कृषि एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख योजनाएँ
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आधार खेती है, इसलिए राज्य और केंद्र की योजनाएँ मिट्टी, पशुधन, फसल, बाज़ार और ग्रामीण उद्योग को जोड़कर बनाई गई हैं। CGPSC, व्यापम और पटवारी परीक्षाओं में योजना की शुरुआत तिथि, स्थान, नाम-परिवर्तन और आँकड़े बार-बार पूछे जाते हैं। इस अध्याय में हर योजना के तथ्य क्रम से दिए गए हैं।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| शुभारंभ | 19 फरवरी 2015 (प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना) |
| नाम-परिवर्तन | भूमि पोषण अभियान (BPA), वर्ष 2021-22 |
| उद्देश्य | मिट्टी की गुणवत्ता जाँचकर किसानों को अच्छी फसल लेने में मदद देना |
| विशेष | किसान को केवल 2 रुपये में मिट्टी परीक्षण की सुविधा |
आदर्श मण्डी
पाँच मण्डियाँ आदर्श मण्डी के रूप में शामिल की गई हैं: धमतरी, कुरूद, राजनांदगांव, कवर्धा और मुंगेली।
सुराजी गाँव योजना
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रारंभ | 8 फरवरी 2019 |
| स्थान | दुर्ग |
| नारा | छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी: नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी एला बचाना हे संगवारी |
| उद्देश्य | ग्रामीण अर्थव्यवस्था के परंपरागत संसाधनों को बचाकर व पुनर्जीवित करके गाँवों को राज्य की अर्थव्यवस्था के केंद्र में लाना; पर्यावरण सुधारते हुए किसानों-ग्रामीणों की निजी आय बढ़ाना; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना |
चार चिन्हारी (घटक)
| घटक | अर्थ |
|---|---|
| नरवा | ग्रामीण अंचल के बरसाती नाले |
| गरूवा | पशुधन |
| घुरवा | जैविक खाद (उर्वरक) बनाने का स्थान |
| बारी | घर से लगी बगीची |
गोधन न्याय योजना
शुभारंभ 20 जुलाई 2020 को हरेली त्यौहार के दिन बैहार गौठान (रायपुर) में हुआ। मूल पाठ के अनुसार वर्तमान में यह योजना संचालित नहीं है।
धरसा विकास योजना
शुभारंभ 6 अक्टूबर 2020 को स्वामी आत्मानंद की जयंती के अवसर पर। उद्देश्य: गाँव में खेतों तक जाने वाले कच्चे रास्तों (धरसा) को पक्का करना।
रोका-छेका अभियान
| संस्करण | अवधि |
|---|---|
| प्रथम | 19-30 जून 2020 |
| द्वितीय | 1 जुलाई 2021 से |
| तृतीय | 10-20 जुलाई 2022 |
| चतुर्थ | 6-17 जुलाई 2023 |
नारा: खेती-बारी के आगे बेरा, चलव करबो रोका-छेका। उद्देश्य: फसलों को मवेशियों से बचाना और खुले में चराई रोकना। यह योजना भी अभी संचालित नहीं है (मूल पाठ के अनुसार)।
कृषक उन्नति योजना
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रारंभ | खरीफ वर्ष 2023-24 |
| पूर्व नाम | राजीव गांधी किसान न्याय योजना |
| वितरण | 12 मार्च 2024 |
| लाभार्थी / राशि | 24.72 लाख किसान / 13,320 करोड़ रुपये |
| उद्देश्य | किसानों की आय, फसल उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाना तथा फसल की लागत घटाना |
| मुख्य बिंदु | समर्थन मूल्य पर खरीदे धान में प्रति क्विंटल 917 रुपये के मान से अंतर राशि दी जाती है |
| धान रकबा | राज्य में लगभग 32 लाख हेक्टेयर में धान की बोनी |
| खरीदी | 2023-24 में समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान |
| बजट 2024-25 | 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान |
जैविक खेती योजना
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| शुभारंभ | 2014 |
| प्रकार | राज्य पोषित योजना |
| उद्देश्य | राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा |
| प्रारंभिक 5 जिले | रायपुर, रायगढ़, कोरिया, बालोद, दंतेवाड़ा |
| बाद में जुड़े 5 जिले | सुकमा (2016), बीजापुर (2016), नारायणपुर (2016), दंतेवाड़ा (2016), गरियाबंद (2014) |
| शेष | शेष 23 जिलों में एक-एक विकासखण्ड को पूर्ण जैविक बनाने का कार्यक्रम |
मूल पाठ की एक असंगति: दंतेवाड़ा प्रारंभिक सूची और बाद की सूची, दोनों में लिखा है। सूत्र: सुबीना दंग (सु-सुकमा, बी-बीजापुर, ना-नारायणपुर, दं-दंतेवाड़ा, ग-गरियाबंद)।
प्रमुख जैविक फसलें
| फसल | किस्में |
|---|---|
| धान (सुगंधित) | बासमती, बादशाहभोग, दुबराज, जंवाफूल, पुसासुगंध, जीराफूल, तुलसी-मंजरी, काली कमोद, कालीगिलास, तिलकस्तुरी (ग्रीन राईस), लोक्टीमांछी, मोतीचुर आदि |
| लघु धान्य | कोदो-कुटकी, रागी, सांवा, कोसरा |
| दलहन-तिलहन | अरहर, उड़द, मूंग, कुल्थी, तिल, राई-सरसों, सोयाबीन |
| GI टैग फसल | जीराफूल (2019), नगरी दुबराज (2023) |
प्रमाणीकरण: राज्य में PGS इंडिया के माध्यम से जैविक फसलों के प्रमाणीकरण हेतु 60 क्षेत्रीय परिषद (RC) पंजीकृत हैं।
राज्य के जैविक ब्रांड
| ब्रांड | जिला |
|---|---|
| चांग्रो राईस | बलरामपुर |
| बांसाझाल राईस, महामाया | सरगुजा |
| मैकल्स नेचर | कबीरधाम |
| आगर जैव उत्पाद | मुंगेली |
| आरूग जैविक | राजनांदगांव |
| रूद्र आर्गेनिक | धमतरी |
| पंचतत्व | कोंडागांव |
| आदिम ब्रांड, पंचतत्व | दंतेवाड़ा |
| बस्तर नेचुरल | बस्तर |
| केलो ब्रांड | रायगढ़ |
| शिवनाथ आर्गेनिक्स | दुर्ग |
| रायपुर आर्गेनिक्स | रायपुर |
| बालोद आर्गेनिक | बालोद |
| जशपुर एग्रोफ्रेश | जशपुर |
परंपरागत कृषि विकास योजना
छत्तीसगढ़ में 2016 से; केंद्र प्रवर्तित योजना। लक्ष्य: जैविक खेती को बढ़ावा देना, किसानों को उद्यमी बनाना और उन्हें सीधे स्थानीय व राष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ना।
चिराग परियोजना
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | Chhattisgarh Inclusive Rural and Accelerated Agriculture Growth |
| शुभारंभ | 24 नवंबर 2021 |
| वित्तीय सहायता | विश्व बैंक तथा इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (IFAD) |
| स्वरूप | आदिवासियों के लिए नए अवसर व आशाएँ लाने वाली परियोजना; 14 जिलों के पिछड़े व आदिवासी विकासखण्ड |
| सरगुजा संभाग (5) | बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, सरगुजा, सूरजपुर |
| बस्तर संभाग (7) | बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा |
| रायपुर संभाग (1) | बलौदाबाजार |
| बिलासपुर संभाग (1) | मुंगेली |
उद्देश्य: किसानों की आमदनी के अवसर बढ़ाना; गाँवों में पौष्टिक भोजन की उपलब्धता; क्षेत्र की जलवायु पर आधारित पोषण-उत्पादन प्रणाली; प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की कार्यप्रणाली; कृषि में नए व विकसित तौर-तरीकों को बढ़ावा।
मिलेट मिशन
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| शुभारंभ | 10 सितंबर 2021 |
| प्रोत्साहन | कोदो, कुटकी व रागी (लघु धान्य) |
| लाभार्थी | राज्य के लघु धान्य उत्पादक किसान |
| त्रिपक्षीय MoU | इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च (IIMR) हैदराबाद, छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज संघ, राज्य के 14 जिले |
| MoU के 14 जिले | कोण्डागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, बीजापुर, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, कबीरधाम, राजनांदगांव, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही |
महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना
शुभारंभ 2 अक्टूबर 2022। राज्य का पहला ग्रामीण औद्योगिक पार्क 10 जून 2022 को कांकेर जिले के कुलगांव में उद्घाटित हुआ, जिसे गांधी ग्राम नाम दिया गया। प्रदेश का सबसे बड़ा ग्रामीण औद्योगिक पार्क बस्तर के ग्राम तुरेनार में स्थापित है।
धान उत्पादन प्रोत्साहन योजना
शुभारंभ 25 दिसंबर 2023 (राष्ट्रीय सुशासन दिवस) को हुआ, पर यह वर्ष 2014-15 व 2015-16 की खरीदी पर 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि देती है।
| वर्ष | धान खरीदी | लाभान्वित किसान | भुगतान राशि |
|---|---|---|---|
| 2014-15 | 63.10 लाख टन | 12,57,196 | 1912.97 करोड़ रु. |
| 2015-16 | 59.29 लाख टन | 13,29,771 | 1803.41 करोड़ रु. |
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
छत्तीसगढ़ के 23 लाख से ज़्यादा लघु व सीमांत किसानों को केंद्र सरकार तीन किश्तों में सालाना 6 हजार रुपये की सहायता देती है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना
भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10,000 रुपये प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता; बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान। राजीव गाँधी कृषि मजदूर न्याय योजना को बंद कर यह योजना घोषित की गई।
छत्तीसगढ़ के GI टैग उत्पाद (कुल 7)
| हस्तशिल्प (5) | कृषि (2) |
|---|---|
| बस्तर ढोकरा | जीराफूल (2019) |
| बस्तर ढोकरा लोगो | नगरी दुबराज (2023) |
| बस्तर वुडन क्राफ्ट | - |
| बस्तर आयरन क्राफ्ट | - |
| चाम्पा सिल्क साड़ी और कपड़े | - |
तुलना एवं संबंध
| योजना | तिथि | संबंधित बिंदु |
|---|---|---|
| मृदा स्वास्थ्य कार्ड | 19 फरवरी 2015 | 2 रुपये में जाँच; अब भूमि पोषण अभियान |
| सुराजी गाँव | 8 फरवरी 2019 | दुर्ग; नरवा-गरूवा-घुरवा-बारी |
| गोधन न्याय | 20 जुलाई 2020 | हरेली, बैहार गौठान |
| धरसा विकास | 6 अक्टूबर 2020 | स्वामी आत्मानंद जयंती |
| मिलेट मिशन | 10 सितंबर 2021 | IIMR हैदराबाद से MoU |
| चिराग | 24 नवंबर 2021 | विश्व बैंक व IFAD |
| कृषक उन्नति | खरीफ 2023-24 | पहले राजीव गांधी किसान न्याय योजना |
याद रखने योग्य बिंदु
- मृदा परीक्षण किसान को केवल 2 रुपये में; योजना का नया नाम भूमि पोषण अभियान।
- आदर्श मण्डी पाँच: धमतरी, कुरूद, राजनांदगांव, कवर्धा, मुंगेली।
- सुराजी गाँव 8 फरवरी 2019 को दुर्ग में शुरू हुई।
- गोधन न्याय का शुभारंभ हरेली पर 20 जुलाई 2020 को।
- धरसा विकास योजना का संबंध खेत के कच्चे रास्तों से है।
- कृषक उन्नति योजना का पूर्व नाम राजीव गांधी किसान न्याय योजना; अंतर राशि 917 रु. प्रति क्विंटल।
- जैविक खेती योजना 2014 में 5 जिलों से शुरू हुई।
- GI टैग: जीराफूल 2019 और नगरी दुबराज 2023।
- चिराग 14 जिलों के पिछड़े व आदिवासी विकासखण्डों के लिए है।
- पहला ग्रामीण औद्योगिक पार्क: कुलगांव (कांकेर); सबसे बड़ा: तुरेनार (बस्तर)।
- राज्य के कुल GI उत्पाद 7: 5 हस्तशिल्प और 2 कृषि।
स्मरण सूत्र
- नरवा-गरूवा-घुरवा-बारी = पानी, पशु, खाद, बगीचा।
- सुबीना दंग = सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, गरियाबंद (जैविक खेती के बाद के जिले)।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: मृदा परीक्षण की फीस कितनी है? उत्तर: 2 रुपये।
- प्रश्न: सुराजी गाँव योजना कहाँ शुरू हुई? उत्तर: दुर्ग में, 8 फरवरी 2019 को।
- प्रश्न: चिराग का पूरा नाम बताइए। उत्तर: Chhattisgarh Inclusive Rural and Accelerated Agriculture Growth।
- प्रश्न: मिलेट मिशन में किन फसलों को प्रोत्साहन है? उत्तर: कोदो, कुटकी और रागी।
- प्रश्न: पहला ग्रामीण औद्योगिक पार्क कहाँ खुला? उत्तर: कुलगांव, जिला कांकेर।
- प्रश्न: दीनदयाल कृषि मजदूर कल्याण योजना में सालाना सहायता कितनी? उत्तर: 10,000 रुपये।
अभ्यास प्रश्न
किस योजना के माध्यम से नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी का अभियान छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया है?
- (A) पशुधन मित्र योजना
- (B) पौनी पसारी योजना
- (C) किसान न्याय योजना
- (D) सुराजी गाँव योजना
गोधन योजना हरेली पर्व के अवसर पर कौन सी तिथि को प्रारंभ हुई
- (A) 20 जुलाई 2020
- (B) 1 नवंबर 2020
- (C) 5 जुलाई 2020
- (D) 28 जुलाई 2020
इस राज्य में रोका-छेका अभियान का उद्देश्य निम्न में से किसे सुरक्षा प्रदान करना था ?
- (A) वनों को
- (B) खरीफ फसलों को
- (C) मृदा को
- (D) जल को
“प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना” के अन्तर्गत 01 साल में किसानों को कितनी राशि दी जाती है ?
- (A) Rs.10,000
- (B) Rs.8,000
- (C) Rs.6,000
- (D) Rs. 5,000
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (D) - सुराजी गाँव योजना के चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरवा और बारी हैं।
- (A) - गोधन न्याय योजना का शुभारंभ हरेली पर 20 जुलाई 2020 को हुआ।
- (B) - रोका-छेका अभियान का उद्देश्य फसलों को मवेशियों से बचाना है।
- (C) - प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में सालाना 6 हजार रुपये तीन किश्तों में मिलते हैं।