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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 2): कृषि, वन, खनिज, उद्योग, परिवहन एवं जनसंख्या · Chapter 19
बायोस्फीयर, हाथी व मगरमच्छ रिजर्व, चिड़ियाघर एवं वन योजनाएँ

बायोस्फीयर, हाथी व मगरमच्छ रिजर्व, चिड़ियाघर एवं वन योजनाएँ

इस अध्याय में बायोस्फीयर रिजर्व, हाथी रिजर्व, मगरमच्छ संरक्षण क्षेत्र, चिड़ियाघर, पक्षी विहार, जंगल सफारी, वन्य जीव परियोजनाएँ और तेंदूपत्ता संग्राहक व वृक्षारोपण योजनाएँ दी गई हैं। प्रदेश-स्तर के "पहला/एकमात्र" तथ्य यहीं से पूछे जाते हैं।

बायोस्फीयर रिजर्व

  • अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिजर्व: देश का 14वाँ; स्थापना 2005।
  • क्षेत्रफल 3835.51 वर्ग किमी, जिसमें से 2610 वर्ग किमी छत्तीसगढ़ में।
  • यूनेस्को के मानव और जैवमण्डल (MAB) कार्यक्रम में 2012 में शामिल।
  • भारत में वर्तमान में 18 बायोस्फीयर रिजर्व; नीलगिरी (तमिलनाडु-केरल, 1986) पहला।

हाथी रिजर्व और परियोजना

रिजर्वविवरण
सरगुजा-जशपुर हाथी रिजर्वजिले: बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर; क्षेत्रफल 1143.34 वर्ग किमी; अभ्यारण्य: तमोरपिंगला, सेमरसोत, बादलखोल
लेमरू एलीफेंट रिजर्व (कोरबा)घोषणा 15 अगस्त 2019; हाथियों के संरक्षण हेतु; जिले: सरगुजा, रायगढ़, कोरबा; क्षेत्रफल 1995 वर्ग किमी; वन मण्डल: कोरबा, कटघोरा, सरगुजा, धरमजयगढ़
हाथी राहत एवं पुनर्वास केन्द्ररमकोला, सूरजपुर
गजराज परियोजनाशुभारम्भ 2014; क्षेत्र: जशपुर, बलरामपुर, सरगुजा, रायगढ़, कोरबा; हाथी झारखण्ड से छोटा नागपुर के पठार के रास्ते छत्तीसगढ़ में आते हैं

मगरमच्छ संरक्षण रिजर्व

प्रकार/नामजिलाविवरण
कृत्रिम: कोटमीसोनारजांजगीर-चांपा (वन मण्डल जांजगीर)निर्माण 2006-07
प्राकृतिक: भैंसादरहाबस्तर (कांगेर घाटी उद्यान)कोंटा-हैदराबाद मार्ग (NH-30) पर; 4 हेक्टेयर, गहराई 18-20 मी; कांगेर नदी में
प्राकृतिक: जाटलुर नदीनारायणपुरमुरूमवाड़ा के समीप
प्राकृतिक: विनता-मिचनारबस्तरइंद्रावती नदी, चित्रकूट से आगे विनता घाटी से मिचनार तक

चिड़िया घर

नामजिलाविवरण
नंदनवन चिड़िया घर एवं जंगल सफारीरायपुर320 हेक्टेयर
कानन पेण्डारीबिलासपुर65 हेक्टेयर
मैत्रीबागदुर्गभारत-रूस मित्रता के प्रतीक स्वरूप स्थापित

पक्षी विहार और जंगल सफारी

नामस्थानविशेष
गिधवा पक्षी विहारपरसदा (बेमेतरा)राज्य का प्रथम पक्षी महोत्सव
लमनी पक्षी सदनजगदलपुरराज्य का प्रथम पक्षी सदन (एवीयरी)
रहंगी पक्षी विहाररहंगी ग्राम (बिलासपुर)राज्य का द्वितीय पक्षी विहार
प्रथम जंगल सफारीतूता ग्राम (नवा रायपुर, अटलनगर)202.87 हेक्टेयर; एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल सफारी
द्वितीय जंगल सफारी (प्रस्तावित)रामचुआ हरमो (कवर्धा)191 हेक्टेयर
एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल (प्रस्तावित)खुली खदान नंदिनी (दुर्ग)885 एकड़; तीन वर्ष में जंगल के रूप में विकसित किया जाएगा

अन्य वन्यजीव परियोजनाएँ

  • कुटरू गेम सेंचुरी: इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत बीजापुर जिले में।
  • तितली पार्क (बस्तर): राज्य का प्रथम, कांगेर घाटी उद्यान में स्थापित किया जाएगा।
  • जामवंत परियोजना (भालू): 2014; मरवाही, कटघोरा, मनेन्द्रगढ़; बिलासपुर वन मण्डल के मरवाही परिक्षेत्र में सफेद भालू देखे गए हैं।
  • चीतल नीलगाय पार्क: रामानुजगंज (बलरामपुर)।
  • गौवंश अभ्यारण्य योजना: सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गौवंश की सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर अंकुश; पशुधन, पंचायत, राजस्व एवं वन विभाग के समन्वय से।
  • वन भैंसा संरक्षण: आशादीप परियोजना, 2014 से, उदंती-सीतानदी क्षेत्र में, करनाल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा।

ध्यान दें: आशादीप का प्रारंभ इस मूल पाठ में 2014 दिया है; उदंती मूल पाठ में दीपआशा का जन्म कृत्रिम गर्भाधान से बताया गया है, वर्ष नहीं दिया।

वन विभाग से जुड़े प्रमुख तथ्य

विषयस्थान/तथ्य
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडलरायपुर
हर्बल गार्डन एवं इंटरप्रिटेशन सेंटरधमतरी एवं बस्तर
वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्ररायपुर
क्षेत्रीय वन अनुसंधान केन्द्रबिलासपुर, रायपुर, जगदलपुर
राजीव स्मृति वनरायपुर
शहद प्रसंस्करण केन्द्रबिलासपुर, कवर्धा, भानुप्रतापपुर
बाँस एम्पोरियम (नवम्बर 2010)रायपुर
वनपाल प्रशिक्षण संस्थानजगदलपुर
वनरक्षक प्रशिक्षण हेतु वन विद्यालयमहासमुंद, सक्ती, अम्बिकापुर, कवर्धा, भानुप्रतापपुर
सर्वाधिक इमारती लकड़ी व इमलीबस्तर
तेंदूपत्ता के प्रमुख उत्पादक जिलेसरगुजा एवं बस्तर
लाख उत्पादन में राज्य का स्थानद्वितीय (प्रथम झारखंड)
वन ग्रामकुल 90 (कुल ग्राम 20,551)
जशपुर में वनों का स्थानीय नामढाब
  • उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्रफल मध्य छत्तीसगढ़ से अधिक है।
  • दण्डकारण्य क्षेत्र के बहुमूल्य खाद्य वनोपज चिरौंजी और इमली हैं।

योजनाएँ

योजनाविवरण
शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजनाशुभारंभ 5 अगस्त 2020 (महेंद्र कर्मा की जयंती पर); संचालन राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ; लगभग 12.50 लाख पंजीकृत संग्राहक परिवार; 50% राशि वन विभाग और 50% लघु वनोपज संघ देता है
सामाजिक सुरक्षा योजनाप्रारंभ 1 अप्रैल 2020; पंजीकृत परिवार के सदस्य (मुखिया को छोड़कर) की सामान्य मृत्यु, दुर्घटना मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 12000 रुपये
पुनर्गठित राष्ट्रीय बाँस मिशनप्रारंभ 2018-19; छत्तीसगढ़ देश का पाँचवाँ सबसे बड़ा बाँस आच्छादित राज्य; 11,060 वर्ग किमी पर बाँस वन, जो कुल वन का 18.50%
मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाशुभारंभ 21 मार्च 2023 (विश्व वानिकी दिवस); लक्ष्य 5 वर्ष में 80 लाख एकड़ में 15 करोड़ वृक्षारोपण; उद्देश्य: वाणिज्यिक वृक्षारोपण, किसानों की आय, वन संरक्षण, काष्ठ आधारित उद्योग

तेंदूपत्ता संग्राहक योजना की सहायता राशि

स्थिति50 वर्ष से कम सदस्य51 से 59 वर्ष सदस्य
सामान्य मृत्यु2 लाख30,000
पूर्ण विकलांगता2 लाख75,000
आंशिक विकलांगता1 लाख37,500
दुर्घटना में मृत्यु4 लाख (2 लाख मृत्यु + 2 लाख अतिरिक्त)75,000

वृक्ष संपदा योजना में इस वर्ष 12 प्रकार की प्रजाति रोपी जानी हैं: क्लोनल यूकेलिप्टस, रूटशूट, टीक, टिश्यू कल्चर, चंदन, मेलिया दुबिया, सामान्य बाँस, टिश्यू कल्चर बम्बू, रक्त चंदन, आंवला, खमार, शीशम तथा महानीम (मूल पाठ में 12 कहा गया, नाम 13 गिनते हैं, टिश्यू कल्चर के प्रकार अलग गिनने पर संख्या बदलती है)।

तुलना एवं संबंध

रिजर्वप्रकारजिले/स्थान
सरगुजा-जशपुरहाथीबलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर
लेमरूहाथीसरगुजा, रायगढ़, कोरबा
अचानकमार-अमरकंटकबायोस्फीयरमुंगेली आदि
भैंसादरहामगरमच्छ (प्राकृतिक)बस्तर

याद रखने योग्य बिंदु

  • बायोस्फीयर: अचानकमार-अमरकंटक, 2005, देश का 14वाँ।
  • कुल 3835.51 वर्ग किमी, छ.ग. में 2610।
  • लेमरू हाथी रिजर्व घोषणा 15 अगस्त 2019, 1995 वर्ग किमी।
  • गजराज परियोजना 2014।
  • कृत्रिम मगरमच्छ रिजर्व: कोटमीसोनार (जांजगीर-चांपा)।
  • प्राकृतिक: भैंसादरहा, जाटलुर, विनता-मिचनार।
  • तूता जंगल सफारी: 202.87 हेक्टेयर, एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित।
  • गिधवा (परसदा, बेमेतरा): प्रथम पक्षी महोत्सव।
  • महेंद्र कर्मा योजना: 5 अगस्त 2020, ~12.50 लाख परिवार।
  • मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना: 21 मार्च 2023।
  • बाँस वन 11,060 वर्ग किमी (18.50%)।
  • लाख उत्पादन में राज्य दूसरे स्थान पर।

स्मरण सूत्र

  • "हाथी-उत्तर, मगर-दक्षिण": हाथी रिजर्व सरगुजा अंचल में; प्राकृतिक मगरमच्छ क्षेत्र बस्तर में (कोटमीसोनार अपवाद)।
  • महेंद्र कर्मा योजना: पचास-पचास (वन विभाग-संघ)।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. लेमरू हाथी रिजर्व कब घोषित? उ. 15 अगस्त 2019।
  2. प्र. कृत्रिम मगरमच्छ रिजर्व कहाँ? उ. कोटमीसोनार, जांजगीर-चांपा।
  3. प्र. जंगल सफारी कहाँ है? उ. तूता ग्राम, नवा रायपुर।
  4. प्र. मैत्रीबाग कहाँ, क्यों? उ. दुर्ग; भारत-रूस मित्रता का प्रतीक।
  5. प्र. वृक्ष संपदा योजना का लक्ष्य? उ. 5 वर्ष में 15 करोड़ वृक्ष।
  6. प्र. अचानकमार-अमरकंटक का क्रम? उ. देश का 14वाँ बायोस्फीयर रिजर्व।

अभ्यास प्रश्न

  1. गिधवा पक्षी विहार निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है?

    • (A) रायपुर
    • (B) बिलासपुर
    • (C) बेमेतरा
    • (D) बस्तर
  2. अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य को कब बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया गया?

    • (A) वर्ष 2002
    • (B) वर्ष 2003
    • (C) वर्ष 2004
    • (D) वर्ष 2005
  3. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा वनवासी तेंदूपत्ता संग्राहको को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कौन सी योजना चला रही है

    • (A) शहीद उदय मुदलियार तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना
    • (B) शहीद वीर नारयण सिंह तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना
    • (C) शहीद गुंडाधुर तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना
    • (D) शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (C) - गिधवा पक्षी विहार परसदा (बेमेतरा) में है।
  2. (D) - अचानकमार बायोस्फीयर रिजर्व 2005 में बना।
  3. (D) - शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना 5 अगस्त 2020 से।
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