चूना पत्थर एवं डोलोमाइट
चूना पत्थर और डोलोमाइट दोनों कड़प्पा क्रम की अवसादी चट्टानों से जुड़े खनिज हैं और छत्तीसगढ़ के मैदानी भाग में मिलते हैं। सीमेंट, इस्पात और उर्वरक उद्योगों की कच्ची सामग्री होने से ये राज्य के औद्योगिक ढाँचे की नींव हैं। CGPSC, व्यापम और पटवारी परीक्षाओं में इनके क्षेत्र और आँकड़े बार-बार पूछे जाते हैं।
चूना पत्थर: सामान्य परिचय
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मातृ शिला | कड़प्पा क्रम के शैल समूह |
| निर्माण | अवसादी (Sedimentary) चट्टानों से |
| विस्तार | सीमेंट ग्रेड का चूना पत्थर अधिकांशतः छत्तीसगढ़ के मैदान में मिलता है |
| खनिज मूल्य में योगदान | देश के खनिज मूल्य में 11.31% |
| उपयोग | सीमेंट, लोहा एवं इस्पात, चीनी, उर्वरक, रसायन तथा फैरो मैंगनीज उद्योग |
भंडार और उत्पादन (अखिल भारतीय स्तर)
| मद | मात्रा | प्रतिशत | स्थान |
|---|---|---|---|
| भंडारण (2021-22) | 11379 मिलियन टन | 4.99% | पाँचवाँ |
| उत्पादन (2022-23) | 44733 हजार टन | 11.08% | चौथा |
यानी भंडार में राज्य पाँचवें स्थान पर है, पर उत्पादन में चौथे स्थान पर।
चूना पत्थर के जिलेवार क्षेत्र
| जिला | क्षेत्र / खदानें |
|---|---|
| बलौदाबाजार | झीपनकरही (सिमगा), रवान, हिरमी, कुकरडीह, सोनाडीह, मल्दी, मुड़पार, परसाभदेर, भरवाडीह, गैतरा, मोहरा, चुचरूंगपुर, सरसेनी-गुमा, हिरमी-II, करही-चण्डी-खपराडीह |
| दुर्ग | नंदिनी-खुंदिनी, जामुल, ढोर, सेलूद, अछोली, सेमरिया |
| रायपुर | कठिया-पचरी (खरोरा), तिल्दा, मांदर, बैकुण्ठ, बंगोली, केसला, लहेसर, सिलयारी, मोहरेंगा, नहरडीह-मछईपुर |
| जाँजगीर-चांपा | आरसमेटा, अकलतरा, ढाबाडीह |
| सक्ती | बाराद्वार (उच्च किस्म के अधिक निक्षेप), महुआपाका |
| बिलासपुर | चिल्हाटी |
| बस्तर | मांझीडोंगरी, देवरापाल, जूनागुड़ा, चपका, पोतनार बाराजी |
| कबीरधाम | रणजीतपुर |
| रायगढ़ | खरसिया, खम्हारडीह, लाला धुरवा |
| सारंगढ़ | सारंगढ़, जोगनीपाली, कटंगपाली, टिमरलगा, गुड़ेली |
| सुकमा | पाकेला, रोकेल, बगुलाघाट |
| बेमेतरा | माहरा-गोटा, अछोली |
| मुंगेली | गोबरीपाट |
| खैरागढ़-छुईखदान-गंडई | छुईखदान |
| अन्य | अलनार, बड़ाजी, कड़मा, दऊरगांव, देवरपाठ, छापर, भानुपरी, इच्छापुर (कांकेर) |
ध्यान दें: मूल पाठ में सारंगढ़ और सक्ती अलग जिलों के रूप में दिए हैं, यानी 33 (या उससे अधिक) जिलों की व्यवस्था के अनुसार सूची है।
चूना पत्थर: विशेष तथ्य
- सर्वाधिक उत्पादन बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में होता है।
- राज्य के चूना पत्थर निम्न विंध्यन समय के हैं।
- महानदी बेसिन में सीमेंट ग्रेड और फ्लक्स ग्रेड के चूना पत्थर का विशाल भंडार है।
डोलोमाइट (MgCO3.CaCO3)
- मातृ शिला: कड़प्पा क्रम के शैल समूह।
- यह मैग्नीशियम एवं कैल्शियम का कार्बोनेट है।
- उपयोग: लौह-इस्पात उद्योग, उर्वरक उद्योग, रबर उद्योग और ताप-सह (refractory) ईंटों के निर्माण में।
- अखिल भारतीय भंडारण में छत्तीसगढ़ का स्थान तृतीय है।
| जिला | डोलोमाइट क्षेत्र |
|---|---|
| बिलासपुर | हिर्री, बेलपान, धूमा, हिरमी (सबसे बड़ा निक्षेप), बैतलपुर |
| जांजगीर-चांपा | मदनपुर, लगरा, चांपा |
| सक्ती | बाराद्वार, सक्ती, डभरा, छितापड़रिया, डूमरपारा |
| सारंगढ़ | कटंगपाली |
| बलौदाबाजार | भाटापारा, पाटपारा, गाड़ाडीह, टिकुलिया, धनेली |
| बेमेतरा | कोदवा, मोहभाटा, ताला |
| बस्तर | तिरीय-मचकोट, जीरागांव, डोकरी पखना, कुम्हली, तराईपदर |
| रायगढ़ | झाराडीह |
| दुर्ग | नंदिनी-खुंदिनी |
स्रोत-विसंगति: आगे के जिलेवार सार-सारणी में डोलोमाइट 8 जिलों (बिलासपुर, सारंगढ़, बेमेतरा, बस्तर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, सक्ती, रायगढ़) का दिया है, जबकि इस क्षेत्र-सूची में दुर्ग (नंदिनी-खुंदिनी) भी आता है।
तुलना एवं संबंध
| बिंदु | चूना पत्थर | डोलोमाइट |
|---|---|---|
| मातृ शिला | कड़प्पा क्रम | कड़प्पा क्रम |
| रासायनिक रूप | (मूल पाठ में नहीं दिया) | MgCO3.CaCO3 |
| देश में भंडार-स्थान | पाँचवाँ | तृतीय |
| सबसे बड़ा क्षेत्र | बलौदाबाजार-भाटापारा (उत्पादन) | हिरमी, बिलासपुर (सबसे बड़ा निक्षेप) |
कारण से परिणाम: महानदी बेसिन में विंध्यन/कड़प्पा चट्टानें अधिक हैं, इसलिए रायपुर-बलौदाबाजार-दुर्ग की पट्टी में सीमेंट संयंत्र और उनसे जुड़े उद्योग केंद्रित हैं।
याद रखने योग्य बिंदु
- चूना पत्थर कड़प्पा क्रम की अवसादी चट्टानों में मिलता है।
- चूना पत्थर: देश के खनिज मूल्य में 11.31% योगदान।
- चूना पत्थर भंडार 11379 मि. टन, 4.99%, पाँचवाँ स्थान (2021-22)।
- चूना पत्थर उत्पादन 44733 हजार टन, 11.08%, चौथा स्थान (2022-23)।
- सर्वाधिक चूना पत्थर उत्पादन: बलौदाबाजार-भाटापारा।
- राज्य का चूना पत्थर निम्न विंध्यन काल का है।
- महानदी बेसिन में सीमेंट और फ्लक्स ग्रेड का भंडार।
- डोलोमाइट कैल्शियम-मैग्नीशियम कार्बोनेट है।
- डोलोमाइट भंडार में छत्तीसगढ़ का देश में तृतीय स्थान।
- डोलोमाइट का सबसे बड़ा निक्षेप हिरमी (बिलासपुर) में।
- बाराद्वार (सक्ती) में उच्च किस्म के चूना पत्थर के अधिक निक्षेप।
स्मरण सूत्र
- चूने में 'चौथा उत्पादन, पाँचवाँ भंडार'; डोलोमाइट 'तीन' - हिरमी बड़ा।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: चूना पत्थर का सर्वाधिक उत्पादक जिला कौन-सा है? उत्तर: बलौदाबाजार-भाटापारा।
- प्रश्न: चूना पत्थर की मातृ शिला क्या है? उत्तर: कड़प्पा क्रम की अवसादी चट्टानें।
- प्रश्न: डोलोमाइट भंडार में राज्य का देश में स्थान? उत्तर: तृतीय।
- प्रश्न: डोलोमाइट का सबसे बड़ा निक्षेप कहाँ है? उत्तर: हिरमी।
- प्रश्न: चूना पत्थर उत्पादन में राज्य की देश में हिस्सेदारी? उत्तर: 11.08% (2022-23)।
- प्रश्न: डोलोमाइट के दो उपयोग बताइए। उत्तर: लौह-इस्पात उद्योग और ताप-सह ईंटें।