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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 1): राज्य, धरातल, नदियाँ एवं जलवायु · Chapter 5
छत्तीसगढ़ का नामकरण

छत्तीसगढ़ का नामकरण

प्राचीन काल में वर्तमान छत्तीसगढ़ दक्षिण कोसल कहलाता था। इसके नाम कब और क्यों पड़े, इस पर अलग-अलग विद्वानों के मत हैं; स्रोत स्वयं कहता है कि इनमें स्पष्ट मतभेद है। इसलिए हर मत को उसके विद्वान के नाम के साथ याद रखें।

दक्षिण कोसल

  • रामायण काल के अनुसार यहाँ राजा भानुमंत का शासन था; एक श्लोक से यह ज्ञात होता है।
  • कोसल खण्ड ग्रंथ के अनुसार विंध्य पर्वत के दक्षिण में नागपत्तन/नागपट्टम में कोसल नामक राजा शासन करता था।
  • उस वंश के भानुमन्त की पुत्री भानुमति का विवाह राजा दशरथ से हुआ; कोसल क्षेत्र से होने के कारण उनका नाम कौशल्या पड़ा।
  • भानुमन्त का पुत्र न होने से राज्य दशरथ को मिला, तब क्षेत्र का नाम दक्षिण कोसल रखा गया।
  • पाणिनी की अष्टाध्यायी में दक्षिण कोसल शब्द का साहित्यिक रूप में प्रथम प्रयोग हुआ।

कोसल, उत्तर कोसल एवं महाकोसल

  • कालिदास की रघुवंशम् में कोसल और उत्तर कोसल का उल्लेख है; कौशल्या को कोसल देश की राजकुमारी बताया गया है।
  • प्रो. कृष्णदत्त बाजपेयी के अनुसार दक्षिण कोसल प्रारंभ में विदर्भ क्षेत्र के अंतर्गत था, बाद में बड़े राज्य के रूप में महाकोसल नाम से स्थापित हुआ।

छत्तीसगढ़ नाम के मत

मतविद्वानव्याख्या
चेदिसगढ़ सेप्रो. हीरालालमहाजनपद काल में क्षेत्र चेदि महाजनपद में था; चेदिसगढ़ का अपभ्रंश छत्तीसगढ़
छत्तीस घर सेवेगलरजरासंध के काल में छत्तीस परिवार पलायन कर बसे; अपभ्रंश से छत्तीसगढ़
36 गढ़ (किला) सेचिस्मकल्चुरी शासक कल्याण साय ने जमाबंदी प्रथा के तहत 36 गढ़ बनवाए, शिवनाथ के उत्तर और दक्षिण में 18-18

अभिलेखों में कोसल

अभिलेख / ताम्रपत्रशासकउल्लेख
प्रयाग प्रशस्तिसमुद्रगुप्त (हरिषेण)कोसल क्षेत्र एवं महाकांतार
बालाघाट ताम्रपत्रपृथ्वीसेन द्वितीय (वाकाटक)मैकल, कोसल एवं मालवा क्षेत्र; इनके शासक आज्ञा पालन करते थे
अड़भारनन्नराज (पांडुवंशी)कोसल व उत्कल; तीवरदेव को अधिपति कहा गया
एहोलपुलकेशिन द्वितीय (चालुक्य)कोसल व कलिंग
दशावतार मंदिर लेख (एलोरा)दन्तिदुर्ग (राष्ट्रकूट)कोसल व कलिंग
अन्य अभिलेखराजेन्द्र प्रथम (चोल)कोसलनाडु एवं ओड्र/उड्र का विजय अभियान

कोसल की स्थिति एवं विस्तार

स्रोतविस्तार
ह्वेनसांगकिया-स-लो (कोसल) कलिंग के उत्तर-पश्चिम में; रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, संबलपुर जिले शामिल
कनिंघमउत्तर उज्जैन, दक्षिण आंध्रप्रदेश, पूर्व ओडिशा, पश्चिम महाराष्ट्र तक
प्रो. हीरालालपश्चिम में बरार, पूर्व में संबलपुर; प्राचीन राजधानी भान्दक
लोचन प्रसाद पाण्डेयउत्तर गंगा, दक्षिण गोदावरी, पूर्व पाली (बालासोर) ओड़िशा, पश्चिम उज्जैन
हेमलाल यदुउत्तर अमरकटक तक; पश्चिम शुक्तमत श्रेणी के समीप तक

छत्तीसगढ़ शब्द का प्रयोग

वर्षप्रयोगकर्तास्रोत
1487 / 1494 ई.दलपतरावसाहित्य रचना में
1689 ई.कवि गोपाल मिश्रखूब तमाशा
1795 ई.मि. जे.टी. ब्लंटबिलासपुर गजेटियर
1839 ई.बाबू रेवारामविक्रम विलास
  • दलपत राव: साहित्य में सर्वप्रथम प्रयोग; खैरागढ़ रियासत के राजा लक्ष्मीनिधि कर्ण राय के दरबारी एवं चारण कवि; पंक्ति में गढ़ छत्तीसगढ़ आया है। स्रोत 1487 ई. (प्रशस्ति) और अन्य स्रोत के आधार पर 1494 ई. बताता है, यानी वर्ष पर मतभेद है।
  • गोपाल मिश्र: खूब तमाशा (1689), कल्चुरी शासक राजसिंह के दरबारी कवि।
  • ब्लंट: 1795 में यात्रा वृत्तांत बिलासपुर गजेटियर में; शासकीय रूप से ब्रिटिश अधिकारी द्वारा प्रथम प्रयोग।
  • बाबू रेवाराम (1812-1873): छत्तीसगढ़ के प्रथम आधुनिक इतिहासकार; विक्रम विलास (1839)।
  • बलदेव प्रसाद मिश्र ने छत्तीसगढ़ को भारत का लघु संस्करण कहा।

तुलना एवं संबंध

नाम-मतविद्वान
चेदिसगढ़हीरालाल
छत्तीस घरवेगलर
36 गढ़चिस्म

याद रखने योग्य बिंदु

  • प्राचीन नाम दक्षिण कोसल।
  • कौशल्या, राजा भानुमंत की पुत्री भानुमति; दशरथ की पत्नी।
  • पाणिनी की अष्टाध्यायी में दक्षिण कोसल का प्रथम साहित्यिक प्रयोग।
  • 36 गढ़ कल्याण साय ने बनवाए, शिवनाथ के दोनों ओर 18-18।
  • साहित्य में प्रथम प्रयोग दलपतराव का।
  • ब्लंट का प्रयोग प्रथम शासकीय प्रयोग है।
  • बाबू रेवाराम प्रथम आधुनिक इतिहासकार।
  • प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त की है; अड़भार नन्नराज का।
  • ह्वेनसांग का किया-स-लो कोसल है।
  • कोसल की प्राचीन राजधानी भान्दक (हीरालाल)।

स्मरण सूत्र

  • हीरा-चेदि, वेगलर-घर, चिस्म-गढ़: नाम-मत का क्रम।
  • दल-गोपाल-ब्लंट-रेवा: 1487, 1689, 1795, 1839।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. छत्तीस घर वाला मत किसका है? उ. वेगलर
  2. प्र. 36 गढ़ किसने बनवाए? उ. कल्चुरी शासक कल्याण साय
  3. प्र. विक्रम विलास के लेखक? उ. बाबू रेवाराम (1839)
  4. प्र. एहोल अभिलेख किसका? उ. पुलकेशिन द्वितीय (चालुक्य)
  5. प्र. कनिंघम के अनुसार पश्चिमी सीमा? उ. महाराष्ट्र
  6. प्र. छत्तीसगढ़ को भारत का लघु संस्करण किसने कहा? उ. बलदेव प्रसाद मिश्र

अभ्यास प्रश्न

  1. राजा दशरथ की पत्नी कौशल्या किस राज्य के नरेश की पुत्री थीं?

    • (A) उत्तर पांचाल
    • (B) दक्षिण पांचाल
    • (C) दक्षिण कोसल
    • (D) प्रास कोसल
  2. ‘तिनमें दक्षिण कोसल देसा, जहाँ हरि ओहू केसरी बेसा, तासु मध्य छत्तीसगढ़ पावन, पुण्यभूमि सुर मुनिमन भावन। उपर्युक्त पंक्तियाँ ‘विक्रम विलास’नामक ग्रंथ की हैं, इसके रचयिता कौन हैं?

    • (A) गोपालचंद्र मिश्र
    • (B) दलपतराम साव
    • (C) बाबू रेवाराम
    • (D) नरहरिप्रसाद
  3. छत्तीसगढ़ राज्य के कलचुरि शासक राजसिंह के दरबारी कवि गोपाल चन्द्र मिश्र ने निम्नलिखित में से किस ग्रन्थ की रचना की ?

    • (A) तारीख-ए-हैहयवंशी
    • (B) खूब तमाशा
    • (C) रतनपुर – महात्म्य
    • (D) उपरोक्त में से कोई नहीं CGPSC ( Supply Inspector)
  4. प्रयाग प्रशस्ति के अनुसार समुद्रगुप्त ने अपने दक्षिणापथ अभियान में निम्नलिखित राज्यों को जीता, जिनमें से दो छत्तीसगढ क्षेत्र में थे – (CGPSC-CMO-2010) 1. कोसला 2. कुराट 3. महाकांतार 4. पिष्टपुर सही उत्तर चुनिए

    • (A) 1 एवं 2
    • (B) 2 एवं 3
    • (C) 1 एवं 3
    • (D) 2 एवं 4

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (C) - कोसल राजा भानुमंत की पुत्री भानुमति (कौशल्या) दशरथ की पत्नी थीं; क्षेत्र दक्षिण कोसल।
  2. (C) - बाबू रेवाराम ने विक्रम विलास (1839) लिखा।
  3. (B) - गोपाल मिश्र: खूब तमाशा (1689), कल्चुरी शासक राजसिंह के दरबारी कवि।
  4. (C) - प्रयाग प्रशस्ति (समुद्रगुप्त) में कोसल क्षेत्र एवं महाकांतार का उल्लेख है।
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