छत्तीसगढ़ के वन: कालक्रम, स्थिति और वर्गीकरण
राज्य का लगभग 44 प्रतिशत भाग वन है और देश में इसका स्थान वन क्षेत्रफल में चौथा, वनावरण में तीसरा है। कर्क रेखा राज्य से गुज़रने के कारण जलवायु उष्णकटिबंधीय है और वनों में विविधता मिलती है। इस अध्याय में वन कालक्रम, आँकड़े और तीन आधारों पर वर्गीकरण दिया गया है।
वन एवं वन्यजीव से जुड़ा कालक्रम
| वर्ष / तिथि | घटना |
|---|---|
| 1927 | भारतीय वन अधिनियम |
| 1972 | वन्यजीव संरक्षण अधिनियम |
| 1980 | वन संरक्षण अधिनियम |
| 1988 | संयुक्त वन प्रबंधन |
| 31 अक्टूबर 2000 | छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ |
| 2001 | छत्तीसगढ़ की पहली वन नीति |
| मई 2001 | छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम |
| 4 जुलाई 2001 | हर्बल स्टेट की घोषणा |
| 28 जुलाई 2004 | छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड |
| 2005-06 | हरियाली प्रसार योजना |
| 2006 | छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड |
| 2006 | निःशुल्क चरण पादुका वितरण योजना |
| 2006-07 | कोटमीसोनार मगरमच्छ पार्क की स्थापना |
| 2007 | छ.ग. राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान |
| जुलाई 2009 | छत्तीसगढ़ राज्य कैम्पा (CAMPA) |
| 2010 | हरियर छ.ग. योजना |
| 1 जून 2021 | मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना |
| 1 जुलाई 2022 | तुंहर पौधा तुंहर द्वार कार्यक्रम |
| 2 से 8 अक्टूबर (प्रतिवर्ष) | वन्यजीव प्राणी सप्ताह |
टिप्पणी: पहले चार वर्ष-घटना जोड़े पृष्ठ के तिरछे छपे होने से पंक्ति-मिलान के आधार पर लिए गए हैं।
वनों की स्थिति: दो स्रोत
| आधार | ISFR 2021 (भारत सरकार) | राज्य वन मंत्रालय (आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24) |
|---|---|---|
| वन क्षेत्रफल | 59,816 वर्ग कि.मी. | 59,772 वर्ग कि.मी. |
| प्रतिशत | 44.25% | 44.21% |
| वर्गीकरण | वनावरण 55,717 (41.21%) + वृक्षावरण 5,355 (3.96%) | आरक्षित 25,782 (43.13%), संरक्षित 24,036 (40.22%), अवर्गीकृत 9,954 (16.65%) |
| वन क्षेत्रफल में स्थान | मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ (चौथा) | वही क्रम |
| वनावरण में स्थान | मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ (तीसरा) | वही क्रम |
| देश के कुल वन का | 7.71% | 12.26% (मूल पाठ में यही लिखा है, असंगत) |
| प्रति व्यक्ति वन व वृक्षावरण | 0.232 हेक्टेयर | 0.232 हेक्टेयर |
असंगति: देश के कुल वन में हिस्सा एक जगह 7.71% (और वनावरण का 7.80%) तथा राज्य वाले मूल पाठ में 12.26% छपा है; परीक्षा में 7.71% (ISFR) अधिक प्रचलित बताया गया है।
ISFR 2021 के अनुसार वन क्षेत्रफल, वनावरण, वृक्षावरण
वन क्षेत्रफल (Forest Area): वनावरण और वृक्षावरण मिलाकर 59,816 वर्ग कि.मी. (44.25%)। चौथा स्थान: मध्यप्रदेश (94,689), महाराष्ट्र (61,952), ओडिशा (61,204), छत्तीसगढ़ (59,816)।
वनावरण (Forest Cover): एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र वाली भूमि जिसमें वृक्ष छत्र घनत्व 10 प्रतिशत से अधिक हो; वन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित होना आवश्यक नहीं, उद्यान, बाँस और ताड़ भी शामिल। छत्तीसगढ़ में 55,717 वर्ग कि.मी. (41.21%), तीसरा स्थान: मध्यप्रदेश (77,493), अरुणाचल प्रदेश (66,431), छत्तीसगढ़ (55,717)।
वृक्षावरण (Tree Cover): एक हेक्टेयर से कम क्षेत्र और 10 प्रतिशत से कम छत्र घनत्व वाली भूमि। छत्तीसगढ़ में 5,355 वर्ग कि.मी. (3.96%), स्थान सातवाँ: महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़।
वनावरण का विवरण
| श्रेणी | क्षेत्रफल (km²) | प्रतिशत | सर्वाधिक | न्यूनतम |
|---|---|---|---|---|
| अत्यंत सघन वन | 7,068 | 5.23 | बीजापुर | जांजगीर-चाँपा |
| सामान्य सघन वन | 32,279 | 23.87 | सरगुजा | जांजगीर-चाँपा |
| खुला वन | 16,370 | 12.11 | सरगुजा | जांजगीर-चाँपा |
| कुल वन | 55,717 | 41.21 | सरगुजा | जांजगीर-चाँपा |
अन्य तथ्य
- देश के कुल वनावरण का 7.80% और कुल वन का 7.71% छत्तीसगढ़ में।
- देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 24.62 प्रतिशत वन है।
- 2019 की तुलना में 2021 में राज्य के वनावरण में 106.03 वर्ग कि.मी. (0.19%) की वृद्धि।
- ISFR 2021 के अनुसार बस्तर व कबीरधाम जिलों का कुल वन क्षेत्रफल आंशिक रूप से घटा।
- राष्ट्रीय उद्यान (2,899 km²) और अभ्यारण्य (3,770 km²) मिलाकर 6,664 km², जो राज्य के कुल क्षेत्रफल का 4.91% तथा वन क्षेत्रफल का 10.82% है (2899+3770 का योग 6669 बनता है; मूल पाठ में 6664 छपा)।
जिलेवार वनों की स्थिति
| आधार | मद | 18 जिला अनुसार | 28 जिला अनुसार |
|---|---|---|---|
| क्षेत्रफल | सर्वाधिक | सरगुजा | बीजापुर |
| क्षेत्रफल | न्यूनतम | जांजगीर-चाँपा | दुर्ग (बेमेतरा से कम, मूल पाठ में दुर्ग > बेमेतरा लिखा) |
| प्रतिशत | सर्वाधिक | नारायणपुर | बीजापुर |
| प्रतिशत | न्यूनतम | जांजगीर-चाँपा | दुर्ग |
| घनत्व | सर्वाधिक | - | दंतेवाड़ा |
| घनत्व | न्यूनतम | - | जांजगीर-चाँपा |
वनों का वर्गीकरण: तीन आधार
(क) प्रशासनिक, (ख) प्रजातीय बहुलता, (ग) प्राकृतिक/भौगोलिक।
(क) प्रशासनिक आधार
| वर्ग | क्षेत्रफल | प्रतिशत | सर्वाधिक | न्यूनतम |
|---|---|---|---|---|
| आरक्षित वन | 25,782 | 43.13 | दंतेवाड़ा | कोरबा |
| संरक्षित वन | 24,036 | 40.22 | सरगुजा | जांजगीर-चाँपा |
| अवर्गीकृत वन | 9,954 | 16.65 | दंतेवाड़ा | धमतरी |
आरक्षित वन: प्रशासनिक आधार पर सबसे अधिक क्षेत्र। राष्ट्रीय उद्यान व अभ्यारण्य इसी में आते हैं, अनधिकृत प्रवेश वर्जित; पर्यावरण, जैव विविधता व वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु।
संरक्षित वन: स्थानीय निवासियों को सीमित मात्रा में लघु वनोपज संग्रहण, जलाऊ लकड़ी और पशुचारण की अनुमति।
अवर्गीकृत वन: नगरों व गाँवों से लगे खुले वन, राजस्व विभाग के नियंत्रण में।
(ख) प्रजातीय बहुलता के आधार पर
अवरोही क्रम: मिश्रित, साल, सागौन, शीशम (कार्य अयोग्य वर्ग 3,876 km², 6.50% भी सूची में है)।
| वन | क्षेत्रफल | प्रतिशत | विशेष |
|---|---|---|---|
| मिश्रित | 26,018 | 43.52 | मैदानी क्षेत्र में; दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, जशपुर, कोरिया वनमंडल आदि; राज्य के सर्वाधिक क्षेत्र में |
| साल/सरई | 24,244 | 40.56 | मैकल श्रेणी, महासमुंद, धमतरी उच्चभूमि, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बालोद, उदयपुर, छुरी की पहाड़ी, जशपुर पाट, बस्तर, दक्षिण सरगुजा, कांकेर, गरियाबंद, मो.-मा.-अ. |
| सागौन | 5,633 | 9.42 | सर्वाधिक नारायणपुर; बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, धमतरी, कबीरधाम |
| कार्य अयोग्य | 3,876 | 6.50 | - |
- साल: सर्वोत्तम किस्म केशकाल घाटी (कोंडागांव) में; बस्तर के कोमलनार व मगनार में ऊँचे साल वृक्ष, नेपाल के तराई जैसे।
- साल पतझड़ वन की श्रेणी में; राजकीय वृक्ष; बस्तर को साल वनों का द्वीप कहते हैं।
- सागौन: खुरसेल घाटी में सर्वोत्तम, वहाँ का सागौन बर्मा के सागौन जैसा।
(ग) प्राकृतिक/भौगोलिक आधार
1968 में चैंपियन एवं सेठ ने देश के वनों का यह वर्गीकरण सबसे पहले किया (A Revised Survey of the Forest Types of India)। राज्य में 10 प्रकार की प्रजातियाँ दो वर्गों में बाँटी गई हैं।
| आधार | उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती | उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती |
|---|---|---|
| प्रतिशत | 47.69 | 51.65 |
| वर्षा | 100-150 सेमी. | 75-100 सेमी. |
| शामिल वन | साल व सागौन | मिश्रित |
| क्षेत्र | उत्तरी व दक्षिणी वन वृत्त | मुख्यतः महानदी बेसिन |
| विशेष | केवल वनोपज | वनोपज और लकड़ी दोनों |
नोट: मुख्यतः शुष्क पर्णपाती वन हैं; जशपुर क्षेत्र में आर्द्र पर्णपाती और महानदी बेसिन में मिश्रित वन। छत्तीसगढ़ में पतझड़ वन मिलते हैं।
तुलना एवं संबंध
| तुलना | आरक्षित | संरक्षित | अवर्गीकृत |
|---|---|---|---|
| क्षेत्रफल | 25,782 | 24,036 | 9,954 |
| सर्वाधिक जिला | दंतेवाड़ा | सरगुजा | दंतेवाड़ा |
| नियंत्रण/अनुमति | प्रवेश वर्जित | सीमित उपयोग | राजस्व विभाग |
याद रखने योग्य बिंदु
- वन क्षेत्रफल में चौथा, वनावरण में तीसरा, वृक्षावरण में सातवाँ स्थान।
- वन क्षेत्रफल ISFR 59,816 km² (44.25%), राज्य 59,772 km² (44.21%)।
- आरक्षित वन सबसे अधिक: 43.13%।
- अत्यंत सघन वन सर्वाधिक बीजापुर में।
- मिश्रित > साल > सागौन।
- साल राजकीय वृक्ष; बस्तर साल वनों का द्वीप।
- खुरसेल घाटी: सागौन; केशकाल घाटी: साल।
- हर्बल स्टेट घोषणा 4 जुलाई 2001।
- पहली वन नीति 2001; लघु वनोपज संघ 31 अक्टूबर 2000।
- 1968 में चैंपियन-सेठ का वर्गीकरण।
स्मरण सूत्र
- मि-सा-सा: मिश्रित, साल, सागौन (घटते क्षेत्रफल में)।
- आ-सं-अ: आरक्षित (सबसे अधिक), संरक्षित, अवर्गीकृत।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: राज्य का वनावरण में भारत में स्थान? उत्तर: तीसरा।
- प्रश्न: वृक्षावरण किसे कहते हैं? उत्तर: एक हेक्टेयर से कम क्षेत्र व 10% से कम छत्र घनत्व वाली भूमि।
- प्रश्न: सर्वाधिक क्षेत्र में कौन सा वन है? उत्तर: मिश्रित वन (43.52%)।
- प्रश्न: बस्तर को क्या कहा जाता है? उत्तर: साल वनों का द्वीप।
- प्रश्न: आरक्षित वन का प्रतिशत? उत्तर: 43.13।
- प्रश्न: शुष्क पर्णपाती वन कितने प्रतिशत? उत्तर: 51.65।
अभ्यास प्रश्न
छत्तीसगढ़ में किस प्रकार के वनों का प्रतिशत सर्वाधिक है?
- (A) आरक्षित
- (B) संरक्षित
- (C) अवर्गीकृत
- (D) उपरोक्त अ एवं ब प्रकार के बराबर
प्रशासनिक आधार पर वनों को तीन भागों- आरक्षित वन, संरक्षित वन, अवर्गीकृत वन में बाँटा गया है। इनमें सर्वाधिक वनों का प्रतिशत किसमें है?
- (A) आरक्षित वन
- (B) संरक्षित वन
- (C) अवर्गीकृत वन
- (D) इनमें से कोई नहीं
साल वनों का द्वीप किसे कहा जाता है?
- (A) बस्तर क्षेत्र
- (B) सरगुजा क्षेत्र
- (C) बिलासपुर क्षेत्र
- (D) दुर्ग क्षेत्र
लकड़ी काटने तथा पशु चराने पर प्रतिबन्ध किस प्रकार के वनो में होता है
- (A) आरक्षित
- (B) संरक्षित
- (C) अवर्गीकृत
- (D) उपरोक्त अ एवं ब प्रकार के बराबर
छत्तीसगढ़ राज्य के किस जिले में मिश्रित पर्णपाती वन पाये जाते हैं?
- (A) बिलासपुर
- (B) रायपुर एवं दुर्ग
- (C) बस्तर
- (D) रायपुर
छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक अरण्य क्षेत्र किस वन का है
- (A) साल वन
- (B) सागौन वन
- (C) मिश्रित वन
- (D) बांस वन
छत्तीसगढ़ का निम्नलिखित जिला साल वनों का द्वीप कहलात
- (A) धमतरी
- (B) कांकेर
- (C) बस्तर
- (D) बिलासपुर CG Vyapam-2008
किस प्रकार के वनों में लकड़ी काटने एवं पशुचारण पर प्रतिबंध रहता है?
- (A) संरक्षित वन
- (B) आरक्षित वन
- (C) अवर्गीवृQत वन
- (D) उपर्युक्त सभी
छत्तीसगढ़ राज्य में वन क्षेत्र है
- (A) 56,448 वर्ग किमी
- (B) 60,213 वर्ग किमी
- (C) 47,431 वर्ग किमी
- (D) 59,772 वर्ग किमी
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (A) - आरक्षित वन 43.13% के साथ सबसे अधिक हैं।
- (A) - प्रशासनिक आधार पर आरक्षित वन का प्रतिशत सर्वाधिक (43.13%) है।
- (A) - बस्तर को साल वनों का द्वीप कहते हैं।
- (A) - आरक्षित वन में अनधिकृत प्रवेश वर्जित है; पशुचारण आदि की अनुमति संरक्षित वन में है।
- (B) - मिश्रित वन मैदानी क्षेत्र में दुर्ग, रायपुर आदि में मिलते हैं।
- (C) - मिश्रित वन 43.52% के साथ सर्वाधिक क्षेत्र में हैं।
- (C) - बस्तर को साल वनों का द्वीप कहते हैं।
- (B) - आरक्षित वन में अनधिकृत प्रवेश वर्जित है, जबकि संरक्षित वन में सीमित उपयोग की अनुमति है।
- (D) - राज्य वन मंत्रालय (आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24) के अनुसार वन क्षेत्रफल 59,772 वर्ग कि.मी. है।