंजोरा (दुर्ग); 2012 में दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा |
| 1996 | छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य संघ |
| जून 2001 | छ.ग. राज्य पशुधन एवं विकास अभिकरण, रायपुर |
अभिकरण का उद्देश्य: पशु संवर्धन तथा राष्ट्रीय गौवंशीय-भैंसवंशीय पशु प्रजनन परियोजना का संचालन व नियंत्रण। ये कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी मंत्रालय के अधीन हैं। ब्रांड के बारे में मूल पाठ में "(2011 देवभोग)" का उल्लेख है।
प्रजनन एवं पालन क्षेत्र
| प्रकार | स्थान |
|---|---|
| सूकर प्रजनन क्षेत्र | सकालो (अम्बिकापुर); परचमपाल (जगदलपुर) |
| बकरी प्रजनन क्षेत्र | सरोरा (रायपुर); रामपुर (ठाठापुर-कवर्धा); पकरिया (गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही) |
| पशु प्रजनन केन्द्र | सरकण्डा (बिलासपुर); पकरिया (गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही); चंदखुरी (रायपुर); अंजोरा (दुर्ग) |
| कुक्कुट पालन क्षेत्र | दुर्ग, कोनी, रायगढ़, जगदलपुर, बैकुंठपुर, सकालो, कुनकुरी |
| बतख पालन क्षेत्र | कोनी (बिलासपुर) |
| बटेर पालन क्षेत्र | दुर्ग, कोरिया, कोनी, जगदलपुर, सकालो |
अन्य तथ्य
- 2022-23 में दुग्ध उपलब्धता 180 ग्राम/दिन/व्यक्ति।
- गौवंशीय नस्लें: साहीवाल, रेडसिंधी, HFC। भैंसवंशीय: मुर्रा, सूरती, भदावरी, जाफराबादी।
- पशु संगणना 2007 के आधार पर पशु घनत्व 105।
- पशु संगणना 2007: बकरे-बकरियाँ > भैंसवंशीय > बैल > गाय (जैसा मूल पाठ में है)।
- प्रदेश का प्राचीनतम पशु बाजार रतनपुर में; सबसे बड़ा पशु बाजार रायपुर का भैंसास्थान बाजार।
- छत्तीसगढ़ की कोसली नस्ल की गाय भारत के 36वें गौवंश नस्ल के रूप में पंजीकृत है।
20वीं पशु संगणना 2019
कुल पशुधन 1.59 करोड़; कुल कुक्कुट एवं बत्तख पक्षीधन 1.87 करोड़।
| पशु | संख्या (लाख) |
|---|---|
| कुल गौवंशीय | 99.84 |
| गौवंशीय (प्रजनन योग्य) | 36.75 |
| कुल भैंसवंशीय | 11.75 |
| भैंसवंशीय (प्रजनन योग्य) | 36.61 |
| बकरे एवं बकरियाँ | 40.05 |
| सूकर | 5.27 |
ध्यान दें: मूल पाठ में भैंसवंशीय का "प्रजनन योग्य" आँकड़ा (36.61) कुल (11.75) से अधिक छपा है; यह स्पष्ट विरोधाभास है, अतः इसे सावधानी से लें।
पशु उत्पाद उपलब्धता 2022-23
| मद | उत्पादन | प्रति व्यक्ति उपलब्धता |
|---|---|---|
| दूध | 1,955 हजार टन | 180 ग्राम प्रतिदिन |
| अण्डा | 22,101 लाख | 74 प्रतिवर्ष |
| मांस | 54.60 हजार टन | 1.830 किग्रा प्रतिवर्ष |
स्रोत के रूप में आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 का उल्लेख है।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद में पशुधन क्षेत्र की भागीदारी (स्थिर भाव 2011-12)
| सांख्यिकी | 2018-19 | 2019-20 | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| भागीदारी (लाख) | 380986 | 415694 | 416338 | 443221 | 461961 | 491435 |
| वृद्धि (%) | 21.62 | 9.11 | 0.15 | 6.46 | 4.23 | 6.38 |
| हिस्सा (%) | 1.71 | 1.77 | 1.75 | 1.67 | 1.62 | 1.62 |
2020-21 में वृद्धि दर न्यूनतम (0.15%) और 2018-19 में सर्वाधिक (21.62%) रही।
मत्स्य संसाधन
| बिंदु | तथ्य |
|---|---|
| छ.ग. राज्य मत्स्य संघ | 1996 |
| कुल जल क्षेत्र | 2.027 लाख हेक्टेयर |
| मछली पालन हेतु विकसित जल क्षेत्र | 1.971 लाख हेक्टेयर |
| कुल जल क्षेत्र में मत्स्य पालन | 97.24 प्रतिशत |
| मछुआ सहकारिता (2022-23) | 1678 |
| प्रमुख योजना | नीली क्रांति |
| अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन में स्थान | 6वाँ |
| मत्स्य बीज उत्पादन में स्थान | 5वाँ |
| राज्य स्तरीय मत्स्य उत्पादन केन्द्र | तेलीबांधा (रायपुर) |
| नई मछलीपालन नीति | 2022 से लागू |
| सम्मान | बेस्ट इनलैण्ड स्टेट पुरस्कार; राज्य सरकार का बिलासाबाई केंवटीन सम्मान |
| स्वचालित फिश फीड प्लांट | भारत का पहला पूर्णतः स्वचालित ABS फिश फीड प्लांट - ग्राम सुखरी, झीका, डोंगरगढ़, राजनांदगांव |
तुलना एवं संबंध
| जानवर/पक्षी | जगह |
|---|---|
| बकरी | सरोरा, रामपुर, पकरिया |
| सूकर | सकालो, परचमपाल |
| बतख | कोनी |
| बटेर | 5 स्थान |
कोनी (बिलासपुर) कुक्कुट, बतख और बटेर तीनों में शामिल है; सकालो सूकर, कुक्कुट और बटेर तीनों में।
याद रखने योग्य बिंदु
- पशुधन निगम 1982, दुग्ध महासंघ 1983, कामधेनु वि.वि. अंजोरा।
- देवभोग दुग्ध महासंघ का ब्रांड, पूर्व नाम सांची।
- पशु विकास अभिकरण जून 2001।
- रतनपुर: प्राचीनतम पशु बाजार; रायपुर भैंसास्थान: सबसे बड़ा।
- कोसली गाय भारत की 36वीं पंजीकृत गौवंश नस्ल।
- 20वीं संगणना 2019: कुल पशुधन 1.59 करोड़।
- दूध उपलब्धता 180 ग्राम प्रतिदिन।
- मत्स्य: 97.24% जल क्षेत्र में पालन।
- मत्स्य उत्पादन में 6वाँ, मत्स्य बीज में 5वाँ स्थान।
- मछली केन्द्र तेलीबांधा।
स्मरण सूत्र
"82-83-84": निगम, दुग्ध कॉलेज व महासंघ, पशु चिकित्सा कॉलेज - क्रम से 1982, 1983, 1984।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: देवभोग का पूर्व नाम? उत्तर: सांची।
- प्रश्न: कोसली गाय कौन-सी नस्ल संख्या है? उत्तर: भारत की 36वीं।
- प्रश्न: प्राचीनतम पशु बाजार कहाँ? उत्तर: रतनपुर।
- प्रश्न: मत्स्य बीज उत्पादन में राज्य का स्थान? उत्तर: 5वाँ।
- प्रश्न: बतख पालन क्षेत्र कहाँ है? उत्तर: कोनी (बिलासपुर)।
- प्रश्न: राज्य मत्स्य संघ कब बना? उत्तर: 1996।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न : छत्तीसगढ़ राज्य को ‘बेस्ट इनलैंड स्टेट‘ अवार्ड दिया गया हैं –
- (A) मत्स्य पालन के लिए
- (B) गाय पालन के लिए
- (C) गोबर और गो-मूत्र खरीदी के लिए
- (D) इनमे से कोई नहीं।
‘नीली क्रांति’ का सम्बन्ध है
- (A) पशुधन से
- (B) मत्स्य पालन से
- (C) सिंचाई से
- (D) इनमें से कोई नहीं
छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा ‘बिलासा बाई केवटिन पुरस्कार’ किस क्षेत्र में दिया जाता है?
- (A) पशुपालन
- (B) कुक्कुट पालन
- (C) मत्स्य पालन
- (D) वृक्षारोपण
राज्य का एकमात्र सहकारी दुग्ध संघ छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ किस जिले में स्थित है?
- (A) बिलासपुर
- (B) रायगढ़
- (C) रायपुर
- (D) बीजापुर
छत्तीसगढ़ में सूकर की नस्ल में सुधार हेतु दो सूकर प्रक्षेत्र राज्य में स्थापित हैं, वे प्रक्षेत्र कौन- से हैं?
- (A) सकालो (अम्बिकापुर), जगदलपुर
- (B) नगरी (धमतरी), अभनपुर (रायपुर)
- (C) खैरागढ़ (राजनांदगाँव), लोरमी (बिलासपुर)
- (D) इनमें से कोई नहीं
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (A) - मत्स्य क्षेत्र में राज्य को बेस्ट इनलैण्ड स्टेट पुरस्कार मिला।
- (B) - नीली क्रांति मत्स्य पालन की प्रमुख योजना है।
- (C) - बिलासाबाई केंवटीन सम्मान मत्स्य क्षेत्र का सम्मान है।
- (C) - राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ रायपुर में है।
- (A) - सूकर प्रजनन क्षेत्र: सकालो (अम्बिकापुर) और परचमपाल (जगदलपुर)।