शिवनाथ नदी एवं उसकी सहायक नदियाँ
शिवनाथ महानदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है और राज्य में बहने वाली सबसे लंबी नदी भी। यह दुर्ग-बेमेतरा-बिलासपुर-मुंगेली पट्टी की जीवन-धारा है। इसके दोआब, त्रिवेणी संगम, बाँधों और सहायक नदियों से बहुत से प्रश्न बनते हैं। इस अध्याय में शिवनाथ तथा दक्षिण और उत्तर-पश्चिम से मिलने वाली नदियों (साथ में अरपा और लीलागर) का पूरा विवरण है। उद्गम, विसर्जन, लंबाई, घाट और बाँध परियोजनाएँ CGPSC, व्यापम और पटवारी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
शिवनाथ : परिचय
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्राचीन नाम | शुनिनदी (मत्स्य एवं वामन पुराण में), शिवानदी |
| उद्गम | गोदरी गाँव, गढ़चिरौली (महाराष्ट्र); पूर्व स्रोत: पानाबरस पठार के कोलगुल (626.4 मी. ऊँचाई) से |
| मुहाना | शिवरीनारायण के निकट महानदी में |
| लंबाई | 290 किमी.; छ.ग. में बहने वाली सबसे लंबी नदी |
| सहायक (उत्तर/पश्चिम से) | सुरही, आमनेर, हाफ, मनियारी, अरपा, लीलागर |
| सहायक (दक्षिण से) | खरखरा, तांदुला, खारून, जमुनिया |
| अन्य सहायक | सोमबरसा, नानकट्टी, घुमाना; सबसे बड़ी सहायक मनियारी |
| प्रवाह जिले (8) | मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, राजनांदगाँव, दुर्ग, बेमेतरा, मुंगेली, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा |
| तटीय स्थल | दुर्ग, नांदघाट (बेमेतरा), मदकूद्वीप (मुंगेली), सोमनाथ (बलौदाबाजार) |
| परियोजना | मोंगरा बैराज परियोजना (मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी) |
| दोआब | महानदी और शिवनाथ का दोआब रायपुर-दुर्ग जिलों में फैला है |
| विशेष | ऐतिहासिक काल में यह छ.ग. के 36 गढ़ों को दो भागों (18-18 गढ़) में बाँटती थी |
दक्षिण की ओर से मिलने वाली सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | विसर्जन / लंबाई | प्रवाह जिले | विशेष |
|---|---|---|---|---|
| खरखरा | डौंडीलोहारा | - | बालोद | खरखरा जलाशय (बालोद) इसी पर है; घोषित नाम राजीव गांधी जलाशय; मिट्टी निर्मित बाँध (1967) |
| तांदुला | भानुप्रतापपुर की पहाड़ी (कांकेर) | 64 किमी. | कांकेर, बालोद, दुर्ग | तटीय स्थल डौंडी, गुण्डरदेही; विवरण नीचे "तांदुला नदी" खंड में |
| खारून | पेटेचुआ पहाड़ी (संजारी-बालोद) | शिवनाथ (सोमनाथ, बलौदाबाजार) में; 120 किमी. | बालोद, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार | तटीय शहर रायपुर; विवरण नीचे "खारून नदी" खंड में |
| जमुनिया | बलौदाबाजार | शिवनाथ की सहायक | - | - |
तांदुला नदी
- तांदुला जलाशय (बालोद) मूल पाठ के अनुसार छत्तीसगढ़ की प्रथम परियोजना है (1913)।
- इस बाँध से शिवनाथ और खारून के बीच का दोआब क्षेत्र सिंचित होता है।
- सहायक नदी जुहार/जुवारी है, जिस पर गोंदली जलाशय स्थित है।
- त्रिवेणी संगम: तांदुला + लोहार + भोथली = चौरेल ग्राम (यहाँ गौरैया मेला लगता है)।
खारून नदी
- रायपुर इसका तटीय शहर है।
- घाट: तरीघाट (दुर्ग) और महादेवघाट (रायपुर)।
- सस्पेंशन ब्रिज: लक्ष्मण झूला, महादेवघाट (रायपुर); देखें अगला अध्याय।
- यह ग्रेनाइट और चूना पत्थर की चट्टानों पर, लाल-पीली, रेतीली और जलोढ़ मिट्टी में बहती है।
उत्तर-पश्चिम की ओर से मिलने वाली सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | विसर्जन / लंबाई | प्रवाह जिले | विशेष |
|---|---|---|---|---|
| आमनेर | मैकल श्रेणी (कबीरधाम) | शिवनाथ (दुर्ग) | - | आमनेर + मुस्का + पिपरिया त्रिवेणी पर खैरागढ़; शिवनाथ + आमनेर + नंदकठी त्रिवेणी पर सिल्ली शक्ति घाट |
| हाफ | कांदावनी पहाड़ी, पण्डरिया (कबीरधाम) | शिवनाथ (नांदघाट, बेमेतरा); 44 किमी. | कबीरधाम, बेमेतरा, मुंगेली | कवंलधार (कवलधार) जलप्रपात; सहायक सकरी; कवर्धा शहर इसके तट पर |
| मनियारी | पेण्ड्रा-लोरमी पठार, सिंहावल सागर (मुंगेली), मैकल श्रेणी | शिवनाथ (मदकूद्वीप के पास); 134 किमी. | मुंगेली, बिलासपुर, गौ-पे-म | शिवनाथ में मिलने वाली सबसे प्रमुख सहायक; विवरण नीचे "मनियारी नदी" खंड में |
| आगर | भुरकुण्ड पहाड़ी, पण्डरिया | मनियारी नदी में | मुंगेली (लोरमी, पथरिया तहसील) | तटीय मुंगेली, खर्रा घाट |
| अरपा | खोड़री-खोंगसरा पहाड़ी, चौरस भू-खण्ड (गौ-पे-म) | शिवनाथ (मानिकचौरी, मस्तुरी); 100 किमी. | गौ-पे-म (मरवाही), बिलासपुर, बलौदाबाजार | प्राचीन नाम कृपा; विवरण नीचे "अरपा नदी" खंड में |
| लीलागर | हरदीबाजार, कोरबा (पूर्वी पहाड़ी) | शिवनाथ (पामगढ़ के दक्षिण-पश्चिम देवरघटा); 135 किमी. | कोरबा, बिलासपुर | प्राचीन नाम निडिला; विवरण नीचे "लीलागर नदी" खंड में |
मनियारी नदी : विस्तार
- यह मुंगेली और बिलासपुर के बीच सीमा-रेखा बनाती है।
- सहायक नदियाँ: आगर, छोटी नर्मदा, टेसुवा (टेसुआ) और घोंघा। टेसुवा के तट पर सेतगंगा तथा आगर के तट पर खर्रा घाट है।
- घाट: शिवघाट, लोरमी।
- तटीय स्थल: लोरमी, तखतपुर, तालागाँव (अमेरीकापा)।
- परियोजना: खुड़िया बाँध / राजीव गांधी जलाशय (1924-30)।
अरपा नदी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्राचीन नाम | कृपा नदी |
| उद्गम | खोड़री-खोंगसरा पहाड़ी, चौरस स्थित भू-खण्ड से (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) |
| विसर्जन | शिवनाथ (मानिकचौरी, मस्तुरी) |
| लंबाई | 100 किमी. |
| प्रवाह | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (मरवाही), बिलासपुर, बलौदाबाजार |
| परियोजना | भैंसाझार परियोजना, कोटा (बिलासपुर) के समीप |
| सहायक नदी | खारंग (खारंग पर खूँटाघाट बाँध / संजय गांधी परियोजना, 1920) |
भैंसादरहा (बस्तर) कांगेर नदी पर मगरमच्छ पालन/संरक्षण क्षेत्र है; एक मूल पाठ में यह अरपा की पंक्ति में दर्ज है, पर यह अरपा का नहीं है। इसे भैंसाझार से न मिलाएँ।
लीलागर नदी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| उद्गम | हरदीबाजार, कोरबा (पूर्वी पहाड़ी से) |
| विसर्जन | शिवनाथ (पामगढ़ के दक्षिण-पश्चिम में देवरघटा) |
| लंबाई | 135 किमी. |
| प्रवाह | कोरबा, बिलासपुर |
| प्राचीन नाम | निडिला नदी |
| तटीय स्थल | देवरघटा: महानदी + शिवनाथ + लीलागर का संगम बिंदु; मल्हार: लीलागर-शिवनाथ-अरपा से घिरा तथा लीलागर के तट पर |
स्रोत का अंतर: एक स्थान पर महानदी-शिवनाथ-जोंक का त्रिवेणी शिवरीनारायण बताया गया है, जबकि लीलागर के वर्णन में महानदी-शिवनाथ-लीलागर का संगम देवरघटा कहा गया है; दोनों कथन मूल पाठ में हैं, अतः प्रश्न के विकल्प देखकर उत्तर दें।
तुलना एवं संबंध
| नदी | लंबाई (किमी.) | परियोजना / बाँध / विशेष |
|---|---|---|
| तांदुला | 64 | तांदुला जलाशय (1913) |
| खरखरा | - | खरखरा जलाशय, मिट्टी का बाँध (1967) |
| खारून | 120 | लक्ष्मण झूला (सस्पेंशन ब्रिज) |
| हाफ | 44 | कवलधार जलप्रपात |
| मनियारी | 134 | खुड़िया / राजीव गांधी जलाशय (1924-30) |
| खारंग (अरपा की सहायक) | - | खूँटाघाट / संजय गांधी परियोजना (1920) |
| अरपा | 100 | भैंसाझार |
| लीलागर | 135 | - |
कारण-प्रभाव: शिवनाथ की सभी बड़ी सहायक नदियाँ मैकल श्रेणी और पठारों से निकलकर मैदान में उतरती हैं, इसलिए उनके किनारे शहर और घाट बसे।
मूल पाठ की एक विसंगति: तांदुला की लंबाई 64 किमी. दी है और नदियों की लंबाई-तालिका में दूध नदी भी 64 किमी. है; ये दो अलग नदियाँ हैं।
याद रखने योग्य बिंदु
- शिवनाथ 290 किमी.; उद्गम गोदरी गाँव (महाराष्ट्र); ऐतिहासिक 36 गढ़ों को 18-18 में बाँटती थी।
- मनियारी शिवनाथ की सबसे बड़ी सहायक (134 किमी.)।
- तांदुला जलाशय छ.ग. की पहली परियोजना (1913); खरखरा जलाशय का मिट्टी का बाँध 1967 का।
- खारून पेटेचुआ (बालोद) से निकलती है; सोमनाथ (बलौदाबाजार) पर शिवनाथ में मिलती है; रायपुर इसके तट पर है।
- हाफ नदी 44 किमी., कवलधार जलप्रपात; कवर्धा उसके तट पर।
- खैरागढ़: आमनेर + मुस्का + पिपरिया का संगम; सिल्ली शक्ति घाट: शिवनाथ + आमनेर + नंदकठी।
- अरपा (प्राचीन नाम कृपा) 100 किमी., खोड़री-खोंगसरा से निकलती है; खारंग पर खूँटाघाट बाँध।
- लीलागर 135 किमी., प्राचीन नाम निडिला; देवरघटा में महानदी, शिवनाथ और लीलागर का संगम।
- मल्हार लीलागर के तट पर है।
- चौरेल ग्राम: तांदुला + लोहार + भोथली त्रिवेणी (गौरैया मेला)।
- महानदी-शिवनाथ दोआब रायपुर-दुर्ग जिलों में है।
स्मरण सूत्र
शिवनाथ की उत्तर-पश्चिमी सहायक: "सु-आ-हा-म-अ-ली" = सुरही, आमनेर, हाफ, मनियारी, अरपा, लीलागर (आगर मनियारी की सहायक है)। दक्षिणी: "ख-ता-खा-ज" = खरखरा, तांदुला, खारून, जमुनिया।
लंबाई क्रम (घटते क्रम में): लीलागर 135, मनियारी 134, खारून 120, अरपा 100, हाफ 44।
स्वयं जाँचें
- प्र. शिवनाथ का उद्गम कहाँ है? उ. गोदरी गाँव, गढ़चिरौली (महाराष्ट्र)।
- प्र. खारून कहाँ शिवनाथ से मिलती है और उसकी लंबाई? उ. सोमनाथ, बलौदाबाजार; 120 किमी.।
- प्र. मनियारी की लंबाई और मुख्य बाँध? उ. 134 किमी.; खुड़िया बाँध / राजीव गांधी जलाशय।
- प्र. चौरेल ग्राम में कौन-सा त्रिवेणी संगम है? उ. तांदुला + लोहार + भोथली।
- प्र. खारंग पर कौन-सी परियोजना है? उ. खूँटाघाट बाँध / संजय गांधी परियोजना (1920)।
- प्र. देवरघटा में कौन-सी नदियाँ मिलती हैं? उ. महानदी, शिवनाथ और लीलागर।
अभ्यास प्रश्न
खूँटाघाट बाँध किस नदी पर स्थित है?
- (A) खारून नदी
- (B) हसदो नदी
- (C) खारंग नदी
- (D) मनियारी नदी
नांदघाट किस नदी के किनारे स्थित हैं ?
- (A) मनियारी
- (B) खारून
- (C) शिवनाथ
- (D) महानदी
मनियारी नदी किस नदी की सहायक नदी है?
- (A) अरपा
- (B) महानदी
- (C) इन्द्रावती
- (D) शिवनाथ
महानदी की सहायक खारुन नदी रायपुर जिले के किस स्थान पर शिवनाथ नदी में मिलती है?
- (A) राजिम
- (B) शिवरीनारायण
- (C) सोमनाथ
- (D) साईनाथ
संजय गाँधी परियोजना किस नदी पर स्थित है?
- (A) महानदी
- (B) शिवनाथ
- (C) अरपा
- (D) खारंग
महानदी तथा शिवनाथ का संगम स्थल है?
- (A) धनपुर
- (B) मल्हार
- (C) शिवरीनारायण
- (D) बालोद
आभनेर नदी, मुस्का नदी और पिपरिया नदी के त्रिवेणी संगम पर कौन-सा नगर बसा है?
- (A) दन्तेवाड़ा
- (B) खैरागढ़
- (C) बागीचा
- (D) तखतपुर
ऐतिहासिक ग्राम तालागाँव किस नदी के तट पर बसा हुआ है?
- (A) महानदी
- (B) खारून
- (C) मनियारी
- (D) हसदो
तांदुला नदी किस नदी की सहायक नदी है?
- (A) शिवनाथ
- (B) महानदी
- (C) दुधावा
- (D) सोंढुर
लीलागर नदी की पहचान किस नदी से की गई है?
- (A) निडिला नदी
- (B) महानदी
- (C) वितस्ता नदी
- (D) अलकनंदा नदी
खुड़िया बाँध किस नदी पर बनाया गया है?
- (A) मनियारी
- (B) पैरी
- (C) शिवनाथ
- (D) तान्दुला
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (C) - खारंग पर खूँटाघाट बाँध (संजय गांधी परियोजना) है।
- (C) - नांदघाट (बेमेतरा) शिवनाथ का तटीय स्थल है।
- (D) - मनियारी शिवनाथ की सबसे बड़ी सहायक नदी है।
- (C) - खारून सोमनाथ (बलौदाबाजार) में शिवनाथ से मिलती है।
- (D) - संजय गांधी परियोजना खारंग नदी पर है।
- (C) - शिवनाथ शिवरीनारायण के निकट महानदी में मिलती है।
- (B) - आमनेर, मुस्का और पिपरिया के त्रिवेणी संगम पर खैरागढ़ है।
- (C) - तालागाँव मनियारी नदी का तटीय स्थल है।
- (A) - तांदुला शिवनाथ की दक्षिण से मिलने वाली सहायक नदी है।
- (A) - लीलागर का प्राचीन नाम निडिला नदी है।
- (A) - खुड़िया बाँध मनियारी नदी पर है।