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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 2): कृषि, वन, खनिज, उद्योग, परिवहन एवं जनसंख्या · Chapter 23
लौह अयस्क

लौह अयस्क

लौह अयस्क राजस्व में कोयले के बाद दूसरा और रॉयल्टी में पहला खनिज है। बैलाडीला (दंतेवाड़ा) की खानें, NMDC और रावघाट परियोजना इस विषय के प्रमुख प्रश्न-स्रोत हैं।

सामान्य परिचय

  • मातृ शैल: धारवाड़ क्रम।
  • प्रकार: मुख्यतः हेमेटाइट; मूल पाठ के अनुसार मैग्नेटाइट, हेमेटाइट, लिमोनाइट और सिडेराइट भी गिने गए हैं (चौथा नाम मूल पाठ में आंशिक कटा है)।
  • उत्खनन NMDC द्वारा (उप-मुख्यालय दंतेवाड़ा)।

राजस्व और रॉयल्टी

  • देश के खनिज मूल्य में लौह अयस्क का योगदान सर्वाधिक (22.63%)।
  • राज्य में लोहे का दूसरा सर्वाधिक योगदान (29.51%)।
  • रॉयल्टी मूल्य में सर्वाधिक धातु; दूसरा कोयला।

विसंगति: देश के खनिज मूल्य में योगदान एक जगह 22.63% और दूसरी तालिका में 21.10% छपा है।

भंडार और उत्पादन

बिंदुभंडारउत्पादन (2022-23)
मात्रा4592 मिलियन टन (देश के कुल लोहे का पाँचवाँ भाग)42,549 हज़ार टन
प्रतिशत19.09%15.90%
देश में स्थानतृतीय (ओडिशा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़)द्वितीय (ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक)
राज्य मेंदंतेवाड़ा, कांकेर, कवर्धादंतेवाड़ा, कांकेर, बालोद

जिलेवार लौह क्षेत्र

जिलाक्षेत्र
कबीरधामइकलामा/एकलामा, चेलिकलामा, चिल्फीघाटी एवं सिघारी, गोधाटोला, केसदा
खै.-छु.-ग.नचनिया, खारा
राजनांदगाँवतेन्दूभाठा
मो.-मा.-अ.बोरियाटिब्बू, मोहला
बालोददल्लीराजहरा (भिलाई इस्पात संयंत्र दल्लीराजहरा क्षेत्र का मालिक), डौंडीलोहारा, दुलकी, महामाया, ठाकुरटोला
कांकेररावघाट (6 निक्षेप), आरीडोंगरी (भानुप्रतापपुर), चारगाँव, मेटाबोदेली, हाहालद्दी, चारामा, कोलमसार, कोदापाख, कोण्डापारवा, कुरसुबोरी, कलवर
नारायणपुरछोटे डोंगर क्षेत्र, आमदई घाटी, अंजरेल
दंतेवाड़ामालेंगर क्षेत्र, किरंदुल, बचेली, बैलाडीला
महासमुंदसरगुणभाटा
गरियाबंदमछुआ बहल, बिन्द्रानवागढ़, देवरी

धमतरी, दुर्ग और कोरिया में लौह अयस्क के साक्ष्य नहीं मिले हैं।

दंतेवाड़ा और बैलाडीला

  • बैलाडीला में लौह अयस्क का सर्वाधिक विस्तृत भंडार क्षेत्र है; यहाँ नवरत्न कंपनी NMDC खनन करती है और अयस्क विशाखापट्टनम बंदरगाह से जापान भेजा जाता है।
  • पहली इकाई निक्षेप क्रमांक 14, किरंदुल में 1968; दूसरी निक्षेप क्रमांक 5, बचेली (1980); तीसरी बैलाडीला (1988) में।
  • बैलाडीला में 14 निक्षेप हैं; सबसे बड़ा निक्षेप क्रमांक 5; निक्षेप 13 और 14 मालेंगर नदी घाटी में।
  • बैलाडीला भारत की सबसे बड़ी मशीनीकृत खान है।
  • छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक लौह उत्पादन दंतेवाड़ा जिले में होता है।

NMDC को आबंटित 4 निक्षेप

  • आरीडोंगरी (कांकेर)
  • कवर्धा (कबीरधाम)
  • बैलाडीला निक्षेप क्षेत्र-4 (दंतेवाड़ा)
  • बैलाडीला निक्षेप क्षेत्र-13 (दंतेवाड़ा)

दल्लीराजहरा खान से पहले भिलाई इस्पात संयंत्र को अयस्क मिलता था; वर्तमान में आपूर्ति रावघाट माइंस से होती है। रावघाट परियोजना कांकेर और नारायणपुर जिले में फैली है।

तुलना एवं संबंध

खनिजमातृ चट्टानखनन संस्थाशीर्ष जिला
कोयलागोंडवानाSECLकोरबा/रायगढ़
लौह अयस्कधारवाड़NMDCदंतेवाड़ा

याद रखने योग्य बिंदु

  • मातृ शैल धारवाड़।
  • रॉयल्टी में पहला खनिज।
  • भंडार 4592 मि. टन (19.09%), देश में तृतीय।
  • उत्पादन 42,549 हज़ार टन (15.90%), देश में द्वितीय।
  • किरंदुल पहली इकाई 1968 (निक्षेप 14)।
  • बचेली 1980 (निक्षेप 5); बैलाडीला 1988।
  • बैलाडीला में 14 निक्षेप; सबसे बड़ा क्र. 5।
  • निक्षेप 13-14 मालेंगर घाटी में।
  • रावघाट कांकेर व नारायणपुर में; अब भिलाई को आपूर्ति।
  • दल्लीराजहरा बालोद में।
  • धमतरी, दुर्ग, कोरिया में लौह नहीं।

स्मरण सूत्र

"किरन-बच-बैला" = 1968, 1980, 1988 (किरंदुल, बचेली, बैलाडीला की इकाइयाँ)।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. लौह अयस्क की मातृ शैल? उ. धारवाड़ क्रम।
  2. प्र. बैलाडीला में कितने निक्षेप हैं? उ. 14।
  3. प्र. पहली NMDC इकाई कहाँ और कब? उ. किरंदुल, 1968।
  4. प्र. अयस्क किस बंदरगाह से जापान जाता है? उ. विशाखापट्टनम।
  5. प्र. भिलाई को अब आपूर्ति किस खदान से? उ. रावघाट।
  6. प्र. लौह अयस्क उत्पादन का देश में स्थान? उ. द्वितीय।

अभ्यास प्रश्न

  1. इस राज्य के निम्नलिखित में से किस स्थान में लौह अयस्क के सर्वाधिक विस्तृत भंडार विद्यमान है?

    • (A) रावघाट
    • (B) छोटे डोंगर
    • (C) बैलाडीला
    • (D) राजहरा
  2. छत्तीसगढ़ के किस जिले में लौह अयस्क का सबसे अधिक उत्पादन होता है ?

    • (A) दंतेवाड़ा
    • (B) बस्तर
    • (C) कांकेर
    • (D) दुर्ग
  3. बस्तर का लौह अयस्क मुख्यतः किस प्रकार का है?

    • (A) हेमेटाइट
    • (B) मैग्नेटाइट
    • (C) पाइरोलुसाइट
    • (D) लैटेराइट
  4. आरीडोंगरी लौह अयस्क परियोजना किस जिले में स्थित है?

    • (A) कोण्डागांव
    • (B) नारायणपुर
    • (C) बस्तर
    • (D) कांकेर
  5. बैलाडीला का लौह-अयस्क किस देश को निर्यात किया जाता है?

    • (A) जापान
    • (B) रूस
    • (C) सिंगापुर
    • (D) मलेशिया
  6. छत्तीसगढ़ में प्रमुखता किस प्रकार का लौह अयस्क प्राप्त होता है ?

    • (A) मैग्नेटाइट
    • (B) हेमेटाइट
    • (C) लाइमोनाईट
    • (D) साइडेराइट
  7. छत्तीसगढ़ में कौन सा क्षेत्र लौह अयस्क में समृध्द है?

    • (A) सतपुड़ा
    • (B) बैलाडीला
    • (C) चिरमिरी
    • (D) मैकाल
  8. इकलामा लौह अयस्क क्षेत्र किस जिले में स्थित है

    • (A) राजनांदगाँव
    • (B) काँकेर
    • (C) दुर्ग
    • (D) कबीरधाम
  9. कांकेर जिले की अरो डोगरी पहाड़ी से लौह-अयस्क का उत्पादन किया जाता है। यह किस तहसील में है?

    • (A) भानुप्रतापपुर
    • (B) नाहरपुर
    • (C) अन्तागढ़
    • (D) कांकेर
  10. लौह अयस्क की विश्व प्रसिद्ध खदान छत्तीसगढ़ में कहाँ स्थित है?

    • (A) बारसूर
    • (B) दंतेवाड़ा
    • (C) बैलाडीला
    • (D) कुटुम्बसर

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (C) - बैलाडीला में लौह अयस्क का सर्वाधिक विस्तृत भंडार क्षेत्र है।
  2. (A) - सर्वाधिक लौह उत्पादन दंतेवाड़ा जिले में होता है।
  3. (A) - राज्य में लौह अयस्क मुख्यतः हेमेटाइट है।
  4. (D) - आरीडोंगरी कांकेर (भानुप्रतापपुर) में है।
  5. (A) - अयस्क विशाखापट्टनम से जापान भेजा जाता है।
  6. (B) - प्रकार: मुख्यतः हेमेटाइट।
  7. (B) - बैलाडीला (दंतेवाड़ा) लौह अयस्क का विस्तृत भंडार क्षेत्र है।
  8. (D) - इकलामा क्षेत्र कबीरधाम जिले में है।
  9. (A) - आरीडोंगरी भानुप्रतापपुर (कांकेर) में है।
  10. (C) - बैलाडीला में नवरत्न NMDC खनन करती है।
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