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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 1): राज्य, धरातल, नदियाँ एवं जलवायु · Chapter 19
महानदी बेसिन: छत्तीसगढ़ का मैदान

महानदी बेसिन: छत्तीसगढ़ का मैदान

महानदी एवं उसकी सहायक नदियों का प्रवाह क्षेत्र महानदी बेसिन कहलाता है। यह राज्य का सबसे बड़ा भौतिक विभाग है और इसे धान का कटोरा कहा जाता है। इसके दो भाग हैं: मध्य का छत्तीसगढ़ का मैदान और चारों ओर की सीमांत उच्च भूमि (अगला अध्याय)। CGPSC, व्यापम और पटवारी परीक्षाओं में क्षेत्रफल, उप-मैदान, नदियाँ, मिट्टी, ऊँचाई और दलहा पहाड़ के प्रश्न बार-बार आते हैं।

सामान्य परिचय

बिंदुविवरण
उपनामछत्तीसगढ़ का मैदान / महानदी का मैदान / मध्य भारत का धान का कटोरा; राज्य का हृदय स्थल भी
विस्तारराजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, रायपुर, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चाम्पा, सक्ती, कोरबा, रायगढ़ एवं सारंगढ़
स्थितमध्य छत्तीसगढ़ (बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग संभाग)
क्षेत्रफल68,064 वर्ग किमी; राज्य का सबसे बड़ा भौतिक विभाग; 50.34%
आकृतिचापाकार (पंखाकार)/तस्तरी नुमा
ढालपूर्व
ऊँचाईमध्य क्षेत्र में 300 मी. से कम
निर्माणकड़प्पा शैल समूह के क्षैतिजिक अवसादी शैलों पर; लगभग 50% क्षेत्र में कड़प्पा शैल; कुछ भाग पर आर्कियन, गोंडवाना (रायगढ़, कोरबा), दक्कन ट्रेप, धारवाड़ क्रम
खनिजचूना पत्थर, डोलोमाईट, कोयला
सबसे ऊँची चोटीबदरगढ़ (1176 मी.), कबीरधाम
मिट्टीलाल-पीली एवं काली
अपवाहमहानदी अपवाह तंत्र

वर्गीकरण

(A) छ.ग. का मैदान(B) सीमांत उच्च भूमि
शिवनाथ-महानदी दोआबमैकल श्रेणी
शिवनाथ पार का मैदानउत्तरी उच्चभूमि
बिलासपुर का मैदानदक्षिणी उच्चभूमि
हसदो-मांड बेसिनपूर्वी उच्चभूमि (रायपुर उच्च भूमि)
महानदी पार संकरा मैदान-

(A) छत्तीसगढ़ का मैदान

क्षेत्रफल 31,600 वर्ग किमी; पंखाकार; कड़प्पा शैल समूह के क्षैतिजिक अवसादी शैलों पर महानदी और सहायक नदियों के अपरदन के जमाव के परिणामस्वरूप बना। इसके पाँच उप-मैदान नीचे एक सारणी में दिए हैं।

उप-मैदानस्थिति / विस्तारप्रवाह (नदियाँ)ढालशैलमिट्टी / खनिजअन्य
1. शिवनाथ-महानदी दोआबमहानदी बेसिन के दक्षिण भाग में; दुर्ग से रायपुर संभाग के जिले: दुर्ग व रायपुर के सभी क्षेत्र, बलौदाबाजार के अधिकांश; बेमेतरा, बालोद, महासमुंद के कुछ भागशिवनाथ और खारून नदी; नदियाँ लम्बवत बहती हैं, सहायक नदियाँ पहाड़ों से अर्द्धचंद्राकार बहकर विपरीत दिशा से मिलती हैंदक्षिण से उत्तरकड़प्पा शैल समूहकाली मिट्टी, मिश्रित लाल और रेतीली मिट्टी; खनिज चूना पत्थर-
2. शिवनाथ पार का मैदानशिवनाथ नदी के पश्चिम में; छ.ग. के मैदान का पश्चिमी भागमैकल श्रेणी से निकलने वाली आमनेर, सुरही, कर्रा, हाफ आदि नदियाँ-कड़प्पा शैल समूहभांठा भूमि के नीचे पीली सरंध्र (छिद्रयुक्त) व बलुई मिट्टी, जिसे मटासी और डोरसा कहते हैं; डोरसा पीली और काली मिट्टी का मिश्रण; नए जमे गाद (सिल्ट) को कछार कहते हैं-
3. बिलासपुर का मैदानजाँजगीर, बिलासपुर व मुंगेली क्षेत्र; महानदी बेसिन का उत्तरी भागअरपा, आगर, मनियारी तथा लीलागरदक्षिण-पूर्व-लाल-पीली, काली व मिश्रित मिट्टीरतनपुर और सेन्टी/सेन्दी की पहाड़ी; लोरमी व हसदेव बेसिन के मध्य पेंड्रा का पठार
4. हसदो-मांड बेसिनकोरबा, जांजगीर-चाम्पा, सक्ती एवं रायगढ़; चंवरढाल (कुम्हार पहाड़) तथा सारंगढ़ पहाड़ियों के मध्य; उत्तर-पूर्व में हसदेव व मांड नदी के मध्यहसदो, मांड और केलोपूर्व की ओर धीरे-धीरे सकराकड़प्पा युग की चूने की चट्टानें तथा शैलों पर जमा विस्तृत जलोढ़ मैदान-कोरबा बेसिन और रायगढ़ बेसिन (नीचे)
5. महानदी पार का संकरा मैदानधमतरी का उत्तर-पूर्वी भाग; रायपुर व बलौदाबाजार के पश्चिमी भाग; महानदी के पूर्व में सकरी पेटी (मध्य से पूर्व की ओर किनारे-किनारे); पूर्व में रायपुर की उच्च भूमि, पश्चिम में महानदी-शिवनाथ दोआब--कड़प्पायुगीन शैल और चूना युक्त चट्टानेंऔसत ऊँचाई 305 मी.; उत्तरी भाग लगभग 245 मी.पूर्वी भाग में चौड़ाई 13-16 किमी तक

बिलासपुर के मैदान की सीमाएँ

दिशाक्षेत्र
पश्चिमअरपा-लीलागर का मैदान, मैकल पर्वत श्रेणी
पूर्वहसदो-मांड का मैदान
उत्तर-पश्चिमपेण्ड्रा-लोरमी का पठार
उत्तर-पूर्वहसदो बेसिन, छुरी-उदयपुर की पहाड़ियाँ

हसदो-मांड बेसिन के उप-बेसिन

उप-बेसिनकिस नदी से बनाविस्तारऔसत ऊँचाई
कोरबा बेसिनहसदेवकटघोरा एवं कोरबा तहसील250-300 मी.
रायगढ़ बेसिनमांड एवं केलोरायगढ़ जिला300 मी.; सीमा पर छोटी पहाड़ियों का समूह चंवरढाल (कुम्हार पहाड़)

दलहा पहाड़

बिंदुविवरण
स्थानअकलतरा, जांजगीर-चाम्पा
अन्य नामसिन्दूरगिरी / सिंघुलगिरी (जनश्रुति: भगवती महासती का सिन्दूर इसी स्थान पर गिरा)
नामकरण (दो मत)(1) आसपास का क्षेत्र दलदली था; (2) छोटी पहाड़ियों के अनेक दल (दलबद्ध) हैं
ऊँचाई760 मी.
मंदिरनागेश्वर शिव मंदिर; भगवती विश्वेश्वरी मंदिर (प्रतिमा छिन्नमस्ता, अर्थात सिरविहीन)
आश्रमसिद्ध बाबा का आश्रम
मेलानागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) को लोग सर्प को दूध पिलाने जाते हैं; कुश्ती प्रतियोगिता होती है
विशेषविश्वेश्वरी देवी को स्थानीय लोग हिंगलाज माई कहते हैं; सिन्दूर शक्ति पीठ के रूप में पूजा

सीमांत उच्च भूमि की झलक

छ.ग. के मैदान के चारों ओर 36,464 वर्ग किमी में सीमांत उच्च भूमि फैली है; उसका पूरा विवरण अगले अध्याय में है।

अंकगणितीय जाँच: छ.ग. का मैदान 31,600 + सीमांत उच्च भूमि 36,464 = 68,064 वर्ग किमी। ऊँचाई पर अंतर: "मध्य क्षेत्र में 300 मी. से कम" के साथ रायगढ़ बेसिन का औसत 300 मी. और संकरे मैदान का औसत 305 मी. दिया गया है।

तुलना एवं संबंध

मैदानप्रमुख नदियाँमिट्टी / शैल / विशेष
शिवनाथ-महानदी दोआबशिवनाथ, खारूनकाली, लाल-रेतीली; कड़प्पा
शिवनाथ पारआमनेर, सुरही, कर्रा, हाफमटासी, डोरसा; कड़प्पा
बिलासपुरअरपा, आगर, मनियारी, लीलागरलाल-पीली, काली; ढाल दक्षिण-पूर्व
हसदो-मांडहसदो, मांड, केलोजलोढ़ मैदान; कड़प्पा चूना; कोरबा 250-300 मी., रायगढ़ 300 मी.
महानदी पार संकरा(महानदी के पूर्व)कड़प्पा, चूना युक्त; औसत 305 मी.; चौड़ाई 13-16 किमी

कारण से परिणाम: मैकल से आने वाली नदियाँ शिवनाथ पार के मैदान में कड़प्पा शैलों से गुजरती हैं, इसलिए वहाँ मटासी-डोरसा मिट्टी बनी। हसदो-मांड बेसिन पूर्व की ओर सँकरा होता जाता है।

याद रखने योग्य बिंदु

  • महानदी बेसिन 68,064 वर्ग किमी (50.34%); मध्य भारत का धान का कटोरा और राज्य का हृदय स्थल।
  • मैदान का ढाल पूर्व की ओर; आकृति पंखाकार/तस्तरी नुमा; आधार शैल कड़प्पा (लगभग 50% क्षेत्र)।
  • छ.ग. का मैदान 31,600 वर्ग किमी; सीमांत उच्च भूमि 36,464 वर्ग किमी।
  • सबसे ऊँची चोटी बदरगढ़ (1176 मी.), कबीरधाम।
  • शिवनाथ पार का मैदान शिवनाथ के पश्चिम में; आमनेर, सुरही, कर्रा, हाफ नदियाँ; मटासी-डोरसा मिट्टी; नई गाद = कछार।
  • बिलासपुर का मैदान महानदी बेसिन का उत्तरी भाग; ढाल दक्षिण-पूर्व; अरपा, आगर, मनियारी, लीलागर।
  • लोरमी और हसदेव बेसिन के बीच पेंड्रा का पठार है।
  • हसदो-मांड बेसिन में कोरबा बेसिन (हसदेव, 250-300 मी.) और रायगढ़ बेसिन (मांड, केलो, 300 मी.)।
  • चवरढाल = कुम्हार पहाड़।
  • महानदी पार का संकरा मैदान औसतन 305 मी. ऊँचा, पूर्व में 13-16 किमी चौड़ा।
  • दलहा पहाड़ (760 मी.) अकलतरा में; अन्य नाम सिन्दूरगिरी; नागपंचमी का मेला।

स्मरण सूत्र

मैदान के पाँच भाग: दो-पार-बि-हस-सं (दोआब, शिवनाथ पार, बिलासपुर, हसदो-मांड, संकरा)। "शिव पश्चिम, बिल दक्षिण-पूर्व, हसदो-मांड-केलो त्रिवेणी"। "मटासी-डोरसा-कछार": तीन मिट्टी नाम एक साथ याद रखें।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. छ.ग. के मैदान का क्षेत्रफल? उ. 31,600 वर्ग किमी।
  2. प्र. डोरसा मिट्टी किन दो मिट्टियों का मिश्रण है? उ. पीली और काली मिट्टी।
  3. प्र. बिलासपुर के मैदान का ढाल किस ओर है? उ. दक्षिण-पूर्व।
  4. प्र. कोरबा बेसिन किस नदी से बना है? उ. हसदेव नदी।
  5. प्र. दलहा पहाड़ की ऊँचाई और स्थान? उ. 760 मी., अकलतरा (जांजगीर-चाम्पा)।
  6. प्र. चवरढाल का दूसरा नाम क्या है? उ. कुम्हार पहाड़।

अभ्यास प्रश्न

  1. इस मैदान की उत्पत्ति एवं विकास कुडप्पा शैल समूह के क्षैति अवसादी शैलों पर महानदी तथा सहायक नदियों के अपरद के फलस्वरूप हुआ है। यह मैदान है।

    • (A) दुर्ग-रायपुर मैदान
    • (B) सरगुजा का मैदान
    • (C) छत्तीसगढ़ का मैदान
    • (D) रिहन्द मैदान
  2. खारून नदी किस मैदान के मध्य क्षेत्र में प्रवाहित होती है?

    • (A) ट्रांस महानदी मैदान
    • (B) ट्रांस शिवनाथ मैदान
    • (C) महानदी-शिवनाथ दोआब मैदान
    • (D) उपरोक्त में से कोई नहीं
  3. राज्य के किस मैदान को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है?

    • (A) छत्तीसगढ़ का मैदान
    • (B) कोरबा का मैदान
    • (C) हसदो-रामपुर का मैदान
    • (D) कन्हार मैदान
  4. निम्नलिखित में कौनसा भौतिक भाग छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक क्षेत्र घेरता है ?

    • (A) शिवनाथ मैदान
    • (B) हसदेव मैदान
    • (C) महानदी मैदान
    • (D) इंद्रावती मैदान
  5. महानदी का मैदान निम्नलिखित में विस्तृत है ?

    • (A) उत्तरी छ.ग.
    • (B) मध्य छ.ग.
    • (C) दक्षिण छ.ग.
    • (D) सभी में
  6. दुर्ग-रायपुर का मैदान किसका भाग है? (CGPSC 2014)

    • (A) बिलासपुर मैदान
    • (B) हसदो-रामपुर मैदान
    • (C) छत्तीसगढ़ मैदान
    • (D) बस्तर का मैदान

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (C) - मैदान कड़प्पा शैल के क्षैतिज अवसादी शैलों पर महानदी व सहायकों के अपरदन से बना छ.ग. का मैदान है।
  2. (C) - खारून नदी शिवनाथ-महानदी दोआब में बहती है।
  3. (A) - महानदी बेसिन/छ.ग. का मैदान धान का कटोरा कहलाता है।
  4. (C) - महानदी बेसिन 68,064 वर्ग किमी के साथ सबसे बड़ा भौतिक विभाग है।
  5. (B) - महानदी का मैदान मध्य छत्तीसगढ़ में फैला है।
  6. (C) - दुर्ग-रायपुर क्षेत्र शिवनाथ-महानदी दोआब के रूप में छ.ग. के मैदान का भाग है।
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