गैर-परम्परागत ऊर्जा एवं विद्युत योजनाएँ
इस अध्याय में नवीकरणीय ऊर्जा की संस्थाएँ, सौर नीति, अन्य स्रोत और घरों-गाँवों की विद्युत योजनाएँ हैं।
क्रेडा (CREDA)
- छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण; स्थापना 25 मई 2001; मुख्यालय रायपुर।
- कार्य: नवीनीकृत/गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का बेहतर दोहन।
- शासकीय कार्यक्रम: सौर तापीय, राष्ट्रीय उन्नत चूल्हा, एकीकृत ग्रामीण ऊर्जा, राष्ट्रीय बायोगैस।
- राज्य विद्युत नियामक आयोग विद्युत दरें निर्धारित करता है; इसका गठन 1 जुलाई 2004 को हुआ।
- क्रेडा द्वारा रायपुर में ऊर्जा पार्क की स्थापना।
मोर छत मोर बिजली योजना
- अन्य नाम: मुख्यमंत्री सौर शक्ति योजना; शुरुआत 2019; क्रियान्वयन क्रेडा द्वारा।
- उद्देश्य: सस्ती दरों पर सौर विद्युत; हितग्राही घर की छत पर सोलर पैनल लगा सकेगा।
- प्रथम चरण में 300 शासकीय भवनों का चयन।
छत्तीसगढ़ जैव ईंधन विकास प्राधिकरण (CBDA)
राज्य सरकार द्वारा स्थापित, ऊर्जा विभाग के अंतर्गत; उद्देश्य जैव-ईंधन का प्रचार-प्रसार; करंज तथा रतनजोत जैसे बीजों से उत्पादन की संभावना बढ़ाना।
अन्य गैर-परम्परागत स्रोत
- बायोमास: पौधों और कचरे से ऊर्जा उत्पादन।
- बायोगैस: गो/भैंस-वंशीय पशुओं के मल से; जांजगीर-चांपा और दुर्ग में वृहद संयंत्र, गाँवों में लघु संयंत्र।
- पवन ऊर्जा: पहला संयंत्र 1991 में बालोद के शासकीय महाविद्यालय में (प्रायोगिक), अब बंद।
- सौर ऊर्जा: राज्य स्तर पर सौर ऊर्जा नीति; पहुँचविहीन क्षेत्रों में प्रोत्साहन।
- देश का पहला आनग्रीड सौर-ऊर्जा संयंत्र: राजनांदगांव।
- देश का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज आधारित सौर संयंत्र: डोंगरगढ़ (ढाबा की पहाड़ी)।
- छत्तीसगढ़ का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट: भिलाई (दुर्ग), मरोदा जलाशय।
- रेलवे का देश में सबसे बड़ा सोलर प्लांट प्रस्तावित: चरोदा (भिलाई)।
- विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंतर्गत सोलर पैनल (आंशिक) राजनांदगांव जिले में; सौर SEZ लैंको पॉवर द्वारा राजनांदगांव में।
सौर ऊर्जा नीति 2017-27
- अवधि: अप्रैल 2017 से मार्च 2027।
- 1 किलोवॉट तक के रूफ टॉप सोलर संयंत्र को ग्रिड कनेक्टिविटी।
- अपनी खपत तथा राज्य के भीतर कैप्टिव खपत पर विद्युत शुल्क में छूट, मार्च 2027 तक स्थापित परियोजनाओं को।
- औद्योगिक नीति के तहत अपरम्परागत स्रोत आधारित संयंत्रों को सुविधाओं की पात्रता।
सौर ऊर्जा से विद्युत आपूर्ति
| क्षेत्र | जिला | गाँव |
|---|---|---|
| अचानकमार | मुंगेली | 17 |
| तमोरपिंगला | सूरजपुर | 30 |
| भोपालपट्टनम-उसूर | बीजापुर | 90 |
अन्य ऊर्जा संयंत्र
| संसाधन | वर्ष | क्षमता | विशेष |
|---|---|---|---|
| भोरमदेव को-जनरेशन, कवर्धा | 2006 | 6 MW | गन्ने की भूसी से |
| सरदार वल्लभ भाई पटेल शक्कर कारखाना | 2017 | 14 MW | गन्ने के अपशिष्ट से उत्पादन प्रस्तावित |
| माँ महामाया शक्कर कारखाना | 2020 | 6 MW | को-जनरेशन प्लांट प्रक्रियाधीन |
| भू-तापीय संयंत्र, तातापानी (बलरामपुर) | - | - | गर्म जल स्रोत; अमेरिका की Geo. Thermal Co. से अनुबंध |
| धमतरी बायोमास संयंत्र | 2014-15 | 310 MW (मूल पाठ के अनुसार) | धान की भूसी से; आँकड़ा असामान्य रूप से बड़ा |
| पवन ऊर्जा, बालोद | 1991 | - | प्रायोगिक, बंद |
प्रमुख विद्युत योजनाएँ
| योजना | तथ्य |
|---|---|
| बी.पी.एल. (एकलबत्ती) | गरीबी रेखा से नीचे परिवार; 2023-24 बजट 534.63 करोड़; 16.15 लाख से अधिक लाभार्थी (30.9.2023); 30 यूनिट अनुदान (पूर्व में 40); अगस्त 2018 से कमजोर आय वर्ग को 100 रु. प्रतिमाह फ्लैट रेट |
| मुख्यमंत्री एल.ई.डी. लैम्प वितरण | शुभारंभ 13 मार्च 2016, राजनांदगांव से |
| अटल ज्योति योजना | गाँवों एवं कृषकों को बिजली |
| दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति (DDUGJY) | राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना समाहित; अप्रैल-सितम्बर 2016 में 17 गाँवों का विद्युतीकरण |
| मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण | शुभारंभ 2014-15; अविद्युतीकृत मजरे/टोले/बसाहट |
| हाफ बिजली बिल | 1 मार्च 2019 से (2019-20); 400 यूनिट तक बिल आधा; शर्त पूर्व बकाया न हो |
| कृषक जीवन ज्योति | 2 अक्टूबर 2009 |
| मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण | नगर निगम क्षेत्र में लाइन विस्तार, अव्यवस्थित लाइनों का सुधार, तंग गलियों में केबल, BPL को निःशुल्क कनेक्शन; 2022-23 में 35.79 करोड़ का प्रावधान; 30.9.2023 तक 100 कार्य पूर्ण |
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि
वित्तीय वर्ष 2022-23 में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), नई दिल्ली के अनुसार विद्युतगृहों के औसत उत्पादन में राज्य का स्थान द्वितीय है। औसत PLF: स्टेट सेक्टर के विद्युतगृह 68.28%, छ.ग. स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड 82.67%। आगे: जियो थर्मल का देश का पहला स्टेशन लद्दाख की पूगा घाटी में और दूसरा तातापानी (बलरामपुर) में है। कोरबा को विद्युत राजधानी कहते हैं।
तुलना एवं संबंध
| स्रोत | उदाहरण |
|---|---|
| सौर | राजनांदगांव, डोंगरगढ़, भिलाई (फ्लोटिंग) |
| भू-तापीय | तातापानी, बलरामपुर |
| पवन | बालोद (बंद) |
| बायोमास | धमतरी, भोरमदेव |
याद रखने योग्य बिंदु
- क्रेडा 25 मई 2001, रायपुर।
- मोर छत मोर बिजली = मुख्यमंत्री सौर शक्ति योजना (2019)।
- सौर नीति 2017-27।
- पहला आनग्रीड सौर संयंत्र राजनांदगांव।
- फ्लोटिंग सोलर: भिलाई, मरोदा जलाशय।
- राज्य विद्युत नियामक आयोग 1 जुलाई 2004।
- LED वितरण योजना 13 मार्च 2016।
- हाफ बिजली बिल 1 मार्च 2019, 400 यूनिट।
- कृषक जीवन ज्योति 2 अक्टूबर 2009।
- CEA 2022-23: राज्य द्वितीय स्थान; PLF 68.28% और 82.67%।
स्मरण सूत्र
"क्रेडा दो-हज़ार-एक, हाफ बिल उन्नीस, LED सोलह": 2001, 2019, 2016।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: क्रेडा का मुख्यालय? उत्तर: रायपुर।
- प्रश्न: CBDA किन बीजों की संभावना बढ़ाता है? उत्तर: करंज और रतनजोत।
- प्रश्न: हाफ बिजली बिल में कितने यूनिट तक? उत्तर: 400 यूनिट।
- प्रश्न: पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट कहाँ? उत्तर: भिलाई, मरोदा जलाशय।
- प्रश्न: तातापानी किस जिले में? उत्तर: बलरामपुर।
- प्रश्न: कृषक जीवन ज्योति कब शुरू हुई? उत्तर: 2 अक्टूबर 2009।
अभ्यास प्रश्न
छत्तीसगढ़ में ऊर्जा का मुख्य स्रोत कौन सा है ?
- (A) तापीय ऊर्जा
- (B) जल ऊर्जा
- (C) सोलर ऊर्जा
- (D) पवन ऊर्जा
छत्तीसगढ़ क्रेडा द्वारा ऊर्जा पार्क की स्थापना की गई है?
- (A) रायपुर
- (B) दुर्ग
- (C) भिलाई
- (D) कोरबा
छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री के द्वारा किस तिथि से एल.ई. डी. लैम्प वितरण योजना प्रारम्भ की गयी है ?
- (A) 1 अप्रैल 2016
- (B) 13 मार्च 2016
- (C) 13 मार्च 2017
- (D) इनमें से कोई नहीं
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) का प्रधान कार्यालय है
- (A) रायपुर में
- (B) बस्तर में
- (C) दन्तेवाड़ा में
- (D) इनमें से कहीं नहीं
छत्तीसगढ़ में गाँवों में विद्युत् की निरंतर आपूर्तिसुनिश्चित करने के लिए कौनसी योजना प्रारम्भ की गईहै?
- (A) कुटीर ज्योति योजना
- (B) अटल ज्योति योजना
- (C) गाहिरा गुरु योजना
- (D) एकलव्य योजना
छत्तीसगढ़ के बालोद में स्थित शासकीय महाविद्यालय, बालोद में पवन ऊर्जा की कब स्थापना की गई?
- (A) वर्ष 1991
- (B) वर्ष 1992
- (C) वर्ष 1993
- (D) वर्ष 1994
वर्ष 1991 में पवन उर्जा संयन्त्र की स्थापना किस जिले में की
- (A) बस्तर
- (B) बालोद
- (C) कोरबा
- (D) रायगढ़
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (A) - राज्य में ऊर्जा का मुख्य स्रोत तापीय ऊर्जा है।
- (A) - क्रेडा द्वारा रायपुर में ऊर्जा पार्क की स्थापना की गई।
- (B) - मुख्यमंत्री एल.ई.डी. लैम्प वितरण का शुभारंभ 13 मार्च 2016 को हुआ।
- (A) - क्रेडा का मुख्यालय रायपुर है।
- (B) - अटल ज्योति योजना गाँवों एवं कृषकों को बिजली उपलब्ध कराती है।
- (A) - पवन ऊर्जा का पहला संयंत्र 1991 में बालोद के शासकीय महाविद्यालय में लगा।
- (B) - 1991 में पवन ऊर्जा संयंत्र बालोद में स्थापित हुआ।