ऊर्जा संसाधन: विकास क्रम एवं विद्युत मण्डल
छत्तीसगढ़ में विद्युत उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा तापीय संयंत्रों से आता है। यह अध्याय संयंत्रों का कालक्रम, स्थापित क्षमता और विद्युत मण्डल की संरचना बताता है।
राज्य में ऊर्जा का मुख्य स्रोत तापीय ऊर्जा है। भू-तापीय ऊर्जा संयंत्र बलरामपुर जिले में प्रस्तावित है।
ऊर्जा संयंत्रों का विकास क्रम
| वर्ष | उपक्रम | जिला | क्षमता/विशेष |
|---|---|---|---|
| 1958 | कोरबा पूर्व-I | कोरबा | प्राचीनतम ताप विद्युत संयंत्र (बंद) |
| 1966-68 | कोरबा पूर्व-II | कोरबा | डी-कमिशनिंग |
| 1976-81 | कोरबा पूर्व-III | कोरबा | डी-कमिशनिंग |
| 1983-86 | हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (कोरबा पश्चिम) | कोरबा | 840 मेगावाट |
| 1990 | रुद्री जल विद्युत संयंत्र (महानदी) | धमतरी | प्रथम जल विद्युत संयंत्र (बंद) |
| 1991 | पवन ऊर्जा संयंत्र | बालोद | गैर-परम्परागत स्रोत |
| 1994-95 | हसदेव-बांगो जल विद्युत | कोरबा | 120 मेगावाट (वर्तमान में संचालित प्रथम) |
| 2003-09 | लघु जल विद्युत गृह (कोरबा पश्चिम) | कोरबा | 1.7 मेगावाट |
| 2004 | गंगरेल जल विद्युत | धमतरी | 10 मेगावाट |
| 2006 | सिकासार जल विद्युत | गरियाबंद | 7 मेगावाट |
| 2007 | श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत (कोरबा पूर्व) | कोरबा | 500 मेगावाट |
| 2013 | कोरबा पश्चिम विस्तार | कोरबा | 500 मेगावाट |
| 2016 | अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत (मड़वा) | जांजगीर-चांपा | 1000 मेगावाट |
तालिका में कुल विद्युत उत्पादन 2978.7 मेगावाट दिया है। नोट: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने का 6 मेगावाट उत्पादन अनुबंध के तहत उसी को हस्तांतरित है।
स्थापित क्षमता (30.09.2023)
| स्रोत | क्षमता (MW) | प्रतिशत |
|---|---|---|
| तापीय कोयला | 2840 | 95.34% |
| जल विद्युत | 120 (तालिका 11.2 में) | - |
| अक्षय ऊर्जा स्रोत | 18.70 | - |
| जल विद्युत कुल (विद्युत मण्डल तालिका) | 138.7 | 4.66% |
| कुल | 2978.70 | 100% |
टिप्पणी: तालिका 11.2 में जल विद्युत 120 और अक्षय ऊर्जा 18.70 है, जिनका योग 138.7 है; विद्युत मण्डल की तालिका इसी 138.7 को जल विद्युत क्षमता बताती है। इसलिए दोनों वर्गीकरण एक ही कुल तक पहुँचते हैं।
राज्य गठन (नवम्बर 2000) के समय क्षमता 1,360 मेगावाट थी, जो लगभग 22-23 वर्षों में 2978.70 मेगावाट हुई, यानी 119% वृद्धि (मूल पाठ में अवधि कहीं 22 और कहीं 23 वर्ष लिखी है)।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल
- गठन: 15 नवम्बर 2000; विद्युत अधिनियम 2003 के तहत; सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम।
- विभाजन: 19 दिसम्बर 2008 को विलय के पश्चात् कंपनियाँ बनीं।
- होल्डिंग कंपनी (CSPHCL), पारेषण (CSPTCL), उत्पादन (CSPGCL), वितरण (CSPDCL), ट्रेडिंग कंपनी (मूल पाठ में संक्षिप्त रूप CSPTCL लिखा है, जो पारेषण कंपनी के संक्षिप्त रूप से मेल खाता है)।
- मण्डल का मुख्यालय रायपुर।
GSDP में विद्युत, गैस, पानी आपूर्ति का योगदान (स्थिर मूल्य)
| मद | 2018-19 | 2019-20 | 2020-21 | 2021-22 | 2021-22 (दूसरा स्तंभ) | 2023-24 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| वृद्धि (%) | 7.55 | 10.63 | 8.85 | 5.19 | 9.62 | 8.11 |
| भागीदारी (%) | 9.18 | 9.62 | 10.35 | 9.74 | 9.94 | 10.16 |
मूल पाठ में 2021-22 का शीर्षक दो बार छपा है; दूसरा संभवतः 2022-23 है, पर छवि के अनुसार जैसा है वैसा दिया गया।
राजकीय उपक्रम: जलीय बनाम तापीय
| वर्ग | क्षमता | हिस्सा |
|---|---|---|
| जलीय संयंत्र | 138.7 MW | 4.66% |
| तापीय संयंत्र | 2840 MW | 95.34% |
तापीय में कोरबा 1840 MW (राज्य का सबसे बड़ा ताप ऊर्जा केंद्र) और जांजगीर-चांपा 1000 MW। कोरबा में कोरबा पूर्व 500 MW और कोरबा पश्चिम 1340 MW।
| विद्युत गृह | स्थापना | इकाई | क्षमता (MW) |
|---|---|---|---|
| कोरबा पूर्व-I | 1958 | - | - |
| कोरबा पूर्व-II | 1966-68 | 50x4 | डी-कमिशनिंग |
| कोरबा पूर्व-III | 1976-81 | 120x2 | डी-कमिशनिंग |
| श्यामाप्रसाद मुखर्जी | 2007 | 250x2 | 500 |
| हसदेव ताप (कोरबा पश्चिम) | 1983-86 | 210x4 | 840 |
| कोरबा पश्चिम विस्तार | 2013 | 500x1 | 500 |
| मड़वा-तेंदूभाठा (जांजगीर-चांपा) | 2016 | 500x2 | 1000 |
- पहला ताप संयंत्र (कोरबा पूर्व-I, 1958) जापान और अमेरिका के सहयोग से।
- कोरबा पूर्व-II 2019 में डी-कमिशन, 200 MW कम।
- कोरबा पूर्व-III दिसम्बर 2020 में डी-कमिशन, 240 MW कम।
प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजनाएँ
| परियोजना | स्थान | क्षमता | विशेष |
|---|---|---|---|
| कोरबा दक्षिण | कोरबा | 1000 MW | - |
| इफ्को | प्रेमनगर (सूरजपुर) | 1320 MW | इफ्को प्राइवेट लिमिटेड और राज्य विद्युत मण्डल का संयुक्त उपक्रम |
| भैयाथान | भैयाथान (सूरजपुर) | 1320 MW | इंडिया बुल्स प्राइवेट लिमिटेड और मण्डल का संयुक्त उपक्रम |
| बुंजी-बुंदेली | बुंदेली (कोरिया) | 500 MW | - |
| कोरबा पश्चिम | दर्री (कोरबा) | 1320 MW | 660x2 इकाई, हसदेव संयंत्र का विस्तार |
प्रस्तावित निजी: रायगढ़ ताप विद्युत परियोजना (रायगढ़, 660 MW (4x165), जिंदल पावर लिमिटेड); पतरडी/पताड़ी ताप विद्युत परियोजना (कोरबा, 1920 MW (2x300 और 2x660), लैंको अमरकंटक पावर प्रा.लि., हालही में 100% अधिग्रहण अडानी पावर लिमिटेड द्वारा)। (मूल पाठ में 4x165 से 660 का गुणा मेल नहीं खाता; जैसा छपा है वैसा दिया।)
तुलना एवं संबंध
| तुलना | कोरबा | जांजगीर-चांपा |
|---|---|---|
| क्षमता | 1840 MW | 1000 MW |
| स्वरूप | कई इकाइयाँ, राज्य का सबसे बड़ा केंद्र | एकल संयंत्र, 500 MW की 2 इकाई |
कारण-परिणाम: कोयला प्रचुरता के कारण तापीय ऊर्जा 95% से अधिक; कोरबा को इसलिए राज्य की विद्युत राजधानी कहा गया है।
याद रखने योग्य बिंदु
- सबसे पुराना ताप संयंत्र कोरबा पूर्व-I, 1958।
- कुल स्थापित क्षमता 2978.70 MW (30.09.2023)।
- तापीय 2840 MW = 95.34%; जल 138.7 MW = 4.66%।
- राज्य गठन पर क्षमता 1,360 MW, वृद्धि 119%।
- विद्युत मण्डल गठन 15 नवम्बर 2000; विभाजन 19 दिसम्बर 2008।
- कोरबा कुल 1840 MW = पूर्व 500 + पश्चिम 1340।
- मड़वा संयंत्र 2016, 1000 MW (500x2)।
- हसदेव संयंत्र 210x4 = 840 MW।
- पहला जल संयंत्र रुद्री (1990), बंद।
- पहला पवन संयंत्र बालोद, 1991।
स्मरण सूत्र
"पाँच-आठ, दो-तीन, एक-एक" : कोरबा पूर्व 1958, हसदेव 1983-86... याद रखें कोरबा 1840 = 500 + 1340। जल: "हसदेव 120, गंगरेल 10, सिकासार 7"।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: राज्य में ऊर्जा का मुख्य स्रोत? उत्तर: तापीय ऊर्जा (95.34%)।
- प्रश्न: राज्य की कुल स्थापित क्षमता? उत्तर: 2978.70 MW।
- प्रश्न: कोरबा पश्चिम की क्षमता? उत्तर: 1340 MW।
- प्रश्न: विद्युत मण्डल कब गठित हुआ? उत्तर: 15 नवम्बर 2000।
- प्रश्न: कोरबा पूर्व-I का सहयोग किन देशों से? उत्तर: जापान और अमेरिका।
- प्रश्न: मड़वा संयंत्र किस जिले में? उत्तर: जांजगीर-चांपा।
अभ्यास प्रश्न
छत्तीसगढ़ राज्य के मड़वा तेन्दुभाठा ताप विद्युत गह-जांजगीर-चांपा की विद्युत उत्पादन क्षमता कितनी है ?
- (A) 500 मेगावाट
- (B) 840 मेगावाट
- (C) 1000 मेगावाट
- (D) 440 मेगावाट
राज्य गठन (नवम्बर 2000) के समय राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता कितने मेगावाट थी?
- (A) 1.00 मेगावाट
- (B) 1,360 मेगावाट
- (C) 2.56 मेगावाट
- (D) 3.886 मेगावाट
छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे अधिक विद्युत उत्पादन क्षमता है
- (A) तापीय
- (B) जलीय
- (C) परमाणु
- (D) पवन
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल का गठन कब हुआ
- (A) 15 नवम्बर, 2000
- (B) 15 नवम्बर, 2001
- (C) 15 नवम्बर, 2002
- (D) 15 नवम्बर, 2003
प्रेमनगर ताप विद्युत परियोजना राज्य के साथ किसका संयुक्त उपक्रम है?
- (A) एन टी पी सी
- (B) रिलायंस एनर्जी
- (C) इफ्को
- (D) इनमें से कोई नहीं
मड़वा विद्युत परियोजना आधारित है।
- (A) ताप
- (B) जल
- (C) ‘a’ और ‘b’ दोनों
- (D) इनमें से कोई नहीं
मड़वा धर्मल पावर प्लांट इस राज्य के किस जिले में स्थित है?
- (A) जांजगीर-चांपा
- (B) रायगढ़
- (C) बिलासपुर
- (D) कोरबा
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (C) - मड़वा-तेंदूभाठा (जांजगीर-चांपा) संयंत्र की क्षमता 1000 MW है।
- (B) - राज्य गठन (नवम्बर 2000) के समय क्षमता 1,360 मेगावाट थी।
- (A) - राज्य में तापीय ऊर्जा मुख्य स्रोत है (95.34%)।
- (A) - विद्युत मण्डल का गठन 15 नवम्बर 2000 को हुआ।
- (C) - प्रेमनगर (सूरजपुर) परियोजना इफको और राज्य विद्युत मण्डल का संयुक्त उपक्रम है।
- (A) - मड़वा संयंत्र ताप विद्युत संयंत्र है।
- (A) - मड़वा संयंत्र जांजगीर-चांपा जिले में है।