गोदावरी अपवाह तंत्र : इंद्रावती, शबरी एवं बाघ
गोदावरी बेसिन राज्य के दक्षिणी भाग यानी बस्तर पठार में फैला है। इंद्रावती और शबरी इसकी मुख्य नदियाँ हैं। इस अध्याय में इनकी सहायक नदियाँ, जलप्रपात और बेसिन विकास प्राधिकरण भी हैं।
अपवाह तंत्र : एक नज़र
- राज्य के कुल अपवाह तंत्र के 28.64% जल को ग्रहण करता है; विस्तार 39.497 लाख हेक्टेयर।
- अपवाह क्षेत्र के विस्तार के अनुसार छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान।
- पोलावरम परियोजना / इंदिरा सागर परियोजना (गोदावरी) छत्तीसगढ़, तेलंगाना व आन्ध्रप्रदेश के बीच विवादित है।
- गोदावरी छत्तीसगढ़ की दक्षिण-पश्चिम सीमा (बीजापुर) पर भद्रकाली से कोट्टरू तक लगभग 15 किमी बहती है (मूल पाठ में अंक धुँधला है)।
इंद्रावती नदी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्राचीन नाम | मंदाकिनी, इंद्र |
| उद्गम | मुंगेर पर्वत, कालाहांडी (ओडिशा), छत्तीसगढ़ के बाहर |
| विसर्जन | भद्रकाली के निकट गोदावरी में |
| लंबाई | 264 किमी |
| प्रवेश | बस्तर जिले से; प्रवाह: बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर |
| तटीय स्थल | जगदलपुर, बारसूर, भोपालपट्टनम् आदि |
| जलप्रपात | चित्रकोट (बस्तर), सातधारा (बीजापुर) |
| दिशा | पश्चिम की ओर |
- बस्तर संभाग की जीवन रेखा; गोदावरी बेसिन और बस्तर पठार की सर्वप्रमुख नदी।
- अध्यारोपित नदी: ऊपरी आवरण शैल को काटकर निचली शैल पर पहुँचती है।
- केशकाल घाटी गोदावरी और महानदी प्रणाली को अलग करती है।
- दण्डकारण्य की अपवाह प्रणाली वृक्षाकार है।
इंद्रावती की सहायक नदियाँ
| दिशा | नदी | उद्गम | विसर्जन/विशेष |
|---|---|---|---|
| उत्तर से | कोटरी (प्राचीन नाम परलकोट) | राजहरा की पहाड़ी (दुर्ग उच्च भूमि, मोहला-मानपुर) | इंद्रावती (बीजापुर); 135 किमी, इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक; सहायक वालर, खण्डी; बेसिन दक्षिण-पश्चिम |
| उत्तर से | निबरा | अंतागढ़ | इंद्रावती (भैरमगढ़ के समीप) |
| उत्तर से | गुडरा | अबूझमाड़ (नारायणपुर) | इंद्रावती (बारसूर) |
| उत्तर से | बोरडिंग | कोण्डागांव | इंद्रावती (बोधघाट के समीप) |
| उत्तर से | नारंगी | माकड़ी (कोंडागांव) | इंद्रावती (चित्रकूट के समीप); सहायक मारकण्डी; कोंडागांव तट पर; नारायणपाल का विष्णु मंदिर संगम पर |
| दक्षिण से | डंकिनी | डांगरी-डोंगरी (दंतेवाड़ा) | इंद्रावती; सहायक शंखिनी; संगम पर दंतेश्वरी मंदिर |
| दक्षिण से | शंखिनी | नंदीराज चोटी, बैलाडीला पहाड़ी (दंतेवाड़ा) | डंकिनी; जल रक्ताभ (लाल); छ.ग. की सबसे प्रदूषित नदी |
| दक्षिण से | चिंतावागु | कुटरू (बीजापुर पठार) | इंद्रावती (बीजापुर) |
| दक्षिण से | तालपेरू | - | आरेखन में दर्शित (विवरण मूल पाठ में नहीं) |
शबरी नदी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्राचीन नाम | कोलाब |
| उद्गम | नन्दपुर पर्वत, कोरापुट (ओडिशा), सिनकारम पहाड़ी; छ.ग. के बाहर से |
| विसर्जन | कुनावरम् (आन्ध्रप्रदेश) के समीप गोदावरी में |
| लंबाई | 173 किमी |
| प्रवाह | बस्तर, सुकमा; छ.ग. की दक्षिणी सीमा |
| तटीय स्थल | कोंटा (शबरी और सिलेरू के संगम पर) |
| सहायक | गेर, मालेंगर, कांगेर (कांगेर की सहायक मुनगाबहार) |
| जलप्रपात | गुप्तेश्वर, रानीदरहा (सुकमा); तीरथगढ़ (बस्तर) मुनगाबहार पर |
| जल परिवहन | कोंटा से कुनावरम् (36 किमी); राज्य की एकमात्र नदी जिसमें यह सुविधा है |
कांगेर नदी में भैंसादरहा पर प्राकृतिक रूप से मगरमच्छ संरक्षित हैं।
मालेंगर/माल्गेर और बाघ
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मालेंगर उद्गम | बैलाडीला की पहाड़ी; प्रवाह दंतेवाड़ा, सुकमा |
| मालेंगर विसर्जन | केरलापाल के समीप शबरी में |
| जलप्रपात | मल्गेर इंदुल (सुकमा) |
| विशेष | घाटी में बैलाडीला लौह अयस्क के निक्षेप क्रमांक 13-14 |
| बाघ उद्गम | कुलझारी/कुलहारी पहाड़ी (मो.-मा.-अ.) |
| बाघ विसर्जन | वेनगंगा के माध्यम से गोदावरी में |
| बाघ विशेष | छ.ग. और महाराष्ट्र की सीमा |
नदी बेसिन विकास प्राधिकरण
| प्राधिकरण | गठन | जिले | अध्यक्ष |
|---|---|---|---|
| इन्द्रावती बेसिन | 28 अगस्त 2021 | 07: दंतेवाड़ा, बस्तर, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, कोण्डागांव, राजनांदगांव (सुकमा शामिल नहीं) | मुख्यमंत्री |
| अरपा बेसिन | - | 04: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा | मुख्यमंत्री |
तुलना एवं संबंध
| नदी | उद्गम राज्य | लंबाई |
|---|---|---|
| इंद्रावती | ओडिशा | 264 |
| शबरी | ओडिशा | 173 |
| कोटरी | छ.ग. | 135 |
कारण-प्रभाव: बैलाडीला पर लौह-खनन होने से शंखिनी का जल लाल और प्रदूषित है।
मूल पाठ में गोदावरी सीमा-प्रवाह की संख्या अस्पष्ट है, इसलिए पक्का अंक नहीं दिया।
याद रखने योग्य बिंदु
- इंद्रावती का उद्गम मुंगेर पर्वत, कालाहांडी।
- इंद्रावती 264 किमी; बस्तर से प्रवेश।
- चित्रकोट और सातधारा इसी पर।
- कोटरी इसकी सबसे बड़ी सहायक (135 किमी)।
- डंकिनी-शंखिनी के संगम पर दंतेश्वरी मंदिर।
- शंखिनी सबसे प्रदूषित, जल लाल।
- शबरी 173 किमी, दक्षिणी सीमा।
- शबरी का प्राचीन नाम कोलाब।
- जल परिवहन केवल शबरी पर (कोंटा-कुनावरम्)।
- बाघ नदी छ.ग.-महाराष्ट्र सीमा।
- गोदावरी बेसिन कुल जल का 28.64%।
स्मरण सूत्र
उत्तर से "को-नि-गु-बो-ना" = कोटरी, निबरा, गुडरा, बोरडिंग, नारंगी। दक्षिण से "डं-शं-चिं" = डंकिनी, शंखिनी, चिंतावागु।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: इंद्रावती कहाँ से निकलती है? उत्तर: मुंगेर पर्वत, कालाहांडी (ओडिशा)।
- प्रश्न: इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक? उत्तर: कोटरी।
- प्रश्न: शबरी का प्राचीन नाम? उत्तर: कोलाब।
- प्रश्न: शबरी पर जल परिवहन किस खंड में? उत्तर: कोंटा से कुनावरम् (36 किमी)।
- प्रश्न: इंद्रावती बेसिन प्राधिकरण कब बना? उत्तर: 28 अगस्त 2021।
- प्रश्न: बाघ नदी किन राज्यों की सीमा है? उत्तर: छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र।
अभ्यास प्रश्न
निम्नलिखित में से इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन- सी है?
- (A) नंदीराज
- (B) कोटरी
- (C) शंखिनी
- (D) डंकिनी
बस्तर में जल परिवहन मार्ग के लिए प्रमुख व एकमात्र नदी है
- (A) इंद्रावती
- (B) शबरी
- (C) कोटरी
- (D) नारंगी
चित्रकोट जलप्रपात किस नदी पर स्थित है ?
- (A) नारंगी
- (B) शबरी
- (C) इंद्रावती
- (D) डंकनी
मल्गेर नदी का उद्गम स्थल कहाँ है?
- (A) बैलाडीला पहाड़ी
- (B) अबुझमाड़ पहाड़ी
- (C) केशकाल घाटी
- (D) झोरम घाटी
बस्तर की जीवन रेखा कहलाती है?
- (A) इन्द्रावती
- (B) शबरी
- (C) कोटरी
- (D) गोदावरी
बस्तर की प्रमुख नदी इंद्रावती उड़ीसा के कालाहांडी पठार से निकलकर किस नदी में विलीन हो जाती है?
- (A) महानदी
- (B) दूध
- (C) गोदावरी
- (D) रिहंद
कोंडागांव किस नदी के तट पर स्थित है
- (A) शबरी
- (B) दूध नदी
- (C) नारंगी
- (D) इन्द्रावती
पोलावरम परियोजना किस नदी से संबंधित है ?
- (A) शबरी नदी
- (B) गोदावरी नदी
- (C) जोंक नदी
- (D) ब्राम्हणी नदी
इंद्रावती नदी किसकी सहायक नदी है?
- (A) कृष्णा
- (B) तुंगभद्रा
- (C) महानदी
- (D) गोदावरी
इंद्रावती नदी का प्राचीन नाम क्या है?
- (A) मंदाकिनी
- (B) कामिनी
- (C) मोहिनी
- (D) नागिनी
इन्द्रावती एवं गोदावरी नदी के संगम पर निम्न में कौन- सा स्थल है?
- (A) मलाजकंडम
- (B) मटनार
- (C) भोंगापाल
- (D) भद्रकाली
छत्तीसगढ़ की कौन सी नदी पश्चिम की ओर बहती है ?
- (A) इंद्रावती नदी
- (B) हसदोनदी
- (C) महानदी
- (D) शिवनाथ नदी
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (B) - कोटरी इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी (135 किमी.) है।
- (B) - जल परिवहन (कोंटा से कुनावरम्) केवल शबरी नदी पर है।
- (C) - चित्रकोट जलप्रपात इंद्रावती नदी पर है।
- (A) - मालेंगर/मल्गेर का उद्गम बैलाडीला की पहाड़ी है।
- (A) - इंद्रावती बस्तर संभाग की जीवन रेखा है।
- (C) - इंद्रावती भद्रकाली के निकट गोदावरी में विसर्जित होती है।
- (C) - कोंडागांव नारंगी नदी के तट पर है।
- (B) - पोलावरम परियोजना गोदावरी से संबंधित है।
- (D) - इंद्रावती का विसर्जन गोदावरी में होता है।
- (A) - इंद्रावती का प्राचीन नाम मंदाकिनी है।
- (D) - इंद्रावती-गोदावरी का संगम भद्रकाली में है।
- (A) - इंद्रावती की दिशा पश्चिम की ओर है।