जलप्रपात (1): सरगुजा एवं बिलासपुर संभाग
उत्तर और दक्षिण में पर्वत-पठार अधिक होने से वहाँ जलप्रपात अधिक बने हैं। छत्तीसगढ़ के पठारी और पहाड़ी भागों में नदियाँ कठोर चट्टानों से गिरकर जलप्रपात बनाती हैं। इस अध्याय में सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलेवार जलप्रपात, उनकी नदी और स्थान-संकेत हैं। परीक्षा में प्रश्न सामान्यतः 'कौन-सा जलप्रपात किस नदी/जिले में' के रूप में आते हैं। मूल पाठ की सूची में जिलों के नाम नई (हाल की) जिला-व्यवस्था के हैं (म.-चि.-भ. = मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़ आदि)।
सरगुजा संभाग
| जिला | जलप्रपात | विशेष |
|---|---|---|
| म.-चि.-भ. | अमृतधारा | बरबसपुर, मनेन्द्रगढ़ तहसील; हसदेव नदी पर; निकट तपसी बाबा का आश्रम |
| म.-चि.-भ. | गावरघाट | हसदेव पर |
| म.-चि.-भ. | अकुरीनाला | कोरिया का एयरकंडीशनर; प्राकृतिक वातानुकूलित क्षेत्र (दूसरे मूल पाठ में नाम 'अंकुरीनाला') |
| म.-चि.-भ. | रामदाह/रमदहा | बनास पर, भंवरखोह गांव के निकट |
| म.-चि.-भ. | अन्य | ननकी घाट, च्यूल, कर्मघोघा |
| कोरिया | आनंदपुर, बिहारपुर, नीलकंठ | - |
| सरगुजा | सरभंजा | मांड नदी पर (मैनपाट) |
| सरगुजा | टाइगर पॉइंट | महादेवमुड़ा नदी, मैनपाट |
| सरगुजा | फिश पॉइंट | मछली नदी पर (मछली अधिकता से) |
| सरगुजा | सेदम प्रपात | सेदम गांव, अम्बिकापुर-रायगढ़ सड़क मार्ग |
| सरगुजा | अन्य | इको पॉइंट, मेहता पॉइंट, मराठी, गुंजा, बूढ़ानाग, पंचधारा, घाघी, परपटिया, देवप्रवाह, जामा |
| जशपुर | रानीदाह | किंवदंती: एक रानी ने आत्मदाह किया |
| जशपुर | गुल्लूप्रपात | ईब पर, गुल्लूगांव के समीप, बादलखोल अभ्यारण्य |
| जशपुर | बेने, छुरी | ईब नदी |
| जशपुर | मकरभंजा | महनई के समीप |
| जशपुर | अन्य | राजपुरी, दमेरा, खुड़ियारानी, दानपुरी, भृंगराज, सेधपानी, दनगरी, कैलाश, अलकनंदा, रजपुर, देवचार, महनई, दराबघाग, छीपाघाट |
| बलरामपुर | कोठली | कन्हार पर |
| बलरामपुर | पवई | चनान/चिनार पर (कन्हार की सहायक); सेमरसोत अभ्यारण्य |
| बलरामपुर | वेनगंगा | वेनगंगा नदी; गंगा दशहरा पर आदिवासी शंकर पूजा |
| बलरामपुर | भेड़िया पत्थर | पास में भेड़िए छिपते थे |
| बलरामपुर | अन्य | औंराझरिया, सतबहिनी, उभकापानी, परेवादाह, सुकलधारी (तातापानी गर्मपानी का फव्वारा) |
| सूरजपुर | रक्सगंडा | रिहन्द पर |
| सूरजपुर | कुदरूघाघ, कुमेली | पिंगला नदी पर; तमोर पिंगला अभ्यारण्य |
| सूरजपुर | अन्य | कुमेलीघाट, तुर्रापानी, मदन, झंखा, समुनदाई, अमर धाप, झोह, बांक |
बिलासपुर संभाग
| जिला | प्रमुख जलप्रपात | नदी / विशेष | अन्य जलप्रपात |
|---|---|---|---|
| कोरबा | केंदई | केंदई नदी पर; कटघोरा तहसील क्षेत्र में | |
| कोरबा | देवपहरी | चोरनई नदी पर | |
| कोरबा | - | - | तीनझरिया, रानीझरिया, बाम्हरझुंझा, गोविंदझुंझा, सतरेंगा, नकिया, किलकिला-कोडा, बग्बूदा, खैराबहार, कपोत, जेमरा, परसाखोल, खेतार, सोल्वा |
| सक्ती | दमाऊदहरा | गुंजी तीर्थ के समीप | पनारी, नगरदा (गुण्डवा/झोझोपानी नाम भी मानचित्र में), सोनगुड़ा |
| रायगढ़ | रामझरना | रामायणकालीन स्थल माना गया है | परसदा, रेगड़ा, सोखमुड़ा, पोरिया, बेलारिया, गुडरी झरना, टीपाखोल, चेरचेरागढ़ (एक मूल पाठ में 'चेरचेराग'), दालधोवा |
| सारंगढ़ | माडुसिल्ली | गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र में | |
| सारंगढ़ | मकरी दरहा | मल्दा से चन्द्रपुर मार्ग पर | |
| सारंगढ़ | खपान | गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र में | |
| बिलासपुर | - | - | नागखोल, चांदनी, औंरापानी, हन्डीकुन्डी |
| गौरेला-पेंड्रा-मरवाही | झोझा | - | |
| मुंगेली | डोलगी परसवारा | - |
ध्यान दें: मानचित्र में कोरबा वाले समूह में 'देवपहरी, केन्दई' आदि एक ही बॉक्स में दिखाए गए हैं और सक्ती वाले बॉक्स में 'दमाऊदहरा, पनारी, नगरदा/गुण्डवा/झोझोपानी' लिखा है। मूल पाठ में बिलासपुर संभाग की तालिका दो बार छपी है; सामग्री समान है।
तुलना एवं संबंध
| जलप्रपात | नदी / क्षेत्र |
|---|---|
| अमृतधारा, गावरघाट | हसदेव |
| रामदाह | बनास |
| सरभंजा | मांड |
| गुल्लू, बेने, छुरी | ईब |
| कोठली | कन्हार |
| पवई | चनान (चिनार) |
| रक्सगंडा | रिहन्द |
| कुदरूघाघ, कुमेली | पिंगला (तमोर पिंगला अभ्यारण्य) |
| केंदई (कोरबा) | केंदई नदी |
| देवपहरी (कोरबा) | चोरनई |
| माडुसिल्ली, खपान (सारंगढ़) | गोमर्डा अभ्यारण्य |
सरगुजा संभाग के बलरामपुर में 'औंराझरिया' है, जबकि बिलासपुर में 'औंरापानी' है; नाम मिलते हैं, जिले अलग हैं। बस्तर संभाग इस अध्याय में नहीं है।
याद रखने योग्य बिंदु
- अमृतधारा हसदेव पर, तपसी बाबा का आश्रम पास में।
- अकुरीनाला कोरिया का एयरकंडीशनर है।
- रामदाह बनास पर, सरभंजा मांड पर (मैनपाट)।
- गुल्लू ईब पर, बादलखोल अभ्यारण्य के पास।
- रानीदाह (जशपुर) में रानी के आत्मदाह की किंवदंती।
- कोठली कन्हार पर, पवई चनान पर; रक्सगंडा रिहन्द पर।
- तातापानी जलप्रपात नहीं, गर्मपानी का फव्वारा है।
- केंदई कोरबा की केंदई नदी पर (कटघोरा), देवपहरी चोरनई पर।
- दमाऊदहरा सक्ती में गुंजी तीर्थ के पास है।
- रामझरना (रायगढ़) रामायणकालीन माना जाता है।
- माडुसिल्ली और खपान गोमर्डा अभ्यारण्य में; मकरी दरहा मल्दा-चन्द्रपुर मार्ग पर।
स्मरण सूत्र
"अमृत-हस, सर-मांड, गुल्लू-ईब, कोठली-कन्हार" — जलप्रपात के नाम से नदी जोड़ें। सूत्र: 'केंदई-देवपहरी कोरबा की'।
स्वयं जाँचें
- प्र. अमृतधारा किस नदी पर है? उ. हसदेव।
- प्र. कोरिया का एयरकंडीशनर कौन-सा जलप्रपात है? उ. अकुरीनाला।
- प्र. सरभंजा और गुल्लू प्रपात किन नदियों पर हैं? उ. सरभंजा मांड पर, गुल्लू ईब पर।
- प्र. तातापानी क्या है? उ. जलप्रपात नहीं, गर्मपानी का फव्वारा।
- प्र. देवपहरी किस नदी पर है? उ. चोरनई नदी (कोरबा)।
- प्र. माडुसिल्ली किस अभ्यारण्य क्षेत्र में है? उ. गोमर्डा।