छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति
राज्य शासन की प्रमुख नीतियों में छठी औद्योगिक नीति (2024-2030) सबसे महत्त्वपूर्ण है। नीति यह तय करती है कि उद्योग कहाँ लगेंगे, किसे छूट मिलेगी और किन उद्योगों को अनुमति नहीं होगी। इसमें औद्योगिक भूमि-प्रबंधन, निवेशकों और उद्योगों के वर्ग, विकासखंडों के समूह, अपात्र उद्योगों की सूची, कोर सेक्टर, पुरस्कार योजना और निवेश संवर्धन बोर्ड आते हैं। परीक्षा में अवधि, ध्येय वाक्य, निवेशक वर्गीकरण, कोर-सेक्टर उद्योग तथा संख्याएँ (10, 61, 75; 1, 10, 50 करोड़; 2009; 14 परिषदें) सीधे पूछी जाती हैं।
राज्य की प्रमुख नीतियाँ
| नीति | प्रभावी अवधि |
|---|---|
| 6वीं छ.ग. औद्योगिक नीति | 1 नवम्बर 2024 से 31 मार्च 2030 |
| छ.ग. इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति | 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2027 |
| सौर ऊर्जा नीति | 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2027 |
| छ.ग. महिला उद्यमिता नीति | 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2028 |
नई औद्योगिक नीति 2024-2030
- ध्येय वाक्य/दृष्टि: 'अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन @2047'।
- क्रम: 6वाँ।
- अवधि: 1 नवम्बर 2024 से 31 मार्च 2030।
उद्देश्य
- सभी विकासखण्डों, जिलों और संभागों में औद्योगिक विकास हेतु विकासशील नीति लागू करना।
- सभी इच्छुक उद्यमियों को अनुकूल व सहयोगी प्रशासनिक वातावरण देना।
- विकासखण्डों को औद्योगिक क्षेत्रों के माध्यम से नेटवर्क के रूप में विकसित करना।
- नवीनतम तकनीक पर आधारित उद्यमों के विकास के लिए विशेष प्रावधान।
- कोर सेक्टर (स्टील, सीमेंट, थर्मल पॉवर, एल्युमिनियम) तथा कृषि, खाद्य, वनोपज उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण।
- कौशल विकास व प्रशिक्षण द्वारा मानव संसाधन को रोजगार योग्य बनाना।
- विभिन्न सेक्टरों में नया निवेश आकर्षित करना।
- AI, रोबोटिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, सेवा उद्यम और जैव प्रौद्योगिकी जैसे आधुनिक उद्यमों में निवेश आकर्षित करना।
अधोसंरचना विकास एवं औद्योगिक भूमि प्रबंधन
- विकासखंडों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से संभावित माँग देखकर औद्योगिक क्षेत्र/पार्क बनाए जाएँगे।
- वर्तमान में राज्य में लगभग 56 औद्योगिक क्षेत्र स्थापित बताए गए हैं। नए क्षेत्र विभाग की उपलब्ध भूमि पर बनेंगे, और भूमि बैंक के लिए CSIDC को उचित दर पर निजी भूमि खरीदने के अधिक अधिकार दिए जाएँगे।
- इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए राष्ट्रीय इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकास निगम व राष्ट्रीय संस्थाओं से अनुबंध होगा; संभावित मार्ग कोरबा-बिलासपुर-रायपुर-नागपुर तथा कोरबा-बिलासपुर-रायपुर-विशाखापट्टनम बताए गए हैं।
- निजी निवेशकों के माध्यम से निजी औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए नीति में विशेष प्रावधान हैं।
- पर्यावरण संरक्षण हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल एवं बहिःस्राव उपचार संयंत्र (Water & Effluent Treatment Plant) पीपीपी मॉडल पर बनाने की व्यवस्था होगी।
- भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक पार्क हेतु आबंटित भूमि की दरों को युक्तिसंगत/सुविधाजनक बनाया जाएगा।
- सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए CSIDC बहुमंजिला औद्योगिक भवन एवं शेड बनाएगा।
- निजी भूमि का अधिग्रहण आपसी सहमति से क्रय द्वारा होगा; आवश्यकता होने पर लैण्ड पूलिंग की व्यवस्था अपनाई जाएगी।
- नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर (EMC) पहले से है; इसके अतिरिक्त फार्मास्युटिकल पार्क व अन्य सेक्टर-आधारित पार्कों के प्रयास होंगे।
- भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक पार्क एवं औद्योगिक लैण्ड बैंक स्थापना नीति बनाई जाएगी।
निवेशकों का वर्गीकरण (7 श्रेणियाँ)
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन की दृष्टि से उद्यमियों को सात श्रेणियों में बाँटा गया है।
- सामान्य वर्ग के उद्यमी
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमी
- अप्रवासी भारतीय, प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक (FDI), निर्यातक निवेशक, विदेशी तकनीक वाले उद्योग
- महिला उद्यमी एवं तृतीय लिंग
- राज्य के सेवानिवृत्त सैनिक, राज्य पुलिस व अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त व्यक्ति, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक, नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति, दिव्यांग उद्यमी
- राज्य के महिला स्व-सहायता समूह के उद्यमी
- राज्य के एफपीओ (Farmers Producer Organization) के उद्यमी
निवेश के आकार के अनुसार उद्योगों की 4 श्रेणियाँ
| क्र. | श्रेणी | निवेश | टर्न ओवर |
|---|---|---|---|
| 1 | सूक्ष्म उद्यम/सूक्ष्म सेवा उद्यम | 1 करोड़ रुपये तक | 5 करोड़ तक |
| 2 | लघु उद्यम/लघु सेवा उद्यम | 10 करोड़ रुपये तक | 50 करोड़ तक |
| 3 | मध्यम उद्यम/मध्यम सेवा उद्यम | 50 करोड़ रुपये तक | 250 करोड़ तक |
| 4 | वृहद उद्यम/वृहद सेवा उद्यम | 50 करोड़ रुपये से अधिक | 250 करोड़ से अधिक |
विकासखंडों का श्रेणीकरण
| श्रेणी | संख्या (विकासखंड) |
|---|---|
| समूह-1 | 10 |
| समूह-2 | 61 |
| समूह-3 | 75 |
तीनों समूहों का योग 146 होता है (यह योग मूल पाठ में छपा नहीं है, हमारी गणना है)। स्टोन क्रेशर और राइस मिल की अपात्रता केवल समूह-1 व 2 के विकासखंडों पर लागू बताई गई है (नीचे देखें)।
नीति में शामिल उद्योग-क्षेत्र (11 सेक्टर)
- फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस
- कृषि, खाद्य एवं उद्यानिकी उत्पाद प्रसंस्करण
- ऑटोमोबाईल
- डिफेंस एवं एयरोस्पेस
- सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) हार्डवेयर
- टेक्सटाईल
- इंजीनियरिंग
- वनोपज आधारित
- वर्गीकरण के आधार पर थ्रस्ट सेक्टर उद्यम
- उत्पाद आधारित थ्रस्ट सेक्टर उद्यम
- निवेशक के वर्गीकरण पर आधारित सेक्टर
सम्पूर्ण राज्य हेतु अपात्र उद्यमों की सूची
ये उद्योग प्रोत्साहन के पात्र नहीं हैं।
- अल्कोहल डिस्टीलरी एवं अल्कोहल आधारित बेवरेजेस निर्माण
- आरा मिल (सॉ मिल)
- भारत/राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित पॉलिथिन बैग व प्लास्टिक के डिस्पोजेबल उत्पाद
- स्लाटर हाउस (बूचड़खाना)
- पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर
- कोल एवं कोक ब्रिकेट, कोल स्क्रीनिंग, कोल वाशरी
- चूना निर्माण, चूना पाउडर, चूना चिप्स, डोलोमाइट पाउडर
- समस्त प्रकार के मिनरल पाउडर, स्लैग ग्राइंडिंग (सूची में यही पंक्ति क्रमांक 8 और 9 पर दो बार छपी है)
- एस्बेस्टस एवं उस पर आधारित उद्यम
- लेदर टैनरी
- स्पंज आयरन, एकीकृत स्टील प्लांट, तापीय विद्युत उत्पादन संयंत्र
- स्टोन क्रेशर/मिट्टी निर्माण (केवल समूह-1 व 2 के विकासखंडों के लिए अपात्र)
- राइस मिल एवं परबॉईलिंग (केवल समूह-1 व 2 के विकासखंडों के लिए अपात्र)
- सभी प्रकार के उत्पादों की रिपैकिंग
- अन्य ऐसे उद्यम जो राज्य शासन द्वारा अधिसूचित किए जाएँ
ध्यान दें: सूची में क्रमांक 8 व 9 दोहराव लगते हैं, इसलिए वास्तविक भिन्न मद 15 गिनना सुरक्षित है, पर मूल पाठ ने 16 क्रमांक दिए हैं।
कोर-सेक्टर उद्योग
मध्यम, वृहद, मेगा/अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन की दृष्टि से कोर-सेक्टर सूची बनी है।
| छत्तीसगढ़ (4) | भारत (8) |
|---|---|
| 1. स्टील संयंत्र | 1. कोयला, 2. स्टील |
| 2. सीमेंट संयंत्र | 3. सीमेंट, 4. विद्युत |
| 3. ताप विद्युत संयंत्र | 5. उर्वरक, 6. कच्चा तेल |
| 4. एल्युमिनियम संयंत्र | 7. प्राकृतिक गैस, 8. पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद |
- छत्तीसगढ़ के कोर सेक्टर में आटोमोबाईल उद्योग शामिल नहीं है।
- राज्य में मुख्यतः खनिज आधारित उद्योग हैं।
- राज्य के प्रमुख/एकीकृत उद्योग: लौह इस्पात, एल्युमीनियम, सीमेंट।
औद्योगिक पुरस्कार योजना
- प्रारंभ: 2009।
- पुरस्कार श्रेणियाँ 5: (1) सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का समग्र मूल्यांकन, (2) अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग द्वारा स्थापित सूक्ष्म-लघु उद्योग, (3) निर्यातक सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, (4) महिला उद्यमी द्वारा स्थापित उद्योग, (5) स्टार्टअप इकाइयाँ।
- प्रत्येक श्रेणी में प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र।
| पुरस्कार | राशि (रु.) |
|---|---|
| प्रथम | 1,51,000 |
| द्वितीय | 1,00,000 |
| तृतीय | 51,000 |
पूर्व वर्ष में यह राशि चार श्रेणियों में दी जाती थी: राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा जिला स्तर पर सर्वश्रेष्ठ उद्यमी पुरस्कार।
राज्य निवेश संवर्धन/प्रोत्साहन बोर्ड
- अध्यक्ष: मुख्यमंत्री (पदेन)।
- कार्य: 10 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्तावों पर निर्णय लेना।
- आधार: छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम-2006।
- राज्य में 14 निर्यात संवर्धन काउंसिल वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत हैं।
तुलना एवं संबंध
| आधार | सीमा |
|---|---|
| सूक्ष्म | निवेश 1 करोड़ तक |
| लघु | 10 करोड़ तक |
| मध्यम | 50 करोड़ तक |
| वृहद | 50 करोड़ से अधिक |
निवेश एवं टर्न ओवर दोनों बढ़ते क्रम में चलते हैं: 1-5, 10-50, 50-250 (करोड़)।
| नीति | अवधि समाप्ति |
|---|---|
| औद्योगिक नीति | मार्च 2030 |
| महिला उद्यमिता | मार्च 2028 |
| सौर ऊर्जा और EV | मार्च 2027 |
याद रखने योग्य बिंदु
- छठी औद्योगिक नीति: 1 नवम्बर 2024 से 31 मार्च 2030; ध्येय वाक्य: अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन @2047।
- निवेशक श्रेणियाँ 7, उद्योग आकार श्रेणियाँ 4।
- सूक्ष्म उद्यम: निवेश 1 करोड़ तक, टर्न ओवर 5 करोड़ तक।
- विकासखंड समूह: 10, 61, 75।
- राज्य में लगभग 56 औद्योगिक क्षेत्र।
- राज्य के कोर सेक्टर 4 (स्टील, सीमेंट, ताप विद्युत, एल्युमिनियम); देश के 8; आटोमोबाईल छत्तीसगढ़ के कोर सेक्टर में नहीं।
- पुरस्कार योजना 2009 से, 5 श्रेणियाँ, 1.51 लाख/1 लाख/51 हजार।
- निवेश बोर्ड का अध्यक्ष मुख्यमंत्री; 10 करोड़ से अधिक प्रस्ताव; अधिनियम-2006।
- 14 निर्यात संवर्धन काउंसिल वाणिज्य विभाग के नियंत्रण में।
- स्टोन क्रेशर व राइस मिल केवल समूह-1 व 2 में अपात्र।
- EV नीति 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2027।
स्मरण सूत्र
- नीति: 'छठी - चौबीस से तीस'।
- निवेश सीढ़ी: 1-10-50-50+ (सू-ल-म-वृ)।
- पुरस्कार: डेढ़-एक-आधा लाख (1.51, 1.00, 0.51)।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: वर्तमान औद्योगिक नीति की अवधि? उत्तर: 1 नवम्बर 2024 से 31 मार्च 2030।
- प्रश्न: निवेश बोर्ड का पदेन अध्यक्ष कौन? उत्तर: मुख्यमंत्री।
- प्रश्न: पुरस्कार योजना कब शुरू हुई? उत्तर: 2009।
- प्रश्न: मध्यम उद्यम का निवेश व टर्न ओवर सीमा? उत्तर: 50 करोड़ तक व 250 करोड़ तक।
- प्रश्न: राज्य के 4 कोर सेक्टर उद्योग कौन से हैं? उत्तर: स्टील, सीमेंट, ताप विद्युत, एल्युमिनियम संयंत्र।
- प्रश्न: प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मार्ग? उत्तर: कोरबा-बिलासपुर-रायपुर-नागपुर/विशाखापट्टनम।