छत्तीसगढ़ के भौतिक विभाग: चार बड़ी भू-आकृतिक इकाइयाँ
चट्टानों की संरचना, उच्चावच, मिट्टी, ढाल और नदी-अपवाह के आधार पर छत्तीसगढ़ को चार भौतिक विभागों में बाँटा गया है। राज्य को पाट प्रदेश, पठारी प्रदेश, मैदानी भाग और पहाड़ी क्षेत्र के रूप में भी बाँटा जाता है। यह अध्याय पूरा ढाँचा देता है; आगे के अध्यायों में हर विभाग का विस्तार है। उप-विभाग का स्थान, तहसील-विस्तार और औसत ऊँचाई परीक्षा में सीधे पूछी जाती है।
चार भौतिक विभाग
| विभाग | क्षेत्रफल | प्रतिशत | उप-भाग |
|---|---|---|---|
| जशपुर-सामरीपाट | 6,208 वर्ग किमी | 4.59% | सामरीपाट/कुसमीपाट (ऊपरी घाट): लहसुन पाट, जमीर पाट, जारंग पाट; जशपुरपाट (निचली घाट): पण्डरा पाट, मैनपाट |
| पूर्वी बघेलखण्ड का पठार | 21,863 वर्ग किमी | 16.16% | सोहागपुर बेसिन, कन्हार बेसिन, रिहन्द बेसिन, देवगढ़ पहाड़ी, सरगुजा बेसिन, हसदो-रामपुर बेसिन |
| महानदी बेसिन | 68,064 वर्ग किमी | 50.34% | छ.ग. का मैदान: शिवनाथ-महानदी दोआब, शिवनाथ पार का मैदान, बिलासपुर का मैदान, हसदो-मांड बेसिन, महानदी पार संकरा मैदान। सीमांत उच्च भूमि: मैकल श्रेणी, उत्तरी उच्चभूमि, दक्षिणी उच्चभूमि, पूर्वी उच्चभूमि (रायपुर उच्च भूमि) |
| दण्डकारण्य | 39,060 वर्ग किमी | 28.91% | कोटरी नदी (कांकेर) बेसिन, अबूझमाड़ की पहाड़ी, उत्तरी-पूर्वी पठार, दक्षिण का पठार, गोदावरी-शबरी बेसिन |
चार बड़े भौगोलिक क्षेत्रों का तुलनात्मक विवरण
| तथ्य | पूर्वी बघेलखण्ड | जशपुर-सामरी पाट | छ.ग. का मैदान | दण्डकारण्य |
|---|---|---|---|---|
| क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | 21,863 (16.16%) | 6,208 (4.59%) | 68,064 (50.34%) | 39,060 (28.91%) |
| संभाग | सरगुजा | सरगुजा | रायपुर + दुर्ग | बस्तर |
| अन्य नाम | सरगुजा बेसिन | कन्हार बेसिन | महानदी बेसिन | इन्द्रावती बेसिन |
| अक्षांश | 23°4′ से 24°5′ उ. | 22°18′ से 23°40′ उ. | 19°47′ से 23°7′ उ. | 17°46′ से 20°34′ उ. (मूल पाठ में अंतिम अंक कटा है) |
| देशांतर | 80°5′ से 81°2′ पू. | 83°02′ से 84°25′ पू. | 80°17′ से 83°52′ पू. | 80°15′ से 82°01′ पू. |
| भू-गर्भिक शैल | गोंडवाना | दक्कन ट्रैप | कड़प्पा | धारवाड़ / ग्रेनाइट |
| ढाल | उत्तर | दक्षिण-पूर्व | पूर्व | दक्षिण |
| अपवाह तंत्र | सोन, गंगा | अधिकांशतः महानदी | महानदी | गोदावरी |
| खनिज | कोयला | बॉक्साइट | चूना, डोलोमाइट | लोहा, टिन, हीरा |
| मिट्टी | लाल पीली | लाल पीली + लेटेराइट | लाल पीली | लाल दोमट + (आगे पाठ कटा) |
| फसल | मोटे अनाज एवं तिलहन | बागवानी | धान | धान, कोदो-कुटकी, मोटा अनाज |
| वनक्षेत्र | 50 प्रतिशत | सबसे कम | - | - |
| वनस्पति | उष्णकटिबंधीय (सागौन वन) | उष्ण आर्द्र मानसूनी (मिश्रित वन) | उष्ण आर्द्र मानसूनी (मिश्रित वन) | उष्ण शुष्क पर्णपाती तथा आर्द्र पर्णपाती (साल) - अंतिम शब्द कटे |
| जलवायु | उप-महाद्वीपीय | उप-महाद्वीपीय | उप-महाद्वीपीय | उप-महाद्वीपीय |
| ऊँची चोटी | देवगढ़ (1033 मी.) | गौरलाटा (1225 मी.) | बदरगढ़ (1176 मी.) | बैलाडीला (1210 मी.) |
| औसत वर्षा | 125-150 सेमी. | 172 सेमी. | 125-150 सेमी. | 167 सेमी. |
| तापमान | लगभग 35°C | लगभग 32°C (न्यूनतम) | लगभग 36°C (अधिकतम) | लगभग 35°C |
| जनजाति | उराँव, कोल | कोरवा, नगेशिया, बिरहोर, उराँव | सौंरा, बिंझवार, धनवार | गोंड, हल्बा, माड़िया, मुड़िया, दण्डामी माड़िया |
उप-विभागवार सारणी: पाट, पठार, मैदान और पहाड़ी क्षेत्र
| वर्ग | उप-विभाग | स्थिति | तहसील-विस्तार | औसत ऊँचाई / विशेष |
|---|---|---|---|---|
| पाट प्रदेश | मैनपाट | उत्तर-मध्य | दक्षिण अंबिकापुर व सीतापुर | 1152 मी. |
| पाट प्रदेश | जारंगपाट | उत्तर-पूर्व | सीतापुर व लुण्ड्रा | 1045 मी. |
| पाट प्रदेश | सामरीपाट | पूर्वोत्तर सीमांत | सामरी | 600-750 मी.; गौरलाटा चोटी सबसे ऊँचा भाग, 1225 मी. |
| पाट प्रदेश | जशपुरपाट | उत्तर-पूर्व सीमांत | बगीचा, जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगाँव | 275-500 मी.; सबसे बड़ा पाट प्रदेश |
| पठारी प्रदेश | पेण्ड्रा-लोरमी पठार | मध्य-पश्चिम | पेण्ड्रा, कटघोरा, लोरमी, पण्डरिया | औसत 800 मी.; पलमा चोटी 1080 मी.; लाफागढ़ 1048 मी. |
| पठारी प्रदेश | धमतरी-महासमुंद उच्च भूमि | दक्षिण-पूर्व सीमांत | धमतरी, कुरूद, राजिम, महासमुंद, गरियाबंद, सरायपाली, देवगढ़ | 400-900 मी.; धारीडोंगर (899 मी.) सबसे ऊँचा |
| पठारी प्रदेश | दुर्ग उच्च भूमि | दक्षिण-पश्चिम | गुरूर, संजारी, बालोद, डौंडीलोहारा, गुण्डरदेही, अम्बागढ़, मोहला | 500-800 मी.; दल्लीराजहरा (700 मी.) व डोंगर बोड (704 मी.) सबसे ऊँचे भाग |
| पठारी प्रदेश | बस्तर का पठार | - | बस्तर व सुकमा तहसील | ऊँचाई मूल पाठ में नहीं दी गई |
| मैदानी भाग | सरगुजा बेसिन (सरगुजा की अजन्ता) | उत्तर-मध्य | दक्षिण अंबिकापुर, दक्षिण सूरजपुर, दक्षिण प्रतापपुर, पश्चिम सीतापुर | 400-500 मी.; रामगढ़ की पहाड़ी (1022 मी.) को विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला कहा गया है |
| मैदानी भाग | हसदेव-रामपुर बेसिन | उत्तर-पश्चिम | दक्षिण मनेन्द्रगढ़, पूर्वी पेण्ड्रा, उत्तरी कटघोरा | 300-450 मी.; शृंखलाबद्ध जलप्रपातों का क्षेत्र |
| मैदानी भाग | कोरबा बेसिन | उत्तर-मध्य | दक्षिण कटघोरा, दक्षिण कोरबा | 250-350 मी. |
| मैदानी भाग | रायगढ़ बेसिन | पूर्वी भाग | दक्षिण धरमजयगढ़, घरघोड़ा, खरसिया, रायगढ़ | 300 मी. |
| मैदानी भाग | बिलासपुर-रायगढ़ मैदान | मध्य भाग | मुंगेली-तखतपुर, बिलासपुर | 150-300 मी. (सारणी में पंक्ति-संरेखण के कारण यह मान इसी पंक्ति का माना गया है) |
| मैदानी भाग | बस्तर मैदान | दक्षिण भाग | बीजापुर-सुकमा | ऊँचाई नहीं दी गई |
| पहाड़ी क्षेत्र | मैकल श्रेणी | पश्चिम सीमांत | डोंगरगढ़, खैरागढ़, छुईखदान, कवर्धा, पण्डरिया, लोरमी | 700-900 मी.; बदरगढ़ चोटी सबसे ऊँची, 1176 मी. |
| पहाड़ी क्षेत्र | छुरी-उदयपुर की पहाड़ी | उत्तर-पूर्व | कोरबा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा | 800-900 मी. |
| पहाड़ी क्षेत्र | चांगभखार-देवगढ़ पहाड़ी | उत्तर | जनकपुर, बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ़, उत्तर सूरजपुर, प्रतापपुर, उत्तर अम्बिकापुर, पश्चिम कुसमी, दक्षिण रामानुजगंज | 600-1000 मी.; देवगढ़ चोटी 1033 मी. |
| पहाड़ी क्षेत्र | अबूझमाड़ की पहाड़ियाँ | दक्षिण-पश्चिम | नारायणपुर, पखांजूर, बीजापुर, कोण्डागाँव | 600-900 मी. |
मानचित्र में उत्तर-पश्चिम में विंध्याचल और सतपुड़ा श्रेणी, पश्चिमी सीमा पर मैकल श्रेणी, उत्तर में देवगढ़-चांगभखार की पहाड़ियाँ, उत्तर-पूर्व में मैनपाट तथा जशपुर-सामरी के पाट और दक्षिण-पश्चिम में अबूझमाड़ की पहाड़ियाँ दिखाई गई हैं। साथ ही रिहन्द बेसिन, कन्हार बेसिन, लहसुन पाट, जमीरपाट, जारंग पाट, पंडरा पाट, मैनपाट, कोटरी बेसिन जैसे नाम भी अंकित हैं। जशपुर पाट को सबसे बड़ा पाट प्रदेश दर्शाया गया है। मानचित्र के अनुसार गौरलाटा राज्य की सबसे ऊँची चोटी है।
स्रोत के आँकड़ों में अंतर
- क्षेत्रफल: महानदी बेसिन में छ.ग. का मैदान (31,600) और सीमांत उच्च भूमि (36,464) मिलकर 68,064 वर्ग किमी बनते हैं, जो महानदी बेसिन के क्षेत्रफल के बराबर है।
- जशपुर-सामरीपाट: सामरी पाट (2225) और जशपुर पाट (4304) का योग 6529 वर्ग किमी है, जो पूरे विभाग के 6,208 वर्ग किमी से अधिक है; अतः ये आँकड़े अलग गणना-आधार के हो सकते हैं।
- शैल: जशपुर-सामरीपाट की भू-गर्भिक शैल एक स्थान पर अन्तर्वेधी आग्नेय शैल (धारवाड़, लेटेराइट, नाइस) बताई गई है, तुलनात्मक सारणी में दक्कन ट्रैप।
- अपवाह: इसी विभाग की नदियाँ एक जगह ईब, मैनी, शंख कही गई हैं, दूसरी जगह अपवाह "अधिकांशतः महानदी" है।
- उप-विभाग की तालिका में जशपुर-सामरी पाट का दूसरा नाम "कन्हार बेसिन" है, जबकि बघेलखण्ड के उपविभागों में कन्हार बेसिन अलग गिना गया है।
- "सबसे ऊँची चोटी" पढ़ते समय क्षेत्र का नाम पढ़ें: गौरलाटा राज्य की सबसे ऊँची है, पर बदरगढ़ मैदानी (महानदी बेसिन) क्षेत्र की और बैलाडीला (नन्दीराज) दण्डकारण्य की चोटी के रूप में दी गई है।
- पाट प्रदेश में जशपुरपाट क्षेत्रफल में सबसे बड़ा है (275-500 मी.), पर मैनपाट की ऊँचाई सबसे अधिक (1152 मी.) है।
तुलना एवं संबंध
| विभाग | क्षेत्रफल क्रम | ढाल | अपवाह | खनिज |
|---|---|---|---|---|
| महानदी बेसिन (मैदान) | 1. (50.34%) | पूर्व | महानदी | चूना, डोलोमाइट |
| दण्डकारण्य | 2. (28.91%) | दक्षिण | गोदावरी | लोहा, टिन, हीरा |
| पूर्वी बघेलखण्ड | 3. (16.16%) | उत्तर | सोन/गंगा | कोयला |
| जशपुर-सामरीपाट | 4. (4.59%) | दक्षिण-पूर्व | महानदी/ईब-मैनी | बॉक्साइट |
- मैदान की ऊँचाई घटती दिशा: सरगुजा (400-500) > हसदेव-रामपुर (300-450) > कोरबा (250-350) > बिलासपुर-रायगढ़ (150-300)।
- पठारों में धमतरी-महासमुंद की चोटी धारीडोंगर 899 मी. और दुर्ग उच्च भूमि की चोटी डोंगर बोड 704 मी. है।
याद रखने योग्य बिंदु
- महानदी बेसिन 68,064 वर्ग किमी (50.34%) के साथ सबसे बड़ा भौतिक विभाग है।
- जशपुर-सामरीपाट 6,208 वर्ग किमी (4.59%) के साथ सबसे छोटा भौतिक विभाग है।
- दण्डकारण्य 39,060 वर्ग किमी (28.91%); ढाल दक्षिण, अपवाह गोदावरी।
- पूर्वी बघेलखण्ड 21,863 वर्ग किमी (16.16%); ढाल उत्तर, अपवाह सोन/गंगा।
- मैनपाट 1152 मी., जारंगपाट 1045 मी.; सामरीपाट में गौरलाटा 1225 मी.।
- जशपुरपाट सबसे बड़ा पाट प्रदेश है।
- पेण्ड्रा-लोरमी पठार का औसत 800 मी., पलमा चोटी 1080 मी.।
- सरगुजा बेसिन को सरगुजा की अजन्ता कहा गया है; रामगढ़ की पहाड़ी 1022 मी. है।
- मैकल श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी बदरगढ़ (1176 मी.); देवगढ़ चोटी (1033 मी.) चांगभखार-देवगढ़ में।
- शैल: बघेलखण्ड-गोंडवाना, मैदान-कड़प्पा, दण्डकारण्य-धारवाड़/ग्रेनाइट।
स्मरण सूत्र
घटती ऊँचाई के क्रम में पाट: मैं-जा-सा-ज = मैनपाट, जारंग, सामरी, जशपुर (1152, 1045, 600-750, 275-500)। क्षेत्रफल: "मैदान आधा, दण्डकारण्य पौन-आधा (लगभग 29%), बघेलखण्ड 16, पाट 5"।
स्वयं जाँचें
- प्र. राज्य का सबसे छोटा भौतिक विभाग कौन सा है? उ. जशपुर-सामरीपाट (6,208 वर्ग किमी)।
- प्र. सबसे बड़ा भौतिक विभाग और उसका प्रतिशत? उ. महानदी बेसिन, 50.34%।
- प्र. सरगुजा बेसिन का उपनाम क्या है? उ. सरगुजा की अजन्ता।
- प्र. दुर्ग उच्च भूमि की ऊँचाई कितनी है? उ. 500-800 मी.।
- प्र. छ.ग. के मैदान की भू-गर्भिक शैल कौन-सी है? उ. कड़प्पा।
- प्र. जशपुर-सामरी पाट का दूसरा नाम? उ. कन्हार बेसिन (तुलनात्मक सारणी के अनुसार)।
अभ्यास प्रश्न
छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश है ?
- (A) जशपुर सामरी पाट प्रदेश
- (B) पूर्वी बघेलखण्ड का पठार
- (C) छत्तीसगढ़ का मैदान
- (D) दण्डकारण्य का पठार
राज्य की सबसे ऊँची चोटी गौरलाटा किस पाट पर है?
- (A) मैन पाट
- (B) जारंग पाट
- (C) सामरी पाट
- (D) जशपुर पाट
मैकाल पर्वत की सबसे ऊँची चोटी है
- (A) गौरलाटा
- (B) बदरगढ़
- (C) मैनपाट
- (D) सामरीपाट
छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचा भाग कौन-सा है
- (A) पेण्ड्रा-लोरमी का पठार
- (B) कोरबा बेसिन
- (C) रायगढ़ बेसिन
- (D) गौरलाटा चोटी
राज्य का सबसे बड़ा पाट कौन-सा है?
- (A) मैन पाट
- (B) जारंग पाट
- (C) सामरी पाट
- (D) जशपुर पाट
छत्तीसगढ़ की सबसे ऊँची चोटी कौनसी है ?
- (A) गौरलाटा
- (B) मैनपाठ
- (C) बदरगढ़
- (D) नन्दीराज
इस राज्य के उत्तर भाग में निम्न लिखित में से कौन–सा ‘पाट‘ सबसे अधिक ऊँचा है ?
- (A) मैनपाट
- (B) सामरीपाट
- (C) जारंगपाट
- (D) जशपुरपाट
कौन-सा पाट सरगुजा जिले की सीतापुर एवं लुण्ड्रा (धौरपुर) तहसीलों में विस्तृत है?
- (A) मैन पाट
- (B) जारंग पाट
- (C) सामरी पाट
- (D) जशपुर पाट
रामगढ़ की पहाड़ी राज्य के किस मैदानी क्षेत्र में स्थित है?
- (A) सरगुजा का मैदान
- (B) रिहन्द का मैदान
- (C) कन्हार का मैदान
- (D) कोरबा का मैदान
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (C) - छ.ग. का मैदान 68,064 वर्ग किमी (50.34%) के साथ सबसे बड़ा भौतिक विभाग है।
- (C) - गौरलाटा (1225 मी.) सामरीपाट में है।
- (B) - मैकल श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी बदरगढ़ (1176 मी.) है।
- (D) - गौरलाटा राज्य की सबसे ऊँची चोटी है।
- (D) - जशपुरपाट सबसे बड़ा पाट प्रदेश है।
- (A) - गौरलाटा (1225 मी.) राज्य की सबसे ऊँची चोटी है।
- (A) - पाटों में मैनपाट की ऊँचाई सबसे अधिक (1152 मी.) है।
- (B) - जारंगपाट सीतापुर व लुण्ड्रा तहसीलों में फैला है।
- (A) - रामगढ़ की पहाड़ी सरगुजा बेसिन में स्थित है।